हिमाचल प्रदेश
| हिमाचल प्रदेश | |
| देव भूमि | |
| — state — | |
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| समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०) | |
| देश | |
| राज्य | हिमाचल प्रदेश |
| जिला | 12 |
| प्रतिष्ठा | २५ जनवरी १९७१ |
| राजधानी | शिमला |
| सबसे बड़ा नगर | शिमला |
| राज्यपाल | उर्मिला सिंह |
| मुख्यमंत्री | प्रेम कुमार धूमल[1] |
| विधान सभा (सीटें) | एकसदनीय[2] (68) |
| मुख्य उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति | माननीय न्यायमूर्ति श्री कुरियन जोसेफ[3] |
| जनसंख्या • घनत्व |
68,56,509 (21st) (2011 के अनुसार [update]) • 123.2 /कि.मी.२ (319 /वर्ग मी.) |
| लिंगानुपात | 974 ♂/♀ |
| साक्षरता | 83.78% |
| आधिकारिक भाषा(एँ) | हिन्दी |
| क्षेत्रफल | 55,673 कि.मी² (21,495 वर्ग मील) |
| मौसम • वर्षा तापमान • ग्रीष्म • शीत |
• 1,469 mm (57.8 in) • 28 °C (82 °F) • 7 °C (45 °F) |
| आधिकारिक जालस्थल: आधिकारिक वेबसाइट | |
| हिमाचल प्रदेश राजचिह्न | |
हिमाचल प्रदेश (अंग्रेज़ी: Himachal Pradesh, पंजाबी: ਹਿਮਾਚਲ ਪ੍ਰਦੇਸ਼, उच्चारण [hɪmaːtʃəl prəd̪eːʃ] ) उत्तर-पश्चिमी भारत में स्थित एक राज्य है। यह 21,629 मील² (56019 किमी²) [4] से अधिक क्षेत्र में फ़ैला है तथा उत्तर में जम्मू कश्मीर, पश्चिम तथा दक्षिण-पश्चिम में पंजाब, दक्षिण में हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पूर्व में उत्तराखण्ड तथा पूर्व में तिब्बत से घिरा हुआ है। हिमाचल प्रदेश का शाब्दिक अर्थ बर्फ़ीले पहाड़ों का प्रांत है। [5] हिमाचल प्रदेश को देव भूमि भी कहा जाता है। इस क्षेत्र में आर्यों का प्रभाव ऋग्वेद से भी पुराना है। आंग्ल-गोरखा युद्ध के बाद, यह ब्रिटिश औपनिवेशिक सरकार के हाथ में आ गया। सन 1857 तक यह महाराजा रणजीत सिंह के शासन के अधीन पंजाब राज्य (पंजाब हिल्स के सीबा राज्य को छोड़कर) का हिस्सा था।[6] सन 1950 मे इसे केन्द्र शासित प्रदेश बनाया गया, लेकिन 1971 मे इसे, हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम-1971 के अन्तर्गत इसे 25 जून 1971 को भारत का अठारहवाँ राज्य बनाया गया। हिमाचल प्रदेश की प्रतिव्यक्ति आय भारत के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में अधिक है। बारहमासी नदियों की बहुतायत के कारण, हिमाचल अन्य राज्यों को पनबिजली बेचता है जिनमे प्रमुख हैं दिल्ली, पंजाब और राजस्थान। राज्य की अर्थव्यवस्था तीन प्रमुख कारकों पर निर्भर करती है जो हैं, पनबिजली, पर्यटन और कृषि। [7] हिंदु राज्य की जनसंख्या का 95% हैं और प्रमुख समुदायों मे ब्राह्मण, राजपूत, कन्नेत, राठी और कोली शामिल हैं। ट्रान्सपरेन्सी इंटरनैशनल के 2005 के सर्वेक्षण के अनुसार, हिमाचल प्रदेश देश में केरल के बाद दूसरी सबसे कम भ्रष्ट राज्य है।[8]
हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा २५ जनवरी, १९७१ को मिला। अप्रैल 1948 में इस क्षेत्र की 27,000 वर्ग कि.मी. में फैली लगभग 30 रियासतों को मिलाकर इस राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। 1954 में जब ‘ग’ श्रेणी की रियासत बिलासपुर को इसमें मिलाया गया, तो इसका क्षेत्रफल बढ़कर 28,241 वर्ग कि.मी.हो गया। सन 1966 में इसमें पंजाब के पहाड़ी क्षेत्रों को मिलाकर इसका पुनर्गठन किया गया तो इसका क्षेत्रफल बढ़कर 55,673 वर्ग कि.मी. हो गया।
अनुक्रम |
[संपादित करें] भूगोल
हिमाचल प्रदेश हिमालय पर्वत की शिवालिक श्रेणी का हिस्सा है। शिवालिक पर्वत श्रेणी से ही घग्गर नदी निकलती है। राज्य की अन्य प्रमुख नदियों में सतलुज और व्यास शामिल है। हिमाचल हिमालय का सुदूर उत्तरी भाग लद्दाख के ठंडे मरुस्थल का विस्तार है और लाहौल एवं स्पिति जिले के स्पिति उपमंडल में है। हिमालय की तीनों मुख्य पर्वत श्रंखलाएँ, बृहत हिमालय, लघु हिमालय; जिन्हें हिमाचल में धौलाधार और उत्तरांचल में नागतीभा कहा जाता है और उत्तर-दक्षिण दिशा में फैली शिवालिक श्रेणी, इस हिमालय खंड में स्थित हैं। लघु हिमालय में 1000 से 2000 मीटर ऊँचाई वाले पर्वत ब्रिटिश प्रशासन के लिए मुख्य आकर्षण केंद्र रहे हैं।
[संपादित करें] कृषि
कृषि हिमाचल प्रदेश का प्रमुख व्यवसाय है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह 69 प्रतिशत कामकाजी आबादी को सीधा रोजगार मुहैया कराती है। कृषि और उससे संबंधित क्षेत्र से होने वाली आय प्रदेश के कुल घरेलू उत्पाद का 22.1 प्रतिशत है। कुल भौगोलिक क्षेत्र 55.673 लाख हेक्टेयर में से 9.79 लाख हेक्टेयर भूमि के स्वामी 9.14 लाख किसान हैं। मंझोले और छोटे किसानो के पास कुल भूमि का 86.4 प्रतिशत भाग है। राज्य में कृषि भूमि केवल 10.4 प्रतिशत है। लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र वर्षा-सिंचित है और किसान इंद्र देवता पर निर्भर रहते हैं।
[संपादित करें] बागवानी
प्रकृति ने हिमाचल प्रदेश को व्यापक कृषि जलवायु परिस्थितियां प्रदान की हैं जिसकी वजह से किसानों को विविध फल उगाने में सहायता मिली है। बागवानी के अंतर्गत आने वाले प्रमुख फल हैं-सेब, नाशपाती, आडू, बेर, खूमानी, गुठली वाले फल, नींबू प्रजाति के फल, आम, लीची, अमरूद और झरबेरी आदि। 1950 में केवल 792 हेक्टेयर क्षेत्र बागवानी के अंतर्गत था, जो बढ़कर 2.23 लाख हेक्टेयर हो गया है। इसी तरह,1950 में फल उत्पादन 1200 मीट्रिक टन था, जो 2007 में बढकर 6.95 लाख टन हो गया है।
[संपादित करें] वानिकी
राज्य का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 55,673 वर्ग किलोमीटर है। वन रिकार्ड के अनुसार कुल वन क्षेत्र 37,033 वर्ग किलोमीटर है। इसमें से 16,376 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र ऐसा है जहां पहाड़ी चरागाह वाली वनस्पतियां नहीं उगाई जा सकतीं क्योंकि यह स्थायी रूप से बर्फ से ढका रहता है।
राज्य में 2 राष्ट्रीय पार्क और 32 वन्यजीवन अभयारण्य हैं। वन्यजीवन अभयारण्य के अंतर्गत कुल क्षेत्र 5,562 कि.मी., राष्ट्रीय पार्क के अंतर्गत 1,440 कि.मी. है। इस तरह कुल संरक्षित क्षेत्र 7,002 कि.मी. है।
[संपादित करें] सड़कें
हिमाचल प्रदेश राज्य में यहां की सड़कें ही यहां की जीवन रेखा हैं और ये संचार के प्रमुख साधन हैं। इसके 55,673 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में से 36,700 किलोमीटर में बसाहट है, जिसमें से 16,807 गांव अनेक पर्वतीय श्रृखलाओं और घाटियों के ढलानों पर फैले हुए हैं। जब यह राज्य 1948 में अस्तित्व में आया, तो यहां केवल 288 कि.मी. लंबी सड़कें थीं जो 15 अगस्त 2007 तक बढ़कर 30,264 हो गई हैं।
