भारत
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| राष्ट्रवाक्य: "सत्यमेव जयते" (संस्कृत) सत्य ही विजयी होता है |
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| राष्ट्रगान: जन गण मन | |||||
| राजधानी | नई दिल्ली 28°34′ N 77°12′ E |
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| सबसे बड़ा नगर | मुम्बई | ||||
| राष्ट्रीयता | भारतीय | ||||
| राजभाषा(एँ) | हिन्दी संघ की राजभाषा है, अंग्रेजी "सहायक राजभाषा" है. |
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| संवैधानिक मान्यता प्राप्त अन्य भाषाएं | |||||
| सरकार प्रकार | गणराज्य प्रतिभा पाटिल हामिद अंसारी मीरा कुमार डॉ मनमोहन सिंह के.जी.बालकृष्णन |
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| विधायिका | भारतीय संसद राज्य सभा लोक सभा |
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| स्वतंत्रता तिथि गणराज्य |
संयुक्त राजशाही से १५ अगस्त, १९४७ २६ जनवरी, १९५० |
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| क्षेत्रफल - कुल - जलीय (%) |
३२,८७,५९० किमी² (सातवां) १२,२२,५५९ मील² ९.५६ |
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| जनसंख्या - २००५ अनुमान - २००१ जनगणना - जनसंख्या घनत्व |
१,१०,३३,७१,००० (द्वितीय) १,०२,७०,१५,२४८ ३२९/किमी² (३१वां) ८५२/ मील² |
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| सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) (पीपीपी) - कुल - प्रतिव्यक्ति |
२००५ अनुमान $३.६३३ महासंख (चौथा) $३,३२० (१२२ वां) |
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| सकल घरेलू उत्पाद (सांकेतिक) - कुल - प्रतिव्यक्ति |
2008 अनुमान $1.209 महाशंख () $1,016 () |
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| मानव विकास संकेतांक (एचडीआई) | ०.६११ (१२६ वीं) – मध्यम | ||||
| मुद्रा | भारतीय रुपया (आइएनआर (INR)) |
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| समय मण्डल - ग्रीष्म ऋतु (डेलाइट सेविंग टाइम) |
आइएसटी (IST) (UTC+५:३०) अनुसरण नहीं किया जाता (UTC+५:३०) |
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| इंटरनेट टीएलडी | .in | ||||
| वाहन चलते हैं | बाएं | ||||
| दूरभाष कोड | +९१ |
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भारत गणराज्य, पौराणिक जम्बुद्वीप, दक्षिण एशिया में स्थित एक देश है। यह भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा देश है। भारत का भौगोलिक फैलाव ८० ४' से ३७० ६' उत्तरी अक्षांश तक तथा ६८० ७' से ९७० २५'पूर्वी देशान्तर तक है। भारत का क्षेत्रफल ३२,८७,२६३ वर्ग कि. मी. हैं। भारत का विस्तार उत्तर से दक्षिण तक ३,२१४ कि. मी. और पूर्व से पश्चिम तक २,९३३ कि. मी. हैं। भारत की समुद्र तट रेखा ७५१६.