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तूर्यनाद कार्यक्रम भोपाल द्वारा हिन्दी विकिपीडिया के साथ सह-आयोजन हेतु प्रस्ताव[संपादित करें]

@Anamdas, , अनुनाद सिंह, SM7, संजीव कुमार, Hindustanilanguage, NehalDaveND, Swapnil.Karambelkar, Ganesh591, अजीत कुमार तिवारी, आर्यावर्त, Jayprakash12345, आशीष भटनागर, चक्रपाणी, राजू जांगिड़, और Vijay Tiwari09: @आशीष भटनागर, संजीव कुमार, Mala chaubey, चक्रपाणी, Anamdas, SM7, और हिंदुस्थान वासी:

एवं और सभी सक्रिय सदस्यगण।

मित्रो, हाल ही में तूर्यनाद (http://tooryanaad.in/) कार्यक्रम भोपाल द्वारा हिन्दी विकिपीडिया के साथ सह-आयोजन हेतु प्रस्ताव प्राप्त हुआ है,गत वर्ष यहाँ हिंदी विकिपीडिया पर व्याख्यान दिया गया था,यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष होता है तथा यह हिंदी भाषा हेतु समर्पित होता है। इस वर्ष यह २७ अक्टूबर २०१७ से (३ दिवसीय) प्रारंभ रहा है मै सम्मानीय सदस्यों से उनके बहुमूल्य सुझावों की शीघ्र अपेक्षा रखता हूँ। -- Suyash.dwivedi (वार्ता) 12:21, 9 अक्टूबर 2017 (UTC)

Symbol support vote.svg समर्थन - गत वर्ष दिए गए परिचय व्याख्यान के परिणाम स्वरुप इस बार हिंदी समारोह तूर्यनाद के साथ विकिपीडिया को सह आयोजन का प्रस्ताव आया है.यह एक सुनहरा अवसर है जब हिंदी विकिपीडिया ,तकनीकी शिक्षण संस्थानों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकता है.भोपाल के दल से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देना चाहूंगा एवं मेरा सुझाव है कि २ दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाये। : Swapnil.Karambelkar (वार्ता) 12:44, 9 अक्टूबर 2017 (UTC)
Symbol support vote.svg समर्थन इसके सह आयोजन के साथ साथ इसे आयोजित करने वाले संस्थान से अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय परियोजना जैसा स्थाई संबंध स्थापित करने की भी बात की जा सकति है। Capankajsmilyo (वार्ता) 13:04, 9 अक्टूबर 2017 (UTC)
Symbol support vote.svg समर्थन इसे जरूर करना चाहिए।--जयप्रकाश >>> वार्ता 20:01, 10 अक्टूबर 2017 (UTC)
मेरा सुझाव है कि इस आयोजन हेतु cis आदि किसी अनुभवी संस्था की मदद लेनी चाहिए। हिंदी विकी पर इस प्रकार के अनिभव रखने वाले लोगों की कमी है अतः cis आदि से मार्गदर्शन का निवेदन करना चाहिए। यदि संस्थान अपनी लैब आदि देने को तैयार हो तो एक वर्कशॉप भी रखी जा सकती है। प्रचार का अवसर खोना नहीं चाहिए ताकि जितना संभव हो उतने नए संपादक प्राप्त किये जा सकें। --अनामदास 17:04, 9 अक्टूबर 2017 (UTC)
Symbol support vote.svg समर्थन हिंदी विकिपीडिया में अधिक से अधिक छात्र आएं तो अच्छ होगा चूँकि यह कार्यक्रम हिंदी भाषा के उन्नयन हेतु है अतः पूर्ण समर्थन है साथ ही CIS का सहयोग मिलता ही तो अच्छा -- सुयश द्विवेदी (वार्ता) 13:19, 12 अक्टूबर 2017 (UTC)
Symbol support vote.svg समर्थन पूर्ण समर्थन है, शिक्षण संस्थानों कि मदद ली जा सकती है, हिंदी के उत्थान के लिए छात्रों में बहुत उत्साह देखने मिलेगा। --पुष्पेन्द्र सिंह दांगी (वार्ता) 10:40, 20 अक्टूबर 2017 (UTC)
Symbol support vote.svg समर्थन --राजू जांगिड़ (वार्ता) 10:58, 20 अक्टूबर 2017 (UTC)
Symbol support vote.svg समर्थन मेरा भी यही विचार है कि हिंदी विकिपीडिया में अधिक से अधिक छात्र आएं तो अच्छ होगा चूँकि यह कार्यक्रम हिंदी भाषा की उन्नति हेतु हैं अतः पूर्ण समर्थन है। --मुज़म्मिलुद्दीन (वार्ता) 13:51, 20 अक्टूबर 2017 (UTC)

देवनागरी अंक[संपादित करें]

हिंदी विकिपीडिया के साँचो में देवनागरी अंक नहीं आ रहे हैं। इसका कारण पार्वकल मे हुआ यह बदलाव है। देवनागरी अंको को पुनः आरम्भ करने के लिए यहाँ और यहाँ चर्चा चल रही है। क्या आप देवनागरी अंक दोबारा देखना चाहेंगे? Capankajsmilyo (वार्ता) 14:04, 9 अक्टूबर 2017 (UTC)

  1. Symbol support vote.svg समर्थन - वरुण (वार्ता) 16:20, 9 अक्टूबर 2017 (UTC)
  2. Symbol support vote.svg समर्थन-आर्यावर्त (वार्ता) 16:44, 9 अक्टूबर 2017 (UTC)
  3. Symbol support vote.svg समर्थन -- Dharmadhyaksha (वार्ता) 04:33, 10 अक्टूबर 2017 (UTC)
  4. Symbol support vote.svg समर्थन --अनुनाद सिंह (वार्ता) 14:53, 10 अक्टूबर 2017 (UTC)
  5. Symbol support vote.svg समर्थन --Swapnil.Karambelkar (वार्ता) 16:46, 11 अक्टूबर 2017 (UTC)
  6. Symbol support vote.svg समर्थन --जयप्रकाश >>> वार्ता 05:04, 15 अक्टूबर 2017 (UTC)
  7. Symbol support vote.svg समर्थन --राजू जांगिड़ (वार्ता) 12:47, 16 अक्टूबर 2017 (UTC)
  8. Symbol support vote.svg समर्थन --पुष्पेन्द्र सिंह दांगी (वार्ता) 10:44, 20 अक्टूबर 2017 (UTC)
  9. Symbol support vote.svg समर्थन -- @आर्यावर्त: जी ने जिस षडयंत्र (इनपुट सर्वत्र अरबी, आऊटपुट सर्वत्र नागरी, अंकपरिवर्तक इकतरफा) का आरोप @SM7: जी पर लगाया है, उस षडयंत्र का प्रस्ताव वास्तव में मेरा था और वह इस अज्ञान पर आधारित था कि नागरी अंकों का उपयोग साचों व गणना आदि में संभव नहीं है। यदि ऐसा संभव है तो हर हाल में मैं नागरी अंकों का ही समर्थन करूँगा। जो पाठक मात्र अरबी अंक देखना चाहें, उन सदस्यों को वरीयताओं में यह चुनने का विकल्प दिया जा सकता है। अंक परिवर्तक भी है ही। बाकियों का मैं नहीं जानता, लेकिन मेरा यहाँ योगदान करने का उद्देश्य हिंदी को पुनर्जीवित होते देखना है, और हिंदी का वास्तविक रूप तो नागरी अंकों में ही है। समय के साथ चलने के जो सुझाव दिए जा रहे हैं यदि आज से १० साल पहले यह चर्चा होती जब यूनिकोड नहीं था, तो इंटरनेट पर हिंदी को जिंदा रखने के लिए इसे रोमन लिपि में भी लिखना पड़ता तो कोई और चारा न होने की दशा में शायद मैं सहमत होता, लेकिन धन्य हैं वे हिंदी प्रेमी जिन्होंने अपने आपको या हिन्दी के स्वरूप को बदलने के स्थान पर प्रयास किए और सिस्टम को बदल दिया और देवनागरी लिपि में टंकण को समभव व सुविधाजनक बनाया। ठीक यही स्थिति आज है, नागरी अंकों के प्रयोग से फार्मूलों आदि में गणना में असुविधा है तो काम चलता रहे इसके लिए अरबी अंकों के बारे में सोचा जा सकता है लेकिन यदि गणना नागरी अंकों से भी संभव है, तो अरबी अंकों को प्रयोग करने का औचित्य ही नहीं है, सवाल ही नहीं है, कतई नहीं है। मात्र दस चिह्नों की पहचान कोई इतना बड़ा और कठिन कार्य भी नहीं है कि कोई भाग ही जाए। जिस दिन बाकी सदस्य हिंदी विकिपीडिया को रोमन लिपि में लिखने पर सहमत हो जाएंगे तो उस दिन मैं भी अरबी अंकों के प्रयोग के बारे में पुनर्विचार करूँगा। जब तक भाषा देवनागरी लिपि है तो अंक भी देवनागरी ही होने चाहिएँ। धन्यवाद। --अनामदास 08:56, 22 अक्टूबर 2017 (UTC)
Anamdas जी ऊपर वाला वाक्य थोड़ा ठीक कर दें, पहली बार पढ़ने पे मुझे लगा कि "आरोप लगाने का" सुझाव आपका था और आर्यावर्त जी द्वारा क्रियान्वित किया गया। हम कुछ-कुछ खुश भी होने लगे थे। दूसरी बात, हम तो अपनी अज्ञानता स्वीकार कर चुके हैं (नीचे ↓), आपको यह नया वाला ज्ञान कहाँ से मिला कि इससे गणनायें देवनागरी में संभव हो जायेंगी ?--SM7--बातचीत-- 09:45, 22 अक्टूबर 2017 (UTC)
SM7: वाक्य ठीक कर दिया है। नया ज्ञान या नया अज्ञान कहें, इस बात पर आधारित है कि फैब्रिकेटर पर जो पुरानी टिकट आपने दिखाई है, उससे जितना मुझे समझ आया वह यह कि अरबी अंकों का स्थापन मयूर जी द्वारा किए गए निवेदन के पश्चात हुआ। मेरे तकनीकी ज्ञान के बारे में आप जानते ही हैं, अतः मैं तकनीकी बात न लिखकर सामान्य शब्दों में पुनः लिख देता हूँ- मेरी प्रथम वरीयता है कि नागरी अंकों से गणना हो सके ऐसा समाधान करके नागरी अंकों का प्रचलन होना चाहिए। जब तक ऐसा संभव न हो तब तक अरबी अंकों के प्रयोग से भी मुझे कोई आपत्ति नहीं।--अनामदास 10:15, 22 अक्टूबर 2017 (UTC)

विरोध[संपादित करें]

#Symbol oppose vote.svg विरोध - यदि इसका उद्देश्य हिंदी विकि का डिफॉल्ट अंक सिस्टम बदलवाना है तो। T31279 द्वारा किया गया बदलाव जिन कारणों से किया गया था उनका अभी तक कोई समाधान नहीं है। समाधान के लिए T36193 के रूप में बग लिखा गया था जिसका कोई निराकरण नहीं हो पाया। T155888 पुरानी समस्या का दुहराव मात्र है। T160423 किसलिए लिखा गया है स्पष्ट नहीं। --SM7--बातचीत-- 19:35, 10 अक्टूबर 2017 (UTC)

  1. Symbol oppose vote.svg विरोध - क्यों? देवनागरी अंकों का इस्तेमाल अब अप्रचलित हो गया है। विकिपीडिया इसे पुनः प्रचलित बनाने का स्थान नहीं है। इंटरनेट पर सारे मेजर वेबसाइट (ख़बरें, आधिकारिक/सरकारी पृष्ठ, आदि) अरबी अंकों का इस्तेमाल करते हैं। आजकल के ज़्यादातर हिन्दी पाठ्यपुस्तक, उपन्यास, और अन्य प्रकाशनों में अरबी अंकों का इस्तमाल हो रहा है। जब तक हालिया प्रकाशनों में देवनागरी के अंकों का इस्तेमाल नहीं हो जाएगा, तब तक यहाँ पर भी इसका इस्तेमाल नहीं हो जाएगा। अपने मत आधुनिक हिन्दी स्रोतों पर आधारित करें, न कि तर्कहीन आन्दोलनों पर। सादर, --सलमा महमूद (वार्ता) 14:09, 13 अक्टूबर 2017 (UTC)
  2. Symbol oppose vote.svg विरोध - हिन्दी विकिपीडिया को दोबारा कोई गड्ढे में नहीं जाना देना चाहता।--हिंदुस्थान वासी वार्ता 17:20, 13 अक्टूबर 2017 (UTC)
  3. Symbol oppose vote.svg विरोध आधिकारिक रूप की बात करें तो पाते हैं कि जन्म की श्रेणियों जैसे कि श्रेणी:1910_में_जन्मे_लोग में रोमन अंक का प्रयोग चल रहा जबकि निधन श्रेणियों में देवनागरी अंक हैं जैसे कि श्रेणी:२०१० में निधन । इस असमानता को दूर करने के एक ही मानक आवश्यक है, जैसे कि पहले की श्रेणियों में पाया गया है। --मुज़म्मिलुद्दीन (वार्ता) 14:47, 20 अक्टूबर 2017 (UTC)
मुज़म्मिलुद्दीन जी, क्या 'मानक' का अर्थ यही होता है कि 'अंक या तो केवल रोमन में रहें या केवल देवनागरी में'। 'आवश्यकतानुसार/सुविधानुसार रोमन या देवनागरी में अंक लिखें तो यह 'मानक' नहीं होगा? -- अनुनाद सिंह (वार्ता) 09:56, 22 अक्टूबर 2017 (UTC)
अनुनाद जी, यदि दो अलग रूप से लिखेंगे, लेख शीर्षक/ श्रेणी बनाएँगे, इससे पाठकों में confusion फैलेगा। अन्य भारतीय विकियों को आप देखिए, एक ही मानक अपनाया जा रहा है। उदाहरण के लिए तेलुगु लीजिए: te:వర్గం:1992 తెలుగు సినిమాలు और उर्दू Ur:زمرہ:2005ء کی کتابیں --मुज़म्मिलुद्दीन (वार्ता) 11:04, 22 अक्टूबर 2017 (UTC)
मुज़म्मिलुद्दीन जी, क्या आप कह सकते हैं कि केवल एक अंक-प्रणाली का प्रयोग करने से 'सारे' कान्फ्यूजन दूर हो जाएंगे? उर्दू वाले कितना कान्फ्यूजन झेलते होंगे जब एक ही वाक्य में संख्या बाएँ-से-दाएँ लिखते/पढ़ते होंगे और शेष शब्द दायें से बाएँ? फिर भी उन्होने अपनी लिपि को सीने से लगा रखा है! आप तो फारसी के बारे में भी जानते होंगे, वहाँ तो वे फारसी अंक प्रयोग कर रहे हैं। बंगला विकि पर भी बंगला संख्याएँ लिखी मिल रही हैं। हिब्रू, रूसी, चीनी, जापानी आदि के पास अपने दश-आधारी अंक होते तो क्या वे कभी रोमन का प्रयोग करते? चीनी में इतने 'अक्षर' हैं कि सामान्य की-बोर्ड प्रयोग ही नहीं किया जा सकता। उन्होने तो हार नहीं मान ली।-- अनुनाद सिंह (वार्ता) 12:05, 22 अक्टूबर 2017 (UTC)
  1. Symbol oppose vote.svg विरोध लगभग सभी पुस्तकें/अखबार आदि अरबी अंकों का ही इस्तेमाल करतें हैं। बिंगोब्रो (वार्ता) 14:11, 2 नवम्बर 2017 (UTC)

देवनागरी अंक (चर्चा)[संपादित करें]

अगर अपने समर्थन या असमर्थन से पहले चर्चा करनी हो तो यहां करे:

  • क्या कोई बता सकता है कि ऐसा करने से फायदा क्या है? या सिर्फ इसलिये इसे लागू करवाना है कि कुछ सदस्यों को ज्ञानसंदूक में देवनागरी अंक देखने हैं। ये भी जानना आवश्यक है कि ऐसा किया ही क्यों गया था और वो कारण आज भी सार्थक है क्या।--हिंदुस्थान वासी वार्ता 14:18, 10 अक्टूबर 2017 (UTC)
क्या ज्ञानसन्दूक में देवनागरी अंक देखने की अभिलाषा रखना स्वाभाविक नहीं है? क्या यह कोई अपराध है? अनुनाद सिंह (वार्ता) 14:53, 10 अक्टूबर 2017 (UTC)
@SM7: आपका पूरा षड्यंत्र अब समझ में आ रहा है। पहले तो आप साँचों में देवनागरी अंक काम नहीं कर रहे इसलिए हमें अरबी अंको को प्रयोग करना ही पड़ेगा एसा कहकर अब तक देवनागरी के स्थान पर अरबी अंको को लागू करने का आपके द्वारा प्रयत्न किया गया है। सदस्यों को पता ही नहीं था कि पूर्व में एसी ही मानसिकता वाले कुछ लोगों ने देवनागरी अंक साँचे में काम न करे और केवल अरबी अंक ही काम करे ऐसे बदलाव किए थे। और अरबी अंक काम कर रहे इस आधार पर बार बार अरबी अंक स्थापित करने का प्रयत्न किया गया है। अब देवनागरी अंक काम नहीं कर रहे थे इस समस्या का समाधान मिल ही गया है तब आपका विरोध यही बात स्पष्ट करता है कि आप देवनागरी अंको को हटाना चाहे थे, है, और तो और आपने अङ्ग्रेज़ी शीर्षकों को भी समर्थन दिया। शुद्ध हिन्दी लिखने वालों को प्रताड़ित किया और अपनिमनमनी चलायी। आपको अङ्ग्रेज़ी इतनी ही पसंद है तो अङ्ग्रेज़ी विकिपीडिया पर चले जाइए। हिन्दी को बर्बाद करने का आपका ये कार्य निंदनीय है। आपके जैसे सदस्य प्रबन्धक बन गए हैं ये हिउंदी विकिपीडिया की कमनसिबी है।--आर्यावर्त (वार्ता) 04:22, 11 अक्टूबर 2017 (UTC)
हमारा समुदाय काफ़ी समझदार है। हमीं अपनी समझ वापस लेते हैं। जिसे जो समझ में आये करे। --SM7--बातचीत-- 16:27, 11 अक्टूबर 2017 (UTC)
  • बहुत ही गैर उचित टिप्पणी आर्यावर्त जी की। हिन्दी प्रेम अच्छा है पर अति किसी चीज की अच्छी नहीं। मेरा भी कोई मत नहीं और इस प्रक्रिया से कोई लेना-देना नहीं।--हिंदुस्थान वासी वार्ता 16:44, 11 अक्टूबर 2017 (UTC)
षड़यंत्र और मनमानी जैसे शब्द इस्तेमाल करने के पीछे निहितार्थ क्या है, समझ से परे है। हिन्दी प्रेम तो ठीक है लेकिन अपनी शर्तों पर प्रेम की जिद तो जानलेवा है। काफी दिनों से देख और पढ़ रहा हूं। एक तबका हिंदी को लेकर ठीक उसी तरह के वाद-विवाद में लीन है जो भारतेंदु हरिश्चंद्र और सितार-ए-हिंदी राजा शिवप्रसाद सिंह के जमाने में संपन्न हो चुका था। हिंदी में संस्कृत के शब्द ठेलकर, गोंचकर आप विकिपीडिया पर गंगाजल छिड़कते हुए तथाकथित शुद्धीकरण अभियान में लगे रहिए, लोकभाषा के रूप और स्वरूप पर इसका कोई असर नहीं पड़ने वाला। तमाम बोलियों को अपनाने वाले लोग हिंदी का प्रयोग संपर्क भाषा के रूप में कर रहे हैं और करते रहेंगे। इसी से हिंदी समृद्ध हुई है, होती रहेगी। इतिहास गवाह है कि जिस भाषा में जितना लचीलापन और बाह्य-सामग्री को ग्रहण करने की क्षमता रही है वो भाषा उतनी ही सशक्त हुई जबकि शुद्धीकरण ने संस्कृत को लोकभाषा से हटाकर ग्रंथों की भाषा बना दिया और पालि, प्राकृत, अपभ्रंश का प्रादुर्भाव हो गया। इसलिए भाषा को कृत्रिम बनाने के उपक्रम में जो भी लोग लगे हैं उनको शुभकामनाएं। बदल डालिए हिंदी विकिपीडिया की भाषा लेकिन साहित्य और संचार की भाषा तो वहीं रहेगी जिसका स्वरूप प्रचलित है। --कलमकार वार्ता 13:27, 13 अक्टूबर 2017 (UTC)


अरबी अंकों का इस्तेमाल सबसे व्यापक है। अपनी एक्टिविज़्म के तहत इन अप्रयुक्त व अप्रचलित देवनागरी अंकों को हम सब पर लागू मत करें। हिन्दी भाषा आगे बढ़ रही है। इसके साथ आगे बढ़िए, या पीछे रहिए, लेकिन हम सब को अपने साथ पीछे मत लेना। हिन्दी विकी और हिन्दी ज़बान को तबाह करने की इस साज़िश अब ख़त्म कीजिए। सादर, --सलमा महमूद (वार्ता) 14:09, 13 अक्टूबर 2017 (UTC)
कलमकार जी, आपने यह नहीं लिखा कि पालि, प्राकृत, अपभ्रंश कितने दिन चलीं और संस्कृत कितने हजार वर्ष? जब पालि, प्राकृत इतनी ही 'प्रोग्रेसिव' और 'आसान' थीं तो मर क्यों गयीं? अंग्रेजी और हिन्दी में किसने अधिक लचीलापन दिखाया है और कौन अधिक सशक्त है? यदि आपका उपरोक्त थेसिस सही था तो १८३५ में भारत में अंग्रेजी लादने का कानून क्यों बनाना पड़ा? लोग अपने-आप सीख जाते। क्यों अमेरिका, ब्रिटेन भारतीयों का 'उन्नत अंग्रेजी' टेस्ट लेकर अपने देश में आने देते हैं? आपका यह थेसिस जापानी, फ्रेंच, जर्मन, रूसी, चीनी, फारसी, हिब्रू वालों को क्यों समझ नहीं आता? हिन्दी का सर्वाधिक विकास किस काल में हुआ? अनुनाद सिंह (वार्ता) 14:52, 13 अक्टूबर 2017 (UTC)

अनुनाद जी, आपके प्रश्नों को एक लंबे उत्तर की दरकार है। फिर भी मैं कोशिश करूंगा कि संक्षेप में ही इन सभी प्रश्नों का समुचित जवाब दिया जाए। आपने पूछा है कि पालि, प्राकृत, अपभ्रंश कितने दिन चलीं और संस्कृत कितने हजार वर्ष? भारत के इतिहास पर नजर डालें तो संस्कृत भाषा की प्राचीनता ऐतिहासिक तथ्यों से परिभाषित नहीं की जा सकती। इसकी कई वजहें हैं, जिनके विस्तार में जाना विषयांतर होगा। जबकि भारत का लिखित इतिहास छठी शताब्दी ईसा पूर्व से उपलब्ध है। यह ठीक-ठीक वही समय है जब गौतम बुद्ध का प्रादुर्भाव हुआ। ये वो समय था जब पालि प्राकृत का प्रचलन शुरू हो चुका था। तो वहीं अपभ्रंश से हिंदी की विभिन्न बोलियों के विकास को हम ग्यारहवीं सदी में साफ तौर पर देख सकते हैं। आपने पूछा है कि 1835 में भारत में अंग्रेजी लादने का कानून क्यों बनाना पड़ा? आपके इस सवाल का भाषा की क्षमता और अक्षमता से कोई सरोकार नहीं। सन् 1835 भारत के इतिहास में वो साल है जब ईस्ट इंडिया कंपनी ने "खल्क खुदा का, मुल्क बादशाह का, हुक्म कम्पनी सरकार का" की औपचारिकता को भी बुहारकर किनारे कर दिया और मुगल बादशाह के नाम पर चल रहे सिक्के भट्टी में पिघलाकर अंग्रेज बादशाह विलियम तृतीय के नाम पर ढाल दिए गए। भारतीय उपनिवेश को पूरी तरह से गुलामी की जंजीरों में जकड़ने के लिए देसी जुबान और पाठ्यक्रम को खारिजकर शासकवर्ग की भाषा को स्थापित करना ही अंग्रेजी कानून को लादने की वजह था। ये अलग बात है कि इस वक्त तक हिंदी खड़ी बोली अपना आधुनिक स्वरूप नहीं ग्रहण कर पाई थी। रही बात रूसी, जापानी, फ्रेंच और जर्मन की शुद्धता का तो इसके लिए जरा इन भाषाओं के इतिहास में गहरे उतरिए आपको अपने सवालों का जवाब खुद ब खुद मिल जाएगा। रूसी साहित्य में लेव तोलस्तोय और फ्योदोर दास्तोयवस्की जैसे रचनाकारों को पढ़िए। इनकी भाषा फ्रेंच के शब्दों से अटी पड़ी है। इनकी रचनाओं के कुछ किरदार तो लगातार फ्रेंच बोलते दिखते हैं। जर्मन भाषा में भी एकरूपता नहीं है पूरब की जर्मन और पश्चिम की जर्मन में जमीन आसमान का अंतर है। जापानी में टोकियो और क्योटो की जापानी में समानता नहीं दिखती। फिर भी लोग भाषा में किस एकरूपता और शुद्धि का राग अलाप रहे हैं। सादर--कलमकार वार्ता 10:12, 14 अक्टूबर 2017 (UTC)

कलमकार जी,
आपने मेरे प्रश्नों का क्या उत्तर दिया है़? झटके में कोई कह सकता है कि आपको हिन्दी ही समझ में नहीं आती। "संस्कृत भाषा की प्राचीनता ऐतिहासिक तथ्यों से परिभाषित नहीं की जा सकती।" का क्या मतलब है? जब आपको संस्कृत की ऐतिहासिकता ही पता नहीं है कि संस्कृत ५०० वर्ष जीवित रही, ५ हजार वर्ष या ५० हजार वर्ष, तो संस्कृत का उदाहरण देना कितना तर्कसंगत है? आपने इस प्रश्न पर मौन क्यों धारण कर लिया कि पालि और प्राकृत जब 'लोक' जे जुड़ी हुई 'आसान' भाषाएँ थीं तो इतनी जल्दी कैसे मर गयीं? कही-सुनी बातें उगलने से इसका उत्तर नहीं मिलेगा। अंग्रेजी के बारे में भी पता नहीं चल रहा है कि आपने उत्तर दिया है या मेरे प्रश्न को प्रकारान्तर से पुनः लिख दिया है। मेरा प्रश्न यह था कि अंग्रेजों ने भारत में अंग्रेजी के प्रचार-प्रसार के लिए आपका नुस्खा क्यों नहीं आजमाया? उन्होने संस्कृत के हजार-दो हजार शब्द ले लिए होते, फारसी के ले लिए होते, कुछ तमिल-तेलुगू के ले लिए होते। ये कानून का सहारा क्यों लेना पड़ा?
लेव तोलस्तोय का कोई किरदार फ्रेन्च बोले जा रहा है तो क्या हो गया? २ हजार वर्ष पहले के संस्कृत नाटकों में कोई संस्कृत बोल रहा है कोई प्राकृत । यह नाटक में सहजता लाने की एक युक्ति है। आज भी प्रयुक्त होती है। इसका भाषा की सरलता से कोई लेना-देना नहीं है न ही भाषायी गुलामी की मानसिकता से। यह बिलकुल अलग बात है। ऐसा नहीं है कि राजा संस्कृत में बोल रहा है और 'सद्भाव' बनाए रखने के लिए बीच-बीच में अरबी या रूसी के शब्द भी मिला लेता है।
"जर्मन भाषा में भी एकरूपता नहीं है पूरब की जर्मन और पश्चिम की जर्मन में जमीन आसमान का अंतर है। जापानी में टोकियो और क्योटो की जापानी में समानता नहीं दिखती।" - ये बात एसएम७ (पूर्वनाम, सत्यम् मिश्र) को मत बताइयेगा नहीं तो जर्मन और जापानी की 'बोलियों' की दुर्गति को लेकर वे आन्दोलित हो सकते हैं। लेकिन मैं तो यह कहूंगा कि आप फिर गलत उपमा दे रहे हैं। लगता है कि आप देसी कहावत 'कोस-कोस पर बदले बानी' नहीं सुने हैं (ये अलग बात है कि यह सोवियत कहावत नहीं है।)। अरे भाई, इसका भी 'भाषा की सरलता' सम्बन्धी आपके थेसिस से कोई सम्बन्ध नहीं है। आप तो ये बताइये कि यहूदी लोग लिपि के लिए रोमन और शब्दों के लिए अरबी अपनाकर हिब्रू को सरल बनाकर उसका प्रसार क्यों नहीं करते? जबकि यहूदियों की बहुत बड़ी संख्या रूस, जर्मनी, फ्रान्स आदि से आयी थी और वे सब तरफ से अरबी क्षेत्रों से घिरे हैं। क्यों फ्रान्स ने विदेशी शब्दों के फ्रेन्च में मिलाने के विरुद्ध कानून बनाया है? क्यों यूके यह शर्त लगाता है कि जिनको अंग्रेजी नहीं आती उनको ब्रिटेन में नहीं घुसने देंगे?
अन्त में बात विकिपिडिया पर गंगाजल छिड़कने की। स्वयं आप ७० वर्ष की अल्पायु में मृत (आत्महत) मार्क्सवाद की जूठन लिए फिर रहे हैं, उसके बारे में क्या कहना चाहेंगे? जूठन का सेवन कब तक जारी रहेगा?
चर्चा साँचों में देवनागरी के अंकों के बारे में है लेकिन पता नहीं अनुनाद जी और आर्यवर्त जी हमेशा इस बेकार शुद्धतावादी मुद्दे को लेकर विकिपीडिया पर चर्चा करना चाहते हैं। माने या न माने, हिन्दी का विकास सिर्फ़ संस्कृत से नहीं बल्कि प्राकृत, अरबी, फ़ारसी, तुर्की, पुर्तगाली, अंग्रेज़ी, आदि में से भी हुआ है। यह कॉल्ड हार्ड लिंग्विस्टिक फ़ैक्ट है। अगर अंग्रेज़ी भाषा के पुनर्निर्माण इस "भाषा शुद्धतावाद" की बुनियाद पर हुआ, तो आज अंग्रेज़ी भाषा ऐसी लगेगी। लेकिन इस तरह की अंग्रेज़ी का अस्तित्व ग़ायब है, क्योंकि इस नक़ली भाषा का इस्तेमाल किसी भी नहीं करते हैं। सादर, --सलमा महमूद (वार्ता) 11:09, 14 अक्टूबर 2017 (UTC)
गुलामी ढोने की आपकी मजबूरी को समझना कठिन नहीं है। -- अनुनाद सिंह (वार्ता) 03:43, 15 अक्टूबर 2017 (UTC)

