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मुखपृष्ठ निर्वाचित्र चित्र उम्मीदवार[संपादित करें]

नमस्ते दोस्तों, मुझे अति-प्रसन्नता हो रही है कि अब से हम निर्वाचित चित्र भी सर्वसम्मति से मुखपृष्ठ पर लगायेंगे। समयाभाव के कारण निर्वाचित चित्र उम्मीदवार पृष्ठ का निर्माण कार्य मैं नहीं कर पाया लेकिन धीरे-धीरे यह कार्य होता रहेगा। जब तक यह कार्य सम्पन्न होता है, कृपया निर्वाचित चित्रों का सुझाव मुखपृष्ठ निर्वाचित चित्र उम्मीदवार पृष्ठ पर दें। सम्बंधित प्रारम्भिक नियमावली विकिपीडिया:मुखपृष्ठ निर्वाचित चित्र पर देखें। यहाँ आपसे अनुरोध है कि एक ही सदस्य दो से अधिक निर्वाचित चित्रों का नामांकन न करे जब तक कि उसके द्वारा नामांकित दोनों पूर्व चित्रों पर निर्णय हो चुका है। इसके अलावा अन्य सदस्यों द्वारा नामांकित चित्रों पर भी अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें। चर्चा में शालिनता बनाये रखें और किसी भी अन्य सदस्य के लिए व्यक्तिगत टिप्पणी न करें। चूँकि निर्वाचित चित्र मुखपृष्ठ पर आता है अतः आपकी मेहनत और भावनाओं के आधार पर चित्र का चयन नहीं किया जायेगा लेकिन यदि आपने सकारात्मक दिशा में मेहनत की है तो यह आपके कार्य का फल जरूर सकारात्मक रहेगा।☆★संजीव कुमार (✉✉) 18:13, 22 सितंबर 2014 (UTC)

ज्ञानसन्दूक देश नामक साँचे में सुधार[संपादित करें]

नमस्ते विकि-दोस्तों, मैंने कुछ दिनों पूर्व {{ज्ञानसन्दूक देश}} से सम्बंधित कुछ जानकारी माँगी थी। उस साँचे में प्रस्तावित बदलाव मैंने कर दिया है और अब बॉट के माध्यम से area और areami² नामक प्राचलों में प्रस्तावित बदलाव किये जा रहे हैं। इन बदलावों के आज सायंकाल तक सम्पन्न होने की आशा है। आपसे निवेदन है कि आप अपनी प्रतिक्रिया मुझे देते रहें, खासकर उस समय जब किसी पृष्ठ पर किसी विशेष प्राचल का विवरण दिखाई न दे। इससे बॉट के माध्यम से सभी पृष्ठों में उपयुक्त बदलाव कर दिये जायेंगे।☆★संजीव कुमार (✉✉) 07:05, 23 सितंबर 2014 (UTC)

सभी पृष्ठों में उचित बदलाव कर दिये गये हैं। अब भी यदि किसी सदस्य को कहीं कोई त्रुटि दिखाई दे तो कृपया मुझे लिखें। मैं हर-सम्भव त्रुटि का निराकरण का प्रयास करुँगा।☆★संजीव कुमार (✉✉) 18:02, 23 सितंबर 2014 (UTC)

निर्वाचित चित्र नियमावली में सुधार[संपादित करें]

नमस्ते विकि-दोस्तों, माला जी ने निर्वाचित चित्र नियमावली में एक सुधार करने हेतु लिखा है। इसे आप यहाँ देख सकते हैं और अपनी टिप्पणी दे सकते हैं। आपकी टिप्पणी के अनुसार नियमावली में सुधार कर दिया जायेगा।☆★संजीव कुमार (✉✉) 04:14, 26 सितंबर 2014 (UTC)

पूंछरी का लोटा[संपादित करें]

"पूंछरी का लोठा" सही शब्द है पूंछरी का लोटा नहीं "लोठा" अर्थात मोटा..... थुल थुल शरीर वाला--डा० जगदीश व्योमवार्ता 16:23, 26 सितंबर 2014 (UTC)

जगदीश जी, आपने कुछ सोच-समझकर ही बात लिखी होगी। परन्तु अधिकांश जगहों पर पूंछरी का लोटा ही लिखा है जैसे कि मेले का आगाज, गिरिराज जी रखना लाज और होली पर करें गोवर्धन यात्रा । --मुज़म्मिल (वार्ता) 16:38, 26 सितंबर 2014 (UTC)
जगदीश जी, यह पृष्ठ तो आपने ही निर्मित किया था। यदि "लोठा" सही है तो उचित सन्दर्भ के साथ स्थानान्तरित कर सकते हो।☆★संजीव कुमार (✉✉) 03:11, 27 सितंबर 2014 (UTC)
धन्यवाद संजीव जी, पूंछरी का लौठा पर स्थानांतरित कर दिया है--डा० जगदीश व्योमवार्ता 06:58, 30 सितंबर 2014 (UTC)
@Dr.jagdish: सन्दर्भ कहाँ है?☆★संजीव कुमार (✉✉) 07:32, 30 सितंबर 2014 (UTC)
@Dr.jagdish: मैंने दो जगह बताए हैं जहाँ पूंछरी का लोटा इस्तेमाल किया गया है। आप ठहरे ज्ञानी व्यक्ति, यदि आप पूंछरी का लौठा ही को सही बता रहे हैं, तो कृपया बताइये कि यह किस आधार पर है? ऐसा न करते हुए आपका स्थानांतरित करना ठीक नहीं है। --मुज़म्मिल (वार्ता) 17:21, 30 सितंबर 2014 (UTC)
यह लेख मैंने ही बनाया था, गलती से लौठा की जगह लोटा लिख दिया था, जो गलत है, "पूंछरी का लौठा" ही सही शब्द है जिसे मैंने सुधार दिया है, तमाम जगह गलत लिखा होने का आशय यह नहीं है कि हम भी विकि पर गलत लिखें..... मैं इस स्थान पर कई बार गया हूँ, इस पर तर्क करके समय नष्ट करने की आवश्यकता नहीं है। सुप्रसिद्ध साहित्यकार शरण विहारी गोस्वामी ने इस पर एक उपन्यास लिखा है " पूंछरी का लौठा" लौठा को कुछ लोग अनजाने में "लोटा" भी उच्चारण कर देते हैं जो गलत है। ११ सन्दर्भ लेख के साथ मैंने लगा दिये हैं, जहाँ "पूंछरी का लौठा" का प्रयोग हुआ है--डा० जगदीश व्योमवार्ता 05:45, 1 अक्टूबर 2014 (UTC)