६ किलोमीटर लम्बी है। भारत, भौगोलिक दृष्टि से विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा और जनसँख्या के दृष्टिकोण से दूसरा बड़ा देश है। भारत के पश्चिम में पाकिस्तान, उत्तर-पूर्व में चीन, नेपाल, और भूटान और पूर्व में बांग्लादेश और म्यांमार देश स्थित हैं। हिन्द महासागर में इसके दक्षिण पश्चिम में मालदीव, दक्षिण में श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व में इंडोनेशिया है। भारत उत्तर-पश्चिम में अफ़गानिस्तान के साथ सीमा का दावा करता है। इसके उत्तर में हिमालय पर्वत है और दक्षिण में हिन्द महासागर है। पूर्व में बंगाल की खाड़ी है तथा पश्चिम में अरब सागर है। भारत में कई बड़ी नदियाँ है। गंगा नदी भारतीय सभ्यता में बहुत पवित्र मानी जाती है। अन्य बड़ी नदियाँ सिन्धु, ब्रह्मपुत्र, यमुना, गोदावरी, कावेरी, कृष्णा, चम्बल, सतलज, बियास हैं।
भारत की १०० करोड़ (१ अरब) से अधिक जनसंख्या, चीन के बाद विश्व में सबसे अधिक है। यह विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यहाँ ३०० से अधिक भाषाएँ बोली जाती है [१]। यह कई प्राचीन सभ्यता की भूमि रहा है।
भारत विश्व की दसवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, किन्तु हाल में भारत ने बहुत प्रगति की है, और ताज़ा स्थिति में भारत विश्व में तीसरे, चौथे स्थान पर होने का दावा करता है[तथ्य वांछित]। भारत भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा राष्ट्र है। यह विश्व की कुछ प्राचीनतम सभ्यताओं का पालना रहा है जैसे - सिन्धु घाटी सभ्यता, और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व्यापार पथों का अभिन्न अंग है। विश्व के चार प्रमुख धर्म : हिन्दू, बौध, जैन तथा सिख भारत में जन्में और विकसित हुए । १९४७ में स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व ब्रिटिश भारत के रूप में ब्रिटिश साम्राज्य के प्रमुख अंग भारत ने विगत २० वर्ष में सार्थक प्रगति की है, विशेष रूप से आर्थिक और भारतीय सेना एक क्षेत्रीय शक्ति और विश्वव्यापक शक्ति है।
भारत की राजधानी नई दिल्ली है। भारत के अन्य बड़े महानगर मुम्बई (बम्बई), कोलकाता (कलकत्ता) और चेन्नई (मद्रास) हैं।
अनुक्रम |
[संपादित करें] नामोत्पत्ति
भारत के दो आधिकारिक नाम हैं हिन्दी में भारत और अंग्रेज़ी में इन्डिया (India)।
इन्डिया नाम की उत्पत्ति सिन्धु नदी के फारसी नाम से हुई है। भारत नाम, एक प्राचीन हिन्दू राजा भरत, जिनकी कथा महाभारत में है, के नाम से लिया गया है। एक तीसरा नाम हिन्दुस्तान जिसकी उत्पत्ति फारसी भाषा से हुई है जिसका अर्थ हिन्दुओं की भूमि होता है और यह नाम मुगल काल से प्रयोग होता है यद्यपि इसका समकालीन उपयोग कम और प्रायः उत्तरी भारत के लिए होता है। [२]
[संपादित करें] इतिहास
पाषाण युग भीमबेटका मध्य प्रदेश की गुफाएँ भारत में मानव जीवन का प्राचीनतम प्रमाण है। प्रथम स्थाई बस्तियों ने ९००० वर्ष पूर्व स्वरुप लिया। यही आगे चल कर सिन्धु घाटी सभ्यता में विकसित हुई, जो २६०० ईसापूर्व और १९०० ईसापूर्व के मध्य अपने चरम पर थी। [३] लगभग १६०० ईसापूर्व आर्य भारत आए और उत्तर भारतीय क्षेत्रों में वैदिक सभ्यता का सूत्रपात किया। इस सभ्यता के स्रोत वेद और पुराण हैं। यह परम्परा कई सहस्र वर्ष पुरानी है। इसी समय दक्षिण बारत में द्रविड़ सभ्यता का विकास होता रहा। दोनों जातियों ने एक दूसरे की खूबियों को अपनाते हुए भारत में एक मिश्रित संस्कृति का निर्माण किया।
