खासी भाषा
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| खसी | |
|---|---|
| खसी | |
| मूल स्थान | भारत, बंगलादेश |
| समुदाय | खसी लोग |
मातृभाषियाँ | ८,६५,००० (मुख्य रूप से मेघालय राज्य में, १९९७ अनुमान) |
ऑस्ट्रो-एशियाई
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| उपभाषाएँ |
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| आधिकारिक | |
आधिकारिक मान्यता | मेघालय |
| भाषा कोड | |
| ISO 639-2 | kha |
| ISO 639-3 | kha |
खसी (Khasi) या खासी पूर्वोत्तर भारत के मेघालय राज्य में खसी समुदाय द्वारा बोली जाने वाली एक भाषा है। यह ऑस्ट्रो-एशियाई भाषा-परिवार की सदस्य है।[1][2] खासी (जिसे खसी, खसिया या क्यी भी कहते हैं) ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाओं के मोन-ख्मेर परिवार की एक शाखा है। २००१ की भारतीय जनगणना के अनुसार खासी भाषा को बोलने वाले ११,२८,५७५ लोग मेघालय में रहते हैं। खासी भाषा के बहुत से शब्द इण्डो-आर्य भाषाएं जैसे नेपाली, बांग्ला एवं असमिया से लिये गए हैं। इसके अलावा खासी भाषा की अपनी कोई लिपि नहीं है और यह भारत में अभी तक चल रही मोन-ख्मेर भाषाओ में से एक है।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]बाहरी जोड़
[संपादित करें]- अंग्रेज़ी से खासी सीखीए, प्रथम पाठ, यूट्यूब विडियो
- नेत्रहीनों के लिए खासी ब्रेल की आविषकार-कथा, आई बी एन समाचार, यूट्यूब विडियो