अवधी विकिपीडिया[संपादित करें]

मैं सभी सदस्यों से निवेदन करना चाहूँगा कि कृपया एक स्वतंत्र अवधी विकिपीडिया के निर्माण के प्रस्ताव का यहाँ पर समर्थन करें। --मुज़म्मिल (वार्ता) 08:54, 28 सितंबर 2014 (UTC)

@Hindustanilanguage, मुज़म्मिल जी: शुक्रिया, हम सभी को सूचित करने के लिए, हमने समर्थन दे दिया हैं।--जीतेश (वार्ता) 09:27, 28 सितंबर 2014 (UTC)

लेखों के उचित नाम[संपादित करें]

अंग्रेजी विकि पर Dharma, Religion, Sect - ये तीन लेख हैं (और भी कुछ हो सकते हैं)। हिन्दी विकि पर इनका उचित नाम क्या-क्या रखा जाय? इन्हें क्रमशः धर्म, सम्प्रदाय तथा पंथ करना कैसा रहेगा? ध्यातव्य है कि 'धर्म' और 'रेलिजन' अलग-अलग चीजें हैं।---- अनुनाद सिंहवार्ता 06:05, 30 सितंबर 2014 (UTC)

मुझे तो ठीक ही लग रहा है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 16:56, 30 सितंबर 2014 (UTC)
हिन्दी विकि को अंग्रेजी विकि की नकल करते समय कुछ बातों का धयान रखना चहिए। अंग्रेजी विकि पर लेख, पच्छमी समाज के नजर से लिखा जाता है। हिंदी विकी पर हिंदी समाज की नजर से लिखा जाना चाहिए। भारत में धर्म अत्य रेलिजन अकसर एक ही बातें होती हैं। हम इसाई धर्म को धर्म कहते हें, ना कि रेलिजन। अंग्रेजी विकि पर धर्म लेख, कुछ हद तक, संबंधित धर्म के सदसय के धार्मिक कर्त्तव्य के बारे में है। सम्प्रदाय जा पंथ के लिए भी हिंदी पुसतकों मैं जो उनका मतलब है, उसके हिसाब से लेख बनाना चाहिए।  --Vigyani (वार्ता) 07:01, 1 अक्टूबर 2014 (UTC)

हिन्दू धर्म/WikiProjects[संपादित करें]

मैं माननीय सदस्यों से यह जानना चाहूँगा कि हिन्दू_धर्म/WikiProjects नाम ही ठीक है या हिन्दू_धर्म/विकिपरियोजनाएँ नाम ठीक होगा? मेरे विचार से हमें नाम बदलना चाहिए। --मुज़म्मिल (वार्ता) 17:39, 30 सितंबर 2014 (UTC)

हाँ "हिन्दू_धर्म/विकिपरियोजनाएँ" ठीक है।--पीयूष मौर्यावार्ता 07:07, 1 अक्टूबर 2014 (UTC)
यह प्रवेशद्वार का उपपृष्ठ है जिसे प्रवेशद्वार अथवा अन्य किसी पृष्ठ पर साँचे के रूप में काम में लिया जाता है। अतः इसका शीर्षक अंग्रेज़ी में हो अथवा हिन्दी में, कोई ख़ास अन्तर नहीं आता। इसे एक भाषा में रखा जाये और दूसरी पर अनुप्रेषित कर दिया जाये तो भी कोई समस्या नहीं होगी।☆★संजीव कुमार (✉✉) 08:34, 1 अक्टूबर 2014 (UTC)
सदस्यों से चर्चा के बाद मैं नाम बदल चुका हूँ। --मुज़म्मिल (वार्ता) 11:55, 2 अक्टूबर 2014 (UTC)

HELP[संपादित करें]

मेरे कंप्यूटर पर हिंदी विकिपीडिया का जालस्थल पर हरेक शब्द बहुत बड़े बड़े दिख रहे हैं, शायद की बोर्ड का कोई बटन दब गया हैं , गलती से, और पेज zoom हो गया हैं, कुछ ज्यादा ही zoom हो गया हैं। इससे हिंदी विकिपीडिया पर काम करने में परेशानी हो रही हैं। इसे पहले जैसे या zoom in करने के लिए क्या किया जाए?--जीतेश (वार्ता) 12:47, 1 अक्टूबर 2014 (UTC)--जीतेश (वार्ता) 12:47, 1 अक्टूबर 2014 (UTC)

@Jeeteshvaishya:: ctrl+-(minus) एकबारमें दबाइए ..समस्या समाधान हो जाएगा Star प्रमुख.pngबिप्लब आनन्द (मुझसे वार्ता करें) 12:14, 2 अक्टूबर 2014 (UTC)
बहुत बहुत शुक्रीय जी , समस्या का समाधान हो गया हैं।--जीतेश (वार्ता) 17:23, 2 अक्टूबर 2014 (UTC)

ज्ञानसन्दूक में परिवर्तन[संपादित करें]

नमस्ते विकि-दोस्तों, मैं {{Infobox Monarch}} को अद्यतन करने जा रहा हूँ। यह वर्तमान में ६७ पृष्ठों पर प्रयुक्त है और साथ ही इसपर अनुप्रेषित साँचा {{Infobox monarch}} २३ पृष्ठों पर काम में लिया गया है। इन ९० पृष्ठों में मैं परिवर्तन कर दूँगा फिर भी यदि कहीं कोई गड़बड़ दिखाई दे तो कृपया मुझे बतायें।☆★संजीव कुमार (✉✉) 14:15, 3 अक्टूबर 2014 (UTC)

इसके साथ {{Infobox Royalty}} और {{Infobox royalty}} का भी विलय कर रहा हूँ।☆★संजीव कुमार (✉✉) 14:16, 3 अक्टूबर 2014 (UTC)

लाइफस्टाइल की हिन्दी और इससे जुड़े प्रोडक्ट्स[संपादित करें]

