चण्डीगढ़

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चंडीगढ़
—  केन्द्र शासित प्रदेश  —
ओपन हैंड स्मारक- चंडीगढ़
ओपन हैंड स्मारक- चंडीगढ़
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
ज़िला 1
' 1952
राजधानी चंडीगढ़
सबसे बड़ा नगर चंडीगढ़
प्रशासक शिवराज पाटिल[1]
सांसद श्रीमति किरण खेर
महापौर हरफूल चंद्र कल्याण[2]
जनसंख्या
घनत्व
9,00,635[3] (29)
• 7,900 /किमी2 (20,461 /वर्ग मील)
आधिकारिक भाषा(एँ) हिन्दी, पंजाबी एवं अंग्रेज़ी
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)
114 कि.मी² (44 वर्ग मील)
• 350 मीटर (1,148 फी॰)
ISO 3166-2 IN-CH
आधिकारिक जालस्थल: chandigarh.nic.in/
चंडीगढ़ राजचिन्ह

Erioll world.svgनिर्देशांक: 30°45′N 76°47′E / 30.75°N 76.78°E / 30.75; 76.78 चंडीगढ़ , (पंजाबी: ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ), भारत का एक केन्द्र शासित प्रदेश है, जो दो भारतीय राज्यों, पंजाब और हरियाणा की राजधानी भी है। इसके नाम का अर्थ है चंडी का किला। यह हिन्दू देवी दुर्गा के एक रूप चंडिका या चंडी के एक मंदिर के कारण पड़ा है। यह मंदिर आज भी शहर में स्थित है।[4] इसे सिटी ब्यूटीफुल भी कहा जाता है। चंडीगढ़ राजधानी क्षेत्र में मोहाली, पंचकुला और ज़ीरकपुर आते हैं, जिनकी २००१ की जनगणना के अनुसार जनसंख्या ११६५१११ (१ करोड़ १६ लाख) है। भारत की लोकसभा में प्रतिनिधित्व हेतु चण्डीगढ़ के लिए एक सीट आबण्टित है। वर्तमान सोलहवीं लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी की श्रीमति किरण खेर यहाँ से साँसद हैं।[5]


अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शहरी योजनाबद्धता और वास्तु-स्थापत्य के लिए प्रसिद्ध यह शहर आधुनिक भारत का प्रथम योजनाबद्ध शहर है।[6] चंडीगढ़ के मुख्य वास्तुकार फ्रांसीसी वास्तुकार ली कार्बूजियर हैं, लेकिन शहर में पियरे जिएन्नरेट, मैथ्यु नोविकी एवं अल्बर्ट मेयर के बहुत से अद्भुत वास्तु नमूने देखे जा सकते हैं। शहर का भारत के समृद्ध राज्यों और संघ शसित प्रदेशों की सूची में अग्रणी नाम आता है, जिसकी प्रति व्यक्ति आय ९९,२६२ रु (वर्तमान मूल्य अनुसार) एवं स्थिर मूल्य अनुसार ७०,३६१ (२००६-०७) रु है।[7]

इतिहास[संपादित करें]

शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित एक हिन्दू मंदिर

ब्रिटिश भारत के विभाजन उपरांत १९४७ में पंजाब राज्य को भारत और पाकिस्तान में दो भागों में भांट दिया गया था। इसके साथ ही राज्य की पुरानी राजधानी लाहौर पाकिस्तान के भाग में चली गयी थी। अब भारतीय पंजाब को एक नयी राजधानी की आवश्यकता पड़ी। पूर्व स्थित शहरों को राजधानी में बदलने में आने वाली बहुत सी कठिनाइयों के फलस्वरूप एक नये योजनाबद्ध राजधानी शहर की स्थापना का निश्चय किया गया तथा १९५२ में इस शहर की नींव रखी गई।[8]

