भारत में पर्यटन

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हर साल, 3 मिलियन से अधिक पर्यटक आगरा में ताज महल देखने आते हैं।

भारत में पर्यटन सबसे बड़ा सेवा उद्योग है, जहां इसका राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 6.23% और भारत के कुल रोज़गार में 8.78% योगदान है। भारत में वार्षिक तौर पर 5 मिलियन विदेशी पर्यटकों का आगमन और 562 मिलियन घरेलू पर्यटकों द्वारा भ्रमण परिलक्षित होता है।[1] 2008 में भारत के पर्यटन उद्योग ने लगभग US$100 बिलियन जनित किया और 2018 तक 9.4% की वार्षिक वृद्धि दर के साथ, इसके US$275.5 बिलियन तक बढ़ने की उम्मीद है।[2] भारत में पर्यटन के विकास और उसे बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मंत्रालय नोडल एजेंसी है और "अतुल्य भारत" अभियान की देख-रेख करता है।

विश्व यात्रा और पर्यटन परिषद के अनुसार, भारत, सर्वाधिक 10 वर्षीय विकास क्षमता के साथ, 2009-2018[3] से पर्यटन का आकर्षण केंद्र बन जाएगा.[4] यात्रा एवं पर्यटन प्रतिस्पर्धा रिपोर्ट 2007 ने भारत में पर्यटन को प्रतियोगी क़ीमतों के संदर्भ में 6वां तथा सुरक्षा व निरापदता की दृष्टि से 39वां दर्जा दिया है।[5] होटल के कमरों की कमी के रूप में,[6] लघु और मध्यमावधि रुकावट के बावजूद, 2007 से 2017 तक पर्यटन राजस्व में 42% उछाल की उम्मीद है।[7]

भारत में विकासशील चिकित्सा पर्यटन क्षेत्र मौजूद है।

राज्य पर्यटन[संपादित करें]

आंध्र प्रदेश[संपादित करें]

चित्र:Hyderabad india .jpg
हैदराबाद में चारमीनार

आंध्र प्रदेश में समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध पर्यटक आकर्षण मौजूद हैं। आंध्र प्रदेश राज्य में प्राकृतिक पहाड़, जंगल, समुद्र तट और मंदिर शामिल हैं। निज़ाम का शहर और मोतियों का शहर नाम से भी विख्यात हैदराबाद, आज देश के सबसे विकसित शहरों में एक और सूचना प्रौद्योगिकी, ITES और जैव प्रौद्योगिकी का आधुनिक केंद्र है। उत्तर और दक्षिण भारत के मिलन बिंदु के रूप में अपने अनन्य स्वरूप का प्रतिनिधित्व करते हुए हैदराबाद, अपने समृद्ध इतिहास, संस्कृति और वास्तुकला तथा भौगोलिक और सांस्कृतिक दोनों तौर पर बहुभाषी संस्कृति के लिए जाना जाता है।

आंध्र प्रदेश कई धार्मिक तीर्थ केंद्रों का घर है। तिरुपति, भगवान वेंकटेश्वर का निवास, दुनिया में सबसे समृद्ध और सबसे अधिक दर्शनीय धार्मिक केंद्र (किसी भी आस्था का) है। श्रीशैलम, श्री मल्लिकार्जुन का निवास, भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, अमरावती का शिव मंदिर पंचाराममों में से एक, तथा यादगिरिगुट्टा, विष्णु के अवतार श्री लक्ष्मी नरसिंह का निवास स्थान है। वारंगल में रामप्पा मंदिर और हज़ार स्तंभों का मंदिर, कतिपय बारीक़ मंदिर नक्काशियों के लिए प्रसिद्ध हैं। राज्य में अमरावती, नागार्जुन कोंडा, भट्टीप्रोलु, घंटशाला, नेलकोंडपल्ली, धूलिकट्टा, बाविकोंडा, तोट्लकोंडा, शालिगुंडेम, पावुरालकोंडा, शंकरम, फणिगिरि और कोलनपाका में कई बौद्ध केंद्र हैं।

विशाखापट्नम में गोल्डन बीच, बोर्रा में एक लाख वर्ष पुराने चूना-पत्थर की गुफाएं, सुरम्य अरकु घाटी, हार्सले पहाड़ियों के हिल-रिसॉर्ट, पापी कोंडलु के संकरे रास्ते से गोदावरी नदी में नौका-दौड़, इट्टिपोतला, कुंतला के झरने और तालकोना में समृद्ध जैव-विविधता, इस राज्य के कुछ प्राकृतिक आकर्षणों में शामिल हैं। विशाखापट्नम कई पर्यटन आकर्षणों का केंद्र है, जैसे कि INS कारासुरा पनडुब्बी संग्रहालय (भारत में अपनी तरह का एकमात्र), याराडा समुद्री तट, अरकु घाटी, VUDA पार्क, इंदिरागांधी चिड़ियाघर. आंध्र प्रदेश की जलवायु ज्यादातर उष्णकटिबंधीय है और नवंबर से जनवरी के बीच का समय यात्रा के लिए सबसे अच्छा है। मानसून का मौसम जून में शुरू और सितंबर में समाप्त होता है, अतः इस अवधि के दौरान यात्रा उचित नहीं होगी.

