म्यान्मार

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ပြည်ထောင်စု သမ္မတ မြန်မာနိုင်ငံတော်‌ (Burmese)
Pyidaunzu Thanmăda Myăma Nainngandaw
म्यन्मा संघ
ध्वज कुल चिह्न
राष्ट्रवाक्य: -
राष्ट्रगान: काबा मा क्येई
राजधानीनैप्यीदा
19°45′N 96°12′E / 19.750°N 96.200°E / 19.750; 96.200
सबसे बड़ा नगर यांगून(रंगून)
राजभाषा(एँ) बर्मी
निवासी बर्मीस
सरकार एकात्मक संसदीय
संवैधानिक गणतन्त्र
 -  राष्ट्रपति यू विन मिंट
 -  राज्य सलाहकार आंग सान सू की
 -  प्रथम उपराष्ट्रपति माइण्ट स्वे
 -  दूसरा उपराष्ट्रपति हेनरी वैन थियो
स्थापना
 -  पैगन साम्राज्य 23 दिसम्बर 849 
 -  ताउनगो राजवंश 16 अक्टूबर 1510 
 -  कोनबौंग राजवंश 29 फरवरी 1752 
 -  ब्रिटिश राज से स्वतन्त्रता 4 जनवरी 1948 
 -  तख्तापलट 2 मार्च 1962 
 -  नया संविधान 30 मार्च 2011 
क्षेत्रफल
 -  कुल 6,76,578 km2 (40वाँ)
 -  जल (%) 3.06
जनसंख्या
 -  जुलाई 2005 जनगणना 5,05,19,000² (24वाँ)
 -  जुलाई 2009 (अनुमान) जनगणना 4,81,37,741
सकल घरेलू उत्पाद (पीपीपी) 2005 प्राक्कलन
 -  कुल $93.77 अरब (59वाँ)
 -  प्रति व्यक्ति $1,691 (150वाँ)
मानव विकास सूचकांक (२०१३)Steady 0.524[1]
निम्न · 150वाँ
मुद्रा क्याट (K) (mmK)
समय मण्डल MMT (यू॰टी॰सी॰+6:30)
 -  ग्रीष्मकालीन (दि॰ब॰स॰) नहीं है। (यू॰टी॰सी॰+6)
दूरभाष कूट 95 - उपकूट
इंटरनेट टीएलडी .एमएम
कुछ सरकारें यांगून को देश की राजधानी के रूप में मान्यता देती हैं। इस देश के अनुमान में एड्स से मरने वाले लोगों की संख्या को भी ध्यान में रखा गया है, जिससे जीवन प्रत्याशा में कमी, बाल मृत्यु दर में वृद्धि, जनसंख्या वृद्धिदर में कमी और आबादी की आयु और लिंग में परिवर्तन के वितरण में परिवर्तन नजर आता है।

म्यन्मा अथवा ब्रह्मदेश दक्षिण एशिया का एक देश है। इसका आधुनिक बर्मी नाम 'म्यन्मा' ( မြန်မာ = म्रन्मा ) है। बर्मी भाषा में का उच्चारण किया जाता है अतः सही उच्चारण म्यन्मा है। इसका पुराना अंग्रेजी नाम बर्मा था जो यहाँ के सर्वाधिक मात्रा में आबाद जाति (नस्ल) बर्मी के नाम पर रखा गया था। इसके उत्तर में चीन, पश्चिम में भारत, बांग्लादेश एवम् हिन्द महासागर तथा दक्षिण एवं पूर्व की दिशा में थाईलैंड एवं लाओस देश स्थित हैं। यह भारत एवम चीन के बीच एक रोधक राज्य का भी काम करता है। इसकी राजधानी नाएप्यीडॉ और सबसे बड़ा शहर देश की पूर्व राजधानी यांगून है, जिसका पूर्व नाम रंगून था।[2]

नामकरण[संपादित करें]