उस समय में भारत में चल रही बहुत सी नवीन शहर योजनाओं में चंडीगढ़ को प्राथमिकता मिली जिसका मुख्य कारण एक तो नगर की स्थिति और दूसरा कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु का निजी रुचि होना भी रहा। नये राष्ट्र के आधुनिक प्रगतिशील दृष्टिकोण के रूप में चंडीगढ़ को देखते हुए उन्होंने शहर को अतीत की परंपराओं से उन्मुक्त, राष्ट्र के भविष्य में विश्वास का प्रतीक बताया। शहर के बहुत से खाके व इमारतों की वास्तु रचना फ्रांस में जन्में स्विस वास्तुकार व नगर-नियोजक ली कार्बुज़िए ने १९५० के दशक में की थी। कार्बुज़िए भी असल में शहर के द्वितीय वास्तुकार थे, जिसका मूल मास्टर प्लान अमरीकी वास्तुकार-नियोजक अल्बर्ट मेयर ने तब बनाया था, जब वे पोलैंड में जन्मे वास्तुकार मैथ्यु नोविकी के संग कार्यरत थे। १९५० में नोविकी की असमय मृत्यु के के चलते कार्बूजियर को परियोजना में स्थान मिला था।

१ नवंबर, १९६६ को पंजाब के हिन्दी-भाषी पूर्वी भाग को काटकर हरियाणा राज्य का गठन किया गया, जबकि पंजाबी-भाषी पश्चिमी भाग को वर्तमान पंजाब ही रहने दिया था। चंडीगढ़ शहर दोनों के बीच सीमा पर स्थित था, जिसे दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी के रूप में घोषित किया गया और साथ ही संघ शासित क्षेत्र भी घोषित किया गया था। १९५२ से १९६६ तब ये शहर मात्र पंजाब की राजधानी रहा था।[9] अगस्त १९८५ में तत्कालीन प्रधान मंत्री राजीव गांधी और अकाली दल के संत हरचंद सिंह लोंगोवाल के बीच हुए समझौते के अनुसार, चंडीगढ़ को १९८६ में पंजाब में स्थानांतरित होना तय हुआ था। इसके साथ ही हरियाणा के लिए एक नयी राजधानी का सृजन भी होना था, किन्तु कुछ प्रशासनिक कारणों के चलते इस स्थानांतरण में विलंब हुआ। इस विलंब के मुख्य कारणों में दक्षिणी पंजाब के कुछ हिन्दी-भाषी गांवों को हरियाणा और पश्चिम हरियाणा के पंजाबी-भाषी गांवों को पंजाब को देने का विवाद था।

१५ जुलाई २००७ को चंडीगढ़ प्रथम भारतीय गैर-धूम्रपान क्षेत्र घोषित हुआ। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध है और चंडीगढ़ प्रशासन के नियमों के तहत दंडनीय अपराध है।[10] इसका बाद २ अक्टूबर २००८ को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्म-दिवस पर शहर में पॉलीथीन की थैलियों के प्रयोग पर पूर्ण निषेध लागू हो गया।[11]

भूगोल तथा जलवायु[संपादित करें]

सुखना झील
चित्र:Morni hills.jpg
मोरनी पहाड़ियां

चंडीगढ़ हिमालय की शिवालिक पर्वतमाला की तराई में भारत के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। शहर का क्षेत्रफ़ल लगभग ४४ वर्ग मील (११४ कि.मी.²) है। इसकी सीमाएं पूर्व में हरियाणा, उत्तर, पश्चिम और दक्षिण में पंजाब से लगती हैं। शहर के सही सही भूगोलीय निर्देशांक 30°44′N 76°47′E / 30.74°N 76.79°E / 30.74; 76.79 हैं।[12] यहां समुद्र-सतह से औसत ऊंचाई ३२१ मी.(१०५३ फीट) है।

चंडीगढ़
जलवायु सारणी (व्याख्या)
मा जू जु सि दि
 
 
33
 
20
6
 
 
39
 
23
8
 
 
30
 
28
13
 
 
9
 
35
19
 
 
28
 
38
23
 
 
145
 
39
25
 
 
280
 
34
24
 
 
308
 
33
23
 
 
133
 
33
22
 
 
22
 
32
17
 
 
9
 
27
11
 
 
22
 
22
7
औसत अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान (°से.)
कुल वर्षा (मि.मी)
स्रोत: World Weather Information Service

शहर के समीपस्थ जिलों में हरियाणा के अंबाला और पंचकुला तथा पंजाब के मोहाली, पटियाला और रोपड़ जिले हैं। इसके उत्तरी भाग से हिमाचल प्रदेश की सीमाएं अधिक दूर नहीं हैं। शहर की जलवायु उप-उष्णकटिबन्धीय महाद्वीपीय मानसून प्रकार की है; जिसमें ऊष्म ग्रीष्म काल, कुछ शीतल शीतकाल, अविश्वसनीय वर्षा और तापमान में बड़े अंतर (-१ °से. सेo ४१.२ °से.) का अनुमान रहता है। शीतकाल में दिसम्बर व जनवरी के माह में कभी-कभार कोहरा हो सकता है। औसत वार्षिक वर्षा १११०.७ मि.मी होती है। शहर को कई बार पश्चिम से लौटते मानसून की शीतकालीन वर्षा का अनुभव भी मिलता है।

