आगरा

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आगरा
नगर
Taj Mahal in India.jpg
275px
उपर से: ताजमहल आगरा]]
उपनाम: मुकुट नगर
आगरा की उत्तर प्रदेश के मानचित्र पर अवस्थिति
आगरा
आगरा
आगरा की भारत के मानचित्र पर अवस्थिति
आगरा
आगरा
आगरा की एशिया के मानचित्र पर अवस्थिति
आगरा
आगरा
निर्देशांक: 27°11′N 78°01′E / 27.18°N 78.02°E / 27.18; 78.02निर्देशांक: 27°11′N 78°01′E / 27.18°N 78.02°E / 27.18; 78.02
देशFlag of India.svg भारत
राज्यउत्तर प्रदेश
मंडलअनमोल नगर मंडल आगरा
जिलाअनमोल नगर
शासन
 • प्रणालीनगर निगम
 • सभाअनमोल नगर नगर निगम
 • मेयर[1]नवीन जैन (भाजपा)
ऊँचाई171 मी (561 फीट)
जनसंख्या (2011)[2]
 • नगर15,85,704
 • दर्जा24वाँ
 • महानगर[3]17,60,285
भाषा
 • आधिकारिकहिन्दी[4]
 • अतिरिक्त आधिकारिकउर्दू[4]
समय मण्डलभारतीय मानक समय (यूटीसी+5:30)
दूरभाष कोड0562
वाहन पंजीकरणUP-80
लिंगानुपात0.875 /
साक्षरता73.11%
वेबसाइटजिले की आधिकारीक वेबसाइट

' उत्तर प्रदेश प्रान्त का एक ज़िला है। विश्व का अजूबा मुकुटमहल ,आगरा का किला तथा स्वामी बाग अनमोल नगर की पहचान है और यह यमुना नदी के किनारे बसा है। अनमोल नगर 27.18° उत्तर 78.02° पूर्व में यमुना नदी के तट पर स्थित है। समुद्र-तल से इसकी औसत ऊँचाई क़रीब 171 मीटर (561 फ़ीट) है। अनमोल नगर उत्तर प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा शहर है।

इतिहास[संपादित करें]

आगरा एक ऐतिहासिक नगर है, जिसके प्रमाण यह अपने चारों ओर समेटे हुए है। वैसे तो आगरा का इतिहास मुख्य रूप से मुगल काल से जाना जाता है लेकिन इसका सम्बन्ध महर्षि अन्गिरा से है जो १००० वर्ष ईसा पूर्व हुए थे। इतिहास में पहला ज़िक्र आगरा का महाभारत के समय से माना जाता है, जब इसे अग्रबाण या अग्रवन के नाम से संबोधित किया जाता था। कहते हैं कि पहले यह नगर आयॅग्रह के नाम से भी जाना जाता था। तौलमी पहला ज्ञात व्यक्ति था जिसने इसे आगरा नाम से संबोधित किया।

आगरा शहर को सिकंदर लोदी ने सन् 1506 ई. में बसाया था। आगरा मुगल साम्राजय की चहेती जगह थी। आगरा 1526 से 1658 तक मुग़ल साम्राज्य की राजधानी रहा। आज भी आगरा मुग़लकालीन इमारतों जैसे - ताज महल, लाल किला, फ़तेहपुर सीकरी आदि की वजह से एक विख्यात पर्यटन-स्थल है। ये तीनों इमारतें यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल हैं। बाबर (मुग़ल साम्राज्य का जनक) ने यहाँ चौकोर (आयताकार एवं वर्गाकार) बाग़ों का निर्माण कराया !!