अनुनाद जी, मुझे हिंदी समझ में आती है या नहीं आती है, इसके लिए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की डिग्री और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की फेलोशिप पर्याप्त है। इसके लिए अब आपसे प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। दूसरी बात, भाषाओं के इतिहास और भारत पर औपनिवेशिक राज और उसकी नीतियों की तो उसके लिए वैज्ञानिक इतिहास दृष्टि की जरूरत है। मुझ ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मैंने इस बिंदु पर वाद विवाद संवाद की पात्रता और अर्हता की अनदेखी कर दी। वैसे गुलामी ढोने का ये जुमला अब बासी पड़ चुका है। कुछ नया सोचिए। इस बिंदु पर ये मेरी आखिरी टिप्पणी है। वैचारिक असहमति में शालीनता के अभाव को देखते हुए बातचीत के इस सिलसिले को यहीं विराम देता हूं। शुभकामनाएं--कलमकार वार्ता 17:48, 15 अक्टूबर 2017 (UTC)

कलमकार जी, मुझे आपसे यही आशा भी थी। मुझे पता था कि आप रटी-रटायी बात बोल रहे हैं और जब उस पर प्रतिप्रश्न किया जायेगा तो पहले 'घुमाने' की कोशिश करेंगे और बाद में बच निकलने का कुछ बहाना ढूढ़ लेंगे। -- अनुनाद सिंह (वार्ता) 11:17, 16 अक्टूबर 2017 (UTC)
ये तो बिलकुल वैसी बात हो गई जैसे चोर कोटवाल को दंड दे। कलमकार जी वाला खाता संदिग्ध है, वे विकि में खाता खोलने के साथ ही विकिपीडिया की शैली आदि से परिचित थे। उनकी नीति स्पष्ट समझ में आ रही है। सलमा जी वाले खाते का सम्पादन इतिहास देखा जाये तो स्वतः ही पता चल जाएगा, कुछ भी कहने की आवश्यकता नहीं। हिंदुस्थानवासी जी जैसे प्रबन्धक भी इसमें सम्मिलित है ये बात अवश्य अनपेक्षित है। एसएम7 जी को मैं धन्यवाद देता हूँ। हिन्दी भाषा सैकड़ो सालो से है और हिन्दी का जन्म ही संस्कृत से हुआ है। अब किसी को संस्कृत से धृणा है तो ये उनकी व्यक्तिगत समस्या है, ये उनका व्यक्तिगत हेतु है। हिन्दी भाषा देवनागरी में लिखी जाती है न कि अरबी में। वो भी युगो से। हिरण्यकश्यपू ने एक बार घोषित कर दिया कि अब से कोई भगवान विष्णु की पुजा नहीं करेगा। हिरण्यकश्यपू ही आज से भगवान है। मंदिर तोड दिये गए, यज्ञ करने पर प्राणदंड था। जैसे सनातन धर्म नष्ट हो गया। किन्तु ये अल्पकालीन था, हमारी भाषा, संस्कृति, धर्म आज भी है। भारत में मुस्लिमो का आक्रमण हुआ, मंदिर तोड़ दिये गए, सोमनाथ मंदिर में ही 1 लाख ब्राह्मणो की हत्या की गई थी। अनेक लोगों को मारकर धर्म परिवर्तन कराया गया। क्या हमारी भाषा और धर्म समाप्त हो गये? वो भी अल्पकालीन था। फिर भारत में अंग्रेज़ आए, भारत के इतिहास को बदला गया ताकि भारत के लोग अपना गौरवपूर्ण इतिहास भूल जाए और भारतीय लोगों में आत्मविश्वास की कमी के कारण स्वयं को दीन, हीन, बिछड़ा हुआ समझे। भारत में कायदे लाद कर जबर्दस्ती अँग्रेजी थोपी गई थी, आज भी हिन्दी को हटाने के लिए भारत के कुछ भागो में आंदोलन चल रहा है। इन लोगों को मन में ठसाया गया है कि अँग्रेजी से ही उनका कल्याण हो सकता है। दक्षिण भारत के भागो में आज भी हिन्दी को समाप्त करने के प्रयत्न हो रहे है। ये पूरा षड्यंत्र तो है ही किन्तु ये भी अल्पकालीन है। ऐसे लोगों के कारण देवनागरी समाप्त नहीं हो जाएगी, काल की गति के साथ ये लोग भी समाप्त हो जाएँगे।

हिन्दी विकिपीडिया हिन्दी में ही लिखा जाता है और देवनागरी में ही लिखा जाता है, आंदोलन तो अनेक चल रहे हैं जैसे इसे अरबी में लिखना। फिजिहिंदी विकिपीडिया देख ही रहे हैं। किन्तु ये हिन्दी विकिपीडिया है और देवनागरी के अंक यहाँ लादे नहीं जा रहे हैं, ये तो प्रारम्भ से ही है, रहेंगे। देवनागरी अंक से ही ये अरबी अंको का जन्म हुआ है। जब अरबी अंको का अस्तित्व नहीं था तब भी ये थे। ये तो मूलाधार है। विकिपीडिया में कुछ सदस्यो ने शुद्ध हिन्दी लिखने वाले को प्रताड़ित किया और इसके कारण अनेक मूलभूत से हिन्दी और विकिपीडिया को समर्पित संपादक विकिपीडिया छोडकर जाने के लिए विवश हो गए। विकिपीडिया में लेख कैसे लिखे वाली नीति भी इस बात का प्रमाण है जो हमारे सामने उपस्थित है। पुरालेख पढ़िये। लवि सिंघल जैसे कठपुतली खातो का भी प्रयोग किया गया और अपने छ्द्म हेतु को कार्यान्वित करने के लिए आक्रमण किया गया था। अनुनाद जी आज भी हमारे समक्ष हैं जो इन चीजों से युद्ध कर चुके हैं और आज भी विकि को समर्पित होकर बिना कोई अधिकार लिए योगदान दे रहे हैं। छ्द्म हेतु की पूर्ति के लिए काम कर रहे सदस्य और अनुनाद जी दोनों का योगदान देखकर ही ज्ञात हो जाएगा की कौन विकि को समर्पित है, विकि का सच्चा शुभचिंतक कौन है। कौन अपने निजी स्वार्थ के लिए लड़ रहा है और कौन विकि के हित के लिए युद्ध कर रहा है। कुछ ऐसे प्रबन्धको को हटाना पड़ा था। तब ये लोगों ने साँचे में अंक बदलवा दिये और ऐसा बदलाव किया गया कि देवनागरी अंक काम करे ही नहीं और हमें अरबी प्रारूप का ही उपयोग करना पड़े। गुजराती में गुजराती अंक काम कर रहे है और कोई समस्या नहीं है। न हो सकती है। बाद में ये कहकर अरबी अंको को लागू करने का प्रयत्न किया गाय कि साँचे में देवनागरी अंक काम नहीं करते है इसलिए अरबी अंको को लागू कर दिया जाये और देवनागरी अंको में लिखने पर ही रोक लगा दी जाये। कारण तो बताए गए थे कि ये लाभ होगा और ये लाभ होगा, तब मैंने इसका विरोध किया था। तब हमें ये पता नहीं था कि देवनागरी अंक काम क्यों नहीं कर रहे। पुरानी चर्चाओ के अनुसार समस्या तो यही थी कि देवनागरी अंक काम नहीं कर रहे इसलिए अरबी अंको का प्रयोग करना पड़ेगा। अब ये समस्या का मूल मिल गया है और ये चर्चा के बाद देवनागरी अंक काम करेंगे। फिर उनका देवनागरी अंको को हटाने का स्वप्न ध्वस्त होते देख ऐसे लोग विरोध कर रहे हैं। देवनागरी अंक थोपे नहीं जा रहे, मूल से, प्रारम्भ से है और रहेंगे। अरबी अंक थोपे जा रहे थे। पहले भी कुछ लोग अपने इस छ्द्म हेतु की पूर्ति के लिए प्रबन्धक बनकर ये कार्यक्रम चला रहे थे। आज भी हमारे प्रबन्धको में ऐसे सदस्यों की संख्या ज्यादा है। ये वहीं लोग है, जो अनिरुद्ध जी, अनुनाद जी को प्रबन्धक बनाने का विरोध करेंगे ताकि उनकी मनमानी चल सके। अनिरुद्ध जी को विकि छोडना पड़ा। अनुनाद जी को प्रबन्धक पद छोडना पड़ा। ये लोगों ने इतने सारे नीति नियम बना दिये कि प्रबन्धक बनना मतलब राष्ट्रपति बनाना हो, कोई प्रबन्धक न बन पाये और सबकुछ उनके हाथों में रहे और उनका छ्द्म कार्य भी चलता रहे। इसके कारण अनेक सदस्यो को आगे बढ्ने का मौका नहीं मिला, नामांकन कराते ही ये लोग वहाँ विरोध करने आ जाते और खुद के बनाए अनेकों नीति नियम जाड़ देते। इसकारण अनेक योगदानकर्ता विकिपीडिया छोडकर चले गए। विकिपीडिया में आज भी ये सब चल रहा है। उनको, ऐसे लोगों को पहचानिए और सोचिए।--आर्यावर्त (वार्ता) 05:10, 16 अक्टूबर 2017 (UTC)

आर्यवर्त, मैं पहले से ही कह चुकी हूँ कि यह ज्ञानकोश है, मंदिर नहीं। आपके सदस्यनाम से ही साफ़ है कि विकी पर आपकी मौजूदगी का मक़सद क्या है। नाम ही तो एक फ़ासीवादी आन्दोलन से जुड़ा है। जिस तरह आपने इस अज़ीमतरीन विस्तृत निबंध को लिखा है, मेरी उम्मीद है कि इंशाअल्लाह आप ऐसे ही विस्तार के साथ हिन्दी विकी के लेखों में विषयवस्तु जोड़ेंगे - बस आपके घटिया, बेबुनियाद हिन्दुत्ववादी बकवास के बग़ैर। ये हिरण्यकश्यपू-सनातन धर्म बकवास और आपके विकृत ऐतिहासिक नज़रिए से मुझे कोई लेना देना नहीं है। आपने ख़ुद अपनी निन्दनीय पक्षपाती भावनाओं को स्पष्ट कर दिया है। ख़ैर, आपसे सियासत के बारे में बहस करने के लिए नहीं आई हूँ। विकी की चर्चाएँ इन सब के लिए मुनासिब स्थान नहीं है। चर्चा अंकों के बारे में है तो वहीं पर मैं चर्चा करूँगी।
अरबी अंकों के बारे में आपके जो भी निजी मत है जैसे कि "देवनागरी अंक से ही ये अरबी अंको का जन्म हुआ है", वग़ैरह - वो यहाँ पर बिल्कुल अप्रासंगिक है। सच्चाई तो यह है कि आधुनिक हिन्दी प्रकाशनों में अरबी अंकों का इस्तेमाल सर्वव्यापक है। यह तो निर्विवाद, अखंडनीय सच्च है।
"हिन्दी भाषा देवनागरी में लिखी जाती है न कि अरबी में।" आप किस को बेवक़ूफ़ बनाने की कोशिश कर रहे हैं? अंग्रेज़ी, स्पेनी, डच, आदि तो रोमन लिपि में लिखी जाती है, तो क्या इन भाषाओं की विकिपीडियाओं में रोमन न्यूम्रल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए?
विकी के सबसे आम पहलुओं में से ये है कि हम मूलशोध के मुताबिक़ नहीं बल्कि भरोसेमन्द आधुनिक स्रोतों के आधार पर काम करते हैं और ये भी है कि विकी एक लोकतंत्र नहीं है। इसलिए मैं हिन्दी भाषा के कुछ मशहूर व जाने पहचाने स्रोतों की लिस्ट दूँगी:
भारतीय सरकार: भारतीय हकूमत की दफ़्तरी हिन्दी वेबसाइट.. कहाँ गए देवनागरी अंक?; एक और भारतीय हकूमत के प्रकाशन में ही अरबी अंकों का इस्तेमाल हुआ है। तो अगर मोदी सरकार ही बिना एतराज़ से अरबी अंकों के इस्तेमाल करने के लिए तैयार है तो पता नहीं कि आपके कट्टरवाद किसी और ज़्यादा ऊँचा स्तर पर है या क्या।
और स्रोत: मॉरीशन विश्व हिन्दी सचिवालय, 1999 से भारतीय कृषि अनुसंधान प्रकाशन, डीयू हिन्दी सिलाबस
पाठ्यपुस्तक व शिक्षा संबंधित: कक्षा 12 अर्थशास्त्र, रचनात्मक मूल्यांकन हेतु शिक्षक संदर्शिका कक्षा 9, परीक्षा संबंधी उप-विधी, आपदा प्रबंधन पाठ्यपुस्तक, भौतिकी - असल में इन हिन्दी पाठ्यपुस्तकों में देवनागरी अंकों से ज़्यादा रोमन न्यूम्रल नज़र आ रहे हैं!
ख़बरें: एनडीटीवी न्यूज़, आजतक, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, ज़ीन्यूज़, एबीपी न्यूज़, बीबीसी हिंदी न्यूज़ - सबकेसब मशहूर ऑन्लाइन हिन्दी न्यूज़ वेबसाइटों पर सिर्फ़ और सिर्फ़ अरबी अंक नज़र आ रहे हैं।
तो यहाँ पर देवनागरी अंक थोपने से पहले इन सारे स्रोतों के लिए ज़िम्मेदार लोगों को अरबी अंकों के ख़तरों के बारे में समझाएँ। आधुनिक हिन्दी प्रकाशनों में बदलाव लाने के बाद ही हम विकिपीडिया पर मुनासिब तब्दीलियाँ लाएँगे। लेकिन जब तक यह नहीं हो जाता, तब तक विकिपीडिया पर डिफ़ॉल्ट में अरबी अंकों का इस्तेमाल किया जाएँगे। साँचों में देवनागरी अंक थोपने की कोई ज़रूरत नहीं है। यह "अंक परिवर्तन" कोम्प्रोमाइज़ ही काफ़ी से ज़्यादा है क्योंकि मेरे ख़्याल से, उपरोक्त स्रोतों के जैसे, विकिपीडिया पर सिर्फ़ और सिर्फ़ अरबी अंकों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
आदर से, --सलमा महमूद (वार्ता) 23:19, 17 अक्टूबर 2017 (UTC)
सम्माननीय सलमा बहन जी, यहाँ जिस जिस साइट का आपने उल्लेख किया है और उसके आधार पे आप हिन्दी विकिपीडिया में अरबी अंको को थोपना चाहते हैं उनसे अच्छा है कि आप स्वयं उसी साइट पे योगदान दीजिये जहाँ ये सब है। वहाँ ये है तो यहाँ भी होना ही चाहिए ऐसा बिलकुल नहीं है। न तो यहाँ देवनागरी अंक थोपे जा रहे हैं। ये तो प्रारम्भ से ही है और रहेंगे। इसका हिन्दुत्व के साथ कोई लेना देना नहीं है। हिन्दुत्व के अनुसार मैं शरीर नहीं शुद्धात्मा हूँ और जो आपके अंदर भी वहीं ईश्वर का मैं दर्शन कर रहा हूँ। इसलिए तो मैं सदैव आपका सम्मान करता हूँ और भूतकाल की चर्चाओ में भी आपने जो भी आक्षेप किए हो, मैंने आपको आपकी भाषा में प्रत्युत्तर नहीं दिया। हम स्त्रियों का सम्मान करते हैं और मैं व्यक्तिगत रूप से आपका सम्मान करता हूँ। आपके मजहब का भी हम सम्मान करते हैं। अतः आपसे अनुरोध है कि इसे हिन्दुत्व से न जोड़े। हिन्दी देवनागरी अंको में लिखी जाती है और देवनागरी वर्णमाला और अंक इसके आरंभ से ही है अतः कभी भी इसे थोपा हुआ नहीं कहा जा सकता। मेरा जो मत है मैंने स्पष्ट लिख दिया है। आपका मत भिन्न हो सकता है। वैसे भी मैं विकिपीडिया छोडना चाहता हूँ। मेरा स्पष्ट रूप से मानना है कि मुझे हिन्दी लेखन में देवनागरी अंको में नहीं लिखने के लिए कोई बाध्य नहीं कर सकता।--आर्यावर्त (वार्ता) 06:29, 18 अक्टूबर 2017 (UTC)
" ये तो प्रारम्भ से ही है और रहेंगे।" जी ठीक है, हिन्दी विकिपीडिया के शुरुआती दिनों में एक ग़लती की गई थी, तो फिर हम इसमें सुधार नहीं कर सकते हैं क्या?
आप ही थोपने के पक्ष में हैं, मैं नहीं। मैं बस हिन्दी लेखन के मौजूदा तौर-तरीक़ों के मुताबिक़ काम करना चाहती हूँ, और उपरोक्त स्रोतों ने इस बात की पुष्टि भी की है। आप विकिपीडिया पर इस अप्रचलित अंक प्रणाली का पुनःप्रचलन करना चाहते हैं - और विकिनीतियों के तहत पर ही यह बिल्कुल मना है। अगर मैं थोपने के आन्दोलन चलाने की कोशिश कर रही हूँ तो इन अर्थशास्त्र, गणित, भौतिकी, आदि की आधुनिक हिन्दी पाठ्यपुस्तकों में देवनागरी अंकों का प्रयोग क्यों नहीं हुआ है?
"वहाँ ये है तो यहाँ भी होना ही चाहिए ऐसा बिलकुल नहीं है।" - ये विचार पूर्णतः विकिनीतियों के ख़िलाफ़ है। विकिपीडिया पर आम सहमति भरोसेमन्द स्रोतों के आधार पर पहुँची जाती है, न कि आपकी, या किसी और की ज़ाती भावनाओं (या मूलशोध) पर। यहाँ मैंने कई स्रोत दिए जिनके मुताबिक़ यह साबित हुआ है कि आधुनिक हिन्दी में देवनागरी अंकों का प्रयोग बहुत कम है, इसलिए इन अंकों को विकिपीडिया पर थोपने का कोई जायज़ कारण नहीं है।
"हिन्दी देवनागरी अंको में लिखी जाती है और देवनागरी वर्णमाला और अंक इसके आरंभ से ही है अतः कभी भी इसे थोपा हुआ नहीं कहा जा सकता।" ग़लत। पहले से ही कह चुकी हूँ कि अंग्रेज़ी, स्पेनी, डच, आदि तो रोमन लिपि में लिखी जाती है, तो क्या इन भाषाओं की विकिपीडियाओं पर रोमन अंकों (I, II, III, IV, V, आदि) का इस्तेमाल किया जाना चाहिए?
कुछ और मिसालें: थाई लिपि के अपने अंक भी होते हैं - ๐, ๑, ๒, ๓, ๔, आदि - लेकिन आप इनको थाई विकी पर नहीं थोप सकते हैं क्योंकि आधुनिक थाई ज़बान के प्रकाशनों में अरबी अंकों का इस्तेमाल सबसे आम है। सिरिलिक लिपि की भी अपनी अंक प्रणाली है लेकिन रूसी, युक्रेनी, आदि विकिपीडियाओं पर आप इन अंकों को थोप नहीं कर पाएँगे। वैसे ही, आप देवनागरी अंकों को हिन्दी विकिपीडिया पर नहीं थोप सकेंगे।
जहाँ सम्मान की बात है, तो मुझे सहमत है कि आपस में सम्मान रखना बहुत ही ज़रूरी है। लेकिन सबसे ज़रूरी ये है कि हम विकिपीडिया और इसकी नीतियों का सम्मान करें। इन नीतियों से ही विकिपीडिया का जन्म हुआ और इसका विकास इन्हीं के तहत पर होना चाहिए।
इस बात पर भी ग़ौर किया जाए कि विकी एक लोकतंत्र नहीं है - मैं हमारी विकिनीति का हवाला देती हूँ:
"कभी-कभी सम्पादक एक दूसरे के मत जानने के लिए छोटी-मोटी गिनतियाँ कर लेते हैं लेकिन इनके नतीजे सहमती बनाने का इकलौता मार्ग बिलकुल नहीं हैं।" - "औपचारिक चुनाव केवल सदस्यों को कमेटियों के लिए चुनने में प्रयोग होते हैं। सम्पादन में इनके ज़रिये ज़बरदस्ती फ़ैसले करवाने की कोशिश न करें।"
तो इस नीति की बुनियाद पर ये सारे बेवजह और स्रोतहीन वाले "समर्थन" वोट का इस चर्चा में क्या मतलब हो सकता है? सादर, --सलमा महमूद (वार्ता) 12:49, 20 अक्टूबर 2017 (UTC)
सलमा महमूद जी, आपने लिख-लिखकर पूरा पन्ना भर दिया है किन्तु मैं ढूढ़ रहा था कि इसमें कोई 'ठोस तर्क' मिले। आपने 'विकिपीडिया लोकतन्त्र नहीं है', 'मूल शोध', पत्रपत्रिकाओं में रोमन अंकों का प्रयोग आदि सब कुछ यहाँ डाल दिया है। इनमें से सारे सिद्धान्त अपनी जगह पर सत्य हैं किन्तु कौन सा सिद्धान्त कहाँ लगेगा, यह नहीं जानतीं या जानबूझकर उनका गलत सन्दर्भ में प्रयोग कर रहीं हैं। उदाहरण के लिये, 'विकिपीडिया लोकतन्त्र नहीं है' - इसका उपयोग करके हम कह सकते हैं कि रूसी, थाई या इथियोपियाई, दिल्ली विश्वविद्यालय, या झुमरी तलैया विश्वविद्यालय यदि रोमन अंकों का प्रयोग कर रहें हैं तो करें। यदि देवनागरी प्रयोग के अन्य औचित्य हैं तो इसमें संख्या (वोट) नहीं गिनी जायेगी। इसमें भोंदी नकल नहीं की जायेगी (सिरिलिक संख्याओं/रोमन संख्याओं और देवनागरी संख्याओं में अन्तर आपको पता नहीं है क्या?) इसी तरह विकिपीडिया पर देवनागरी अंकों का प्रयोग मूलशोध नहीं है बल्कि विकिपीडिया की मूल भावना के अनुरूप है। मैं ये क्यों कह रहा हूँ? इसलिये कि विकिपीडिया हजारों नहीं तो सैकड़ों भाषाओं का समर्थन करने की नीति का पालन करती है। आपकी नीति पर चलती तो विकि कहती कि 'सारी दुनिया अंग्रेजी बोलती है, केवल अंग्रेजी विकि ही पर्याप्त है।' लेकिन ऐसा नहीं है। यहाँ तक कि यदि कोई भाषा कई लिपियों में लिखी जाती है तो उनके लिए विशेष प्रबन्ध किया है। यूनिकोड कान्शोर्शियम को देवनागरी अंकों के लिये यूनिकोड निर्धारित करने की क्या आवश्यकता थी? आपके अनुसार तो देवनागरी 'मर' गयी है। सलमा जी, देवनागरी अंक संस्कृत में प्रयुक्त होते हैं, मराठी में प्रयुक्त होते हैं, नेपाली में प्रयुक्त होते हैं। वे लोग पूछेंगे कि हमारे देवनागरी अंक किससे कम हैं, तो आप क्या उत्तर देंगी? सलमा जी, लिपि संरक्षण/भाषा संरक्षण एक पवित्र कार्य है जिसे आज पूरा विश्व समर्थन करता है। आश्चर्य नहीं कि अपनी विकि पर भी अधिकांश सदस्यों ने देवनागरी अंकों के प्रयोग का समर्थन किया है। --अनुनाद सिंह (वार्ता) 07:40, 22 अक्टूबर 2017 (UTC)
कुछ महत्वपूर्ण बातें छूट गयीं थीं, उन्हें भी लिख दूँ। जब आप लिखतीं हैं कि यह 'ज्ञानकोश है, मन्दिर नहीं' - तो आपका अज्ञान बरबस सामने आ जाता है। आपको 'ज्ञानकोश' का अर्थ ही पता नहीं है। आप नहीं जानतीं कि 'त्रिभुज कखग एक समकोण त्रिभुज है' और 'Triangle ABC is a right angled triangle' - इन दोनों में ज्ञानकोश की दृष्टि से कोई अन्तर नहीं है। आप यह भी 'अरबी अंको' के जिहाद में यह भी भूल गयीं हैं कि शून्य सहित दस अंकों का विकास, दाशमिक संख्या पद्धति, आदि भारतीयों ने किया था। गंगा में नहा-नहाकर, मंदिर में पूजा करके, संस्कृत के श्लोकों में जो बातें लिख दीं वे आज भी आश्चर्यजनक लगतीं हैं। आपको जानकर बड़ा दुख होगा कि ये अंक ही यात्रा करके इटली, स्पेन तक पहुंचे तो उन्हें इनके प्रयोग में अपूर्व आनन्द आया किन्तु कूपमण्डूकता के चलते उन्होने इन्हें 'अरबी अंक' कह दिया।
दूसरी बात यह कि जब आप 'रोमन अंक बहुत प्रचलित हैं, रोमन अंक बहुत प्रचलित हैं' का ढिढोरा बजाती हैं तो मुझे ब्रिटिश काल के उन लोगों के ढिढोरे की याद आती है जो 'ब्रिटेन का सूरज कभी नहीं डूबता' का ढिढोरा पीट-पीटकर स्वतन्त्रता सेनानियों का मनोबल कम करने का मनोवैज्ञानिक युद्ध लड़ रहे थे। किन्तु उन मनस्वियों को पता था कि गुब्बारा जितना फूला हो, सुई से उसमें छेद करके उसकी 'हवा निकालना' उतना ही आसान होता है। --अनुनाद सिंह (वार्ता) 09:09, 22 अक्टूबर 2017 (UTC)
सदस्य:Anamdas जी,
लिपि और अंकप्रणाली दो अलग चीज़ें हैं। आपने अब स्वयं अपना उद्देश्य को व्यक्त किया है: आप हिन्दी लेखन की मौजूदा सूरतेहाल को तब्दील करना चाहते हैं। विकिपीडिया पर योगदान देने से हम सब के निजी उद्देश्य हो सकते हैं और इसलिए विकिपीडिया की नीतियाँ मौजूद हैं। सो अनामदास जी, अगर हिन्दी में लिखी गई स्कूल और युनिवर्सिटी टैक्स्टबूक में अरबी अंकों का प्रयोग सबसे ज़्यादा है - तो यहाँ पर आप देवनागरी अंकों को क्यों थोपना चाहते हैं? पहले बाहर जाइए, इस देवनागरी अंकप्रणाली का हिन्दी लेखन में पुनःप्रचलन करिए, और फिर वापस आइए और स्रोतसबूत के साथ साबित करिए कि अब हिन्दी लेखन में किस अंकप्रणाली सर्वप्रचलित है।
सदस्य:अनुनाद सिंह जी,
अगर मेरा सदस्यनाम "सीमा मेहता" था न कि "सलमा महमूद" तो क्या आप फिर भी बारम्बार मुझपर "जिहाद" करने का आरोप लगाते? आप मुद्दे पर चर्चा करने के बजाय ज़ाती आक्षेप करना चाहते हैं और हमेशा अपनी घटिया सियासत के तहत गालियाँ देना चाहते हैं। ज़रा माफ़ कीजिए लेकिन मैं आपके स्तर तक नहीं गिरने वाली हूँ। लो आप अज्ञान की बात कर रहे हैं, इसके पहले रोमन अंक (i, ii, iii, iv, v...) और अरबी अंक (1, 2, 3, 4, 5...) में अन्तर के बारे में जानिए। बेशक देवनागरी ज़िन्दा है, ये तो ज़ाहिर सी बात है। मैंने कब कहा कि देवनागरी मर चुकी है? बस ये कि आधुनिक हिन्दी लेखन में एक अलग अंकप्रणाली अब प्रचलित है। इस बात को मैंने स्रोतसबूत के साथ साबित कर दिया है।
मुद्दे पर बात करें:
अनुनाद जी ने बिलकुल ग़लत समझा, या वे जानबूझकर भ्रामक बातें कर रहे हैं। मेरी नीति नहीं, बल्कि विकिपीडिया की नीति स्पष्ट है: हम विश्वसनीय तृतीय पक्ष स्रोतों के अनुसार कार्य करते हैं न कि "मूल भावनाओं" पर। विश्वसनीय तृतीय पक्ष स्रोतों का लोकतंत्र या मूलशोध से कुछ नहीं लेना देना है। ये सारे बातें जो अनुनाद जी कर रहे हैं सब मूलशोध की सबसे उत्तम मिसालें हैं -
"आपको जानकर बड़ा दुख होगा कि ये अंक ही यात्रा करके इटली, स्पेन तक पहुंचे तो उन्हें इनके प्रयोग में अपूर्व आनन्द आया किन्तु कूपमण्डूकता के चलते उन्होने इन्हें 'अरबी अंक' कह दिया।" तो?? अब यही अरबी अंकप्रणाली हिन्दी लेखन में सर्वव्यापक है। अनुनाद जी ने बड़ी चालाकी से इस बात को किसी अप्रासंगिक ब्रिटिश चीज़ से तुलना किया है, क्योंकि वे इसे हरगिज़ ग़लत साबित नहीं कर पाएँगे। विकिपीडिया देवनागरी अंकप्रणाली का पुनःप्रचलन करने के लिए जगह नहीं है।
सौ बार कहकर थक चुकी हूँ, --सलमा महमूद (वार्ता) 12:08, 22 अक्टूबर 2017 (UTC)
सलमा जी, मैने आपको 'जिहादी' कहा है कोई 'नादिरशाह की बुआ' या 'औरंगजेब की दीदी' नहीं कहा। 'जिहाद' पर इतना लाल-पीला होने से पहले आप एक बार वह भी पढ़ लीजिए जो आपने स्वयं आर्यावर्त के लिये लिखा है। (( आर्यवर्त, मैं पहले से ही कह चुकी हूँ कि यह ज्ञानकोश है, मंदिर नहीं। आपके सदस्यनाम से ही साफ़ है कि विकी पर आपकी मौजूदगी का मक़सद क्या है। नाम ही तो एक फ़ासीवादी आन्दोलन से जुड़ा है।))
सलमा जी, विकिपीडिया वालों को समझाइये कि 'रोमन के साम्राज्य में कभी सूर्यास्त नहीं होता (मैं सौ बार कह चुकी हूँ)' , क्यों इतनी सारी लिपियों में विकि लिखवा रहे हो!!
सलमा जी, 'विकि लोकतन्त्र नहीं है', 'मूलशोध', 'स्रोत' आदि का मतलब एक बार फिर पढ़ लीजिए।
अनुनाद सिंह (वार्ता) 12:42, 22 अक्टूबर 2017 (UTC)
सलमा जी ये 'अंक प्रणाली' क्या होती है? थोड़ा प्रकाश डालिये ना? 'लिपि और अंकप्रणाली दो अलग चीज़ें हैं।' - इस पर थोड़ा और प्रकाश डलिये ना? मैंने तो देखा है कि विकिपीडिया पर जिस भी लिपि का लेख लिखा गया है, उसी के साथ उस लिपि में प्रयुक्त अंक-संकेतों (या संख्या संकेतों) का भी वर्णन किया गया है। जरा ये भी बताइयेगा कि जो चर्चा चल रही है वह अंकों के बारे में है, संख्याओं के बारे में है, अंक-संकेतों के बारे में है, संख्या-प्रणाली के बारे में है या किसी और बारे में?-- अनुनाद सिंह (वार्ता) 12:58, 22 अक्टूबर 2017 (UTC)
साफ़ है कि उपरोक्त चर्चा में आर्यवर्त ने सनातन धर्म के कथित महान और गौरवपूर्ण इतिहास के बारे में बयान दिया। उन्होंने भारत के मुसलमानों की तुलना एक राक्षस हिरण्यकशिपु से किया था, जैसे कि सारे मुसलमान हिन्दू धर्म, संस्कृति, इतिहास, मन्दिर, आदि को नष्ट करना चाहते थे। ये सारे सांप्रदायिक आक्षेप उन्होंने स्वय्ं व्यक्त किया। फिर भी मैंने आपसे और उनसे भी कहा कि मुझे सियासत के बारे में बहस नहीं करनी है।
अनुनाद जी, आपने मुज़म्मिल के साथ ऊपर की चर्चा में बंगाली, उर्दू और फ़ारसी विकियों की अंकप्रणालियों का ज़िक्र किया। आम बंगाली मीडिया में आप देख सकते हैं कि पूरबी नागरी अंकों (১, ২, ৩, ৪, आदि) का प्रयोग ज़्यादा है - आनन्दाबाज़ार बीबीसी बंगाली बांग्लादेश सरकार बांग्ला अकादमी पश्चिम बंगाल सरकार - इसलिए इनके इस्तेमाल बंगाली विकी पर भी हो रहा है। फ़ारसी के हालिया प्रकाशनों में पूरबी अरबी अंकों (۲, ۳, ۴, ۵, आदि) का इस्तेमाल भी सबसे व्यापक है, इरानी हकूमत वोआन्यूज़ एरान अख़बार फ़ारस न्यूज़, इसलिए इनके इस्तेमाल फ़ारसी विकी पर भी हो रहा है। लेकिन उर्दू में पश्चिमी अरबी अंक ज़्यादा प्रयुक्त है और इसलिए उर्दू विकी पर उन अंकों का प्रयोग हो रहा है। वैसे ही हम देख सकते हैं कि हिन्दी की आम मीडिया में भी पश्चिमी अरबी अंक ज़्यादा नज़र आते है, और इसलिए हिन्दी विकी पर देवनागरी अंकों को लागू करने के लिए कोई कारण नहीं है। --सलमा महमूद (वार्ता) 13:29, 22 अक्टूबर 2017 (UTC)
सलमा महमूद जी, मैं तो यह देख रहा हूँ कि आर्यावर्त और नेहल दोनो बार-बार आपसे 'जबान संभाल के' बात करने का निवेदन कर रहे हैं और आप उनको तरह-तरह की गालियाँ (फालतू, बेकार, शुद्धतावादी, ऐक्टिविज्म, गंगाजल आदि) दिये जा रहीं है। मुझे तो लग रहा है कि आप अपने नाम (स्त्री नाम) का भरपूर दुरुपयोग कर रहीं हैं।
फिर आपने रटी-रटायी बातें लिख दीं। यदि विकिपीडिया पर 'प्रचलन' कोई आधार होता तो संस्कृत विकि, लैटिन विकि, भोजपुरी विकि आदि नहीं होते। भोजपुरी का तो लिखित 'साहित्य' लगभग शून्य है।
पुराने प्रश्न फिर पूछ रहा हूँ। चर्चा आगे बढ़े इसके लिये कृपया बताएँ कि जो चर्चा चल रही है वह अंकों के बारे में है, संख्याओं के बारे में है, अंक-संकेतों के बारे में है, संख्या-प्रणाली के बारे में है या किसी और बारे में? यह 'ज्ञानकोश' की आपकी समझ जानने के लिये यह भी जानना चाहता हूं कि कोई लिख दे कि 'त्रिभुज कखग का क्षेत्रफल १२ वर्ग सेमी है' तो क्या यह 'अज्ञानकोशीय' हो जायेगा?
अनुनाद सिंह (वार्ता) 14:17, 22 अक्टूबर 2017 (UTC)