मैं सदस्यों का ध्यान दिलाना चाहूँगा कि शास्त्रीय और पारिभाषित (और बहुत उपयोग में आने वाली, लिखित) चीजों के अलावे हमें विकिपीडिया पर नए शब्द और तेज भागते प्रॉडक्ट्स और यंत्रों की भी ख़बर लेनी चाहिए । मैेने ग़ौर किया है कि लाइफ़स्ट्इल प्रॉडक्ट्स, जिसको लेकर छोटे शहरों के युवा ख़ासकर परेशान रहते हैं, हमें एक साँचा और लेखों पर काम करने की जरुरत हैं । उनके परिचय, परिभाषा, संबंधित उत्पाद के अलावा भारत में इसकी कंपनियाँ और उनके व्यापार भी ज़ोर देने की ज़रूरत है । मेरा अर्थ नए पहनावे (जैसे कैप्री), घड़ियाों के नए प्रकार, जीन्स की कई फ़िटिंग्स जैसे चीज़ों पर ध्यान देने की आवश्यकता है । मैं अगले कई दिनों में इनपर लेख लिखूंगा । साँचा बनाने तथा लेखों का विस्तार तथा शोध करने में आपके सहयोग की आवश्यकता है ।

सबसे पहले, मेरा प्रश्न है लाइफ़स्टाइल शब्द की हिन्दी क्या होती है - जीवनशैली? काफ़ी शब्दशः अनूदित शब्द लगता है । अगर आपके जहन में कोई और शब्द है तो बताएँ ।


सदस्यों आपके उत्साहवर्धन और रुचि के लिए धन्यवाद । मैने साँचे का अभी एक खाका तैय्यार किया है - (सजा हुआ नहीं है)


जीवनशैली

  • वस्त्र (भारतीय पहनावे पर निर्देशित) - कमीज़, पतलून, जीन्स, कैप्री, जूते (उपर तक वाले)
  • दैनिक इस्तेमाल - चश्मा, गॉगल्स, शेड्स, इत्र, शेविंग रेजर, शेविंग जेल, टैटू
  • स्पोर्ट्स से संबंधित - जूते, ग्लव्स, पट्टियाँ (बाहों पर पहने जाने वाली), स्पोर्ट ब्रांड्स (नाइकि, एडीडास, प्यूमा, फ़िला, डेकेथेलॉन)
  • कंपनियां - फास्टट्रैक, जिलेट

इसमें निससंदेह और जोड़ने की आवश्यकता है - जोड़ता रहूंगा ।

— इस अहस्ताक्षरित संदेश के लेखक Amitprabhakar है, (वार्तायोगदान)। 05:43, 7 अक्टूबर 2014 (UTC)


@Amitprabhakar: आपने ठीक मुद्दा उठाया है और अवश्य ही यह कार्य होना चाहिए। लाइफ़स्टाइल के सम्बंध में तकनीकी शब्दावली आयोग पर अनुवाद "जीवन शैली" ही लिखा है और सामान्यतः यह ही प्रयुक्त किया जाता है। यदि कोई शब्द सही अर्थ समझाने के लिए पर्याप्त है तो उसके शब्दशः अनुवादित होने में नुकसान क्या है?☆★संजीव कुमार (✉✉) 12:10, 5 अक्टूबर 2014 (UTC)
"जीवन शैली" काफ़ी ठीक शब्द है, अखबारों और पत्रिकाओं में बहुत प्रयुक्त होता है। इसे समझने में किसी को परेशानी तो नहीं होनी चाहिये।--पीयूष मौर्यावार्ता 12:18, 5 अक्टूबर 2014 (UTC)
@Amitprabhakar: जी, बहुत सही विषय पर हम सबका ध्यान आपने खींचा है। शुरू करिये। हम भी कोशिश करेंगे।---- अनुनाद सिंहवार्ता 13:29, 5 अक्टूबर 2014 (UTC)

संदर्भ टूलटिप को डिफ़ॉल्ट किया[संपादित करें]

नमस्ते विकि-दोस्तों, मैंने संदर्भ टूलटिप को अब डिफ़ॉल्ट कर दिया है। यदि किसी को इसमें किसी तरह की समस्या आये तो अपनी वरियताओं में जाकर हटाया जा सकता है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 10:27, 5 अक्टूबर 2014 (UTC)

फ़रवरी या फरवरी ?[संपादित करें]

नमस्कार विकीपीडिया साथियों, महीने फरवरी को (फ़रवरी) कहना उचित होगा या नहीं ? मेरे अनुमान से फरवरी शब्द ही अधिक उचित होगा। कृपया अपनी राय दें। धन्यवाद ¶¶सुनील मलेठिया (संदेश) 05:14, 10 अक्टूबर 2014 (UTC)


फरवरी ही अधिक प्रचलित हैं ना की फ़रवरी, और मेरे विचार से भी शुद्ध वर्तनी फरवरी ही होगा।--जीतेश (वार्ता) 11:30, 10 अक्टूबर 2014 (UTC)
आजकल अधिकतर शब्द बिना नुक़्ता अक्षरों के प्रचलित हो रहे हैं लेकिन सही उच्चारण देखा जाये तो फ़रवरी अधिक सटीक है। इसके अलावा ई-महाशब्दकोश पर आप अनुवाद करके देख सकते हैं वहाँ "फ़रवरी" दिखा रहा है। वाक्य में प्रयोग करते समय इसे "फरवरी" लिखा है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 17:08, 10 अक्टूबर 2014 (UTC)

कैलाश सत्यार्थी और मलाला को शांति के लिए नोबेल पुरस्कर[संपादित करें]

@संजीव कुमार, Hindustanilanguage, हिंदुस्थान वासी:

भारत के ६० वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी और पाकिस्तान की सामाजिक कार्यकर्ता मलाला युसुफ़ज़ई को शांति के लिए नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ हैं। भारत के लिए भी यह बड़े ही गर्व की बात हैं। मैं चाहता हूँ की जिस प्रकार इस न्यूज़ को इंग्लिश विकिपीडिया के मुख्यपृष्ठ पर अपडेट किया गया हैं उसी तरह हिंदी विकिपीडिया के मुख्यपृष्ठ पर इस न्यूज़ को अपडेट किया जाए। संचालको से विनम्र आग्रह हैं, कृपया इस हेतु पहल करे।--जीतेश (वार्ता) 11:50, 10 अक्टूबर 2014 (UTC)

