भारत

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
रिपब्लिक ऑफ़ इण्डिया
Republic of India

भारत गणराज्य
क्षैतिज तीन रंग का झण्डा जिसमें उपर से नीचे केसरीया (गहरा भगवा), सफेद और हरे रंगी की तीन क्षैतिज पटियाँ हैं। सफेद रंग की पट्टी के केन्द्र में गहरे-नीले रंग का एक चक्र बना हुआ है जिसमें २४ आरियां हैं। दायें, बायें और दर्शक की ओर देखते हुये तीन शेर दिखाई देते हैं। नीचे के भाग में चित्रवल्लरी के मध्य में २४-आरियों वाला एक चक्र है, जिसके बांए तरफ़ एक दौडता हुआ घौडा और दांए तरफ़ एक बैल है। सबसे नीचे एक आदर्श वाक्य "सत्यमेव जयते" लिखा है।
ध्वज प्रतीक चिह्न
राष्ट्रवाक्य: "सत्यमेव जयते" (संस्कृत)
"सत्य की ही विजय होती है"
राष्ट्रगान: जन गण मन[1][2]
राष्ट्र गीत:
वन्दे मातरम्
"माँ, मैं आपको नमन करता हूँ।"[a][3][2]
भारत पर केन्द्रित ग्लोब चित्र जिसमें भारत पर प्रकाश डाला गया है।
भारत द्वारा नियंत्रित क्षेत्र को गहरे हरे रंग में दिखाया गया है;
दावाकृत भूभाग जिसपर नियंत्रण नहीं है उसे हल्के हरे रंग में दिखाया गया है।
राजधानी नई दिल्ली
28°36.8′N 77°12.5′E / 28.6133°N 77.2083°E / 28.6133; 77.2083
सबसे बड़ा नगर मुम्बई
राजभाषा(एँ)
मान्यता प्राप्त क्षेत्रिय भाषायें
राष्ट्रभाषा कोई नहीं
वासीनाम भारतीय
सरकार संघीय संसदीय
संवैधानिक गणराज्य[6]
 -  राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी
 -  उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी
 -  प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (भाजपा)
 -  लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन (भाजपा)
 -  भारत के मुख्य न्यायाधीश एच एल दत्तु[7]
विधान मण्डल भारतीय संसद
 -  उच्च सदन राज्यसभा
 -  निम्न सदन लोक सभा
स्वतन्त्रता यूनाइटेड किंगडम
 -  अधिराज्य १५ अगस्त १९४७ 
 -  गणराज्य २६ जनवरी १९५० 
क्षेत्रफल
 -  कुल ३,२८७,५९० वर्ग किलोमीटर[b] (सातवां)
१,२६९,३४६ वर्ग मील
 -  जल (%) ९.६
जनसंख्या
 -  २०११ जनगणना १,२१०,१९३,४२२ (द्वितीय)
सकल घरेलू उत्पाद (पीपीपी) २०१४ प्राक्कलन
 -  कुल $५.३०२ महाशंख/(ट्रिलियन)[8] (तीसरा)
 -  प्रति व्यक्ति $४,२०९[8] (१३३वीं)
सकल घरेलू उत्पाद (सांकेतिक) २०१४ प्राक्कलन
 -  कुल $१.८४२ महाशंख/(ट्रिलियन)[8] (१०वीं)
 -  प्रति व्यक्ति $१,३८९[8] (१४८वाँ)
गिनी (२०१०) ३३.९[9]
मध्यम · ३९वाँ
मानव विकास सूचकांक (२०१२) Green Arrow Up Darker.svg ०.५५४[10][11]
मध्यम · १३६वाँ (मध्यम)
मुद्रा भारतीय रुपया (भारतीय रुपया) (INR)
समय मण्डल भारतीय मानक समय (यू॰टी॰सी॰+५:३०)
 -  ग्रीष्मकालीन (दि॰ब॰स॰) अपरिवर्तनीय (यू॰टी॰सी॰+५:३०)
दिनांक प्रारूप dd-mm-yyyy (CE)
यातायात चालन दिशा left
दूरभाष कूट +९१
इंटरनेट टीएलडी डॉट इन

भारत (/ˈɪndiə/) आधिकारिक नाम भारत गणराज्य (अंग्रेज़ी:Republic of India, रिपब्लिक ऑफ़ इंडिया) दक्षिण एशिया में स्थित भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा देश है। पूर्ण रूप से उत्तरी गोलार्ध में स्थित भारत, भौगोलिक दृष्टि से विश्व में सातवाँ सबसे बड़ा और जनसंख्या के दृष्टिकोण से दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारत के पश्चिम में पाकिस्तान, उत्तर-पूर्व में चीन, नेपाल और भूटान, पूर्व में बांग्लादेश और म्यान्मार और उत्तर पश्चिम में अफगानिस्तान देश स्थित हैं। हिन्द महासागर में इसके दक्षिण पश्चिम में मालदीव, दक्षिण में श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व में इंडोनेशिया से भारत की सामुद्रिक सीमा लगती है। इसके उत्तर की भौतिक सीमा हिमालय पर्वत से और दक्षिण में हिन्द महासागर से लगी हुई है। पूर्व में बंगाल की खाड़ी है तथा पश्चिम में अरब सागर हैं।

प्राचीन सिन्धु घाटी सभ्यता, व्यापार मार्गों और बड़े-बड़े साम्रज्यों का विकास स्थान रहे भारतीय उपमहाद्वीप को इसके सांस्कृतिक और आर्थिक सफलता के लंबे इतिहास के लिये जाना जाता रहा है। चार प्रमुख संप्रदायों: हिंदुत्व, बौद्ध, जैन और सिख धर्मों का यहां उदय हुआ, ज़ोरो-एस्ट्रियनी, यहूदी, ईसाई, और मुस्लिम धर्म प्रथम सहस्राब्दी में यहां पहुचे और यहां की विविध संस्कृति को नया रूप दिया। क्रमिक विजयों के परिणामस्वरूप ब्रिटिश ईस्ट ईण्डिया कंपनी ने १८वीं और १९वीं सदी में भारत के ज़्यादतर हिस्सों को अपने राज्य में मिला लिया। १८५७ के विफल विद्रोह के बाद भारत के प्रशासन का भार ब्रिटिश सरकार ने अपने ऊपर ले लिया। ब्रिटिश भारत के रूप में ब्रिटिश साम्राज्य के प्रमुख अंग भारत ने १९४७ में महात्मा गांधी के नेतृत्व में एक लम्बे और मुख्य रूप से अहिंसक स्वतन्त्रता संग्राम के बाद आज़ादी पाई। १९५० में लागू हुए नये संविधान में इसे सार्वजनिक वयस्क मताधिकार के आधार पर स्थापित संवैधानिक लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित कर दिया गया और युनाईटेड किंगडम की तर्ज़ पर वेस्टमिंस्टर शैली की संसदीय सरकार स्थापित की गयी। एक संघीय राष्ट्र, भारत को २९ राज्यों और ७ संघ शासित प्रदेशों में गठित किया गया है। लम्बे समय तक समाजवादी आर्थिक नीतियों का पालन करने के बाद 1991 के पश्चात् भारत ने उदारीकरण और वैश्वीकरण की नयी नीतियों के आधार पर सार्थक आर्थिक और सामाजिक प्रगति की है।

३३ लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के साथ भारत भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा राष्ट्र है। वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था क्रय शक्ति समता के आधार पर विश्व की तीसरी[12] और मानक मूल्यों के आधार पर विश्व की दसवीं सबसे बडी अर्थव्यवस्था है। १९९१ के बाज़ार-आधारित सुधारों के बाद भारत विश्व की सबसे तेज़ विकसित होती बड़ी अर्थ-व्यवस्थाओं में से एक हो गया है और इसे एक नव-औद्योगिकृत राष्ट्र माना जाता है। परंतु भारत के सामने अभी भी गरीबी, भ्रष्टाचार, कुपोषण, अपर्याप्त सार्वजनिक स्वास्थ्य-सेवा और आतंकवाद की चुनौतियां हैं। आज भारत एक विविध, बहुभाषी, और बहु-जातीय समाज है और भारतीय सेना एक क्षेत्रीय शक्ति है।


नामोत्पत्ति

भारत के दो आधिकारिक नाम हैं- हिन्दी में भारत और अंग्रेज़ी में इण्डिया (India)। इण्डिया नाम की उत्पत्ति सिन्धु नदी के अंग्रेजी नाम "इण्डस" से हुई है।[13] भारत नाम, एक प्राचीन हिन्दू सम्राट भरत जो कि मनु के वंशज ऋषभदेव के सबसे बड़े बेटे थे और जिनकी कथा श्रीमद्भागवत महापुराण में है, के नाम से लिया गया है। भारत (भा + रत) शब्द का मतलब है आन्तरिक प्रकाश या विदेक-रूपी प्रकाश में लीन। एक तीसरा नाम हिन्दुस्तान भी है जिसका अर्थ हिन्द (हिन्दू) की भूमि, यह नाम विशेषकर अरब/ईरान में प्रचलित हुआ। इसका समकालीन उपयोग कम और प्रायः उत्तरी भारत के लिए होता है। इसके अतिरिक्त भारतवर्ष को वैदिक काल से आर्यावर्त "जम्बूद्वीप" और "अजनाभदेश" के नाम से भी जाना जाता रहा है। बहुत पहले भारत का एक मुंहबोला नाम 'सोने की चिड़िया' भी प्रचलित था।[14]

मिथकीय इतिहास

प्राचीन हिन्दू मिथकों के अनुसार भारत को एक सनातन राष्ट्र माना जाता है क्योंकि यह मानव-सभ्यता का पहला राष्ट्र था। श्रीमद्भागवत के पञ्चम स्कन्ध में भारत राष्ट्र की स्थापना का वर्णन आता है। भारतीय दर्शन के अनुसार सृष्टि उत्पत्ति के पश्चात ब्रह्मा के मानस पुत्र स्वयंभू मनु ने व्यवस्था संभाली । इनके दो पुत्र, प्रियव्रत और उत्तानपाद थे। उत्तानपाद भक्त ध्रुव के पिता थे। इन्हीं प्रियव्रत के दस पुत्र थे। तीन पुत्र बाल्यकाल से ही विरक्त थे। इस कारण प्रियव्रत ने पृथ्वी को सात भागों में विभक्त कर एक-एक भाग प्रत्येक पुत्र को सौंप दिया। इन्हीं में से एक थे आग्नीध्र जिन्हें जम्बूद्वीप का शासन कार्य सौंपा गया। वृद्धावस्था में आग्नीध्र ने अपने नौ पुत्रों को जम्बूद्वीप के विभिन्न नौ स्थानों का शासन दायित्व सौंपा। इन नौ पुत्रों में सबसे बड़े थे नाभि जिन्हें हिमवर्ष का भू-भाग मिला। इन्होंने हिमवर्ष को स्वयं के नाम अजनाभ से जोड़ कर अजनाभवर्ष प्रचारित किया। यह हिमवर्ष या अजनाभवर्ष ही प्राचीन भारत देश था। राजा नाभि के पुत्र थे ऋषभ। ऋषभदेव के सौ पुत्रों में भरत ज्येष्ठ एवं सबसे गुणवान थे। ऋषभदेव ने वानप्रस्थ लेने पर उन्हें राजपाट सौंप दिया। पहले भारतवर्ष का नाम ॠषभदेव के पिता नाभिराज के नाम पर अजनाभवर्ष प्रसिद्ध था। भरत के नाम से ही लोग अजनाभखण्ड को भारतवर्ष कहने लगे।