दिशा[संपादित करें]

मेरे विचार से यह चर्चा गलत दिशा में जा रही है। हिंदी भाषा की शुद्धता तो केंद्रबिंदु था ही नही। अंको की लिपि था। जो।भी तर्क इसके समर्थन अथवा विरोध में दिए जा रहे है वो सीधे सीधे भावनाओ से प्रेरित है न कि ठोस तथ्यों से। कृपया सभी अपनी निजी भावनाओ को किनारे कर इस विषय से सीधी संबंधित बात करे तो निष्कर्ष पर पहुंचना सरल हो पायेगा। दो प्रश्न भी यहाँ महत्वपूर्ण है। १) ऐसा किया ही क्यों गया था? @SM7: आपके द्वारा दिये गए phab से कुछ जानकारी तो मिलती है परंतु स्पष्टता नही है। इसका एक कारण शायद यह भी है कि वहाँ दी गयी बहुत सी कड़िया अब उपस्थित नही है। अगर इसका एक संक्षिप्त विवरण दे सके तो सहायक होगा। २) अरबी अंको को प्राथमिकता देने से क्या लाभ है और देवनागरी अंको को समाप्त करना क्यों आवश्यक है? क्या देवनागरी अंको से कोई हानि होती है? Capankajsmilyo (वार्ता) 11:34, 14 अक्टूबर 2017 (UTC)

आपकी बात पूर्णतः सहमत हूँ कि यह चर्चा देवनागरी अंकों के हिन्दी विकि पर उपयोग के बारे में है। इससे किसी ने विषयान्तर कर दिया तो उत्तर देना मुझे आवश्यक लगा। विषयान्तर करने में मैं भी सहयोगी बना, इसके लिए क्षमा चाहता हूँ। चर्चा को पटरी पर लाने के लिए आपका धन्यवाद।--अनुनाद सिंह (वार्ता) 03:55, 15 अक्टूबर 2017 (UTC)

presenting the project Wikipedia Cultural Diversity Observatory and asking for a vounteer in हिन्दी Wikipedia[संपादित करें]

Hello everyone,

My name is Marc Miquel and I am a researcher from Barcelona (Universitat Pompeu Fabra). While I was doing my PhD I studied whether an identity-based motivation could be important for editor participation and I analyzed content representing the editors' cultural context in 40 Wikipedia language editions. Few months later, I propose creating the Wikipedia Cultural Diversity Observatory in order to raise awareness on Wikipedia’s current state of cultural diversity, providing datasets, visualizations and statistics, and pointing out solutions to improve intercultural coverage.

I am presenting this project to a grant and I expect that the site becomes a useful tool to help communities create more multicultural encyclopaedias and bridge the content culture gap that exists across language editions (one particular type of systemic bias). For instance, this would help spreading cultural content local to हिन्दी Wikipedia into the rest of Wikipedia language editions, and viceversa, make हिन्दी Wikipedia much more multicultural. Here is the link of the project proposal: https://meta.wikimedia.org/wiki/Grants:Project/Wikipedia_Cultural_Diversity_Observatory_(WCDO)

I am searching for a volunteer in each language community: I still need one for the हिन्दी Wikipedia. If you feel like it, you can contact me at: marcmiquel *at* gmail.com I need a contact in your every community who can (1) check the quality of the cultural context article list I generate to be imported-exported to other language editions, (2) test the interface/data visualizations in their language, and (3) communicate the existance of the tool/site when ready to the language community and especially to those editors involved in projects which could use it or be aligned with it. Communicating it might not be a lot of work, but it will surely have a greater impact if done in native language! :). If you like the project, I'd ask you to endorse it in the page I provided. In any case, I will appreciate any feedback, comments,... Thanks in advance for your time! Best regards, --Marcmiquel (वार्ता) 21:49, 9 अक्टूबर 2017 (UTC) Universitat Pompeu Fabra, Barcelona

टूल[संपादित करें]

यह टूल उन पृष्ठों की सूची देता है जिन्हें सबसे ज़्यादा देखा जा रहा है। क्योंकि इनकी लोकप्रियता बाकी पृष्ठों से अधिक है तो इनके रखरखाव तथा सुधार की आवश्यकता भी बाकी पृष्ठों से अधिक हो जाती है। क्या इस विषय में चरणबद्ध एवं लक्ष्यकेन्द्रित पद्यति से कोई कार्य किया जा सकता है? Capankajsmilyo (वार्ता) 11:04, 10 अक्टूबर 2017 (UTC)

इन्हें सुधारने और विस्तार करने का कार्य तो किया जा सकता है, लेकिन जिन विषयों पर रुचि न हो, उस विषय से जुड़े लेखों का विस्तार और सुधार कठिन हो जाता है। सुधालेख वाली परियोजना से भी इस कारण कोई लाभ नहीं हुआ। -- (वार्ता) 12:44, 21 अक्टूबर 2017 (UTC)

मुझे कोई अनुमति चाहिए[संपादित करें]

मै दिन भर हिंदी विकिपीडिया में एडिट करता हूं और लेख भी लिखता हूं, क्या आप मुझे कोई अनुमति देंगे मै सही लेख लिखता हूं और सही संपादन करता हूं आप मुझे "बाट समूह", "स्वतःपरीक्षित सदस्य" , "रोलबैकर" , "पुनरीक्षक" या कुछ भी अनुमति दे दीजिए ताकि मै दिन भर हिंदी विकिपीडिया के देख रेख कर सकू इसकी वजह यह है कि बहुत से लोग गलत गलत संपादन करते है और मै दिन भर यही देखते रहता हूं मैंने दो लेख भी लिखा है मै अपने इस अनुमति का गलत उपयोग नहीं करूंगा जो हिंदी विकिपीडिया के खिलाफ हो।मुझे लगता है कि हिंदी विकिपीडिया इंग्लिश विकिपीडिया जैसे सुरक्षित नहीं है इसमें कोई भी कुछ कर देता है और इसका सुधार करने वाले बहुत कम अनुमति वाले है मुझे ये अनुमति मिल जाएगा तो मै दिन भर हिंदी विकिपीडिया में गलत संपादित करने वालो की सुधार करूंगा। धन्यवाद्। मेडफॉर्यूसंदेश छोड़े! 12:45, 10 अक्टूबर 2017 (UTC)

आपका खाता केवल कल ही बनाया गया है। कृपया और अनुभव पाएँ। वैसे भी ऐसे अधिकार नहीं दिया जाता है। कृपया अपने सकारात्मक योगदान जारी रखें। आपको खुद नामांकित किया जाएगा।--हिंदुस्थान वासी वार्ता 14:14, 10 अक्टूबर 2017 (UTC)
 : हिंदुस्थान वासी माननीय प्रबन्धक महोदय जी मैंने देखा कि शिवम कुमार श्रीवास्तव के नाम से तीन पृष्ठ बनाए गए है और सदस्य अपने नाम का प्रष्ठ बना रहा है और ये विकिपीडिया के नियम के आधीन है कृपया आप इसकी जांच करिए और मुझे कुछ आज्ञा दीजिए मैंने आवेदन पृष्ठ पर आवेदन किया है बाट का और पुनः रक्षित का तो मै ऐसे फाल्तू के पृष्ठ बनाने वालो को बता सकूं और हटाने के लिए नामांकन कर सकू मै दिन भर यही करता हूं विकिपीडिया में दिन बाहर चालू रहता हूं मेरा कोई काम नहीं है मेरा काम यही है कि मै हिंदी विकिपीडिया में ध्यान रख सकू और मैंने कुछ पृष्ठ बनाए हैं और कुछ संपादन किया है जो एक दम सत्य है भले मेरा खाता एक दिन पूराना है पर मुझे अनुभव बहुत है और मै विश्वास योग्य हूं आप मेरे ऊपर एक महीने के लिए भरोसा करिए और सिर्फ मुझे एक महीने के लिए कोई हक दीजिए बाट का चाहे पुनः रक्षित का मै अपना काम अच्छे से करूंगा और तारीफ के लायक काम करूंगा।धन्यवाद मध्य प्रदेशसंदेश छोड़े! 07:57, 13 अक्टूबर 2017 (UTC)

सहायता[संपादित करें]

  • माननीय प्रबंधक महोदय मैंने ये खाता बनाया है नया मुझे इसे अब हमेशा चलाना है मै अच्छे से संपादन करूंगा पहले मै सदस्य:MadeforU चलाता था पर मैंने अब नया खाता बनाया है जिसे मै अब हमेशा चलाऊंगा अगर मै अब कोई भी खाता बनाऊ तो आप उसे बंद कर सकते है मुझ पर एक बार भरोसा करिए मै अब कोई अन्य खाता नहीं बनूंगा कृपया मेरा खाता सुनक्षित करिए।
  • और मै किसी के भी द्वारा किए गए संपादन को "वापस नहीं कर पा रहा हूं(Reverted) क्या आप इसमें मेरी कोई मदद कर सकते है।नमनसंदेश छोड़े! 12:45, 10 अक 03:20, 11 अक्टूबर 2017 (UTC)
d इंडिया जी आप सब कुछ जानते हैं।--आर्यावर्त (वार्ता) 04:34, 11 अक्टूबर 2017 (UTC)
आपके परिचय पृष्ट से पता चलता है कि आप 'उन्नत हिन्दी' में योगदान कर सकते हैं। लेकिन लेखों को देखने से पता चलता है कि कम्प्यूटर द्वारा अनुवाद करके बनाये गये हैं और उनकी भाषा 'मशीनी' भाषा है। इसका क्या कारण है? अनुनाद सिंह (वार्ता) 05:45, 11 अक्टूबर 2017 (UTC)
  • @अनुनाद सिंह: जी, इसका कारण यह है कि कुछ लेख खुद लिख रहा हूं और जो समझ में नहीं आता उसे कम्प्यूटर द्वारा अनुवाद कर रहा हूं पर सब मैंने सही सही ही लेख लिखा है और मैंने भी देखा कि मैंने जो लेख लिखे है वो मशीनी भाषा लग रहे है, पर मै इस पर काम कर रहा हूं और सारे लेखों को सुधारने की कोशिश में लगा हूं जहा तक है मै दो से तीन दिन के अंदर सब सही कर दूंगा और जहां तक है कुछ दिनों में इंग्लिश विकिपीडिया में जितने लेख है उतने ही अपने हिंदी विकिपीडिया में भी होंगे और मै उसी कोशिश में लगा हूं। नमनसंदेश छोड़े! 12:45, 10 अक 08:12, 11 अक्टूबर 2017 (UTC)

मै लॉगिन कहे नहीं कर पा रहा हूं[संपादित करें]

माननीय प्रबन्धक महोदय जी, मै लॉगिन कहे नहीं कर पा रहा हूं लॉगिन करने पे मेरा खाता वैश्विक रूप से अवरुद्ध बता रहा है मुझे कारण बता सकते है? मैंने क्या गलती किया है मैंने अपने मेहनत से इतने सारे लेख लिखे है मैंने कोई गलती भी नहीं किया है तो क्यों लॉगिन नहीं कर पा रहा हूं । नमन मिश्रा — इस अहस्ताक्षरित संदेश के लेखक हैं -2405:204:e187:5295:e1e4:dd9b:d15a:6e35 (वार्तायोगदान) 17:41, 11 अक्टूबर 2017 (UTC)

ये हो क्या रहा है क्या कोई मुझे इसकी जानकारी देगा[संपादित करें]

क्या मेरी कोई मदद करेगा मुझे लेख लिखना है पर मेरा खाता नहीं खुल रहा है तो मैंने दूसरा खाता बनाया है और मेरा खाता क्यों नहीं खुल रहा मुझे इसकी जानकारी चाहिए मैंने कुछ गलती भी नहीं किया है मैंने अपना काम सिर्फ सही किया है और मै सच्चा हूं भरोसे के लायक हूं, कोई मुझे बताएगा की मेरा खाता क्यों नहीं खुल रहा है मेरा खाता है जो नहीं खुल रहा है MadeforU और नमन मिश्रा दोनों वैश्विक रूप से अवरुद्ध बता रहा है लॉगिन करने पर जबकि किसी ने अवरुद्ध नहीं किया है तो भी मै परेशान हूं, जब मैंने लॉगिन करके कुछ लेख और संपादन करता था तो अपने आप लॉग आउट हो जाता था और बताता था कि आप अंदर से लॉगिन कृपया फिर से रिलोड करिए और मेरे साथ कल से ये हो रहा था फिर जब मैंने रिलोड किया तो लॉगिन करने को बोला और मैंने जैसे ही लॉगिन किया फिर वो गलत पासवर्ड बताने लगा फिर पासवर्ड मैंने फॉरगेट किया और जैसे ही नया पासवर्ड डाला तो वाश्विक रूप से अवरुद्ध बताने लगा जबकि किसी ने मेरा खाता अवरुद्ध नहीं किया तो भी इसलिए मैंने फिर ये खाता बनाया है मुझे माफ़ करिए आखिरी बार "प्रबन्धक" महोदय मेरा खाता नहीं खुल रहा था इसलिए मैंने ये खाता बनाया इतना मुसीबत आप भी समझ सकते है मुझे माफ़ करिए अब मै कोई खाता नहीं बनाऊंगा। मैंने इतने सारे लेख लिखे है जो खाते नहीं खुल रहे है उनसे मुझे इसकी जानकारी दीजिए "माननीय प्रबन्धक महोदय जी"। धन्यवाद मध्य प्रदेशसंदेश छोड़े! 04:32, 12 अक्टूबर 2017 (UTC)

बॉट की आवश्यकता[संपादित करें]

हिंदी विकिपीडिया पर अनेक पृष्ठ है जहां उन चित्रो को अंकित किया गया है जो है ही नही। उदहारण के लिये अहोई अष्टमी को देखें। क्या इसके लिए एक बॉट का प्रबंध करना चाहिए? Capankajsmilyo (वार्ता) 05:17, 12 अक्टूबर 2017 (UTC)

जी मै आपकी बातों से सहमत हूं मैंने भी पहले यही कहा था कि हिंदी विकिपीडिया में बहुत से पृष्ठ ऐसे भी है जो है ही नहीं , इसमें कोई भी कितने समय ऐसा पृष्ठ बना देता है जिसको देखने वाला कोई नहीं है कि क्या ये सत्य है भी या नहीं, और मैंने ये भी देखा की हिंदी विकिपीडिया में जितने लेख है एक दम थोड़े थोड़े है और कोई बनाया भी है लेख पृष्ठ वो देखने से भी अच्छा नहीं दिखता , देखने भी से लगना चाहिए कि जितनी सुन्दर अपनी हिंदी मातृभाषा है उतने ही सुन्दर हिंदी विकिपीडिया के पृष्ठ हो मै ये चाहता हूं और अगर मुझे ये कार्यभार मिल जाता है तो मै 1महीने के अंदर हिंदी विकिपीडिया के जितने लेख है सबको सुधार कर डालूंगा, आप मुझे सिर्फ एक महीने के लिए बॉट और पुनरिक्षित का पद दे के देखिए मै कैसे हिंदी विकिपीडिया को सुन्दर और सहज बना देता हूं मुझ पर एक बार भरोसा कीजिए, और मैंने इस बात के लिए अपने आप को चुना है कि मै ये बाट का कार्यभार संभाल सकता हूं मै हिंदी विकिपीडिया में दिन भर देख रेख करते रहता हूं क्या मेरी बात से आप सहमत है। अगर सहमत है तो मुझे बाट का कार्य सौंपने का सहमत दे। धन्यवाद मध्य प्रदेशसंदेश छोड़े! 05:57, 12 अक्टूबर 2017 (UTC)

आंतरविकि उत्पात ?[संपादित करें]

Mahitgar (वार्ता) 13:52, 12 अक्टूबर 2017 (UTC)
इन्होंने जितने संपादन किए है उसे कृपया आप हटा दीजिए। मध्य प्रदेशसंदेश छोड़े!

मुझे आपकी मदद चाहिए[संपादित करें]

हिंदुस्थान वासी वार्ता माननीय प्रबन्धक महोदय जी मैंने कुछ आवेदन किया है कृपया आप आवेदन पृष्ठ को देखे मैंने बाट और कुछ अधिकार के लिए आवेदन किया है कृपया आप उसे देखिए और अपना विचार बताइए। मै देखता हूं कि हिंदी विकिपीडिया में ऐसे बहुत से सदस्य है जो फाल्तू लेख लिखे है और इधर उधर का संपादन करते रहते है और उनके संपादन को देखने वाले बहुत कम लोग है।क्योंकि सब अपने काम में लगे रहते है मै देखता हूं जितने यह अधिकार वाले सदस्य है अपना काम अच्छे से नहीं कर रहे है कृपया आवेदन पृष्ठ देखिए और मेरा आवेदन स्वीकार कीजिए मै दिन भर विकिपीडिया में देख रख करूंगा कृपया आप मुझे सिर्फ एक महीने के लिए ये अधिकार दे के देखिए मै प्रशंसनीय कार्य ही करूंगा। मध्य प्रदेशसंदेश छोड़े! 17:07, 12 अक्टूबर 2017 (UTC)

मुझे क्यों अवरुद्ध किया जा रहा है[संपादित करें]

मुझे क्यों अवरुद्ध किया जा रहा है मैंने इतने सारे लेख लिखे है जो के एकदम सही है मैंने विकिपीडिया के नियम के खिलाफ कोई भी काम नहीं किया है आप मुझे बताएं मेरा योगदान देख लीजिए मैंने कोई गलत कुछ किया हो तो फिर मुझे अवरुद्ध कीजिए। मध्य प्रदेशसंदेश छोड़े! 16:38, 13 अक्टूबर 2017 (UTC)

प्रबन्धक सूचनापट[संपादित करें]

ध्यान दें, विकिपीडिया:प्रबन्धक सूचनापट में एक नई चर्चा शुरू हुई है। कृपया अपनी राय दें।--हिंदुस्थान वासी वार्ता 16:50, 13 अक्टूबर 2017 (UTC)

नाम परिवर्तन[संपादित करें]

नमस्कार, मैं पिथौरागढ़ तहसील पर लेख बना रहा था, परन्तु भूलवश मुझसे उसका नाम पिथौरगढ़ तहसील हो गया। यह नाम अब ठीक कैसे हो सकता है? - वरुण (वार्ता) 09:46, 14 अक्टूबर 2017 (UTC)

YesY पूर्ण हुआ -- आपका प्रयास सराहनीय है, लेख बनाते रहें, हिन्दीविकि पर आपका स्वागत है। नाम ठीक कर दिया गया है -- सुयश द्विवेदी (वार्ता) 10:41, 14 अक्टूबर 2017 (UTC)
धन्यवाद सुयश जी। - वरुण (वार्ता) 10:44, 14 अक्टूबर 2017 (UTC)

खोज संयन्त्र[संपादित करें]

--मुज़म्मिलुद्दीन (वार्ता) 17:12, 15 अक्टूबर 2017 (UTC)

प्रोजेक्ट ग्रांट के जवाब[संपादित करें]

अनजाने में कुछ लोग समुदाय को गुमराह कर रहे हैं। अगर समीक्षा का समय अक्टूबर में शुरू होता हैं, और हमने चर्चा उसके एक महीने पहले ही शुरू कर दी - तो यह बात अच्छी है, आलोचना / समीक्षा के लिए ज्यादा समय मिलता है।

https://meta.wikimedia.org/wiki/Grants:IdeaLab/Hindi_Wikipedia_Outreach

अमेरिका में World Hindi Secreteriat , Hindi Raajbhaasha Department जैसी संस्थाओ के साथ साझेदारी - इसके ऊपर प्रतिक्रिया, आलोचना, सुझावों का स्वागत है

बिना बताये कुछ हुआ - यह आरोप बेबुनियाद है, बताने के लिए जो तिथि तय की गयी थी - उसके एक माह पहले ही चर्चा चौपाल पे शुरू हो गयी थी।

समीक्षा में दुनियाभर से लोग शामिल होते है, आप भी इसमें शामिल हो सकते है।


प्रस्ताव में बजट को आखरी समय मे जोड़ा गया, उस पर सही ढंग से चर्चा नहीं कि गयी, इसी लिए यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

 १) प्रस्ताव फाउंडेशन के पास भेजा जाता है 

२) फाउंडेशन उसकी पात्रता निकषों के आधार पर तय करती है 

३) पात्र प्रकल्प समुदाय के सामने रखे जाते है 

पात्रता के पहले चर्चा की जाए, और प्रकल्प पात्र ही ना हो - तो समुदाय का समय बरबाद होता है, इसी लिए समीक्षा पात्रता के बाद होती है। कुछ सदस्यों ने पात्रता के पहले ही चर्चा शुरू कर दी थी।

यह अनुदान बजट 10 रैपिड अनुदान के समतुल्य है, यदि मंजूरी दी गई है तो क्या इसका मतलब यह है कि अगले 10 या अधिक हिंदी समुदाय अनुदान रद्द कर दिया जाएगा?

(बहोत सारे लोगों को डर था की प्रोजेक्ट ग्रांट की बजह से बाकीके कार्यक्रम रद्द ना हो जाए)

प्रोजेक्ट ग्रांट प्राप्त करना रैपिड ग्रांट्स की संख्या को प्रभावित नहीं करती है, जिसके लिए एक समुदाय कभी भी आवेदन कर सकता है।कृपया ध्यान दें कि कोई भी व्यक्ति या समूह प्रोजेक्ट या रैपिड अनुदान के लिए आवेदन कर सकता है - उन्हें यूजर ग्रुप समूह के सदस्य होने की आवश्यकता नहीं है।

अनुदान देने के लिए मापदंड क्या हैं? अगर किसी व्यक्ति को कम गुणवत्ता वाले प्रोजेक्ट के लिए 100 ऐंडोर्समेंट/समर्थन मिलते हैं और अन्य कम गुणवत्ता वाले परियोजना के लिए केवल नगण्य समर्थन मिलता है, तो किस परियोजना का चयन किया जाएगा? यह वोटों पर आधारित है?

(बहोत सारे लोग इसे लोकतंत्र की तरह मानते मानते हैं।)

ग्रांट कैसे दी जाए ये वोटिंग तंत्र नहीं है और अनुदान के मूल्यांकन में छोटी भूमिका निभाता है। 

अनुदान की समीक्षा करने के लिए कई चीज़ो पर विचार किया जाता हैं। ग्रांट किसे दी जाए यह एक एक गहन समीक्षा प्रक्रिया है, जिसमें कार्यक्रम अधिकारी, विकीमीडिया स्वयंसेवकों का दल  'अनुदान समीक्षा समिति' में शामिल होता है

अनुदान प्राप्त करने के लिए हिंदी समुदाय की अधिकतम सीमा क्या है?

