विजयवाड़ा

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विजयवाड़ा
Vijayawada
విజయవాడ
ऊपर से दक्षिणावर्त: कनक दुर्गा मंदिर, विजयवाड़ा नगर दृश्य, प्रकाशम बैराज, विजयवाड़ा जंक्शन रेलवे स्टेशन, विजयवाड़ा विमानक्षेत्र, कृष्णा नदी
विजयवाड़ा is located in आन्ध्र प्रदेश
विजयवाड़ा
विजयवाड़ा
आन्ध्र प्रदेश में स्थिति
निर्देशांक: 16°31′N 80°38′E / 16.52°N 80.63°E / 16.52; 80.63निर्देशांक: 16°31′N 80°38′E / 16.52°N 80.63°E / 16.52; 80.63
देश भारत
प्रान्तआन्ध्र प्रदेश
जनसंख्या (2011)
 • कुल10,21,806
भाषा
 • प्रचलिततेलुगू
 • साक्षरता82.59%
पिनकोड520xxx
दूरभाष कोड+91–866
वेबसाइटvijayawada.cdma.ap.gov.in

विजयवाड़ा भारत के आंध्रप्रदेश राज्य में स्थित राज्य का दुसरा बड़ा शहर है जो कृष्णा नदी के तट पर स्थित नगर है भारत का कनक दुर्गा माता मंदिर सबसे प्राचीन मंदिर है जो विजयवाड़ा में स्थित है[1][2][3]

विवरण[संपादित करें]

विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश के पूर्व-मध्य में कृष्णा नदी के तट पर स्थित है। दो हज़ार वर्ष पुराना यह शहर बैजवाड़ा के नाम से भी जाना जाता है। यह नाम देवी कनकदुर्गा के नाम पर है, जिन्हें स्थानीय लोग विजया कहते हैं। यह क्षेत्र मंदिरों और गुफाओं से भरा हुआ है। यहाँ भगवान मालेश्वर का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। कहा जाता है कि आदि शंकराचार्य इस मंदिर में आए थे और उन्होंने यहाँ श्रीचक्र स्थापित किया था।

चीनी यात्री ह्वेन त्सांग भी विजयवाड़ा आया था। विजयवाड़ा के पास में एक पहाड़ी पर स्थित विक्टोरिया म्यूजियम में एक काले ग्रेनाइट पत्थर से बनी बुद्ध की विशालकाय मूर्ति है।पैगम्बर मुहम्मद के पवित्र अवशेष के रूप में इस स्थल की मुसलमानों में लोगप्रियता है। यहाँ पाँचवी सदी की भोगलराजपुरम की गुफाओं में तीन गुफा मंदिर हैं, जिसमें भगवान नटराज, विनायक और अन्य मूर्तियाँ हैं। अर्द्धनारीश्वर की यहाँ मिली मूर्ति दक्षिण भारत अपने तरह की इकलौती मूर्ति मानी जाती है। यहाँ की गुफाओं में उंद्रावल्ली की प्रमुख गुफा है, जो सातवीं सदी में बनाई गई थी। शयन करते विष्णु की एक शिला से निर्मित मूर्ति यहाँ की कला का श्रेष्ठ नमूना है। विजयवाड़ा के दक्षिण में 12 किलोमीटर दूर मंगलगिरि की पहाड़ी पर विष्णु के अवतार भगवान नरसिंह का विख्यात मंदिर है। विजयवाड़ा से 45 किलोमीटर दूर गंडीवाड़ा में जैन और बौद्धों के अनेक पवित्र अवशेष मिले हैं। बौद्ध स्तूपों के अवशेषों वाली 99 छोटी समाधियाँ यहाँ का एक अन्य विशिष्ट स्थल है। इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया गया है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Lonely Planet South India & Kerala," Isabella Noble et al, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012394
  2. "Hand Book of Statistics, Andhra Pradesh," Bureau of Economics and Statistics, Andhra Pradesh, India, 2007
  3. "Contemporary History of Andhra Pradesh and Telangana, AD 1956-1990s," Comprehensive history and culture of Andhra Pradesh Vol. 8, V. Ramakrishna Reddy (editor), Potti Sreeramulu Telugu University, Hyderabad, India, Emesco Books, 2016