[संपादित करें] सिंचाई और जलापूर्ति
साल 2007 तक हिमाचल प्रदेश में कुल बुवाई क्षेत्र 5.83 लाख हेक्टेयर था। गांवों में पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई और अब तक राज्य में 14,611 हैंडपंप लगाए जा चुके हैं। हिमाचल प्रदेश में भूजल की उलब्धता 36,615.92 हैक्टेयर मीटर (है.मी.) है।[9]
[संपादित करें] पर्यटन
पर्यटन उद्योग को हिमाचल प्रदेश में उच्च प्राथमिकता दी गई है और हिमाचल सरकार ने इसके विकास के लिए समुचित ढांचा विकसित किया है जिसमें जनोपयोगी सेवाएं, सड़कें, संचार तंत्र हवाई अड्डे यातायात सेवाएं, जलापूर्ति और जन स्वास्थ्य सेवाएं शामिल है। राज्य पर्यटन विकास निगम राज्य की आय में 10 प्रतिशत का योगदान करता है। राज्य में तीर्थो और नृवैज्ञानिक महत्व के स्थलों का समृद्ध भंडार है। राज्य को व्यास, पाराशर, वसिष्ठ, मार्कण्डेय और लोमश आदि ऋषियों के निवास स्थल होने का गौरव प्राप्त है। गर्म पानी के स्रोत, ऐतिहासिक दुर्ग, प्राकृतिक और मानव निर्मित झीलें, उन्मुक्त विचरते चरवाहे पर्यटकों के लिए असीम सुख और आनंद का स्रोत हैं।
[संपादित करें] पर्यटन आकर्षण
चंबा घाटी
चंबा घाटी (915 मीटर) की ऊंचाई पर रावी नदी के दाएं किनारे पर है। पुराने समय में राजशाही का राज्य होने के नाते यह लगभग एक शताब्दी पुराना राज्य है और 6वीं शताब्दी से इसका इतिहास मिलता है। यह अपनी भव्य वास्तुकला और अनेक रोमांचक यात्राओं के लिए एक आधार के तौर पर विख्यात है।
डलहौज़ी
पश्चिमी हिमाचल प्रदेश में डलहौज़ी नामक यह पर्वतीय स्थान पुरानी दुनिया की चीजों से भरा पड़ा है और यहां राजशाही युग की भाव्यता बिखरी पड़ी है। यह लगभग 14 वर्ग किलो मीटर फैला है और यहां काठ लोग, पात्रे, तेहरा, बकरोटा और बलूम नामक 5 पहाडियां है। इसे 19वीं शताब्दी में ब्रिटिश गवर्नर जनरल, लॉड डलहौज़ी के नाम पर बनाया गया था। इस कस्बे की ऊंचाई लगभग 525 मीटर से 2378 मीटर तक है और इसके आस पास विविध प्रकार की वनस्पति-पाइन, देवदार, ओक और फूलों से भरे हुए रोडो डेंड्रॉन पाए जाते हैं डलहौज़ी में मनमोहक उप निवेश युगीन वास्तुकला है जिसमें कुछ सुंदर गिरजाघर शामिल है। यह मैदानों के मनोरम दृश्यों को प्रस्तुत करने के साथ एक लंबी रजत रेखा के समान दिखाई देने वाले रावी नदी के साथ एक अद्भुत दृश्य प्रदर्शित करता है जो घूम कर डलहौज़ी के नीचे जाती है। बर्फ से ढका हुआ धोलाधार पर्वत भी इस कस्बे से साफ दिखाई देता है।
धर्मशाला
धर्मशाला की ऊंचाई 1,250 मीटर (4,400 फीट) और 2,000 मीटर (6,460 फीट) के बीच है। यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, जहां पाइन के ऊंचे पेड़, चाय के बागान और इमारती लकड़ी पैदा करने वाले बड़े वृक्ष ऊंचाई, शांति तथा पवित्रता के साथ यहां खड़े दिखाई देते हैं। वर्ष 1960 से, जब से दलाई लामा ने अपना अस्थायी मुख्यालय यहां बनाया, धर्मशाला की अंतरराष्ट्रीय ख्याति भारत के छोटे ल्हासा के रूप में बढ़ गई है।
कुफरी