(सामुदायिक सदस्य तदनुसार कार्यक्रमों का चयन करना चाहते हैं)

वर्तमान में एक समुदाय को प्राप्त अनुदान की संख्या पर कोई सीमा नहीं है। 

विस्तार से जवाब : https://meta.wikimedia.org/wiki/Grants_talk:IdeaLab/Hindi_Wikipedia_Outreach#Community_questions_to_WMF

यह कार्यक्रम भारत में सस्ते में हो सकता है  

यह कार्यक्रम भारत में नहीं किया जा सकता।  विदेश से भारत में पैसे लाने के लिए भारत सरकार की अनुमति की ज़रुरत है और कोई भी भारतीय संस्था भारत के बाहर खर्चा नहीं कर सकती।  CIS एवं विकिमीडिआ इंडिया चैप्टर कर्नाटका सोसाइटी एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत है और नियमो के अनुसार वो संस्थाए भारत के बहार खर्चा नहीं कर सकती।  न्यू यॉर्क में खर्चा करना है तो उधर के कानूनी मापदंडोके हिसाब से खर्चा किया जाता है।  


१) समीक्षा / कम्युनिटी रिव्यु : यह प्रक्रिया जारी हैं और कोई भी इसमें टिपण्णी दे सकता है।  नियमो के अनुसार समीक्षा समय के पहले ही इस विषय पर चर्चा शुरू की गयी थी।  

२) आर्थिक / बजट :  विकिमीडिआ फाउंडेशन की तरफ से आर्थिक विशेषज्ञ समिति इसकी जांच करती है, और उसी के ऊपर निर्णय लिए जाते हैं। ऐसेही मिठाई बाट रहे होते तो कोई भी हवाई जहाज भी मांग लेता।  हमारे प्रोजेक्ट ग्रांट के  लिए विशेषज्ञों से बातचीत हुयी थी, और १००% स्पॉन्सरशिप लेनेकी कोशिश अभी भी चल रही है। इसमें कोई हिंदी से कोई सुझाव दे सकता है तो बेहतर ही है। भारत में और अमेरिका के मानवाधिकार में बहोत अंतर है, न्यू यॉर्क में आपको उस राज्य के नियमो के हिसाब से ही खर्चा करना पड़ता है। 

आप मुंबई के CST पे गाँव के हिसाब से चाय भी नहीं खरीद सकते, मुंबई सरकार ने जो कीमत तय की है - वही आपको भरनी पड़ती है।  

३) हटा दो / निकाल दो / पीछे लो : इसके पीछे अगर कोई एक भी कारण देता है या उसपे तथ्यों के साथ टिपण्णी देता है - तो यह परियोजना अपने आप ही की प्रक्रिया से बाद होगी। 

४) चर्चा : आप सिर्फ "हमें नहीं पूंछा" - इसी मुद्दे पे अड़े हैं, इसके आगे बढ़कर परियोजना पर भी टिपण्णी दे। 

हिंदी विकिपीडिया सशक्त है, और समीक्षा / आलोचना हर साइड से होनी चाहिए। 

मुझे बहोत ख़ुशी है की आप इसपर टिपण्णी दे रहे हैं, पर आप पिछले १५ दिन से एक ही मुद्दा बार बार लिख रहे है, आपको बुरा लगा / आपके साथ धोका हुआ ऐसे आपको लगा - यह चीज़ १० से ज्यादा बार लिखी गयी है (इसमें थोड़ा भी तथ्य रहेगा तो परियोजना अपने आप बाद की जायेगी।)   

परियोजना में क्या कमी है, यही काम कानूनी तरीकेसे कम पैसो में कैसे किया जाए इसपर भी चर्चा करे।  

क्या आपको लगता है की दुनिया भर के हिंदीवासियो तक हमारा हिंदी विकिपीडिया पोहोंचना चाहिए? इसके लिए सरकार ने हात बढ़ाया है, इसका हम समुदाय समृद्धि के लिए फायदा होगा ? -- AbhiSuryawanshi (वार्ता) 08:47, 17 अक्टूबर 2017 (UTC)

@AbhiSuryawanshi: आपने ऊपर जो भी लिखा है और हिन्दी विकिपीडिया के नाम पे या हिन्दी विकिपीडिया के लिए भारतीय मूल्य में 28 लाख की ग्रांट का प्रस्ताव ड़ाल दिया है और अब केवल समुदाय को समीक्षा करने के लिए कर रहे हैं ये स्थिति में केवल यहीं प्रतीत होता है कि ये प्रस्ताव हिन्दी विकिपीडिया समुदाय का नहीं किन्तु आपका व्यक्तिगत है। व्यक्तिगत है और आप अपने हिसाब से ही करना चाहते हैं तो आप जानिए और फाउंडेशन जाने। हमने हमारा काम कर दिया है। आपको समझ में न आया हो तो अभी भी मैं स्पष्ट रूप से बताना चाहूँगा कि ये कार्य करना है या नहीं करना है ये समुदाय को तय करने का अधिकार है, क्योंकि जो भी है समुदाय के लिए है। इसलिए समुदाय तय करे उसके बाद ही हम किसी ग्रांट के लिए प्रस्ताव डालते हैं और इसी संदर्भ में इस प्रस्ताव के विषय में समुदाय अनभिज्ञ था। समुदाय ने ये कार्यक्रम करने का आयोजन नहीं किया है और करने के लिए हम तैयार भी नहीं है। अब ये पहले प्रस्ताव डालकर समुदाय की समीक्षा के नाम से ग्रांट किसी भी हाल में लेनी ही है तो हम तैयार नहीं है। आपकी शरतों पे समुदाय नहीं चलेगा। समुदाय ने ऐसा कोई कार्यक्रम न्यू यॉर्क में करना नहीं चाहा और ये स्थिति में ग्रांट का प्रस्ताव भी सबमिट हो गया! समुदाय का मौन और कुछ सदस्यो के द्वारा स्पष्ट विरोध के बाद भी प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया। इन सब से यहीं प्रतीत होता है कि समुदाय के नाम से ग्रांट ली जा रही है और समुदाय को साथ नहीं रखा या तो समुदाय के सहमति हो न हो ये ग्रांट आपको लेनी ही है।

सब से पहला तो सवाल ही यहीं है कि जब हमने (समुदाय ने) ऐसा कोई कार्यक्रम न्यू यॉर्क में करना है और इसके लिए 28 लाख तक का खर्च करना है ऐसा निर्धारित ही नहीं किया तो आगे की समीक्षा क्यों करें? ऐसा कार्यक्रम करने की आम सहमति ही नहीं बनी थी फिर भी ये आ गया और समुदाय का उपयोग किया जा रहा है। स्पष्ट ही है कि ये कार्यक्रम करना आप चाहते है किन्तु क्या समुदाय चाहता था?--आर्यावर्त (वार्ता) 06:49, 18 अक्टूबर 2017 (UTC)

अभी भी स्पष्ट कर दूँ कि ऐसा कोई कार्यक्रम करने का हमने कोई आयोजन ही नहीं किया था फिर भी ग्रांट प्रस्ताव सबमिट हो गया तब तक हमें या तो समुदाय को पता नहीं था, न तो हम अभी ऐसा कोई कार्यक्रम करना चाहते हैं फिर भी ग्रांट प्रस्ताव वापस नहीं लिया जा रहा। जहाँ तक समीक्षा के नियमो की बात है जब हम ऐसे कोई कार्यक्रम का आयोजन करेंगे तो समीक्षा करेंगे ना। जैसे ग्रांट प्रस्ताव सबमिट हो गया वैसे भी ग्रांट भी पास हो जाये ये सब कुछ समझ से परे है। समस्या ये है कि ये सब समुदाय के नाम पे हो रहा है! समुदाय का कोई मूल्य होता तो समुदाय के द्वारा तय किए बिना ग्रांट प्रस्ताव आता ही नहीं।आर्यावर्त (वार्ता) 07:10, 18 अक्टूबर 2017 (UTC)
आपको समझ में न आया हो तो अभी भी मैं स्पष्ट रूप से बताना चाहूँगा कि ये कार्य करना है या नहीं करना है ये समुदाय को तय करने का अधिकार है इसलिए समुदाय तय करे उसके बाद ही हम किसी ग्रांट के लिए प्रस्ताव डालते हैं और इसी संदर्भ में इस प्रस्ताव के विषय में समुदाय अनभिज्ञ था।
प्रस्ताव डालने के समुदाय के अधिकार -मैं इसके बारे में पढ़ना चाहता हूँ। ऐसे कहा पे लिखा है? निति की लिंक / कड़ी मिलेगी? 
समुदाय का मौन और कुछ सदस्यो के द्वारा स्पष्ट विरोध के बाद भी प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया।
आपका वैयक्तिक विरोध मैं समझ सकता हु, कृपया अपने आप को समुदाय की आवाज के रूप में प्रस्तुत करने से रोकें।
प्रस्ताव वापस लेने के मापदंड - इसकी कड़ी मिलेगी?
-- AbhiSuryawanshi (वार्ता) 09:00, 18 अक्टूबर 2017 (UTC)
@आर्यावर्त: जी नमस्कार, जैसा कि अभी तक इस सम्मेलन के बारे में यहाँ चर्चा में पाया जा रहा है कि आप और जयप्रकाश जी के अलावा कोई अन्य सदस्य विरोध नहीं कर रहा है और जो भी बाकी कोई सदस्य टिप्पणी कर रहे है वो यही समझाने की कोशिश कर रहे है कि इस मशले को सही किया जाए लेकिन आप तो बिलकुल समझने की कोशिश तक नहीं कर रहे है। हिन्दी विकिपीडिया पर जिस प्रकार आपको प्यार है वह @AbhiSuryawanshi: जी को नहीं हो सकता है क्या ? यह कहाँ पर लिखा गया है कि जो विकिपीडियन सम्पादन करेगा वह ही सम्मेलन इत्यादि करवाएगा ? साथ ही आपको क्या पता की समुदाय यह सम्मेलन नहीं चाहता , आप खुद को यानी (अकेले) को समुदाय बनने से रोकें क्योंकि यहाँ बाकी सदस्य भी है तो उनको भी अपने विचार खुद को रखने दें ,केवल आप ही नहीं जो यह कह दें कि हमें यह सम्मेलन नहीं करवाना है। या फिर आपको हिन्दी विकिपीडिया पर कोई विशेष अधिकार दिए गए है, अगर हाँ तो कृपया बताएं।
@आर्यावर्त: जी रही बात पैसों की तो कुछ दिन पहले दिल्ली वाले सम्मेलन के सिलसिले में यह भी पूछा गया था कि इस न्यूयॉर्क वाले सम्मेलन से आगे हिन्दी विकिपीडिया पर कोई प्रभाव पड़ेगा, तो फाउंडेशन ने यही बोला है कि इससे कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अब रही बात दान कर्ताओं के धन की तो बार - बार यही सोचने से तो अच्छा यह है कि हम कोई सम्मेलन इत्यादि करवाना ही छोड़ दें। लेकिन एक बार सोचिये अगर हम लोग ये पैसे फ़ालतू में ही बहाते तो क्या फाउंडेशन की आँखे नहीं है क्या क्योंकि देने वाले तो वो ही है ना। फॉउंडेशन तैयार है कि आप कुछ सम्मेलन, कार्यशाला एवं शिक्षा कार्यक्रम करो तो हमें क्या दिक्कत। अगर यही पैसे हम हिन्दी पर खर्च नहीं करेंगे तो कोई अन्य समुदाय करेगा। धन्यवाद --राजू जांगिड़ (वार्ता) 17:33, 18 अक्टूबर 2017 (UTC)
@राजू जांगिड़ और AbhiSuryawanshi: जी, आप दो लोग समर्थन कर रहे हैं इसका मतलब ये नहीं कि पूरा हिन्दी विकि समुदाय इसका समर्थन कर रहा हैं। आपका तो अभि जी के साथ ग्रान्ट प्रस्ताव का व्यवहार है, देखा जाता है कि आप अभी 19 साल के ही है और आपने 2018 के विकि सम्मेलन की ग्रान्ट का प्रस्ताव रखा है जिसका संचालन अभि जी कर रहे हैं। मैं समुदाय नहीं हूँ किन्तु मुझे भी भगवान ने आंखे, नाक, कान, बुद्धि दी है। ग्रान्ट के रिव्यू का समय 18 अक्टूबर तक था और इस दौरान अभि जी के इस ग्रान्ट प्रस्ताव में इंडोर्समेंट विभाग में समर्थन करने वाले आप (राजू जी) ही अकेले सक्रिय हिन्दी विकिपीडियन हैं। दूसरे सब हिन्दी विकि समुदाय से नहीं है। विरोध में मैं, जय जय, स जी हैं जो पुनरीक्षक हैं। सुयश जी ने अपना समर्थन वापस ले लिया है। अतः ये स्पष्ट ही है कि हिन्दी विकि समुदाय का विरोध हैं और कोई तटस्थ व्यक्ति समर्थन नहीं कर रहा हैं। अतः आप से अनुरोध है कि इसे मेरी व्यक्तिगत राय बताकर समुदाय को गुमराह करने का प्रयत्न न करें।--आर्यावर्त (वार्ता) 06:14, 24 अक्टूबर 2017 (UTC)
@राजू जांगिड़, AbhiSuryawanshi, और आर्यावर्त:: आर्यावर्त जी, १९ साल की उम्र में राजू जी पर बिज़नेस स्टैंडर्ड जैसे राष्ट्रीय अखबार में पूरा लेख छप चुका है, अतः ऐसे अनाप शनाप तर्क न दें तो बेहतर होगा। वार्ता को तर्कों तक सीमित रखें, भावनाओं को बीच में न लाएँ। जब भोपाल टीम ने ग्रांट का आवेदन किया था तो उन्हें भी कोई अनुभव नहीं था। यहाँ सभी इस मामले में नौसिखिये हैं, अतः राजू जी के अतिरिक्त कोई और भी आगे आएगा तो आप आरोप लगाएँगे ही। अभिषेक जी ने जब ग्राण्ट का आवेदन किया था तो कई सवाल उठे थे, उन्होंने माफी भी मांगी और स्पष्टीकरण भी दिए। जैसा कहा गया वैसे सुधार भी किए, लेकिन आप अभी तक प्रारंभ की बातों पर ही अड़े हुए हैं। शायद आपने जो शब्दों का प्रयोग किया उन्हें वापिस लेना आपको भारी पड़ रहा है। यही होता है जब तर्कों के स्थान पर भावनाओं को मौका दिया जाता है तो। कृपया शांति से काम लें। अगर आपका विरोध है तो भी इसे अपने तक ही सीमित रखें, समुदाय का नाम न दें। आपके आँख कान हैं तो बाकी सब के भी हैं। जिसे बोलना हो स्वयं आगे आए और लिखे। सामान्यतः विधि में चुप्पी को स्वीकृति ही माना जाता है। जिन जिन बातों पर मेरा विरोध या शंका थी, उसे मैंने व्यक्त कर दिया है। आप लोगों के विचार के अनुसार यूज़रग्रुप का नाम ग्रांट में से हटाने को कह दिया गया है। अब यह ग्रांट अभिषेक जी की व्यक्तिगत ग्रांट है। इसके व अन्य शंकाओं के समाधान के बाद मैंने अपना समर्थन व्यक्त कर दिया है। आप अपने विवेक के अनुसार जो उचित समझें वह करें किंतु ध्यान रखें कि शब्द व भाषा का चयन इस प्रकार करें कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामने हिंदी समुदाय की मिट्टी पलीत न हो। --अनामदास 08:32, 24 अक्टूबर 2017 (UTC)
@आर्यावर्त: जी समुदाय की आवाज तो आप बन रहे है, मैंने तो यही कहा है कि आपको अगर इस सम्मेलन से कोई परेशानी है तो यह आपका विचार है न कि पूरे समुदाय का ,लेकिन आप तो अभी भी अपनी बातों में अड़े हुए है। मैं यह नहीं कह रहा हूँ कि पूरे समुदाय को इस सम्मेलन के लिए समर्थन है बल्कि मेरा इसमें पूरा समर्थन है। जिन लोगों को सही लगेगा वो समर्थन कर देंगे जिनको गलत लगेगा वो विरोध। कृपया सभी को अपने विचार खुद रखने दें, इसका मतलब यह नहीं है कि हम लोगों के अलावा कोई नहीं लिखे तो आप सभी के विचार रख दें।--राजू जांगिड़ (वार्ता) 18:54, 24 अक्टूबर 2017 (UTC)

नन्दा देवी मेला, अलमोड़ा[संपादित करें]

कुमाऊनी भाषा[संपादित करें]

शुभ दीपावली[संपादित करें]

शुभ दीपावली। समस्त विकिपीडिया परिवार को दीपावली की ढेरों शुभकामनाएँ। दीपावली के इस पावन अवसर पर ईश्वर आपकी सभी मनोकामनाएँ पूरी करें, आपका जीवन दीपावली के दीपों के समान जगमग रहे। धन्यवाद।

शिव कुमार बटालवी[संपादित करें]

--मुज़म्मिलुद्दीन (वार्ता) 13:45, 19 अक्टूबर 2017 (UTC)

हिन्दी विकिस्रोत की आवश्यकता[संपादित करें]

बहुत विचित्र है कि अभी तक हिन्दी विकिस्रोत का अस्तित्व नहीं है जबकि बंगला, संस्कृत, तमिल, मराठी आदि के विकिस्रोत बन चुके हैं। हिन्दी विकिस्रोत पहले की अपेक्षा अब अधिक आवश्यक हो गया है। इसका प्रमुख कारण विकिस्रोत की सेवा में अब गूगल ओ सी आर का आ गया है। हिन्दी में हजारों/लाखों पुस्तकें गूगल बुक्स और अन्यत्र उपलब्ध हैं। उनमें से बहुत सारी पुस्तकें कॉपीराइट मुक्त भी हो गयीं हैं। अतः इस ओ सी आर उपकरण के द्वारा इन्हें सरलता से यूनिकोड में बदला जा सकता है। साधारण से साधारण व्यक्ति भी इस काम को कर लेगा। अतः इस प्रौद्योगिकी विकास को ध्यान में रखते हुए हमें हिन्दी विकिस्रोत बनाने का प्रयास करना चाहिये। -- अनुनाद सिंह (वार्ता) 05:58, 20 अक्टूबर 2017 (UTC)

आप बिलकुल ठीक कहते हैं। इस बारे में चर्चा २०१३ से चल रही है जो आप और अन्य सदस्य यहाँ देख सकते हैं। आशा है कि एक दिन हम हिन्दी विकिस्रोत अवश्य प्राप्त कर पाएँगे। --मुज़म्मिलुद्दीन (वार्ता) 14:36, 20 अक्टूबर 2017 (UTC)
मुज़म्मिलुद्दीन जी, इस बारे में चर्चा 2008 से चल रही है। -- (वार्ता) 12:26, 21 अक्टूबर 2017 (UTC)

अनुनाद सिंह जी, जो पुस्तक पहले ही पीडीएफ़ आदि में उपलब्ध है, उसे रोबोट की तरह विकि में लिखने का क्या लाभ होगा? जिसे जरूरत होगी, वो तो पीडीएफ़ से ही पढ़ लेगा। वैसे ये कार्य बोट द्वारा भी आसानी से हो सकता है, लेकिन पुस्तकों की हमेशा से कमी ही रही है। आधे से अधिक पुस्तक कॉपीराइट वाले हैं। और जो कॉपीराइट मुक्त हैं भी तो उसे देखने से इतनी गलती और ढेर सारे अंग्रेजी शब्द ही मिलते हैं। इस कारण हिन्दी के लिए विकिस्रोत का कोई खास लाभ नहीं होगा, बल्कि हमें विकिपीडिया पर ही अधिक ध्यान देना चाहिए। -- (वार्ता) 12:26, 21 अक्टूबर 2017 (UTC)

स महोदय, हिन्दी विकिस्रोत से कितना लाभ होगा, आप की कल्पना शक्ति के बाहर है। आजकल कुछ ढूढ़ना होता है तो कोई पुस्तकालय नहीं जाता, अन्तरजाल पर कुछ मिनटों/सेकेण्डों में पा जाता है। इसके लिये सामग्री 'मशीन-पठनीय' रूप में होनी चाहिये। यूनिकोड के पदार्पण से मशीन पठनीयता में क्रान्ति आ गयी है। वैसे तो पीडीएफ और इमेज आदि भी कुछ सीमा तक मशीन-पठनीय हो चुके हैं, किन्तु यूनिकोड से इनकी कोई तुलना नहीं है। आप सही कह रहे हैं- बाट द्वारा 'ओसीआर' सबसे दक्षतापूर्वक हो सकेगा। किन्तु ओसीआर में हुई त्रुटियाँ एक व्यक्ति ही ठीक कर पायेगा। हाँ इसके लिये बहुत पढ़ा लिखा विद्वान नहीं चाहिए। यदि 'आधी' पुस्तकें कॉपीराइट-मुक्त हैं तो इनकी संख्या का अनुमान लगाने का प्रयत्न कीजिए। लाखों में नहीं तो हजारों में होंगी। मैं तो सोचता हूँ कि हिन्दी की १०० पुस्तकें भी यूनिकोडित होकर अन्तरजाल पर आ जाँय तो एक 'महान' कार्य हो जायेगा। जहाँ तक हिन्दी में अंग्रेजी के शब्दों के मिश्रित होने की 'समस्या' है, यह कोई समस्या नहीं रह गयी है। गूगल ओसीआर इतना उन्नत हो चुका है कि बीच-बीच में अंग्रेजी के शब्द आयें तो उसे पहचानने में कोई समस्या नहीं होती। अन्त में, हिन्दी विकिपीडिया महत्वपूर्ण है, किन्तु उसके द्वारा हिन्दी विकिस्रोत की कमी की पूर्ति नहीं हो पायेगी। इसका अपना महत्व है। बहुत से लोग विकिपीडिया पर कहीं से सामग्री कॉपी-पेस्ट करने का प्रयत्न करते हैं जिसे हम रोकने की कोशिश करते हैं। लेकिन कितनी अच्छी बात है कि विकिस्रोत पर इसी को प्रोत्साहित किया जा रहा है।-- अनुनाद सिंह (वार्ता) 06:22, 22 अक्टूबर 2017 (UTC)
हिन्दी विकिस्रोत हेतु समय-समय पर प्रयास किये जा रहे है --सुयश द्विवेदी (वार्ता) 17:40, 22 अक्टूबर 2017 (UTC)

अनुनाद सिंह जी, विकिस्रोत से कितना लाभ होगा और कितना हानि, इस बारे में मैं अच्छी तरह जानता हूँ। गूगल ओसीआर से लगभग 99% सही पाठ प्राप्त किया जा सकता है। कुछ छोटी छोटी गलती होती है। मैंने विकिस्रोत में हिन्दी पुस्तकों में गूगल ओसीआर कुछ साल पहले उपयोग किया था। लेकिन उसमें एक पन्ने में कुछ छोटे छोटे गलतियों को ठीक करने में इतना समय लग जाता है कि उससे आप विकि में पूरा एक अच्छा लेख बना सकते हो। क्योंकि उसमें प्रारूप भी उसी तरह रखना होता है। इस कारण साँचे भी ढूँढने होते हैं। उसमें देख कर सही साँचा लगाने में और अन्य कार्यों में बहुत समय लग जाता है।

मैं बिना कॉपीराइट वाली अच्छी हिन्दी पुस्तक ढूंढ ढूंढ कर थक चुका हूँ, यदि आपके पास सौ अच्छी हिन्दी पुस्तकों के नाम भी हों तो कृपया बता दें। ढूँढने से कभी कभी कुछ अच्छी हिन्दी पुस्तकें भी मिलती है, लेकिन वो सब कॉपीराइट वाली ही होती हैं। जो कॉपीराइट मुक्त हिन्दी पुस्तक मिलती है, उसे ज़्यादातर किसी अंग्रेज ने लिखा होता है या किसी न किसी कारण अच्छी नहीं होती है। जैसे, अंग्रेजों या उनसे प्रेरित लेखकों के पुस्तकों में कई सारे पन्ने अंग्रेजी में होते हैं। यदि वाक्य में बीच में गलती से एक दो अंग्रेजी में लिखा शब्द आ भी जाये तो कोई समस्या नहीं होती है, पर पूरा दो तीन पन्ना अंग्रेजी में रहे तो अच्छा नहीं लगता है।

शायद आपको पता होगा कि क्राविवि वालों का विकिपीडिया के अलावा विकिस्रोत दूसरा ठिकाना है। उनके योगदानों से तो आप अवश्य ही परिचित होंगे। वे लोग विकिस्रोत में भी कचरा भरने का कार्य कर रहे थे। यदि विकिस्रोत बन गया तो उसके देखरेख हेतु कोई न कोई होना चाहिए। यदि आपके पास सप्ताह में एक दिन भी इसे देखने हेतु समय हो तो इसे जरूर निर्मित करें।

यदि आपको सौ अच्छी हिन्दी पुस्तकें मिल गई तो इस प्रकल्प को बनाना बहुत अच्छा रहेगा, और यदि नहीं मिली तो मान लें कि हिन्दी के लिए विकिस्रोत सही नहीं है।-- (वार्ता) 09:59, 24 अक्टूबर 2017 (UTC)

स महोदय, आपने अपने नए सन्देश में पूरी बात ही बदल दी। पहले कहा था कि 'आधी' पुस्तकें कॉपीराइट मुक्त हैं, अब मुझसे १०० कापीराइटमुक्त पुस्तकों के नाम पूछ रहे हैं। कहाँ-कहाँ देखा? डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ़ इण्डिया पर देखा क्या? गूगल बुक्स पर? इन्टरनेट आर्काइव पर? (https://archive.org/search.php?query=Hindi&page=2 देखिये)।
अब आपकी दूसरी बात पर। विकिपीडिया का कोई भी प्रकल्प इस विश्वास पर आधारित है कि 'जनता या भीड़ भी मिलकर ज्ञान का सृजन-प्रबन्धन कर सकती है। मेरे पास यदि वहाँ जाने का समय नहीं मिला तो भी ये चलेगा।
आपकी तीसरी बात पर। हिन्दी की १०० कॉपीराइट-मुक्त पुस्तकें मिलने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिये। किन्तु आरम्भ १०० से नहीं होता, आरम्भ तो १ से होता है। क्या आपको १ पुस्तक भी नहीं मिल रही है? वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग की साइट पर कई उपयोगी पुस्तकें इमेज रूप में पा सकते हैं। उनका ही यूनिकोडीकरण करके हिन्दी विकिस्रोत पर डाल दीजिये। सरस्वती पत्रिका के कुछ संस्करण नेट पर पड़े होंगे, उनका यूनिकोडीकरण करके डाल सकते हैं। --अनुनाद सिंह
अनुनाद सिंह जी, थोड़ा ध्यान से पढ़ें, मैंने वहाँ लिखा था कि "आधे से अधिक पुस्तक कॉपीराइट वाले हैं।"
शुरू में तो कोई नहीं आएगा, सभी नए सदस्य धीरे धीरे आना शुरू करेंगे, पर हर सदस्य अच्छा ही योगदान नहीं करेगा, कुछ लोग परीक्षण करेंगे तो कुछ लोग प्रचार भी करेंगे। जैसा अन्य प्रकल्पों पर हो रहा है।
यदि सौ अच्छी कॉपीराइट मुक्त हिन्दी पुस्तकें ढूंढने में कोई समस्या न हो तो कृपया ढूंढ कर अपलोड कर दें। यदि अपलोड करने में समस्या हो तो बस नाम ही चलेगा, मैं ही उसे अपलोड कर दूंगा। चाहें तो बाद में एक एक कर के ही उसे पूरा कर लेंगे। वैसे कई सारे पुस्तक पहले से विकिस्रोत में हैं। गूगल में काफी समय तक खोजने पर मुझे एक ही ढंग का पुस्तक मिला था, जिसे मैंने अपलोड भी कर दिया था। मैं सोच रहा था कि हिन्दी व्याकरण पर कोई पुस्तक अपलोड कर दूँ, लेकिन वहाँ सारे अंग्रेज लेखकों के ही पुस्तक कॉपीराइट मुक्त थे और जो अच्छे हिन्दी पुस्तक थे, जिसे भारत के लोगों ने लिखा था, वो सभी कॉपीराइट वाले थे। पढ़ाई से जुड़े कॉपीराइट मुक्त पुस्तकें तो मिल ही नहीं रही थी। शायद आपको मिल जाए।-- (वार्ता) 19:32, 27 अक्टूबर 2017 (UTC)
स महोदय, "आधे से अधिक पुस्तक कॉपीराइट वाले हैं।" - यदि मैं इसका अर्थ निकालूँ कि "लगभग आधी पुस्तकें कापीराइट-मुक्त हैं" तो इसमें क्या दोष है? पता नहीं कि आप किस विषय पर चर्चा कर रहे हैं? विकिस्रोत के महत्व और उसकी आवश्यकता से आप सहमत हैं या अभी भी नहीं हैं। मैं १०० पुस्तकों का नाम भी दे दूँ तो फिर आप पूछेंगे कि आप कैसे कहते हैं कि ये अच्छी पुस्तकें हैं? मुझे क्या पता कि आप किसे उपयोगी/अच्छी मानते हैं? उदाहरण के लिये ऊपर आपने विदेशी लेखकों की पुस्तकों का उल्लेख किया है। मैं तो ऐतिहासिक दृष्टि से उन्हें भी महत्वपूर्ण मानता हूँ। इन्टरनेट आर्काइव पर आपको कितनी मुक्त पुस्तकें मिलीं? गूगल पुस्तकें देखीं क्या? नहीं देखी तो यहाँ कुछ पुस्तकें देख लीजिये- ( ,  ; , )
-- अनुनाद सिंह (वार्ता) 11:43, 28 अक्टूबर 2017 (UTC)
अनुनाद सिंह जी, "आधे से अधिक पुस्तक कॉपीराइट वाले हैं।" का अर्थ यही है कि पचास से सौ प्रतिशत के मध्य कोई भी संख्या हो सकती है, जो कॉपीराइट के अंतर्गत आ रही है। मैंने गूगल पुस्तकें, archive.org आदि कुछ जगहों पर ढूंढ चुका हूँ। पर आधे से अधिक पुस्तकें कॉपीराइट के अंतर्गत ही आ रही हैं। अच्छी पुस्तकों में मैं ऐसी पुस्तकों के बारे में बोल रहा हूँ, जिसमें ढेर सारे अंग्रेजी शब्द मौजूद न हों। लेकिन अंग्रेजों द्वारा लिखे गए पुस्तकों में बहुत सारे अंग्रेजी शब्द होते हैं और उतना ही नहीं, कई में तो मुझे एक एक पन्ना भर कर अंग्रेजी लिखा हुआ दिखा। यदि आप पुस्तक देखेंगे तो आपको स्वयं ही पता चल जाएगा कि कौनसा पुस्तक अच्छा है और कौनसा नहीं। -- (वार्ता) 17:49, 28 अक्टूबर 2017 (UTC)
स महोदय, " 'आधे से अधिक पुस्तक कॉपीराइट वाले हैं।'- का अर्थ यही है कि पचास से सौ प्रतिशत के मध्य कोई भी संख्या हो सकती है" -- यह तो विचित्र गणित है। यह ऐसे ही है जैसे कोई कहे कि दिल्ली और कोलकाता के बीच की दूरी १ किमी से अधिक है। तकनीकी तौर पर इसमें कोई गलती नहीं है!!
अब 'अच्छी पुस्तकों' के बारे में। मैं नहीं मानता कि किसी पुस्तक में कुछ पेज पूरे-के-पूरे अंग्रेजी में हों तो वह अच्छी नहीं है। बहुत सी स्थितियों में ऐसा करना जरूरी होता है। उदाहरण के लिये किसी दूसरे के विचार को बिना अनुवाद किये मूल रूप में लिख देना। --अनुनाद सिंह (वार्ता) 05:14, 29 अक्टूबर 2017 (UTC)
अनुनाद सिंह जी, मेरे पास कुल हिन्दी पुस्तकों की संख्या नहीं है, होने से थोड़ा अच्छी तरह से संख्या बता पाता। भारत के कॉपीराइट नीति के कारण हिन्दी में बहुत कम ही पुस्तकें कॉपीराइट मुक्त होंगे।
कुछ जगहों पर तो मूल शब्द या वाक्य को लिखना जरूरी होता है, लेकिन अकारण कई जगह अंग्रेजी में लिखा हो तो अच्छी नहीं लगेंगी। वैसे आप अपने हिसाब से पुस्तकें चुन लें, जो भी आपको ठीक लगे उसे अपलोड कर दें। यदि आप कम अंग्रेजी शब्दों का उपयोग करने वाले पुस्तकों को प्राथमिकता देंगे तो मुझे अच्छा लगेगा। किसी प्रतियोगिता के आयोजन हेतु भी उन सौ पुस्तकों का हम उपयोग कर सकते हैं। -- (वार्ता) 10:19, 30 अक्टूबर 2017 (UTC)
मुझे अभी तक समझ नहीं आया कि एक ही नाव में सवार एक ही गंतव्य को जा रहे लोग आपस में झगड़ कैसे लेते हैं। मुझे विश्वास है कि यह ज्ञानियों की लड़ाई है (ज्ञानी ज्ञानी जब लड़ें करें ज्ञान की बात, मूरख मूरख जब लड़ें, दे मुक्का दे लात), अतः जल्दी समाप्त हो जाएगी। फिलहाल बीच में टाँग अड़ाने की अनुमति चाहता हूँ। भारतीय कॉपीराइट नियमों के अनुसार लेखक की मृत्यु के कुछ निश्चित वर्ष बाद सामग्री कॉपीराइट से मुक्त हो जाती है, लगभग सभी महान लेखकों की रचनाएँ इस श्रेणी के अंतर्गत उपलब्ध होंगीं। कृपया जाँच लें। --अनामदास 04:19, 31 अक्टूबर 2017 (UTC)

