धुआँसा

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
लॉस एंजेल्स में १९५४ के आसपास हाईलैण्ड पार्क ऑप्टिमिस्टिक क्लब भोज पर स्मॉग-गैस मास्क पहने हुए

धुआँसा या स्मॉग (अंग्रेज़ी: Smog), वायु प्रदूषण की एक अवस्था है। बीसवीं सदी के प्रारंभ में एक मिश्र शब्द स्मॉग (स्मोक+फॉग=स्मॉग) द्वारा धुएँ और कुहासे की मिश्रित अवस्था को इंगित किया गया।[1] धूल, धुएँ और कुहासे का यह मिश्रण हिंदी में धुआँसा कहलाता है।[2] गाड़ियों और औद्योगिक कारखानों द्वारा उत्सर्जित धुएँ में उपस्थित राख, गंधक व अन्य हानिकारक रसायन जब कुहरे के संपर्क में आते हैं तो धुआँसे का निर्माण होता है। यह धुआँसा इस रूप में वायु प्रदूषण जनित अनेकों बीमारियों का कारण बन जाता है।[3]

इतिहास[संपादित करें]

स्मॉग शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग करने का श्रेय 1905 के दौरान डॉ॰ हेनरी अंतोइन दे वू (Henry Antoine Des Voeux) को दिया जाता है।[4] लोक स्वास्थ्य काँग्रेस की बैठक में धुआँ और कुहासा (Fog and Smoke) नामक पत्र पढ़ते हुए डॉ॰ वू ने उक्त पद का प्रयोग किया था। लंदन के अखबार डेली ग्राफिक ने 26 जुलाई 1905 के संस्करण में लिखा कि डॉ॰ वू ने धुएँ और कुहरे की मिश्रित अवस्था को 'स्मॉग' नाम दिया है।[5] हिंदी में स्मॉग का स्थानापन्न धुआँसा शब्द का लिखित रूप में सर्वप्रथम प्रयोग करने का श्रेय कथाकार संजीव को दिया जा सकता है।[6]

कारण[संपादित करें]

कोयला[संपादित करें]

वाहन उत्सर्जन[संपादित करें]

पराली दहन[संपादित करें]

प्रकाशरसायनिक धुआँसा[संपादित करें]

प्राकृतिक कारण[संपादित करें]

स्वास्थ्य पर प्रभाव[संपादित करें]

प्रभावित क्षेत्र[संपादित करें]

प्रदूषण सूचकांक[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Schwartz Cowan, Ruth (1997). A Social History of American Technology. Oxford University Press. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-19-504605-2. 
  2. सावधन नीचे आग है
  3. भौतिक भूगोल का स्वरूप, सविन्द्र सिंह, प्रयाग पुस्तक भवन, इलाहाबाद, २०१२, पृष्ठ ५२३, ISBN: ८१-८६५३९-७४-३
  4. Smog
  5. Gaia Piazzesi 2006
  6. सावधान नीचे आग है, संजीव, राधाकृष्ण प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड, २000, पृष्ठ-१२, आईएसबीएन संख्या : ८१ ७११९ ५७४ १

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]