अनंत दूरी तक चलता आकाश, बर्फ से ढकी चोटियां, गहरी घाटियां और मीठे पानी के झरने, कुफरी में यह सब है । यह पर्वतीय स्थान शिमला के पास समुद्री तल से 2510 मीटर की ऊंचाई पर हिमाचल प्रदेश के दक्षिणी भाग में स्थित है। कुफरी में ठण्ड के मौसम में अनेक खेलों का आयोजन किया जाता है जैसे स्काइंग और टोबोगेनिंग के साथ चढ़ाडयों पर चढ़ना। ठण्ड के मौसम में हर वर्ष खेल कार्निवाल आयोजित किए जाते हैं और यह उन पर्यटकों के लिए एक बड़ा आकर्षण है जो केवल इन्हें देखने के लिए यहां आते हैं। यह स्थान ट्रेकिंग और पहाड़ी पर चढ़ने के लिए भी जाना जाता है जो रोमांचकारी खेल प्रेमियों का आदर्श स्थान है।
मनाली
कुल्लू से उत्तर दिशा में केवल 40 किलो मीटर की दूरी पर लेह की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाटी के सिरे के पास मनाली स्थित है। लाहुल, स्पीति, बारा भंगल (कांगड़ा) और जनस्कर पर्वत श्रृंखला पर चढ़ाई करने वालों के लिए यह एक मनपसंद स्थान है। मंदिरों से अनोखी चीजों तक, यहां से मनोरम दृश्य और रोमांचकारी गतिविधियां मनाली को हर मौसम और सभी प्रकार के यात्रियों के बीच लोकप्रिय बनाती हैं।
कुल्लू
कुल्लू घाटी को पहले कुलंथपीठ कहा जाता था। कुलंथपीठ का शाब्दिक अर्थ है रहने योग्य दुनिया का अंत। कुल्लू घाटी भारत में देवताओं की घाटी रही है। यहां के मंदिर, सेब के बागान और दशहरा हजारों पर्यटकों को कुल्लू की ओर आकर्षित करते हैं। यहां के स्थानीय हस्तशिल्प कुल्लू की सबसे बड़ी विशेषता है।
शिमला
हिमाचल प्रदेश की राजधानी और ब्रिटिश कालीन समय में ग्रीष्म कालीन राजधानी शिमला राज्य का सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन केन्द्र है। यहां का नाम देवी श्यामला के नाम पर रखा गया है जो काली का अवतार है। शिमला लगभग 7267 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और यह अर्ध चक्र आकार में बसा हुआ है। यहां घाटी का सुंदर दृश्य दिखाई देता है और महान हिमालय पर्वती की चोटियां चारों ओर दिखाई देती है।
[संपादित करें] राजनीति
[संपादित करें] विधान सभा
हिमाचल प्रदेश विधान सभा शिमला में स्थित है। वर्तमान हिमाचल प्रदेश विधानसभा एकसदनीय है।
[संपादित करें] विधानसभा चुनाव 2007
दिसंबर 2007 मे हिमाचल प्रदेश की हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए हुआ चुनाव था। भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में जीत हासिल की। 68 सीटो में से 42 सीट जीत कर भारतीय जनता पार्टी ने सरकार बनाई।
| हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2007 परिणाम | |
| राजनीतिक दल (संक्षिप्त नाम) | सदस्यों की संख्या |
|---|---|
| भाजपा | 42 |
| कांग्रेस | 23 |
| निर्दलीय | 3 |
| कुल | 68 |
[संपादित करें] सरकार
दिसंबर 2007 में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य का विधानसभा चुनाव जीता। प्रेम कुमार धूमल राज्य के मुख्यमंत्री बने।
[संपादित करें] मुख्यमंत्री
प्रेम कुमार धूमल (जन्म 10 अप्रैल, 1944) हिमाचल प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री है। वो राजनैतिक दल भारतीय जनता पार्टी के सदस्य के रूप् में हिमाचल प्रदेश विधान सभा की बमसन सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। i
[संपादित करें] परिवहन
सड़क मार्ग इस राज्य की यातायात का मुख्य माध्यम है। परंतु मानसून और ठंड के मौसम में भू-स्खलन और अन्य वजहों से यह काफी बाधित होता है।
[संपादित करें] हिमाचल प्रदेश के जिले
| हिमाचल प्रदेश के जिले | ||
| काँगड़ा जिला | हमीरपुर जिला | |
| मंडी जिला | बिलासपुर जिला | |
