आरक्षण

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भारत में आरक्षण व्यवस्था लोगों को जातिगत ना होकर आर्थिक आधार होना चाहिए जब सरकार ही लोगों को जातिवाद में बांटकर तोड़ने का काम करती है तो लोग एक कहां से हो सकते हैं और यदि लोगों को आर्धिक आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता उनकी जाति ही आर्थिक स्थिति का आधार समझी जाती है तो लोगों को जाति परिवर्तन का कानूनन हक दे देना चाहिए जिससे कोई भी व्यक्ति जातिवाद द्वारा सरकार द्वारा प्रताड़ित ना हो। आरक्षण निम्नलिखित में किसी एक के लिए हो सकता है: