भारतीय इतिहास की समयरेखा

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पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं भारत एक साझा इतिहास के भागीदार हैं, इसलिए भारतीय इतिहास की इस समय रेखा में सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास की झलक है।

पाषाण युग[संपादित करें]

पाषाण युग इतिहास का वह काल है जब मानव का जीवन पत्थरों (संस्कृत - पाषाणः) पर अत्यधिक आश्रित था। उदाहरनार्थ पत्थरों से शिकार करना, पत्थरों की गुफाओं में शरण लेना, पत्थरों से आग पैदा करना इत्यादि। इसके तीन चरण माने जाते हैं; पुरापाषाण काल, मध्यपाषाण काल एवं नवपाषाण काल जो मानव इतिहास के आरम्भ (२५ लाख साल पूर्व) से लेकर काँस्य युग तक फैला हुआ है।

भीमबेटका पाषाण आश्रय (९०००- ७००० ई. पूर्व)[संपादित करें]

भीमबेटका (भीमबैठका) भारत के मध्य प्रदेश प्रान्त के रायसेन जिले में स्थित एक पुरापाषाणिक आवासीय पुरास्थल है। यह आदि-मानव द्वारा बनाये गए शैल चित्रों और शैलाश्रयों के लिए प्रसिद्ध है। इन चित्रो को पुरापाषाण काल से मध्यपाषाण काल के समय का माना जाता है। अन्य पुरावशेषों में प्राचीन किले की दीवार, लघुस्तूप, पाषाण निर्मित भवन, शुंग-गुप्त कालीन अभिलेख, शंख अभिलेख और परमार कालीन मंदिर के अवशेष भी यहां मिले हैं। भीम बेटका क्षेत्र को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, भोपाल मंडल ने अगस्त १९९० में राष्ट्रीय महत्त्व का स्थल घोषित किया। इसके बाद जुलाई २००३ में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है। ये भारत में मानव जीवन के प्राचीनतम चिह्न हैं। ऐसा माना जाता है कि यह स्थान महाभारत के चरित्र भीम से संबन्धित है एवं इसी से इसका नाम भीमबैठका पड़ा। ये गुफाएँ मध्य भारत के पठार के दक्षिणी किनारे पर स्थित विन्ध्याचल की पहाड़ियों के निचले छोर पर हैं।[1]; इसके दक्षिण में सतपुड़ा की पहाड़ियाँ आरम्भ हो जाती हैं।[2] इनकी खोज वर्ष १९५७-१९५८ में डाक्टर विष्णु श्रीधर वाकणकर द्वारा की गई थी।

मेहरगढ़ सभ्यता (७०००-३३०० ई पूर्व)[संपादित करें]

मेहरगढ़ पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण एक स्थान है जहाँ नवपाषाण युग (७००० ईसा-पूर्व से 33०० ईसा-पूर्व) के बहुत से अवशेष मिले हैं। यह स्थान वर्तमान बलोचिस्तान (पाकिस्तान) के कच्ची मैदानी क्षेत्र में है। यह स्थान विश्व के उन स्थानों में से एक है जहाँ प्राचीनतम कृषि एवं पशुपालन से सम्बन्धित साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। इन अवशेषों से पता चलता है कि यहाँ के लोग गेहूँ एवं जौ की खेती करते थे तथा भेड़, बकरी एवं अन्य जानवर पालते थे। "[3].

सिंधु घाटी की सभ्यता (२८००-१९०० ई पूर्व)[संपादित करें]

हड़प्पा सभ्यता(३३००-१७०० ई.पू.) विश्व की प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में से एक प्रमुख सभ्यता थी। यह सिंधु घाटी सभ्यता और सिंधु-सरस्वती सभ्यता के नाम से भी जानी जाती है। इसका विकास सिंधु और घघ्घर/हकड़ा (प्राचीन सरस्वती) के किनारे हुआ। मोहनजोदड़ो, कालीबंगा, चन्हुदडो, रन्गपुर्, लोथल्, धोलावीरा, राखीगरी, दैमाबाद, सुत्कन्गेदोर, सुरकोतदा और हड़प्पा इसके प्रमुख केन्द्र थें। ब्रिटिश काल में हुई खुदाइयों के आधार पर पुरातत्ववेत्ता और इतिहासकारों का अनुमान है कि यह अत्यंत विकसित सभ्यता थी और ये शहर अनेक बार बसे और उजड़े हैं।

