खजूर

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खजूर

खजूर (फीनिक्स डेक्टाइलेफेरा) एक ताड़ प्रजाति का वृक्ष है, जिसकी कृषि बड़े पैमाने पर इसके खाद्य फल के लिए की जाती है। चूँकि इसकी खेती बहुत पहले से हो रही है इसलिए इसका सटीक मूल स्थान तलाशना लगभग असंभव है, लेकिन जलवायु के परि इसकी अनुकूलता को देखते हुये कहा जा सकता है के इसका मूल शायद उत्तरी अफ्रीका के किसी नख़लिस्तान या शायद दक्षिण पश्चिम एशिया में है। यह एक मध्यम आकार का पेड़ है और इसकी ऊँचाई 15-25 मीटर तक होती है, अक्सर कई तने एक ही मूल (जड़) प्रणाली से जुडे़ होते है पर यह अक्सर अकेले भी बढ़ते है।

खजूर के फायदे[1][संपादित करें]

  1. कमजोर बच्‍चों को खजूर और शहद मिलाकर खिलाना बहुत फायदेमंद होता है। जिन बच्‍चों में रात को बिस्‍तर गीला करने की आदत होती हैं उन बच्‍चों को दूध के साथ खजूर खाने के लिए दें। इसके अलावा बच्चों की दस्त की समस्‍या में भी खजूर लाभकारी होता है। बच्चों के दांत निकलते समय उन्हें बार बार दस्त की समस्‍या हो जाती है ऐसे में खजूर के साथ शहद को मिलाकर एक-एक चमच दिन में 2-3 बार चटाने से लाभ होता है।
  2. खजूर में प्रोटीन, फाइबर और पोषण बहुत अधिक मात्रा में होता है। जिससे कब्‍ज की समस्‍या दूर हो जाती है। जिन लोगों को कब्‍ज की परेशानी रहती है उन खजूर बहुत फायदा करता है। इसको लेने के लिए रात को सोने से पहले कुछ खजूर पानी में भिगो दें और सुबह उसे खा लें।
  3. खजूर के सेवन से आंतों को बल और शरीर को स्‍फूर्ति मिलती है। खजूर आंतों के हानिकारक जीवाणुओं को नष्‍ट करता है, इसके अलावा खजूर के विशिष्ट तत्त्व ऐसे जीवाणुओं को जन्म देते हैं जो आंतों को विशेष शक्तिशाली तथा अधिक सक्रिय बनाते हैं। यदि आपको आंत विकार है तो आपको खजूर खाना चाहिए क्‍योंकि इसमें कैल्‍शियम, विटामिन बी5, फाइबर, विटामिन बी3, पोटैशियम और कॉपर होता है जो कि इस समस्‍या को दूर करता है।
  4. जिन लोगों में रक्त की कमी के कारण हृदय की धड़कन और एकाग्रता की कमी होती हैं। उन लोगों के‍ लिए खजूर बहुत लाभदायी है। इसके सेवन से रक्त बढ़ता है और मस्तिष्‍क और हृदय की मसल्‍स को ताकत मिलती है। रक्त की कमी होने पर रात को खजूर भिगोकर सुबह दूध या घी के साथ खाएं।
  5. ऑस्‍टियोपोरोसिस या हड्डियों में दर्द की समस्‍या कैल्शियम की कमी से होती है और यह समस्‍या आमतौर पर महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद होती है। अगर आप भी इस समस्‍या से पीड़‍ित है तो आपके लिए खजूर बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है क्‍योंकि खजूर कैल्शियम से भरपूर होता है। नियमित रूप से कुछ खजूर खाने से आपकी कैल्शियम की कमी पूरी हो जाती हैं।
  6. खजूर में मौजूद कैल्शियम दांतों की कमजोरी को दूर करता है। इसके अलावा खजूर में पाया जाने वाला फ्लोरीन नामक मिनरल दांतों की समस्‍या को दूर करने में मदद करता है। दांतों में दर्द और सड़न को दूर करने के लिए दूध के साथ खजूर खाएं।
  7. खजूर के सेवन से कुछ ही दिनों में लो ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या से छुटकारा मिल जाता है। लो ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या होने पर 3-4 खजूर गर्म पानी में धोकर गुठली निकाल दें और इसे गाय के दूध के साथ उबाल लें। इस उबले हुए दूध को सुबह-शाम पीएं, फायदा होगा।
  8. गर्भावस्‍था में अक्‍सर खून की कमी हो जाती है। इस कमी को पूरा करने में खजूर आपकी मदद कर सकता है। खजूर को खाने से हीमोग्‍लोबीन बढ़ जाता है। गर्भवती और उसके शिशु के लिए आयरन, कैल्‍श्यिम, मैग्‍नीशियम, फास्‍फोरस और सेलीनियम से भरा खजूर खाना बहुत जरुरी है। इसके अलावा खजूर गर्भवती महिलाओं में दूध की मात्रा में वृद्धि करता है और अधिक ऊर्जा प्रदान करता है।
  9. सर्दियों में सेहत बनाने के लिए खजूर से बेहतर और कुछ भी नहीं है। इसको खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे आप सर्दियों में होने वाली सर्दी-जुकाम की समस्‍या से बचें रहते हैं। इसके अलावा यह श्वास रोग में भी बहुत फायदा करता है। अगर आपको जुकाम की समस्‍या लगातार बनी रहती है तो एक गिलास दूध में 5-6 खजूर डालें, इसमें पांच दाने काली मिर्च, एक इलायची और एक चम्‍मच घी डालकर अच्छी तरह उबाल लें। अब इसे रात में सोने से पहले पीएं, सर्दी-जुकाम में आराम होगा। श्वास रोग में सोंठ के चूर्ण में खजूर मिलाकर पानी के साथ लेना हितकर होता है।

सन्दर्भ[संपादित करें]