असम[संपादित करें]

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में महान भारतीय एक-सींग वाला गैंडॉ॰

असम भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र का मध्य राज्य है और बाक़ी सात सहोदरा राज्यों के लिए मुख्य द्वार के रूप में कार्य करता है। असम का गौरव है प्रसिद्ध वन्यजीव परिरक्षण - काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (चित्रित) और मानस राष्ट्रीय उद्यान, सबसे बड़ा नदी द्वीप माजुली और ब्रिटिश राज के समय के चाय-बागान. मौसम ज्यादातर उप उष्णकटिबंधीय है। असम भारतीय मानसून का अनुभव करता है और भारत के सर्वाधिक वन घनत्वों में से एक है। सर्दियों के महीने (अक्तूबर से अप्रैल) यात्रा के लिए अनुकूल समय है।

अंग्रेज़ों के आने से पहले कई सदियों तक इस क्षेत्र का नियंत्रण संभालने वाले अहोम राजवंश की शुरूआत से, असम का एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत रहा है। अन्य उल्लेखनीय विशेषताओं में शामिल हैं ब्रह्मपुत्र नदी, जटिंगा में पक्षी आत्महत्या का रहस्य, तांत्रिक संप्रदाय के कामाख्या सहित असंख्य मंदिर, राजमहलों के खंडहर, आदि. असम की राजधानी, शहर गुवाहाटी में अनेक बाज़ार, मंदिर और वन्यजीव अभयारण्य मौजूद हैं।

बिहार[संपादित करें]

महाबोधि मंदिर यूनेस्को का एक विश्व विरासत स्थल है

बिहार, 3000 साल के इतिहास के साथ, दुनिया में लगातार निवसित सबसे पुराने स्थानों में से एक है। बिहार की समृद्ध संस्कृति और विरासत, पूर्वी भारत के इस राज्य में बिखरे असंख्य प्राचीन स्मारकों से स्पष्ट होता है। यह आर्यभट्ट, महान अशोक, चाणक्य और कई औरों की भूमि है।

बिहार, हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म, सिक्ख धर्म और इस्लाम जैसे विभिन्न धर्मों के सर्वाधिक पवित्र स्थलों में से एक है। प्रसिद्ध आकर्षणों में शामिल हैं बौद्ध मंदिर महाबोधि मंदिर और यूनेस्को के विश्व विरासत स्थल भी बिहार में स्थित हैं, भारत में सबसे पुरानी चट्टान काट कर बनी गुफ़ाएं, बाराबार गुफ़ाएं, भारत का सबसे पुराना पुस्तकालय, ख़ुदा बख़्श ओरिएंटल पुस्तकालय.

दिल्ली[संपादित करें]

लोटस मंदिर

दिल्ली भारत की राजधानी है। पुराने और नए, प्राचीन और आधुनिक का एक उत्कृष्ट मिश्रण, दिल्ली संस्कृतियों, धर्मों की कुठाली है। दिल्ली, इतिहास में उसे समृद्ध बनाने वाले, भारत पर शासन करने वाले कई साम्राज्यों की राजधानी रही है। शासक अपने पीछे स्थापत्य शैलियों की छाप छोड़ कर गए हैं। इस समय दिल्ली में कई प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारक और स्थल मौजूद हैं जैसे तुगलकाबाद क़िला, क़ुतुब मीनार, पुराना क़िला, लोधी गार्डन, जामा मस्जिद, हुमायूं का मक़बरा, लाल क़िला और सफदरजंग का मक़बरा. आधुनिक स्मारकों में शामिल हैं जंतर मंतर, इंडिया गेट, राष्ट्रपति भवन, लक्ष्मीनारायण मंदिर, लोटस मंदिर और अक्षरधाम मंदिर.

नई दिल्ली अपने ब्रिटिश औपनिवेशिक स्थापत्य कला, चौड़ी सड़कों और मार्ग पर वृक्षों की कतारों के लिए प्रसिद्ध है। दिल्ली कई राजनीतिक स्थलों, राष्ट्रीय संग्रहालय, इस्लामी धार्मिक स्थल, हिन्दू मंदिर, ग्रीन पार्क और फ़ैशनेबल मॉलों का घर है।

गोवा[संपादित करें]

गोवा अपने रिसॉर्ट्स और समुद्र तटों के लिए विख्यात है।

गोवा भारत में सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। पुर्तगाल का एक पूर्व उपनिवेश, गोवा अपने शानदार समुद्र तटों, पुर्तगाली चर्चों, हिंदू मंदिरों और वन्यजीव अभयारण्यों के लिए प्रसिद्ध है। बॉम यीशु का महामंदिर, मंगेशी मंदिर, दूधसागर जलप्रपात और शांतदुर्गा गोवा के प्रसिद्ध आकर्षण रहे हैं। हाल ही में पुराने गोवा में एक मोम संग्रहालय (मोम संसार) खुला है, जिसमें भारतीय इतिहास, संस्कृति और विरासत के असंख्य शख्सों के मोम में बने पुतले रखे गए हैं।

गोवा कार्निवल, रंगीन मुखौटों और शोभायानों, ड्रम और प्रतिध्वनित होने वाले संगीत और नृत्यों के साथ एक विश्व प्रसिद्ध आयोजन है। समारोह तीन दिनों के लिए चलता है, जिसका समापन फ़ैट मंगलवार को एक कार्निवल परेड में होता है।

हिमाचल प्रदेश[संपादित करें]