५०० ईसवी पूर्व कॆ बाद, कई स्वतंत्र राज्य बन गए। उत्तर में मौर्य राजवंश, जिसमें बौद्ध महाराजा अशोक सम्मिलित थे, ने भारत के सांस्कृतिक पटल पर उल्लेखनीय छाप छोड़ी।[४] १८० ईसवी के आरम्भ से, मध्य एशिया से कई आक्रमण हुए, जिनके परिणामस्वरूप उत्तरी भारतीय उपमहाद्वीप में यूनानी, शक, पार्थी और अंततः कुषाण राजवंश स्थापित हुए| तीसरी शताब्दी के आगे का समय जब भारत पर गुप्त वंश का शासन था, भारत का "स्वर्णिम काल" कहलाया। "[५][६]
दक्षिण भारत में भिन्न-भिन्न समयकाल में कई राजवंश चालुक्य, चेर, चोल, पल्लव तथा पांड्य चले । ईसा के आसपास संगम साहित्य अपने चरम पर था जिसमें तमिळ भाषा का परिवर्धन हुआ । सातवाहनों और चालुक्यों ने मध्य भारत में अपना वर्चस्व स्थापित किया । विज्ञान, कला, साहित्य, गणित, खगोल शास्त्र, प्राचीन प्रौद्योगिकी, धर्म, तथा दर्शन इन्हीं राजाओं के शासनकाल में फ़ले-फ़ूले ।
१२वीं शताब्दी के प्रारंभ में, भारत पर इस्लामी आक्रमणों के पश्चात, उत्तरी व केन्द्रीय भारत का अधिकांश भाग दिल्ली सल्तनत के शासनाधीन हो गया; और बाद में, अधिकांश उपमहाद्वीप मुगल वंश के अधीन। दक्षिण भारत में विजयनगर साम्राज्य शक्तिशाली निकला। हालाँकि, विशेषतः तुलनात्मक रूप से, संरक्षित दक्षिण में अनेक राज्य शेष रहे अथवा अस्तित्व में आये। मुगलों के संक्षिप्त अधिकार के बाद सत्रहवीं सदी में दक्षिण और मध्य भारत में मराठों का उत्कर्ष हुआ। उत्तर पश्चिम में सिक्खों की शक्ति में वृद्धि हुई।
१७वीं शताब्दी के मध्यकाल में पुर्तगाल, डच, फ्रांस, ब्रिटेन सहित अनेकों यूरोपीय देशों, जो भारत से व्यापार करने के इच्छुक थे, उन्होनें देश की शासकीय अराजकता का लाभ प्राप्त किया। अंग्रेज दूसरे देशों से व्यापार के इच्छुक लोगों को रोकने में सफल रहे और १८४० तक लगभग संपूर्ण देश पर शासन करने में सफल हुए। १८५७ में ब्रिटिश इस्ट इंडिया कम्पनी के विरुद्ध असफल विद्रोह, जो कि भारतीय स्वतन्त्रता के प्रथम संग्राम से जाना जाता है, के बाद भारत का अधिकांश भाग सीधे अंग्रेजी शासन के प्रशासनिक नियंत्रण में आ गया। [७]
बीसवी सदी के प्रारम्भ मे आधुनिक शिक्षा के प्रसार और विश्वपटल पर बदलती राजनीतिक परिस्थितियो के चलते भारत मे एक बौद्धिक आन्दोलन का सूत्रपात हुआ जिसने सामाजिक और राजनीतिक स्तरो पर अनेक परिवर्तनों एवम आन्दोलनो की नीव रखी। १८८५ मे काँग्रेस पार्टी की स्थापना ने स्वतन्त्रता आन्दोलन को एक औपचारिक स्वरूप दिया। बीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में एक लम्बे समय तक स्वतंत्रता प्राप्ति के लिये विशाल अहिंसावादी संघर्ष चला, जिसका नेतृत्व महात्मा गांधी, जो कि आधिकारिक रुप से आधुनिक भारत के राष्ट्रपिता से संबोधित किये जाते हैं, ने किया। इसके साथ-साथ चंद्रशेखर आजाद, सरदार भगत सिंह, सुख देव, राजगुरू, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आदि के नेतृत्व मे चले क्रांतिकारी संघर्ष के फलस्वरुप १५ अगस्त, १९४७ भारत ने अंग्रेजी शासन से पूर्णतः स्वतंत्रता प्राप्त की। तदुपरान्त २६ जनवरी, १९५० को भारत एक गणराज्य बना।
एक बहुजातीय तथा बहुधार्मिक राष्ट्र होने के कारण भारत को समय-समय पर साम्प्रदायिक तथा जातीय विद्वेष का शिकार होना पड़ा है। क्षेत्रीय असंतोष तथा विद्रोह भी हालाँकि देश के अलग-अलग हिस्सों में होते रहे हैं, पर इसकी धर्मनिरपेक्षता तथा जनतांत्रिकता, केवल १९७५-७७ को छोड़, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा कर दी थी, अक्षुण्ण रही है।
