सामग्री पर जाएँ

यमन

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
الجمهورية اليمنية
Al-Jumhūriyyah al-Yamaniyyah

यमन गणराज्य
यमन का कुल चिह्न
कुल चिह्न
ध्येय वाक्य: "Allah, al-Watan, at-Thawra, al-Wehda"
"अल्लाह, देश, क्रांति, एकता"
राष्ट्रगान: National anthem of Yemen
यमन की अवस्थिति
राजधानी
एवं सबसे बड़ा शहर
साना
आधिकारिक भाषा(एँ)अरबी
निवासीनामयमनी, यमनियत
सरकारगणराज्य
रशद मोहम्मद अल-अलीमी
अबदल-रब मंसूर अल-हादी
मोइन अब्दुल-मलिक सईद अल-साबरी
अबुल करीम इस्माइल अल-अरहाबी
स्थापना
 उत्तरी यमन स्वतंत्रता
१ नवंबर १९१८
 दक्षिणी यमन स्वतंत्रता
३० नवम्बर १९६७
२२ मई १९९०
क्षेत्रफल
 कुल
527,968 कि॰मी2 (203,850 वर्ग मील) 49वाँ)
 जल क्षेत्र (%)
नगण्य
जनसंख्या
 2008 आकलन
23,013,376 (51वाँ)
 2007 जनगणना
22,230,531
GDP (PPP)2008 प्राक्कलन
 कुल
$55.433 अरब (-)
 प्रति व्यक्ति
$2,412 (-)
GDP (सांकेतिक)2008 प्राक्कलन
 कुल
$27.151 अरब
 प्रति व्यक्ति
₹97,804.69 ($1,181) (१७५)
HDI (2013)Steady 0.500[1]
निम्न · 154वाँ
मुद्रायमनी रियाल (﷼) (YER)
समय मंडलUTC+3
दूरभाष कोड967
इंटरनेट TLD.ye

यमन (अरबी भाषा: اليَمَن अल-यमन), आधिकारिक तौर पर यमन गणराज्य (अरबी भाषा: الجمهورية اليمنية अल-जम्हूरिया अल-यमन) मध्यपूर्व एशिया का एक देश है, जो अरब प्रायद्वीप में दक्षिण पश्चिम में स्थित है। 2 करोड़ वाली आबादी वाले देश यमन की सीमा उत्तर में सऊदी अरब, पश्चिम में लाल सागर, दक्षिण में अरब सागर और अदन की खाड़ी और पूर्व में ओमान से मिलती है। यमन की भौगोलिक सीमा में लगभग २०० से अधिक द्वीप भी शामिल हैं, जिनमें सोकोत्रा द्वीप सबसे बड़ा है।

यमन अरब प्रायद्वीप के दक्षिण-पश्चिमी कोने पर स्थित एक स्वतंत्र राष्ट्र है। इसके केवल तीन और अंकित सीमा है तथा पूर्व की ओर निर्घारित नहीं है। पश्चिमी सीमा पर ३०० मील की लंबाई में लाल सागर फैला हैं। यह एक पहाड़ी देश है। इसके उतर-पूर्व में रूब-एल-खाली मरूस्थल हैं। यहाँ ४,००० से १००० फुट ऊॅचे उपजाऊ पठार भी हैं। यहाँ कई नदियाँ (वादी) बहती हैं, जिनमें उतर में वादी नजरान तथा दक्षिण में रुब अल-ख़ाली तथा हदरामौत (Hadramawt) बहती हैं। यहाँ जनवरी का ताप १४० डिग्री सें० तथा गरम जून मास का ताप २२ सें० रहता हैं। उच्च प्रदेशों पर १६ इंच वर्षा होती हैं। यहाँ धूल के तूफान अधिक चला करते हैं। वनस्पति में बबूल, खजूर तथा फलों के पेड़ प्रमुख हैं। यद्यपि यहाँ शुष्क वन अधिक मिलते हैं, फिर भी ऐल्पाइन गुलाब, बालम (गुल मेंहदी) तथा तुलसी के पौधे पठरों तथा वादियों के किनारे मिलते हैं। जीवजंतुओं में बबून, हरिण (gazelle), तेंदुए, पहाड़ी खरगोश आदि प्रमुंख हैं। पक्षियों में गिद्ध, सारस, बगुला, तोता, हॉर्नबिल, चटखोरा आदि मिलते हैं।