मेरे ख्याल से तो सबका नाम आना चाहिये जिन्होनें इस साल का नोबेल पुरस्कार जीता है।--पीयूषवार्ता 11:56, 10 अक्टूबर 2014 (UTC)
जीतेश जी, आप वि:समाचार/उम्मीदवार पर नियम अनुसार नामाँकन कर सकते हैं। अभी बहुत कम लोग ही इस कार्य में सक्रिय हैं, यदि आप भी इसमें सहयोग करेंगे तो अच्छा रहेगा। --मनोज खुराना 12:03, 10 अक्टूबर 2014 (UTC)
@हिंदुस्थान वासी: पीयूष जी, नाम सब का आये, इसमें कोई प्रॉब्लम नहीं। यह हिन्दी विकिपीडिया हैं, इसलिए मैंने भारतीय नोबेल पुरस्कार विजेताओ की बात की। वैसे इंग्लिश विकिपीडिया में भी सिर्फ कैलाश सत्यार्थी और मलाला से सम्बंधित न्यूज़ ही हैं, आप इंग्लिश विकिपीडिया का मुख्यपृष्ठ कृपया देख ले।--जीतेश (वार्ता) 14:43, 10 अक्टूबर 2014 (UTC)

@Manojkhurana: जी , मैंने नामांकन तो कर दिया हैं, अब आगे क्या होता होगा, मुझे पता नहीं, वैसे कौन approve करता हैं इस विषय को?--जीतेश (वार्ता) 14:43, 10 अक्टूबर 2014 (UTC)

@Jeeteshvaishya: ये आपने कैसे कह दिया कि अंग्रेज़ी मुखपृष्ठ पर सिर्फ मलाला और कैलाश ही है? ज़रा ध्यान से देखिए सबका नाम है। मैं तो बस ये कह रहा हूँ कि बाकि सबका नाम भी आना चाहिए।--पीयूषवार्ता 14:47, 10 अक्टूबर 2014 (UTC)
@हिंदुस्थान वासी: अरे क्षमा करना, पीयूष जी, मैंने ध्यान से देखा नहीं था, हाँ अगर सभी का नाम आये तो भी बहुत अच्छा। वैसे मैंने नामांकन कर दिया हैं, कृपया जरा देखो , कुछ कर पाओ तो करो भाई, मुझे इस विषय में फिलहाल ज्यादा ज्ञान नहीं है, पहली बार नामांकन किया हैं।--जीतेश (वार्ता) 14:52, 10 अक्टूबर 2014 (UTC)
@Jeeteshvaishya: ऐसी चीज़े हमारे अत्यधिक परिश्रमी प्रबंधक संजीव जी देखते है। चिंता न करे ये ज़रूर आयेगा मुखपृष्ठ पर।--पीयूषवार्ता 14:56, 10 अक्टूबर 2014 (UTC)

┌───────────────────┘
@हिंदुस्थान वासी, Jeeteshvaishya: कृपया भ्रम की स्थिति में न रहें। जब तक किसी समाचार को समाचार उम्मीदवार पृष्ठ पर नामांकित नहीं किया जाता तब तक वह मुखपृष्ठ पर नहीं आयेगा। चिकित्सा और भौतिकी के नोबेल पुरस्कार अब मुखपृष्ठ पर नहीं आ सकते क्योंकि उन्हें ७२ घण्टे से अधिक समय हो गया है और अब नामांकित करने का कोई औचित्य नहीं है। पिछले वर्ष चिकित्सा के नोबेल पुरस्कारों को छोड़कर अन्य सभी नोबेल पुरस्कार हिन्दी विकिपीडिया के मुखपृष्ठ पर आये थे क्योंकि मैंने अद्यतन करके नियमानुसार नामांकित किये थे। इस बार मैंने उन पृष्ठों को अद्यतन जरूर किया है लेकिन नामांकित नहीं किया। यदि आप उन्हें मुखपृष्ठ पर लाना चाहते हो तो नामांकित करना अत्यावश्यक है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 16:35, 10 अक्टूबर 2014 (UTC)

@संजीव कुमार: मैंने नामांकन कर दिया हैं जी।--जीतेश (वार्ता) 19:43, 10 अक्टूबर 2014 (UTC)

३० से अधिक विकि-परियोजनाओं पर बने पृष्ठ[संपादित करें]

पिछले कुछ दिनों पूर्व कई सदस्यों ने ऐसे पृष्ठों की सूची माँगी थी जो ३० से भी अधिक विकिपरियोजनाओं पर मौजूद हैं। मैंने यह सूची तो प्राप्त कर ली है लेकिन इसमें उन पृष्ठों को हटाया नहीं गया है जो हिन्दी पर हैं। विकिडाटा आयटम कड़ी की सूची यहाँ पर है। इसमें दिये गये विकिडाटा आयटम को विकिडाटा पर खोलना होगा।☆★संजीव कुमार (✉✉) 13:06, 12 अक्टूबर 2014 (UTC)

कुछ कड़ियाँ मैंने बनाई हैं जिनमें ५० से अधिक विकि-परियोजनाओं पर, ३५ से अधिक लेकिन ५० से कम और ३० से अधिक लेकिन ३५ से कम हैं। इन्हें अलग-अलग भागों में बाँटा है क्योंकि ऐसे बहुत पृष्ठ हैं जो ३० विकिपरियोजनाओं पर हैं लेकिन हिन्दी विकि पर नहीं हैं। आश्चर्य इस बात यह है कि कुछ पृष्ठ १५० विकिपरियोजनाओं पर हैं लेकिन हिन्दी विकि पर नहीं हैं उदाहरण के लिए "श्रेणी:बुल्गारिया" (विकिडाटा आयटम Q8241) लेकिन हमारी विकि पर अभी तक नहीं है। अतः मेरा अन्य सदस्यों से यह भी निवेदन है कि सीधे ३० विकि-परियोजनाओं वाले पृष्ठ देखने से पहले २०० विकि-परियोजनाओं वाले पृष्ठों की सूची निर्मित कर लें।☆★संजीव कुमार (✉✉) 17:30, 12 अक्टूबर 2014 (UTC)
इसके अतिरिक्त सर्वाधिक विकि कड़ियों वाले पृष्ठ जो हिन्दी विकिपीडिया पर मौजूद हैं वो यहाँ पर देखे जा सकते हैं।☆★संजीव कुमार (✉✉) 18:57, 15 अक्टूबर 2014 (UTC)
धन्यवाद संजीव कुमार जी। आपकी मेहनत बहुत उपयोगी सिद्ध होगी। किन्तु यदि इनमें से उन प्रविष्टियों को हटा दिया जाय जिनमें हिन्दी के लेख भी हैं, तो बहुत सारी बेकार की मेहनत बच सकती है।---- अनुनाद सिंहवार्ता 13:12, 16 अक्टूबर 2014 (UTC)
वो हटाना थोड़ा मुश्किल है लेकिन मैं कोशिश करुँगा कि दीपावली तक उन्हें हटा दूँ। बॉट के लिए कोड किस तरह से लिखूँ कि वो स्वतः ही चुनकर हटा दे, यह समझ नहीं आ रहा।☆★संजीव कुमार (✉✉) 14:25, 16 अक्टूबर 2014 (UTC)

हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषा में लेख जोड़ने के लिए[संपादित करें]

मैं अपने हिंदी लेख को इंग्लिश में भी डालना चाहता हु ताकि दर्शक इंग्लिश में लेख पढ़ सके— इस अहस्ताक्षरित संदेश के लेखक Sheetalsoni है, (वार्तायोगदान)। 11:48, 16 अक्टूबर 2014 (UTC)

सदस्य अधिकारों का पुनः वितरण[संपादित करें]

नमस्ते विकि-दोस्तों, कुछ अधिकार प्राप्त सदस्य पिछले कई वर्षों से विकिपीडिया पर सक्रिय नहीं हैं और ऐसी स्थिति में वो नवीन बदलावों को अपने साथ जोड़ने में सक्षम नहीं हैं। यदि वो विकिपीडिया पर वापसी करते हैं तब भी उनके कुछ सम्पादनों को जाँच की आवश्यकता है। मेरा निवेदन है कि ऐसे सदस्यों को आदर सहित सेवा निवृत कर दिया जाये। यदि वो वापसी करते हैं तो कुछ दिनों के अनुभव के आधार पर और अन्य सदस्यों के विश्वास के आधार पर उन्हें ये अधिका पुनः दिये जा सकते हैं। इसके लिए एक छोटा सा प्रस्ताव मैंने पुनरीक्षक अधिकार निवेदन पृष्ठ पर भी रखा है।

इसके अलावा मैं चाहता हूँ कि अन्य सदस्य अपना मत निम्न बिन्दुओं पर रखें। यदि अन्य सदस्यों का मत नहीं मिलता है तो स्वतः ही यह कार्य कर दिया जायेगा।

  1. स्वतः पुनरीक्षित अधिकार (विस्तृत जानकारी का पृष्ठ भी बनाना आवश्यक है) वर्तमान में १८ सदस्यों को दिया गया है जिनमें से १७ बॉट हैं (अर्थात इस अधिकार को साथ में जोड़ने का कोई अर्थ नहीं है) और अन्य एक सदस्य लम्बे समय से निष्क्रिय हैं। अर्थात इस अधिकार को शून्य से आरम्भ किया जाये और इसका वितरण भी नये सिरे से किया जाये। अंग्रेज़ी विकिपीडिया पर ऐसा अधिकार रखने वाला कोई भी सदस्य नहीं है
  2. स्वतः परीक्षित सदस्य अधिकार रखने वाले सदस्यों की कुल संख्या ५६ है और इनमें से अधिकतर सदस्य या तो विकिपीडिया छोड़ चुके हैं अथवा अन्यत्र कहीं व्यस्त हैं। इस स्थिति में यदि वो लोग वापसी करते हैं तो उन्हें कुछ दिनों सम्पादन में समस्या का सामना करना पड़ेगा और ऐसे सम्पादनों को जाँच की आवश्यकता होती है। यदि कुछ दिन (१०-१५) ये सदस्य पुनः अच्छे सम्पादन करेंगे तो इनके अनुभव को काम में लेते हुये इन्हें पुनः यह अधिकार दे दिया जायेगा। यहाँ मैं यह प्रस्ताव रखना चाहता हूँ कि यह अधिकार रखने वाले सदस्यों के योगदान पिछले एक वर्ष में यदि २५ से भी कम रहते हैं तो उन्हें इस अधिकार से आदर-सहित निवृत किया जाये।

उपरोक्त नामांकनों पर आपकी प्रतिक्रियाओं के आधार पर प्रबन्धकों से सम्बंधित नियमावली के अनुसार अन्य प्रस्ताव लाया जा सकता है। कृपया अपने समर्थन अथवा विरोध में एक पंक्ति की टिप्पणी जरूर लिखें जिससे आपके मत का महत्व समझा जा सके।☆★संजीव कुमार (✉✉) 07:27, 17 अक्टूबर 2014 (UTC)

समर्थन[संपादित करें]

  • Symbol support vote.svg समर्थन – प्रस्तावक के रूप में।☆★संजीव कुमार (✉✉) 07:28, 17 अक्टूबर 2014 (UTC)
  • Symbol support vote.svg समर्थन Star प्रमुख.pngबिप्लब आनन्द (मुझसे वार्ता करें) 07:37, 17 अक्टूबर 2014 (UTC)
  • Symbol support vote.svg समर्थन - संजीव जी के तर्क से मैं सहमत हूँ। मेरे विचार से - "यदि कुछ दिन (१०-१५) ये सदस्य पुनः अच्छे सम्पादन करेंगे" को "यदि ये सदस्य पुनः कुछ अच्छे सम्पादन (20-25) करेंगे" करना चाहिए। "यह अधिकार रखने वाले सदस्यों के योगदान पिछले एक वर्ष में यदि २५ से भी कम रहते हैं" में २५ की बजाय १० करने का मेरा सुझाव है। --मनोज खुराना 14:53, 17 अक्टूबर 2014 (UTC)
  • Symbol support vote.svg समर्थन - 1-2 सालों से असक्रिय रहने वालो के पास अधिकार नहीं होने चाहिये।--पीयूषवार्ता 14:59, 19 अक्टूबर 2014 (UTC)
  • Symbol support vote.svg समर्थन - स्वागत योग्य प्रस्ताव है। पिछले 1 वर्ष से अक्रिय सदस्यों को ससम्मान सेवा निर्वृत्त कर देना चाहिए, परन्तु जिन सदस्यों ने कुछ संपादन किये हैं उनके नाम पर चर्चा हो, उसके बाद उन पर कोई कार्यवाही हो। --पुष्पेन्द्र सिंह दांगी (वार्ता) 15:20, 19 अक्टूबर 2014 (UTC)