हिमाचल प्रदेश का हिमालय परिदृश्य स्कीइंग जैसे बाह्य गतिविधियों के लिए आदर्श है

हिमाचल प्रदेश अपने हिमालयीन परिदृश्य और लोकप्रिय पहाड़ी सैरगाहों (हिल-स्टेशन) के लिए प्रसिद्ध है। कई बाह्य गतिविधियां जैसे रॉक क्लाइंबिंग, माउंटेन बाइकिंग, पैराग्लाइडिंग, आइस-स्केटिंग और हेली-स्कीइंग हिमाचल प्रदेश के लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण हैं।[8]

राज्य की राजधानी शिमला, पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय है। कालका-शिमला रेलवे एक पहाड़ी रेलवे है, जो यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है। शिमला भारत में एक प्रसिद्ध स्कीइंग आकर्षण भी है। अन्य लोकप्रिय हिल स्टेशनों में मनाली और कसौली शामिल हैं।

धर्मशाला, दलाई लामा का निवास घर, अपने तिब्बती मठों और बौद्ध मंदिरों के लिए जाना जाता है। कई ट्रेकिंग अभियान भी यहां प्रारंभ होते हैं।

जम्मू-कश्मीर[संपादित करें]

जम्मू और कश्मीर अपने प्राकृतिक परिदृश्य के लिए जाना जाता है

जम्मू और कश्मीर भारत का सबसे उत्तरी राज्य है। जम्मू अपने प्राकृतिक परिदृश्य, प्राचीन मंदिरों, हिंदू धार्मिक स्थलों, महल, उद्यान और किलों के लिए प्रसिद्ध है। अमरनाथ और वैष्णो देवी के पवित्र हिंदू धार्मिक स्थल हर साल हज़ारों हिंदू श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। जम्मू के प्राकृतिक दृश्य ने उसे दक्षिण एशिया में साहसिक पर्यटन के लिए लोकप्रिय जगहों में से एक बनाया है। जम्मू के ऐतिहासिक स्मारकों की विशेषता है इस्लामी और हिंदू वास्तुकला शैलियों का अद्वितीय मिश्रण.

पर्यटन, कश्मीरी अर्थव्यवस्था का एक अभिन्न हिस्सा है। प्रायः "पृथ्वी पर स्वर्ग" नाम से अभिहित, कश्मीर के पर्वतीय परिदृश्य सदियों से पर्यटकों को आकर्षित करते रहे हैं। उल्लेखनीय स्थल हैं डल झील, श्रीनगर पहलगाम, गुलमर्ग, यूसमार्ग और मुग़ल गार्डन आदि. तथापि, उग्रवाद की वजह से पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित है।

हाल के वर्षों में, साहसिक पर्यटन के लिए लद्दाख एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। नग्न चोटियों और गहरी घाटियों से युक्त ग्रेटर हिमालय के इस हिस्से को "पृथ्वी का चांद" कहा जाता है, जो कभी उपमहाद्वीप से उच्च एशिया के सिल्क रूट के लिए जाना जाता था। लेह भी पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है।

कर्नाटक[संपादित करें]

बीजापुर में गोल गुंबज़, बाइज़ंटाइन हेगिया सोफ़िया के बाद दूसरा सबसे बड़ा पूर्व-आधुनिक गुंबद है।

कर्नाटक को भारत के राज्यों में पर्यटन के लिए चौथे सबसे लोकप्रिय गंतव्य के रूप में दर्जा दिया गया है। भारत में संरक्षित स्मारकों की सर्वाधिक संख्या में, 507 के साथ यह दूसरे स्थान पर है।

कदंबा, पश्चिमी गंगा, चालुक्य, राष्ट्रकूट, होयसला और विजयनगर जैसे कन्नड़ राजवंशों ने कर्नाटक विशेष रूप से उत्तर कर्नाटक पर शासन किया था।[9][10] उन्होंने बौद्ध धर्म, जैन धर्म, शैव धर्म के कई महान स्मारकों का निर्माण किया। ये स्मारक बादामी, आइहोल, पट्टडकल, हम्पी, लक्ष्मेश्वर, सुडी, हुली, महादेव मंदिर (इटगी), डंबल, लक्कुंडी, गदग, हंगल, हलसी, गलगनाथ, चौड्डयनपुरा, बनवासी, बेलूर, हलेबीडु, श्रावणबेलगोला, सन्नाती तथा कई और जगहों में अभी भी मौजूद हैं। उल्लेखनीय इस्लामी स्मारक बीजापुर, बीदर, गुलबर्ग, रायचूर और राज्य के अन्य भागों में मौजूद हैं। बीजापुर में गोल गुंबज़, बाइज़ंटाइन हेगिया सोफ़िया के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा पूर्वाधुनिक गुंबद है। कर्नाटक के दो विश्व विरासत स्थल, हम्पी और पट्टडकल हैं, जो दोनों ही उत्तर कर्नाटक में हैं।

कर्नाटक अपने जलप्रपातों के लिए प्रसिद्ध है। शिमोगा जिले में जोग जलप्रपात एशिया के सबसे ऊंचे जलप्रपातों में से एक है। इस राज्य में 21 वन्यजीव अभयारण्य और पांच राष्ट्रीय उद्यान हैं और यह पक्षियों की 500 से ज्यादा प्रजातियों के लिए घर है। कर्नाटक में कारवार, गोकर्ण, मुरुडेश्वर, सूरतकल में कई समुद्र तट है। कर्नाटक चट्टान पर्वतारोहियों का स्वर्ग है। उत्तर कन्नड़ में याना, चित्रदुर्ग में क़िला, बेंगलूर जिले के समीप रामनगर, तुमकुर जिले में शिवगंगे और कोलार जिले में टेकल चट्टान पर्वतारोहियों का स्वर्ग है।[कृपया उद्धरण जोड़ें]

