नई दिल्ली

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नई दिल्ली
—  राजधानी  —
उत्तरी ब्‍लॉक
उत्तरी ब्‍लॉक
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
केन्द्र शासित प्रदेश दिल्ली
ज़िला नई दिल्ली
' १९११
उप - राज्यपाल अनिल बैजल
मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल
जनसंख्या
घनत्व
महानगर
2,49,998 (2011 के अनुसार )
• 5,854.7/किमी2 (15,164/मील2)
• 13
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)
42.7 कि.मी² (16 वर्ग मील)
• 216 मीटर (709 फी॰)
आधिकारिक जालस्थल: https://delhi.gov.in

निर्देशांक: 28°36′50″N 77°12′32″E / 28.61389°N 77.20889°E / 28.61389; 77.20889

नई दिल्ली भारत की राजधानी है। यह भारत सरकार और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के केंद्र के रूप में कार्य करती है। नई दिल्ली दिल्ली महानगर के भीतर स्थित है, और यह दिल्ली संघ राज्य क्षेत्र के ग्यारह ज़िलों में से एक है। भारत पर अंग्रेज शासनकाल के दौरान सन् 1911 तक भारत की राजधानी कलकत्ता (अब कोलकाता) था। अंग्रेज शासकों ने यह महसूस किया कि देश का शासन बेहतर तरीके से चलाने के लिए कलकत्ता की जगह यदि दिल्‍ली को राजधानी बनाया जाए तो बेहतर होगा क्‍योंकि यहां से शासन का संचालन अधिक प्रभावी होगा। इस पर विचार करने के बाद अंग्रेज महाराजा जॉर्ज पंचम ने देश की राजधानी को दिल्‍ली ले जाने के लिए आदेश दे दिए।

वर्ष 2011 में दिल्ली महानगर की जनसंख्या 22 लाख थी। दिल्ली की जनसंख्या इसे दुनिया में पाँचवीं सबसे अधिक आबादी वाला, और भारत का सबसे बड़ा महानगर बनाती है। क्षेत्रफल के अनुसार से भी, दिल्ली दुनिया के बड़े महानगरों में से एक है। मुम्बई के बाद, वह देश का दूसरा सबसे अमीर शहर है, और दिल्ली का सकल घरेलू उत्पाद दक्षिण, पश्चिम और मध्य एशिया के शहरों में दूसरे नम्बर पर आता है। नई दिल्ली अपनी चौड़ी सड़कों, वृक्ष-अच्छादित मार्गों और देश के कई शीर्ष संस्थानो और स्थलचिह्नों के लिए जानी जाती है।

1911 के दिल्ली दरबार के दौरान, 15 दिसम्बर को शहर की नींव भारत के सम्राट, जॉर्ज पंचम ने रखी[1], और प्रमुख ब्रिटिश वास्तुकार सर एड्विन लुट्यन्स और सर हर्बर्ट बेकर ने इसकी रूपरेखा तैयार की। ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड इर्विन द्वारा 13 फ़रवरी 1931 को नई दिल्ली का उद्धघाटन हुआ[2]

बोलचाल की भाषा में हालाँकि दिल्ली और नयी दिल्ली यह दोनों नाम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के अधिकार क्षेत्र को संदर्भित करने के लिए प्रयोग किये जाते हैं, मगर यह दो अलग-अलग संस्था हैं और नयी दिल्ली, दिल्ली महानगर का छोटा सा हिस्सा है।

इतिहास

स्थापना

1903, दिल्ली दरबार में प्रवेश लेते हुए लॉर्ड कर्जन तथा लेडी कर्जन
1911 का दिल्ली दरबार, मंच पर बैठे हुए जाॅर्ज पंचम तथा रानी मैरी।

दिसंबर 1911 तक ब्रिटिश राज के दौरान भारत की राजधानी कलकत्ता (अब कोलकाता) थी। दिल्ली, प्राचीन भारत और दिल्ली सल्तनत के कई साम्राज्यों के राजनीतिक और वित्तीय केंद्र के रूप में रह चुकी थी, खासकर 1694 से 1857 तक चले मुगल साम्राज्य के शासन के दौरान। सन् 1900 की शुरुआत के दौरान, ब्रिटिश प्रशासन को ब्रिटिश भारतीय साम्राज्य की राजधानी पूर्व तट के कलकत्ता से, दिल्ली बदलने का प्रस्ताव सौपा गया।[3] ब्रिटिश भारत सरकार ने महसूस किया की उत्तरी भारत के केंद्र में, दिल्ली से भारत का प्रशासन करना आसान होगा।[3] दिल्ली के नए शहर के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण, भूमि अधिग्रहण अधिनियम 1894 के अंतर्गत की गई।[4]

