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भारत चुनौतियों से निपटने की रणनीति में सदा से माहिर रहा है । यहां का बच्चा -बच्चा देश प्रेम से अन्भिग्य नहीं है । हमारे वैज्ञानिक, सेना (फोर्स ) न्यायपालिका लेखक ,आलोचक कवि कथाकार सभी आमजन मूल को सकारात्मक हो वा नकारात्मक देश के विकास को चाहता है । उसमें उत्साक है उमंग है जज्बा है ईमानदारी है के साथ खड़ा होने की लालसा है । परन्तु यदि कहीं कमी देखी जाय तो यह है विचारों की स्वतंत्रता , विचारों की स्वतंत्रता हो परन्तु किसी का दिल दुखाये हानि पहुचाये नकारात्मक विचार हमे और हमारे राष्ट्र को कमजोर करने वाले हो सकते हैं कर्तव्यों से विमुख करने वाले विचार होना सर्वथा हानि पहुचाते है जो राष्ट्र को कमजोर करते है । हमे अपनी सेना से सबक लेनी चाहिए जो कठिन से कठिन परिस्थिति में भी देश का गौरव बढ़ाने में कुशल कौशल दिखलाकर भारत माता के शीश को ऊंचा करने में लगी रहती है । खैर कुछ स्वार्थी प्रवृत को छोड़ आज भारत सरकार के काम की चारो तरफ प्रसंसा हो रही है यह शुभ संकेत है देश के लिए आम आवाम के लिए ।--sukhmangal singh 03:02, 1 फ़रवरी 2016 (UTC)

आज /३१-०१-२०१६ नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी में डा ० एस आनन्द को काशी के -अखिल भारतीय सद्भावना एसोसिएशन ,रसवर्षा ,

साहित्य संवर्धन 'कथ्यशिल्प 'आदि विभिन्न संगठनो द्वारा 'व्यंग गौरव ' सम्मान से सम्मानित किया गया जिसकी अध्यक्षता कवि सुरेन्द्रवाचपेयी किये । कार्यक्रम में काव्यपाठ किया शिवशंकर सिंह ,चंद्रकांत सिंह , ब्रजेश चन्द्र पाण्डेय , धर्मेन्द्र गुप्त साहिल , सुखमंगल सिंह ने स्वागत में सुनाया- आप को सलाम है ! एस आनंद नाम है ? सद्भावना धाम है , जो समर्पित किया , उसका ही कलाम है !! सलाम दुनिया काम है ! कर्म -धर्म ज्ञान है !! जहां देखा जान है ! साहित्यिक शान है !! आदिने काव्यपाठ किया । संचालन अजीत श्रीवास्तव 'चपाचप बनारसी ' और धन्यवाद दिया सभाजीत शुक्ल जी ने ।--sukhmangal singh 03:02, 1 फ़रवरी 2016 (UTC) अभिषेक कुमार अम्बर