यूगोस्लाविया

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यूगोस्लाविया यूरोप का एक देश है जिसकी स्थापना १९१८ में हुई। यूगोस्लाविया स्थिति: 40 51 से 46 53 उ0 अ0 तथा 13 23 से 23 2 पू0 दे0। यह ऐड्रिऐटिक सागर के किनारे, बॉल्कन प्रायद्वीप के पश्चिम में स्थित, मध्य यूरोप का एक साभ्यवादी देश है। इसका क्षेत्रफल 99,181 वर्ग मील है। उत्तर-पश्चिम से इसकी अधिकतम लंबाई लगभग 575 मील और पूर्व से पश्चिम अधिकतम चौड़ाई लगभग 400 मील है। इसका समुद्रतट लगभग 1,000 मील लंबा तथा हजारों टापुओं से युक्त है। समुद्र की सतह से यहाँ की अधिकतम ऊँचाई 9,395 फुट है।

यूगोस्लाविया को तीन मुख्य भौगोलिक प्रदेशों में बाँटा गया है: (क) समुद्रतटीय मैदान, जो ऐड्रिऐटिक सागर के किनारे एक सँकरी पट्टी में विस्तृत है। इसी से लगा हुआ लंबा, सँकरा, समुद्री किनारा है, जिसके समांतर सैकड़ों निम्न टापू स्थित हैं; (ख) पर्वतीय प्रदेश, जो समूद्रतटीय मैदान के पीछे स्थित है। यह अत्यंत ऊबड़ फैला है तथा (ग) आंतरिक डैन्यूब घाटी, जो देश का अत्यंत उपजाऊ एवं अधिक जनसंख्यावाला भाग है।

यहाँ अनेक पर्वतश्रेणियाँ हैं, जिनमें डिनैरिक ऐल्प्स, जूलियन ऐल्प्स, करावंकेन ऐल्प्स तथा वलबिट मुख्य हैं। नदियों में डैन्यूब, सावा, मोरावा, डावा, वरडार, नरेतवा, ड्राइना तथा तीजा प्रमुख हैं। यूगास्लाविया में कई झीलें भी हैं।

ऐड्रिऐटिक तट की जलवायु सम है। वर्षा अधिकतर बसंत ऋतु में होती है। दक्षिणी भाग की औसत वार्षिक वर्षा लगभग 65 इंच है। डेन्यूब घाटी की जलवायु वर्ष भर नम रहती है। गरमी में गरम तथा तर और जाड़े में ठंढी एवं बर्फीली जलवायु रहती है। पर्वतीय प्रदेश की जलवायु शुष्क रहती है। यहाँ सीसा, बौक्साइट, कच्चा ऐलुमिनियम, ताँबा पारा, जस्ता, क्रोमियम, लोहा, कोयला, सोना, मैंगनीज आदि के खनिज मिलते हैं। यहाँ का 1/3 भूभाग जंगलों से ढँका है।

पहाड़ी क्षेत्रों में रहनेवाले गड़रिये तथा अन्य लोग जिसकी लाठी उसकी भैंस के सिद्धांत को मानते हैं परंतु अनुशासन के लिये अपने सरदार के आदेशों का पालन करना अपना धर्म समझते हैं। इनके समाज में पुरूषों का स्थान स्त्रियों से अधिक ऊँचा है। ये लोग बड़े चतुर और परिश्रमी होते हैं। मैदानों के रहनेवाले लोग इनके ठीक विपरीत होते हैं। ये शांतिप्रिय एवं स्त्रियों को संमानित पद देनेवाले होते हैं और खेतों अथवा कारखानों में अधिक परिश्रम करते हैं।

यूगोसलाविया में मुख्यत: तीन भाषाएँ प्रचलित हैं: (क) सेब्रोक्रोटियन (ख) स्लोवेनिन तथा (ग) मैसीडोनियन। इसमें सर्बिया एवं बल्गेरिया दोनों स्थानों के तत्व मिलते हैं। ये सभी भाषाएँ एक दूसरे से समानता रखती हैं परंतु प्रत्येक भाषा की अपनी विशिष्टता है।

कृषि में गेहूँ जई, जौ, मक्का, तंबाकू, चुकंदर, पटुआ, सन, आलू, चारा आदि यहाँ की प्रमुख उपजें हैं। यहाँ भेड़, बकरियाँ, सूअर अधिक पाले जाते हैं। यहाँ के भारी उद्योग अधिकतर देश के पश्चिमी भागों में केंद्रित हैं। लोहा तथा इस्पात, लकड़ी के सामान,श् सूती वस्त्र, ऊनी कालीन, चमड़े, लकड़ी तथा धातु की वस्तुएँ, शराब, चीनी आदि बनाने के उद्योग प्रमुख हैं।

मुख्य नगरों को रेलों द्वारा जोड़ा गया है। कुछ अच्छी सड़कों का भी निर्माण हुआ है, जैसे बेलग्रेड- जाग्रेब सड़क। देश के वीरान भागों के यातायात के लिये हवाई जहाजों का उपयोग किया जाता है। यहाँ छोटे बड़े कई आकाशवाणी केंद्र, टेलीफोन, टेलीग्राफ एवं डाक की सेवाएँ चालू हैं। बेलग्रेड यहाँ का सबसे महत्वपूर्ण नगर एवं राजधानी है। इसके अतिरिक्त रियेका (पयूम), सारायेवो, ल्यूब्ल्यािना, नोवीसाद, स्कापियये, स्प्लिट, जाग्रेब आदि यहाँ के अन्य प्रमुख नगर हैं।

यूगोस्लाविया में शिक्षा एक समस्या है। अनेक भाषाएँ होने के कारण सभी जगह एक सी सुविधा प्रदान करना कठिन है। यहाँ भूगोल, इतिहास और विज्ञान की शिक्षा पर अधिक जोर दिया जाता है। यहाँ की कला पर यहाँ की उलझी हुई जातीय तथा धार्मिक पृष्ठभूमि की छाप मिलती है। लोगों में सभी प्रकार के कला कौशल के लिये अच्छा रूझान है। यहाँ अत्यधिक कुशल कारीगर, बुनकर, लकड़हारे, पत्थर तराश, एवं धातु के कारीगर मिलते हैं।