बघेली

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बघेली या बाघेली, हिन्दी की एक बोली है जो भारत के बघेलखण्ड क्षेत्र में बोली जाती है। यह मध्य प्रदेश के सात जिलों-रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली,शहडोल,उमरिया, एवं अनूपपुर में; उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद एवं मिर्जापुर जिलों में तथा छत्तीसगढ़ के बिलासपुर एवं कोरिया जिलों में बोली जाती है। इसे "बघेलखण्डी", "रिमही" और "रिवई" भी कहा जाता है। वघेलखण्ड मे वघेली लोक गीत प्रचलित है, जिसके अंतर्गत सोहर, कजरी, जेवनार, अंजुरी, सुहाग, हिंदुली, बरुआ, आदि बड़े उत्साह के साथ गाये जाते हैं। यदि जंन-जातिय गीतों की बात की जाय तो छैला,कर्मा व भगत जैसे लोक गीत गाये जाते रहे हैं। कविता के क्षेत्र में सर्वश्री बैजू सैफू शंभू काकू,अमोल बटरोही कालिका प्रसाद त्रिपाठी शिवशंकर मिश्र "सरस"पद्म श्री बाबूलाल दाहिया श्रीनिवास शुक्ल "सरस" सुधा कान्त मिश्र "बेलाला" रामलखन वघेल राम सुख मिश्र "सफाया" हेमराज हंस , प्रसिद्ध साहित्यकार संतोष पाण्डेय "सरित" गुरुजी (ग्रामकवि) , राज कुमार शर्मा, अंजनी सिंह साहब, ब्रजेश सिंह , युवा कवि अम्बरीश शर्मा "अम्बर" , आचार्य प्रदीप तिवारी और रामलला नामदेव को भला कौन बघेलखण्डी भूल सकता है। आधुनिक युग(21वी सदी) में बघेली बोली में बहुत सारे युवा कमेडीयन बने हैं, जिसमे सौरभ शुक्ल सुरसा, अविनाश ति़वारी, पूजा तिवारी, व लखन भैइया बहुत ही लोक प्रिय नाट्य कलाकार हैं।

बघेली शब्द - व्याकरण[संपादित करें]

हिंदी शब्दों का बघेली रूप

  • लोटा-लोटबा
  • गाय-गइया
  • लड़का-लड़िका
  • लड़की-लड़िकीबा
  • क्रिया-पद
  • होना-होब
  • खाना-खाब
  • जाना-जाब
  • करना-करब
  • बनना-बनब
  • आना-आउब
  • रहना-रहब

महत्त्वपूर्ण सहायक-क्रियाएं[संपादित करें]

वर्तमान[संपादित करें]

है -हबय

है -हबय (इज)

हैं-हमय (आर)

हूँ-हयन(एम)

हो-हया(आर)

भूतकाल[संपादित करें]

था-ते(वाज)

थी-ते(वाज)

थे-ते(वर)

भविष्यकाल[संपादित करें]

होगा-होई

होगी-होई

होंगे-होंई।

सर्वनाम-शब्द[संपादित करें]

य-यह

व-वह

मैं-हम

तुम-तुम

आप-अपना

हम-हम पंचे

वह-उवा

वे-ऊँ

किधर-केंघा

क्या-का

कब-कबे

विशेषण-पद[संपादित करें]

छोटा-छोट

बड़ी-बड़ी

कैसा-कइसा

कारक-शब्द[संपादित करें]

ने-उआ

को -ओका

से-ओसे

को,लिए-ओका,ओके लाने से,अलग होने के अर्थ में-ओसे

का,के,की-ओकर

में,पे,पर-ओमा,मा

संयोजक शब्द[संपादित करें]

और-अउर

और-अउर

और-अउर

दिनों के नाम

१.सोमवार-सम्मार

२.मंगल-मंगल

३.बुधवार-बुद्धवार

४.गुरुवार-बिहफैं

५.शुक्र-शुक्र

६.शनि-शनीचर

७.रविवार-अइतवार

बघेलखंडी से गिनती १ से १० तक[संपादित करें]

१.एक

२.दुइ

३.तीन

४.चार

५.पाँच

६.छै

७.सात

८.आठ

९.नौ

१०.दस

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]