राष्ट्रीय प्रतीक

Flag of भारत भारत के राष्ट्रीय प्रतीक
ध्वज तिरंगा
राष्ट्रीय चिह्न अशोक की लाट
राष्ट्र-गान जन गण मन
राष्ट्र-गीत वन्दे मातरम्
पशु बाघ
जलीय जीव गंगा डालफिन
पक्षी मोर
पुष्प कमल
वृक्ष बरगद
फल आम
खेल मैदानी हॉकी
पञ्चांग
शक संवत
संदर्भ "भारत के राष्ट्रीय प्रतीक"
भारतीय दूतावास, लन्दन
Retreived ०३-०९-२००७

भारत का राष्ट्रीय चिह्न सारनाथ स्थित अशोक स्तंभ की अनुकृति है जो सारनाथ के संग्रहालय में सुरक्षित है। भारत सरकार ने यह चिह्न २६ जनवरी १९५० को अपनाया। उसमें केवल तीन सिंह दिखाई पड़ते हैं, चौथा सिंह दृष्टिगोचर नहीं है। राष्ट्रीय चिह्न के नीचे देवनागरी लिपि में 'सत्यमेव जयते' अंकित है।

भारत के राष्ट्रीय झंडे में तीन समांतर आयताकार पट्टियाँ हैं। ऊपर की पट्टी केसरिया रंग की, मध्य की पट्टी सफेद रंग की तथा नीचे की पट्टी गहरे हरे रंग की है। झंडे की लंबाई चौड़ाई का अनुपात 3:2 का है। सफेद पट्टी पर चर्खे की जगह सारनाथ के सिंह स्तंभ वाले धर्मचक्र की अनुकृति है जिसका रंग गहरा नीला है। चक्र का व्यास लगभग सफेद पट्टी के चौड़ाई जितना है और उसमें २४ अरे हैं।

कवि रवींद्रनाथ ठाकुर द्वारा लिखित 'जन-गण-मन' के प्रथम अंश को भारत के राष्ट्रीय गान के रूप में २४ जनवरी १९५० ई. को अपनाया गया। साथ-साथ यह भी निर्णय किया गया कि बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा लिखित 'वंदे मातरम्' को भी 'जन-गण-मन' के समान ही दर्जा दिया जाएगा, क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम में 'वंदे मातरम्' गान जनता का प्रेरणास्रोत था।

भारत सरकार ने देश भर के लिए राष्ट्रीय पंचांग के रूप में शक संवत् को अपनाया है। इसका प्रथम मास 'चैत' है और वर्ष सामान्यत: ३६५ दिन का है। इस पंचांग के दिन स्थायी रूप से अंग्रेजी पंचांग के मास दिनों के अनुरूप बैठते हैं। सरकारी कार्यो के लिए ग्रेगरी कैलेंडर (अंग्रेजी कैलेंडर) के साथ-साथ राष्ट्रीय पंचांग का भी प्रयोग किया जाता है।

इतिहास

तीसरी शताब्दी में सम्राट अशोक द्वारा बनाया गया मध्य प्रदेश में साँची का स्तूप

पाषाण युग भीमबेटका मध्य प्रदेश की गुफाएँ भारत में मानव जीवन का प्राचीनतम प्रमाण हैं। प्रथम स्थाई बस्तियों ने ९००० वर्ष पूर्व स्वरुप लिया। यही आगे चल कर सिन्धु घाटी सभ्यता में विकसित हुई, जो २६०० ईसा पूर्व और १९०० ईसा पूर्व के मध्य अपने चरम पर थी।[15] लगभग १६०० ईसा पूर्व आर्य भारत आए और उन्होंने उत्तर भारतीय क्षेत्रों में वैदिक सभ्यता का सूत्रपात किया। इस सभ्यता के स्रोत वेद और पुराण हैं। किन्तु आर्य-आक्रमण-सिद्धांत अभी तक विवादस्पद है। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक सहित कुछ विद्वानों की मान्यता यह है कि आर्य भारतवर्ष के ही स्थायी निवासी रहे हैं तथा वैदिक इतिहास करीब ७५,००० वर्ष प्राचीन है।[16] इसी समय दक्षिण भारत में द्रविड़ सभ्यता का विकास होता रहा। दोनों जातियों ने एक दूसरे की खूबियों को अपनाते हुए भारत में एक मिश्रित-संस्कृति का निर्माण किया।

५०० ईसवी पूर्व कॆ बाद कई स्वतंत्र राज्य बन गए। भारत के प्रारम्भिक राजवंशों में उत्तर भारत का मौर्य राजवंश उल्लेखनीय है जिसके प्रतापी सम्राट अशोक का विश्व इतिहास में विशेष स्थान है।[17] १८० ईसवी के आरम्भ से मध्य एशिया से कई आक्रमण हुए, जिनके परिणामस्वरूप उत्तर भारतीय उपमहाद्वीप में यूनानी, शक, पार्थी और अंततः कुषाण राजवंश स्थापित हुए। तीसरी शताब्दी के आगे का समय जब भारत पर गुप्त वंश का शासन था, भारत का "स्वर्णिम काल" कहलाया।"[18][19] दक्षिण भारत में भिन्न-भिन्न काल-खण्डों में कई राजवंश चालुक्य, चेर, चोल, पल्लव तथा पांड्य रहे। ईसा के आस-पास संगम-साहित्य अपने चरम पर था, जिसमें तमिळ भाषा का परिवर्धन हुआ। सातवाहनों और चालुक्यों ने मध्य भारत में अपना वर्चस्व स्थापित किया। विज्ञान, कला, साहित्य, गणित, खगोलशास्त्र, प्राचीन प्रौद्योगिकी, धर्म, तथा दर्शन इन्हीं राजाओं के शासनकाल में फले-फूले।

१२वीं शताब्दी के प्रारंभ में, भारत पर इस्लामी आक्रमणों के पश्चात, उत्तरी व केन्द्रीय भारत का अधिकांश भाग दिल्ली सल्तनत के शासनाधीन हो गया; और बाद में, अधिकांश उपमहाद्वीप मुगल वंश के अधीन। दक्षिण भारत में विजयनगर साम्राज्य शक्तिशाली निकला। हालाँकि, विशेषतः तुलनात्मक रूप से, संरक्षित दक्षिण में अनेक राज्य शेष रहे, अथवा अस्तित्व में आये। मुगलों के संक्षिप्त अधिकार के बाद सत्रहवीं सदी में दक्षिण और मध्य भारत में मराठों का उत्कर्ष हुआ। उत्तर पश्चिम में सिक्खों की शक्ति में वृद्धि हुई।

१७वीं शताब्दी के मध्यकाल में पुर्तगाल, डच, फ्रांस, ब्रिटेन सहित अनेक यूरोपीय देशों, जो भारत से व्यापार करने के इच्छुक थे, उन्होंने देश की आतंरिक शासकीय अराजकता का फायदा उठाया अंग्रेज दूसरे देशों से व्यापार के इच्छुक लोगों को रोकने में सफल रहे और १८४० तक लगभग संपूर्ण देश पर शासन करने में सफल हुए। १८५७ में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी के विरुद्ध असफल विद्रोह, जो भारतीय स्वतन्त्रता के प्रथम संग्राम से भी जाना जाता है, के बाद भारत का अधिकांश भाग सीधे अंग्रेजी शासन के प्रशासनिक नियंत्रण में आ गया।[20]

कोणार्क-चक्र - १३वीं शताब्दी में बने उड़ीसा के सूर्य मन्दिर में स्थित, यह दुनिया के सब से प्रसिद्घ ऐतिहासिक स्मारकों में से एक है।

बीसवी सदी के प्रारम्भ में आधुनिक शिक्षा के प्रसार और विश्वपटल पर बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के चलते भारत में एक बौद्धिक आन्दोलन का सूत्रपात हुआ जिसने सामाजिक और राजनीतिक स्तरों पर अनेक परिवर्तनों एवम आन्दोलनों की नीव रखी। १८८५ में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना ने स्वतन्त्रता आन्दोलन को एक गतिमान स्वरूप दिया। बीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में लम्बे समय तक स्वतंत्रता प्राप्ति के लिये विशाल अहिंसावादी संघर्ष चला, जिसका नेतृत्‍व महात्मा गांधी, जो आधिकारिक रुप से आधुनिक भारत के 'राष्ट्रपिता' के रूप में संबोधित किये जाते हैं, ने किया। इसके साथ-साथ चंद्रशेखर आजाद, सरदार भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरू, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, वीर सावरकर आदि के नेतृत्‍व मे चले क्रांतिकारी संघर्ष के फलस्वरुप १५ अगस्त, १९४७ भारत ने अंग्रेजी शासन से पूर्णतः स्वतंत्रता प्राप्त की। तदुपरान्त २६ जनवरी, १९५० को भारत एक गणराज्य बना।

एक बहुजातीय तथा बहुधार्मिक राष्ट्र होने के कारण भारत को समय-समय पर साम्प्रदायिक तथा जातीय विद्वेष का शिकार होना पड़ा है। क्षेत्रीय असंतोष तथा विद्रोह भी हालाँकि देश के अलग-अलग हिस्सों में होते रहे हैं, पर इसकी धर्मनिरपेक्षता तथा जनतांत्रिकता, केवल १९७५-७७ को छोड़, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा कर दी थी, अक्षुण्ण रही है।

भारत के पड़ोसी राष्ट्रों के साथ अनसुलझे सीमा विवाद हैं। इसके कारण इसे छोटे पैमानों पर युद्ध का भी सामना करना पड़ा है। १९६२ में चीन के साथ, तथा १९४७, १९६५, १९७१ एवं १९९९ में पाकिस्तान के साथ लड़ाइयाँ हो चुकी हैं।