मावतिनि के बारे में एक नई चर्चा[संपादित करें]

--SM7--बातचीत-- 11:29, 21 अक्टूबर 2017 (UTC)

हिंदी समूह समाचार पत्र[संपादित करें]

मेरी यह निजी राय है कि समूह को अपना एक समाचार पत्र प्रकाशित करना चाहिए| यह हम हर महीने या फिर हर तीसरे महीने प्रकाशित कर सकते है| इस पत्र में हिंदी विकी की सारी जानकारी हो गी प्रतियोगिता से ले कर मिनट्स ऑफ़ मीटिंग| ऐसा कई अंतरराष्ट्रीय समूह करते है और भारत में विकिमीडिया इंडिया और CIS भी| सारी जानकारी लिंक समेत रहती है और सभी सदस्य सारी जानकारी के लिए एक जगह पर जा सकते है| मुझे लगता है बहुत सारी बातें समुदाय से साँझा करना रह जाता है| इसके अतिरिक्त यूजर ग्रुप की रिपोर्टिंग की तरह भी यह पत्रिका काम करती है तो बाद में भार कम भी होता है| उदाहरण में यह देखे| --Abhinav619 (वार्ता) 07:52, 26 अक्टूबर 2017 (UTC)

तरनोपिल स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी इ.या. होरबा‍‍चेवस्की के नाम पर है।[संपादित करें]

विकिपीडिया एशियाई माह 2017[संपादित करें]

विकिपीडिया एशियाई माह 2017 एक ऑनलाइन एडिट-ए-थान कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य एशियाई विकिपीडिया समुदायों के बीच बेहतर सामंजस्य बढ़ाना है यह कार्यक्रम पूरे नवंबर माह सन् २०१७ को चलेगा हिंदी विकिपीडिया पर एशियाई माह का यह कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक संख्या में तथा उच्च गुणवत्ता के लेखों का निर्माण करना है जोकि आपके देश के अलावा अन्य एशियाई देशों पर हो। -सुयश द्विवेदी (वार्ता) 20:25, 31 अक्टूबर 2017 (UTC)

@आशीष भटनागर, संजीव कुमार, Mala chaubey, चक्रपाणी, Anamdas, SM7, और हिंदुस्थान वासी:

कृपया प्रतियोगिता के प्रचार हेतु साईट-नोटिस लगा देवें -- सुयश द्विवेदी (वार्ता) 13:59, 2 नवम्बर 2017 (UTC)

कातालोनिया का नाम कैटलोनिया करने के सम्बन्ध में[संपादित करें]

--प्रतीक मालवीय 08:52, 3 नवम्बर 2017 (UTC)

निवेदन-प्रशिक्षण कार्यशाला-जयपुर हेतु फॉर्म भरें[संपादित करें]

सभी सदस्य जिन्होंने विकिपीडिया:प्रशिक्षण कार्यशाला-जयपुर के लिए नामांकन किया है वे दिनांक ५/११/२०१७ तक यहाँ गूगल फॉर्म भरें ताकि निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों की योग्यतानुसार चयन को अंतिम रूप दिया जा सके। :Swapnil.Karambelkar (वार्ता) 12:44, 4 नवम्बर 2017 (UTC)

CIS-A2K Newsletter August September 2017[संपादित करें]

Hello,
CIS-A2K has published their newsletter for the months of August and September 2017. Please find below details of our August and September newsletters:

August was a busy month with events across our Marathi and Kannada Focus Language Areas.

  1. Workshop on Wikimedia Projects at Ismailsaheb Mulla Law College, Satara
  2. Marathi Wikipedia Edit-a-thon at Dalit Mahila Vikas Mandal
  3. Marathi Wikipedia Workshop at MGM Trust's College of Journalism and Mass Communication, Aurangabad
  4. Orientation Program at Kannada University, Hampi

Please read our Meta newsletter here.

September consisted of Marathi language workshop as well as an online policy discussion on Telugu Wikipedia.

  1. Marathi Wikipedia Workshop at Solapur University
  2. Discussion on Creation of Social Media Guidelines & Strategy for Telugu Wikimedia

Please read our Meta newsletter here: here
If you want to subscribe/unsubscribe this newsletter, click here.

Sent using --MediaWiki message delivery (वार्ता) 04:23, 6 नवम्बर 2017 (UTC)

Infobox character में समस्या[संपादित करें]

@आशीष भटनागर, संजीव कुमार, Mala chaubey, चक्रपाणी, Anamdas, SM7, और हिंदुस्थान वासी:

मैंने हाल में उपरोक्त ज्ञानसंदूक का प्रयोग वोल्डेमॉर्ट पृष्ठ पर किया परन्तु दो अतिरिक्त प्राचल माता व पिता स्वयं ही जुड़ गये जबकि मैंने कोडिंग में उन्हें नहीं जोड़ा है। जबकि अंग्रेजी विकिपीडिया पर एेसी समस्या नहीं है। कृपया ध्यान दे।--प्रतीक मालवीय 12:44, 6 नवम्बर 2017 (UTC)

प्रतीक मालवीय जी इसका कारण विकिडाटा से डाटा लेना है। साँचे मे माता पिता की वैल्यू विकिडाटा से फेट्च हो रहा है।
{{#invoke:Wikidata|getValue|P25|{{{mother|FETCH_WIKIDATA}}}}}

--जयप्रकाश >>> वार्ता 14:42, 6 नवम्बर 2017 (UTC)


नमस्ते प्रतीक जी, जैसा कि ऊपर जयप्रकाश जी ने लिखा है, इसका कारण साँचे में हाल में किया गया बदलाव है जिसके बाद कुछ प्राचलों के मान सीधे विकिडेटा से लेकर प्रदर्शित किये जा रहे हैं, यदि उन्हें ज्ञानसंदूक में स्थानीय रूप से नहीं उपलब्ध कराया गया। यदि, इन प्रदर्शित हो रहे नामों पर हिंदी विकिपीडिया में लेख होते और विकिडेटा से जुड़े होते तो उनकी कड़ी दिखती न कि वर्तमान की तरह अंगरेजी विकि की कड़ी। या यदि इनका नाम विकिडेटा के साथ हिंदी में भी उपलब्ध हो तो नाम हिंदी में दिखेगा (हालाँकि कड़ी तब भी अंग्रेजी विकिपीडिया की होगी जब तक हिंदी में बना लेख विकिडेटा से नहीं जुड़ता)। इस तरह के बदलाव कई अन्य साँचों में भी हुए हैं और वहाँ भी इस तरह से अंग्रेजी की कड़ियाँ प्रदर्शित हो रही हैं।
यह एक अच्छी सुविधा है कि यदि स्थानीय रूप से कोई प्राचल गायब है तो उसका मान विकिडेटा से लेकर प्रदर्शित किया जाय, लेकिन शायद सभी मानों के लिए नहीं। वास्तव में इस पर समुदाय में चर्चा होनी चाहिए थी कि हम किन मानों को हिंदी विकिपीडिया पर सीधे विकिडेटा से लेकर प्रदर्शित कर सकते हैं, क्योंकि यदि लेख हिंदी विकिपीडिया पर उपलब्ध नहीं होगा तो मान में अंग्रेजी विकिपीडिया की कड़ी दिखेगी या अंग्रेजी में दिखेगा।
अतः आप इस तरह से विकिडेटा से मान (लेख की कड़ी और/अथवा लेबल) लेकर प्रदर्शित किये जाने हेतु किये गए बदलावों पर नीचे एक नए अनुभाग के रूप में चर्चा शुरू कर सकते हैं। इस तरह से सबकी राय जानने के बाद इस समस्या पर आम सहमति से कोई निर्णय लिया जा सकता है। --SM7--बातचीत-- 17:47, 6 नवम्बर 2017 (UTC)
प्रतीक जी यदि आप इन मानो को नहीं चाहते तो आप लेख के साँचे मे | mother = | father = जोड़ दे। क्यूकी जब स्थानीय विकिपीडिया पर कोई मान सेट कर दिया जाता है तो वह विकिडाटा से वैल्यू नहीं लेता है। यह सुविधा तो अच्छी है परंतु हिन्दी विकि के लिए अभी इतनी उपयुक्त नहीं है। हिन्दी विकि पर आंकड़े जैसे डाटा को ही फेट्च करना चाहिए।--जयप्रकाश >>> वार्ता 05:38, 7 नवम्बर 2017 (UTC)
@SM7: जी, क्या यह बदलाव हिन्दी विकी समुदाय ने किये हैं? क्योंकि अंग्रेजी विकी पर ऐसा नहीं है। आप en:Lord Voldemort पृष्ठ देख सकते हैं सांचे की उसी प्रारूप की मैंने यहाँ नकल की थी।
@Prateekmalviya20: जी, चूँकि यह समस्या और भी कुछ साँचों में है, मैंने नीचे अलग चर्चा हेतु अनुभाग बना दिया है, आप वहाँ अपनी राय व्यक्त कर सकते हैं कि विकिडेटा से जानकारी दिखाना उचित है अथवा नहीं। --SM7--बातचीत-- 12:41, 7 नवम्बर 2017 (UTC)
धन्यवाद जयप्रकाश जी, मैं फ़िलहाल इन दो प्राचलों को लेख के साथ जोड़ देता हूँ क्योंकि इस प्रकार से विकीडाटा लिंक प्रदर्शित होना हिन्दी विकिपीडिया की साख पर प्रश्नचिन्ह लगायेगा।प्रतीक मालवीय 08:55, 7 नवम्बर 2017 (UTC)
प्रतीक जी, साँचे के इतिहास oldid=3459467 से पता चलता है की यह पंकज जी ने किया है और साँचे के वार्ता पेज पर भी कोई चर्चा नहीं है। अंग्रेजी विकी पर ऐसा नहीं है क्योंकि en:Template:Infobox character: मे | mother = | father = प्राचल है ही नहीं। शायद वहाँ |family का उपयोग होता है।--जयप्रकाश >>> वार्ता 12:27, 7 नवम्बर 2017 (UTC)

कुछ ज्ञानसन्दूकों में विकिडेटा से लेकर जानकारी दिखाया जाना[संपादित करें]

नमस्ते,

पिछले दिनों सदस्य:Capankajsmilyo जी द्वारा कई महत्वपूर्ण और बहुत से पन्नों पर उपयोग होने वाले ज्ञानसन्दूक साँचों में बदलाव किये गए थे। इन बदलावों का उद्देश्य ज्ञानसन्दूक में प्राचल मान न मौजूद होने की दशा में उसके लिए लेख से जुड़े हुए विकिडेटा आइटम में मौजूद को प्रदर्शित करने हेतु व्यवस्था की गयी थी। समस्या यह है कि इस कारणवश वे विकिडेटा प्रविष्टियाँ भी हमारे लेखों में प्रदर्शित हो रही हैं जिनके ऊपर हिंदी विकिपीडिया में लेख नहीं हैं, इन सभी की विकिडेटा कड़ी यहाँ लेखों में प्रदर्शित हो रही है (और जिनका लेबल हिंदी में नहीं लिखा गया उनके लिए अंग्रेजी लेबल दीखता है)। प्रतीक जी द्वारा इससे उत्पन्न समस्या का ज़िक्र ऊपर किया गया है जो साँचा:ज्ञानसन्दूक पात्र में इस तरह के बदलाव के कारण हुई।

इसके अलावा और भी कई ज्ञानसंदूक साँचे हैं जिनमें इस तरह का बदलाव हुआ है और वे साँचे काफी सारे पन्नों पर इस्तेमाल किये गए हैं, जैसे: साँचा:ज्ञानसन्दूक व्यक्ति (स्टीव जॉब्स, वास्को द गामा, अरशद वारसी इत्यादि लेखों में आप देख सकते हैं कि कई प्राचल मान अंग्रेजी में लिखे दिख रहे और उन्हें क्लिक करने पर विकिडेटा की कड़ी खुलती है।) और साँचा:राजवंशी ज्ञानसन्दूक (लेख देखें: सिकंदर महान, कुणाल, हिरोहितो) इत्यादि।

उक्त समस्या के समाधान हेतु सदस्यों से अनुरोध है कि विकिडेटा से इस प्रकार जानकारी लेकर यहाँ हिंदी विकिपीडिया पर प्रदर्शित करने के बारे में अपनी राय व्यक्त करें।--SM7--बातचीत-- 12:39, 7 नवम्बर 2017 (UTC)

  • हिन्दी विकि के लिए अभी विकिडाटा से बिना संख्या वाले मान लेना सही नहीं है। क्यूकी अभी हिन्दी विकिपीडिया से कोई ज्यादा सदस्य विकिडाटा पर जुड़े नहीं है। वहाँ अभी लेबल भी हिन्दी मे नहीं हुए है। अंत केवल संख्या वाले मानो को ही फेट्च करना चाहिए।--जयप्रकाश >>> वार्ता 13:11, 7 नवम्बर 2017 (UTC)
  • मेरे मतानुसार विकीडाटा से से मान लेना बिल्कुल भी सही नहीं है। सामान्यतः कोई भी विकी पाठक नीली लिंक देखकर यह समझता है कि इस विषय पर लेख उपलब्ध है। अगर वह लिंक देखकर क्लिक करे और विकीडाटा पृष्ठ खुल जाय तो इससे हिन्दी विकी की साख पर प्रश्नचिन्ह भी लगेगा। इस कारण से मुझे विकीडाटा से मान लेने का मुझे कोई औचित्य नहीं समझ आता।--प्रतीक मालवीय 08:54, 8 नवम्बर 2017 (UTC)
  • अंत में, डेटा को विकिडाटा से ही प्राप्त होना है। विकिडाटा इसी कारण तो बना है कि सभी समान डेटा एक जगह हो और सारे विकिपीडिया ये वही से ले। मुझे नही लगता के सदस्य:Capankajsmilyo के बदलावोंसे ज्यादा हानी पोहची है। अब हिन्दी विकि पे लेख नही है तो नही है। हिन्दी विकी की साख पर प्रश्नचिन्ह ना उठे इस कारण हम लाल लिंक तो नही निकालते; तो इसमें क्या हर्ज है?
    एक बड़ा काम ये जरुरी है कि ५०००+ लेख जो विशेष:अन्तरविकि रहित है उन्हे उनके सही विकिडाटा से जोडने में जुट जाए। इस कार्य में मैने देखा है कि यांत्रीक रुप से बने कई एक-वाक्य वाले लेखोंके दोहरे लेख भी सामने आते है और उनका विलय हो सकता है। Dharmadhyaksha (वार्ता) 10:19, 8 नवम्बर 2017 (UTC)
  • मैं विकिडाटा के समर्थन में हूँ। सत्य को छुपाने से क्या लाभ, यदि हम पीछे हैं तो हैं। अपने पिछड़ेपन को स्वीकार करना आगे बढ़ने की दिशा में सबसे पहला कदम है। इसी को छुपाने में लगे रहे तो आगे बढ़ने की कब सोचेंगे? यहां अभी अधिकांश लोग विकिडाटा के बारे में जानते ही नहीं है, नई प्रणाली से सब लोगों को इस लाभकारी प्रकल्प के बारे में जागरूकता होगी व लोग इसे अपनाएंगे। फिलहाल कई देशों के प्रधानमंत्री राष्ट्रपति तक बदल जाते हैं और हिंदी विकी पर अद्यतन नहीं होता। विकिडाटा से मान स्वतः आयात होंगे तो अद्यतन की बहुत बड़ी समस्या समाप्त हो जाएगी। थोड़ी बहुत जो समस्यायें आएंगी उनपर चर्चा करके समाधान निकाले जा सकते हैं जैसे कि ऊपर की चर्चा में भी हुआ है। लेकिन इन समस्याओं के चलते विकिडाटा से संबंध विच्छेद करने के पक्ष में मैं नहीं हूँ। --अनामदास 00:48, 9 नवम्बर 2017 (UTC)
@Dharmadhyaksha: @Anamdas: मैं विकीडाटा से सम्बन्ध विच्छेद करने की बात नही कह रहा। अगर विकीडाटा से हिन्दी विकी समुदाय का इस प्रकार से लाभ है तो उसका फायदा अवश्य उठाया जाना चाहिये। लेकिन जो कमी है (जिसका मैंने ऊपर उल्लेख किया) उसपर भी ध्यान देना चाहिये। वोल्डेमॉर्ट पृष्ठ पर उसके माँ व पिता का नाम अपने आप वह भी अंग्रेजी में अद्यतन हो गया था। प्रश्न यह है कि जब हिन्दी विकी पर संबंधित लेख ही नहीं है तो विकीडाटा पर हिन्दी लेबल कहाँ से होगा? फिर हमे अंग्रेजी में लिखे मान ही दिखाई पड़ेंगे।--प्रतीक मालवीय 08:23, 9 नवम्बर 2017 (UTC)
मुझे नीचे एक विषय पर आमंत्रण मिला तो यहां भी अपने विचार रख रहा हूँ | अगर किसी प्रबंधक को इसपर आपत्ति हो तो कृपया मुझे ब्लॉक कर दे | प्रतीक जी हिंदी लेबल के लिए हिंदी पृष्ठों की कोई आवश्यकता नहीं है |

Featured Wikimedian [November 2017][संपादित करें]

Wikimedia India logo.svg

On behalf of Wikimedia India, I hereby announce the Featured Wikimedian for November 2017.

Balaji Jagadesh is one of the top contributors from the Tamil Wikimedia community. Though he started contributing since 2009, he was quite active after his participation in WikiConference India 2011. Initially he started contributing to Tamil Wikipedia, but was later attracted towards Tamil Wikisource, Tamil Wikitionary, and Wikidata. His global contributions count to whooping 2,50,000 edits. He is an admin on Tamil Wikitionary.

After his interaction with Mr. Loganathan (User:Info-farmer), Balaji was very much motivated to contribute to Wikimedia projects. He says, "When I was editing in Tamil Wikipedia, I used to translate science articles from English to Tamil. But faced problem in finding equivalent Tamil words. The English to Tamil dictionaries were inadequate. Hence I felt the need to work in the Tamil Wikitionary. After a while there was a collaboration with Tamil Wikisource and Tamil Nadu Government through Tamil Virtual University through 2000 CC0 books were uploaded".

As an active contributor to Wikidata, he says that the vision of Wikimedia movement is, "Imagine a world in which every single human being can freely share in the sum of all knowledge", but with Wikidata we can make it, "Imagine a world in which every single human being and every single machine can freely share in the sum of all knowledge". Apart from regular contributions, he also created templates to Tamil Wikimedia projects, and also maintains Tamil Wikisource's official Twitter handle.

Balaji hails from Coimbatore, Tamil Nadu, and is a post-graduate is Physics. He currently works as a Senior Geophysicist in Oil and Natural Gas Corporation Limited (ONGC).

Any editor can propose a fellow to be a Featured Wikimedia at: http://wiki.wikimedia.in/Featured_Wikimedian/Nominations

MediaWiki message delivery (वार्ता) 09:59, 10 नवम्बर 2017 (UTC)

Changes to the global ban policy[संपादित करें]

Hello. Some changes to the community global ban policy have been proposed. Your comments are welcome at m:Requests for comment/Improvement of global ban policy. Please translate this message to your language, if needed. Cordially. Matiia (Matiia) 00:34, 12 नवम्बर 2017 (UTC)

अंतरराष्ट्रीय विकिमीडिया सम्मेलन (बर्लिन,जर्मनी)[संपादित करें]

कुछ हफ्ते पहले घोषणा की थी कि अगला विकिमीडिया सम्मेलन अप्रैल 20 से 22, 2018 बर्लिन में होगा। यह सभी विकीमीडिया संगठनों (विकिमीडिया चैप्टर, थीमेटिक ग्रुप्स, यूजरग्रुप और विकिमीडिया फाउंडेशन) की वार्षिक बैठक है
पहली बार हिंदी समुदाय में से किसी को भेजने का अवसर दिया जा रहा हैं

पंजीकरण[संपादित करें]

पंजीकरण प्रक्रिया 24 नवंबर, 2017 से शुरू होगी।

प्रतिनिधि चयन[संपादित करें]

विकिमीडिया हिंदी सदस्य समूह (यूजरग्रुप) एक व्यक्ति को इस सम्मेलन के लिए जर्मनी भेज सकता है।

मतदान १५ दिसंबर २०१७ तक चलेगा।

प्रतिनिधि कैसा हो?[संपादित करें]

विकीमीडिया सम्मेलन भागीदारी/participation के लिए है। सम्मेलन को सफल बनाने के लिए अपने सही प्रतिनिधियों का चयन करना आवश्यक होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या चल रहा हैं, यह जानने के लिए और साझा करने के लिए प्रतिभागियों को बर्लिन आना चाहिए, सम्मेलन में सीखी हुयी चीज़े बाद में समूह के साथ साझा करना आवश्यक है।

आदर्श प्रतिनिधि हैं जो -

  • संगठन की निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल है,
  • विकिमीडिया आंदोलन के भविष्य को आकार देने में मदद कर सकता है,
  • या भागीदारी विशेषज्ञ,
  • या कार्यक्रम/प्रोजेक्ट करवाने वाला नेता

प्रतिभागी आंदोलन वार्तालापों को आकार देने के लिए उत्सुक होना चाहिए; प्रतिभागी संस्थानों, फंडर्स और समान विचारधारा वाले संगठनों के साथ-साथ अपने सहयोगियों के प्रभाव को सुधारने के लिए प्रयास करने वाला और लोगों के साथ भागीदारी के लिए जुनून रखने वाला हो।

पूरा सम्मेलन अंग्रेजी में होता हैं इसलिए प्रतिभागी के लिए अंग्रेजी ठीक से समझना और बोल पाना ज़रूरी रहेगा।

जर्मनी जाने का खर्चा कौन उठाएगा?[संपादित करें]

  • समुदाय द्वारा चुने गए प्रतिनिधि का पूरा खर्चा (जाने-आने का टिकट, रहने की व्यवस्था, पंजीकरण और भोजन व्यवस्था) फाउंडेशन करेगी।

प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया[संपादित करें]

हर समूह अपनी प्रक्रिया अलग से बना सकता हैं, सामान्य रूप से सदस्य नामांकन करते है, समुदाय का प्रतिनिधित्व कौन अच्छी तरीके से करेगा इस पर चर्चा के बाद एक व्यक्ति चुना जा सकता हैं। अगर ज्यादा नाम आते है तो मतदान के जरिये प्रतिनिधि चुने जा सकते है। सारी प्रक्रिया ऐसी जगह हो पर हो जहां सभी लोग सहभाग ले सकें (मेलिंग लिस्ट, चौपाल, मेटा इत्यादि) AbhiSuryawanshi (वार्ता) 22:18, 13 नवम्बर 2017 (UTC)

नामांकन[संपादित करें]

अगर आप किसी को नामांकित करना चाहते है या खुद इसमें शामिल होना चाहते हैं तो नीचे नाम दर्ज कीजिये।

नामांकन १[संपादित करें]

  • व्यक्ति का नाम : @Anamdas:
  • नामांकित व्यक्ति का परिचय : मेरी निजी राय है कि अनामदास जी अगर इस कार्यशाला में सम्मिलित होते है तो यह सबसे अच्छा होगा। वो समुदाय में लोकप्रिय हैं और सब उनका आदर करते है। वो समुदाय का अच्छा नेतृत्व कर रहे है और इस कार्यशाला से जो भी ज्ञान प्राप्त होगा उसका वो सही उपयोग यूजर ग्रुप में करेंगे | -Abhinav619 (वार्ता) 02:34, 14 नवम्बर 2017 (UTC)
  • स्वीकृति : मैं इस नामांकन को स्वीकार करता हूँ। मुझे लगता है कि यदि यह जिम्मेदारी मुझे दी जाती है तो मैं इसे पूरा करने में काफी हद तक समर्थ हूँ। --अनामदास 09:13, 15 नवम्बर 2017 (UTC)
  • समर्थन :
  1. Symbol support vote.svg समर्थन--कलमकार वार्ता 07:10, 14 नवम्बर 2017 (UTC)अनामदास जी इस कार्य के लिए उपयुक्त व्यक्ति हैं।
  2. Symbol support vote.svg समर्थन--जयप्रकाश >>> वार्ता 09:59, 14 नवम्बर 2017 (UTC)
  3. Symbol support vote.svg समर्थन--आशीष भटनागरवार्ता 11:40, 14 नवम्बर 2017 (UTC), इनकी कार्यक्षमता, लोकप्रियता, दक्षता पर कोई सन्देह नहीं। निश्चय ही इन योग्यताओं को बढ़ावा दिया जाना चाहिये जो हिन्दी विकिपीडिया के स्वर्णिम भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेंगे। इनका सामना फ़ाउण्डेशन से अभी उतना नहीं हुआ है, अतएव सुयश जी को वरीयता देना चाहूंगा।
  4. Symbol support vote.svg समर्थन--मेरा पहला समर्थन अनामदास जी को है.Swapnil.Karambelkar (वार्ता) 16:40, 14 नवम्बर 2017 (UTC)
  5. Symbol support vote.svg समर्थन--Sushma_Sharma 15 नवम्बर 2017 (UTC)
  6. Symbol support vote.svg समर्थन-- मेरा पूरा समर्थन।--राजू जांगिड़ (वार्ता) 02:04, 16 नवम्बर 2017 (UTC)
  7. Symbol support vote.svg समर्थन-- ठोस समर्थन के साथ, जे. अंसारी वार्ता -- 05:24, 16 नवम्बर 2017 (UTC)
  8. Symbol support vote.svg समर्थन-- अनामदास जी ने विकिपीडिया के पुराने एवं अनुभवी सदस्य हैं। अगर ये अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में जायेंगे तो इससे हिन्दी विकी लाभान्वित होगा।--प्रतीक मालवीय 09:34, 16 नवम्बर 2017 (UTC)
  9. Symbol support vote.svg समर्थन --Abhinav619 (वार्ता) 09:45, 19 नवम्बर 2017 (UTC)
  10. Symbol support vote.svg समर्थन---- ए० एल० मिश्र (वार्ता) 05:27, 30 नवम्बर 2017 (UTC)
  11. Symbol support vote.svg समर्थन--सुयश द्विवेदी (वार्ता)
  12. Symbol support vote.svg समर्थन-- अनुनाद सिंह (वार्ता) 16:45, 14 दिसम्बर 2017 (UTC)

नामांकन २[संपादित करें]