वैदिक काल (१५००-५०० ई पूर्व)[संपादित करें]

वैदिक काल प्राचीन भारतीय संस्कृति का एक काल खंड है, जब वेदों की रचना हुई थी। हड़प्पा संस्कृति के पतन के बाद भारत में एक नई सभ्यता का आविर्भाव हुआ। इस सभ्यता की जानकारी के स्रोत वेदों के आधार पर इसे वैदिक सभ्यता का नाम दिया गया। वैदिक काल को दो भागों ऋग्वैदिक काल (1500- 1000 ई. पू.) तथा उत्तर वैदिक काल (1000 - 700 ई. पू.) में बांटा गया जाता है।

लौह युग[संपादित करें]

प्राचीन भारत (५०० ईसा पूर्व- ५५० ईस्वी)[संपादित करें]

१००० ई पू के पश्चात १६ महाजनपद उत्तर भारत में मिलते हैं। ५०० ईसवी पूर्व के बाद, कई स्वतंत्र राज्य बन गए| उत्तर में मौर्य वंश, जिसमें चन्द्रगुप्त मौर्य और अशोक सम्मिलित थे, ने भारत के सांस्कृतिक पटल पर उल्लेखनीय छाप छोडी | १८० ईसवी के आरम्भ से, मध्य एशिया से कई आक्रमण हुए, जिनके परिणामस्वरूप उत्तरी भारतीय उपमहाद्वीप में इंडो-ग्रीक, इंडो-स्किथिअन, इंडो-पार्थियन और अंततः कुषाण राजवंश स्थापित हुए | तीसरी शताब्दी के आगे का समय जब भारत पर गुप्त वंश का शासन था, भारत का "स्वर्णिम काल" कहलाया| दक्षिण भारत में भिन्न-भिन्न समयकाल में कई राजवंश चालुक्य, चेर, चोल, कदम्ब, पल्लव तथा पांड्य चले | विज्ञान, कला, साहित्य, गणित, खगोल शास्त्र, प्राचीन प्रौद्योगिकी, धर्म, तथा दर्शन इन्हीं राजाओं के शासनकाल में फ़ले-फ़ूले।

मध्यकालीन भारत[संपादित करें]

12वीं शताब्दी के प्रारंभ में, भारत पर इस्लामी आक्रमणों के पश्चात, उत्तरी व केन्द्रीय भारत का अधिकांश भाग दिल्ली सल्तनत के शासनाधीन हो गया; और बाद में, अधिकांश उपमहाद्वीप मुगल वंश के अधीन। दक्षिण भारत में विजयनगर साम्राज्य शक्तिशाली निकला। हालांकि, विशेषतः तुलनात्मक रूप से, संरक्षित दक्षिण में, अनेक राज्य शेष रहे अथवा अस्तित्व में आये।

17वीं शताब्दी के मध्यकाल में पुर्तगाल, डच, फ्रांस, ब्रिटेन सहित अनेकों युरोपीय देशों, जो कि भारत से व्यापार करने के इच्छुक थे, उन्होनें देश में स्थापित शासित प्रदेश, जो कि आपस में युद्ध करने में व्यस्त थे, का लाभ प्राप्त किया। अंग्रेज दुसरे देशों से व्यापार के इच्छुक लोगों को रोकने में सफल रहे और १८४० ई तक लगभग संपूर्ण देश पर शासन करने में सफल हुए। १८५७ ई में ब्रिटिश इस्ट इंडिया कम्पनी के विरुद्ध असफल विद्रोह, जो कि भारतीय स्वतन्त्रता के प्रथम संग्राम से जाना जाता है, के बाद भारत का अधिकांश भाग सीधे अंग्रेजी शासन के प्रशासनिक नियंत्रण में आ गया।

स्वतन्त्र भारत[संपादित करें]

१९४७ से १९५०[संपादित करें]

  • भारत बना गणतंत्र: संविधान सभा द्वारा १९४९ में पारित किए जाने के बाद २६ जनवरी १९५० को पहली बार देश का संविधान स्वीकार किया गया।

१९५० से १९७०[संपादित करें]