विरोध[संपादित करें]

टिप्पणी[संपादित करें]

हमारे सम्मानित किन्तु असक्रिय प्रबंधक लोगों के लिए भी प्राविधान होना चाहिए इसमें। --सत्यम् मिश्र (वार्ता) 19:52, 17 अक्टूबर 2014 (UTC)

@सत्यम् मिश्र: प्रबन्धक की निवृति के लिए नियमावली पहले से मौजूद है। इसकी मैंने उपर भी चर्चा की है। अगर सदस्य इस चर्चा में भाग लेते हैं अथवा योगदान देते हैं तो प्रबन्धक वाली कार्यवाही भी की जायेगी। इसके अलावा यदि कोई प्रबन्धक दो वर्ष तक लगातार असक्रिय रहता है तो स्टीवर्ड्स उन्हें स्वतः ही सेवा-निवृत कर देते हैं। चूँकि हमारी विकि पर कोई प्रशासक नहीं है अतः यह कार्य स्टीवर्ड्स से करवाना होता है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 14:58, 18 अक्टूबर 2014 (UTC)
  • @Manojkhurana: मुझे लगता है औसतन प्रतिमाह दो सम्पादन कोई बड़ी संख्या नहीं है! आप १० तक कैसे आ गये ये समझना मुश्किल है और इसके अतिरिक्त यदि कोई सदस्य चाहते हुये भी दो सम्पादन प्रतिमाह के औसत से नहीं कर पाता है तो इसका अर्थ हुआ कि वहाँ सम्पादन करने में कुछ समस्या है और सम्बंधित सदस्य को सहायता कि आवश्यकता है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 18:19, 19 अक्टूबर 2014 (UTC)
  • @संजीव कुमार:- ठीक है। २५ ही सही।--मनोज खुराना 04:41, 22 अक्टूबर 2014 (UTC)
  • कोई विरोध नहीं होने की स्थिति में इसे सर्वमान्य रूप से स्वीकृत माना जा रहा है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 08:55, 28 अक्टूबर 2014 (UTC)

पृष्ठ निर्माण[संपादित करें]

आचार्य बालकृष्ण [1] के हिन्दी विकिपीडिया पृष्ठ के संबंध में ये बताना उचित समझता हूँ कि मैंने ये पृष्ठ विकिपीडिया के नियम और शर्तों को ध्यान में रखते हुये निर्मित किया है। पृष्ठ में उचित संदर्भों सहित हर एक प्रसंगों को लिखा है,हर एक संदर्भ मान्यताप्राप्त समाचारपत्रों और विश्वसनीय सूत्रों से लिए गए हैं,बावजूद इसके ये संदेश छोड़ा जा रहा है कि लेख प्रसंशनीय दृष्टिकोण से लिखा गया है। मैंने पृष्ठ में समालोचना शीर्षक का समावेश कर दिया है और उसके अंतर्गत उचित संदर्भ भी दे दिया है । आप सभी वरिष्ठ सदस्यों से सविनय निवेदन है कि पृष्ठ निर्माण में एक सहयोगी कि भांति मेरा मार्गदर्शन करें । आपसे पृष्ठ के सम्पादन में सहयोग अपेक्षित है । धन्यवाद।— इस अहस्ताक्षरित संदेश के लेखक Nishant k. pandey है, (वार्तायोगदान)। 10:16, 20 अक्टूबर 2014 (UTC)

@Nishant k. pandey: मेरी तरफ से एक सुझाव, जो एक "प्रमुख कार्य" अनुभाग दे रखा है उसकी जगह उनके जीवन के बारे में गद्य रूप में लिखे। जिसमें खाली उनके प्रमुख कार्य ही नहीं बल्कि सब कुछ बताया जाए। साथ ही अनुभाग का नाम निष्पक्ष नहीं है। कोई निष्पक्ष नाम चुनिए। उदाहरण के लिये रवि शंकर का लेख देखिये।--पीयूषवार्ता 13:25, 21 अक्टूबर 2014 (UTC)

लेख निर्माण[संपादित करें]

मैं विकि पर कुछ लेख बना रहा हूँ- रामस्वरुप चतुर्वेदी, जगदीश गुप्त, विजयदेवनरायण साही, ये अधूरे लेख पड़े थे काफी दिनों से, आज मैंने यह लेख बनाने शुरू किये तभी उन पर टेग लगाये गये हैं.... कृपया कुछ धैर्य रखें और लेख बन जाने दें, लेख बनाते समय बीच में टेग लगाने का कष्ट न करें......--डा० जगदीश व्योमवार्ता 12:50, 20 अक्टूबर 2014 (UTC)