औसत तापमान

  • वसंत: वसंत ऋतु (मध्य-फरवरी से मध्य मार्च और फिर मध्य सितंबर से मध्य अक्टूबर तक) मं मौसम सुहावना रहता है। अधिकतम तापमान १६° सेंटीग्रेड से २५° सेंटीग्रेड और न्यूनतम तापमान ९° सेंटीग्रेड से १८° सेंटीग्रेड के बीच रहता है।
  • पतझड़: ऑटम में (मध्य मार्च-अप्रैल), तापमान अधिकतम ३६° सेंटीग्रेड तक पहुंच सकता है। इस समय न्यूनतम तापमान १६° से २७° तक रहता है। वैसे न्यूनतम अंकित तापमान १३°से. है।
  • ग्रीष्म: ग्रीष्म-काल में (मध्य मई से मध्य जून) तापमान ४६.५° सेंटीग्रेड (कदाचित) तक जा सकता है। सामान्यतया तापमान ३५° सेंटीग्रेड से ४०° सेंटीग्रेड के बीच रहता है।
  • वर्षा: मानसून के दौरान (मध्य जून से मध्य सितंबर), शहर को मध्यम से भारी वर्षा मिलती है, जो कभी कभार भरी से अत्यधिक भारी भी हो सकती है (प्रायः अगस्त या सितंबर)। सामान्यतया आर्द्र मानसून वायु दक्षिण-पश्चिम/ दक्षिण-पूर्व से बहती है। शहर को भारी वर्षा दक्षिण वायु से मिलती है, किन्तु मानसून की वर्षा उत्तर-पश्चिम उआ उत्तर-पूर्व दिशा से आती है। मानसून काल में चंडीगढ़ में हुई एकदिवसीय अधिकतम वर्षा १९५.५ मि.मी अंकित है।
  • शीतकाल: यहां जाड़े (नवंबर से मध्य मार्च) अच्छे ठंडे होते हैं और ये कई बार बहुत ठंडे भी हो सकते हैं। शीतकालीन औसत तापमान (अधिकतम) ७° सेंटीग्रेड से १५° सेंटीग्रेड एवं (न्यून) -२° सेंटीग्रेड से ५° सेंटीग्रेड तक हो सकता है। इस समय वर्षाएं कम ही होती हैं, किन्तु २-३ दिवसीय वर्षा संभव है, जो ओले और आंधी के संग पश्चिम से आ सकती है।

पादप और जंतु[संपादित करें]

वन में संभर
कैसिया फिस्टुला चंडीगढ़ में

अधिकांश चंडीगढ़ बरगद और यूकेलिप्टस के बगीचों से भरा हुआ है। अशोक, कैसिया, शहतूत व अन्य वृक्ष भी यहां की शोभा बढ़ाते हैं। शहर को घेरे हुए बड़ा वन्य-क्षेत्र है जिसमें अनेक जंतु व पादप प्रजातियां फलती-फूलती हैं। हिरण, सांभर, कुत्ता हरिण, तोते, कढ़फोड़वे एवं मोर संरक्षित वनों में निवास करते हैं। सुखना झील में बत्तखों और गीज़ प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करते हैं, जो जापान और साईबेरिया क्षेत्रों से उड़कर जाड़ों में यहां आते हैं व झील की शोभा बढ़ाते हैं। शहर में एक शुक अभयारण्य भी है, जिसमें पक्षियों कि अनेक प्रजातियां देखने को मिलती हैं।

प्रशासन[संपादित करें]

चंडीगढ़ प्रशासन संविधान की धारा २३९ के तहत नियुक्त किये गए प्रशासक के अधीन कार्यरत है। शहर का प्रशासनिक नियंत्रण भारत सरकार के गृह मंत्रालय के पास है। वर्तमान में पंजाब के राज्यपाल ही चंडीगढ़ के प्रशासक होते हैं। प्रशासक का सलाहकार एक अखिल भारतीय सेवाओं से नियुक्त अति-वरिष्ठ अधिकारी होता है। ये अधिकारी प्रशासक के बाद सर्वे-सर्वा होता है। इस अधिकारी का स्तर भारतीय प्रशासनिक सेवा में ए.जी.एम.यू कैडर का होता है।

