परमाणु परीक्षण

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२७ मार्च, १९५४ को अमरीका द्वारा किये गये कैसल रोमियो नाभिकीय परीक्षण का चित्र
"बेकर शॉट", संयुक्त राष्ट्र द्वारा किया गया ऑपरेशन क्रॉसरोड्स अभियान का एक भाग, १९४६

नाभिकीय अस्त्र परीक्षण (अंग्रेज़ी:Nuclear weapons tests) या परमाण परीक्षण उन प्रयोगों को कहते हैं जो डिजाइन एवं निर्मित किये गये नाभिकीय अस्त्रों के प्रभाविकता, उत्पादकता एवं विस्फोटक क्षमता की जाँच करने के लिये किये जाते हैं। परमाणु परीक्षणों से कई जानकारियाँ प्राप्त होतीं हैं ; जैसे - ये नाभिकीय हथियार कैसा काम करते हैं; विभिन्न स्थितियों में ये किस प्रकार का परिणाम देते हैं; भवन एवं अन्य संरचनायें इन हथियारों के प्रयोग के बाद कैसा बर्ताव करतीं हं। सन् १९४५ के बाद बहुत से देशों ने परमाणु परीक्षण किये। इसके अलावा परमाणु परीक्षणों से वैज्ञानिक, तकनीकी एवं सैनिक शक्ति का प्रदर्शन करने की कोशिश भी की जाती है।

प्रकार[संपादित करें]

परमाणु परीक्षण चार मुख्य प्रकार के होते हैं:१.हवाई परीक्षण, २.जलगत परीक्षण, ३. बाह्य वातावरणीय और ४.भूमिगत परीक्षण
परमाणु विस्फ़ोट का एनिमेशन

परमाणु परीक्षण कई तरह के होते हैं। हवा, जलगत और भूमिगत।[1]

हवाई परीक्षण[संपादित करें]

हवा में किए जने वाले परीक्षण खुले और निर्जन इलाके में या धरातल से कुछ ऊपर किए जते हैं। आमतौर पर ऐसे परीक्षणों में उपकरण को ऊंची इमारतों, गुब्बारों, द्वीपों में या हवाई जहाज से गिराकर परीक्षण किया जता है। इनके अलावा, कई बार रॉकेटों से दागकर भी कुछ परमाणु परीक्षण किए जा चुके हैं।[1] विस्फोट से उपजे मशरूम क्लाउड में आसपास की चीजें खिंची चली आती हैं और इसकी डिबरियों से रेडियोधर्मिता आसपास के क्षेत्र में फैलती है।

जलगत परीक्षण[संपादित करें]

इस तरह के परीक्षण किसी जहाज या नौका की मदद से किए जते हैं। इन परीक्षणों को शत्रु की नौसेना के जहाजों और पनडुब्बियों से मुकाबले की दृष्टि से किया जता है। इसके अतिरिक्त, समुद्री युद्ध में काम आने वाले हथियारों जैसे टॉरपीडो या डेप्थ चार्जर्स के शक्ति परीक्षण के लिए भी किया जाता है। सागर तट के पास किए जाने वाले जलगत परीक्षणों से पानी में काफी रेडियोधर्मी तत्व मिल जाते हैं जो आसपास के जहाजों और सागरीय जन-जीवन के लिए बहुत घातक होते हैं।[1]

भूमिगत परीक्षण[संपादित करें]

ऐसे परीक्षण पृथ्वी की सतह में गड्ढा खोदकर या अन्य तरीके से किए जते हैं। अमेरिका और सोवियत रूस ने शीत युद्ध के दिनों में अक्सर ऐसे ही परीक्षण किए थे। १९६३ में इसके अतिरिक्त अन्य परीक्षणों को लिमिटेड टेस्ट बैन ट्रीटी संधि के तहत निषेध कर दिया गया था। जब ऐसे परीक्षण संपन्न होते हैं तो उसमें प्रयोग किए गए सामान से भूकंप का खतरा हो सकता है। अन्यथा इनसे खतरा कम रहता है।[1]

विश्व भर में परीक्षण[संपादित करें]

बीसवीं सदी में कई देशों ने परमाणु परीक्षण किए थे। पहला परमाणु परीक्षण अमेरिका ने १६ जुलाई, १९४५ में किया था जिसमें २० किलोटन का परीक्षण किया गया था। अब तक का सबसे बड़ा परमाणु परीक्षण सोवियत रूस में ३० अक्तूबर १९६१ को किया गया था जिसमें ५० मेगाटन के हथियार का परीक्षण किया गया था। २५ मई, २००९ को उत्तरी कोरिया ने परमाणु परीक्षण किया था, जिसे विश्व के अधिकांश देशों ने निंदनीय बताया है।[2][3]

विश्व के परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्रों ने अब तक कम से कम २००० परमाणु परीक्षण किये हैं।

