अयोध्या जिला

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अयोध्या जिला
उत्तर प्रदेश का जिला
उत्तर प्रदेश में अयोध्या जिला
उत्तर प्रदेश में अयोध्या जिला
देशभारत
राज्यउत्तर प्रदेश
मंडलअयोध्या
मुख्यालयअयोध्या
तहसीलें5
शासन
 • लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र1. अयोध्या (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र)- अयोध्या, बीकापुर, मिल्कीपुर, रुदौली
2. अम्बेडकर नगर (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र)- गोशाईंगंज
 • विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र1. अयोध्या
2. बीकापुर
3. गोशाईंगंज
4. मिल्कीपुर
5. रुदौली
क्षेत्रफल
 • Total2522 किमी2 (974 वर्गमील)
जनसंख्या (2011)[1]
 • Total2,470,996
 • घनत्व980 किमी2 (2,500 वर्गमील)
 • महानगर6,89,354
जनसांख्यिकी
 • साक्षरता69.57 %
 • लिंग अनुपात961
समय मण्डलIST (यूटीसी+05:30)
प्रमुख राजमार्गNH 27, NH 330, राष्ट्रीय राजमार्ग, SH 30
वेबसाइटhttp://ayodhya.nic.in

अयोध्या जिला भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का एक जिला है। जिले का मुख्यालय अयोध्या है। अयोध्या कोशल साम्राज्य की प्राचीन राजधानी थी।[2][3] [4] [5] [6]

इतिहास[संपादित करें]

वेद में अयोध्या को ईश्वर का नगर बताया गया है, "अष्टचक्रा नवद्वारा देवानां पूरयोध्या" और इसकी संपन्नता की तुलना स्वर्ग से की गई है। अथर्ववेद में यौगिक प्रतीक के रूप में अयोध्या का उल्लेख है- अष्टचक्रा नवद्वारा देवानां पूरयोध्या। तस्यां हिरण्मयः कोशः स्वर्गो ज्योतिषावृतः॥ (अथर्ववेद -- 10.2.31). रामायण के अनुसार अयोध्या की स्थापना मनु ने की थी। यह पुरी सरयू के तट पर बारह योजन (लगभग १४४ कि.मी) लम्बाई और तीन योजन (लगभग ३६ कि.मी.) चौड़ाई में बसी थी। कई शताब्दी तक यह नगर सूर्यवंशी राजाओं की राजधानी रहा। स्कन्दपुराण के अनुसार सरयू के तट पर दिव्य शोभा से युक्त दूसरी अमरावती के समान अयोध्या नगरी है। अयोध्या मूल रूप से हिंदू मंदिरो का शहर है। यहां आज भी हिंदू धर्म से जुड़े अवशेष देखे जा सकते हैं।

जैन मत के अनुसार यहां चौबीस तीर्थंकरों में से पांच तीर्थंकरों का जन्म हुआ था। क्रम से पहले तीर्थंकर ऋषभनाथ जी, दूसरे तीर्थंकर अजितनाथ जी, चौथे तीर्थंकर अभिनंदननाथ जी, पांचवे तीर्थंकर सुमतिनाथ जी और चौदहवें तीर्थंकर अनंतनाथ जी। इसके अलावा जैन और वैदिक दोनों मतो के अनुसार भगवान रामचन्द्र जी का जन्म भी इसी भूमि पर हुआ। उक्त सभी तीर्थंकर और भगवान रामचंद्र जी सभी इक्ष्वाकु वंश से थे। इसका महत्त्व इसके प्राचीन इतिहास में निहित है क्योंकि भारत के प्रसिद्ध एवं प्रतापी क्षत्रियों (सूर्यवंशी) की राजधानी यही नगर रहा है। उक्त क्षत्रियों में दाशरथी रामचन्द्र अवतार के रूप में पूजे जाते हैं। पहले यह कोसल जनपद की राजधानी था। प्राचीन उल्लेखों के अनुसार तब इसका क्षेत्रफल 96 वर्ग मील था। यहाँ पर सातवीं शाताब्दी में चीनी यात्री ह्वेनसांग आया था। उसके अनुसार यहाँ 20 बौद्ध मंदिर थे तथा 3000 भिक्षु रहते थे।