  • भाषाई आधार पर राज्यों का गठन: अलग तेलुगू राज्य की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद १९५३ में पहली बार भाषाई आधार पर आंध्रप्रदेश राज्य का गठन किया गया।
  • इंदिरा बनीं प्रधानमंत्री: ११ जनवरी १९६६ को ताशकंद में लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद इंदिरा गांधी भारत की प्रथम महिला प्रधानमन्त्री बनीं।
  • हरित क्रांति का जन्म: सन् १९६७ से लेकर १९७८ तक चली हरित क्रांति ने भारत को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बना दिया।
  • बैंकों का राष्ट्रीयकरण और निजी कोश(प्रिवी पर्स) का उन्नमूलन: १९ जुलाई १९६९ को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर दिया और साथ ही, उन्होंने लगभग ४०० रजवाड़ों को आजादी के समय से ही मिल रहे राजभत्ते(प्रिवी पर्स) को बंद कर दिया।

१९७० से १९८०[संपादित करें]

  • चिपको आन्दोलन का जन्म: सन् १९७३ में उत्तराखंड राज्य के कुछ ग्राम वासियों ने वनों को काटने से बचाने के लिए एक अनोखे आंदोलन आरंभ किया, जिसमें वे पेड़ से चिपक जाते थे।
  • अन्तरिक्ष में भारत: १९ अप्रैल १९७५ को पहले भारतीय उपग्रह आर्यभट्ट का सफल प्रक्षेपण।
  • आपातकाल की घोषणा: जून १९७५ में इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा की।
  • मदर टेरेसा को नोबेल पुरस्कार: अपने जीवन का अधिकांश भाग कलकत्ता की मलिन बस्तियों में रहने वाले गरीबों की सेवा में गुजार देने वाली मदर टेरेसा को सन् १९७९ में शांति के लिए नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।

१९८० से १९९०[संपादित करें]

  • एशियाई खेलों का सफल आयोजन: सन् १९८२ में भारत में दूसरी बार एशियाई खेलों का सफल आयोजन किया गया, जो कि पिछली बार की अपेक्षा कहीं बड़े पैमाने पर रहा और साथ ही इसी वर्ष रंगीन टीवी भी भारत आया।
  • इंदिरा गांधी की हत्या: ३१ अक्टूबर १९८४ को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके ही सिख अंगरक्षकों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस हत्या को ऑपरेशन ब्लू स्टार के प्रतिकार के रूप में देखा गया। (यह केवल कुछ इतिहासकारो की राय है)। इंदिरा गांधी की हत्या के हुए सिक्ख विरोधी दंगों में २,००० से अधिक लोग मारे गए।
भोपाल गैस कांड स्मारक।
  • सड़क पर उतरी मारुति: १९८४ में ८०० सीसी की मारुति कार लांच हुई, जिसने देश में वाहन क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया।
  • शाह बानो मामला: इस विवादास्पद मामले में उच्चतम न्यायालय ने मुस्लिम बोर्ड के निर्णय को पलटते हुए शाह बानो को गुजारा भत्ता देने को कहा लेकिन कट्टरपंथी मुस्लिम कार्यकर्ताओं के दबाव के आगे राजीव गांधी सरकार ने उच्चतम न्यायालय के निर्णय को प्रभावहीन बनाया।
  • भारत-श्रीलंका शांति समझौता: भारतीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी और श्रीलंका के राष्ट्रपति जेआर ने १९८७ में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता एक भूल साबित हुआ और इसके चलते श्रीलंका में हिंसक आंदोलन जोर पकड़ने लगा।
  • मताधिकार की आयु सीमा घटी: १९८८ में राजीव गांधी सरकार ने मतदान के लिए न्यूनतम आयु सीमा २१ वर्ष से घटाकर १८ वर्ष कर दी।

१९९० से २०००[संपादित करें]

  • सत्यजीत राय को ऑस्कर अवार्ड: विश्व सिनेमा को यादगार फिल्में देने वाले निर्माता-निर्देशक सत्यजीत राय को १९९२ में ऑस्कर का लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया।
  • पोखरण-2: अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के शासनकाल में भारतीय वैज्ञानिकों ने ११-१३ मई १९९८ में पोखरण में पांच परमाणु परीक्षण किए। पाकिस्तान ने भी प्रतिकार स्वरूप २८ मई १९९८ में छह परमाणु परीक्षण कर डाले।
  • कारगिल की लड़ाई: जुलाई, १९९९ में भीरतीय सेना को कारगिल में पाकिस्तानी सेना की घुसपैठ की जानकारी मिली। जिसके बाद भारतीय सेना ने घुसपैठियों के विरुद्ध कार्रवाई आरंभ कर दी। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप पाकिस्तानी सेना और घुसपैठिये पीछे हटे।