भारत गुटनिरपेक्ष आन्दोलन तथा संयुक्त राष्ट्र संघ के संस्थापक सदस्य देशों में से एक है।

१९७४ में भारत ने अपना पहला परमाणु परीक्षण किया था जिसके बाद १९९८ में ५ और परीक्षण किये गये। १९९० के दशक में किये गये आर्थिक सुधारीकरण की बदौलत आज देश सबसे तेज़ी से विकासशील राष्ट्रों की सूची में आ गया है।

सरकार

भारत का संविधान भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतान्त्रिक गणराज्य घोषित करता है। भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है, जिसकी द्विसदनात्मक संसद वेस्टमिन्स्टर शैली की संसदीय प्रणाली द्वारा संचालित है। भारत का प्रशासन संघीय ढांचे के अन्तर्गत चलाया जाता है, जिसके अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार और राज्य स्तर पर राज्य सरकारें हैं। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच शक्तियों का बंटवारा संविधान में दी गई रूपरेखा के आधार पर होता है। वर्तमान में भारत में २९ राज्य और ७ केंद्र-शासित प्रदेश हैं। केंद्र शासित प्रदेशों में, स्थानीय प्रशासन को राज्यों की तुलना में कम शक्तियां प्राप्त होती हैं। भारत का सरकारी ढाँचा, जिसमें केंद्र राज्यों की तुलना में ज़्यादा सशक्त है, उसे आमतौर पर अर्ध-संघीय (सेमि-फ़ेडेरल) कहा जाता रहा है, पर १९९० के दशक के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक बदलावों के कारण इसकी रूपरेखा धीरे-धीरे और अधिक संघीय (फ़ेडेरल) होती जा रही है।

इसके शासन में तीन मुख्य अंग हैं: न्यायपालिका, कार्यपालिका और व्यवस्थापिका

व्यवस्थापिका संसद को कहते हैं, जिसके दो सदन हैं - उच्चसदन राज्यसभा, अथवा राज्यपरिषद् और निम्नसदन लोकसभा. राज्यसभा में २४५ सदस्य होते हैं जबकि लोकसभा में ५४५। राज्यसभा एक स्थाई सदन है और इसके सदस्यों का चुनाव, अप्रत्यक्ष विधि से ६ वर्षों के लिये होता है। राज्यसभा के ज़्यादातर सदस्यों का चयन राज्यों की विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा किया जाता है, और हर दूसरे साल राज्य सभा के एक तिहाई सदस्य पदमुक्त हो जाते हैं। लोकसभा के ५४३ सदस्यों का चुनाव प्रत्यक्ष विधि से, ५ वर्षों की अवधि के लिये आम चुनावों के माध्यम से किया जाता है जिनमें १८ वर्ष से अधिक उम्र के सभी भारतीय नागरिक मतदान कर सकते हैं। इसके इलावा २ सदस्यों को राष्ट्रपति एंग्लो-इण्डियन समुदाय में से नामित कर सकती है, अगर यह समुदाय संसद में पर्याप्त रूप से प्रतिनिधित्व ना पा सका हो।

कार्यपालिका के तीन अंग हैं - राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और मंत्रिमंडलराष्ट्रपति, जो राष्ट्र का प्रमुख है, की भूमिका अधिकतर आनुष्ठानिक ही है। उसके दायित्वों में संविधान का अभिव्यक्तिकरण, प्रस्तावित कानूनों (विधेयक) पर अपनी सहमति देना और अध्यादेश जारी करना प्रमुख हैं। वह भारतीय सेनाओं का मुख्य सेनापति भी है। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को एक अप्रत्यक्ष मतदान विधि द्वारा ५ वर्षों के लिये चुना जाता है। प्रधानमन्त्री सरकार का प्रमुख है और कार्यपालिका की सारी शक्तियाँ उसी के पास होती हैं। इसका चुनाव राजनैतिक पार्टियों या गठबन्धन के द्वारा प्रत्यक्ष विधि से संसद में बहुमत प्राप्त करने पर होता है। बहुमत बने रहने की स्थिति में इसका कार्यकाल ५ वर्षों का होता है। संविधान में किसी उप-प्रधानमंत्री का प्रावधान नहीं है पर समय-समय पर इसमें फेरबदल होता रहा है। मंत्रिमंडल का प्रमुख प्रधानमंत्री होता है। मंत्रिमंडल के प्रत्येक मंत्री को संसद का सदस्य होना अनिवार्य है। कार्यपालिका संसद को उत्तरदायी होती है, और प्रधानमंत्री और उनका मंत्रिमण्डल लोक सभा में बहुमत के समर्थन के आधार पर ही अपने कार्यालय में बने रह सकते हैं।

भारत की स्वतंत्र न्यायपालिका का ढाँचा त्रिस्तरीय है, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय, जिसके प्रधान प्रधान न्यायाधीश है; २४ उच्च न्यायालय और बहुत सारी निचली अदालतें हैं। सर्वोच्च न्यायालय को अपने मूल न्यायाधिकार (ओरिजिनल ज्युरिडिक्शन), और उच्च न्यायालयों के ऊपर अपीलीय न्यायाधिकार के मामलों, दोनो को देखने का अधिकार है। सर्वोच्च न्यायालय के मूल न्ययाधिकार में मौलिक अधिकारों के हनन के इलावा राज्यों और केंद्र, और दो या दो से अधिक राज्यों के बीच के विवाद आते हैं। सर्वोच्च न्यायालय को राज्य और केंद्रीय कानूनों को असंवैधानिक ठहराने के अधिकार है। भारत में २४ उच्च न्यायालयों के अधिकार और उत्तरदायित्व सर्वोच्च न्यायालय की अपेक्षा सीमित हैं। संविधान ने न्यायपालिका को विस्तृत अधिकार दिये हैं, जिनमें संविधान की अंतिम व्याख्या करने का अधिकार भी सम्मिलित है।

राजनीति

भारत का संसद भवन

भारत विश्व का सबसे बडा लोकतंत्र है। बहुदलीय प्रणाली वाले इस संसदीय गणराज्य में छ: मान्यता-प्राप्त राष्ट्रीय पार्टियां, और ४० से भी ज़्यादा क्षेत्रीय पार्टियां हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जिसकी नीतियों को केंद्रीय-दक्षिणपंथी या रूढिवादी माना जाता है, के नेतृत्व में केंद्र में सरकार है जिसके प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी हैं। अन्य पार्टियों में सबसे बडी भारतीय राष्ट्रीय कॉंग्रेस (कॉंग्रेस) है, जिसे भारतीय राजनीति में केंद्र-वामपंथी और उदार माना जाता है। २००४ से २०१४ तक केंद्र में मनमोहन सिंह की गठबन्धन सरकार का सबसे बडा हिस्सा कॉंग्रेस पार्टी का था। १९५० मे गणराज्य के घोषित होने से १९८० के दशक के अन्त तक कॉंग्रेस का संसद में निरंतर बहुमत रहा। पर तब से राजनैतिक पटल पर भाजपा और कॉंग्रेस को अन्य पार्टियों के साथ सत्ता बांटनी पडी है। १९८९ के बाद से क्षेत्रीय पार्टियों के उदय ने केंद्र में गठबंधन सरकारों के नये दौर की शुरुआत की है।

गणराज्य के पहले तीन चुनावों (१९५१-५२, १९५७, १९६२) में जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में कॉंग्रेस ने आसान जीत पाई। १९६४ में नेहरू की मृत्यु के बाद लाल बहादुर शास्त्री कुछ समय के लिये प्रधानमंत्री बने, और १९६६ में उनकी खुद की मौत के बाद इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनीं। १९६७ और १९७१ के चुनावों में जीतने के बाद १९७७ के चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पडा। १९७५ में प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने राष्ट्रीय आपात्काल की घोषणा कर दी थी। इस घोषणा और इससे उपजी आम नाराज़गी के कारण १९७७ के चुनावों में नवगठित जनता पार्टी ने कॉंग्रेस को हरा दिया और पूर्व में कॉंग्रेस के सदस्य और नेहरु के केबिनेट में मंत्री रहे मोरारजी देसाई के नेतृत्व में नई सरकार बनी। यह सरकार सिर्फ़ तीन साल चली, और १९८० में हुए चुनावों में जीतकर इंदिरा गांधी फिर से प्रधानमंत्री बनीं। १९८४ में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उनके बेटे राजीव गांधी कॉंग्रेस के नेता और प्रधानमंत्री बने। १९८४ के चुनावों में ज़बरदस्त जीत के बाद १९८९ में नवगठित जनता दल के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय मोर्चा ने वाम मोर्चा के बाहरी समर्थन से सरकार बनाई, जो केवल दो साल चली। १९९१ के चुनावों में किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला, परंतु कॉंग्रेस सबसे बडी पार्टी बनी, और पी वी नरसिंहा राव के नेतृत्व में अल्पमत सरकार बनी जो अपना कार्यकाल पूरा करने में सफल रही।

१९९६ के चुनावों के बाद दो साल तक राजनैतिक उथल पुथल का वक्त रहा, जिसमें कई गठबंधन सरकारें आई और गई। १९९६ में भाजपा ने केवल १३ दिन के लिये सरकार बनाई, जो समर्थन ना मिलने के कारण गिर गई। उसके बाद दो संयुक्त मोर्चे की सरकारें आई जो कुछ लंबे वक्त तक चली। ये सरकारें कॉंग्रेस के बाहरी समर्थन से बनी थीं। १९९८ के चुनावों के बाद भाजपा एक सफल गठबंधन बनाने में सफल रही। भाजपा के अटल बिहारी वजपेयी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग, या एनडीए) नाम के इस गठबंधन की सरकार पहली ऐसी सरकार बनी जिसने अपना पाँच साल का कार्यकाल पूरा किय। २००४ के चुनावों में भी किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला, पर कॉँंग्रेस सबसे बडी पार्टी बनके उभरी, और इसने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग, या यूपीए) के नाम से नया गठबंधन बनाया। इस गठबंधन ने वामपंथी और गैर-भाजपा सांसदों के सहयोग से मनमोहन सिँह के नेतृत्व में पाँच साल तक शासन चलाया। २००९ के चुनावों में यूपीए और अधिक सीटें जीता जिसके कारण यह साम्यवादी (कॉम्युनिस्ट) दलों के बाहरी सहयोग के बिना ही सरकार बनाने में कामयाब रहा। इसी साल मनमोहन सिँह जवाहरलाल नेहरू के बाद् ऐसे पहले प्रधानमंत्री बने जिन्हे दो लगातार कार्यकाल के लिये प्रधानमंत्री बनने का अवसर प्राप्त हुआ। २०१४ के चुनावों में १९८४ के बाद पहली बार किसी राजनैतिक पार्टी को बहुमत प्राप्त हुआ, और भाजपा ने गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाई।