  • व्यक्ति का नाम : @Suyash.dwivedi:
  • नामांकित व्यक्ति का परिचय : सुयश जी भी इस कार्यशाला हेतु एक अच्छे व्यक्ति है उनका ऐसा कार्यक्रम का अनुभव भी है। वह इस समय शिक्षण मे भी काफी सक्रिय है।
  • स्वीकृति :मै नामांकन स्वीकार हूँ --सुयश द्विवेदी (वार्ता)
  • समर्थन :
  1. Symbol support vote.svg समर्थन मेरी पहली प्राथमिकता अनामदास जी को है वह इसके लिए सबसे अच्छे है। अंत मेरे प्रथम प्राथमिकता अनामदास जी को है परंतु हमे एक वैकल्पिक विकल्प रखना चाहिए। उस वैकल्पिक विकल्प के लिए मै सुयश जी को नामांकित करता हु।--जयप्रकाश >>> वार्ता 09:59, 14 नवम्बर 2017 (UTC)
  2. Symbol support vote.svg समर्थन विकल्प के रूप में सुयश जी के नाम के प्रस्ताव का मैं भी समर्थन करता हूं।--कलमकार वार्ता 10:06, 14 नवम्बर 2017 (UTC)
  3. Symbol support vote.svg समर्थन -- पूर्ण रूप से समर्थन।--राजू जांगिड़ (वार्ता) 02:05, 16 नवम्बर 2017 (UTC)
  4. Symbol support vote.svg समर्थन --आशीष भटनागरवार्ता 11:40, 14 नवम्बर 2017 (UTC), सुयश जी हिन्दी विकिपीडिया को विकिमीडिया फ़ाउण्डेशन से जोड़ने वाले सेतु हैं, जिन्होंने हमें पहली बार फाउण्डेशन से परिचय करवाया (अभिषेक जी को गिनती में नहीं गिन रहा हूं) अतः सामान्य सम्पादन की गणना अधिक न होते हुए भी सुयश जी की कार्यकलापों में अत्यधिकता को देखते हुए प्रथम समर्थन इन्हीं को करता हूं। इन्हीं के प्रयासों (स्वपनिल जी के साथ) के कारण अकेले वर्ष २०१७ में इतने हिन्दी विकिपीडिया कार्यक्रम सम्पन्न हुए। इसका श्रेय इन्हें अवश्य जाता है और जब एक व्यक्ति कोई समर्थन करना है तो अवश्य इन्हें करता हूं। (कृपया अन्य कुछ विशेष लोग अन्यथा न लें, वे भी मेरे लिये विशिष्ट गणना में आते हैं किन्तु वरीयता मात्र एक को ही देनी है।)
  5. Symbol support vote.svg समर्थन --मेरी तीसरी प्राथमिकता सुयश जी है ,वे धरातल पर बहुत अच्छा काम कर रहे है और मेरा ऐसा मानना है कि भोपाल में एक अच्छी समर्पित टीम आकार ले चुकी है.हमें (चूँकि मेरा नाम भी आशीष जी ने लिखा है) अभी बहुत काम करना है एवं हिंदी विकी को सुदृढ़ करना है।  : Swapnil.Karambelkar (वार्ता) 16:39, 14 नवम्बर 2017 (UTC)
  6. Symbol support vote.svg समर्थन -- जिस प्रकार का अनुभव इस सम्मेलन के लिए चाहिए वह निश्चित रूप से सुयश जी सर्वाधिक मात्रा में रखते हैं। उनके पदार्पण के बाद ही हिन्दी विकि में इस प्रकार के आयोजन देखने को मिले। मुझे पूरा विश्वास है कि यदि उन्हें इस सम्मेलन में भेजा जाता है तो हिंदी विकि को उसका भरपूर लाभ प्राप्त होगा। हालाँकि नीचे दी गयी अभिषेक जी की टिप्पणी भी विचारणीय है। यदि सुयश जी चैप्टर की तरफ से जा सकते हैं तो उन्हें उसी मार्ग को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि यहाँ से किसी और सदस्य को भेजा जा सके। किंतु यदि यह संभव नहीं हो सके तो इस मार्ग से भी उन्हें भेजने हेतु मेरा पूर्ण समर्थन है। --अनामदास 09:04, 15 नवम्बर 2017 (UTC)
  7. Symbol support vote.svg समर्थन -- पूर्ण समर्थन।--प्रतीक मालवीय 09:30, 16 नवम्बर 2017 (UTC)
  8. Symbol support vote.svg समर्थन---- ए० एल० मिश्र (वार्ता) 05:28, 30 नवम्बर 2017 (UTC)

नामांकन ३[संपादित करें]

  • व्यक्ति का नाम : @आशीष भटनागर:
  • नामांकित व्यक्ति का परिचय : आशीष भटनागर जी ,हिंदी विकिमीडिएंस सदस्य दल के ध्वजवाहक है तथा हिंदी विकिपीडिया के सबसे वरिष्ठ एवं सबसे पुराने सम्पादको में से एक है। अतुलनीय सम्पादन संख्या ,उच्च श्रेणी के लेख बनाने में इनका भरपूर अनुभव है.मिलनसार व्यक्तित्व एवं शांतचित्त स्वभाव के साथ ही ये नए सम्पादको की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते है.
  • स्वीकृति :
  • समर्थन :
  1. Symbol support vote.svg समर्थन : अनामदास जी के बाद मेरी दूसरी प्राथमिकता आशीष जी है.Swapnil.Karambelkar (वार्ता) 16:39, 14 नवम्बर 2017 (UTC)
  2. Symbol support vote.svg समर्थन : सुयश जी के बाद मेरी दूसरी प्राथमिकता आशीष जी है। भोपाल व जयपुर के दोनों आयोजनों में आप शामिल रहे हैं और वरिष्ठतम सदस्यों में से एक होने के नाते हिंदी विकिपीडिया की आवश्यकताओं, वरीयताओं, कमियों, अच्छाइयों से भली प्रकार परिचित हैं। अतः इस सम्मेलन से हिंदी विकि के लिए सर्वोत्तम परिणाम कैसे लिए जा सकते हैं, इसका निर्णय करने में वे भली भांति करने में सक्षम हैं। --अनामदास 09:19, 15 नवम्बर 2017 (UTC)
  3. तीसरी प्राथमिकता--जयप्रकाश >>> वार्ता 20:47, 15 नवम्बर 2017 (UTC)
  4. Symbol support vote.svg समर्थन : तीसरी प्राथमिकता के रूप में समर्थन। समुदाय के वरिष्ठतम सदस्य के रूप में इनका अनुभव हर तरह से इस सम्मेलन में उपयोगी सिद्ध हो सकता है।--कलमकार वार्ता 01:29, 16 नवम्बर 2017 (UTC)
  5. Symbol support vote.svg समर्थन--सुयश द्विवेदी (वार्ता)

टिप्पणी[संपादित करें]

  • टिप्पणी-१
सबसे अच्छा तो यह होगा कि दोनों लोग सम्मेलन में जाएं। सुयश जी चैप्टर से और अनामदास जी हिंदी यूजरग्रुप से जा सकते है। चैप्टर के लोग अगर समुदाय/यूजरग्रुप से जाते है तो यह कनफ्लिक्ट ऑफ़ इंटरेस्ट/हित द्वंद की श्रेणी होगी।
अगर आसान भाषा में बोले तो एक मंत्री दोनों (केंद्र और राज्य या दो अलग अलग राज्य) सरकार का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता है। राज्य सरकार का कोई जाता है तो उसे राज्य के बारे में बात करने के लिए ज्यादा समय मिलता हैं, राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए केंद्रीय मंत्री को भेजा तो उसे राज्य के साथ बाकी के लोगो का प्रतिनिधित्व भी करना पड़ सकता है।
केंद्र में जाने के बाद भी अगर मोदीजी गुजरात का मंत्रिपद भी रखते है और बाहरी देशो में सिर्फ गुजरात की बाते करने लगे तो बाकी राज्यों पर असर पड़ेगा। या अरविन्द केजरीवाल खुदही दोनों राज्यों के मंत्री बन जाते हैं तो यह स्थानिक नेतृत्व पे प्रभाव डाल सकता है।
आशा हैं की सुयश जी (चैप्टर अनुमति के साथ) और अनामदासजी (हिंदी यूजरग्रुप अनुमति से) जर्मनी में प्रतिनिधित्व करेंगे।
((यह मेरी निजी/व्यक्तिगत राय/विचार हैं और अगर आप चाहे तो किसी को भी भेज सकते है)) -- AbhiSuryawanshi (वार्ता) 16:19, 14 नवम्बर 2017 (UTC)
  • टिपण्णी-२
विकिमीडिया इंडिया चैप्टर किसी एक भाषा का प्रतिनिधित्व नहीं करता। सुयश जी उसमे हिंदी समुदाय की ओर से मात्र एक सदस्य है। अतः यह चैप्टर का सर्वाधिकार है की वो किसे भेजता है। Swapnil.Karambelkar (वार्ता) 17:10, 14 नवम्बर 2017 (UTC)
मैं भी तो वही बोल रहा हूँ। "विकिमीडिया इंडिया चैप्टर किसी एक भाषा का प्रतिनिधित्व नहीं करता" - आपकी बात से मैं १००% सहमत। आंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में चैप्टर बोर्ड के सदस्य को एक भाषा तक सिमित रखना चैप्टर के पॉलिसी से बाहर हैं। आंतरराष्ट्रीय स्तर पे उन्हें पूरे देश का प्रतिनिधित्व करना पड़ता हैं, एक भाषा का प्रतिनिधित्व करने के लिए उन्हें खुद के चैप्टर से भी बात करनी पड़ेगी। सुयश जी का काम बहोत बढ़िया हैं और उसी आधार पर चैप्टर से अनुमति लेनी चाहिए। मैं सुयश जी से विनंती करता हु की वो चैप्टर के बोर्ड के साथ बात करके पात्रता मापदंड जांच ले। अगर वहा से उन्हें अनुमति मिलती हैं तो ही यहाँ पर चर्चा/मतदान करने का फायदा हैं। वो चैप्टर द्वारा जर्मनी को आ सकते हैं, इससे हिंदी को ही फायदा होगा। एक की जगह दो लोग जर्मनी आंतरराष्ट्रीय सम्मेलन जा सकते हैं।
--AbhiSuryawanshi (वार्ता) 13:40, 15 नवम्बर 2017 (UTC)
  • टिपण्णी-३

कृपया यह भी स्पष्ट करें-

१) मतदान कब तक चलेगा?
२) क्या किसी का नामांकन अब भी आ सकता है?
३) क्या अन्तिम निर्णय प्राप्त मतों के आधार पर होगा?
४) मतगणना कैसे की जायेगी? (अर्थात पहली पसन्द, दूसरी और तीसरी पसन्द का कितना-कितना 'भार' (वेटेज) दिया जायेगा।)

-- अनुनाद सिंह (वार्ता) 12:37, 15 नवम्बर 2017 (UTC)

@अनुनाद सिंह:जी,
१) मतदान कब तक चलेगा?
१५ दिसंबर तक मतदान चलेगा।
२) क्या किसी का नामांकन अब भी आ सकता है?
किसी भी जीवित व्यक्ति (हिंदी सम्बंधित) को आप नामांकन दे सकते है।
३) क्या अन्तिम निर्णय प्राप्त मतों के आधार पर होगा?
मतदान की जगह अगर समुदाय चर्चा करके अंतिम निर्णय ले तो अच्छा हैं, अगर किसी एक व्यक्ति पर एक राय नहीं बनती - तो अंतिम निर्णय मतों के आधार पर होगा।
४) मतगणना कैसे की जायेगी? (अर्थात पहली पसन्द, दूसरी और तीसरी पसन्द का कितना-कितना 'भार' (वेटेज) दिया जायेगा।)
पहली पसंद ही मानी जायेगी, अगर पहली पसंदी पर टाई हो जाती हैं तो दूसरी पसंती को देखा जाएगा।
-- AbhiSuryawanshi (वार्ता) 13:15, 15 नवम्बर 2017 (UTC)
  • टिपण्णी-४
चुकी यह प्रक्रिया हिंदी विकी के लिए नई है,प्रथम - हमारा समुदाय यह अवश्य जानना चाहेगा कि अन्य समुदाय (जो अपने प्रतिनिधि भेजते है),वे क्या प्रक्रिया अपनाते है। भले ही हम उनका अनुसरण ना करे परन्तु कम से कम हमें प्रक्रिया तो पता चलेगी। द्वितीय -यदि समुदाय में यह सर्वसम्मति है कि तीनो ध्वजवाहकों में से ही कोई एक जाएगा तब हमें ध्वजवाहको पर विश्वास कर उपयुक्त व्यक्ति को भेजने की जिम्मेदारी उनपर ही छोड़ देनी चाहिए। : Swapnil.Karambelkar (वार्ता) 06:26, 16 नवम्बर 2017 (UTC)

अंतिम निर्णय : अनामदास जी को सबसे ज्यादा पसंती मिली है, अनामदास-जी का चयन जर्मनी के विकिमीडिआ कांफ्रेंस के लिया हुआ है। मतदान/चर्चा में सहभाग लेने के लिए धन्यवाद। -- AbhiSuryawanshi (वार्ता) 18:19, 16 दिसम्बर 2017 (UTC)


चर्चा : रसायन शास्त्र अथवा रसायन विज्ञान -- कौनसा शीर्षक उपयुक्त है ?[संपादित करें]

विकिपीडिया पर रसायन शास्त्र शीर्षक से एक आलेख लंबे समय से उपलब्ध था। उस आलेख को अब रसायन विज्ञान पर स्थानांतरित कर दिया गया है। केमिस्ट्री को हम सबने हिंदी में रसायन शास्त्र ही पढ़ा है। फिर ये अचानक रसायन विज्ञान पर क्यों स्थानांतरित कर दिया गया, समझ से परे है। कोई विद्वजन इस विषय पर प्रकाश डालकर शंका और जिज्ञासा का समाधान करें। धन्यवाद--कलमकार वार्ता 18:45, 14 नवम्बर 2017 (UTC)

मुझे नहीं लगता कि आपने कभी 'रसायनशास्त्र' पढ़ा होगा। किसी साथी की 'रसायनशास्त्र' नामक पुस्तक का नाम देख लिया होगा जो अब तक याद है। यदि समझ बहुत छोटी होगी तो कोई भी बात समझ से परे जा सकती है। 'रसायनशास्त्र' आपकी व्यक्तिगत पसन्द होगी। मैने तो अपनी सीमित जानकारी और वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग द्वारा सुझाये गये शब्द के आधार पर यह परिवर्तन किया है। मैने 'रसायनशास्त्र' भी पढ़ा है और 'रसायन विज्ञान' भी खूब पढ़ा है। दोनों प्रचलित भी हैं और अच्छे भी, किन्तु मानकीकरण भी कोई वस्तु है!! -- अनुनाद सिंह (वार्ता) 03:16, 15 नवम्बर 2017 (UTC)
महामहिम, आपका प्राकट्य एक विस्मयकारी परिघटना है। मैंने तो उक्त विषय पर एक लघु शंका रखी थी, आप इसे दीर्घ बनाने पर कृतसंकल्प हैं। वैसे आगमन निगमन में आप कदाचित सिद्धहस्त जान पड़ते हैं। मेरा सौभाग्य है कि आपने एक बार फिर से मुझे पारितोषिक स्वरूप प्रमाण-पत्र प्रदान किया है। वैसे समझदानी के विस्तारीकरण का कोई नुस्खा हो तो मुझे उपलब्ध कराकर अनुग्रहीत करें। अब आपके जितना पढ़ा लिखा नहीं हूं इसलिए मानकीकरण के स्वयंप्रदत्त आपके अधिकार से सर्वथा अनभिज्ञ था। वैसे ज्ञान-गंगा में 'रक्तमुख' की क्या हैसियत जो 'करालमुख' से शास्त्रार्थ करने की हिमाकत करे। नमन्--कलमकार वार्ता 03:38, 15 नवम्बर 2017 (UTC)
इस शंका के शीर्षक को दो-तीन बार और पढ़िए, आप स्वयं मान लेंगे कि आपने 'लघुशंका' नहीं, वस्तुतः 'दीर्घशंका' किया था। अनुनाद सिंह (वार्ता) 04:01, 15 नवम्बर 2017 (UTC)

आपकी प्रारंभिक टिप्पणी का प्रथम वाक्य ही 'दीर्घशंका" है। आरोप आप मुझ पर मढ़ रहे हैं। वैसे बिन मांगे एक सुझाव दे रहा हूं। हिंदी विकिपीडिया पर आपका योगदान अनुकरणीय और प्रशंसनीय है लेकिन वार्ताओं में तल्खी और आक्रामकता आपकी बौद्धिक गतिविधियों से मेल नहीं खाती। क्या आप इस पर कभी विचार नहीं करते? करिएगा...शुभकामनाएं।--कलमकार वार्ता 04:34, 15 नवम्बर 2017 (UTC)

मेरी टिप्पणी आपको 'आक्रमकता' कैसे लग गयी? क्या आपने अपने सन्देश का शीर्षक पढ़ा जो मेरी टिप्पणी के पहले आया है? किसी शंका का शीर्ष ऐसे ही होना चाहिए? इसकी शब्दावली और भाषा न तो किसी शंका की भाषा है, न किसी सदुद्देश्य से शुरू किये गये चर्चा की भाषा। यह तो किसी सनकी जज द्वारा सनक में दिये गये जजमेन्ट की भाषा है। -- अनुनाद सिंह (वार्ता) 06:11, 15 नवम्बर 2017 (UTC)
User:कलमकार जी, अनुभाग का शीर्षक पढ़ने से ऐसा नहीं लग रहा है कि कुछ पूछा जा रहा है। बल्कि ऐसा प्रतीत हो रहा है आपने शीर्षक मे ही रिज़ल्ट घोषित कर दिया हो। अंत अनुरोध है कि शीर्षक सही कर ले। अन्यथा विवाद ही बढ़ेगा।-जयप्रकाश >>> वार्ता 07:24, 15 नवम्बर 2017 (UTC)
जयप्रकाश जी, सवाल बिलकुल स्पष्ट है। कोई व्यक्ति विशेष क्या विकिपीडिया को निजी संपत्ति समझकर मनमानी कर सकता है? रसायन शास्त्र को रसायन विज्ञान में परिवर्तित करने का तर्क समझ से परे है। जवाब में एक व्यक्ति लगातार सामान्य शिष्टाचार को पांवों तले रौंद रहा है। फिर भी आपको मेरे प्रश्न में ही खोट नजर आ रहा है। दुर्भाग्यपूर्ण है ये। किसी की बदजुबानी का जवाब मैं भी उचित भाषा में दे सकता हूं। लेकिन मेरा स्वभाव ऐसा नहीं है। धन्यवाद--कलमकार वार्ता 07:43, 15 नवम्बर 2017 (UTC)
आप क्या लिख रहे हैं? कौन कह रहा है कि आपका सवाल स्पष्ट नहीं है? हम सब कह रहे हैं कि आपके शीर्षक की भाषा (और नीयत) गलत थी। इस पर कुछ लिख सकते हैं तो लिखिये। विवाद को और बढाने के लिये 'मनमानी' और 'पांवों तले रौदना' अलग से जोड़ दिया! क्या अभी भी शीर्षक परिवर्तन का कारण तर्कसंगत नहीं लग रहा है? नहीं लग रहा हो तो कहिये। वास्तव में मेरी पहली टिप्पणी में आपकी भाषा का भी जवाब था और आपकी शंका का भी।-- अनुनाद सिंह (वार्ता) 07:56, 15 नवम्बर 2017 (UTC)
जैसा कि अनुनाद जी ने लिखा है कि उन्होने यह परिवर्तन वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग द्वारा सुझाये गये शब्द के आधार पर किया है जो तर्कपूर्ण है। कलमकार जी क्या आप रसायन शास्त्र अथवा रसायन विज्ञान स्पष्ट कर सकते है। मुझे तो दोनों एक ही लग रहे है और मेंने जो किताबे पढ़ी है उनमे भी रसायन विज्ञान था।जयप्रकाश >>> वार्ता 08:48, 15 नवम्बर 2017 (UTC)
"व्यक्तिगत पसंद नापसंद को समाज पर थोपना कितना तर्कसंगत ?" इस सवाल में क्या आपत्तिजनक है?....इसके जवाब में "मुझे नहीं लगता कि आपने कभी 'रसायनशास्त्र' पढ़ा होगा। किसी साथी की 'रसायनशास्त्र' नामक पुस्तक का नाम देख लिया होगा जो अब तक याद है। यदि समझ बहुत छोटी होगी तो कोई भी बात समझ से परे जा सकती है।..." लिखना किस बौद्धिक चर्चा और विमर्श की परंपरा में आता है। मुझे लगता है कि हिंदी विकिपीडिया पर 'मात्रा' (volume) के जरिए एक व्यक्ति विशेष को भाषाई हिंसा पर indemnity मिली हुई है। मैं फिर से निवेदन कर रहा हूं कि ये सामुदायिक हित में ठीक नहीं है। फिर भी जैसा आप लोग सोचें।--कलमकार वार्ता 08:58, 15 नवम्बर 2017 (UTC)
जयप्रकाश जी, रसायन शास्त्र और रसायन विज्ञान में कोई फर्क नहीं है। लेकिन केमिस्ट्री के लिए रसायन शास्त्र पहले से स्थापित और सर्वमान्य है। फिर अचानक एक दिन इसे दूसरे शब्द से बदलने का तर्क मुझे समझ में नहीं आया। बस यही मेरा सवाल था। रही बात सरकारी तकनीकी शब्दावली आयोग के अनुमोदन की तो इसका संदर्भ उन परिस्थितियों में ग्रहण किया जाता है जब किसी विदेशी भाषा के तकनीकी शब्द का तर्जुमा हिंदी में उपलब्ध नहीं होता। लेकिन रसायन शास्त्र और रसायन विज्ञान के संदर्भ में यह सिर्फ बौद्धिक विलास है, आवश्यकता नहीं। इति--कलमकार वार्ता 09:09, 15 नवम्बर 2017 (UTC)
सभी माननीय सदस्यों से निवेदन है कि चर्चा को मुद्दों तक सीमित रखें, व्यक्तिगत न करें। अपनी भाषा पर संयम रखें व दूसरों की बात का बुरा न मानें। यहाँ पर सभी सहृदयता से योगदान करने के लिए इकट्ठे हुए हैं। एक दूसरे पर सद्विश्वास रखते हुए चर्चाओं को तर्कों तक सीमित रखें और भाषा आदि पर अधिक ध्यान न दें और भावनाओं को समझें। फिलहाल इस चर्चा को इस तर्क के साथ समाप्त करता हूँ कि अधिक लोग प्रकाशित तकनीकी शब्दावली के पक्ष में हैं। रसायन शास्त्र से भी अनुप्रेषण उपलब्ध रहेगा। चर्चा के परिणाम को कृपया कोई सदस्य अपनी हार अथवा जीत न समझें। सद्भावना रखते हुए कृपया अपना योगदान जारी रखें। धन्यवाद सहित। --अनामदास 09:30, 15 नवम्बर 2017 (UTC)


दीर्घ शंका[संपादित करें]

उपरोक्त विषय अब तक की सबसे लघु रूप की दीर्घ शंका है। --आशीष भटनागरवार्ता 12:15, 15 नवम्बर 2017 (UTC)

मेरे लघु पर दीर्घ करने वाले स्वयंप्रदत्त, स्वयंसिद्ध, स्वयंभू हैं। फिर भी 'दीर्घसूत्र' के समक्ष तो ये कदाचित श्रेयष्कर ही है। वो कहते हैं न "दीर्घसूत्री विनश्यति..."। मैं सोच रहा हूं कि जहां कहीं भी 'साहित्य' शब्द या साहित्य से जुड़े आलेख हैं वहां 'वाङ्मय' लिख दूं क्योंकि तकनीकी शब्दावली में यही अनुसंशा की गई है। आशा करता हूं इस पर समुदाय को कोई आपत्ति नहीं होगी। लेकिन भरोसा रखिए मैं ऐसा करूंगा नहीं।--कलमकार वार्ता 01:22, 16 नवम्बर 2017 (UTC)
मैं देखना चाहता हूँ कि तकनीकी शब्दावली में कहाँ अनुसंशा की गयी है कि 'साहित्य' के स्थान पर 'वाङ्मय' लिखा जाय। -- अनुनाद सिंह (वार्ता) 04:03, 16 नवम्बर 2017 (UTC)
एक बिना सन्दर्भ की बात कहना चाहूंगा कि यदि युधिष्ठिर की ५ गांव की बात दुर्योधन ने मान ली होती तो कदाचित दुर्योधन अपने असली नाम सुयोधन से जाना जाता, किन्तु हमें महाभारत और साथ ही भग्वद्गीता ग्रन्थ न उपलब्ध होते। अब इसका अर्थ महाभारत युद्ध होना सही था या उसका न होना.... ये विवेक पर छोड़ा जा सकता है।--आशीष भटनागरवार्ता 05:45, 16 नवम्बर 2017 (UTC)

"सबदहिं ताला सबदहिं कूंजी सबदहि सबद जगाया...."...--कलमकार वार्ता 06:35, 16 नवम्बर 2017 (UTC)

अपने ही जाल में फंसकर, सबद याद आया।
मूल प्रशन को छोड़ के, इधर-उधर भरमाया॥
अनुनाद सिंह (वार्ता) 07:52, 16 नवम्बर 2017 (UTC)
आप ज्ञानीवृन्द के शास्त्रार्थ के कारण हमारी शब्दावली समृद्ध होती जा रही है। ढेरों नमन...--आशीष भटनागरवार्ता 09:09, 16 नवम्बर 2017 (UTC)
कागद दैं दूं पत्तर दै दूं, दै दूं सब परमान,
वो कहते मैं कंपूटर का ज्ञानी कड़क महान ।।
ज्ञानी कड़क महान बात खूंटे पर होगी,
गगरी छलकत जाय चले अंखमूदे जोगी।।
कलमकार वार्ता 09:49, 16 नवम्बर 2017 (UTC)
कहाँ गये सब कागद पत्तर, कहाँ गये परमान?
कहाँ गये सब फेलोशिप, कहाँ गया सब ग्यान?
मूल प्रश्न से भागे काहें, काहें करे शबदन के खेल?
खूंटा-सूँटा गगरी छोड़ो, करो प्रशन-उत्तर का मेल॥
अनुनाद सिंह (वार्ता) 12:39, 16 नवम्बर 2017 (UTC)
मूल प्रश्न है अदला-बदली सनकी सना रुझान,
थोथा चना जोर करने का अजब-गजब फरमान ?
अजब-गजब फरमान नाद में चारा जैसा,
नीर न बने जो छीर तो अब ये पारा कैसा ?
कलमकार वार्ता 13:06, 16 नवम्बर 2017 (UTC)
न विग्यान न भाषा ग्यान,
मूल प्रश्न का भूले ध्यान,
उत्तर देते निकले जान,
माटी मिल गयि उनकी आन॥
अनुनाद सिंह (वार्ता) 13:25, 16 नवम्बर 2017 (UTC)
भाखा के भरता कहैं कहैं ग्यान के गामा,
उनकै सबकुछ मानकी ऊ हैं चतुर सयाना,
पूछताछ पर पूंछ को पटक रहे अविरामा,
दिवासपन में देखते अपने मुख में भामा।

कलमकार वार्ता 14:32, 16 नवम्बर 2017 (UTC)

तरक मिला नहिं, हो गयि रात,
चढ़ें डाल हम, उ भागें पात।
बने न उत्तर, बनावें बात,
मन्द भई बुद्धि, फूले गात ॥
अनुनाद सिंह (वार्ता) 14:59, 16 नवम्बर 2017 (UTC)
रात हो गई बात अभी मन में है कौंधी,
ज्ञानी जी को बिन प्रकाश के हुई रतौंधी?
डाल-डाल वो डोलत हैं शाखामृग जैसे,
उत्तर से दक्षिण में अब वो भागें कैसे ?