२००० से वर्तमान[संपादित करें]

  • भारतीय संसद भवन पर हमला: १३ दिसम्बर २००१ को आतंकवादियों ने संसद भवन पर हमला किया, लेकिन देश के बहादुर सिपाहियों ने अपनी प्राणों की आहुति देकर भी आतंकवादियों के इरादों को विफल कर दिया।
  • तहलका कांड: तहलका डॉटकॉम ने स्टिंग ऑपरेशन के द्वारा रक्षा सौदों के लिए सांसदों और सैन्य अधिकारियों को घूस लेते हुए उजागर किया।
  • गोधरा जनसंहार: गुजरात के गोधरा में २७ फ़रवरी २००२ को हिंदू तीर्थयात्रियों से भरी एक ट्रेन की बोगी को कुछ असामाजिक तत्वों ने जला डाला और जिसकी प्रतिक्रिया स्वरूप अगले ही दिन पूरे राज्य में दंगे भड़क उठे।
  • कल्पना चावला का दुखद अंत: अंतरिक्ष पर पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला कल्पना चावला की दूसरी अंतरिक्ष यात्रा ही उनकी अंतिम यात्रा साबित हुई। ३ फ़रवरी २००३ के दिन पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश करते समय कोलंबिया शटल यान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और कल्पना सहित इसमें सवार सातों अंतरिक्ष यात्री मारे गए।
  • सहवाग बनें `मुल्तान का सुल्तान´: २००४ में पाकिस्तान के विरुद्ध मुल्तान टेस्ट में सहवाग शानदार तिहरा शतक जमाने वाले पहले क्रिकेटर बने।
  • सूचना का अधिकार: २००५ के सूचना के अधिकार कानून ने सरकारी बाबुओं को जवाबदेह बनाया।
  • ११/७, मुंबई की उपनगरीय रेलों में श्रृंखलाबद्ध बम विस्फ़ोट: ११ जुलाई २००६ को एक बार फिर मुंबई आतंकवादियो के निशाने पर आ गई। शाम के समय अपने घरों को लौट रहे लोकल ट्रेन के खचाखच भरे डिब्बों में २० मिनट के अंतराल पर हुए सात बम धमाको में २५० लोग मारे गए।
  • पहली महिला राष्ट्रपति: महाराष्ट्र की पहली महिला राज्यपाल बनने वाली प्रतिभा पाटील ने २५ जुलाई २००७ को देश की पहली महिला राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण की।
  • मुंबई २६/११: एक बार फिर राष्ट्र की वित्तीय राजधानी पर आतंकवादियों का हमला। बुधवार, २६ नवम्बर २००८ की रात लगभग १० पाकिस्तानी आतंकवादी आधुनिक हथियारों से युक्त होकर चर्चगेट स्टेशन, कामा अस्पताल और ताज और ओबेरॉय-ट्रायडैन्ट में घुसे। ३ दिन तक चले कमांडो ऑपरेशन में २०० से अधिक लोग मारे गए और १० में से नौ आतंकवादी भी। एक आतंकवादी, अजमल कसाब को जीवित पकड़ लिया गया।

२०१० से अब तक[संपादित करें]

भारतीय इतिहास का संक्षिप्त कालक्रम[संपादित करें]

ईसा पूर्व[संपादित करें]

2500-1800 : सिंधु घाटी सभ्‍यता

563गौतम बुद्ध का जन्‍म कपिलवस्तु के निकट लुम्बिनी गाँव में

540 : महावीर का जन्‍म वैशाली के पास कुण्डलग्राम मैं

327-326 : भारत पर एलेक्‍जेंडर का हमला। इसने भारत और यूरोप के बीच एक भू-मार्ग खोल दिया

313 : जैन परंपरा के अनुसार चंद्रगुप्‍त का राज्‍याभिषेक

305 : चंद्रगुप्‍त मौर्य के हाथों सेल्‍युकस की पराजय

273-232 : अशोक का शासन

261 : कलिंग की विजय

145-101 : एलारा का क्षेत्र, श्रीलंका के चोल राजा

58 : विक्रम संवत् का आरम्‍भ

ईसवी[संपादित करें]