भारत के पड़ोसी राष्ट्रों के साथ अनसुलझे सीमा विवाद हैं। इसके कारण इसे छोटे पैमानों पर युद्ध का भी सामना करना पड़ा है। १९६२ में चीन के साथ, तथा १९४७, १९६५, १९७१ एवम् १९९९ में पाकिस्तान के साथ लड़ाइयाँ हो चुकी हैं।
भारत गुटनिरपेक्ष आन्दोलन तथा संयुक्त राष्ट्र संघ के संस्थापक सदस्य देशों में से एक है।
१९७४ में भारत ने अपना पहला परमाणु परीक्षण किया था जिसके बाद १९९८ में ५ और परीक्षण किये गये। १९९० के दशक में किये गये आर्थिक सुधारीकरण की बदौलत आज देश सबसे तेज़ी से विकासशील राष्ट्रों की सूची में आ गया है।
[संपादित करें] सरकार
| ध्वज | तिरंगा |
| राष्ट्रीय चिह्न | अशोक की लाट |
| राष्ट्र-गान | जन गण मन |
| राष्ट्र-गीत | वंदे मातरम् |
| पशु | बाघ |
| पक्षी | मोर |
| पुष्प | कमल |
| वृक्ष | बरगद |
| फल | आम |
| खेल | मैदानी हॉकी |
| कलेंडर | शक संवत |
भारत का संविधान भारत को एक सार्वभौमिक, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतान्त्रिक गणराज्य की उपाधि देता है। भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है, जिसका द्विसदनात्मक संसद वेस्टमिन्स्टर शैली के संसदीय प्रणाली द्वारा संचालित है। इसके शासन में तीन मुख्य अंग हैं: न्यायपालिका, कार्यपालिका और व्यवस्थापिका।
राष्ट्रपति,जो कि राष्ट्र का प्रमुख है, की भूमिका अधिकतर आनुष्ठानिक ही है। उसके कार्यों में संविधान का अभिव्यक्तिकरण, प्रस्तावित कानूनों (विधेयक) पर अपनी सहमति देना, और अध्यादेश जारी करना। वह भारतीय सेनाओं का मुख्य सेनापति भी है। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को एक अप्रत्यक्ष मतदान विधि द्वारा ५ वर्षों के लिये चुना जाता है। प्रधानमन्त्री सरकार का प्रमुख है और कार्यपालिका की सारी शक्तियाँ उसी के पास होती हैं। इसका चुनाव राजनैतिक पार्टियों या गठबन्धन के द्वारा प्रत्यक्ष विधि से संसद में बहुमत प्राप्त करने पर होता है। बहुमत बने रहने की स्थिति में इसका कार्यकाल ५ वर्षों का होता है। संविधान में किसी उप-प्रधानमंत्री का प्रावधान नहीं है पर समय-समय पर इसमें फेरबदल होता रहा है।
व्यवस्थापिका संसद को कहते हैं जिसके दो सदन हैं - उच्चसदन राज्यसभा, अथवा राज्यपरिषद्, और निम्नसदन लोकसभा. राज्यसभा में २४५ सदस्य होते हैं जबकि लोकसभा में ५५२। राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव, अप्रत्यक्ष विधि से ६ वर्षों के लिये होता है, जबकि लोकसभा के सदस्यों का चुनाव प्रत्यक्ष विधि से, ५ वर्षों की अवधि के लिये। १८ वर्ष से अधिक उम्र के सभी भारतीय नागरिक मतदान कर सकते हैं।
कार्यपालिका के तीन अंग हैं - राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और मंत्रिमंडल। मंत्रिमंडल का प्रमुख प्रधानमंत्री होता है। मंत्रिमंडल के प्रत्येक मंत्री को संसद का सदस्य होना अनिवार्य है। कार्यपालिका, व्यवस्थापिका से नीचे होता है।
भारत की स्वतंत्र न्यायपालिका का शीर्ष सर्वोच्च न्यायालय है, जिसका प्रधान प्रधान न्यायाधीश होता है। सर्वोच्च न्यायालय को अपने नये मामलों तथा उच्च न्यायालयों के विवादों, दोनो को देखने का अधिकार है। भारत में २१ उच्च न्यायालय हैं, जिनके अधिकार और उत्तरदायित्व सर्वोच्च न्यायालय की अपेक्षा सीमित हैं। न्यायपालिका और व्यवस्थापिका के परस्पर मतभेद या विवाद का सुलह राष्ट्रपति करता है।