चंडीगढ़ उच्च न्यायालय
  • उपायुक्त: भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी जो चंडीगढ़ के सामान्य प्रशासन की देखरेख करता है।
  • वन उपसंरक्षक: भारतीय वन सेवा का अधिकारी, जो वन्य प्रबंधन, पर्यावरण, वन्य-जीवन एवं प्रदूषण नियंत्रण के लिए उत्तरदायी होता है।
  • वरिष्ठ अधीक्षक (पुलिस): भारतीय पुलिस सेवा का धिकारी, जो शहर में विधि एवं न्याय व्यवस्था बनाये रखने एवं संबंधित विषयों के लिए उत्तरदायी होता है।

उपरोक्त तीन अधिकारी अखिल भारतीय सेवाओं के ए.जी.एम.यू, हरियाणा या पंजाब कैडर से होते हैं।

जनसांख्यिकी[संपादित करें]

२००१ की भारत की जनगणना के अनुसार,[14] चंडीगढ़ की कुल जनसंख्या ९,००,६३५ है, जिसके अनुसार ७९०० व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. का घनत्व होता है। इसमें पुरुषों का भाग कुल जनसंख्या का ५६% और स्त्रियों का ४४% है। शहर का लिंग अनुपात ७७७ स्त्रियां प्रति १००० पुरुष है, जो देश में न्यूनतम है। औसत साक्षरता दर ८१.९% है, जो राष्ट्रीय औसत साक्षरता दर ६४.८ से अधिक है। इसमें पुरुष दर ८६.१% एवं स्त्री साक्षरता दर ७६.५% है। यहां की १२% जनसंख्या छः वर्ष से नीचे की है। मुख्य धर्मों में हिन्दू (७८.६%), सिख (१६.१%), इस्लाम (३.९%) एवं ईसाई (०.८% हैं।[15] हिन्दी एवं पंजाबी चंडीगढ़ की बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं, हालांकि आजकल अंग्रेज़ी भी प्रचलित होती जा रही है। तमिल-भाषी लोग तीसरा सबसे बड़ा समूह बनाते हैं। शहर के लोगों का एक छोटा भाग उर्दु भी बोलता है।

चंडीगढ़ में रहने वाले हरियाणा व पंजाब के प्रवासी लोग भी बड़े प्रतिशत में हैं, जो यहां की व्यावसायिक रिक्तियों को भरने हेतु व धनोपार्जन में लगे हैं। ये लोग शहर के विभिन्न सरकारी विभागों व निजी व्यवसायों में कार्यरत हैं।

अर्थ-व्यवस्था[संपादित करें]

शिक्षा[संपादित करें]

चंडीगढ़ समस्त उत्तर भारत में एक प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में जाना जाता है। नज़दीकी राज्यों पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर व उत्तराखण्ड आदि से भारी संख्या में विद्यार्थी यहाँ आते हैं।

यातायात[संपादित करें]

पर्यटन[संपादित करें]

रॉकगार्डन

पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ भारत के सबसे खूबसूरत और नियोजित शहरों में एक है। इस केन्द्र शासित प्रदेश को प्रसिद्ध फ़्रांसीसी वास्तुकार ली कोर्बूजियर ने अभिकल्पित किया था। इस शहर का नाम एक दूसरे के निकट स्थित चंडी मंदिर और गढ़ किले के कारण पड़ा जिसे चंडीगढ़ के नाम से जाना जाता है। शहर में बड़ी संख्या में पार्क हैं जिनमें लेसर वैली, राजेन्द्र पार्क, बॉटोनिकल गार्डन, स्मृति उपवन, तोपियारी उपवन, टेरस्ड गार्डन और शांति कुंज प्रमुख हैं। चंडीगढ़ में ललित कला अकादमी, साहित्य अकादमी, प्राचीन कला केन्द्र और कल्चरल कॉम्प्लेक्स को भी देखा जा सकता है।

कैपिटल कॉम्प्लेक्स[संपादित करें]