78 : शक संवत का आरम्‍भ

120 : कनिष्‍क का राज्‍याभिषेक

320 : गुप्‍त युग का आरम्‍भ, भारत का स्‍वर्णिम काल

380 : विक्रमादित्‍य का राज्‍याभिषेक

405-411 : चीनी यात्री फाहयान की यात्रा

415 : कुमार गुप्‍त-1 का राज्‍याभि‍षेक

455 : स्‍कंदगुप्‍त का राज्‍याभिषेक

606-647 : हर्षवर्धन का शासन

712 : सिंध पर पहला अरब आक्रमण

836 : कन्‍नौज के भोज राजा का राज्‍याभिषेक

985 : चोल शासक राजाराज का राज्‍याभिषेक

998 : सुल्‍तान महमूद का राज्‍याभिषेक

1000 – 1499[संपादित करें]

1001 : महमूद गजनी द्वारा भारत पर पहला आक्रमण, जिसने पंजाब के शासक जयपाल को हराया था

1025 : महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर का विध्‍वंस

1191 : तराई का पहला युद्ध

1192 : तराई का दूसरा युद्ध

1206 : दिल्‍ली की गद्दी पर कुतुबुद्दीन ऐबक का राज्‍याभिषेक

1210 : कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्‍यु

1221 : भारत पर चंगेज खान का हमला (मंगोल का आक्रमण)

1236 : दिल्‍ली की गद्दी पर रजिया सुल्‍तान का राज्‍याभिषेक

1240 : रजिया सुल्‍तान की मृत्‍यु

1296 : अलाउद्दीन खिलजी का हमला

1316 : अलाउद्दीन खिलजी की मृत्‍यु

1325 : मोहम्‍मद तुगलक का राज्‍याभिषेक

1327 : तुगलकों द्वारा दिल्‍ली से दौलताबाद और फिर दक्‍कन को राजधानी बनाया जाना

1336 : दक्षिण में विजयानगर साम्राज्‍य की स्‍थापना

1351 : फिरोजशाह का राज्‍याभिषेक

1398 : तैमूरलंग द्वारा भारत पर हमला

1469 : गुरुनानक का जन्‍म

1494 : फरघाना में बाबर का राज्‍याभिषेक

1497-98 : वास्‍को-डि-गामा की भारत की पहली यात्रा (केप ऑफ गुड होप के जरिए भारत तक समुद्री रास्‍ते की खोज)

1500 – 1799[संपादित करें]

1526 : पानीपत की पहली लड़ाई, बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया- बाबर द्वारा मुगल शासन की स्‍थापना 1527 खानवा की लड़ाई, बाबर ने राणा सांगा को हराया

1530 : बाबर की मृत्‍यु और हुमायूं का राज्‍याभिषेक

1539 : शेरशाह सूरी ने हुमायूं का हराया और भारतीय का सम्राट बन गया

1540 : कन्‍नौज की लड़ाई

1545: कालिंजर का युद्ध

1555 : हुमायूं ने दिल्‍ली की गद्दी को फिर से हथिया लिया

1556 : पानीपत की दूसरी लड़ाई

1565 : तालीकोट की लड़ाई

1576 : हल्‍दीघाटी की लड़ाई- राणा प्रताप ने अकबर को हराया

1582 : अकबर द्वारा दीन-ए-इलाही की स्‍थापना

1597 : राणा प्रताप की मृत्‍यु

1600 : ईस्‍ट इंडिया कंपनी की स्‍थापना

1605 : अकबर की मृत्‍यु और जहाँगीर का राज्‍याभिषेक

1606 : गुरु अर्जुन देव का वध

1611 : नूरजहाँ से जहांगीर का विवाह

1616 : सर थॉमस रो ने जहाँगीर से मुलाकात की

1627 : शिवाजी का जन्‍म और जहांगीर की मृत्‍यु

1628 : शाहजहां भारत के सम्राट बने

1631 : मुमताज महल की मृत्‍यु

1634 : भारत के बंगाल में अंग्रेजों को व्‍यापार करने की अनुमति दे दी गई

1659 : औरंगजेब का राज्‍याभिषेक, शाहजहाँ को कैद कर लिया गया

1665 : औरंगजेब द्वारा शिवाजी को कैद कर लिया गया

1680 : शिवाजी की मृत्‍यु

1707 : औरंगजेब की मृत्‍यु

1708 : गुरु गोबिंद सिंह की मृत्‍यु

1739 : नादिरशाह का भारत पर हमला

1757 : प्‍लासी की लड़ाई, लॉर्ड क्‍लाइव के हाथों भारत में अंग्रेजों के राजनीतिक शासन की स्‍थापना 1761 पानीपत की तीसरी लड़ाई, शाहआलम द्वितीय भारत के सम्राट बने