[संपादित करें] राजनीति
स्वतंत्र भारत के इतिहास में उसकी सरकार मुख्य रूप से भारतीय राष्ट्रीय कान्ग्रेस पार्टी के हाथ में रही है। स्वतंत्रतापूर्व भारत में सबसे बडे़ राजनीतिक संगठन होने के कारण काँग्रेस की, जिसका नेता मूल रूप से नेहरू - गाँधी परिवार का कोई न कोई सदस्य होता है, चालीस वर्षों तक राष्ट्रीय राजनीति में प्रमुख भूमिका रही। १९७७ में, पूर्व काँग्रेस शासन की इंदिरा गाँधी के आपातकाल लगाने के बाद एक संगठित विपक्ष जनता पार्टी ने चुनाव जीता और उसने अत्यधिक छोटी अवधि के लिये एक गैर-काँग्रेसी सरकार बनाई।
१९९६ में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), सबसे बड़े राजनीतिक संगठन के रूप में उभरी और उसने काँग्रेस के आगे इतिहास में पहली बार एक ठोस विपक्ष प्रस्तुत किया। परन्तु आगे चलकर सत्ता वास्तविक रूप से दो गठबन्धन सरकारों के हाथ में रही जिन्हें काँग्रेस का सम्पूर्ण समर्थन था। १९९९ में, भाजपा ने छोटे दलों को साथ लेकर राष्ट्रीय जनतान्त्रिक गठबन्धन (राजग) बनाया और ५ वर्षों तक कार्यकाल पूरा करने वाली वह पहली गैर-काँग्रेसी सरकार बनी। १९९९ से पूर्व का दशक अल्पावधि सरकारों का था, इन वर्षों में सात भिन्न सरकारें बनी। परन्तु १९९१ मे बनी राजग सरकार ने अपना ५ वर्ष का कार्यकाल पूरा किया और कई आर्थिक सुधार लाई।
भारतीय आम चुनाव २००४ के फ़लस्वरूप काँग्रेस दल ने सर्वाधिक सीटें जीतीं और वह बड़े ही कम बहुमत से सत्ता में वापस आई। काँग्रेस ने गठजोड़ द्वारा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और बहुत सी राज्य स्तरीय पार्टियों को साथ लेकर यूनाईटेड प्रोग्रेसिव अलायन्स (यूपीए) नामक सरकार बनाई। आज बीजेपी और उसके सहयोगी विपक्ष में मुख्य भूमिका निभाते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर किसी विशेष पार्टी का दबदबा न होने और राज्य स्तर की कई पार्टियों के राष्ट्रीय स्तर पर उभरने के कारण १९९६ से बनी सभी सरकारों को राजनीतिक गठबन्धनों की आवश्यक्ता पड़ी है।
[संपादित करें] राज्य और केन्द्रशासित प्रदेश
वर्तमान में भारत २८ राज्यों, ७ केन्द्रशासित प्रदेशों मे बँटा हुआ है। राज्यों की चुनी हुई स्वतंत्र सरकारें हैं जबकि केन्द्रशासित प्रदेशों पर केन्द्र द्वारा नियुक्त प्रबंधन शासन करता है, हालाँकि पॉण्डिचेरी और दिल्ली की लोकतांत्रिक सरकार भी है।
अन्टार्कटिका और दक्षिण गंगोत्री और मैत्री पर भी भारत के वैज्ञानिक स्थल हैं यद्यपि अभी तक कोई वास्तविक आधिपत्य स्थापित नहीं किया गया है। राज्य के नाम निम्नवत है:
१अरुणाचल प्रदेश (इटानगर) २असम (दिसपुर) ३उत्तर प्रदेश (लखनऊ) ४उत्तराखण्ड (देहरादून) ५उड़ीसा (भुवनेश्वर) ६आंध्र प्रदेश (हैदराबाद) ७कर्नाटक (बंगलोर) ८केरल (तिरुवनंतपुरम) ९गोआ (पणजी) १०गुजरात (गांधीनगर) ११छत्तीसगढ़ (रायपुर) १२जम्मू और कश्मीर (श्रीनगर/जम्मू) १३झारखंड (रांची) १४तमिलनाडु (चेन्नई) १५त्रिपुरा (अगरतला) १६नागालैंड (कोहिमा) १७पश्चिम बंगाल (कोलकाता) १८पंजाब (चंडीगढ़) १९बिहार (पटना) २०मणिपुर (इम्फाल) २१मध्य प्रदेश (भोपाल) २२महाराष्ट्र (मुंबई) २३मिज़ोरम (आईजो़ल) २४मेघालय (शिलौंग) २५राजस्थान (जयपुर) २६सिक्किम (गंगटोक) २७हरियाणा (चंडीगढ़) २८हिमाचल प्रदेश (शिमला)