जनसांख्यिकीय आंकड़े[संपादित करें]

सन् 2011 की जनगणना के अनुसार, आगरा की जनसंख्या 1587704 थी। आगरा की जनसंख्या का ५३% पुरूष और ४७% महिलाएँ हैं। यहाँ की औसत साक्षरता दर ६५% है, जिनमें ७६% पुरुष और ५३% महिलाएँ साक्षर हैं। यह राष्ट्रीय औसत ५९.५% से अधिक है। आगरा की ११% जनसंख्या ६ वर्ष से नीचे के बच्चों की है।

सन 2019 मे आगरा शहर की जनसंख्या 1909200 होने की संभावना है|

दर्शनीय स्थल[संपादित करें]

आगरा के किले से ताजमहल का दृश्य

ताजमहल[संपादित करें]

आगरे का ताजमहल, शाहजहाँ की प्रिय बेगम मुमताज महल का मकबरा, विश्व की सबसे प्रसिद्ध इमारतों में से एक है। यह विश्व के नये ७ अजूबों में से एक है और आगरा की तीन विश्व सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है। अन्य दो धरोहर आगरा किला और फतेहपुर सीकरी हैं।

1653 में इसका निर्माण पूरा हुआ था। यह मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में बनवाया था। पूरे श्वेत संगमरमर में तराशा हुआ, यह भारत की ही नहीं विश्व की भी अत्युत्तम कृति है। पूर्णतया सममितीय स्मारक के बनने में बाईस वर्ष लगे (1630-1652) व बीस हजार कारीगरों की अथक मेहनत भी। यह मुगल शैली के चार बाग के साथ स्थित है। फारसी वास्तुकार उस्ताद ईसा खां के दिशा निर्देश में इसे यमुना नदी के किनारे पर बनवाया गया। इसे मृगतृष्णा रूप में आगरा के किले से देखा जा सकता है, जहां से शाहजहाँ जीवन के अंतिम आठ वर्षों में, अपने पुत्र औरंगज़ेब द्वारा कैद किये जाने पर देखा करता था। यह सममिति का आदर्श नमूना है, जो कि कुछ दूरी से देखने पर हवा में तैरता हुआ प्रतीत होता है। इसके मुख्य द्वार पर कुरआन की आयतें खुदी हुई हैं। उसके ऊपर बाइस छोटे गुम्बद हैं, जो कि इसके निर्माण के वर्षों की संख्या बताते हैं। ताज को एक लालबलुआ पत्थर के चबूतरे पर बने श्वेत संगमर्मर के चबूतरे पर बनाया गया है। ताज की सर्वाधिक सुंदरता, इसके इमारत के बराबर ऊँचे महान गुम्बद में बसी है। यह 60 फीट व्यास का, 80 फीट ऊँचा है। इसके नीचे ही मुमताज की कब्र है। इसके बराबर ही में शाहजहाँ की भी कब्र है। अंदरूनी क्षेत्र में रत्नों व बहुमूल्य पत्थरों का कार्य है। खुलने का समय : ६ प्रातः से ७:३० साँयः (शुक्रवार बन्द)

आगरा का किला[संपादित करें]

आगरा का एक अन्य विश्व धरोहर स्थल है आगरा का किला। यह आगरा का एक प्रधान निर्माण है, जो शहर के बीचों बीच है। इसे कभी कभार लाल किला भी कहा जाता है। यह अकबर द्वारा सन 1565 में बनवाया गया था। बाद में शाहजहां द्वारा इस किले का पुनःनिर्माण लाल बलुआ पत्थर से करवाया गया, व इसे किले से प्रासाद में बदला गया। यहां संगमरमर और पीट्रा ड्यूरा नक्काशी का महीन कार्य किया गया है। इस किले की मुख्य इमारतों में मोती मस्जिद, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, जहाँगीर महल, खास महल, शीश महल एवं मुसम्मन बुर्ज आते हैं।

