बयाना
बयाना
Bayana | |
|---|---|
| निर्देशांक: 26°54′N 77°17′E / 26.90°N 77.28°Eनिर्देशांक: 26°54′N 77°17′E / 26.90°N 77.28°E | |
| ज़िला | भरतपुर ज़िला |
| प्रान्त | राजस्थान |
| देश | |
| जनसंख्या (2011) | |
| • कुल | 55,887 |
| भाषा | |
| • प्रचलित भाषाएँ | राजस्थानी, हिन्दी |
| समय मण्डल | भारतीय मानक समय (UTC+5:30) |
| पिनकोड | 321401 |
| वाहन पंजीकरण | RJ-05 |
बयाना (Bayana) भारत के राजस्थान राज्य के भरतपुर ज़िले में स्थित एक नगर है।
विवरण
[संपादित करें]बयाना को 'वाणासुर की नगरी' के नाम से भी जाना जाता है। बयाना मुगल इतिहास में भी एक प्रसिद्ध शहर हुआ करता था। यह किला आज भी अपने आप में एक अनूठा किला माना जाता है हालांकि इस क़िले का पुनर निर्माण भरतपुर के जाट राजा, सूरजमल जी के दुवारा हुआ था। चित्तौड़गढ़ का दुर्ग बनने से पहले यह किला एशिया के सबसे बड़े किलों में से था। बयाना मुगलकाल में नील की मंडी के लिए भी प्रसिद्ध था कुछ इतिहासकारों का यह भी कहना है कि मुग़ल बादशाह बाबर ने बयाना आकर शराब पीना त्याग दिया था। बयाना में मुस्लिम समुदाय भी अच्छी संख्या में रहता है, मुस्लिम समुदाय के बुजुर्ग लोगों का तो यहाँ तक मानना है कि जब मुसलमानों का तीर्थ चुना जाना था तब मक्का और बयाना में सिर्फ ढाई कब्र का अंतर था यदि ऐसा हुआ होता तो आज मक्का मदीना की जगह बयाना में मुस्लिम तीर्थ होता। यहाँ की मस्जिद उषा मस्जिद भी काफी प्रसिद्ध मानी जाती है। यहाँ की भीतरबाड़ी स्थित उषा मंदिर भी बहुत प्रसिद्ध मंदिर है जहाँ से बयाना के इतिहास में मौजूद होने के शाक्ष्य प्राप्त होते हैं।[उद्धरण चाहिए]
बयाना का इतिहास हजारों साल पुराना है। इसे बाणासुर की नगरी कहा जाता है, क्योंकि बाणासुर की पुत्री ऊषा और भगवान श्रीकृष्ण के प्रपौत्र अनिरुद्ध का प्रेमाख्यान श्रीमद भागवत 10.62 और पुराणों में वर्णित है। यहां बयाना ऊषा मंदिर इसका प्रमाण है। सन 322 में गुप्तवंश के राजा चंद्रगुप्त का शासन था। उस समय बयाना क्षेत्र जिसे श्रीपथ कहा जाता था में पुष्प गुप्त को अपना गवर्नर नियुक्त किया था। सन 371-72 में सम्राट समुद्र गुप्त के सामंत वारिककुलीय क्षत्रप ने यज्ञ स्तंभ खड़ा किया। इसके अवशेष आज भी मौजूद हैं। इससे जाहिर होता है कि यहां उस समय भी किला था। इसके अलावा 960 में प्रतिहार वंश ने राज किया। फक्का वंश के राजा लक्ष्मण सैन की रानी चित्रलेखा ने सम्राट महीपाल के शासन में ऊषा मंदिर बनवाया। महाराजा विजयपाल ने 999-1043 तक राज किया। इसके अलावा सल्तनत काल, मुगल साम्राज्य और भरतपुर के जाटों ने राज कर लिया। इस दौरान के दर्जनों इमारतों के अवशेष और शिलालेख मौजूद हैं। बयाना के कुछ महत्वपूर्ण स्थल-
2000 सालपुराना इतिहास है बयाना के किले का। इसे बाणासुर की नगरी के नाम से भी जाना जाता है।
भीमलाट
[संपादित करें]371 में बनी भीमलाट । भीमलाट, को विजय स्तंभ भी कहा जाता है। इस स्तंभ पर मालवा संवत 428 अर्थात सन 371-72 उत्कीर्ण है। राजा विष्णु वर्धन द्वारा पुंडरीक यज्ञ के समापन पर इस प्रस्तर स्तंभ को बनवाया गया। यह स्तंभ लाल बलुए पत्थर से निर्मित एकाश्मक स्तंभ है। जो 13.6 फुट लंबे तथा 9.2 फुट चौड़े चबूतरे पर है। स्तंभ की लंबाई 26.3 फुट है। जिसमें प्रथम 22.7 फुट का भाग अष्टकोणीय है। तत्पश्चात तनुकार होता जाता है। स्तंभ के शिखर पर निकली धातुशलाका से स्पष्ट होता है कि इसके शीर्ष पर भी अवश्य कुछ रहा होगा। यहां लेख भी लगा है।
- शिवगंज मंडी
- गांधी चौक
- भीतरबाड़ी
- सुभाष चौक
- आदर्श नगर
- भगवती कॉलोनी
- पंचायत समिति
- भीमनगर
- कुंडा
- बजरिया
- मधुवन विहार
- मीराना तिराहा
- महादेव गली