बर्मी भाषा में, म्यान्मा को म्यन्मा (ြမန်မာ) या बमा (ဗမာ) नाम से जाना जाता है।ब्रिटिश राज के बाद इस देश को अंग्रेजी में 'बर्मा' कहा जाने लगा। सन् 1989 मे देश की सैनिक सरकार ने पुराने अंग्रेजी नामों को बदल कर पारम्परिक बर्मी नाम कर दिया। इस तरह म्यान्मा को 'म्यन्मा' और पूर्व राजधानी और सबसे बड़े रंगून को यांगून नाम दिया गया।

भूगोल[संपादित करें]

म्यान्मा दक्षिण पूर्व एशिया का सबसे बड़ा देश है, जिसका कुल क्षेत्रफ़ल 6,78,500 वर्ग किलोमीटर है। म्यान्मा विश्व का चालीसवाँ सबसे बड़ा देश है। इसकी उत्तर पूर्व सीमाएँ भारत के मिज़ोरम, नागालैण्ड, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और बांग्लादेश के चिटगाँव प्रान्त को मिलती है। उत्तर मे देश की सबसे लम्बी सीमा तिब्ब्त और चीन के उनान प्रान्त के साथ है। म्यान्मा के दक्षिण-पूर्व मे लाओस ओर थाईलैंड देश है। म्यान्मा की तट रेखा (1,930 किलोमीटर) देश के कुल सीमा का एक तिहाई है। बंगाल की खाड़ी और अण्डमान सागर देश के दक्षिण पश्चिम और दक्षिण में क्रमशः पड़ते है। उत्तर में हेंगडुआन शान पर्वत चीन के साथ सीमा बनाते है।

म्यान्मा में तीन पर्वत शृंखलाएँ है। जो कि हिमालय से शुरु होकर उत्तर से दक्षिण दिशा मे फैली हुई है। इनका नाम है रखिने योमा, बागो योमा और शान पठार। यह शृंखला म्यान्मा को तीन नदी तन्त्र मे बाँटती है। इनका नाम है ऎयारवाडी, सालवीन और सीतांगऎयारवाडी म्यान्मा कि सबसे लम्बी नदी है। इसकी लम्बाई 2,170 किलोमीटर है। मरतबन की खाड़ी मे गिरने से पहले यह नदी म्यान्मा के सबसे उपजाऊ भूमि से हो कर गुजरती है। म्यान्मा की अधिकतर जनसंख्या इसी नदी की घाटी मे निवास करती है जो कि रखिने योमा और शान पठार के बीच स्थित है।

देश का अधिकतम भाग कर्क रेखा और भूमध्य रेखा के बीच मे स्थित है। म्यान्मा एशिया महाद्वीप के मानसून क्षेत्र मे स्थित है, सालाना यहॉ के तटीय क्षेत्रों में 5000 मिलीमीटर, डेल्टा भाग में लगभग 2500 मिलीमीटर और मध्य म्यान्मा के शुष्क क्षेत्रों में 1000 मिलीमीट वर्षा होती है।

धरातल[संपादित करें]

धरातल के आधार पर इसे चार भागों में बाँटा जा सकता है :

  • 1. उत्तरी तथा पश्चिमी पहाड़ी क्षेत्र - यह 6,000 से 20,000 फुट तक ऊँचा है। इसमें बंगाल की खाड़ी तथा आराकान योमा पर्वत के मध्य की आराकन पट्टी भी शामिल है।
  • 2. पूर्व का शान उच्च प्रदेश - यह लगभग 3,000 फुट तक ऊँचा एक पठार है जो दक्षिण में टेनैसरिम योमा तक फैला है।
  • 3. मध्य म्यान्मा - यह देश का मुख्य कृषिप्रदेश है जो पूर्व में सैलवीन तथा पश्चिम में इरावदी तथा इसकी सहायक चिंद्विन आदि नदियों से घिरा है।
  • 4. दक्षिण में इरावदी तथा सितांग नदियों का डेल्टा प्रदेश - इरावदी तथा सितांग की निम्न घाटी काफी उपजाऊ है। डेल्टा प्रदेश लगभग 10,000 वर्ग मील में फैला है। यह विश्व के बड़े धान उत्पादक क्षेत्रों में से एक है तथा यहाँ कई प्रसिद्ध बंदरगाह भी स्थित हैं। इरावदी नदी मैदान के पश्चिमी भाग से बहती हुई बंगाल की खाड़ी में गिरती है।