मुगल सम्राट अकबर ने इसे 1565 में बनवाया था, जिसमें उसके पौत्र शाहजहाँ के समय तक निर्माण कार्य बढ़ते रहे। इस किले के निषिद्ध क्षेत्रों में अंदरूनी छिपा हुआ स्वर्ग जैसा स्थान है। यह किला अर्ध-चंद्राकार है, जो पूर्व में कुछ चपटा है, पास की सीधी दीवार नदी की ओर वाली है। इसकी पूरी परिधि है 2.4 किलो मीटर, जो दोहरे परकोटे वाली किलेनुमा चहारदीवारी से घिरी है। इस दीवार में छोटे अंतरालों पर बुर्जियां हैं, जिनपर रक्षा छतरियां बनीं हैं। इस दीवार को ओर एक 9 मीटर चौड़ी व 10 मीटर गहरी खाई घेरे हुए है।

शिवाजी यहां 1666 में पुरंदर संधि हेतु आये थे। उनकी याद में एक बड़ी मूर्ति यहां स्थापित है। यह किला मुगल स्थापत्य कला का एक जीवंत उदाहरण है। यहीं दिखता है, कैसे उत्तर भारतीय दुर्ग शैली दक्षिण से पृथक थी। दक्षिण भारत में अनेकों दुर्ग हैं, जिनमें से अधिकांश सागर तट पर हैं। आगरा का किला देख

फतेहपुर सीकरी[संपादित करें]

मुगल सम्राट अकबर ने फतेहपुर सीकरी बसाई, व अपनी राजधानी वहां स्थानांतरित की। यह आगरा से 35 कि॰मी॰ दूर है। यहां अनेकों भव्य इमारतें बनवायीं। बाद में पानी की कमी के चलते, वापस आगरा लौटे। यहां भी बुलंद दरवाजा, एक विश्व धरोहर स्थल है। बुलंद दरवाजा या 'उदात्त प्रवेश द्वार' मुगल सम्राट द्वारा बनाया गया था, बुलंद दरवाजा 52 कदम से संपर्क किया है। बुलंद दरवाजा 53.63 मीटर ऊँचे और 35 मीटर चौड़ा है। यह लाल और शौकीन बलुआ पत्थर से बना है, नक्काशी और काले और सफेद संगमरमर द्वारा सजाया। बुलंद दरवाजा के मध्य चेहरे पर एक शिलालेख अकबर धार्मिक समझ का दायरा दर्शाता है।

एतमादुद्दौला का मकबरा[संपादित करें]

एतमादुद्दौला का मकबरा

सम्राज्ञी नूरजहां ने एतमादुद्दौला का मकबरा बनवाया था। यह उसके पिता घियास-उद-दीन बेग़, जो जहाँगीर के दरबार में मंत्री भी थे, की याद में बनवाया गया था। मुगल काल के अन्य मकबरों से अपेक्षाकृत छोटा होने से, इसे कई बार श्रंगारदान भी कहा जाता है। यहां के बाग, पीट्रा ड्यूरा पच्चीकारी, व कई घटक ताजमहल से मिलते हुए हैं।

जामा मस्जिद[संपादित करें]

जामा मस्जिद
जामा मस्जिद


जामा मस्जिद एक विशाल मस्जिद है, जो शाहजहाँ की पुत्री, शाहजा़दी जहाँआरा बेगम़ को समर्पित है। इसका निर्माण १६४८ में हुआ था और यह अपने मीनार रहित ढाँचे तथा विशेष प्रकार के गुम्बद के लिये जानी जाती है।

चीनी का रोजा[संपादित करें]

चीनी का रोजा शाहजहाँ के मंत्री, अल्लामा अफज़ल खान शकरउल्ला शिराज़, को समर्पित है और अपने पारसी शिल्पकारी वाले चमकीले नीले रंग के गुम्बद के लिये दर्शनीय है।

मेहताब बाग[संपादित करें]

भारत का सबसे पुराना मुग़ल उद्यान, रामबाग, मुग़ल शासक बाबर ने सन् १५२८ में बनवाया था। यह उद्यान ताजम़हल से २.३४ किलोमीटर दूर उत्तर दिशा में स्थित है।