केरल[संपादित करें]

केरल, जिसे "भगवान का अपना देश" उपनाम दिया गया है, अपने हाउसबोटों के लिए प्रसिद्ध है।

केरल उष्णकटिबंधीय पश्चिमी भारत के मालाबार तट पर स्थित राज्य है। नेशनल ज्योग्राफ़िक द्वारा "विश्व के 10 स्वर्गों " में से एक के रूप में उपनाम पाने वाला केरल, अपनी पारिस्थितिक-पर्यटन पहल के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। इसकी अनूठी संस्कृति और परंपराओं ने, अपनी वैविध्यपूर्ण जनसांख्यिकी के साथ मिल कर, भारत में सर्वाधिक लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक बना दिया है। 13.31% की दर से बढ़ते हुए पर्यटन उद्योग, राज्य की अर्थ-व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

केरल अपने उष्णकटिबंधीय अप्रवाही जल और कोवलम जैसे प्राचीन समुद्र तटों के लिए जाना जाता है।

मध्य प्रदेश[संपादित करें]

खजुराहो के मंदिर अपनी कामुक मूर्तियों के लिए मशहूर हैं। खजुराहो स्मारकों के समूह एक यूनेस्को विश्व विरासत स्थल हैं।

मध्य प्रदेश को "भारत का दिल " कहा जाता है, क्योंकि यह देश के केंद्र में स्थित है। यह घर है हिंदू धर्म, इस्लाम, बौद्ध धर्म, सिक्ख धर्म, जैन धर्म की सांस्कृतिक विरासत का. अनगिनत स्मारक, उत्कृष्ट नक्काशी वाले मंदिर, स्तूप, किले और महल राज्य भर में फैले हैं।

खजुराहो के मंदिर अपनी कामुक मूर्तियों के लिए विश्व-विख्यात हैं और यूनेस्को का विश्व विरासत स्थल है। ग्वालियर किलों, रानी लक्ष्मीबाई की समाधि और तानसेन के महल के लिए प्रसिद्ध है।

मध्य प्रदेश को बाघों की आबादी के लिए टाइगर राज्य के रूप में भी जाना जाता है। प्रसिद्ध कान्हा, बांधवगढ़, शिवपुरी, संजय, पेंच मध्य प्रदेश में स्थित हैं। भव्य पर्वत श्रृंखलाएं, घुमावदार नदियां और मीलों तक फैले घने जंगल, वन्य परिवेश में वन्य जीवों का एक अनूठा और रोमांचक परिदृश्य प्रस्तुत करते हैं।

महाराष्ट्र[संपादित करें]

मुंबई भारत का सबसे विश्वव्यापी महानगर है, जो अपनी वास्तुकला, ख़रीदारी, चटोरापन और बॉलीवुड के लिए प्रसिद्ध है। भारत में पधारने वाले 40% से ज़्यादा विदेशी पर्यटक मुंबई आते हैं।[11]

महाराष्ट्र, 2 मिलियन से ज़्यादा विदेशी पर्यटकों के सालाना आगमन के साथ,[11] विदेशी पर्यटकों द्वारा सर्वाधिक दर्शनीय राज्य रहा है। महाराष्ट्र में असंख्य लोकप्रिय और सम्मानित धार्मिक स्थल हैं, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और राज्य से बाहर के पर्यटक आते हैं।

मुंबई भारत का सबसे ज़्यादा सर्वदेशीय नगर है और आधुनिक भारत के अनुभव के लिए एक महत्वपूर्ण जगह. मुंबई विश्व के सबसे बड़े फ़िल्म उद्योग बॉलीवुड के लिए लोकप्रिय है। इसके अलावा, मुंबई अपने क्लब, खरीदारी और उन्नत चटोरेपन के लिए प्रसिद्ध है। शहर, प्राचीन अजंता गुफाओं से लेकर, इस्लामी हाजी अली की मस्जिद, तथा बंबई उच्च न्यायालय और विक्टोरिया टर्मिनस के औपनिवेशिक स्थापत्य कला तक, अपनी वास्तुकला के लिए जाना जाता है।

महाराष्ट्र में, पैराग्लाइडिंग, रॉक क्लाइंबिंग, कैनोइंग, केएकिंग, स्नोर्कलिंग और स्कूबा डाइविंग सहित असंख्य साहसिक पर्यटन स्थल हैं। महाराष्ट्र में कई प्राचीन राष्ट्रीय उद्यान और परिरक्षण स्थल, औरंगाबाद में बीबी का मकबरा, कोल्हापुर में महालक्ष्मी मंदिर, मराठा साम्राज्य का गढ़ पुणे शहर, शानदार गणेश चतुर्थी समारोह भी देखने लायक हैं।

उड़ीसा[संपादित करें]

पूर्वी गंगा राजवंश द्वारा निर्मित कोणार्क सूर्य मंदिर एक यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।

