राम नवमी

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राम नवमी
राम नवमी
भगवान राम,माता सीता, कनक मंदिर, अयोध्या
मनाने वाले हिन्दू
प्रकार हिन्दू
महत्त्व राम का जन्मदिवस
तिथि चैत्र शुक्ल नवमी
2017 तिथि बुधवार, ५ अप्रैल[1]
्मंगलवार, ४ अप्रैल(कुछ राज्यों में)[2]
2018 तिथि रवि, २५ मार्च
उत्सव चैत्र नवरात्रि का अंतिम दिवस
पालन पूजा, व्रत, उपवास, कथा, हवन, दान
आवृत्ति (फ्रीक्वेंसी) वार्षिक

रामनवमी का त्यौहार चैत्र शुक्ल की नवमी मनाया जाता है. हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान श्री राम जी का जन्म हुआ था.[3]

राम जन्म कथा[संपादित करें]

हिन्दु धर्म शास्त्रो के अनुसार त्रेतायुग में रावण के अत्याचारो को समाप्त करने तथा धर्म की पुन: स्थापना के लिये भगवान विष्णु ने मृत्यु लोक में श्री राम के रुप में अवतार लिया था. श्रीराम चन्द्र जी का जन्म चैत्र शुक्ल की नवमी [4] के दिन पुनर्वसु नक्षत्र तथा कर्क लग्न में कौशल्या की कोख से , राजा दशरथ के घर में हुआ था

रामनवमी पूजन[संपादित करें]

राम, सीता, लक्ष्मण एवं हनुमान राम नवमी पूजन में एक घर में

रामनवमी के त्यौहार का महत्व हिंदु धर्म सभ्यता में महत्वपूर्ण रहा है. इस पर्व के साथ ही माँ दुर्गा के नवरात्रों का समापन भी होता है.हिन्दू धर्म में रामनवमी के दिन पूजा की जाती है।रामनवमी की पूजा में पहले देवताओं पर जल, रोली और लेपन चढ़ाया जाता है, इसके बाद मूर्तियों पर मुट्ठी भरके चावल चढ़ाये जाते हैं। पूजा के बाद आ‍रती की जाती है.

रामनवमी का महत्व[संपादित करें]

यह पर्व भारत में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। रामनवमी के दिन ही चैत्र नवरात्र की समाप्ति भी हो जाती है। हिंदु धर्म शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान श्री राम जी का जन्म हुआ था अत: इस शुभ तिथि को भक्त लोग रामनवमी के रुप में मनाते हैं एवं पवित्र नदियों में स्नान करके पुण्य के भागीदार होते है.[5]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Holiday Calendar, High Court of Karnataka, Government of Karnataka
  2. West Bengal Government Holidays Calendar 2017, India
  3. राम जन्म , वेबदुनियाँ
  4. जन्म समय एवं दिन
  5. [1] | देशबंधु वेबसाइट

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियां[संपादित करें]