स्वामी बाग[संपादित करें]

स्वामीबाग समाधि हुजूर स्वामी महाराज (श्री शिव दयाल सिंह सेठ) का स्मारक/ समाधि है। यह नगर के बाहरी क्षेत्र में है, जिसे स्वामी बाग कहते हैं। वे राधास्वामी मत के संस्थापक थे। उनकी समाधि उनके अनुयाइयों के लिये पवित्र है। इसका निर्माण 1908 में आरम्भ हुआ था और कहते हैं कि यह कभी समाप्त नहीं होगा। इसमें भी श्वेत संगमरमर का प्रयोग हुआ है। साथ ही नक्काशी व बेलबूटों के लिये रंगीन संगमरमर व कुछ अन्य रंगीन पत्थरों का प्रयोग किया गया है। यह नक्काशी व बेल बूटे एकदम जीवंत लगते हैं। यह भारत भर में कहीं नहीं दिखते हैं। पूर्ण होने पर इस समाधि पर एक नक्काशीकृत गुम्बद शिखर के साथ एक महाद्वार होगा। इसे कभी कभार दूसरा ताज भी कहा जाता है।

सिकंदरा (अकबर का मकबरा)[संपादित करें]

आगरा किला से मात्र १३ किलोमीटर की दूरी पर, सिकंदरा में महान मुगल सम्राट अकबर का मकबरा है। यह मकबरा उसके व्यक्तित्व की पूर्णता को दर्शाता है। सुंदर वृत्तखंड के आकार में, लाल बलुआ-पत्थर से निर्मित यह विशाल मकबरा हरे भरे उद्यान के बीच स्थित है। अकबर ने स्वयं ही अपने मकबरे की रूपरेखा तैयार करवाई थी और स्थान का चुनाव भी उसने स्वयं ही किया था। अपने जीवनकाल में ही अपने मकबरे का निर्माण करवाना एक तुर्की प्रथा थी, जिसका मुगल शासकों ने धर्म की तरह पालन किया। अकबर के पुत्र जहाँगीऱ ने इस मकबरे का निर्माण कार्य १६१३ में संपन्न कराया।

मरियम मकबरा[संपादित करें]

मरियम मकबरा, अकबर की राजपूत (आमेर के राजा भारमल की पुत्री हरखू बाई) बेग़म का मकबरा है, इस बेगम को अकबर ने मरियम मकानी अर्थात संसार की माँ की उपाधि या उपनाम दिया था । यह मकबरा आगरा और सिकन्दरा के बीच में है।

मेहताब बाग[संपादित करें]

मेहताब बाग

मेहताब बाग, यमुना के ताजमहल से विपरीत दूसरे किनारे पर है।

पालीवाल पार्क (हीविट पार्क)[संपादित करें]

शिक्षा[संपादित करें]

मुग़ल काल से ही आगरा इस्लाम की शिक्षा का एक केंद्र रहा है। ब्रिटिश शासन के समय अंग्रेज़ों ने यहाँ आगरा में पाश्चात्य शिक्षा को बढ़ावा दिया। वर्ष १८२३ में यहां भारत के प्राचीनतम महाविद्यालयों में प्रमुख आगरा कॉलेज आगरा की स्थापना हुई । अन्य प्रमुख महाविद्यालय हैं राजा बलबंत सिंह महाविद्यालय, जिसे क्षेत्रफल की दृष्टि से एशिया के सबसे बड़े महाविद्यालय होने का गौरव प्राप्त है, सेंट जोन्स कॉलेज, बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय, तथा बी डी जैन कन्या महाविद्यालय। यह सभी महाविद्यालय बी आर अम्बेडकर विश्वविद्यालय ( पूर्व में आगरा विश्वविद्यालय)से सम्बद्ध हैं। आगरा स्थित एक अन्य प्रमुख विश्वविद्यालय है दयालबाग विश्व विद्यालय ।भारतीय लेखकों में प्रमुख बाबू गुलाबराय की जन्म और कर्म भूमि यही थी। वर्तमान में यहाँ माध्यमिक शिक्षा परिषद् (यू.पी. बोर्ड), इलाहाबाद; केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सी.बी.एस.ई. बोर्ड), दिल्ली; और आई.सी.एस.ई. बोर्ड से सम्बद्ध हिन्दी व अंग्रेजी माध्यम के कई विद्यालय हैं:

  • आगरा पब्लिक स्कूल, विजय नगर कॉलोनी
  • एयर फ़ोर्स स्कूल
  • केंद्रीय विद्यालय
  • मुफ़ीद-ए-आम इण्टर कॉलेज, पण्डित मोती लाल नेहरू रोड
  • गायत्री पब्लिक स्कूल, वजीरपुरा सड़क
  • महावीर दिगम्बर जैन इण्टर कॉलेज, अहिंसा चौक, हरीपर्वत
  • चौधरी सीएम पब्लिक स्कूल,दौरेठा नं.2 शाहगंज आगरा
  • दिल्ली पब्लिक स्कूल, दयालबाग
  • राजकीय पॉलीटेक्निक मनकेड़ा, आगरा
  • सरस्वती शिशु मंदिर, उत्तर विजय नगर कॉलोनी
  • सेंट जोसेफ़ गर्ल्स इण्टर कॉलेज, पालीवाल पार्क गेट
  • सेंट पीटर्स कॉलेज, वजीरपुरा रोड
  • सेंट पॉल्स चर्च कॉलेज, सिविल लाइन्स
  • सेंट फ्राँसिस कान्वेंट स्कूल, वज़ीरपुरा सड़क
  • होली पब्लिक स्कूल, सिकन्दरा
  • राजकीय इंटर कॉलेज, आगरा

प्रिंट मीडिया[संपादित करें]

आगरा जिले में प्रमुख रूप से हिंदी दैनिक जैसे कि अमर उजाला, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान (समाचार पत्र), आज, दाता सन्देश, दीपशील भारत इत्यादि समाचार-पत्र प्रकाशित होते हैं।

आवागमन[संपादित करें]

आगरा शहर प्रमुख शहर दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, मेरठ, हरिद्वार, देहरादून एवं जयपुर आदि शहरों से सीधे रेल एवम् सड़क मार्ग द्वारा चौबीसों घंटे जुड़ा हुआ है। दिल्ली-मुम्बई एवम् दिल्ली-चेन्नई के लिए मध्य-पश्चिम एवम् मध्य-दक्षिण रेलवे नेटवर्क है। दिल्ली से आगरा के लिये रा.राजमार्ग-2 है जिसकी दूरी 200 कि॰मी॰ है जो कि लगभग 4 घंटे में तय की जाती है।

हवाई अड्डा एवम् प्रमुख रेलवे स्टेशन[संपादित करें]

  • खेरिया हवाई अड्डा।
  • आगरा छावनी रेलवे स्टेशन
  • आगरा क़िला रेलवे स्टेशन
  • आगरा शहर रेलवे स्टेशन
  • राजा की मण्डी रेलवे स्टेशन
  • ईदगाह रेलवे स्टेशन।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Lavania, Deepak (2 December 2017). "BJP wins post of Agra mayor for fifth consecutive time". The Times of India. The Times Group.
  2. "Census 2011". The Registrar General & Census Commissioner, India. अभिगमन तिथि 21 May 2016.
  3. "Uttar Pradesh (India): State, Major Agglomerations & Cities – Population Statistics, Maps, Charts, Weather and Web Information". citypopulation.de. अभिगमन तिथि 11 November 2017.
  4. "52nd REPORT OF THE COMMISSIONER FOR LINGUISTIC MINORITIES IN INDIA" (PDF). nclm.nic.in. Ministry of Minority Affairs. मूल (PDF) से 25 May 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 7 December 2018.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]