यहाँ की राजधानी साना है। अन्य प्रमुख नगर ताइज़ (Ta'izz), अल-हुदैदाह (al Hudaydah), बैत अल-फकीह (Bayt al Faqih) हैं। अरबी यहाँ की प्रमुख भाषा है। यहाँ का धर्म इस्लाम है। केवल ५% भूमि पर कृषि की जाती है। उच्च प्रदेश प्रमुख कृषिस्थल हैं। शुष्क कृषि में कॉफी का स्थान अति प्राचीन कल से प्रमुख है। काट (Qat) की पैदावार तेजी से कॉफी का स्थान ले रही है। फलों में सेब, खूबानी, केला, कई प्रकार के अंगूर, नीबू, आडू, नारंगी तथा कई प्रकार के तरबूज अधिक उगाए जाते हैं। बादाम तथा अन्य काष्ठफल भी उगते हैं। जौ, जई, कम्मा, ज्वार, बाजरा, धान, तिल तथा सोरघम का खाद्यान्नों में प्रमुख स्थान है। पठारों तथा समुद्री तटों पर गेहूँ भी उगाया जाता है। खनिजों में नमक तथा चूने के पत्थर का स्थान प्रमुख है।

यमन की क्राति

[संपादित करें]

वर्ष 1962 इस्वी को यमन के सुल्तान की मृत्यु के बाद 26 सितम्बर 1962 इस्वी को यमन मे क्राति हो गयी यमन की क्रातिकारी सरकार ने रुस तथा मिस्त्र के सयोग से यमन में गणतन्त्र की स्थापना कर दी। लेकिन शाहजादा हसन ने सऊदी अरब के जेद्दा प्रान्त में यमन की निर्वासित सरकार स्थापित करली। शीध्र ही दोनो सरकारो के बीच खुला युध्द छिड़ गया इस संघर्ष में सऊदी अरब और जार्डन ने हसन और मिस्त्र ने क्रान्तिकारियो की ओर भाग लिया लेना शुरु कर दिया। युध्द दिँन प्रतिदिन उग्र होता गया इस पर संध ने मार्च 1963 इस्वी में डा॰ राल्फ बुंच को भेजकर यमन में शान्ति स्थापित करवायी तथा दोनो पक्षो को इस बात के लिए तैयार किया वे शान्तिपूर्ण उपायो के द्अरा समस्या को सुलझाएँगे। अन्त मे संयुक्त राष्ट्र संध यमन शान्ति स्थापित करवाई।

पूर्वी और पश्चिमी सभ्यताओं के बीच अपनी लंबी समुद्री सीमा के साथ, यमन लंबे समय से संस्कृतियों के चौराहे पर रहा है और अरब प्रायद्वीप के पश्चिम में व्यापार के लिहाज़ से इसकी रणनीतिक स्थिति है। उत्तरी यमन के पहाड़ों में 5000 ईसा पूर्व जितनी पुरानी बस्तियाँ मौजूद थीं।[2]सबा साम्राज्य यमन में लगभग 1000 BCE से लगभग 275 CE तक मौजूद था।[3] [4]इसके निवासी सबाई लोग थे।[d] दक्षिण अरब में चार प्रमुख राज्य या जनजातीय संघ सबा, हद्रामौत, कताबान और मा'इन थे।

सबा (अरबी: سَـبَـأ[5][6] को बाइबिल का शेबा माना जाता है और यह सबसे प्रमुख संघ था।सबा के शासकों ने मुकर्रिब की उपाधि अपनाई, जिसका आम तौर पर मतलब एकीकरण करने वाला माना जाता है,[7]

तस्वीरें

[संपादित करें]

सन्दर्भ

[संपादित करें]
  1. "2014 Human Development Report Summary" (PDF). संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम. 2014. pp. 21–25. 29 जुलाई 2016 को मूल से पुरालेखित (PDF). अभिगमन तिथि: 27 जुलाई 2014.
  2. . 2008-01-01. डीओआई:10.35802/084593 https://doi.org/10.35802/084593. {{cite journal}}: Cite journal requires |journal= (help); Missing or empty |title= (help)
  3. "Orchomeuian Inscription, from the Original in the British Museum", The Classical Journal, Cambridge University Press, pp. 374–376, 2013-02-28, अभिगमन तिथि: 2025-12-28
  4. Arbach, Mounir; Rossi, Irene (2020-01). "Haram, cité antique du Jawf (Yémen) : quelques bribes de dix siècles d'histoire et nouveaux textes amīrites". Semitica et Classica. 13: 19–47. डीओआई:10.1484/j.sec.5.122979. आईएसएसएन 2031-5937. {{cite journal}}: Check date values in: |date= (help)
  5. Contemporary Quran. Al-Jamiah Research Centre.
  6. Contemporary Quran. Al-Jamiah Research Centre.
  7. Clapp, Nicholas (2002). Sheba: Through the Desert in Search of the Legendary Queen (1st ed ed.). Erscheinungsort nicht ermittelbar: HarperCollins Publishers. ISBN 978-0-618-21926-1. {{cite book}}: |edition= has extra text (help)