अयोध्या का इतिहास अत्यन्त गौरवपूर्ण एवं समृद्ध है। यह प्रभु श्रीराम की जन्म एवं कर्मस्थली है। प्रभु श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या जनपद में स्थित है। राम-भरत मिलाप के पश्चात भरत खड़ाऊँ लेकर अयोध्या मुख्यालय से 15 किमी॰ दक्षिण सुलतानपुर रोड रोड पर स्थित भरतकुण्ड नामक स्थान पर चौदह वर्ष तक रहे। यहाँ पतित पावनी माँ सरयू नदी रूप में अवतरित होकर सदियोँ से मानव कल्याण करती है।

अयोध्या की स्थापना अवध के पहले नबाव सआदत अली खान ने 1730 में की थी। उन्होंने इसे अपनी राजधानी बनाई, लेकिन वह यहाँ बहुत कम समय व्यतीत कर पाए। तीसरे नवाब शुजाउद्दौला यहाँ रहते थे और उन्होंने नदी के तट पर 1764 में एक दुर्ग का निर्माण करवाया था; उनका और उनकी बेगम का मक़बरा इसी शहर में स्थित है। 1775 में अवध की राजधानी को लखनऊ ले जाया गया। 19वीं शताब्दी में अयोध्या का पतन हो गया।

वायु मार्ग[संपादित करें]

अयोध्या का निकटतम हवाई अड्डा अयोध्या में है। एयरपोर्ट से अयोध्या लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा अयोध्या स्थित पूर्व परिणाम में भी हवाई अड्डा है। यह हवाई अड्डा डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविधालय, अयोध्या के समीप स्थित है। इस हवाई अड्डे के नाम श्रीरामलला अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है लेकिन अभी यह हवाई अड्डा चालू नहीं हुआ है जबकि प्रस्तावित हो गया है अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने को।

रेल मार्ग[संपादित करें]

रेल मार्ग द्वारा दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज (प्रयाग), सुल्तानपुर और जौनपुर से अयोध्या आसानी से पहुँचा जा सकता है।

सड़क मार्ग[संपादित करें]

अयोध्या सड़क मार्ग द्वारा भारत के कई प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। दिल्ली, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, सुल्तानपुर और अन्य जगहों से अयोध्या आसानी से पहुँचा जा सकता है।

कृषि और खनिज[संपादित करें]

अयोध्या, सरयू नदी के दक्षिणी तट के किनारे जलोढ़ मैदान के उपजाऊ हिस्से पर बसा हुआ है। यहाँ प्रमुख फ़सलें धान, गन्ना, गेहूँ और तिलहन हैं। अयोध्या के दक्षिण-पूर्व में स्थित टांडा शहर में निर्यात के लिए हथकरघा वस्त्र का निर्माण होता है। तथा अम्बेडकर नगर जिले के राजेसुल्तानपुर से तम्बाकु सस्ती दरो पर प्राप्त हो जाता है, सोहावल के पास पनबिजली उत्पादन केंद्र है।

उद्योग और व्यापार[संपादित करें]

अयोध्या शहर के उद्योगों में चीनी प्रसंस्करण और तिलहन की पेराई शामिल है तथा यह कृषि उत्पादों का व्यापारिक केंद्र भी है।

पर्यटन[संपादित करें]

ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से भी यह स्थान काफ़ी महत्त्वपूर्ण माना जाता है। कलकत्ता क़िला, नागेश्‍वर मंदिर, राम जन्मभूमि, सीता की रसोई, अयोध्या तीर्थ, गुरुद्वारा ब्रह्मकुण्ड और गुप्तार घाट , गुलाब बाड़ी ,तथा बहुबेगम का मकबरा, यहां के प्रमुख एवं प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से हैं। छावनी छेत्र से लगा हुआ गुप्तार घाट में अवस्थित श्री अनादि पंचमुखी महादेव मन्दिर नगरवासियों की आस्था का केन्द्र है। रूदौली के सुनवा के घने जंगल में प्रसिद्ध सिद्धपीठ माँ कामाख्या का प्रसिद्ध मन्दिर गोमती नदी के तट पर स्थित है

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "ref name="Census2011Gov"
  2. "Uttar Pradesh in Statistics," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716
  3. "Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance Archived 2017-04-23 at the Wayback Machine," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975
  4. "District Ayodhya - Government of Uttar Pradesh | City Of Lord Rama | India" (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि 2021-03-09.
  5. "Yogi govt renames Faizabad district as Ayodhya, gets everyone talking online". The Indian Express (अंग्रेज़ी में). 2018-11-06. अभिगमन तिथि 2021-03-10.
  6. "District Ayodhya - Government of Uttar Pradesh | City Of Lord Rama | India" (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि 2021-03-10.