विश्व भर में दर्जन से अधिक परीक्षण स्थलों पर २००० से अधिक परीक्षण किये हैं।
  • संयुक्त राज्य संयुक्त राज्य: १०५४[4]
  • यूरी एलेक्सेविच गागरिन को इतिहास में प्रथम अंतरिक्ष यात्री के रूप में जाना जाता है। सन् 1961 में अचानक सुर्खियों में आनेवाले इस व्यक्‍तित्व को अपनी महान् उपलब्धि हासिल करने में मात्र दो घंटे ही लगे, किंतु इसकी पृष्‍ठभूमि में वर्षों की लगन और लक्ष्य-प्राप्‍ति के लिए कठिन साधना थी। मात्र 27 वर्ष की उम्र में सफलता का कीर्तिमान स्थापित करनेवाला यह महानायक मात्र 33 वर्ष की अल्पायु में संसार से विदा हो गया। यूरी गागरिन का जन्म 9 मार्च, 1934 को मॉस्को के निकट हुआ था। अनजाने अंतरिक्ष को जानने की ललक ने यूरी गागरिन को अंतरिक्ष अभियान की ओर प्रवृत्त किया। यूरी गागरिन ने अंतरिक्ष में पहुँचकर मानव जीवन को एक नई ऊँचाई दी और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों का मार्ग प्रशस्त किया। अद‍्भुत जिजीविषा और अप्रतिम साहस के धनी यूरी गागरिन की प्रेरणाप्रद जीवनी। सोवियत संघ: ७१५ परीक्षण,[5]
  • साँचा:Country data फ्रांस फ्रांस: २१० परीक्षण (५० वातावरणीय, १६० भूमिगत)[6]
  • यूनाइटेड किंगडम संयुक्त राजशाही: ४५ परीक्षण[7]
  • साँचा:Country data चीन चीन: ४५ परीक्षण (२३ वातावरणीय, २२ भूमिगत)[8]
  • भारत भारत: ६ भूमिगत (प्रथम परीक्षण १९७४ पोखरण सहित)
  • साँचा:Country data पाकिस्तान पाकिस्तान: ६ भूमिगत
  • साँचा:Country data उत्तरी कोरिया उत्तरी कोरिया: २ परीक्षण
परमाणु परीक्षणों का ग्राफ़ (उत्तरी कोरिया दर्शित नहीं)

भारत के परमाणु परीक्षण[संपादित करें]

भारत ने सन् १८ मई, १९७४ में पोखरण में पहला परमाणु परीक्षण किया। दूसरा परमाणु परीक्षण सन् १९८९ में पोखरन में ही हुआ। उस समय भारत सरकार ने घोषणा की थी कि भारत का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यो के लिये होगा और यह परीक्षण भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिये किया गया है।[9] बाद में ११ और १३ मई, १९९८ को पाँच और भूमिगत परमाणु परीक्षण किये[10] और भारत ने स्वयं को परमाणु शक्ति संपन्न देश घोषित कर दिया। इनमें ४५ किलोटन का एक तापीय परमाणु उपकरण शामिल था जिसे प्रायः पर हाइड्रोजन बम के नाम से जाना जाता है। ११ मई को हुए परमाणु परीक्षण में १५ किलोटन का विखंडन उपकरण और ०.२ किलोटन का सहायक उपकरण शामिल था।[9][11][12] इसके बाद

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. "परमाणु परीक्षण" (हिन्दी में) (एचटीएमएल). लाइव हिन्दुस्तान. २८ मई. http://www.livehindustan.com/news/tayaarinews/gyan/67-75-60191.html. अभिगमन तिथि: २००९. 
  2. "उ. कोरिया ने परमाणु परीक्षण किया" (हिन्दी में). वेब दुनिया. २००८. http://hindi.webdunia.com/news/news/international/0905/25/1090525051_1.htm. 
  3. "cfm उत्तर कोरिया ने 'अधिक शक्तिशाली' परमाणु परीक्षण की पुष्टि की" (हिन्दी में). वॉयस ऑफ अमेरिका. २५ मई. http://www.voanews.com/hindi/archive/2009-05/2009-05-25-voa6.. 
  4. संयुक्त राज्य के परमाणु परीक्षण
  5. सोवियत संघ के परमाणु परीक्षण
  6. फ्रांस के परमाणु परीक्षण
  7. ब्रिटेन के परमाणु परीक्षण
  8. चीन के नाभिकीय हथियार
  9. "कुछ और हों परमाणु परीक्षण" (हिन्दी में). राजस्थान पत्रिका. ३ सितंबर. http://www.rajasthanpatrika.com/editorial/detail/?nid=21089. 
  10. "'परमाणु परीक्षण ने देश को मज़बूत कियापरमाणु परीक्षण ने देश को मज़बूत किया'" (हिन्दी में). बीबीसी-हिन्दी. ११ मई. http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2008/05/080511_pokhran_anniversary.shtml. 
  11. "पोखरण-2 परमाणु परीक्षण सफल था:प्रधानमंत्री" (हिन्दी में) (ecaTIemael). समय लाइव. २९ अगस्त. http://hindi.samaylive.com/news/36864/36864.html. अभिगमन तिथि: २००९. 
  12. "पोकरण-2 के नतीजे फिर परखे जाएं" (हिन्दी में). राजस्थान पत्रिका. १९ सितंबर. http://www.rajasthanpatrika.com/detail/?nid=27881. 

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]