यहां हरियाणा और पंजाब के अनेक प्रशासनिक भवन हैं। विधानसभा, उच्च न्यायालय और सचिवालय आदि इमारतें यहां देखी जा सकती हैं। यह कॉम्प्लेक्स समकालीन वास्तुशिल्प का एक बेहतरीन उदाहरण है। यहां का ओपन हैंड स्मारक कला का उत्तम नमूना है।

रॉक गार्डन[संपादित करें]

चंडीगढ़ आने वाले पर्यटन रॉक गार्डन आना नहीं भूलते। इस गार्डन का निर्माण नेकचंद ने किया था। इसे बनवाने में औद्योगिक और शहरी कचरे का इस्तेमाल किया गया है। पर्यटक यहां की मूर्तियों, मंदिरों, महलों आदि को देखकर अचरज में पड़ जातें हैं। हर साल इस गार्डन को देखने हजारों पर्यटक आते हैं। गार्डन में झरनों और जलकुंड के अलावा ओपन एयर थियेटर भी देखा जा सकता, जहां अनेक प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियां होती रहती हैं।

रोज़ गार्डन[संपादित करें]

जाकिर हुसैन रोज गार्डन के नाम से विख्यात यह गार्डन एशिया का सबसे बड़ा रोज गार्डन है। यहां गुलाब की 1600 से भी अधिक किस्में देखी जा सकती हैं। गार्डन को बहुत खूबसूरती से डिजाइन किया गया है। अनेक प्रकार के रंगीन फव्वारे इसकी सुंदरता में चार चांद लगाते हैं। हर साल यहां गुलाब पर्व आयोजित होता है। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोगों का यहां आना होता है।

सुखना झील[संपादित करें]

यह मानव निर्मित झील 3 वर्ग किमी. के क्षेत्र में फैली हुई है। इसका निर्माण 1958 में किया गया था। अनेक प्रवासी पक्षियों को यहां देखा जा सकता है। झील में बोटिंग का आनंद लेते समय दूर-दूर फैले पहाड़ियों के सुंदर नजारों के साथ-साथ सूर्यास्त के नजारे भी यहां से बड़े मनमोहक दिखाई देते हैं।

संग्रहालय[संपादित करें]

चंडीगढ़ में अनेक संग्रहालय हैं। यहां के सरकारी संग्रहालय और कला दीर्घा में गांधार शैली की अनेक मूर्तियों का संग्रह देखा जा सकता है। यह मूर्तियां बौद्ध काल से संबंधित हैं। संग्रहालय में अनेक लघु चित्रों और प्रागैतिहासिक कालीन जीवाश्म को भी रखा गया है। अन्तर्राष्ट्रीय डॉल्स म्युजियम में दुनिया भर की गुडियाओं और कठपुतियों को रखा गया है।

सुखना वन्यजीव अभ्यारण्य[संपादित करें]

लगभग 2600 हेक्टेयर में फैले इस अभ्यारण्य में बड़ी संख्या में वन्यजीव और वनस्पतियां पाई जाती हैं। मूलरूप से यहां पाए जाने वाले जानवरों में बंदर, खरगोश, गिलहरी, साही, सांभर, भेड़िए, जंगली सूकर, जंगली बिल्ली आदि शामिल हैं। इसके अलावा सरीसृपों की अनेक प्रजातियों भी यहां देखी जा सकती हैं। अभ्यारण्य में पक्षियों की विविध प्रजातियों को भी देखा जा सकता है।

राजनीति[संपादित करें]

भारत की लोकसभा में चण्डीगढ़ के लिए एक सीट आबंटित है। वर्तमान सोलहवीं लोकसभा में यहाँ का प्रतिनिधित्व श्रीमति किरण खेर कर रही हैं जो कि भारतीय जनता पार्टी से संबद्ध हैं। इससे पहले कांग्रेस के श्री पवन बंसल यहाँ से साँसद थे जो कि एक समय में भारत के रेल मंत्री भी बने।

पंजाब के राज्यपाल ही चण्डीगढ़ के प्रशासक होते हैं। वर्तमान में चण्डीगढ़ के प्रशासक श्री शिवराज पाटिल हैं।

हरियाणा तथा पंजाब की संयुक्त राजधानी होने के कारण राजनीतिक रूप से दोनों ही प्रदेशों के नेता इस शहर पर अपना-अपना दावा जताते रहते हैं।

आवागमन[संपादित करें]

वायु मार्ग

चंडीगढ़ एयरपोर्ट सिटी सेंटर से करीब 11 किमी. की दूरी पर, दिल्ली मार्ग पर है। देश के प्रमुख शहरों से यहां के लिए नियमित उड़ानें हैं।