सैनि‍क शक्ति

भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत - विराट एवं विक्रमादित्य
एच.ए.एल तेजस भारत द्वारा विकसित एक हल्‍का सुपरसौनिक लड़ाकू विमान है।
युद्ध अभ्यास करते भारतीय टैंक
भारतीय प्रक्षेपास्त्र अग्नि की प्रहारक्षमता सीमा

लगभग 13 लाख सक्रिय सैनिकों के साथ, भारतीय सेना दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी है। भारत की सशस्त्र सेना में एक थलसेना, नौसेना, वायु सेना और अर्द्धसैनिक बल, तटरक्षक, जैसे सामरिक और सहायक बल विद्यमान हैं। भारत के राष्ट्रपति भारतीय सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर है।

वित्त वर्ष 2014-15 के केन्द्रीय अंतरिम बजट में रक्षा आवंटन में 10 प्रतिशत बढ़ोत्‍तरी करते हुए 224,000 करोड़ रूपए आवंटित किए गए। 2013-14 के बजट में यह राशि 203,672 करोड़ रूपए थी।[21] 2012-13 में रक्षा सेवाओं के लिए 1,93,407 करोड़ रुपए[22] का प्रावधान किया गया था, जबकि 2011-2012 में यह राशि 1,64,415 करोइ़[23] थी। साल 2011 में भारतीय रक्षा बजट 36.03 अरब अमरिकी डॉलर रहा (या सकल घरेलू उत्पाद का 1.83%)। 2008 के एक SIRPI रिपोर्ट के अनुसार, भारत क्रय शक्ति के मामले में भारतीय सेना के सैन्य खर्च 72.7 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। साल 2011 में भारतीय रक्षा मंत्रालय के वार्षिक रक्षा बजट में 11.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, हालाँकि यह पैसा सरकार की अन्य शाखाओं के माध्यम से सैन्य की ओर जाते हुए पैसों में शमिल नहीं होता है। भारत दुनिया के सबसे बड़े हथियार आयातक बन गया है।

वित्त वर्ष 2007-2008 2008-2009 2009-2010 2011-2012 2012-2013 2013-2014 2014-2015
बजट (करोड़ रूपए) 96,000[23] 1,05,600[23] 1,41,703[23] 1,64,415[23] 1,93,407[22] 2,03,672[21] 2,24,000[21]

1947 में अपनी स्वतंत्रता के बाद से, भारत ने ज्यादातर देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखा है। 1950 के दशक में, भारत ने दृढ़ता से अफ्रीका और एशिया में यूरोपीय कालोनियों की स्वतंत्रता का समर्थन किया और गुट निरपेक्ष आंदोलन में एक अग्रणी भूमिका निभाई। 1980 के दशक में भारत ने आमंत्रण पर दो पड़ोसी देशों में संक्षिप्त सैन्य हस्तक्षेप किया। मालदीव, श्रीलंका और अन्य देशों में ऑपरेशन कैक्टस में भारतीय शांति सेना को भेजा गया। हालाँकि, भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ एक तनावपूर्ण संबंध बने रहे और दोनों देशों में चार बार युध्द (1947, 1965, 1971 और 1999 में) हुए हैं। कश्मीर विवाद इन युद्धों के प्रमुख कारण था, सिवाय 1971 के, जो कि तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में नागरिक अशांति के लिए किया गया था। 1962 के भारत-चीन युद्ध और पाकिस्तान के साथ 1965 के युद्ध के बाद भारत ने अपनी सैन्य और आर्थिक स्थिति का विकास करने का प्रयास किया। सोवियत संघ के साथ अच्छे संबंधों के कारण सन् 1960 के दशक से, सोवियत संघ भारत का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा।

आज रूस के साथ सामरिक संबंधों को जारी रखने के अलावा, भारत विस्तृत इजरायल और फ्रांस के साथ रक्षा संबंध रखा है। हाल के वर्षों में, भारत में क्षेत्रीय सहयोग और विश्व व्यापार संगठन के लिए एक दक्षिण एशियाई एसोसिएशन में प्रभावशाली भूमिका निभाई है। १०,००० राष्ट्र सैन्य और पुलिस कर्मियों को चार महाद्वीपों भर में पैंतीस संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सेवा प्रदान की है। भारत भी विभिन्न बहुपक्षीय मंचों, खासकर पूर्वी एशिया शिखर बैठक और जी-८५ बैठक में एक सक्रिय भागीदार रहा है। आर्थिक क्षेत्र में भारत दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और एशिया के विकासशील देशों के साथ घनिष्ठ संबंध रखते है। अब भारत एक "पूर्व की ओर देखो नीति" में भी संयोग किया है। यह "आसियान" देशों के साथ अपनी भागीदारी को मजबूत बनाने के मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला है जिसमे जापान और दक्षिण कोरिया ने भी मदद किया है। यह विशेष रूप से आर्थिक निवेश और क्षेत्रीय सुरक्षा का प्रयास है।

1974 में भारत अपनी पहले परमाणु हथियारों का परीक्षण किया और आगे 1998 में भूमिगत परीक्षण किया। जिसके कारण भारत पर कई तरह के प्रतिबन्ध भी लगाये गए। भारत के पास अब तरह-तरह के परमाणु हथियारें है। भारत अभी रूस के साथ मिलकर पाँचवीं पीढ़ के विमान बना रहे है।

हाल ही में, भारत का संयुक्त राष्ट्रे अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ आर्थिक, सामरिक और सैन्य सहयोग बढ़ गया है। 2008 में, भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच असैनिक परमाणु समझौते हस्ताक्षर किए गए थे। हालाँकि उस समय भारत के पास परमाणु हथियार था और परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के पक्ष में नहीं था यह अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी और न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) से छूट प्राप्त है, भारत की परमाणु प्रौद्योगिकी और वाणिज्य पर पहले प्रतिबंध समाप्त . भारत विश्व का छठा वास्तविक परमाणु हथियार राष्ट्रत बन गया है। एनएसजी छूट के बाद भारत भी रूस, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा सहित देशों के साथ असैनिक परमाणु ऊर्जा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर करने में सक्षम है।

राज्य और केन्द्रशासित प्रदेश

वर्तमान में भारत 29 राज्यों तथा 7 केन्द्रशासित प्रदेशों मे बँटा हुआ है। राज्यों की चुनी हुई स्वतंत्र सरकारें हैं, जबकि केन्द्रशासित प्रदेशों पर केन्द्र द्वारा नियुक्त प्रबंधन शासन करता है, हालाँकि पॉण्डिचेरी और दिल्ली की लोकतांत्रिक सरकार भी हैं।

अन्टार्कटिका और दक्षिण गंगोत्री और मैत्री पर भी भारत के वैज्ञानिक-स्थल हैं, यद्यपि अभी तक कोई वास्तविक आधिपत्य स्थापित नहीं किया गया है।

राज्यों के नाम निम्नवत हैं- (कोष्टक में राजधानी का नाम)
हिन्द महासागर बंगाल की खाड़ी अंडमान सागर अरब सागर लक्षद्वीप सागर सियाचीन अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह चण्डीगढ़ दादरा और नगर हवेली दमन और दीव दिल्ली लक्षद्वीप पुदुच्चेरी पुदुच्चेरी पुदुच्चेरी आंध्र प्रदेश अरुणाचल प्रदेश असम बिहार छत्तीसगढ़ गोवा गुजरात हरियाणा हिमाचल प्रदेश जम्मू और कश्मीर झारखण्ड कर्णाटक केरल मध्य प्रदेश महाराष्ट्र मणिपुर मेघालय मेघालय नागालैण्ड ओड़िशा पंजाब राजस्थान सिक्किम तमिलनाडु त्रिपुरा उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड पश्चिम बंगाल अफ़्गानिस्तान बांग्लादेश भूटान म्यान्मार चीन नेपाल पाकिस्तान श्रीलंका ताजिकिस्तान दादरा और नगर हवेली दमन और दीव पुदुच्चेरी पुदुच्चेरी पुदुच्चेरी पुदुच्चेरी आंध्र प्रदेश तेलंगाना गोवा गुजरात जम्मू और कश्मीर कर्णाटक केरल मध्य प्रदेश महाराष्ट्र राजस्थान तमिलनाडु असम मेघालय अरुणाचल प्रदेश नागालैण्ड मणिपुर मिज़ोरम त्रिपुरा पश्चिम बंगाल सिक्किम भूटान बांग्लादेश बिहार झारखण्ड ओड़िशा छत्तीसगढ़ उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड नेपाल दिल्ली हरियाणा पंजाब हिमाचल प्रदेश चण्डीगढ़ Pakistan श्रीलंका श्रीलंका श्रीलंका श्रीलंका श्रीलंका श्रीलंका श्रीलंका श्रीलंका श्रीलंका
भारत के २९ राज्यों और ७ केंद्र शासित प्रदेशों के एक क्लिक करने योग्य नक्शा
केन्द्रशासित प्रदेश

† चंडीगढ़ एक केंद्रशासित प्रदेश और पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों की राजधानी है।

यह भी देखें: भारत के शहर

भाषाएँ

भाषाओं के मामले में भारतवर्ष विश्व के समृद्धतम देशों में से है। संविधान के अनुसार हिन्दी भारत की राजभाषा है, और अंग्रेजी को सहायक राजाभाषा का स्थान दिया गया है। १९४७-१९५० के संविधान के निर्माण के समय देवनागरी लिपि में लिखी हिन्दी भाषा और हिन्दी-अरबी अंकों के अन्तर्राष्ट्रीय स्वरूप को संघ (केंद्र) सरकार की कामकाज की भाषा बनाया गया था, और गैर-हिन्दी भाषी राज्यों में हिन्दी के प्रचलन को बढाकर उन्हें हिन्दी-भाषी राज्यों के समान स्तर तक आने तक के लिये १५ वर्षों तक अङ्ग्रेज़ी के इस्तेमाल की इजाज़त देते हुए इसे सहायक राजभाषा का दर्ज़ा दिया गया था।संविधान के अनुसार यह व्यवस्था १९५० मे समाप्त हो जाने वाली थी, लेकिन् तमिलनाडु राज्य के हिन्दी भाषा विरोधी आन्दोलन और हिन्दी भाषी राज्यों राजनैतिक विरोध के परिणामस्वरूप, संसद ने इस व्यवस्था की समाप्ति को अनिश्चित काल तक स्थगित कर दिया है। इस वजह से वर्तमान समय में केंद्रीय सरकार में काम हिन्दी और अंग्रेज़ी भाषाओं में होता है और राज्यों में हिन्दी अथवा अपने-अपने क्षेत्रीय भाषाओं में काम होता है।केन्द्र और राज्यों और अन्तर-राज्यीय पत्र-व्यवहार के लिए, यदि कोई राज्य ऐसी मांग करे, तो हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं का होना आवश्यक है। भारतीय संविधान एक राष्ट्रभाषा का वर्णन नहीं करता।

हिन्दी और अंग्रेज़ी के इलावा संविधान की आठवीं अनुसूची में २० अन्य भाषाओं का वर्णन है जिन्हें भारत में आधिकारिक कामकाज में इस्तेमाल किया जा सकता है। संविधान के अनुसार सरकार इन भाषाओं के विकास के लिये प्रयास करेगी, और अधिकृत राजभाषा (हिन्दी) को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए इन भाषाओं का उपयोग करेगी। आठवीं अनुसूची में दर्ज़ भाषांए ये हैं:

राज्यवार भाषाओं की आधिकारिक स्थिति इस प्रकार है:

नंबर. राज्य आधिकारिक भाषा(एं) अन्य मान्यता प्राप्त भाषाएं
१. अरुणाचल प्रदेश अंग्रेज़ी[24]:65
२. असम असमिया, अंग्रेज़ी[25] बांग्ला बराक घाटी के तीन ज़िलों में;[26] बोडो बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद् के ज़िलों में.[27]
३. आंध्र प्रदेश तेलुगु[28] उर्दू इन ज़िलों में दूसरी आधिकारिक भाषा है: कुर्नूल, कडपा, अनंतपुर, गुन्टूर, चित्तूर और नेल्लोर जहां १२% से अधिक जनसंख्या उर्दू को प्राथमिक भाषा के तौर पर बोलती है।[29]
४. उत्तर प्रदेश हिन्दी उर्दू[30]
५. उत्तराखण्ड हिन्दी संस्कृत[31]
६. ओडिशा ओडिया
७. कर्नाटक कन्नड
८. केरल मलयालम अंग्रेज़ी[32]
९. गुजरात गुजराती[24]:28
१०. गोआ कोंकणी[33] मराठी,[24]:27 [34] English[35]
११. छत्तीसगढ हिन्दी[24]:pg 29 [36] छत्तीसगढी[37]
१२. जम्मू और कश्मीर उर्दू अंग्रेज़ी[38]
१३. झारखण्ड हिन्दी संथाली, ओडिया और् बांग्ला[24]
१४. तमिल नाडु तमिल अंग्रेज़ी[24]
१५. तेलंगाना तेलुगु उर्दू इन ज़िलों में दूसरी आधिकारिक भाषा है: हैदराबाद, रंगा रेड्डी, मेडक, निज़ामाबाद, महबूबनगर, अदीलाबाद और वारंगल [29]
१६. त्रिपुरा बांग्ला और कोक्रोबोरोक[39][40]
१७. नागालैंड अंग्रेज़ी[24]
१८. पंजाब पंजाबी
१९. पश्चिमी बंगाल बांग्ला अंग्रेज़ी और नेपाली[24]
२०. बिहार हिन्दी[41] उर्दू (कुछ क्षेत्रों और कामों के लिये)[42]
२१. मणिपुर मणिपुरी(मेइतेई, या मेइतेईलॉन भी कहा जाता है)[43] अंग्रेज़ी[24]
२२. मध्य प्रदेश हिन्दी[44]
२३. महाराष्ट्र मराठी
२४. मिज़ोरम मिज़ो
२५. मेघालय अंग्रेज़ी[45] खासी भाषा और गारो भाषा[46]
२६. राजस्थान हिन्दी
२७. सिक्किम नेपाली[47] ११ अन्य भाषाओं को आधिकारिक भाषा का दर्ज़ा प्राप्त है, लेकिन सिर्फ़ संस्कृति और परंपरा के संरक्षण के नज़रिये से [48]
२८. हरियाणा हिन्दी[49] पंजाबी[50]
२९. हिमाचल प्रदेश हिन्दी[51] अंग्रेज़ी[24]:13

भूगोल और जलवायु

भू-आकृतिक विशेषतायें

हिमालय उत्तर में जम्मू और काश्मीर से लेकर पूर्व में अरुणांचल प्रदेश तक भारत की अधिकतर पूर्वी सीमा बनाता है
राथोंग शिखर, कंचनजंघा के समीप स्थित, जेमाथांग ग्लेशियर के पास से लिया गया चित्र

भारत पूरी तौर पर भारतीय प्लेट के ऊपर स्थित है जो भारतीय आस्ट्रेलियाई प्लेट (Indo-Australian Plate) का उपखण्ड है। प्राचीन काल में यह प्लेट गोंडवानालैण्ड का हिस्सा थी और अफ्रीका और अंटार्कटिका के साथ जुड़ी हुई थी। तकरीबन ९ करोड़ वर्ष पहले क्रीटेशियस काल में भारतीय प्लेट १५ सेमी./वर्ष की गति से उत्तर की ओर बढ़ने लगी और इओसीन पीरियड में यूरेशियन प्लेट से टकराई। भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के मध्य स्थित टेथीज भूसन्नति के अवसादों के वालन द्वारा ऊपर उठने से तिब्बत पठार और हिमालय पर्वत का निर्माण हुआ। सामने की द्रोणी में बाद में अवसाद जमा हो जाने से सिन्धु-गंगा मैदान बना। भारतीय प्लेट अभी भी लगभग ५ सेमी./वर्ष की गति से उत्तर की ओर गतिशील है और हिमालय की ऊंचाई में अभी भी २ मिमी./वर्ष कि गति से उत्थान हो रहा है।

भारत के उत्तर में हिमालय की पर्वतमाला नए और मोड़दार पहाड़ों से बनी है। यह पर्वतश्रेणी कश्मीर से अरुणाचल तक लगभग १,५०० मील तक फैली हुई है। इसकी चौड़ाई १५० से २०० मील तक है। यह संसार की सबसे ऊँची पर्वतमाला है और इसमें अनेक चोटियाँ २४,००० फुट से अधिक ऊँची हैं। हिमालय की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट है जिसकी ऊँचाई २९,०२८ फुट है जो नेपाल में स्थित है।

हिमालय के दक्षिण सिन्धु-गंगा मैदान है जो सिंधु, गंगा तथा ब्रह्मपुत्र और उनकी सहायक नदियों द्वारा बना है। हिमालय (शिवालिक) की तलहटी में जहाँ नदियाँ पर्वतीय क्षेत्र को छोड़कर मैदान में प्रवेश करती हैं, एक संकीर्ण पेटी में कंकड पत्थर मिश्रित निक्षेप पाया जाता है जिसमें नदियाँ अंतर्धान हो जाती हैं। इस ढलुवाँ क्षेत्र को भाबर कहते हैं। भाबर के दक्षिण में तराई प्रदेश है, जहाँ विलुप्त नदियाँ पुन: प्रकट हो जाती हैं। यह क्षेत्र दलदलों और जंगलों से भरा है। तराई के दक्षिण में जलोढ़ मैदान पाया जाता है। मैदान में जलोढ़ दो किस्म के हैं, पुराना जलोढ़ और नवीन जलोढ़। पुराने जलोढ़ को बाँगर कहते हैं। यह अपेक्षाकृत ऊँची भूमि में पाया जाता है, जहाँ नदियों की बाढ़ का जल नहीं पहुँच पाता। इसमें कहीं कहीं चूने के कंकड मिलते हैं। नवीन जलोढ़ को खादर कहते हैं। यह नदियों की बाढ़ के मैदान तथा डेल्टा प्रदेश में पाया जाता है जहाँ नदियाँ प्रति वर्ष नई तलछट जमा करती हैं।

उत्तरी भारत के मैदान के दक्षिण का पूरा भाग एक विस्तृत पठार है जो दुनिया के सबसे पुराने स्थल खंड का अवशेष है और मुख्यत: कड़ी तथा दानेदार कायांतरित चट्टानों से बना है। पठार तीन ओर पहाड़ी श्रेणियों से घिरा है। उत्तर में विंध्याचल तथा सतपुड़ा की पहाड़ियाँ हैं, जिनके बीच नर्मदा नदी पश्चिम की ओर बहती है। नर्मदा घाटी के उत्तर विंध्याचल प्रपाती ढाल बनाता है। सतपुड़ा की पर्वतश्रेणी उत्तर भारत को दक्षिण भारत से अलग करती है और पूर्व की ओर महादेव पहाड़ी तथा मैकाल पहाड़ी के नाम से जानी जाती है। सतपुड़ा के दक्षिण अजंता की पहाड़ियाँ हैं। प्रायद्वीप के पश्चिमी किनारे पर पश्चिमी घाट और पूर्वी किनारे पर पूर्वी घाट नामक पहाडियाँ हैं।

कई महत्वपूर्ण और बड़ी नदियाँ जैसे गंगा, ब्रह्मपुत्र, यमुना, गोदावरी और कृष्णा भारत से होकर बहती हैं।

जलवायु

कोपेन के वर्गीकरण में भारत में छह प्रकार की जलवायु का निरूपण है किन्तु यहाँ यह भी ध्यातव्य है कि भू-आकृति के प्रभाव में छोटे और स्थानीय स्तर पर भी जलवायु में बहुत विविधता और विशिष्टता मिलती है। भारत की जलवायु दक्षिण में उष्णकटिबंधीय है और हिमालयी क्षेत्रों में अधिक ऊँचाई के कारण अल्पाइन (ध्रुवीय जैसी), एक ओर यह पुर्वोत्तर भारत में उष्ण कटिबंधीय नम प्रकार की है तो पश्चिमी भागों में शुष्क प्रकार की।

कोपेन के वर्गीकरण के अनुसार भारत में निम्नलिखित छह प्रकार के जलवायु प्रदेश पाए जाते हैं:

परंपरागत रूप से भारत में छह ऋतुएँ मानी जाती रहीं हैं परन्तु भारतीय मौसम विज्ञान विभाग चार ऋतुओं का वर्णन करता है जिन्हें हम उनके परंपरागत नामों से तुलनात्मक रूप में निम्नवत लिख सकते हैं:

शीत ऋतु (Winters)- दिसंबर से मार्च तक, जिसमें दिसंबर और जनवरी सबसे ठंढे महीने होते हैं; उत्तरी भारत में औसत तापमान १० से १५ डिग्री सेल्सियस होता है।

ग्रीष्म ऋतु (Summers or Pre-monsoon) - अप्रैल से जून तक जिसमें मई सबसे गर्म महीना होता है, औसत तापमान ३२ से ४० डिग्री सेल्सियस होता है।

वर्षा ऋतु (Monsoon or Rainy) - जुलाई से सितम्बर तक, जिसमें सार्वाधिक वर्षा अगस्त महीने में होती है, वस्तुतः मानसून का आगमन और प्रत्यावर्तन (लौटना) दोनों क्रमिक रूप से होते हैं और अलग अलग स्थानों पर इनका समय अलग अलग होता है। सामान्यतः १ जून को केरल तट पर मानसून के आगमन तारीख होती है इसके ठीक बाद यह पूर्वोत्तर भारत में पहुँचता है और क्रमशः पूर्व से पश्चिम तथा उत्तर से दक्षिण की ओर गतिशील होता है इलाहाबाद में मानसून के पहुँचने की तिथि १८ जून मानी जाती है और दिल्ली में २९ जून।

शरद ऋतु (Post-monsoon ot Autumn)- उत्तरी भारत में अक्टूबर और नवंबर माह में मौसम साफ़ और शांत रहता है और अक्टूबर में मानसून लौटना शुरू हो जाता है जिससे तमिलनाडु के तट पर लौटते मानसून से वर्षा होती है।


भारत के मुख्य शहर हैं - दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई, बंगलोर (बेंगलुरु) |

ये भी देंखे - भारत के शहर

अर्थव्यवस्था

भारत

के राज्य और संघ क्षेत्र

Flag of India.svg
क्षेत्रफल | वाहन घनत्व | लिंगानुपात
जनसंख्या | राजधानियाँ | राष्ट्रीय महामार्ग
उच्चतम बिन्दु | बाल पोषाहार | बेरोज़गारी दर
जीडीपी | अपराध दर | आर्थिक मुक्ति
कर राजस्व | गृह स्वामित्व | उच्चतम बिन्दू
संक्षिप्त नाम | संस्थागत प्रसव | मानव तस्करी
प्राकृतिक जन्म दर | जीवन प्रत्याशा | मतदाता संख्या
टीकाकरण | पूजास्थल संख्या | निर्धनता दर
साक्षरता दर | बलात्कार दर | दंगा दर
बिजली | पेयजल उपलब्धता | विद्यालय नामांकन दर
राजधानियाँ | महिला सुरक्षा | एच॰आई॰वी जागरुकता
मीडिया की पहुँच | नाम की व्युत्पत्ति | परिवार का आकार
अल्पभार जनसंख्या | टीवी स्वामित्व | ऊर्जा उत्पादन क्षमता
इस संदूक को: देखें  संवाद  संपादन
सूचना प्रोद्योगिकी (आईटी) भारत के सबसे अधिक विकासशील उद्योगों में से एक है, वार्षिक आय २८५० करोड़ डालर, इन्फोसिस, भारत की सबसे बडी आईटी कम्पनियों में से एक

मुद्रा स्थानांतरण की दर से भारत की अर्थव्यवस्था विश्व में दसवें और क्रयशक्ति के अनुसार तीसरे स्थान पर है। वर्ष २००३ में भारत में लगभग ८% की दर से आर्थिक वृद्धि हुई है जो कि विश्व की सबसे तीव्र बढती हुई अर्थव्यवस्थओं में से एक है। परंतु भारत की अत्यधिक जनसंख्या के कारण प्रतिव्यक्ति आय क्रयशक्ति की दर से मात्र ३,२६२ अमेरिकन डॉलर है जो कि विश्व बैंक के अनुसार १२५वें स्थान पर है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार २६५ (मार्च २००९) अरब अमेरिकी डॉलर है। मुम्बई भारत की आर्थिक राजधानी है और भारतीय रिजर्व बैंक और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का मुख्यालय भी। यद्यपि एक चौथाई भारतीय अभी भी निर्धनता रेखा से नीचे हैं, तीव्रता से बढ़ती हुई सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के कारण मध्यमवर्ग में वृद्धि हुई है। १९९१ के बाद भारत में आर्थिक सुधार की नीति ने भारत के सर्वंगीण विकास मे बड़ी भूमिका निभाई है।

१९९१ के बाद भारत में हुए आर्थिक सुधारोँ ने भारत के सर्वांगीण विकास मे बड़ी भूमिका निभाई। भारतीय अर्थव्यवस्था ने कृषि पर अपनी ऐतिहासिक निर्भरता कम की है और कृषि अब भारतीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का केवल २५% है। दूसरे प्रमुख उद्योग हैं उत्खनन, पेट्रोलियम, बहुमूल्य रत्न, चलचित्र, वस्त्र, सूचना प्रौद्योगिकी सेवाएं, तथा सजावटी वस्तुऐं। भारत के अधिकतर औद्योगिक क्षेत्र उसके प्रमुख महानगरों के आसपास स्थित हैं। हाल ही के वर्षों में $१७२० करोड़ अमरीकी डालर वार्षिक आय २००४-२००५ के साथ भारत सॉफ़्टवेयर और बीपीओ सेवाओं का सबसे बडा केन्द्र बन कर उभरा है। इसके साथ ही कई लघु स्तर के उद्योग भी हैं जोकि छोटे भारतीय गाँव और भारतीय नगरों के कई नागरिकों को जीविका प्रदान करते हैं। पिछले वर्षों में भारत में वित्तीय संस्थानों ने विकास में बड़ी भूमिका निभाई है।

केवल तीस लाख विदेशी पर्यटकों के प्रतिवर्ष आने के बाद भी भारतीय पर्यटन राष्ट्रीय आय का एक अति आवश्यक, परन्तु कम विकसित स्रोत है। पर्यटन उद्योग भारत के जीडीपी का कुल ५.३% है। पर्यटन १०% भारतीय कामगारों को आजीविका देता है। वास्तविक संख्या ४.२ करोड है। आर्थिक रूप से देखा जाए तो पर्यटन भारतीय अर्थव्यवस्था को लगभग $४०० करोड डालर प्रदान करता है। भारत के प्रमुख व्यापार सहयोगी हैं अमरीका, जापान, चीन और संयुक्त अरब अमीरात

भारत के निर्यातों में कृषि उत्पाद, चाय, कपड़ा, बहुमूल्य रत्न व आभूषण, साफ़्टवेयर सेवायें, इंजीनियरिंग सामान, रसायन तथा चमड़ा उत्पाद प्रमुख हैं जबकि उसके आयातों में कच्चा तेल, मशीनरी, बहुमूल्य रत्न, उर्वरक (फ़र्टिलाइज़र) तथा रसायन प्रमुख हैं। वर्ष २००४ के लिये भारत के कुल निर्यात $६९१८ करोड़ डालर के थे जबकि उसके आयात $८९३३ करोड़ डालर के थे।

दिसम्‍बर 2013 के अंत में भारत का कुल विदेशी कर्ज 426.0 अरब अमरीकी डॉलर था, जिसमें कि दीर्घकालिक कर्ज 333.3 अरब (78.2%) तथा अल्‍पकालिक कर्ज 92.7 अरब अमरीकी डॉलर (21.8%) था। कुल विदेशी कर्ज में सरकार का विदेशी कर्ज 76.4 अरब अमरीकी डॉलर (कुल विदेशी कर्ज का 17.9 प्रतिशत) था, बाकी में व्‍यावसायिक उधार, एनआरआई जमा और बहुउद्देश्‍यीय कर्ज आदि हैं।[52]

जनसांख्यिकी

भारत में धार्मिक समूह
धार्मिक समूह प्रतिशत[53]
हिन्दू
  
80.5%
मुस्लिम
  
13.4%
ईसाई
  
2.33%
सिख
  
1.84%
बौद्ध
  
0.76%
जैन
  
0.40%
अन्य
  
0.77%
हिन्दू धर्म भारत का सबसे बडा़ धर्म है - इस चित्र में गोआ का एक मंदिर दर्शाया गया है

भारत चीन के बाद विश्व का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है। भारत की विभिन्नताओं से भरी जनता में भाषा, जाति और धर्म, सामाजिक और राजनीतिक सौहार्द्र और समरसता के मुख्य शत्रु हैं।

भारत में ६४.८ प्रतिशत साक्षरता है जिस में से ७५.३ % पुरुष और ५३.७% स्त्रियाँ साक्षर हैं। लिंग अनुपात की दृष्टि से भारत में प्रत्येक १००० पुरुषों के पीछे मात्र ९४० महिलायें हैं। कार्य भागीदारी दर (कुल जनसंख्या मे कार्य करने वालों का भाग) ३९.१% है। पुरुषों के लिये यह दर ५१.७% और स्त्रियों के लिये २५.६% है। भारत की १००० जनसंख्या में २२.३२ जन्मों के साथ बढ़ती जनसंख्या के आधे लोग २२.६६ वर्ष से कम आयु के हैं।

यद्यपि भारत की ८०.५ प्रतिशत जनसंख्या हिन्दू है, १३.४ प्रतिशत जनसंख्या के साथ भारत विश्व में मुसलमानों की संख्या में भी इंडोनेशिया और पाकिस्तान के बाद तीसरे स्थान पर है। अन्य धर्मावलम्बियों में ईसाई (२.३३ %), सिख (१.८४ %), बौद्ध (०.७६ %), जैन (०.४० %), अय्यावलि (०.१२ %), यहूदी, पारसी, अहमदी और बहाई आदि सम्मिलित हैं।

भारत दो मुख्य भाषा-सूत्रों : आर्य और द्रविड़ भाषाओँ का स्रोत भी है। भारत का संविधान कुल २३ भाषाओं को मान्यता देता है। हिन्दी और अंग्रेजी केन्द्रीय सरकार द्वारा सरकारी कामकाज के लिये उपयोग की जाती हैं। संस्कृत और तमिल जैसी अति प्राचीन भाषाएं भारत में ही जन्मी हैं। संस्कृत, संसार की सर्वाधिक प्राचीन भाषाओँ में से एक है, जिसका विकास पथ्यास्वस्ति नाम की अति प्राचीन भाषा/ बोली से हुआ था। तमिल के अलावा सारी भारतीय भाषाएँ संस्कृत से ही विकसित हुई हैं, हालाँकि संस्कृत और तमिल में कई शब्द समान हैं ! कुल मिला कर भारत में १६५२ से भी अधिक भाषाएं एवं बोलियाँ बोली जातीं हैं।