1764 : बक्‍सर की लड़ाई

1765 : क्‍लाइव को भारत में कंपनी का गर्वनर नियुक्‍त किया गया

1767-69 : पहला मैसूर युद्ध

1770 : बंगाल का महान अकाल

1780 : महाराजा रणजीत सिंह का जन्‍म

1780-84 : दूसरा मैसूर युद्ध

1784 : पिट्स अधिनियम

1793 : बंगाल में स्‍थायी बंदोबस्‍त

1799 : चौथा मैसूर युद्ध ; टीपू सुल्‍तान की मृत्‍यु

1800 – 1900[संपादित करें]

1802 : बेसेन की संधि

1809 : अमृतसर की संधि

1829 : सती प्रथा को प्रतिबंधित किया गया

1830 : ब्रह्म समाज के संस्‍थापक राजाराम मोहन राय की इंग्‍लैंड की यात्रा

1833 : राजाराम मोहन राय की मृत्‍यु

1839 : महाराजा रणजीत सिंह की मृत्‍यु

1839-42 : पहला अफगान युद्ध

1845-46 : पहला अंग्रेज-सिक्‍ख युद्ध

1852 : दूसरा अंग्रेज-बर्मा युद्ध

1853 : बांबे से थाने के बीच पहली रेलवे लाइन और कलकत्‍ता में टेलीग्राफ लाइन खोली गई

1857 : स्‍वतंत्रता का पहला संग्राम (या सिपाही विद्रोह)

1861 : रबीन्‍द्रनाथ टैगोर का जन्‍म

1869 : महात्‍मा गांधी का जन्‍म

1885 : भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस की स्‍थापना

1889 : जवाहरलाल नेहरु का जन्‍म

1897 : सुभाष चंद्र बोस का जन्‍म

1891 : डा. भीम राव अंबेडकर का जन्‍म

1900 से भारत की स्वतंत्रतता तक[संपादित करें]

1904 : तिब्‍बत की यात्रा

1905 : लॉर्ड कर्जन द्वारा बंगाल का पहला बंटवारा

1906 : मुस्लिम लीग की स्‍थापना

1911 : दिल्‍ली दरबार- ब्रिटिश के राजा और रानी की भारत यात्रा- दिल्‍ली भारत की राजधानी बनी

1914 : पहले विश्‍व युद्ध की शुरुआत

1916 : मुस्लिम लीग और कांग्रेस द्वारा लखनऊ समझौते पर हस्‍‍ताक्षर

1918 : पहले विश्‍व युद्ध की समाप्ति

1919 : मताधिकार पर साउथबरो कमिटी, मांटेग्‍यू-चेम्‍सफोर्ड सुधार- अमृतसर में जालियाँवाला बाग हत्‍याकांड

1920 : खिलाफत आंदोलन की शुरुआत

1927 : साइमन कमीशन का बहिष्‍कार, भारत में प्रसारण की शुरुआत

1928 : लाला लाजपतराय की मृत्‍यु (शेर-ए-पंजाब)

1929 : लॉर्ड ऑर्वम समझौता, लाहौर कांग्रेस में पूर्ण स्‍वतंत्रता का प्रस्‍ताव पास

1930 : सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत- महात्‍मा गांधी द्वारा दांडी मार्च (अप्रैल 6, 1930)

1931 : गांधी-इर्विन समझौता

1935 : भारत सरकार अधिनियम पारित

1937 : प्रांतीय स्‍वायतता, कांग्रेस मंत्रियों का पदग्रहण

1941 : रबीन्‍द्रनाथ टैगोर की मृत्‍यु, भारत से सुभाष चंद्र बोस का पलायन

1942 : क्रिप्‍स मिशन के भारत आगमन पर भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत

1943-44 : नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने प्रांतीय आजाद हिंदू हुकूमत, भारतीय राष्‍ट्रीय सेना की स्‍थापना की और बंगाल में अकाल

1945 : लाल‍ किले में आईएनए का ट्रायल, शिमला समझौता और द्वितीय विश्‍व युद्ध की समाप्ति