उड़ीसा, अध्यात्म, धर्म, संस्कृति, कला और प्राकृतिक सौंदर्य में रुचि रखने वाले लोगों के लिए प्राचीन समय से ही एक पसंदीदा स्थल रहा है। प्राचीन और मध्यकालीन स्थापत्य कला, प्राचीन समुद्र तट, शास्त्रीय और जातीय नृत्य रूप और त्यौहारों की विविधता भी है। उड़ीसा ने बौद्ध धर्म को जीवित रखा है। चट्टानी-शिलालेख, जिन्होंने समय को चुनौती दी है, नदी दया के किनारों पर विशाल तथा प्रभावपूर्ण रूप में मौजूद हैं। बौद्ध धर्म की मशाल आज भी नदी बिरुपा के किनारे, उदयगिरि और खंडगिरि गुफाओं के उत्कृष्ट त्रिकोण में प्रज्वलित है। गौरवशाली अतीत के बहुमूल्य खंड, स्तूप, चट्टानी गुफाओं, चट्टानी शिलालेखों, खुदाई में मिले मठों, विहारों, चैत्यों और ताबूत में पवित्र अवशेष और अशोक के शिलालेखों में सजीव हैं। उड़ीसा अपने सुसंरक्षित हिंदू मंदिरों, विशेष रूप से कोणार्क सूर्य मंदिर के लिए भी प्रसिद्ध है।[12]

उड़ीसा विभिन्न आदिवासी समुदायों के लिए घर है, जिन्होंने राज्य के बहुसांस्कृतिक और बहुभाषी स्वरूप में विशिष्ट रूप से योगदान दिया है। उनके हस्तशिल्प, विभिन्न नृत्य रूप, वन उत्पाद और चिकित्सा पद्धतियों के साथ मिश्रित उनकी अद्वितीय जीवन शैली ने विश्वव्यापी ध्यान आकर्षित किया है।

पुदुचेरी[संपादित करें]

मातृमंदिर, ऑरोविले, पुदुचेरी का एक सुनहरा धातु क्षेत्र

संघ-शासित प्रदेश पुदुचेरी में चार तटीय क्षेत्र, यथा पुदुचेरी, करैकल, माहे और यानम शामिल हैं। पुदुचेरी इस संघ-शासित प्रदेश की राजधानी और दक्षिण भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। पुदुचेरी को नेशनल ज्योग्राफिक ने "उपमहाद्वीप प्रवास की उज्ज्वल विशिष्टता" के रूप में वर्णित किया है। शहर में कई खूबसूरत औपनिवेशिक इमारत, चर्च, मंदिर और मूर्तियां हैं, जो व्यवस्थित शहर नियोजन और सुनियोजित फ्रांसीसी शैली के रास्तों से जुड़ कर, अब भी अधिकांश औपनिवेशिक परिवेश को संजोए हुए हैं।

पंजाब[संपादित करें]

हरिमंदिर साहिब या "स्वर्ण मंदिर"

पंजाब भारत के सबसे खूबसूरत राज्यों में से एक है। पंजाब राज्य अपने भोजन, संस्कृति और इतिहास के लिए प्रसिद्ध है। पंजाब में एक विशाल सार्वजनिक परिवहन और संचार नेटवर्क है। पंजाब के कुछ प्रमुख शहर हैं अमृतसर, चंडीगढ़ और लुधियाना. पंजाब का, सिक्ख धर्म और हिंदू धर्म को शामिल करता एक समृद्ध धार्मिक इतिहास है। पंजाब में पर्यटन, मुख्यतः उन पर्यटकों के अनुकूल रहेगा, जिनकी रुचि संस्कृति, प्राचीन सभ्यता, आध्यात्मिकता और प्राचीन इतिहास में है। पंजाब के कुछ गांव भी उन लोगों के लिए ज़रूर देखने लायक़ हैं, जो सुंदर पारंपरिक भारतीय घरों, खेतों और मंदिरों के साथ असली पंजाब को देखना चाहते हैं। यह पंजाब में पधारने वाले किसी भी आगंतुक के लिए अवश्य दर्शनीय है।

राजस्थान[संपादित करें]

उम्मेद भवन पैलेस

राजस्थान, जिसका शाब्दिक अर्थ है "राजाओं की भूमि ", उत्तरी भारत के सबसे आकर्षक पर्यटन स्थलों में से एक है। थार मरुस्थल के विशाल रेतीले टीले, हर साल दुनिया भर से लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

आकर्षण:

  • जयपुर - राजस्थान की राजधानी, समृद्ध इतिहास और शाही स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध.
  • जोधपुर - थार रेगिस्तान के किनारे क़िले का शहर, अपने नीले घरों और स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध.
  • उदयपुर - भारत के "वेनिस" के रूप में ज्ञात.
  • जैसलमेर - अपने स्वर्णिम दुर्ग के लिए प्रसिद्ध.
  • बाड़मेर - बाड़मेर और आस-पास के क्षेत्र, ठेठ राजस्थानी गांवों की सही तस्वीर पेश करते हैं।
  • बीकानेर - एक व्यापार मार्ग चौकी के रूप में अपने मध्ययुगीन इतिहास के लिए मशहूर.
  • माउंट आबू - राजस्थान के अरावली पर्वतमाला में सबसे ऊंची चोटी है।
  • पुष्कर - यह पहला और दुनिया के बहुत कम ब्रह्मा मंदिरों में से एक है।
  • नाथद्वारा - उदयपुर के पास स्थित इस शहर में श्रीनाथजी का प्रसिद्ध मंदिर है।
  • रणथंभौर - सवाई माधोपुर के पास स्थित इस शहर में, भारत का एक सबसे बड़ा और सबसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान मौजूद है।

सिक्किम[संपादित करें]