12 दिसंबर 1911 को, दिल्ली दरबार के दौरान, कोरोनेशन पार्क, किंग्सवे कैम्प[5][6] (अब गुरूतेग बहादुर नगर) में वाइसरॉय के निवास के लिए नींव रखते हुए, तत्कालीन भारत के सम्राट, जाॅर्ज पंचम तथा उनकी रानी मैरी[7][8] द्वारा घोषणा की गई कि शासन की राजधानी को कोलकाता से दिल्ली में स्थानांतरित किया जाएगा| 15 दिसंबर 1911 को किंगवेज़ कैम्प में अपनी शाही यात्रा के दौरान, जाॅर्ज पंचम और रानी मैरी ने 1911 के दिल्ली दरबार पर नई दिल्ली की नींव रखी।[9] नई दिल्ली के बड़े हिस्सों के निर्माण की योजना एड्विन लुटियंस, जिन्होंने पहली बार 1912 में दिल्ली का दौरा किया था तथा हर्बर्ट बेकर ने की थी, दोनों 20 वीं सदी के ब्रिटिश वास्तुकारों के प्रमुख थे।[10] निर्माण का अनुबंध सोभा सिंह को दिया गया। निर्माण का कार्य तुग़लक़ाबाद में तुग़लक़ाबाद के किले से शुरू किया जाना था, लेकिन यह दिल्ली-कलकत्ता ट्रंक लाइन की वजह से रोक दिया गया, जो कि किले से होकर गुजरती थी। वास्तव में निर्माण कार्य प्रथम विश्व युद्ध के बाद शुरू हुआ और 1931 में पूर्ण हुआ। शहर का नाम बदलकर " लुटियंस दिल्ली " कर दिया गया, जिसका उद्घाटन 10 फरवरी 1931 को, तत्कालीन भारत के महाराज्यपाल, लॉर्ड इर्विन द्वारा किया गया|[11] एड्विन लुटियंस ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद को आधारभूत मानकर शहर के केंद्रीय प्रशासनिक क्षेत्रों का निर्माण किया था|[12][13]

जल्द ही लुटियंस ने अन्य स्थानों के निर्माणों पर विचार करना शुरू कर दिया। दरअसल, दिल्ली के निर्माण की योजना बनाने के लिए स्थापित, दिल्ली टाउन प्लानिंग कमेटी, अध्यक्ष के रूप में जॉर्ज स्विन्टन तथा सदस्यों के रूप में जॉन ए ब्रोडी और एड्विन लुटियंस ने उत्तर तथा दक्षिण दोनों जगहों के लिए रिपोर्ट प्रस्तुत की। परन्तु, अधिक लागत होने के कारण वाइसरॉय ने इसे अस्वीकार कर दिया। नई दिल्ली की केंद्रीय धुरी, जो इण्डिया गेट के पूर्व में है, इसे उत्तर-दक्षिण धुरी बनाना था , जिसे एक अंत पर राष्ट्रपति भवन तथा दूसरे अंत पर पहाड़गंज से जोड़ने की योजना थी। परियोजना के प्रारंभिक वर्षों के दौरान, कई पर्यटकों का मानना ​​था कि यह धरती को स्वर्ग से जोड़ने वाला एक द्वार था।[14]

आखिरकार, जगह की कमी सम्बन्धी बाधाओं और उत्तर में बड़ी संख्या में ऐतिहासिक स्थलों की उपस्थिति के कारण, समिति ने दक्षिणी भाग का चयन किया।[15] रायसीना की पहाड़ी के ऊपर एक स्थल , पहले रायसीना गांव, एक मेव गांव को राष्ट्रपति भवन के निर्माण लिए चुना गया, जिसे तब वायसराय हाउस के रूप में जाना जाता था। इस पसंद का कारण यह था कि पहाड़ी सीधे दीनपनाह गढ़ के सामने स्थित थी, जिसे दिल्ली के प्राचीन क्षेत्र इन्द्रप्रस्थ का स्थल भी माना जाता था। इसके बाद, नींव का पत्थर 1911-1912 के दिल्ली दरबार से स्थानांतरित किया गया, जहां कोरोनेशन स्तंभ खड़ा था और सचिवालय के फोरकोर्ट की दीवारों में जड़ा था। राजपथ, जिसे किंग्स वे के नाम से भी जाना जाता है, इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक फैला हुआ है। सचिवालय भवन, जिसमें से दो विभाग राष्ट्रपति भवन और भारत सरकार के मंत्रालयों और संसद भवन , दोनों बेकर द्वारा डिज़ाइन किए गए हैं, संसद मार्ग पर स्थित हैं और राजपथ के समानांतर चलते हैं।

1931 का एक रुपया स्टैम्प, जाॅर्ज पंचम को "सचिवालय बिल्डिंग" और "डोमिनियन कॉलम" के साथ दिखाते हुए ।