रेल मार्ग

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन सिटी सेंटर से करीब 8 किमी. दूर स्थित है। यह रेलवे स्टेशन शहर को देश के अन्य हिस्सों से रेलमार्ग द्वारा जोड़ता है। दिल्ली से यहां के लिए प्रतिदिन ट्रेने हैं।

सड़क मार्ग

राष्ट्रीय राजमार्ग 21 और 22 चंडीगढ़ को देश के अन्य हिस्सों से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ते हैं। दिल्ली, जयपुर, ग्वालियर, जम्मू, शिमला, कुल्लू, कसौली, मनाली, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, हरिद्वार, देहरादून आदि शहरों से यहां के लिए नियमित बस सेवाएं हैं।

खेलकूद के स्थान[संपादित करें]

प्रमुख उद्यान[संपादित करें]

  • रोज गार्डन, सेक्टर 16
  • बोगनवेलिया गार्डन, सेक्टर 3
  • जापानी उद्यान, सेक्टर 16
  • टोपियरी गार्डन, सेक्टर 35
  • फ्रैगरेंस गार्डन, सेक्टर 36
  • लीजर वैली, सेक्टर 10
  • म्यूजिकल फाउंटेन पार्क, सेक्टर 33
  • सुखना लेक उद्यान, सेक्टर 6
  • कैक्टस गार्डन पंचकुला
  • राक गार्डन चंडीगढ़, सेक्टर 1
  • राजेन्द्र उद्यान, सेक्टर 1
  • सिल्वी पार्क, फेज 10 मोहाली
  • बोटैनिकल गार्डन, लाहोरा खुदा

चंडीगढ़ से प्रकाशित प्रमुख (दैनिक) समाचारपत्र[संपादित करें]

अंग्रेजी[संपादित करें]

  1. द ट्रिब्यून-पंजाब के सबसे पुराने अखबारों में से एक।
  2. द इंडियन एक्सप्रेस
  3. हिन्दुस्तान टाईम्स
  4. द टाईम्स आफ इंडिया, द इकानामिक टाईम्स, द बिजनेस टाईम्स
  5. द पायनियर
  6. बिजनेस लाईन

हिन्दी[संपादित करें]

  1. दैनिक हिन्दुस्तान
  2. पंजाब केसरी
  3. दैनिक जागरण
  4. दैनिक भास्कर
  5. अमर उजाला
  6. दैनिक ट्रिब्यून : द ट्रिब्यून का हिंदी संस्करण

पंजाबी[संपादित करें]

  1. पंजाबी ट्रिब्यून
  2. देशसेवक सीपीआई से संबद्ध समाचारपत्र
  3. रोजाना स्पोक्समैन
  4. जगबाणी

प्रमुख नागरिक[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. http://chandigarh.nic.in/admn_struc.htm
  2. http://chandigarh.nic.in/admn_struc.htm
  3. भारतीय जनगणना
  4. आधिकारिक सरकारी जालस्थल
  5. भारतीय चुनाव आयोग की अधिसूचना, नई दिल्ली
  6. भारत का व्यवसाय पोर्टल, (अंग्रेज़ी)
  7. [1]
  8. http://chandigarh.nic.in/knowchd_general.htm
  9. चंडीगढ़ सरकार प्रशासन जालस्थल
  10. http://timesofindia.indiatimes.com/Cities/Chandigarh/Smoke_out_smoking_violations_/articleshow/3551323.cms
  11. http://chandigarh.nic.in/WriteReadData%5Cnotification%5Cnot_env684_300708.pdf
  12. फॉलिंग रेन जीनोमिक्स, इंक - चंडीगढ़
  13. "Census population" (PDF). Census of India. http://sampark.chd.nic.in. http://sampark.chd.nic.in/images/State_2006/StatisticalAbstract2004/Areapopulation/area_pop_tab2.1.pdf. अभिगमन तिथि: 2008-06-04. 
  14. "भारत की जनगणना २००१: २००१ की जनगणना के आँकड़े, महानगर, नगर और ग्राम सहित (अनंतिम)". भारतीय जनगणना आयोग. http://web.archive.org/web/20040616075334/www.censusindia.net/results/town.php?stad=A&state5=999. अभिगमन तिथि: 2007-09-03. 
  15. भारतीय जनगणना

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]