संस्कृति

ताजमहल विश्व के सबसे प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों में गिना जाता है।

भारत की सांस्कृतिक धरोहर बहुत संपन्न है। यहाँ की संस्कृति अनोखी है और वर्षों से इसके कई अवयव अब तक अक्षुण्य हैं। आक्रमणकारियों तथा प्रवासियों से विभिन्न चीजों को समेट कर यह एक मिश्रित संस्कृति बन गई है। आधुनिक भारत का समाज, भाषाएं, रीति-रिवाज इत्यादि इसका प्रमाण हैं। ताजमहल और अन्य उदाहरण, इस्लाम प्रभावित स्थापत्य कला के उत्कृष्ट नमूने हैं।

गुम्पा नृत्य एक तिब्बती बौद्ध समाज का सिक्किम में छिपा नृत्य है। यह बौद्ध नव वर्ष पर किया जाता है।

भारतीय समाज बहुधर्मिक, बहुभाषी तथा मिश्र-सांस्कृतिक है। पारंपरिक भारतीय पारिवारिक मूल्यों को काफी आदर की दृष्टि से देखा जाता है।

विभिन्न धर्मों के इस भूभाग पर कई मनभावन पर्व त्यौहार मनाए जाते हैं - दिवाली, होली, दशहरा. पोंगल तथा ओणम . ईद उल-फ़ित्र, ईद-उल-जुहा, मुहर्रम, क्रिसमस, ईस्टर आदि भी काफ़ी लोकप्रिय हैं।

हालाँकि हॉकी देश का राष्ट्रीय खेल है, क्रिकेट सबसे अधिक लोकप्रिय है। वर्तमान में फुटबॉल, हॉकी तथा टेनिस में भी बहुत भारतीयों की अभिरुचि है। देश की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम १९८३ और २०११ में दो बार विश्व कप और २००७ का २०-२० विश्व-कप जीत चुकी है। इसके अतिरिक्त वर्ष २००३ में वह विश्व कप के फाइनल तक पहुँची थी। १९३० तथा ४० के दशक में हॉकी भारत में अपने चरम पर थी। मेजर ध्यानचंद ने हॉकी में भारत को बहुत प्रसिद्धि दिलाई और एक समय भारत ने अमरीका को २४-० से हराया था जो अब तक विश्व कीर्तिमान है। शतरंज के जनक देश भारत के खिलाड़ी विश्वनाथ आनंद ने अच्छा प्रदर्शन किया है।

भारतीय खानपान बहुत ही समृद्ध है। शाकाहारी तथा मांसाहारी दोनों ही तरह का खाना पसन्द किया जाता है। भारतीय व्यंजन विदेशों में भी बहुत पसन्द किए जाते हैं। भारत में संगीत तथा नृत्य की अपनी शैलियां भी विकसित हुईं, जो बहुत ही लोकप्रिय हैं। भरतनाट्यम, ओडिसी, कथक प्रसिद्ध भारतीय नृत्य शैली है। हिन्दुस्तानी संगीत तथा कर्नाटक संगीत भारतीय परंपरागत संगीत की दो मुख्य धाराएं हैं।

वैश्वीकरण के इस युग में शेष विश्व की तरह भारतीय समाज पर भी अंग्रेजी तथा यूरोपीय प्रभाव पड़ रहा है। बाहरी लोगों की खूबियों को अपनाने की भारतीय परंपरा का नया दौर कई भारतीयों की दृष्टि में उचित नहीं है। एक खुले समाज के जीवन का यत्न कर रहे लोगों को मध्यमवर्गीय तथा वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा का शिकार होना पड़ता है। कुछ लोग इसे भारतीय पारंपरिक मूल्यों का हनन भी मानते हैं। विज्ञान तथा साहित्य में अधिक प्रगति न कर पाने की वजह से भारतीय समाज यूरोपीय लोगों पर निर्भर होता जा रहा है। ऐसे समय में लोग विदेशी अविष्कारों का भारत में प्रयोग अनुचित भी समझते हैं।

विदेश-सम्बन्ध

चित्र:Dmitry Medvedev at the 34th G8 Summit 7-9 जुलाई 2008-61.jpg
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ रूसी राष्ट्रपति, 34वाँ जी-8 शिखर सम्मेलन

1947 में अपनी स्वतंत्रता के बाद, भारत के अधिकांश देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखा है। 1950 के दशक में, भारत ने पुरजोर रूप से अफ्रीका और एशिया में यूरोपीय उपनिवेशों की स्वतंत्रता का समर्थन किया और गुट निरपेक्ष आंदोलन में एक अग्रणी की भूमिका निभाई।[54] 1980 के दशक में भारत दो पड़ोसी देशों के निमंत्रण पर, सेना के द्वारा संक्षिप्त सैन्य हस्तक्षेप किया, एक श्रीलंका मे और दुसरा मालदीव में। भारत के पड़ोसी पाकिस्तान के साथ एक तनाव भरा संबंध है और दोनों देशों के बीच चार बार युद्ध हुआ है, 1947, 1965, 1971 और 1999में। कश्मीर विवाद इन युद्धों का प्रमुख कारण था।[55] 1962 के भारत - चीन युद्ध और पाकिस्तान के साथ 1965 के युद्ध के बाद भारत और सोवियत संघ के साथ सैन्य संबंधों मे॑ काफी बढ़ोतरी हुई। 1960 के दशक के अन्त में सोवियत संघ भारत का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरी थी।[56]

रूस के साथ सामरिक संबंधों के अलावा, भारत का इजरायल और फ्रांस के साथ विस्तृत रक्षा संबंध हैं। हाल के वर्षों में, भारत ने क्षेत्रीय सहयोग और विश्व व्यापार संगठन के लिए एक दक्षिण एशियाई एसोसिएशन में प्रभावशाली भूमिका निभाई है|[57] भारत ने 100,000 सैन्य और पुलिस कर्मियों को चार महाद्वीपों भर में संयुक्त राष्ट्र के पैंतीस शांति अभियानों में सेवा प्रदान की है।[58] भारत ने विभिन्न बहुपक्षीय मंचों, सबसे खासकर पूर्वी एशिया के शिखर बैठक और जी-8 5 में एक सक्रिय भागीदारी निभाई है। आर्थिक क्षेत्र में भारत का दक्षिण अमेरिका, एशिया, और अफ्रीका के विकासशील देशों के साथ घनिष्ठ संबंध है।[59] [60]