कृपया बात को सही-सही और साफ़ बताए। मैंने खाली रामस्वरुप चतुर्वेदी पर टैग लगाया है क्योंकि संदर्भ के रूप में उन्हीं की पुस्तक इस्तेमाल की गई है। आप सुधारने का कार्य जारी रखे, टैग तो समस्या हल होने पर हटाया भी जा सकता है। अगर आपको इतनी ही चिंता है तो {{काम जारी}} का इस्तेमाल करे। अगली बार ऐसे संदेश मेरे वार्ता पृष्ठ पर डाले।--पीयूषवार्ता 12:57, 20 अक्टूबर 2014 (UTC)
"कृपया बात को सही-सही और साफ़ बताए" क्या कहना चाहते हैं आप ? .......मैं सन्दर्भ लगा ही रहा था तब तक आपने टैग भी लगा दिया.....लेख को बनाने में, टाइप करने में, सन्दर्भ खोजने में कुछ समय लगता है....--डा० जगदीश व्योमवार्ता 13:19, 20 अक्टूबर 2014 (UTC)
मैं कहना चाहता हूँ कि मैंने सिर्फ़ रामस्वरुप चतुर्वेदी पर टैग लगाया न कि तीनों पर जैसा कि आपने कहा है। इसे व्यक्तिगत हमला मत समझिए और अपना बहुमूल्य योगदान जारी रखिये। अगर आपको उस टैग से इतनी ही परेशानी है तो हटा दीजिए उसे। क्या फर्क पड़ता है एक और लेख को विकि नीति के अनुरूप नहीं होने से।--पीयूषवार्ता 13:27, 20 अक्टूबर 2014 (UTC)
विकि नीति के अनुसार लेख बने इसकी चिन्ता तो ठीक है पर इसके लिए इतने व्यग्र न हो जायें कि विकि के एक पुराने सदस्य द्वारा बनाये जा रहे अधूरे लेख पर लेख बनाने के बीच में ही टैग लगाकर व्यवधान उत्पन्न करें, यह लेख आज पूरा हो जाता..... खैर अब बन्द करता हूँ......--डा० जगदीश व्योमवार्ता 13:52, 20 अक्टूबर 2014 (UTC)
यहाँ पर मैं कुछ बातें साफ़ कर देता हूँ। टैग मैंने इसलिये लगाया क्योंकि उस लेख पर 15-20 मिनट से कोई संपादन नहीं हुआ था। पहले हर 1-1 मिनट पर हो रहा था। अब मैं इनके हर बनाए हुए लेख को टैग करूँ तो बात समझ में आती है कि मैंने कुछ गलत किया है। यहाँ मेरे साथ इनके पास चर्चा करने के लिये टाइम है पर उस लेख में एक-आद निष्पक्ष और तृतीय पक्ष के संदर्भ देने का नहीं जिससे ये टैग वाली समस्या ही ख़त्म हो। टैग लगना या लगाना विकि की एक साधारण प्रकिया है जिसका "पुराने" सदस्य को ज्ञान तो होगा ही। फिर इतना हो-हल्ला क्या होना? किसने रोका हुआ है इन्हें सुधार करने से, टैग ने या मैंने? मुझे कैसे पता चलेगा कि काम जारी है। शायद इस "टैग" से थोड़ी मदद मिले। खैर मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता अगर ये लेख पूरा न हो।--पीयूषवार्ता 14:19, 20 अक्टूबर 2014 (UTC)

विकि-कॉमन्स से कुछ चित्रों को हटाने के लिए चर्चा[संपादित करें]

नमस्ते विकि-दोस्तों, विकि-कॉमन्स पर भारतीय चुनाव चिह्न/पार्टी प्रतीक और लोगो से सम्बंधित सैकड़ों चित्रों को हटाने के लिए नामांकित किया गया है। ऐसी स्थिति में हमें इन चित्रों को "गैर मुक्त उचित उपयोग" के अन्तर्गत अपलोड करके लाइसेंस और अन्य विवरण देना होगा और उसके साथ चित्र को कुछ निश्चित पृष्ठों में ही उपयोग कर सकेंगे। यदि आपको उचित लगे तो अथवा आपके अनुसार यह विकि-कॉमन्स की नियमावली के अनुरूप नहीं है तो कृपया अपनी टिप्पणी commons:Commons:Deletion requests/Indian Election Symbols, Party Symbols and Logos पर दें।☆★संजीव कुमार (✉✉) 20:13, 20 अक्टूबर 2014 (UTC)

निर्वाचित चित्र नियमावली में कुछ सुधार सुझाव[संपादित करें]

नमस्ते विकि-दोस्तों, मुखपृष्ठ निर्वाचित चित्र नियमावली में कुछ सुधारों के सुझाव दिये इसके वर्ता पृष्ठ पर हैं। आपकी टिप्पणी उनमें सुधार के लिए आवश्यक होगी। यदि एक सप्ताह तक नियमावली पर किसी को कोई आपति नहीं हुई तो इसे स्वीकृत मान लिया जायेगा।☆★संजीव कुमार (✉✉) 11:20, 22 अक्टूबर 2014 (UTC)

सन्दर्भ एवं बाहरी कड़ी के रूप में ब्लॉग का उपयोग[संपादित करें]

मुझे कई लेखों में सन्दर्भ एवं बाहरी कड़ी के रूप गूगल ब्लॉग एवं वर्डप्रेस ब्लॉग की कड़ी मिली हैं, क्या इन ब्लॉग्स को विश्वसनीय स्रोत माना जाये या इन्हें हटाया जाना चाहिए, सुझाव दें पुष्पेन्द्र सिंह दांगी (वार्ता) 04:55, 26 अक्टूबर 2014 (UTC)

गूगल ब्लॉग एवं वर्डप्रेस ब्लॉग विश्वसनीय स्रोत नहीं है। इनका कहना संदर्भ के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। क्योंकि इनमें कोई भी लिख सकता है, इनकी सामग्री उपयोगकर्ता जनित (user-generated) होती है। जहाँ तक हो सके इनका इस्तेमाल बाहरी कड़ियों के रूप में भी नहीं किया जाना चाहिये।--पीयूषवार्ता 08:32, 26 अक्टूबर 2014 (UTC)
पुष्पेन्द्र जी, यदि आपको सन्दर्भ अथवा बाहरी कड़ियों में ब्लॉग दिखाई देता है तो उसे बेशक हटा दें और साथ में यदि सम्भव हो तो लेख में कुछ विश्वसनीय स्रोत जोड़ने का प्रयास करें। वर्डप्रेस को लेख में कहीं भी जोड़ना मुमकीन नहीं है क्योंकि पूर्व-प्रबन्धक और प्रशासक मयूर जी ने उसे प्रतिबन्धित कर दिया था। उनके प्रतिबन्धित करने से पूर्व कुछ पृष्ठों में इसकी कड़ियाँ जुड़ी हुई हैं आप बेशक उन्हें हटा सकते हो।☆★संजीव कुमार (✉✉) 15:12, 26 अक्टूबर 2014 (UTC)

गूगल ब्लॉग कड़ियों को हटाने का कार्य[संपादित करें]

मैं कुछ दिनों से गूगल ब्लॉग की कड़ियाँ सम्पादनकर्ता को सूचित किये बगैर ही हटाता जा रहा हूँ, इस सन्दर्भ में आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित हैं, इस सफाई के पश्चात इन लेखों को विश्वसनीय स्रोतों से जोड़ने हेतु कार्य शुरू करूंगा। -- पुष्पेन्द्र सिंह दांगी (वार्ता) 06:56, 28 अक्टूबर 2014 (UTC)