1946 : ब्रिटिश कैबिनेट मिशन की भारत यात्रा- केंद्र में अंतरिम सरकार का गठन

1947 : भारत का विभाजन व स्वतंत्रता

1947 से भारत की स्वतंत्रतता के बाद का इतिहास[संपादित करें]

1947 : 15 अगस्त को देश को अंग्रेजों की गुलामी से निजात मिली।

1948 : 30 जनवरी को महात्मा गाँधी की हत्या। इसी वर्ष भारतीय हॉकी टीम ने लंदन ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीता।

1950 : 26 जनवरी को भारत गणतंत्र बना। संविधान लागू।

1951 : देश की पहली पंचवर्षीय योजना लागू।

1952 : देश में पहले आम चुनाव। कांग्रेस 489 में से 364 सीटें जीतकर सत्ता पर काबिज। हेलसिंकी ओलिंपिक में भारतीय हॉकी टीम को स्वर्णिम सफलता।

1954 : भारत और चीन के बीच पंचशील समझौता।

1956 : राज्यों का पुनर्गठन।

1960 : भारत और पाकिस्तान में सिंधु जल समझौता।

1962 : अक्टूबर में चीन ने भारत पर हमला किया। नवंबर में चीन का दूसरा हमला। आजादी की फिजा में साँस ले रहे देश के युवकों के लिए पहली गंभीर चुनौती।

1963 : भारत ने पहला रॉकेट प्रक्षेपण किया।

1964 : जवाहरलाल नेहरू की मौत। लालबहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री बने।

1965 : कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच दूसरी जंग।

1966 : लालबहादुर शास्त्री का निधन। इंदिरा गाँधी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। ऑपरेशन फ्लड की शुरुआत।

1967 : हरित क्रांति की शुरुआत।

1969 : कांग्रेस का विभाजन। बैंकों का राष्ट्रीयकरण। पहली सुपरफास्ट रेलगाड़ी राजधानी एक्सप्रेस नई दिल्ली से हावड़ा के बीच दौड़ी। रेलवे की एक बड़ी उपलब्धि।

1971 : भारत और पाकिस्तान के बीच जंग। बांग्लादेश का उदय। पाकिस्तान की करारी हार।

1972 : भारत और पाकिस्तान के बीच शिमला समझौता।

1974 : 18 मई 1974 को पोखरन में परमाणु परीक्षण कर भारत छठी परमाणु ताकत बना।

1975 : प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने देश में आपातकाल की घोषणा की। जयप्रकाश नारायण, जॉर्ज फर्नांडीस और अटलबिहारी वाजपेयी सहित कई विपक्षी नेता गिरफ्तार। प्रेस की आजादी पर प्रतिबंध। भारत के पहले उपग्रह आर्यभट्ट का प्रक्षेपण। फिल्म शोले ने बॉक्स आफिस के सारे कीर्तिमान तोड़े।

1976 : भारत और पाकिस्तान के बीच समझौता एक्सप्रेस शुरू।

1977 : कांग्रेस की हार के बाद देश में पहली गैर कांग्रेसी सरकार बनी। आंध्रप्रदेश में समुद्री तूफान 35 हजार की मौत।

1978 : भारत की पहली परखनली शिशु दुर्गा (कनुप्रिया अग्रवाल) का जन्म।

1979 : अनुभव के अभाव में पहली गैर कांग्रेसी सरकार का पतन। वंचितों और पीड़ितों की मदद के लिए मदर टेरेसा को नोबेल पुरस्कार।

1980 : विमान दुर्घटना में संजय गाँधी की अप्रत्याशित मौत। राजीव गाँधी का भारतीय राजनीति में पदार्पण। प्रकाश पादुकोण ने भारत के लिए पहली बार आल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट जीता। मास्को ओलिंपिक में भारत को हॉकी का स्वर्ण।

1981 : टोमोरिल का संश्लेषण कर भारतीय चिकित्सा विज्ञानियों ने बड़ी सफलता हासिल की।

1982 : भारत ने नवें एशियाई खेलों का सफल आयोजन किया। देश में रंगीन टेलीविजन की शुरुआत।

1983 : भारतीय क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार विश्वकप जीता। भारत का अपना पहला बहुउद्देश्यीय संचार और मौसम उपग्रह इन्सेट-1बी प्रक्षेपित। मारुति-800 सड़कों पर उतरी।