सिक्किम में कंचलजंघा दुनिया का तीसरा सबसे ऊंचा पर्वत है।

मूल रूप से सुक-हीम के रूप में विख्यात, जिसका स्थानीय भाषा में अर्थ है "शांतिपूर्ण घर", 1974 तक सिक्किम एक स्वतंत्र राज्य था, जब यह भारत गणराज्य का एक हिस्सा बन गया। सिक्किम की राजधानी गंगटोक है, जो सिक्किम के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन न्यू जलपाईगुड़ी से लगभग 185 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। हालांकि, पूर्वी सिक्किम के डेकिलिंग में एक हवाई अड्डा निर्माणाधीन है, सिक्किम के लिए निकटतम हवाई अड्डा बागडोगरा होगा. सिक्किम को ऑर्किड और रहस्यवादी संस्कृतियों और रंगीन परंपराओं का देश माना जाता है। सिक्किम ट्रेकर्स और रोमांच प्रेमियों के बीच काफ़ी लोकप्रिय है, क्योंकि पश्चिम सिक्किम के पास उन्हें देने के लिए बहुत कुछ है।

सिक्किम के निकट स्थलों में पहाड़ों की महारानी के रूप में विख्यात दार्जिलिंग और कलिमपॉन्ग शामिल है। दार्जिलिंग, अपने विश्व भर में प्रसिद्ध "दार्जिलिंग चाय" के अलावा, ब्रिटिश राज के दौरान स्थापित उसके परिष्कृत "तैयारी स्कूल" के लिए भी मशहूर है। कलिमपॉन्ग अपनी वनस्पतियों की खेती के लिए भी प्रसिद्ध है और कई अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात नर्सरियों का घर है।

तमिल नाडु[संपादित करें]

महाबलीपुरम का तटीय मंदिर, हिंद महासागर का एक प्राचीन मंदिर है और यूनेस्को का एक विश्व विरासत स्थल.

तमिलनाडु दक्षिणी भारतीय प्रायद्वीप में, बंगाल की खाड़ी के तट पर अवस्थित है। चोल, पल्लव, पंड्या और विजयनगर साम्राज्य सहित कई महान शासकों ने तमिलनाडु के कुछ हिस्सों पर शासन किया था। राज्य, अपनी सांस्कृतिक विरासत और मंदिर वास्तुकला के लिए जाना जाता है।

आकर्षणों में शामिल हैं तटीय मंदिर के लिए लोकप्रिय महाबलिपुरम, भारत के सुदूर दक्षिण छोर पर स्थित कन्याकुमारी, अंतर्राष्ट्रीय काल्पनिक शहर ऑरोविल, मुदुमलै वन्यजीव अभयारण्य, दो प्रसिद्ध पहाड़ी सैरगाह ऊटी और कोडाइकनाल. नीलगिरि माउंटेन रेलवे यूनेस्को का विश्व विरासत स्थल है।

उत्तराखंड[संपादित करें]

फूलों की घाटी और नन्दा देवी राष्ट्रीय उद्यान यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों में हैं।

उत्तरांचल भारत गणराज्य का 27वां राज्य है। यहां हिमनदियां, बर्फ से ढके पहाड़, फूलों की घाटी, स्कीइंग ढलान और घने जंगल, तथा कई मंदिर व तीर्थ स्थान हैं। हिमालय में बसे चार-धाम, चार सबसे पवित्र और श्रद्धेय हिंदू मंदिर: बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री हैं। हरिद्वार, जिसका अर्थ है भगवान का प्रवेश द्वार केवल मैदानी इलाक़ा है।

यह पश्चिम में सतलज से पूर्व में काली नदी तक 300 कि.मी. तक विस्तृत गंगा नदी प्रणाली के लिए जल आयोजित करता है। नंदा देवी (25,640 फीट) भारत में कंचनजंगा (28,160 फीट) के बाद दूसरी सबसे ऊंची चोटी है। दूनागिरि, नीलकंठ, चुखंबा, पंचचुली, त्रिसूल 23,000 फीट से ऊपर की अन्य चोटियां हैं। इसे देवताओं, यक्षों, किन्नरों, परियों और संतों का निवास स्थान माना जाता है।[कृपया उद्धरण जोड़ें] यहां ब्रिटिश युग के दौरान विकसित मसूरी, अल्मोड़ा और नैनीताल जैसे कुछ पुराने पहाड़ी सैरगाह हैं।

style="padding-left: 1em; text-align: center; width: 25%; " हिमनदी
पिंडारी हिमनदी, मिलाम हिमनदी, गंगोत्री हिमनदी, बंदर पंच हिमनदी, खटलिंग हिमनदी, दूनागिरी हिमनदी, दोकर्णी हिमनदी, काफ़िनी हिमनदी, रालम हिमनदी
style="padding-right: 1em; text-align: center; width: 25%; " वन्यजीव अभ्यारण्य
कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान, राजाजी राष्ट्रीय पार्क, आसन कंज़र्वेशन रिज़र्व, नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क, गोविंद वन्य जीव अभयारण्य, असकोट कस्तूरी मृग अभयारण्य (असकोट), फूलों की घाटी
style="padding-left: 1em; text-align: center; width: 25%; " साहसिक खेल
मुंडाली, ऑली, दायरा बगयाल और मुन्सियारी में स्कीइंग. मसूरी, उत्तरकाशी, जोशीमठ, मुन्सियारी, चाउकोरी, पौड़ी, अल्मोड़ा,नैनीताल में ट्रेकिंग
style="padding-left: 1em; text-align: center; width: 25%; "