दक्षिण में, सफदरजंग के मकबरे तक की भूमि का निर्माण करने के लिए अधिग्रहण किया गया था, जिसे आज लुटियंस का बंगला के क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। [16] रायसीना हिल के चट्टानी तट पर निर्माण शुरू होने से पहले, अगले बीस वर्षों के लिए निर्माण सामग्री और श्रमिकों के परिवहन के लिए, इम्पीरियल दिल्ली रेलवे नामक एक गोलाकार रेलवे लाइन का निर्माण, काउंसिल हाउस (वर्तमान संसद भवन ) के चारों ओर किया गया । आखिरी समस्या आगरा -दिल्ली रेलवे लाइन थी, जो हेक्सागोनल ऑल-इंडिया वॉर मेमोरियल ( इंडिया गेट ) और किंग्सवे ( राजपथ ) के लिए तय किए गए स्थान के माध्यम से कट रही थी, जो एक समस्या थी क्योंकि उस समय पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, पूरे शहर के परिवहन की पूर्ति करता था । रेलवे लाइन को स्थानांतरित करके यमुना नदी के साथ कर दिया गया, और यह 1924 में संचालित होना प्रारंभ हो गई। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन 1926 में, अजमेरी गेट पर पहाड़गंज के पास एक एकल प्लेटफॉर्म के साथ खोला गया, और 1931 में शहर के उद्घाटन के समय पूरा हुआ।[17][18] जब वाइसराय हाउस (वर्तमान राष्ट्रपति भवन), केंद्रीय सचिवालय , संसद भवन और अखिल भारतीय युद्ध स्मारक ( इंडिया गेट ) का निर्माण समापन पर था, एक शॉपिंग जिले और एक नया प्लाजा, कनॉट प्लेस का निर्माण 1929 में आरंभ हुआ, और 1933 तक समाप्त हुआ। इसका नाम कनॉट के प्रथम राजकुमार प्रिंस आर्थर(1850-1942) के नाम पर रखा गया, इसे लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मुख्य वास्तुकार, रॉबर्ट टॉर रसेल द्वारा डिजाइन किया था।[19]

सन्दर्भ

  1. Lahiri, Tripti (13 January 2012). "New Delhi: One of History's Best-Kept Secrets". The Wall Street Journal.
  2. Stancati, Margherita (8 December 2011). "New Delhi becomes the capital of Independent India". The Wall Street Journal. अभिगमन तिथि 11 December 2011.
  3. Wright, Tom (11 November 2011). "Why Delhi? The Move From Calcutta". The Wall Street Journal. अभिगमन तिथि 16 November 2011.
  4. Land and Acquisition Act 1894.
  5. Hall, P (2002). Cities of Tomorrow. Blackwell Publishing. पपृ॰ 198–206. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-631-23252-4.
  6. Coronation park[मृत कड़ियाँ] हिन्दुस्तान_टाईम्स, 14 August 2008.
  7. Wright, Tom (22 November 2011). "In 1911, Rush to Name Delhi as Capital Causes a Crush". The Wall Street Journal. अभिगमन तिथि 3 December 2011.
  8. "Was New Delhi a Death Knell for Calcutta?". The Wall Street Journal. 28 November 2011. अभिगमन तिथि 3 December 2011.
  9. Lahiri, Tripti (20 November 2011). "The New Delhis That Might Have Been". The Wall Street Journal. अभिगमन तिथि 3 December 2011.
  10. Patwant, Singh (2002–2003). "Sir Edwin and the building" (PDF). wmf.org. मूल (PDF) से 16 May 2011 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 31 December 2013.
  11. "New Delhi: The Inaugural Ceremony". The Times (45744). London. 11 February 1931. पृ॰ 12.
  12. "Yadgaar" (PDF). राष्ट्रीय पुरातात्विक संग्रहालय, नई दिल्ली. मूल (PDF) से 29 December 2009 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 18 May 2010.
  13. "Architecture of New Delhi". Apollo. अभिगमन तिथि 30 January 2012.
  14. Chishti, M. Anees (2001). "Delhi Town Planning Committee". Committees and commissions in pre-independence India 1836–1947, Vol. 4. Mittal Publications. पृ॰ 220. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 81-7099-804-2.
  15. Chishti, p. 225.
  16. Chishti, p. 222.
  17. "A fine balance of luxury and care". Hindustan Times. 21 July 2011. मूल से 14 December 2014 को पुरालेखित. नामालूम प्राचल |url-status= की उपेक्षा की गयी (मदद)
  18. "When Railways nearly derailed New Delhi". Hindustan Times. 18 January 2011. मूल से 26 September 2013 को पुरालेखित. नामालूम प्राचल |url-status= की उपेक्षा की गयी (मदद)
  19. "CP's blueprint: Bath's Crescent". Hindustan Times. 8 February 2011. मूल से 3 January 2013 को पुरालेखित. नामालूम प्राचल |url-status= की उपेक्षा की गयी (मदद)

बाहरी कड़ियाँ