| उना जिला | चंबा जिला | |
| लाहौल और स्पीती जिला | सिरमौर जिला | |
| किन्नौर जिला | कुल्लू जिला | |
| सोलन जिला | शिमला जिला | |
[संपादित करें] जनांकिक
भारत की 2011 जनगणना के अनुसार हिमाचल प्रदेश की कुल जनसंख्या 6,856,509 है। इनमें पुरुषों की जनसंख्या 3,473,892 तथा महिलाओं की जनसंख्या 3,382,617 है। 2011 की जनगणना आंकड़ों के अनुसार हिमाचल प्रदेश का लिंग अनुपात 974/1000 और साक्षरता दर 83.78% है।
| क्र.सं | जिला | क्षेत्रफल किमी² मे | जनसंख्या | मुख्यालय |
|---|---|---|---|---|
| 1 | बिलासपुर | 1,167 | 382,056 | बिलासपुर |
| 2 | चंबा | 6,528 | 518,844 | चंबा |
| 3 | हमीरपुर | 1,118 | 454, 293 | हमीरपुर |
| 4 | काँगडा़ | 5,739 | 1,507,223 | धर्मशाला |
| 5 | किन्नौर | 6,401 | 84,298 | रिकाँग पिओ |
| 6 | कुल्लु | 5,503 | 437,474 | कुल्लु |
| 7 | लाहौल स्पीति | 13,835 | 31,528 | केलोन्ग |
| 8 | मंडी | 3,950 | 999,518 | मंडी |
| 9 | शिमला | 5,131 | 813,384 | शिमला |
| 10 | सिरमौर | 2,825 | 530,164 | नाहन |
| 11 | सोलन | 1,936 | 576,670 | सोलन |
| 12 | उना | 1,540 | 521,057 | उना |
[संपादित करें] संस्कृति
राज्य की प्रमुख भाषाओं में हिन्दी, काँगड़ी, पहाड़ी, पंजाबी, और मंडियाली शामिल हैं. हिन्दू, बौद्ध और सिख यहाँ के प्रमुख धर्म हैं। पश्चिम में धर्मशाला, दलाई लामा की शरण स्थली है।
[संपादित करें] संदर्भ
- ↑ http://himachal.gov.in/cm.htm मुख्यमंत्री
- ↑ http://hpvidhansabha.nic.in/ हिमाचल प्रदेश विधानसभा
- ↑ http://hphighcourt.nic.in/gifs/jprofile.htm हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय
- ↑ "भारत के बारे में सांख्यकीय तथ्य". www.indianmirror.com. http://www.indianmirror.com/geography/geo9.html. अभिगमन तिथि: 2006-10-26.
- ↑ "हिमाचल प्रदेश का शाब्दिक अर्थ". www.himachalpradesh.us. http://www.himachalpradesh.us/geography/himalayas_in_himachal.php. अभिगमन तिथि: 2007-05-20.
- ↑ "हिमाचल का इतिहास". Suni system (P). http://www.webindia123.com/himachal/history/history.htm. अभिगमन तिथि: 2007-04-28.
- ↑ हिमाचल प्रदेश में अर्थव्यवस्था विकास yesbank.in अभिगमन तिथी- April 2008
- ↑ "भारतीय भ्रष्टाचार अध्ययन - 2005". Transparency International. http://www.transparency.org/regional_pages/asia_pacific/newsroom/news_archive__1/india_corruption_study_2005. अभिगमन तिथि: 2007-05-29.
- ↑ http://hindi.indiawaterportal.org/ केंद्रीय भूजल बोर्ड
[संपादित करें] बाहरी कड़ियां
- हिमाचल सरकार का आधिकारिक जालस्थल
- 2001 की जनगणना में हिमाचल के आंकड़े
- हिमाचल विकास रपट-भारतीय योजना आयोग
- हिमाचल सरकार का पर्यटन जालस्थल
- हिमाचल पर्यटन विकास निगम का जालस्थल
- हिमाचल में पर्यटन के बारे में और जानकारी
- हिमाचल के बारे में समाचार स्थल
- हिमाचल के विविध पक्षों पर आधारित जालस्थल - देवभूमि हिमाचल
- हिमाचल मित्र - हिमाचली समाज की रचनात्मक अभिव्यक्ति (हिन्दी वेब-पत्रिका)
- हिमधारा - हिमाचल प्रदेश के शौकिया ब्लोगर्स का एक प्रयास
- हिमाचल पर आधारित एक चिट्ठा(ब्लाग)
- हिमाचल प्रदेश के आर्टिकल्स
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