उत्तर प्रदेश[संपादित करें]

दीवान-ए-ख़ास - फतेहपुर सीकरी में निजी मुलाक़ातियों का हॉल

भारत के उत्तरी भाग में स्थित उत्तर प्रदेश, अपने समृद्ध स्मारकों और धार्मिक उत्साह के साथ महत्वपूर्ण है। भौगोलिक रूप से उत्तर प्रदेश, चरम उत्तर में हिमालय की तलहटी, केंद्र में गंगा की समतल भूमि और दक्षिण की ओर विंध्य पर्वत माला के साथ बहुत ही वैविध्यपूर्ण है। भारत का सर्वाधिक दर्शनीय स्थल, ताज महल और हिंदुओं का पवित्र शहर वाराणसी भी यहीं अवस्थित हैं। भारतीय संघ की सर्वाधिक आबादी वाले इस राज्य की भी एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है और उत्तर भारत के मध्य में अवस्थित उत्तर प्रदेश के पास, देने के लिए बहुत कुछ है। दर्शनीय स्थलों में शामिल हैं वाराणसी, आगरा, मथुरा, झांसी, प्रयाग, सारनाथ, अयोध्या, दुधवा राष्ट्रीय उद्यान और फतेहपुर सीकरी.

पश्चिम बंगाल[संपादित करें]

कोलकाता में विक्टोरिया मेमोरियल

कोलकाता, पश्चिम बंगाल राज्य के कई शहरों में से एक, को महलों का शहर उपनाम दिया गया है। यह नाम उसे शहर भर में निर्मित कई शानदार भवनों से मिला है। कई अन्य उत्तर भारतीय शहरों के विपरीत, जिनके निर्माण में न्यूनतम पर ज़ोर होता है, कोलकाता के वास्तुशिल्पीय विविधता के अधिकांश अभिविन्यास के मूल में यूरोपीय शैलियों और ब्रिटिश से आयातित रूचि, तथा थोड़ा-बहुत, पुर्तगाली और फ्रेंच का प्रभाव है। इमारतों की डिज़ाइन मौजूद अंग्रेजी सज्जनों और आकांक्षी बंगाली बाबू (वस्तुतः, एक कल का नवाब बंगाली, जो अंग्रेजी शिष्टाचार, आचार-विचार अपनाने का आकांक्षी है, चूंकि ये तौर-तरीके ब्रिटिशों से मौद्रिक लाभ कमाने के अनुकूल थे) की रुचियों से प्रेरित थीं। आज, इनमें से कई इमारतें अवनति के विभिन्न चरणों में हैं। इस काल की कई प्रमुख इमारतों का अच्छी तरह से रख-रखाव किया गया है और कई इमारतों को विरासत भवनों के रूप में घोषित किया गया है।

ऐतिहासिक दृष्टिकोण से, पश्चिम बंगाल की कहानी गौड़ और पांडुवा से शुरू होती है, जो वर्तमान मालदा जिला नगर के पास स्थित है। जुड़वां मध्ययुगीन शहरों को कम से कम 15वीं सदी में एक बार सत्ता बदलते समय लूटा गया था। फिर भी, इस अवधि के खंडहर शेष हैं और कई स्थापत्य नमूने, अभी भी उस समय की महिमा और चमक को बरकरार रखे हैं। पक्की मिट्टी और लेटराइट बलुआ पत्थर में बिश्नुपुर की हिन्दू स्थापत्य कला दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। ब्रिटिश औपनिवेशिक काल में मुर्शिदाबाद और कूचबिहार का वास्तुशिल्प उभर कर सामने आया।

style="padding-left: 1em; text-align: center; width: 25%; " पश्चिम बंगाल के प्रमुख स्थल
कूचबिहार  · कूचबिहार  · दार्जलिंग  · कलिमपॉन्ग · कुर्सियांग  · दाओर्स  · दीघा  · बिशनपुर  · मालदा  · मुकुटमणिपुर  · अयोध्या हिल्स  · मुर्शिदाबाद  · कोलकाता
style="padding-right: 1em; text-align: center; width: 25%; " पूजा स्थल
दक्षिणेश्वर काली मंदिर  · कालीघाट मंदिर  · बिरला मंदिर  · बेलूर मठ  · भूतनाथ  · टीपू सुल्तान मस्जिद  · नाखोडा मस्जिद  · सेंट पॉल कैथेड्रल  · सेंट जॉन चर्च  · पारसी अग्नि मंदिरें  · जापानी बौद्ध मंदिर  · परेशनाथ जैन मंदिर

ऐतिहासिक स्मारक[संपादित करें]

ताज महल भारत के प्रसिद्ध स्थलों में से एक और भारत की अत्युत्तम वास्तुकला की उपलब्धियों में से एक है। आगरा में स्थित, ताजमहल को 1631 और 1653 के बीच सम्राट शाहजहां ने मुमताज महल के रूप में विख्यात अपनी पत्नी, अर्जुमंद बानो के सम्मान में बनवाया. ताज महल उनकी कब्र के रूप में मौजूद है।

स्वर्ण मंदिर भारत के सबसे सम्मानित मंदिरों में से एक और सिक्खों का सबसे पवित्र स्थान है। स्वर्ण मंदिर, भारत के पंजाब राज्य में स्थित अमृतसर में है।