कलमकार वार्ता 18:23, 16 नवम्बर 2017 (UTC) यह चर्चा Wikipedia की नीति के अनुसार न रहकर व्यक्तिगत होती जा रही प्रतीत होती है। माननीय सदस्य कृपया इसे विराम देने का कष्ट करें और अपना कीमती समय Wikipedia में सार्थक योगदान देने हेतु समर्पित करें। धन्यवाद सहित।--अनामदास 04:25, 18 नवम्बर 2017 (UTC)

विमान के सही नाम[संपादित करें]

मेंने चेंगदू जे-20 लेख का नाम Chengdu J-20 के आधार पर रख दिया गया है। परंतु मुझे भी नहीं पता कि इसे कैसे लिखेगे। क्यूकी यहाँ चेंगडू भी हो सकता है। इसी प्रकार शेनयांग जे-31 का नाम भी Shenyang J-31 के आधार पर रख दिया है। अगर कोई सही नाम को बता सके तो बहुत महरबनी होगी। क्यूकी पूरी श्रंखला बनाने के बाद सभी को move करने मे परेशानी होगी।--जयप्रकाश >>> वार्ता 15:51, 16 नवम्बर 2017 (UTC)

बांग्ला में भी 'चेंगदू' ही लिखा है। पता नहीं उन्होने उच्चारण के बारे में खोजबीन की या नहीं। -- अनुनाद सिंह (वार्ता) 17:06, 16 नवम्बर 2017 (UTC)
हिन्दी विकिपीडिया पर भी चेंगदू नाम से शहर का लेख है।--जयप्रकाश >>> वार्ता 18:11, 16 नवम्बर 2017 (UTC)

जयप्रकाश जी, मेरे मित्र जो चीनी भाषा के अध्येता है, उनके अनुसार इसका उच्चारण "छंग्तू" है। धन्यवाद--कलमकार वार्ता 18:30, 16 नवम्बर 2017 (UTC)

मेंने कुछ जगह जांच की यह तो स्पष्ट है कि शुरू मे आवाज छ की निकलती है बस अंत मे दु, डू या तू क्या आएगा। वही यही स्पष्ट नहीं है।--जयप्रकाश >>> वार्ता 05:42, 17 नवम्बर 2017 (UTC)

लेख के ज्ञान संदूक में तकनीकी समस्या सुलझाएं[संपादित करें]

आशीष जी,अनामदास जी, संजीव जी, जयप्रकाश जी एवं अन्य सम्मानित संपादकगण,

रहीम का मकबरा आलेख के ज्ञान-संदूक में सूचनाएं सही डालने के बावजूद उसमें त्रुटियां दिख रही हैं। कृपया इसे ठीक करने का कोई उपाय सुझाए। मेरी समझ से ये समस्या लुआ (Lua) की असंगतियों से संबन्धित है। लेकिन ये सही कैसे होगा ये विषय अभी तक स्पष्ट नहीं है। कृपया मदद करें। धन्यवाद--कलमकार वार्ता 03:54, 17 नवम्बर 2017 (UTC)

शुरुआत मे ही पता चल गया था कि यह निर्देशांक के संबन्धित समस्या है। {{Location map दिल्ली}} को देखा तो लगा कि मैप मे तो सीमा निर्देशांक 72.7692 से 73.1165 तक है। और लेख मे 77.245825 दिया है तो पहली गलती तो यही है कि दिल्ली के मैप मे यह रेंज नहीं है। फिर कुछ और निदेशांक डालके देखने से पता चला कि समस्या यह है कि पेज विकिडाटा से जुड़ा नहीं था। और शायद लुआ विकिडाटा से निर्देशांक लेता है। विकिडाटा से पेज जोड़ने पर अब समस्या सही हो गई है।--जयप्रकाश >>> वार्ता 05:18, 17 नवम्बर 2017 (UTC)
प्रबन्धकगण ध्यान दे की मेंने {{Location map दिल्ली}} मे कॉमन द्वारा दिये गए सही निदेशांक डाल दिये है। oldid=1987880 अगर काही कुछ गलत दिखे तो रेवेंट कर दे।--जयप्रकाश >>> वार्ता 05:38, 17 नवम्बर 2017 (UTC)
@कलमकार जी उपरोक्त समस्या का समाधान कर दिया गया है और दिल्ली के नक़्शे पर सही सही अवस्थिति दिख रही है। कुछ बदलाव स्थाई तौर पर करने होंगे जिन्हें बाद में कर लिया जाएगा, फिलहाल यह समस्या ढेरों पन्नों पर थी जो ठीक हो गयी। ध्यानाकर्षण हेतु धन्यवाद।
@जयप्रकाश जी {{Location map दिल्ली}} में लगा नक्शा केवल केन्द्रीय दिल्ली के लिए था, पूरी दिल्ली के लिए नहीं, अतः आपके द्वारा निर्देशांकों की रेंज पूरी दिल्ली वाली डालने के बाद नक़्शे (चित्र) और निर्देशांकों के बीच का सामंजस्य सही नहीं रह जाता। फिलहाल उसे मैंने पूरी नई दिल्ली वाले साँचे पर अनुप्रेषित कर दिया है।--SM7--बातचीत-- 15:16, 17 नवम्बर 2017 (UTC)

उपरोक्त समस्या को सुलझाने के लिए SM7 जी को हार्दिक धन्यवाद--कलमकार वार्ता 03:31, 4 दिसम्बर 2017 (UTC)

पूजा भाटकर/ पूजा घाटकर[संपादित करें]

--मुज़म्मिलुद्दीन (वार्ता) 19:51, 20 नवम्बर 2017 (UTC)

New print to pdf feature for mobile web readers[संपादित करें]

CKoerner (WMF) (talk) 22:07, 20 नवम्बर 2017 (UTC)

हिन्दी दिवस प्रतियोगिता का परिणाम[संपादित करें]

नमस्ते सर्वेभ्यः
मुझे ये बताते हुये अत्यंत ही खुशी हो रही है कि आज मैं यहाँ हिन्दी दिवस लेख प्रतियोगिता का परिणाम घोषित करने जा रहा हूँ। इस प्रतियोगिता मेन 16 प्रतिभागियो ने लेख बनाए, जिस में से दो बिलकुल नए सदस्यो ने अपना खाता बनाकर भाग लिया। 14 सदस्य ऐसे हैं जिनके लेख विकिपीडिया पे रखने योगी से लेकर उच्च गुणवत्ता वाले लेखों का भी निर्माण हुआ। इस प्रतियोगिता में 238 नए लेखों का निर्माण हुआ है। परिणाम निम्नलिखित है।

परिणाम[संपादित करें]

सदस्य गुण स्थान
सदस्य:राजू जांगिड़ 766 प्रथम विजेता
सदस्य:Dharmadhyaksha 219 द्वितीय विजेता
सदस्य:ArmouredCyborg 108 तृतीय विजेता
Jayprakash12345 100 सांत्वना पुरस्कार विजेता
सदस्य:Raavimohantydelhi 80 सांत्वना पुरस्कार विजेता
सदस्य:Sushma Sharma 62 सांत्वना पुरस्कार विजेता
सदस्य:Saroj Uprety 8 विशेष सांत्वना पुरस्कार

अधिक लेख निर्माण एवं सराहनीय प्रयास हेतु

  1. सदस्य:Swapnil.Karambelkar - 28
  2. सदस्य:Jeeteshvaishya - 8
  3. सदस्य:आर्यावर्त - 8
  4. सदस्य:Abhinav619 - 5
  5. User:हिंदुस्थान वासी - 2
  6. User:Anamdas - 0
  7. सदस्य:Vishal0soni - 0
  • परिणामों को विस्तार से जांनने के लिए यहाँ जाए।
  • सभी विजेता एवं इस ज्ञानयज्ञ में समिलित होकर लेख बनाने वाले सभी प्रतिभागियों को ढेर सारी शुभकामनायें।--आर्यावर्त (वार्ता) 17:27, 23 नवम्बर 2017 (UTC)
महोदय आपके इस प्रयास को साधुवाद एवं समुदाय की ओर से बहुत बहुत धन्यवाद। ऐसे प्रयास भविष्य में भी हो और इससे भी अधिक सफल हो ऐसी कामना। --Swapnil.Karambelkar (वार्ता) 05:57, 24 नवम्बर 2017 (UTC)
आर्यावर्त जी, सबसे पहले आपको और स जी को प्रतियोगिता करके हेतु धन्यवाद। और आगे भी ऐसा ही होते रहे ऐसी शुभकामनायें। जैसा की योजना अनुसार मे केवल प्रतियोगिता मे बूस्ट लाने के लिए लेख बना रहा था। मेंने पहले ही बोल दिया था कि मेरा कोई स्थान आने पर भी में किसी पुरस्कार का भागी नहीं होंगा। केवल कुछ सदस्यो को पता भी है। अंत मेरा नाम निकर्ल दे, और मेरे से नीचे वालों के एक एक पायदान ऊपर कर दे। अंत मेरा पुरुसकर को रद्द करे। में केवल उन चीजों का ही भागी होंगा जो सभी मे वितरित होगी। धन्यवाद--Death skull.svg जयप्रकाश Death skull.svg 06:11, 24 नवम्बर 2017 (UTC)

प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर आयोजकों को साधुवाद...ये सिलसिला कायम रहे। मंगलकामलाएं...।कलमकार वार्ता 07:08, 24 नवम्बर 2017 (UTC)

आर्यावर्त और स जी इस प्रकार की प्रतियोगिता, अन्य विकी समुदाय के लिए भी अनुकरणीय बनेगी ऐसा मेरा मानना है। आपकी कठिन मेहनत और विकी हेतु समर्पण का मै सदैव प्रशंसक रहा हूँ और एक बार आपने पुनः इसे सिद्ध कर दिया, सभी को हार्दिक बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाऍ -- सुयश द्विवेदी (वार्ता) 11:16, 24 नवम्बर 2017 (UTC)
@Jayprakash12345: जी, पुरस्कार के त्याग की आपकी भावना बहुत ही अच्छी है और इसके लिए साधुवाद। आपकी इच्छा के अनुसार हम इसे दूसरे सदस्य को नहीं दे पाएंगे क्योंकि हमारे पास 5 सांत्वना पुरस्कारों का प्रावधान था उसमें से भी एक पुरस्कार अभी भी बचा है। आप सुझाए इस तरीके से इसका उपयोग विकि के हित में किया जा सकता है। आपकी युवावस्था की प्रारंभिक आयु के अनुसार ये पुरस्कार की रकम आपके लिए बड़ी रकम हो सकती थी फिर भी आपने त्याग की भावना दिखाई ये अत्यंत प्रसंशनीय है। त्याग और देने की भावना विकि सदस्यो का मूल आधार है।--आर्यावर्त (वार्ता) 11:02, 28 नवम्बर 2017 (UTC)

लिव एंड मॅडी[संपादित करें]

Hello, I need help with translating this paragraph for the article लिव एंड मॅडी:

Liv and Maddie, titled Liv and Maddie: Cali Style in its fourth season, is an American teen sitcom created by John D. Beck and Ron Hart that originally aired on Disney Channel from July 19, 2013 to March 24, 2017. The series stars Dove Cameron in a dual role as identical twin sisters with entirely different personalities, with Liv being a girly girl who was an actress in Hollywood for four years and Maddie being a tomboy with a facility for sports, particularly basketball. The series revolves around Liv readjusting to normal family life after production on her hit television program Sing It Loud! ended, as well as the two sisters being best friends despite their opposing personalities and different interests.

I also tagged the article with needing translation for the infobox. In fact, there are multiple articles about Disney movies and TV shows that need help. Can anyone help with this? 2602:306:83A9:3D00:6C8A:EBA1:CB42:C973 (वार्ता) 20:57, 23 नवम्बर 2017 (UTC)

यदि आप अपने खाते में लॉगिन होकर सम्पादित करेंगे तो आपसे संपर्क सुविधाजनक रहेगा --सुयश द्विवेदी (वार्ता) 11:32, 24 नवम्बर 2017 (UTC)

शिवनारायण चन्द्रपॉल[संपादित करें]

☆★संजीव कुमार (✉✉) 13:28, 26 नवम्बर 2017 (UTC)

तकनीकी समस्या - Navigation popups[संपादित करें]

पन्ने के सबसे उपरी "मेरी पसंद" का चयन करने पर जब आप "उपकरण (गैजेट)" टैब में जाते है, वहा "Navigation popups" नाम का एक उपकरण है। इसे चुनने पर भी ये Navigation popups चालू नही हो रहे। ये समस्या कोई सलझा सकता है? Dharmadhyaksha (वार्ता) 09:13, 29 नवम्बर 2017 (UTC)

Dharmadhyaksha यह पुराने उपकरण वनाम नया मीडियाविकि का खेल है। हिन्दी विकि पर उपकरण पुराने होते जा रहे है। Navigation popups मे 2012 से किसी हिन्दी विकि वालो ने सुधार नहीं किया है। हिन्दी विकि पर विज्वल एडिटर इसलिए ही काम नहीं करता है। किसी ने फैब पर यह टिप्पणी भी की है कि यदि हिन्दी विकि वाले गैजेट का रखरखाव नहीं कर सकते तो उन्हे गैजेट को किसी दूसरी विकि से केंद्रीय फेट्च करना चाहिए। --Death skull.svg जयप्रकाश Death skull.svg 09:51, 29 नवम्बर 2017 (UTC)
ओहो! @Capankajsmilyo: क्या आप इस समस्या में मदत कर सकते है? मेरे पल्ले पडनेवाली ये चिज नही। Dharmadhyaksha (वार्ता) 10:46, 29 नवम्बर 2017 (UTC)
धर्माध्यक्ष जी मुझे इस चर्चा में सम्मिलित करने के लिए धन्यवाद् | जयप्रकाश जी का कथन सर्वथा उचित है | मैंने भी इस प्रकार की समस्याओ का निवारण करने का प्रयास आरम्भ किया था | किन्तु मुझे कहा गया की जैसा चल रहा है वैसे ही चलने दिया जाये | इसलिए मैंने हिंदी विकी से संन्यास ले लिया | जयप्रकाश जी केंद्रीय फेच का समर्थन नहीं करना चाहते हिंदी विकी के कुछ लोग | गैजेट तो दूर यहाँ तो सांचो में मॉड्यूल के प्रयोग पर भी सहमति नहीं है | Capankajsmilyo (वार्ता) 11:53, 29 नवम्बर 2017 (UTC)
पंकज जी, साँचे, मॉड्यूल और मिडियाविकि पृष्ठ भिन्न हैं। जहां तक केंद्रीय फेट्च करने की बात है, साँचो में किए गए बदलावो के कारण अनेक पृष्ठों में समस्या उत्पन्न हुई है और इसके निराकरण हेतु चर्चा भी चल रही है। मॉड्यूल और मिडियाविकि पृष्ठ भिन्न हैं। मॉड्यूल भी ऐसा ही संवेदनशील है जिस में बदलाव से अनेक पृष्ठो को असर पहुँच सकती हैं। मीडियाविकि पृष्ठ उपकरण के लिए काम करता है, उनसे उपकरण को छोडकर सीधे ही लेख के पृष्ठो पर असर नहीं पहुँच सकती। वैसे ये प्रबन्धको का विषय है, अब देखते हैं कि प्रबन्धक इस मीडियाविकि पृष्ठों को अध्यातन न होने वाली समस्या का समाधान करते हैं या नहीं। दूसरे किसी सदस्य को इस पृष्ठ को संपादित करने का अधिकार नहीं है।--आर्यावर्त (वार्ता) 13:23, 30 नवम्बर 2017 (UTC)
  • Dharmadhyaksha जी उपकरण को अंग्रेजी विकि के अनुरूप अद्यतन कर दिया गया है। फिलहाल यह कार्य करेगा किन्तु इसका इंटरफेस अंग्रेजी में ही है।
  • सभी सदस्यों से आग्रह है कि कृपया वार्ता पन्ने पर दी गयी सूची का अनुवाद करने में सहायता करें ताकि इस उपकरण का हिंदी में स्थानीयकरण यथाशीघ्र किया जा सके। शुभकामनायें। --SM7--बातचीत-- 12:52, 2 दिसम्बर 2017 (UTC)
@SM7: धन्यवाद! Dharmadhyaksha (वार्ता) 03:27, 4 दिसम्बर 2017 (UTC)

श्रेणी:देश आँकड़े साँचे में कई दोहरे साँचे[संपादित करें]

श्रेणी:देश आँकड़े साँचे में कई दोहरे साँचे है। मुझे पता नही इन का विलय कैसे करे या और क्या कर सकते है। उदाहरण के लिए कोई साँचा:देश आँकड़े YUG, साँचा:देश आँकड़े यूगोस्लाविया और साँचा:Country data YUG का सिर्फ एक साँचा बना सकता है क्या? उस एक साँचे का नाम "देश आँकड़े यूगोस्लाविया" होना चाहिए। कोइ एक निपटा के दिखा दे तो मैं बाकी के शायद कर सकता हुं। -Dharmadhyaksha (वार्ता) 10:13, 1 दिसम्बर 2017 (UTC)

सही नाम साँचा:देश आँकड़े यूगोस्लाविया के प्रारूप में होना चाहिए। बाकियों को इस पर अनुप्रेषित कर दें।
अनुप्रेषण के बाद विकिडेटा पर भी इसके अनुसार अद्यतन करना पड़ सकता है। जिनके नाम में अंग्रेजी में "Country data ..." लिखा हुआ है उनका शायद यहाँ कोई इस्तेमाल नहीं होता क्योंकि मूल साँचे द्वारा कड़ी "देश आँकड़े ..." प्रारूप में ही बनती है। अतः "Country data ..." को हटाया जा सकता है, हाँ, "देश आँकड़े ENNAME" प्रारूप वालों का हो सकता है कई जगह इस्तेमाल हो रहा हो, उन्हें रख सकते हैं (अनुप्रेषण के रूप में)। --SM7--बातचीत-- 13:00, 2 दिसम्बर 2017 (UTC)

Featured Wikimedian [December 2017][संपादित करें]

Wikimedia India logo.svg

Greetings, on behalf of Wikimedia India, I, Krishna Chaitanya Velaga introduce you to the Featured Wikimedian of the Month for December 2017, Hrishikes Sen.

Hrishikes Sen is one of the most active contributors from the Bengali community. Though he started editing English and Bengali Wikipedia in 2007, he had to take a long break due to professional constraints. Later he started working on Bengali Wikisource from 2012, and ever since, he has been an active contributor, and expanded to English Wikisource as well. With more than 45,000 global edits, he is an admin on English Wikisource.

As a child, Hrishikes always found reading books as a fascinating task. He says that he finds reference books as interesting as mystery novels. That interest, over years motivated him to contribute to Wikisource. The journey and motivation behind his contributions to Wikisource can be read from a post on WMF's blog, Why I contribute to Wikisource?. He says that till date he's been only active online, but he plans to do outreach in the coming future. He hopes that attending the 10th Anniversary Celebratory Workshop of Bengali Wikisource in Kolkata on 10 December may be a harbinger to his future offline activities.

Hrishikes believes that Wikisource will one day emerge as of the top digital libraries in the world, and says that as a store-house for primary and secondary source materials for Wikipedia, the importance of Wikisource is steadily becoming invaluable. Much of his time, Hrishikes spends working around Indian works, with a special focus on the works of Bankim Chandra Chattopadhyay, Jagadish Chandra Bose, and Rabindranath Tagore. Apart from being a proofreader, he uploaded more than 750 books spreading over five languages to Wikimedia Commons.

Hrishikes hails from Kolkata, but is presently based in Lucknow. By profession, he is a doctor serving in paramilitary forces. To his Bengali friends, he welcomes them to contribute to Bengali Wikisource which has more than 676,000 that have completed Optical Character Recognition and are waiting to be proofread.

Nomination can be made at: http://wiki.wikimedia.in/Featured_Wikimedian/Nominations

MediaWiki message delivery (वार्ता) 13:09, 1 दिसम्बर 2017 (UTC)

Train-the-Trainer 2018[संपादित करें]

Apologies for writing in English, please consider translating the message

Hello,

Train The Trainer 2018 logo version 01.jpg

We are delighted to inform that the Train-the-Trainer (TTT) 2018 programme organised by CIS-A2K will be held from 26-28 January 2018, in Mysore, Karnataka, India.

What is TTT? Train the Trainer or TTT is a residential training program. The program attempts to groom leadership skills among the Indian Wikimedia community (including English) members. Earlier TTT have been conducted in 2013, 2015, 2016 and 2017.

Who should join?

  • An editor who is interested to conduct real-life and online Wiki-events such as outreach, workshop, GLAM, edit-a-thon, photowalk etc.
  • Any active Wikimedian contributing to any Indic language Wikimedia project is eligible to apply.
  • The editor must have 500+ global edits before 1 November 2017
  • Anyone who has already participated in an earlier iteration of TTT, can not apply.

Please learn more about this program and apply to participate or encourage the deserving candidates from your community to do so. -- Titodutta using MediaWiki message delivery (वार्ता) 17:03, 1 दिसम्बर 2017 (UTC)

विकिडाटा की कड़ी के सम्बंध में एक प्रश्न[संपादित करें]

--मुज़म्मिलुद्दीन (वार्ता) 08:40, 2 दिसम्बर 2017 (UTC)

हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन, दिल्ली २०१८[संपादित करें]

सम्मेलन कब होगा? : १२, १३ और १४ जनवरी २०१८ - दिल्ली

कौन आ सकता है : हिंदी विकिपीडिया का कोई भी सदस्य पंजीकरण कर सकता है और चयन समिति प्रतिभागियों का चयन करेगी।

छात्रवृत्ति : चयन समिति द्वारा चुने गए लोगों को जाने आने का खर्चा दिया जाएगा और ज़रुरत के हिसाब से रहने की भी व्यवस्था की जायेगी।

चयन समिति

पंजीकरण :

महत्वपूर्ण तिथियां :

  • सम्मेलन : १२, १३ , १४ जनवरी २०१८
  • छात्रवृत्ति पंजीकरण (अंतिम) : १५ दिसंबर २०१७ (१५ से पहले यह गूगल फॉर्म भर दे)
  • छात्रवृत्ति निर्णय घोषणा : २५ दिसंबर २०१७
  • अंतिम पंजीकरण : १ जनवरी २०१८

दिल्ली सम्मेलन का इतिहास : https://blog.wikimedia.org/no/2015/03/02/हिन्दी-विकि-सम्मेलन-विस्/

--AbhiSuryawanshi (वार्ता) 18:32, 2 दिसम्बर 2017 (UTC)

फिल्मांकन/तस्वीर[संपादित करें]

सम्मेलन के कुछ अंशो का फिल्मांकन/तस्वीर खींचने के लिए १०,०००/- का प्रावधान किया है।

फिल्मांकन/तस्वीर की क्या ज़रुरत है? आने वाले समय में सम्मेलन इतिहास सिर्फ शब्दों की जगहों पर चित्रों और चलचित्रों द्वारा पेश किया जाए तो परिणाम अच्छे आएंगे। यह रिपोर्ट में भी अच्छी तरह से दिखेगी।

कौन फिल्मांकन कर सकता है? कोई भी अगर किसी फिल्मकार+फोटोग्राफर को जानता है तो आंतरराष्ट्रीय स्तर का चलचित्रण/फिल्मांकन कर सके - उनका नाम निचे दर्ज कराये।

मानधन? फिल्मांकन : हम १०,०००/- रुपये तक का मानधन भी दिया जा सकता है। ज़रूरत के अनुसार खाने/पिने का इंतज़ाम भी किया जा सकता है।

ये चित्रफित कहा पे दिखाई जायेगी? बानी हुयी फिल्म कॉमन्स पे डाली जायेगी और विश्व हिंदी सचिवालय जैसी जगहों पे बैठक में दिखाई जा सकती है।

मैं सम्मेलन में आ रहा/रही हूँ पर मैं नहीं चाहता/चाहती की मेरी कोई तस्वीर खींचे या मेरा फिल्मांकन करे , क्या ये संभव है? हाँ, सम्मेलन के पहले आप आयोजकों से और फ़िल्मकार से बात करके उन्हें सूचित कर सकते है।

मेरे पास (हिंदी विकी सम्बंधित) बोलने जैसा बहोत कुछ है, मेरा चित्रीकरण होगा? हां, इसकेलिए भी पहले आयोजक और फ़िल्मकार से बात करले।

अगर किसी को और कुछ शंका, प्रश्न या सुचना हो तो ज़रूर पूछे। --AbhiSuryawanshi (वार्ता) 22:49, 7 दिसम्बर 2017 (UTC)

चर्चा जारी है।

हिंदी वर्ल्ड सेक्रेटेरिएट / विश्व हिन्दी सचिवालय में प्रतिनिधि भेजना[संपादित करें]

वर्ल्ड हिंदी सेक्रेटेरिएट "हिंदी विश्व सम्मेलन" का आयोजन करता है। सचिवालय में हिंदी विकी प्रबंधक प्रतिनिधि भेजे जा सके इस लिए मैं यहाँ ये संदेश छोड़ रहा हु


विश्व हिन्दी सम्मेलन क्या है?

विश्व हिन्दी सम्मेलन हिन्दी भाषा का सबसे बड़ा अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसमें विश्व भर से हिन्दी विद्वान, साहित्यकार, पत्रकार, भाषा विज्ञानी, विषय विशेषज्ञ तथा हिन्दी प्रेमी जुटते हैं। पिछले कई वर्षोँ से यह प्रत्येक चौथे वर्ष आयोजित किया जाता है।

सम्मेलन क्यों आयोजित किया जाता है?

अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की राष्ट्रभाषा के प्रति जागरुकता पैदा करने, समय-समय पर हिन्दी की विकास यात्रा का आकलन करने, लेखक व पाठक दोनों के स्तर पर हिन्दी साहित्य के प्रति सरोकारों को और दृढ़ करने, जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में हिन्दी के प्रयोग को प्रोत्साहन देने तथा हिन्दी के प्रति प्रवासी भारतीयों के भावुकतापूर्ण व महत्त्वपूर्ण रिश्तों को और अधिक गहराई व मान्यता प्रदान करने के उद्देश्य से १९७५ में विश्व हिन्दी सम्मेलनों की शृंखला शुरू हुई।

हिंदी विकिपीडिया और विश्व हिंदी सम्मलेन :

हिंदी विकिपीडिया दुनिया का सबसे बड़ा लोगों द्वारा चलाये जाने वाला विश्वकोश हैं। हमारे प्रतिनिधि "विश्व हिंदी सम्मेलन" में सहभागी हो, और उन्हें आयोजन समिति में भी शामिल किया जाए इस लिए जनवरी २०१८ के दूसरे सप्ताह में विश्व हिन्दी सचिवालय में बैठक आयोजित किया जा सकता है। यह बैठक हमारे दिल्ली सम्मेलन के पहले रखी जायेगी - विश्व हिंदी सचिवालय से लौटे प्रबंधक अपना अनुभव सारे समुदाय के साथ दिल्ली में साझा कर सकते है।

हिंदी विकी से प्रतिनिधि :
सम्मेलन अभी काफी दूर है पर अभी से संपर्क बनाने की ज़रुरत है। दो (समुदाय द्वारा चुने गए) प्रबंधक अगर समय निकाल कर जनवरी में विश्व हिन्दी सचिवालय जा सकते है तो इससे पूरे समुदाय को फायदा होगा -

प्रबंधक भेजने के फायदे :
-सबसे ज्यादा तकनिकी ग्यान प्रबंधको के पास है और अफसरों के टेढ़े सवालों के जवाब भी प्रबंधक आसानीसे दे सकते है।
-प्रबंधक हिंदी विकिपीडिया कैसे काम करता है दिखा सकते है और प्रबंधक होने के नाते वो गलत जानकारी या पन्ने कैसे हटाते हैं यह दिखा सकते है।
-प्रबंधक अफसरों का विश्वास आसानी से हासिल कर सकते है।(कुछ लोग प्रबंधको की कमी की बजह से विकिपीडिया पे कम विश्वास रखते है, प्रबंधक खुद प्रकट हो जाए तो फ़ायदा तो होगा ही)

समुदाय अगर दो प्रबंधक प्रतिनिधि चुनता है, तो सारा खर्चा फाउंडेशन द्वारा उठाया जा सकता है।

सफलता :
अगर हमारे लोग जनवरी से ही सचिवालय के संपर्क में रहे तो मुख्य अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में ज्यादा फायदा होगा। अगला अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन सितम्बर / अक्टूबर २०१८ में आयोजित किया जाएगा।

--AbhiSuryawanshi (वार्ता) 23:55, 3 दिसम्बर 2017 (UTC)

नामांकन :
अगर आप खुद को या किसी प्रबंधक को नामांकन देना चाहते है तो कृपया निचे नाम दर्ज करे। (२ जनवरी से १२ जनवरी के बिच में बैठक आयोजित की जा सकती है, चुने गए प्रतिनिधि उनके हिसाब से और हिंदी सचिवालय के उपलब्धि ध्यान में रख कर आखरी तारीख तय कर सकते है)

  • नामांकन १
  • व्यक्ति का नाम : अभिषेक सूर्यवंशी 
  • स्वीकृति :दो दिग्गज प्रबंधको के होते हुए नामांकन/छात्रवृत्ति की अपेक्षा करना मुझे उचित नहीं लगता। मेरा पूरा सहयोग रहेगा। मैंने जर्मनी वाले सम्मेलन की लिए भी यही बात की थी, चैप्टर के व्यक्ति वैसे भी आसानी से किधर भी पोहोंच सकते है, इस लिए मैं हिंदी के नामांकनो से दूर रहना चाहता हूँ, हिंदी से भी नामांकन स्वीकृत करना और इसका भाग होना हित द्वंद श्रेणी में जाएगा। मैं इस लिए भी दूर रहना चाहता हु क्योकि मेरी इच्छा हैं की हिंदी के वरिष्ठ लोगो को मौका मिले जो (फिलहाल) किसी भी चैप्टर के कार्यकारिणी में नहीं है। केंद्रीय मंत्री राज्य स्तर पर भी लाभ ले तो मेरे हिसाब से गलत होगा, मैं मदत के लिए हमेशा तैयार रहूँगा और आंतरराष्ट्रीय स्तर से जो भी मदत लगे - वो दिलाने की पूरी कोशिश करूँगा। धन्यवाद। --AbhiSuryawanshi (वार्ता) 18:33, 5 दिसम्बर 2017 (UTC)
  • समर्थन :
  1. Symbol support vote.svg समर्थन - प्रस्तावक के तौर पर। कार्यक्रम के सूत्रधार एवं संचालक होने के नाते अभिषेक जी का प्रतिनिधिमंडल में होना अपरिहार्य है। --अनामदास 03:05, 4 दिसम्बर 2017 (UTC)
नामांकन २
  • व्यक्ति का नाम : सदस्य:संजीव कुमार
  • स्वीकृति : अन्य उपयुक्त व्यक्तियों की अनुपस्थिति की स्थिति में स्वीकृत कर रहा हूँ। यदि स जी, SM7 जी, पीयूष जी अथवा अन्य कोई कुशल प्रबन्धक अथवा कुशल पूर्व प्रबन्धक (जैसे शुभम जी, मयुर जी) यदि भाग लेना चाहें तो मैं अपने आप को योग्य नहीं मानता। मैं कुछ लोगों का नाम नहीं लिख रहा हूँ क्योंकि कुछ पहले से नामांकित हैं और कुछ के नाम याद नहीं आ रहे।☆★संजीव कुमार (✉✉) 14:25, 8 दिसम्बर 2017 (UTC)
  • समर्थन :
  1. Symbol support vote.svg समर्थन - प्रस्तावक के तौर पर। प्रबंधन एवं तकनीकी ज्ञान में प्रवीण --अनामदास 03:05, 4 दिसम्बर 2017 (UTC)
  2. Symbol support vote.svg समर्थन प्रथम प्राथमिकता--जयप्रकाश >>> वार्ता 08:07, 5 दिसम्बर 2017 (UTC)
  3. Symbol support vote.svg समर्थन--सुयश द्विवेदी (वार्ता)
  4. Symbol support vote.svg समर्थन -- संजीव जी पहले से ही ऐसे कार्यक्रम के प्रचार में आगे रहे है, २०१५ के पहले सम्मेलन में भी उनका अमूल्य योगदान था। सचिवायालय के लिए ठोस समर्थन --AbhiSuryawanshi (वार्ता) 04:41, 9 दिसम्बर 2017 (UTC)
  5. Symbol support vote.svg समर्थन--राजू जांगिड़ (वार्ता) 15:55, 10 दिसम्बर 2017 (UTC)
  6. Symbol support vote.svg समर्थन - मेरे विचार से संजीव जी इसके लिए सर्वाधिक उपयुक्त व्यक्ति हैं। हिंदी विकि पर दीर्घकालीन आनुभव और यहाँ की समस्यायों/ज़रूरतों/भावी प्रायोज्यताओं का आपसे बेहतर किसी को अनुमान नहीं हो सकता। अतः आपको समर्थन। --SM7--बातचीत-- 19:47, 11 दिसम्बर 2017 (UTC)

नामांकन ३[संपादित करें]