केन्द्रशासित प्रदेश
१अंदमान और निकोबार द्वीपसमूह(पोर्ट ब्लेयर) २चंडीगढ़* (चंडीगढ़) ३दमन और दीव* (दमन) ४दादरा और नागर हवेली* (सिलवासा) ५पॉण्डिचेरी* (पुडुचेरी) ६लक्षद्वीप* (कवरत्ती) ७दिल्ली (दिल्ली) यह भी देखें:
भारत के शहर
[संपादित करें] भूगोल और मौसम
भारत के अधिकतर उत्तरी और उत्तरपश्चिमीय प्रांत हिमालय की पहाङियों में स्थित हैं। शेष का उत्तरी, मध्य और पूर्वी भारत गंगा के उपजाऊ मैदानों से बना है। उत्तरी-पूर्वी पाकिस्तान से सटा हुआ, भारत के पश्चिम में थार का मरुस्थल है। दक्षिण भारत लगभग संपूर्ण ही दक्खन के पठार से निर्मित है। यह पठार पूर्वी और पश्चिमी घाटों के बीच स्थित है।
कई महत्वपूर्ण और बड़ी नदियाँ जैसे गंगा, ब्रह्मपुत्र, यमुना, गोदावरी और कृष्णा भारत से होकर बहती हैं। इन नदियों के कारण उत्तर भारत की भूमि कृषि के लिए उपजाऊ है।
भारत के विस्तार के साथ ही इसके मौसम में भी बहुत भिन्नता है। दक्षिण में जहाँ तटीय और गर्म वातावरण रहता है वहीं उत्तर में कड़ी सर्दी, पूर्व में जहाँ अधिक बरसात है वहीं पश्चिम में रेगिस्तान की शुष्कता। भारत में वर्षा मुख्यतया मानसून हवाओं से होती है।
भारत के मुख्य शहर है - दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई, बंगलोर ( बेंगलुरु ) | ये भी देंखे - भारत के शहर
[संपादित करें] अर्थव्यवस्था
मुद्रा स्थानांतरण की दर से भारत की अर्थव्यवस्था विश्व में दसवें और क्रयशक्ति के अनुसार चौथे स्थान पर है। वर्ष २००३ में भारत में लगभग ८% की दर से आर्थिक वृद्धि हुई है जो कि विश्व की सबसे तीव्र बढती हुई अर्थव्यवस्थओं में से एक है। परंतु भारत की अत्यधिक जनसंख्या के कारण प्रतिव्यक्ति आय क्रयशक्ति की दर से मात्र ३,२६२ अमेरिकन डॉलर है जो कि विश्व बैंक के अनुसार १२५वें स्थान पर है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार २६५ (मार्च २००९) अरब अमेरिकी डॉलर है। मुम्बई भारत की आर्थिक राजधानी है और भारतीय रिजर्व बैंक और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का मुख्यालय भी। यद्यपि एक चौथाई भारतीय अभी भी निर्धनता रेखा से नीचे हैं, तीव्रता से बढ़ती हुई सूचना प्रोद्योगिकी कंपनियों के कारण मध्यमवर्गीय लोगों में वृद्धि हुई है। १९९१ के बाद भारत मे आर्थिक सुधार की नीति ने भारत के सर्वंगीण विकास मे बड़ी भूमिका निभाई है।
१९९१ के बाद भारत मे हुए आर्थिक सुधारोँ ने भारत के सर्वांगीण विकास मे बड़ी भूमिका निभाई। भारतीय अर्थव्यवस्था ने कृषि पर अपनी ऐतिहासिक निर्भरता कम की है और कृषि अब भारतीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का केवल २५% है। दूसरे प्रमुख उद्योग हैं उत्खनन, पेट्रोलियम, बहुमूल्य रत्न, चलचित्र, वस्त्र, सूचना प्रोद्योगिकी सेवाएं, तथा सजावटी वस्तुऐं। भारत के अधिकतर औद्योगिक क्षेत्र उसके प्रमुख महानगरों के आसपास स्थित हैं। हाल ही के वर्षों में $१७२० करोड़ अमरीकी डालर वार्षिक आय २००४-२००५ के साथ भारत सॉफ़्टवेयर और बीपीओ सेवाओं का सबसे बडा केन्द्र बनकर उभरा है। इसके साथ ही कई लघु स्तर के उद्योग भी हैं जोकि छोटे भारतीय गाँव और भारतीय नगरों के कई नागरिकों को जीविका प्रदान करते हैं। पिछले वषों में भारत में वित्तीय संस्थानो ने विकास में बड़ी भूमिका निभाई है।