दिल्ली में बहाई मंदिर का निर्माण 1986 को पूरा हुआ और यह भारतीय उपमहाद्वीप के लिए मातृ-मंदिर के रूप में कार्य करता है। इसने कई वास्तुकला पुरस्कार जीते हैं और इसे सैकड़ों अखबार और पत्रिकाओं के लेखों में चित्रित किया गया है। (यह लोटस मंदिर के रूप में भी जाना जाता है।)

मुंबई में विक्टोरिया टर्मिनस का निर्माण अंग्रेज़ों ने किया और यह एक यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है।

ताज महल पैलेस मुंबई का एक प्रतीक है।

प्रकृति पर्यटन[संपादित करें]

भारत में भौगोलिक विविधता है, जो प्रकृति पर्यटन की किस्मों में प्रतिफलित हुई है।

भारत में वन्य जीव[संपादित करें]

सुंदरबन में रॉयल बंगाल टाइगर. दुनिया का सबसे बड़ा सदाबहार जंगल और साथ ही, यूनेस्को का विश्व विरासत स्थल.

एशियाई हाथी, बंगाल टाइगर, एशियाई शेर, तेंदुआ और भारतीय गैंडा सहित, भारत कई तरह के विख्यात बड़े स्तनधारी जानवरों का घर है, बहुधा सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से उत्कीर्ण, प्रायः देवताओं से जुड़ा रहा है। दूसरे सुप्रसिद्ध बड़े भारतीय स्तनधारियों में शामिल हैं खुरदार जैसे घरेलू एशियाई जल भैंस, जंगली एशियाई जल भैंस, नीलगाय, गौर और कई हिरण और मृग की प्रजातियां. कुत्ते के परिवार के कुछ सदस्य जैसे भारतीय भेड़िया, बंगाल लोमड़ी, स्वर्ण सियार और ढोल या जंगली कुत्ते भी व्यापक रूप से वितरित हैं। यह धारीदार लकड़बग्घा, मकाक, लंगूर और नेवला प्रजातियों का घर है। भारत में संरक्षित वन्य जीवों की बड़ी विविधता है। देश के संरक्षित जंगलों में भारत के 75 राष्ट्रीय उद्यान और 421 अभयारण्य शामिल हैं, जिनमें से बाघ परियोजना के दायरे में 19 आते हैं। इसकी जलवायु और भौगोलिक विविधता इसे 350 से अधिक स्तनपायी और 1200 पक्षी प्रजातियों का घर बनाती है, जिनमें से कई उपमहाद्वीप में अद्वितीय हैं।

कुछ प्रसिद्ध राष्ट्रीय वन्य-जीव अभयारण्यों में शामिल हैं भरतपुर, कॉर्बेट, कान्हा, काज़ीरंगा, पेरियार, रणथंभौर और सरिस्का. दुनिया का सबसे बड़ा सदाबहार जंगल सुंदरवन, दक्षिणी पश्चिम बंगाल में स्थित है। सुंदरवन यूनेस्को का विश्व विरासत स्थल है।

पहाड़ी सैरगाह[संपादित करें]

खज्जर, हिमाचल प्रदेश के एक पहाड़ी सैरगाह की गर्मियों की झांकी.

कई पहाड़ी सैरगाहों ने भारतीय प्रांतों, राजसी राज्यों के लिए, या शिमला के मामले में, ब्रिटिश भारत के लिए गर्मियों की राजधानियों के रूप में कार्य किया। भारतीय स्वतंत्रता के बाद से, गर्मियों की राजधानियों के रूप में इन पहाड़ी सैरगाहों की भूमिका काफी हद तक समाप्त हो गई है, लेकिन कई हिल स्टेशन लोकप्रिय गर्मियों के रिसॉर्ट्स बने रहते हैं। सबसे मशहूर हिल स्टेशन हैं:

प्राचीन काल के हलचल युक्त हिल स्टेशनों और ग्रीष्मकालीन राजधानियों के अलावा, प्रकृति प्रेमियों के लिए कई अन्य निर्मल और प्रशांत आश्रय तथा दर्शनीय स्थल मौजूद हैं। इनमें लेह और लद्दाख के आश्चर्यजनक परिदृश्यों से लेकर, हिमालय में दुनागिरि, बिनसार, मुक्तेश्वर जैसे छोटे, विशिष्ट प्राकृतिक आश्रय-स्थल, तथा पश्चिमी घाट के रोलिंग विस्टा से लेकर केरल के रोलिंग पहाड़ियों तक कई निजी आश्रय-स्थल मौजूद हैं।

समुद्र तट[संपादित करें]

भारतीय तटों पर हाथी और ऊंट की सवारी आम बात है। यहां हैवलॉक द्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का हिस्सा दर्शाया गया है

भारत, रजत/स्वर्णिम रेत की उष्णकटिबंधीय समुद्र तटों से लेकर, लक्षद्वीप के प्रवाली समुद्र तट तक की विस्तृत श्रृंखला पेश करता है। केरल और गोवा जैसे राज्यों ने समुद्र तटों की क्षमता का पूरा दोहन किया है। तथापि, आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों में कई अप्रयुक्त समुद्र तट मौजूद हैं। इन राज्यों में, प्रत्याशित पर्यटकों के लिए भावी गंतव्य स्थलों के रूप में इन्हें विकसित करने की बहुत ज़्यादा क्षमता है। पर्यटक समुद्र तट हैं:

साहसिक पर्यटन[संपादित करें]

मनाली, हिमाचल प्रदेश में स्कीइंग

भारत में विश्व धरोहर[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

बाह्य लिंक[संपादित करें]

साँचा:भारत में पर्यटन