सन्दर्भ

  1. Wolpert 2003, प॰ 1.
  2. "National Symbols | National Portal of India [राष्ट्रीय चिह्न | भारत का राष्ट्रीय प्रवेशद्वार]" (अंग्रेज़ी में). इंडिया पोर्टल. http://india.gov.in/india-glance/national-symbols. अभिगमन तिथि: १३ मई २०१४. 
  3. National Informatics Centre 2005.
  4. "Profile | National Portal of India". इंडिया पोर्टल. http://india.gov.in/india-glance/profile. अभिगमन तिथि: १३ मई २०१४. 
  5. "Eighth Schedule". http://lawmin.nic.in/coi/EIGHTH-SCHEDULE.pdf. अभिगमन तिथि: 1 जुलाई 2013. 
  6. राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र 2005.
  7. "Justice h l dattu sworn in as 41st chief justice of Supreme Court [न्यायाधीश एच एल दत्तु ने सर्वोच्च्य न्यायालये के प्रमुख न्यायाधीश पद की शपथ ली]" (अंग्रेज़ी में). आईएएनएस. न्यूज़ बिहारप्रभा. http://news.biharprabha.com/2014/04/justice-r-m-lodha-sworn-in-as-41st-chief-justice-of-supreme-court/. अभिगमन तिथि: १३ मई २०१४. 
  8. "Report for Selected Countries and Subjects [चुने हुए देश और विषयों के लिए रपट]" (अंग्रेज़ी में). विश्व आर्थिक आउटलुक डाटाबेस, अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष. २७ अक्टूबर २०१३. http://www.imf.org/external/pubs/ft/weo/2013/02/weodata/weorept.aspx?pr.x=66&pr.y=7&sy=2014&ey=2014&scsm=1&ssd=1&sort=country&ds=.&br=1&c=534&s=NGDPD%2CNGDPDPC%2CPPPGDP%2CPPPPC&grp=0&a=. अभिगमन तिथि: १३ मई २०१४. 
  9. "Gini Index". World Bank. http://data.worldbank.org/indicator/SI.POV.GINI/. अभिगमन तिथि: 2 मार्च 2011. 
  10. United Nations 2012.
  11. Human Development Reports
  12. "भारत बना दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी". नवभारत टाईम्स. 30 अप्रैल 2014. http://hindi.economictimes.indiatimes.com/business/business-news/india-displaces-japan-to-become-third-largest-world-economy-in-terms-of-ppp-world-bank/businessarticleshow/34389534.cms. अभिगमन तिथि: 30 अप्रैल 2014. 
  13. Oxford English Dictionary.
  14. "Hindustan". ब्रिटैनिका विश्वकोष, Inc.. 2007. http://www.britannica.com/eb/article-9040520/Hindustan. अभिगमन तिथि: 2007-06-18. 
  15. "Introduction to the Ancient Indus Valley". Harappa. 1996. http://www.harappa.com/indus/indus1.html. अभिगमन तिथि: 2007-06-18. 
  16. "How ancient are the Vedas". Yahoo Answers. 2009. http://in.answers.yahoo.com/question/index?qid=20090815020908AAi7JHQ. अभिगमन तिथि: 2009-11-30. 
  17. Jona Lendering. "Maurya dynasty". http://www.livius.org/man-md/mauryas/mauryas.html. अभिगमन तिथि: 2007-06-17. 
  18. "Gupta period has been described as the Golden Age of Indian history". National Informatics Centre (NIC). http://india.gov.in/knowindia/ancient_history4.php. अभिगमन तिथि: 2007-10-03. 
  19. Heitzman, James. (2007). "Gupta Dynasty," Microsoft® Encarta® Online Encyclopedia 2007
  20. "History : Indian Freedom Struggle (1857-1947)". National Informatics Centre (NIC). http://india.gov.in/knowindia/history_freedom_struggle.php. अभिगमन तिथि: 2007-10-03. "And by 1856, the British conquest and its authority were firmly established." 
  21. "रक्षा आवंटन 10 प्रतिशत बढ़ाया गया". पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार. 17 फ़रवरी 2014. http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx?relid=26921. अभिगमन तिथि: 18 फ़रवरी 2014. 
  22. "रक्षा सेवाओं के लिए प्रावधान". पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार. 16 मार्च 2012. http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx?relid=14218. अभिगमन तिथि: 18 फ़रवरी 2014. 
  23. "Defence Budget". पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार. 7 मार्च 2011. http://pib.nic.in/newsite/erelease.aspx?relid=70604. अभिगमन तिथि: 18 फ़रवरी 2014. 
  24. "Report of the Commissioner for linguistic minorities: 50th report (July 2012 to June 2013)". Commissioner for Linguistic Minorities, Ministry of Minority Affairs, Government of India. http://nclm.nic.in/shared/linkimages/NCLM50thReport.pdf. अभिगमन तिथि: 26 December 2014. 
  25. "The Assam Official Language Act, 1960". 19 December 1960. http://www.neportal.org/northeastfiles/Assam/ActsOrdinances/Assam_Official_Language_Act_1968.asp. अभिगमन तिथि: 25 December 2014. 
  26. ANI (10 September 2014). "Assam government withdraws Assamese as official language in Barak Valley, restores Bengali". http://www.dnaindia.com/india/report-assam-government-withdraws-assamese-as-official-language-in-barak-valley-restores-bengali-2017504. अभिगमन तिथि: 25 December 2014. 
  27. "Memorandum of Settlement on Bodoland Territorial Council (BTC)". 10 February 2003. http://www.satp.org/satporgtp/countries/india/states/assam/documents/papers/memorandum_feb02.htm. अभिगमन तिथि: 25 December 2014. 
  28. "Languages". 2002. http://www.aponline.gov.in/Quick%20links/HIST-CULT/languages.html. अभिगमन तिथि: 25 December 2014. 
  29. "Official status of Urdu in Andhra Pradesh". http://www.milligazette.com/Archives/01102001/18.htm. अभिगमन तिथि: 25 December 2014. 
  30. Hindi is the official language, and Urdu is used for seven specific purposes, similar to those for which it is used in Bihar. Commissioner Linguistic Minorities, 43rd report: July 2004 - June 2005, प॰ paras 6.1–6.2, http://nclm.nic.in/index1.asp?linkid=203, अभिगमन तिथि: 2007-07-16 [मृत कड़ियाँ]
  31. Sanskrit to be promoted with priority: Nishank Nishank, Sanskrit made official language, http://www.garhwalpost.com/index.php?mod=article&cat=Uttarakhand&article=5051, अभिगमन तिथि: 2009-12-28 [मृत कड़ियाँ]
  32. "Malayalam, How to Arrest its Withering Away?", M. K. Chand Raj, Ph.D. on Language in India (Central Institute of Indian Languages, Mysore), http://www.languageinindia.com/feb2005/malayalamdevelopmentchandraj1.html, अभिगमन तिथि: 2007-07-16 
  33. "The Goa, Daman and Diu Official Language Act, 1987". 19 December 1987. http://www.daman.nic.in/acts-rules%5CHindi-department%5Cdocuments/Official%20Language%20Act.pdf. अभिगमन तिथि: 26 December 2014. 
  34. Kurzon, Dennis (2004). "3. The Konkani-Marathi Controversy : 2000-01 version". Where East Looks West: Success in English in Goa and on the Konkan Coast. Multilingual Matters. pp. 42–58. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-1-85359-673-5. http://books.google.com/books?id=p5iK3CmIW6EC&pg=PA48. अभिगमन तिथि: 26 December 2014.  Dated, but gives a good overview of the controversy to give Marathi full "official status".
  35. "Directorate of Official Language". http://www.dol.goa.gov.in/. अभिगमन तिथि: 26 December 2014. 
  36. The National Commission for Linguistic Minorities, 1950 (ibid) makes no mention of Chhattisgarhi as an additional state language, despite the 2007 notification of the State Govt, presumably because Chhattisgarhi is considered as a dialect of Hindi.
  37. The Chhattisgarh Official Language (Amendment) Act, 2007 added "Chattisgarhi" as an official language of the state, in addition to Hindi."The Chhattisgarh Official Language (Amendment) Act, 2007". Government of India. http://www.lawsofindia.org/statelaw/2885/TheChhattisgarhOfficialLanguageAmendmentAct2007.html. अभिगमन तिथि: 26 December 2014. 
  38. Article 145 of the Constitution of Jammu and Kashmir makes Urdu the official language of the state, but provides for the continued use of English for all official purposes.
  39. "Bengali and Kokborok are the state/official language, English, Hindi, Manipuri and Chakma are other languages". Tripura Official government website. https://tripura.gov.in/knowtripura. अभिगमन तिथि: 29 June 2013. 
  40. Tripura Official Language Act, 1964
  41. "The Bihar Official Language Act, 1950". 29 November 1950. http://nclm.nic.in/shared/linkimages/NCLM50thReport.pdf. अभिगमन तिथि: 26 December 2014. 
  42. Benedikter, Thomas (2009). Language Policy and Linguistic Minorities in India: An Appraisal of the Linguistic Rights of Minorities in India. LIT Verlag Münster. प॰ 89. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-3-643-10231-7. http://books.google.com/books?id=vpZv2GHM7VQC&pg=PA89. 
  43. Section 2(f) of the Manipur Official Language Act, 1979 states that the official language of Manipur is the Manipuri language (an older English name for the Meitei language) written in the Bengali script. The Sangai Express, Mayek body threatens to stall proceeding, http://www.e-pao.net/epRelatedNews.asp?heading=9&src=290703, अभिगमन तिथि: 2007-07-16 
  44. "Language and Literature", Official website of Government of Madhya Pradesh (Government of Madhya Pradesh), http://www.mpgovt.nic.in/culture/language.htm, अभिगमन तिथि: 2007-07-16 
  45. Commissioner Linguistic Minorities, 42nd report: July 2003 - June 2004, प॰ para 25.5, archived from the original on 2007-10-08, http://web.archive.org/web/20071008113359/http://nclm.nic.in/shared/linkimages/35.htm, अभिगमन तिथि: 2007-07-16 [मृत कड़ियाँ]
  46. The 43rd report of the National Commission of Linguistic Minorities reports that, from a date to be determined, Khasi will have the status of an associate official language in the districts of the East Khasi Hills, West Khasi Hills, Jaintia Hills and Ri Bhoi. Garo will have a similar status in the districts of the East Garo Hills, West Garo Hills and South Garo Hills. Commissioner Linguistic Minorities, 43rd report: July 2004 - June 2005, प॰ para 25.1, http://nclm.nic.in/index1.asp?linkid=203, अभिगमन तिथि: 2007-07-16 [मृत कड़ियाँ]. On 21 March 2006, the Chief Minister of Meghalaya stated in the State Assembly that a notification to this effect had been issued. Meghalaya Legislative Assembly, Budget session: Starred Questions and Answers - Tuesday, the 21st March 2006., http://megassembly.gov.in/questions/2006/21-03-2006s.htm, अभिगमन तिथि: 2007-07-16 
  47. Government of Sikkim, Introduction to Sikkim, http://disa/sikkim.nic.in/sws/home_int.htm, अभिगमन तिथि: 2007-07-16 
  48. Eleven other languages — Bhutia, Lepcha, Limboo, Newari, Gurung, Mangar, Mukhia, Rai, Sherpa and Tamang - are termed "official", but only for the purposes of the preservation of culture and tradition. Commissioner Linguistic Minorities, 43rd report: July 2004 - June 2005, प॰ paras 27.3–27.4, http://nclm.nic.in/index1.asp?linkid=203, अभिगमन तिथि: 2007-07-16 [मृत कड़ियाँ]. See also Commissioner Linguistic Minorities, 41st report: July 2002 - June 2003, प॰ paras 28.4, 28.9, archived from the original on 2007-02-24, http://web.archive.org/web/20070224124226/http://nclm.nic.in/shared/linkimages/23.htm, अभिगमन तिथि: 2007-07-16 
  49. "The Haryana Official Language Act, 1969". 15 March 1969. http://acts.gov.in/HR/964.pdf. अभिगमन तिथि: 27 December 2014. 
  50. "Punjabi edges out Tamil in Haryana". 7 March 2010. http://www.dnaindia.com/india/report-punjabi-edges-out-tamil-in-haryana-1356124. अभिगमन तिथि: 27 December 2014. 
  51. "The Himachal Pradesh Official Language Act, 1975". 21 Feb 1975. http://hp.gov.in/LAC/bhasha/Adhiniyam/THE%20HIMACHAL%20PRADESH%20OFFICIAL%20LANGUAGE%20ACT,%201975.pdf. अभिगमन तिथि: 27 December 2014. 
  52. "दिसम्‍बर 2013 के अंत में भारत का विदेशी कर्ज 426.0 अरब अमरीकी डॉलर, मार्च 2013 के अंत के स्‍तर पर 21.1 अरब (5.2 प्रतिशत) की बढ़ोतरी". पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार. 28 मार्च 2014. http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx?relid=27502. अभिगमन तिथि: 7 मई 2014. 
  53. २००१ की जनगणना के आधार पर
  54. "The Non-Aligned Movement: Description and History", nam.gov.za (The Non-Aligned Movement), 21 सितंबर 2001, http://www.nam.gov.za/background/history.htm, अभिगमन तिथि: 23 अगस्त 2007 
  55. Gilbert, Martin (17 दिसम्बर 2002), A History of the Twentieth Century: The Concise Edition of the Acclaimed World History, HarperCollins, प॰ 486–487, आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780060505943, http://books.google.com/books?id=jhwY1j8Ao3kC&pg=PA486, अभिगमन तिथि: 22 जुलाई 2011 
  56. http://library.fes.de/pdf-files/bueros/genf/50205.pdf
  57. (PDF) India's negotiation positions at the WTO, November 2005, http://library.fes.de/pdf-files/bueros/genf/50205.pdf, अभिगमन तिथि: 23 अगस्त 2010 
  58. http://www.un.int/india/india_and_the_un_pkeeping.html
  59. Analysts Say India'S Power Aided Entry Into East Asia Summit. | Goliath Business News, Goliath.ecnext.com, 29 जुलाई 2005, http://goliath.ecnext.com/coms2/gi_0199-4519133/ANALYSTS-SAY-INDIA-S-POWER.html, अभिगमन तिथि: 21 नवम्बर 2009 
  60. http://naidunia.jagran.com/world-s-jaishankar-will-be-the-new-foriegn-secretary-296665

इन्हें भी देखें

बाहरी कड़ियाँ


सन्दर्भ त्रुटि: "lower-alpha" नामक सन्दर्भ-समूह के लिए <ref> टैग मौजूद हैं, परन्तु समूह के लिए कोई <references group="lower-alpha"/> टैग नहीं मिला। यह भी संभव है कि कोई समाप्ति </ref> टैग गायब है।