1984 : ऑपरेशन ब्लू स्टार के तहत आतंकवादियों के सफाए के लिए स्वर्ण मंदिर में सेना का प्रवेश। सिख अंगरक्षक के हाथों प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या। देश भर में सिख विरोधी दंगे। भोपाल में यूनियन कार्बाइड संयंत्र में जहरीली गैस के रिसाव से हजारों की मौत। राकेश शर्मा अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय बने।

1985 : दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन की स्थापना। भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर विश्व क्रिकेट श्रृंखला जीती। कनाडा के टोरंटो से मुंबई आ रहा एयर इंडिया का विमान 329 यात्रियों के साथ दुर्घटनाग्रस्त।

1986 : नई शिक्षा नीति लागू चेन्नई में एड्स का पहला मामला सामने।

1987 : बोफोर्स तोप सौदे को लेकर राजीव गाँधी दागदार। भारत के पहले ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद विश्व जूनियर शतरंज चैंपियन।

1988 : सतह से सतह पर मार करने वाले पृथ्वी प्रक्षेपास्त का सफल परीक्षण।

1990 : मंडल आयोग की सिफारिशें लागू। देश में केबल और सैटेलाइट टेलीविजन की शुरुआत।

1991 : श्रीपेरूंबदूर में आत्मघाती हमले में राजीव गाँधी की मौत। देश में आर्थिक सुधारों की शुरुआत। देश के पहले सुपर कंप्यूटर परम का निर्माण।

1992 : अयोध्या में विवादित ढाँचा ध्वस्त। शेयर बाजार में हर्षद मेहता का हजारों करोड़ रुपए का घोटाला।

1993 : मुंबई में श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट सैकड़ों की मौत। भारत में निजी विमान सेवा का संचालन शुरू।

1994 : सुष्मिता सेन ने ब्रह्मांड सुंदरी का खिताब जीता। ऐश्वर्य राय विश्व सुंदरी बनीं। पीएसएलवी की सफल उड़ान।

1995 : देश में मोबाइल सेवा शुरू।

1997 : मदर टेरेसा का देहांत। पहली भारतीय महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला कोलंबिया से अंतरिक्ष रवाना।

1998 : भारत ने एक और परमाणु परीक्षण किया। पश्चिमी देशों की भृकुटी तनी।

1999 : भारत और पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता की कोशिशों के बीच कारगिल में भारत और पाकिस्तान की सेना में फिर टकराव। पाकिस्तान की करारी हार। इंडियन एयरलाइंस का अगवा विमान तीन आतंकवादियों की रिहाई के बाद छोड़ा गया।

2001 : देश के लोकतंत्र के हस्ताक्षर संसद भवन पर आतंकी हमला। गुजरात में भूकंप। हजारों की मौत।

2002 : गोधरा रेलवे स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस पर हमले के बाद गुजरात में सांप्रदायिक हिंसा। गुजरात के अक्षरधाम मंदिर पर हमला। दिल्ली मेट्रो की शुरुआत।

2003 : अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर लौट रहा कोलंबिया दुर्घटनाग्रस्त। कल्पना चावला की मौत।

2004 : सुनामी के कहर से दक्षिण भारत के राज्यों में भीषण तबाही। 35 हजार की मौत। राज्यवर्धनसिंह राठौर ने एथेंस ओलिंपिक की निशानेबाजी स्पर्धा में भारत के लिए पहला व्यक्तिगत रजत जीता।

2005 : जम्मू-कश्मीर में प्रलंयकारी भूकंप में हजारों लोगों की मौत। लाखों बेघर।

2006 : मुंबई में शृंखलाबद्ध बम धमाके, सैकड़ों की मौत।

2007 : प्रतिभा पाटिल देश में पहली महिला राष्ट्रपति बनी। अमेरिका के साथ महत्वपूर्ण परमाणु करार।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "भीमबेटका की गुफाएँ" (एचटीएम). इन्क्रेडिबल इण्डिया. पपृ॰ ०१. अभिगमन तिथि १८ जुलाई २००९.
  2. "भीमबेटका की पहाड़ी गुफाएं" (पीएचपी). राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल. भारत सरकार. पपृ॰ ०१. अभिगमन तिथि १८ जुलाई २००९.
  3. Hirst, K. Kris. 2005. "Mehrgarh". Guide to Archaeology

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]