विकिपीडिया:निर्वाचित विषय वस्तु

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विकिपीडिया में निर्वाचित विषय वस्तु

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निर्वाचित विषय वस्तु


निर्वाचित लेख

काशीपुर, उत्तराखण्ड

काशीपुर भारत के उत्तराखण्ड राज्य के उधम सिंह नगर जनपद में स्थित एक महत्वपूर्ण पौराणिक एवं औद्योगिक शहर है। वर्ष २०११ की जनगणना के अनुसार इस नगर की कुल जनसंख्या १,२१,६२३ है, जबकि काशीपुर तहसील की कुल जनसंख्या २,८३,१३६ है। इस प्रकार, जनसंख्या की दृष्टि से काशीपुर कुमाऊँ में तीसरा और उत्तराखण्ड में छठा सबसे बड़ा नगर है। उधम सिंह नगर जनपद के पश्चिमी भाग में स्थित यह नगर भारत की राजधानी, नई दिल्ली से लगभग २४० किलोमीटर दूर उत्तर-पूर्व में, और उत्तराखण्ड की अन्तरिम राजधानी, देहरादून से लगभग २०० किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। (विस्तार से पढ़ें...)

आज का आलेख

Saddam Hussein at trial, July 2004.JPEG

30 दिसम्बर सन 2006 ईस्वी को इराक के राष्ट्रपति तथा तानाशाह सद्दाम हुसैन को अदालत के फ़ैसले के अनुसार राजधानी बगदाद में फांसी दी गई थी।

वर्ष 1937 में बग़दाद के 140 किलोमीटर उत्तर में स्थित तिकरीत नगर के निकट सद्दाम का जन्म हुआ। सद्दाम 20 वर्ष की आयु में अरब बाथ पार्टी में शामिल हो गये वर्ष 1968 में अहमद हसन अलबक्र के नेतृत्व में जब बाथ पार्टी ने इराक़ में विद्रोह करके अपनी सरकार बनाई तो सद्दाम ने उप राष्ट्रपति का पद हथिया लिया। वर्ष 1979 में सद्दाम स्वयं को इराक़ का राष्ट्रपति घोषित कर दिया। लेकिन सद्दाम ने राष्ट्रपति पद के साथ ही बाथ पार्टी की अध्यक्षता, सेना की कमान तथा अन्य बहुत से महत्वपूर्ण पद अपने ही पास रखे। सद्दाम ने अपने शासन के आरंभ में ही पश्चिमी देशों के उकसावे में आकर पड़ोसी देश इस्लामी गणतंत्र ईरान पर आक्रमण कर दिया जिसके दौरान बहुत सी आपराधिक कार्यवाहिंया सद्दाम ने कीं और रासायनिक हथियारों का भी प्रयोग किया। पश्चिमी देशों से मिलने वाले रासायनिक हथियारों को सद्दाम ने ईरान के साथ ही अपने देश की जनता पर भी प्रयोग किया। ईरान के साथ आठ वर्षीय युद्ध समाप्त होने के दो वर्ष बाद सद्दाम ने कुवैत पर हमला कर दिया जिस पर पूरे विश्व ने प्रतिक्रिया दिखाई। सुरक्षा परिषद ने कुवैत से इराक़ी सेनाओं को बाहर निकाला और इराक़ पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए जिनका सबसे अधिक विनाशकारी प्रभाव जनता पर पड़ा। सद्दाम ने वर्ष 2003 में इराक़ पर अमरीका और ब्रिटेन के आक्रमण में शासन का अन्त हुआ जिसके बाद सद्दाम हुसैन को मौत की सज़ा वर्ष 1982 में अद्दुजैल गांव के लोगों के जनसंहार के मामले में ही दी गई थी।

विस्तार में,,,

निर्वाचित चित्र