जलवायु[संपादित करें]

यहाँ की जलवायु उष्णकटिबन्धीय है जिसमें तीन ऋतुएँ होती हैं : प्रथम, वर्षा ऋतु, जो मध्य मई से मध्य अक्टूबर तक रहती है; द्वितीय, ग्रीष्म ऋतु, जो अप्रैल-मई से अक्टूबर या नवम्बर तक रहती है। तृतीय, जाड़े की ऋतु, जो दिसम्बर से मार्च तक रहती है। मानसून के मौसम में ऊपरी म्यान्मा में 200 इंच था दक्षिण में स्थित रंगून में 100 इंच तक वर्षा होती है। मध्य के शुष्क भाग में 25 से 35 इंच वर्षा होती है। निम्न म्यान्मा का जाड़े का ताप 15.5 डिग्री से॰ तथा गरमी का ताप 38 डिग्री सें. तक रहता है। मध्य म्यान्मा में गरमी का ताप निम्न म्यान्मा के जाड़े के ताप से अधिक तथा गरमी के ताप से कम हो जाता है।

इनवा मठ

राज्य और मण्डल[संपादित करें]

Burma en.png

म्यान्मा को सात राज्य और सात मण्डल मे विभाजित किया गया है। जिस क्षेत्र मे बर्मी लोगों की जनसंख्या अधिक है उसे मण्डल कहा जाता है। राज्य वह मण्डल है, जो किसी विशेष जातीय अल्पसंख्यकों का घर हो।

मण्डल

राज्य

म्यान्मा का इतिहास[संपादित करें]

  • जनवरी, 1948 - म्यान्मा को स्वतन्त्रता मिली।
  • सितंबर, 1987 - मुद्रा के अवमूल्यन के चलते हजारों लोगों की बचत स्वाहा हो गयी, जिसके चलते सरकार विरोधी दंगे भड़के।
  • जुलाई, 1989 - सत्ताधारी जुण्टा ने मार्शल ला की घोषणा की। नेशनल लीग फ़ॉर डेमोक्रेसी की नेता आंग सान सू की घर में नजरबन्द।
  • मई, 1990 - आम चुनावों में एनएलडी की भारी जीत। जुण्टा ने चुनाव के परिणामों को अस्वीकार कर दिया।
  • अक्टूबर, 1991 - सू की को नोबेल शान्ति पुरस्कार।
  • जुलाई, 1995 - सू की की नजरबन्दी से रिहाई।
  • मई, 2003 - जुण्टा व एनएलडी समर्थकों के बीच झड़प के बाद सू की को तथाकथित सुरक्षा के लिए फिर हिरासत में ले लिया गया।
  • सितम्बर, 2007 - बौद्ध भिक्षुओं द्वारा सत्ता विरोधी प्रदर्शन।
  • अप्रैल, 2008 - सरकार ने प्रस्तावित संविधान छपवाया जिसके मुताबिक एक तिहाई संसदीय सीटें सेना के हिस्से जायेंगी। सू की के किसी भी प्रकार के पद ग्रहण करने पर प्रतिबन्ध
  • मई, 2009 - जान विलियम येता नामक अमेरिकी तैरकर सू की घर पहुँचा। सरकार ने सू की पर नजरबन्दी के नियम तोड़ने का आरोप लगाया।

इकाई प्रणाली[संपादित करें]

म्यान्मा विश्व के उन तीन देशो में शामिल है, जो अन्तर्राष्ट्रीय इकाई प्रणाली का उपयोग नहीं करते है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "2014 Human Development Report Summary" (PDF). संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम. २०१४. पपृ॰ २१–२५. मूल से 29 जुलाई 2016 को पुरालेखित (PDF). अभिगमन तिथि २७ जुलाई २०१४.
  2. "Who, What, Why: Should it be Burma or Myanmar?". BBC News (अंग्रेज़ी में). 2 December 2011. अभिगमन तिथि 31 January 2021.