केवल तीस लाख विदेशी पर्यटकों के प्रतिवर्ष आने के बाद भी भारतीय पर्यटन राष्ट्रीय आय का एक अति आवश्यक परन्तु कम विकसित स्त्रोत है। पर्यटन उद्योग भारत के जीडीपी का कुल ५.३% है। पर्यटन १०% भारतीय कामगारों को आजीविका देता है। वास्तविक संख्या ४.२ करोड है। आर्थिक रूप से देखा जाए तो पर्यटन भारतीय अर्थव्यवस्था को लगभग $४०० करोड डालर प्रदान करता है। भारत के प्रमुख व्यापार सहयोगी हैं अमरीका, जापान, चीन और संयुक्त अरब अमीरात।
भारत के निर्यातों में कृषि उत्पाद, चाय, कपड़ा, बहुमूल्य रत्न व आभूषण, साफ़्टवेयर सेवायें, इंजीनियरिंग सामान, रसायन तथा चमड़ा उत्पाद प्रमुख हैं जबकि उसके आयातों में कच्चा तेल, मशीनरी, बहुमूल्य रत्न, उर्वरक (फ़र्टिलाइज़र) तथा रसायन प्रमुख हैं। वर्ष २००४ के लिये भारत के कुल निर्यात $६९१८ करोड़ डालर के थे जबकि उसके आयात $८९३३ करोड डालर के थे।
[संपादित करें] जनसांख्यिकी
| भारत की धार्मिकता | ||||
|---|---|---|---|---|
| धर्म | प्रतिशत | |||
| हिन्दु | 76.5% | |||
| मुस्लिम | 17.4% | |||
| ईसाई | 2.33% | |||
| सिख | 1.84% | |||
| बौद्ध | 0.76% | |||
| जैन | 0.40% | |||
| अन्य | 0.77% | |||
भारत चीन के बाद विश्व का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है। भारत की विभिन्नताओं से भरी जनता में भाषा, जाति और धर्म, सामाजिक और राजनीतिक संगठन के मुख्य शत्रु हैं।
भारत में ६४.८ प्रतिशत साक्षरता है जिसमे से ७५.३ % पुरुष और ५३.७% स्त्रियाँ साक्षर है। लिंग अनुपात की दृष्टि से भारत में प्रत्येक १००० पुरुषों के पीछे मात्र ९३३ महिलायें हैं। कार्य भागीदारी दर (कुल जनसंख्या मे कार्य करने वालों का भाग) ३९.१% है। पुरुषों के लिये यह दर ५१.७% और स्त्रियों के लिये २५.६% है। भारत की १००० जनसंख्या में २२.३२ जन्मों के साथ बढती जनसंख्या के आधे लोग २२.६६ वर्ष से कम आयु के हैं।
यद्यपि भारत की ८०.५ प्रतिशत जनसंख्या हिन्दू है, १३.४ प्रतिशत जनसंख्या के साथ भारत विश्व में मुसलमानों की संख्या में भी इंडोनेशिया और पाकिस्तान के बाद तीसरे स्थान पर है। अन्य धर्मावलम्बियों में ईसाई (२.३३ %), सिख (१.८४ %), बौद्ध (०.७६ %), जैन (०.४० %), अय्यावलि (०.१२ %), यहूदी, पारसी, अहमदी और बहाई आदि सम्मिलित हैं।
भारत दो मुख्य भाषा सूत्रों, आर्य और द्रविड़ का भी स्रोत है[तथ्य वांछित]। भारत का संविधान कुल २३ भाषाओं को मान्यता देता है। हिन्दी और अंग्रेजी केन्द्रीय सरकार द्वारा सरकारी कामकाज के लिये उपयोग की जाती है। संस्कृत और तमिल जैसी अति प्राचीन भाषाएं भारत में ही जन्मी हैं। कुल मिलाकर भारत में १६५२ से भी अधिक भाषाएं एवं बोलियाँ बोली जातीं हैं।
[संपादित करें] संस्कृति
भारत की सांस्कृतिक धरोहर बहुत संपन्न है। यहां की संस्कृति अनोखी है, और वर्षों से इसके कई अवयव अबतक अक्षुण्य हैं। आक्रमणकारियों तथा प्रवासियों से विभिन्न चीजों को समेटकर यह एक मिश्रित संस्कृति बन गई है। आधुनिक भारत का समाज, भाषाएं, रीति-रिवाज इत्यादि इसका प्रमाण हैं। ताजमहल और अन्य उदाहरण, इस्लाम प्रभावित स्थापत्य कला के अतिसुन्दर नमूने हैं।
भारतीय समाज बहुधर्मिक, बहुभाषी तथा मिश्र-सांस्कृतिक है। पारंपरिक भारतीय पारिवारिक मूल्यों को काफी आदर की दृष्टि से देखा जाता है।