  • व्यक्ति का नाम : सदस्य: आशीष भटनागर
  • स्वीकृति : मेरा चिर उद्देश्य हिन्दी की सेवा करना व उसे बढ़ावा देना रहा है। कार्यालय में भी मेरा यही प्रयास रहता है। हिन्दी विकिपीडिया पर अपने बारे में कुछ कहने की आवश्यकता नहीं समझता हूँ। हाँ अपने इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु अन्तर्राष्ट्रीय मञ्च पर यदि अवसर मिले तो मेरा यह आश्वासन है कि मैं हिन्दी विकिपीडिया द्वारा हिन्दी के उत्थान में अभिन्न योगदान को सिद्ध करने में नहीं चूकूंगा एवं आप सभी को निराश नहीं करूँगा। मेरी पूर्ण स्वीकृति इस हेतु है।--आशीष भटनागरवार्ता 16:10, 4 दिसम्बर 2017 (UTC)
  • समर्थन :
  1. Symbol support vote.svg समर्थन - प्रस्तावक के तौर पर। प्रबंधन एवं तकनीकी ज्ञान में प्रवीण --अनामदास 03:05, 4 दिसम्बर 2017 (UTC)
  2. Symbol support vote.svg समर्थन--आर्यावर्त (वार्ता) 16:18, 4 दिसम्बर 2017 (UTC)
  3. Symbol support vote.svg समर्थन--सुयश द्विवेदी (वार्ता)
  4. Symbol support vote.svg समर्थन-- आशीष जी पिछली बार भी सरकारी अफसरों से मिले थे, तब बाकीके सरकारी कर्मचारी उनका काम और (सरकारी) पेशा देख कर अचंबित हुए थे। आशीष जी भी सरकार के लिए (उच्च स्तर के हवाई खाते में) काम करते हैं, और सरकारी काम से वक़्त निकाल कर विकिपीडिया पे आते है - यह बात (हिंदी भाषा मंडल के) सरकारी पेशे में काम करने वाले लोगों के दिल को छू गयी थी। एक उच्च स्तर का सरकारी अधिकारी जब दूसरे खाते के उच्च सरकारी अधिकारी से मिलता है, तो उसे 'अपना'पन महसूस होना स्वाभाविक है। (यह मेरा व्यक्तिगत अनुभव हैं, मैंने आशीष जी के साथ हिंदी भाषा मंडल में गया था और ये वहा का अनुभव है)
उनका काम भलेही हवा में उड़ने वाली चीज़ो से निगडित हो, पर वो हमेशा से ही जमींन पर बिना घमंड के रहे है और हिंदी विकिपीडिया को आसमान की ऊंचाइयों तक पहुंचाने का उनका प्रयास रहा है, इस लिए मैं चाहता हु की (कमसे कम पहली बैठक में) आशीष जी ज़रूर जाए। -- AbhiSuryawanshi (वार्ता) 07:07, 6 दिसम्बर 2017 (UTC)
नामांकन ४
  1. Symbol support vote.svg समर्थन - प्रस्तावक के तौर पर। प्रबंधन एवं तकनीकी ज्ञान में प्रवीण। निवेदन है कि ऑफ लाइन प्रबंधन की विधा में भी अपने ज्ञान व अनुभव का लाभ समुदाय को प्रदान करें। --अनामदास 03:05, 4 दिसम्बर 2017 (UTC)
नामांकन ५
  • व्यक्ति का नाम : सुयश द्विवेदी
  • स्वीकृति : इस कार्य हेतु मेरी सहर्ष सहमति है।दसवाँ विश्व हिन्दी सम्मेलन जो भोपाल में आयोजित हुआ था वहाँ इस कार्यक्रम/आयोजन/प्रबंधन को मैंने बारीकी से देखा था, तथा विभिन्न सदस्यों से समय समय पर चर्चा कर अगले विश्व हिन्दी सम्मलेन में किस प्रकार हिन्दी विकिपीडिया इसका प्रतिभागी हो सकता है और इसके हेतु पूर्व से ही तैयारियों की रणनीति की चर्चा की। --सुयश द्विवेदी (वार्ता) 07:56, 5 दिसम्बर 2017 (UTC)
  • समर्थन :
  1. Symbol support vote.svg समर्थन - प्रस्तावक के तौर पर। चैप्टर के सदस्य होने के नाते विस्तृत अधिकार क्षेत्र, वैधानिक वार्ता हेतु सक्षम, आयोजनों व विभिन्न संस्थाओं से संबंध स्थापित करने का व्यापक अनुभव। --अनामदास 03:05, 4 दिसम्बर 2017 (UTC)
  2. Symbol support vote.svg समर्थन--जयप्रकाश >>> वार्ता 08:04, 5 दिसम्बर 2017 (UTC)
  3. राजनय मार्ग : सुयशजी - क्या आपने चैप्टर के विकल्प के बारे में सोचा हैं? विकिमीडिआ इंडिया चैप्टर के पास हिंदी का नेतृत्व करनेकी संधि है। हिंदी से अनुभवी प्रबंधक चुने जाये और आप चैप्टर की तरफ से आते है तो राजनय/diplomacy अच्छे से बनेगी। --AbhiSuryawanshi (वार्ता) 07:27, 6 दिसम्बर 2017 (UTC)
नामांकन ६
  • व्यक्ति का नाम : अनामदास
  • स्वीकृति : उक्त नामांकनों के किसी भी कारणवश फलीभूत न हो पाने की स्थिति में विकल्प के तौर पर मैं स्वनामांकन भी कर रहा हूँ। यदि अभिषेक जी मार्गदर्शक के तौर पर साथ रहते हैं तो हिंदी विकि व सदस्यदल के प्रतिनिधि के रूप में मैं स्वयं को इस जिम्मेदारी का निर्वहन करने हेतु कुछ सीमा तक (कम से कम गुजारा चलाने लायक) सक्षम समझता हूँ। --अनामदास 03:17, 4 दिसम्बर 2017 (UTC)
  • समर्थन :
  1. Symbol support vote.svg समर्थन प्रबन्धक एवं आउटरिच कार्यक्रमों के लिए अनुभवी होने के कारण मेरे हिसाब से आप सब से उचित सदस्य हैं। और तो और आपने अपनी स्वीकृति भी प्रदान कर दी हैं।--आर्यावर्त (वार्ता) 13:13, 4 दिसम्बर 2017 (UTC)
  2. Symbol support vote.svg समर्थन हिन्दी विकिपीडिया में योगदान, पकड़ एवं अच्छी समझ के साथ साथ मेरे साथ उत्कृष्त सामञ्जस्य एवं समञ्जन (ट्यूनिंग) भी अनामदास जी के साथ होने के कारण मुझे पूर्ण विश्वास है कि ये उक्त सम्मेलन में मेरे साथ या बिना भी जाकर मेरे उद्देश्य को अक्षरशः पूर्ण करने में समर्थ हैं। अतः मेरी प्रथम वरीयता अपने साथ अनामदास जी की ही है।आशीष भटनागरवार्ता 16:21, 4 दिसम्बर 2017 (UTC)
  3. Symbol support vote.svg समर्थन--जयप्रकाश >>> वार्ता 08:05, 5 दिसम्बर 2017 (UTC)
  4. Symbol support vote.svg समर्थन--सुयश द्विवेदी (वार्ता)
  5. Symbol support vote.svg समर्थन--मेरे विचार से अनामदास जी उपयुक्त व्यक्ति है।
  6. Symbol support vote.svg समर्थन -- अनामदास जी को विकिपीडिया का बहुत अच्छे से ज्ञान है और ये एक अच्छे वक्ता है साथ ही इनकी पकड़ भी बहुत अच्छी है इस कारण मेरा इन्हें पूर्ण समर्थन।--राजू जांगिड़ (वार्ता) 13:08, 5 दिसम्बर 2017 (UTC)
  7. Symbol support vote.svg समर्थन -- हिंदी विकिपीडिया को संगठनात्मक संरचना/organizational-structure की ज़रुरत है ये बात अनामदास जी ने बहोत पहले कही है, और उन्होंने कदम भी उठाये (जैसे की यूजरग्रुप/सदस्यदल की स्थापना, विकिमीडिआ फाउंडेशन से जुड़ा रहना और हिंदी के दूत/ambassador लोगो में ढूंढ़ना इत्यादि)
ऐसे कामो के लिए राजनय कला ज़रूरी है और अनामदास जी इसमें विशेषज्ञ है।
दूरदृष्टि, अनुभव, राजनय कला और हिंदी विकी के तरक्की के लिए महत्वाकांक्षा - इन मुख्य मुद्दों को ध्यान में रखकर मैं चाहता हूँ की अनामदास जी सचिवालय में हिंदी विकिपीडिया का प्रतिनिधित्व करे। --AbhiSuryawanshi (वार्ता) 07:57, 6 दिसम्बर 2017 (UTC)

टिप्पणी[संपादित करें]

Pictogram voting comment.svg टिप्पणी इसी वर्ष जनवरी में चतुर्थ विश्व हिन्दी सम्मेलन विशाखापट्टनम में आयोजित हुआ था जिसमें मैं उपस्थित था और "हिन्दी विकिपीडिया के माध्यम से हिन्दी भाषा के प्रयोग को बढाने का प्रयास" के शीर्षक पर सम्बोधित किया था। उस समय विश्व हिन्दी सचिवालय के कुछ सदस्यों से भी मेरी बात हुई थी। इसके पश्चात भारत में महात्मा गान्धी अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के दूर शिक्षा निदेशालय की ओर से एम ए हिन्दी के लिए " हिन्दी विकीपिडिया लेखन और उसकी विकास प्रक्रिया का अध्‍ययन" की इकाई लिखने का अवसर प्राप्त हुआ। इससे पूर्व भी दस हिन्दी विकिपीडिया प्रशिक्षण वीडियोज़ की तय्यारी भी मेरे लिए गौरव का विषय थी। मेरी शुभकामनाएँ मेरे सारे मित्रों के लिए है जो प्रबंधक हों या न हों, पर हिविकि की सेवा से वे जुड़े हैं। यदि कोई मित्र इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने में असमर्थ है और मुझे सम्मिलित करना चाहें तो मैं सेवा के लिए तय्यार हूँ। धन्यवाद! --मुज़म्मिलुद्दीन (वार्ता) 08:03, 4 दिसम्बर 2017 (UTC)

जिस विश्व हिन्दी सम्मेलन की बात यहाँ हो रही है उसका चतुर्थ संस्करण सन् 1993 में मॉरीशस में आयोजित हुआ था। अतः शायद उक्त तथ्य में कोई गलतफहमी है अथवा वह आयोजन किसी और संस्था द्वारा किया गया होगा। दूसरी बात, आप भी अपना नामांकन करने के लिए स्वतंत्र हैं जैसा कि मैंने अपने लिए भी किया है। आपका हिंदी विकिपीडिया पर दिया गया योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसमें संदेह नहीं। लेकिन नामांकन करने के लिए किसी की प्रतीक्षा करना उचित नहीं। कृपया आगे आएँ और नामांकन करें। --अनामदास 11:36, 4 दिसम्बर 2017 (UTC)
ये पद्धति सही नहीं है कि प्रस्तावक स्वयं प्रस्ताव रखें और कुछ सदस्यों का नामांकन भी कर दें। चर्चा के बाद नामांकन या तो सदस्य को स्वयं आगे आकर नामांकन करना चाहिए। नामांकन का क्रम भी जो पहले नामांकन करें उसका नाम प्रथम इस पद्धति से होना चाहिए। मान लों कि हम सभी ने संजीव जी को मत दिये और बाद में संजीव जी के पास जाने के लिए समय न भी हो। अच्छा रहेगा कि जो जाना चाहता हो स्वयं नामांकन करें। कुछ लोगों का नामांकन हो जाये और कुछ लोग जाना चाहते हो उसका नामांकन ही न हो, उनको स्वयं का नाम जोड़ने में शर्म आ रही हो, कुछ भी हो सकता है। इसलिए ये पद्धति योग्य नहीं है। (स्पष्टता:-मुझे अपना नामांकन करना नहीं है, मेरे पास अभी समय नहीं है। अतः कोई ये न समझे कि ये टिप्पणी मेरा नामांकन नहीं हुआ इसलिए हैं!--आर्यावर्त (वार्ता) 13:05, 4 दिसम्बर 2017 (UTC)
@आर्यावर्त: स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। जब तक नामांकित सदस्य नामांकन स्वीकार न करे, तो मत न दें। रही बात अपने नामांकन पर शर्म आने की,(शायद संकोच अधिक उचित शब्द है), तो जिसे शर्म आती हो उसके लिए पर्दे में पड़े रहना ही उचित है। जहाँ कार्य करने जाना हैं, वहाँ जाकर कहीं शर्माने न लगे। --अनामदास 13:15, 4 दिसम्बर 2017 (UTC)
मेरा यह मानना है की प्रारभिक स्तर से ही इस सम्मलेन हेतु तैयारी की जानी चाहिए तथा मुख्य सम्मलेन में ०८ -१० सदस्यों का दल भेजना चाहिए, जो की वहा कुछ समय तक रुक कर अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनो से बातचीत कर सकें तथा उनका हिंदी विकिपीडिया/यूज़र ग्रुप के साथ MOU कर हिन्दी भाषा और विकी का कल्याण हो सके। --सुयश द्विवेदी (वार्ता) 08:05, 5 दिसम्बर 2017 (UTC)
सुयश जी - आपके मुँह में घी शक्कर! आशा है की 'कम-से-कम' ८ से १० लोग अगले विश्व हिंदी सम्मेलन में विकिपीडिया से जा सके। --AbhiSuryawanshi (वार्ता) 07:35, 6 दिसम्बर 2017 (UTC)
आर्यावर्त जी, आपके विचार भी उचित हैं और मैं समहत भी हूँ लेकिन जैसा अनामदास जी ने कहा, स्वीकृति का विकल्प भी इसका दूसरा पर्याय है। जब तक सदस्य स्वीकृति न दे, तब तक उनको दिये गये मत महत्त्व नहीं रखते।☆★संजीव कुमार (✉✉) 14:31, 8 दिसम्बर 2017 (UTC)
चर्चा जारी है।

CIS-A2K Newsletter October 2017[संपादित करें]

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Hello,
CIS-A2K has published their newsletter for the months of October 2017. The edition includes details about these topics:

  • Marathi Wikipedia - Vishwakosh Workshop for Science writers in IUCAA, Pune
  • Bhubaneswar Heritage Edit-a-thon
  • Odia Wikisource anniversary
  • CIS-A2K signs MoU with Telangana Government
  • Indian Women Bureaucrats: Wikipedia Edit-a-thon
  • Interview with Asaf Bartov

Please read the complete newsletter here.
If you want to subscribe/unsubscribe this newsletter, click here. Sent using --MediaWiki message delivery (वार्ता) 05:43, 4 दिसम्बर 2017 (UTC)

अशोक स्तम्भ[संपादित करें]

Nilesh shukla (वार्ता) 11:20, 5 दिसम्बर 2017 (UTC) nilesh shukla

{{साँचा:ज्ञानसंदूक भूतपूर्व देश}} व {{साँचा:Infobox Former Country}} में समस्या[संपादित करें]

मैंने हाल ही में हिन्द-पहलव साम्राज्य में {{[[साँचा::Infobox Former Country]]}} का प्रयोग किया। इस लेख में सबसे नीचे त्रुटि सन्देश Warning: Value specified for "continent" does not comply लिख कर आ रहा है जबकि मूल साँचा {{साँचा:ज्ञानसंदूक भूतपूर्व देश}} का प्रयोग करने पर ऐसी त्रुटि नहीं आ रही है। (आप पहलवी साम्राज्य लेख देख सकते हैं) {{साँचा:Infobox Former Country}} तो {{साँचा:ज्ञानसंदूक भूतपूर्व देश}} का ही पुनर्निर्देशन है तब ऐसी दिक्कत क्यों आ रही? कृपया सदस्यगण ध्यान दे।--प्रतीक मालवीय 09:18, 6 दिसम्बर 2017 (UTC)

श्रेणी:सदस्य निबंध[संपादित करें]

मित्रों,

अंग्रेज़ी विकिपीडिया एक श्रेणी en:Category:User_essays मौजूद है। यह श्रेणी विशेष रूप से विकिपीडिया पर सक्रिय सदस्यों के निबंधों पर आधारित है। इसके कुछ नियम जो देखने में आए हैं:

  1. सदस्य निबंधों को मुख्य नामस्थान के बजाए सदस्यों के उप-पृष्ठ के रूप में निर्मित किया जाता है। यानी यदि आपका सदस्य खाता स:Xyz है, और आप क्रिकेट के लेखों के अपने अनुभ पर एक निबंध "क्रिकेट के लेखों पर मेरा अनुभव" लिखना चाहते हैं, तो उप-पृष्ठ स:Xyz/क्रिकेट के लेखों पर मेरा अनुभव बनेगी।
  2. साधारण रूप से कोई भी सदस्य इन्हे इस प्रकार अपने सदस्य उप-पृष्ठ रूप में से स्वतंत्र रूप से लिख सकता है और कुछ भी सामग्री जोड़ सकता है (जब तक एक सभ्य भाषा हो और किसी की मानहानि का इरादा न हो)।
  3. सदस्य निबंध ज्ञानकोश का भाग नहीं हैं। न ही ये कोई नियम तय करते हैं। परन्तु सक्रिय तथा अनुभवी सदस्यों द्वारा लिखित निबंध भविष्य के सदस्यों को विकिपीडिया पर वर्तमान योगदानकर्ता के अनुभवों और उनके विचारों को दिखा सकते हैं।

इसलिए मैं सभी अनुभवी योगदानकर्ताओं से अनुरोध करता हूँ आप श्रेणी:सदस्य निबंध में अपने सकारात्मक व्यक्तिगत विचार, अनुभव और विकिपीडिया संबंधित घटनाओं आदि को सम्मिलित करें। धन्यवाद! --मुज़म्मिलुद्दीन (वार्ता) 18:25, 6 दिसम्बर 2017 (UTC)

विकिपीडिया भाषा सदस्य निबंध की संख्या
अंग्रेज़ी 1,732 निबंध, 8 उपश्रेणियाँ
अरबी 11 निबंध
जर्मन 295 निबंध, 2 उपश्रेणियाँ
फ़ारसी 8 निबंध
फ़्रान्सीसी 116 निबंध
जावानी 118 निबंध
कोरियाई अस्पष्ट संख्या में निबंध
चीनी अस्पष्ट संख्या में निबंध
हिन्दी 5 निबंध
उर्दू 1 निबंध

--मुज़म्मिलुद्दीन (वार्ता) 10:40, 9 दिसम्बर 2017 (UTC)

चन्द्रयान[संपादित करें]

--जयप्रकाश >>> वार्ता 18:00, 7 दिसम्बर 2017 (UTC)

Supporting Indian Language Wikipedias Program: Needs Assessment Survey[संपादित करें]

Please translate this message if possible
Wikipedia-logo-v2.svg

Hello,
We are extremely delighted to inform that the Wikimedia Foundation and CIS-A2K have come together in a partnership with Google to launch a pilot project Supporting Indian Language Wikipedias Program to address local online knowledge content gaps in India. In order to engage and support active Wikipedia volunteers to produce valuable new content in local Indian languages, we are conducting a needs assessment survey. The aim of this survey is to understand the needs of the Indic Wikimedia community and ascertaining their infrastructure requirements that we can fulfill during the course of this project.

Please help us by participating in the survey here.

Your opinion will help to make the program better. Kindly share this survey across your communities, user groups and network of fellow Indic Wikimedians. -- m:User:Titodutta, sent using MediaWiki message delivery (वार्ता) 08:51, 8 दिसम्बर 2017 (UTC)

Scanning का हिंदी अर्थ,परिभाषाएं[संपादित करें]

साहित्य का सुक्षमता के साथ परीक्षण करना स्कैनिंग या क्रमवीक्षण कहलाता है।

हिन्दी विकिसम्मेलन[संपादित करें]

ध्यान दे हिन्दी विकिसम्मेलन २०१८ नई दिल्ली के सिलसिले में कल १० दिसंबर , रविवार को हिंदी समुदाय की गूगल हैंगआउट पर चर्चा होगी आप से निवेदन है कि आप इसमें जुड़े| समय ८.३० रात्री यह लिंक पर। -Abhinav619 (वार्ता) 01:58, 9 दिसम्बर 2017 (UTC)

मेटा पे कार्यक्रम का एजेंडा डालने क लिए धन्यवाद, १००% पारदर्शिता-- AbhiSuryawanshi (वार्ता) 04:45, 9 दिसम्बर 2017 (UTC)

सुझाव[संपादित करें]

दिल्ली विकिसम्मेलन की चर्चा से प्रेरित होकर एक विचार आया तो वह रखना चाहूंगा। जैसे विकिसम्मेलन मैं सब धरातल पे एक दूसरे से मिलते है और नाना प्रकार के कार्यक्रम में भाग लेते है, उसी प्रकार से एक ऑनलाइन सम्मेलन भी होना चाहिए निश्चित अंतराल पर। इसमे आप अलग अलग कार्यक्रम निश्चित भी कर सकते है। जैसे चर्चा, ट्रेनिंग, आउटरीच, प्लैनिंग, सुझाव, संपादन प्रतियोगिता, इत्यादि। इसके दो विशेष लाभ होंगे। एक तो इसमें विकिसम्मेलन से अधिक लोग सम्मिलित हो पाएंगे और दूसरा इसमें विकिसम्मेलन से कई गुना कम खर्च में भी किया जा सकता है। साल में एक विकिसम्मेलन ओर सप्ताह या माह में एक ऑनलाइन सम्मेलन का होना काभी लाभकारी सिद्ध हो सकता है। कृपया सब अपने विचार रखें। Capankajsmilyo (वार्ता) 17:13, 10 दिसम्बर 2017 (UTC)

जी,आपके विचार उत्तम है और इसपर काम चल रहा है और निकट भविष्य में आपको ये विचार साकार होता दिखाई भी देगा।:-Swapnil.Karambelkar (वार्ता) 08:44, 11 दिसम्बर 2017 (UTC)


हिंदी विकिमीडिएंस सदस्य दल / यूजरग्रुप : भविष्य २०१८[संपादित करें]

हिंदी विकिमीडिएंस सदस्य दल / यूजरग्रुप :

सबसे पहले में ध्वजवाहकों को धन्यवाद देना चाहूंगा क्योंकि उन्होंने पंजीकरण के समय ये जिम्मेदारी उठायी। उस वक़्त ये बात हुयी थी की ध्वजवाहक चुनाव से तय किये जाए। सदस्य-दल बने हुए लगभग एक साल हो चूका है और "जनवरी २०१८ दिल्ली सम्मेलन" में ध्वजवाकको के कार्य और चुनाव पर चर्चा हो सकती है।

सदस्य दल है क्या?

हिंदी विकिमीडिआ के प्रकल्पो पे काम करने वाले सदस्यों को आउटरीच / विकी प्रचार में आसानी हो इसलिए सदस्य-दल स्थापित किये जाते है। अधिक जानकारी : (https://meta.wikimedia.org/wiki/Wikimedia_user_groups)

सदस्य दल के फायदे क्या है?
  • विकी के प्रचार का काम आप तो वैसेभी कर सकते हो पर सदस्य-दल के कुछ फायदे है :
  1. आप बड़ी ग्रांट (समूह की ओर से) मांग सकते हो।
  2. विकिमीडिआ का ट्रेडमार्क (लोगो/चिन्ह आदि) इस्तेमाल कर सकते है।
  3. जर्मनी जैसे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिनिधि भेज सकते है।
सदस्य दल में कौन कौन शामिल हो सकता है?

सदस्य-दल हिंदी में विश्वास रखने वाले सभी लोगों को लिए निशुल्क खुला है।

सदस्य-दल का काम कौन देखता है?

ध्वज-वाहक/बोर्ड मेंबर्स सदस्य-दल का काम देखते है।

ध्वज-वाहक कैसे चुने जाते है?

यूजरग्रुप के सदस्य चुनाव के ज़रिये नेतृत्व का चयन कर सकते है।

अगले चुनाव कब होंगे?

दिल्ली सम्मेलन में चुनाव का प्रस्ताव है।

चुनाव में भाग लेने के लिए दिल्ली आना ज़रूरी है?

आप आये तो बढ़िया है पर अगर आप किसी निजी कारण से नहीं आ सकते तो भी आप चुनाव में हिस्सा ले सकते है।

मतदान कैसे होगा?

गुप्त मतदान किया जा सकता है और ज्यादा लोगों की मांग हो तो खुला मतदान भी ले सकते है।

चुनाव कौन देखेगा? निर्णय आदि कौन तय करेगा?

विकिमीडिआ इंडिया चैप्टर से लोगों को बुलाया जाएगा और पारदर्शिता रखी जायेगी। उनका निर्णय अंतिम रहेगा।

चुनाव में कौन खड़ा रह सकता है?

कोई भी जो हिंदी विकिमीडिआ प्रकल्पो पे विश्वास रखता हो और जो महत्वाकांक्षा से सदस्य-दल को आगे बढ़ाना चाहता है - वो कोई भी सदस्य चुनाव लड़ सकता है।

चुनाव में कौन मतदान कर सकता है?

सदस्य-दल का कोई भी आम सदस्य मतदान कर सकता है।

एक बार में कितने लोगों को मत दे सकते है?

आप ज्यादा से ज्यादा ७ लोगों को मतदान दे सकते है।

महत्वपूर्ण तिथियां
  • चुनाव नामांकन शुरू : १५ दिसंबर २०१७
  • चुनाव नामांकन की आखरी तारीख : २५ दिसंबर २०१७
  • नाम वापस लेने की आखरी तारीख : ३१ दिसम्बर २०१७
  • सवाल - जवाब  : १ - ७ जनवरी २०१८
    (कोई भी आपको क्यों चुनना चाहिए इसपर सवाल पूछ सकता है)
  • अंतिम मतदान : दिल्ली, १४ जनवरी २०१८। दोपहर ४ बजे
  • निकाल घोषणा : दिल्ली, १४ जनवरी २०१८। शाम ८ बजे
मतदान कैसे और कब होगा? 

आप अपना (गुप्त) मत दिल्ली में दे सकते है । आप सम्मेलन में नहीं आ रहे तो कृपया किसी और के साथ मत देने का इंतज़ाम करे, या यहाँ (निचे टिपण्णी में) आपकी मतदान करने की इच्छा व्यक्त करे और कोई और आपको मदत करेगा।

--AbhiSuryawanshi (वार्ता) 21:42, 11 दिसम्बर 2017 (UTC)

नामांकन पर्ची 

खुद को भी नामांकन दिया जा सकता है। आप ज्यादा से ज्यादा २ लोगों को नामांकित कर सकते है। हर नामांकन के लिए एक प्रस्तावक का होना ज़रूरी है - ये व्यक्ति ऐसी हो जो आपको जानती हो। खुद को नामांकन देने के बाद भी प्रस्तावक चाहिए।

  • नामांकन  :
  • व्यक्ति का नाम :
  • प्रस्तावक :
  • स्वीकृति :
  • आपका अभी तक का हिंदी के लिए योगदान :
  • ध्वजवाहक क्यों चुना जाए? :

पंकज बिष्ट : लेख की उल्लेखनीयता[संपादित करें]

कृपया इस लेख की उल्लेखनीयता पर प्रकाश डालें, वर्ना इसे हटाया जाए।

  • लेख विकि प्रारूप अनुसार अच्छा बना हुआ है,
  • उल्लेखनीय कुछ विशेष नहीं मिला।
  • सम्मान का खाता यहां खाली है।
अतः यदि सर्व सम्मति हो तो लेख हटाया जाए, किन्तु अच्छा प्रारूप होने के कारण निर्मम नहीं हुआ जाता है। किसी को कोई अन्य जानकारी हो तो कृपया बतायें।आशीष भटनागरवार्ता 04:47, 13 दिसम्बर 2017 (UTC)

रखा जाए[संपादित करें]

  1. Symbol support vote.svg समर्थन-पंकज बिष्ट हिंदी के एक मुर्धन्य रचनाकार है। उनकी उल्लेखनीयता असंदिग्ध है। पंकज बिष्ट वर्तमान में 'समयांतर' पत्रिका के संपादक हैं। इसके अतिरिक्त आज तक उनके पांच कहानी संग्रह और चार उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं। ये उपन्यास हैं, लेकिन दरवाजा, उस चिड़िया का नाम, पंख वाली नाव, शताब्दी से शेष। उपन्यास 'उस चिड़िया का नाम' का अंगरेजी सहित अन्य विदेशी भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। इतनी ही नहीं इस उपन्यास के लिए उनको साहित्य अकादमी पुरस्कार के लिए भी चुना गया था लेकिन पंकज बिष्ट ने कुछ सैद्धांतिक मुद्दे उठाकर ये पुरस्कार लेने से मना कर दिया। इसलिए मेरा निवेदन है कि इस लेख को न हटाया जाय। ये लेख विकिपीडिया के लिए ज्ञानकोशीय महत्व रखता है।--कलमकार वार्ता 04:55, 13 दिसम्बर 2017 (UTC)

मिग १५[संपादित करें]

--जयप्रकाश >>> वार्ता 14:04, 15 दिसम्बर 2017 (UTC)

विकिपीडिया एशियाई माह २०१७ प्रतियोगिता परिणाम[संपादित करें]

विकिपीडिया एशियाई माह २०१७
बधाई हो

मुझे विकिपीडिया एशियाई माह २०१७ प्रतियोगिता का परिणाम सूचित करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है, @Nilesh shukla: जी विकिपीडिया एशियाई माह २०१७ में हिन्दी भाषा से ३८ लेख बना कर प्रथम स्थान पाने तथा राजदूत बनने पर हार्दिक बधाई तथा @Jayprakash12345: जी विकिपीडिया एशियाई माह २०१७ में हिन्दी भाषा से ३१ लेख बना कर द्वितीय स्थान पाने तथा राजदूत बनने पर हार्दिक बधाई।तृतीय स्थान पर @राजू जांगिड़ और Dharmadhyaksha: रहे। आप जैसे सदस्यों के सक्रिय योगदान से यह प्रतियोगिता अत्यंत सफल हुई और पिछले वर्ष २०१६ में ५ प्रतिभागियों तथा २३ लेखो की तुलना की तुलना में इस वर्ष हिन्दी से इस वर्ष १० प्रतिभागी रहे और कुल ९६ लेख बने, अर्थात प्रतिभागियों की संख्या में दुगनी तथा लेखों की संख्या में चार गुनी वृद्धि हुई। अगले चक्र में १५ दिसंबर,२० दिसंबर और २५ दिसंबर को पत्रव्यहवार अदि हेतु आपके पते के लिए आपसे संपर्क किया जाएगा। एकबार पुनः विकिपीडिया एशियाई माह २०१७ का आयोजक होने के नाते तथा हिंदी समुदाय की और से आपको और सभी प्रतिभागियों को ढेरों बधाई आशा है अगले वर्ष हम इससे भी अधिक सफलता पाएंगे ऎसी आशा है , शुभकामनाओ सहित -- सुयश द्विवेदी (वार्ता) 07:37, 16 दिसम्बर 2017 (UTC)

नमांकन[संपादित करें]

विकिपीडिया:स्वतः परीक्षित अधिकार हेतु निवेदन स्थल पर मेरा नमांकन हुआ है कृपया समीक्षा करें।

जे. अंसारी वार्ता -- 16:58, 16 दिसम्बर 2017 (UTC)

अभियंत्रिकी एवं प्रोद्योगिकी संसथान बरेली[संपादित करें]