विभिन्न धर्मों के इस भूभाग पर कई मनभावन पर्व त्यौहार मनाए जाते हैं - दिवाली, होली, दशहरा. पोंगल तथा ओणम . ईद-उल-फितर, मुहर्रम, क्रिसमस, ईस्टर आदि भी काफ़ी लोकप्रिय हैं।
हालाँकि हॉकी देश का राष्ट्रीय खेल है, क्रिकेट सबसे अधिक लोकप्रिय है। वर्तमान में फुटबॉल, हॉकी तथा टेनिस में भी बहुत भारतीयों की अभिरुचि है। देश की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में १९८३ में एक बार विश्व कप भी जीता है। इसके अतिरिक्त वर्ष २००३ में वह विश्व कप के फाइनल तक पहुँचा था। १९३० तथा ४० के दशक में हाकी में भारत अपने चरम पर था। मेजर ध्यानचंद ने हॉकी में भारत को बहुत प्रसिद्धि दिलाई और एक समय भारत ने अमरीका को २४-० से हराया था जो अब तक विश्व कीर्तिमान है। शतरंज के जनक देश भारत के खिलाड़ी विश्वनाथ आनंद ने अच्छा प्रदर्शन किया है ।
भारतीय खानपान बहुत ही समृद्ध है। शाकाहारी तथा मांसाहारी दोनो तरह का खाना पसन्द किया जाता है। भारतीय व्यंजन विदेशों में भी बहुत पसन्द किए जाते है।
भारत में संगीत तथा नृत्य की अपनी शैलियां भी विकसित हुईं जो बहुत ही लोकप्रिय हैं। भरतनाट्यम, ओडिसी, कत्थक प्रसिद्ध भारतीय नृत्य शैली है। हिन्दुस्तानी संगीत तथा कर्नाटक संगीत भारतीय परंपरागत संगीत की दो मुख्य धाराएं हैं।
वैश्वीकरण के इस युग में शेष विश्व की तरह भारतीय समाज पर भी अंग्रेजी तथा यूरोपीय प्रभाव पड़ रहा है। बाहरी लोगों की खूबियों को अपनाने की भारतीय परंपरा का नया दौर कई भारतीयों की दृष्टि में अनुचित है। एक खुले समाज के जीवन का यत्न कर रहे लोगों को मध्यमवर्गीय तथा वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा का शिकार होना पड़ता है। कुछ लोग इसे भारतीय पारंपरिक मूल्यों का हनन मानते हैं। विज्ञान तथा साहित्य में अधिक प्रगति ना कर पाने की वजह से भारतीय समाज यूरोपीय लोगों पर निर्भर होता जा रहा है। ऐसे समय में लोग विदेशी अविष्कारों का भारत में प्रयोग अनुचित भी समझते हैं।
[संपादित करें] संदर्भ
- ↑ Ethlologue report for India। अभिगमन तिथि: 20 अगस्त, 2008।
- ↑ Hindustan। Encyclopædia Britannica, Inc. (2007)। अभिगमन तिथि: 2007-06-18।
- ↑ Introduction to the Ancient Indus Valley। Harappa (1996)। अभिगमन तिथि: 2007-06-18।
- ↑ Jona Lendering। Maurya dynasty। अभिगमन तिथि: 2007-06-17।
- ↑ Gupta period has been described as the Golden Age of Indian history। National Informatics Centre (NIC)। अभिगमन तिथि: 2007-10-03।
- ↑ Heitzman, James. (2007). "Gupta Dynasty," Microsoft® Encarta® Online Encyclopedia 2007
- ↑ History : Indian Freedom Struggle (1857-1947)। National Informatics Centre (NIC)। अभिगमन तिथि: 2007-10-03। “And by 1856, the British conquest and its authority were firmly established.”
- ↑ भारत के राष्ट्रीय प्रतीक। भारतीय उच्चयोग, लंदन। अभिगमन तिथि: ०३-०९-२००७।
[संपादित करें] बाहरी कड़ियाँ
- भारत के विषय में विद्वानों के विचार
- भारत का राष्ट्रीय पोर्टल (हिन्दी में)
- Government of India – Official government portal (in English)
- India at UCB Libraries GovPubs
- प्रोफ़ेसर महावीर सरन जैन की ई - पुस्तक : भारतीय बहुभाषिकता एवं भाषिक एकता