मुझे कोई आपत्ति नहीं है, ये काम आप जारी रखें। अगर आप विश्वसनीय स्रोत भी जोड़ने लगेंगे तो और अच्छी बात है। एक सुझाव है आप इसे ही अपना काम न बनाए, मेरा मतलब जब ऐसा दिखे तभी इनको हटाए। ब्लॉग की कड़ी हटाने के लिये ऐसे लेख ढूँढते न फिरे, ऐसे आपका अपना समय बर्बाद होगा क्योंकि वो इतने लेखों में प्रयोग हुई है कि आपको शायद उन्हें हटाने में कई साल लग जाए। इससे आपके इस काम पर लोगों को आपत्ति भी हो सकती है।--पीयूषवार्ता 11:02, 28 अक्टूबर 2014 (UTC)
पीयूष जी, सुझाव हेतु धन्यवाद। ब्लॉग की कड़ियाँ हटाना इतना कठिन कार्य भी नहीं है, इसके साथ साथ हटाने योग्य पृष्ठों की भी पहचान होती जा रही है, मेरे उत्तर लिखते समय केवल २०० ऐसे लेख बचे हैं जिनमे गूगल ब्लॉग की कड़ियाँ हैं। स्रोत जोड़ने का कार्य मैं पहले भी करता रहा हूँ और ऊपर भी मैंने लिखा है की इन कड़ियों को हटाने के कार्य के पश्चात इन्हीं लेखों पर विश्वसनीय स्रोतों को जोड़ने का कार्य करूंगा। मेरे काम पर यदि कोई आपत्ति आती है तो मैं चर्चा के लिए तैयार हूँ। --पुष्पेन्द्र सिंह दांगी (वार्ता) 13:19, 28 अक्टूबर 2014 (UTC)
पुष्पेन्द्र जी, ये कड़ियाँ हटाकर उन लेखों पर अविश्वसनीय होने का टैग लगाना समाधान नहीं है। इससे भी अच्छा होगा यदि आप उनके स्थान पर कोई विश्वसनीय स्रोत दो।☆★संजीव कुमार (✉✉) 17:14, 28 अक्टूबर 2014 (UTC)
@संजीव कुमार: जी ! ये पूरा समाधान भले न हो, पर आंशिक रूप से सही है। कोई स्रोत नहीं दे सके लेकिन स्रोतहीन होने की सूचना पढने वाले को दे तो यह आंशिक समाधान तो है ही। कम से कम हिंदी विकी पर पढ़ने वाला यह तो जानकर ही पढ़ेगा की यह स्रोतविहीन लेख है और ग़लत भी हो सकता है।--सत्यम् मिश्र (वार्ता) 18:28, 28 अक्टूबर 2014 (UTC)
पहले पियूष जी का और उसके पश्चात संजीव जी के समान सुझाव आने के पश्चात मैं अपनी कार्य प्रणाली में थोड़ा बदलाव कर रहा हूँ। संभव होने पर मैं विश्वसनीय स्रोत भी जोड़ता जाऊंगा। --पुष्पेन्द्र सिंह दांगी (वार्ता) 01:03, 29 अक्टूबर 2014 (UTC)
मैं इस प्रस्तावना को ही नही स्वीकारता कि 'ब्लॉग का सन्दर्भ विश्वसनीय नहीं माना जा सकता' । यह अर्धसत्य है और शायद अंग्रेजी विकि की नकल है। हिन्दी में मैने देखा है कि एक व्यक्ति ने काव्यशास्त्र पर बहुत ही उत्कृष्ट सामग्री लिखी है। पर्यटन स्थानों पर हिन्दी में कुछ अच्छे ब्लॉग हैं। कुछ तकनीकी ब्लॉग हैं जो तकनीकी सामग्री से भरपूर हैं। एक ऐसा ब्लॉग है जो यूजीसी नेट के लिये अच्छी किताबों के नकल करके सामग्री लिखता है (इसकी घोषणा भी ब्लॉग पर की हुई है)। इसलिये ब्लॉग पर बहुत कुछ 'विश्वसनीय' भी है। अंग्रेजी की नकल से हमे इस कारण बचना चाहिये कि अंग्रेजी के लिये विकल्पों का अकाल नहीं है। हिन्दी के लिये अकाल है। अतः हिन्दी के ब्लॉगों के अच्छे लेखों का सन्दर्भ देना बिल्कुल स्वीकार्य होना चाहिये। इससे एक और लाभ यह होगा कि हिन्दी ब्लॉगों पर लोग अच्छी और प्रामाणिक सामग्री लिखने के लिये प्रेरित होंगे।---- अनुनाद सिंहवार्ता 08:01, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
हाँ ये बात तो है कि हिन्दी के लिये विकल्पों की कमी है पर फिर भी जहाँ तक ब्लॉग का इस्तेमाल संदर्भ के रूप में न किया जाए तो बेहतर। क्योंकि कोई भी ब्लॉग पर लिखा हुआ की गारंटी नहीं लेता कि वो सही है। मैं भी कुछ लिख दूँ जो कि अच्छा हो, निष्पक्ष हो तो फिर भी है तो वो मेरे मूल विचार ही। हाँ कोई जाना-माना नाम लिखें तो बात सही है। वैसे भी हम किसी को ब्लॉगों पर अच्छी और प्रामाणिक सामग्री लिखने के लिये प्रेरित करें, ये हमारा कर्तव्य नहीं।--पीयूषवार्ता 08:19, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
ब्लॉग उन लेखकों के लिए है जिनके पास पहले अपनी बातें लिखने का कोई ज़रिया नहीं था। आज सब लोग अपने विचार रखते हैं कोई फेसबुक पर कोई ट्विटर पर तो कोई कहीं और। इस स्थिति में फेसबुक/ट्विटर/ब्लॉग अथवा अन्य किसी व्यक्तिगत जालस्थल को सम्बंधित व्यक्ति (यदि विश्वसनीयता अथवा उल्लेखनीयता विकि-नियमावली के अनुरूप है) के पृष्ठ पर बाहरी कड़ियाँ अनुभाग में दिया जा सकता है। इसके अलावा यदि ब्लॉग का सन्दर्भ देना है तो कृपया अपना ब्लॉग लिखकर उसमें दें। मैंने कुछ ऐसे भी ब्लॉग पढ़े हैं जो आज भी कहते हैं कि सर्न में सीएमएस अथवा एटलस द्वारा प्रेक्षित हिग्स बोसोन नामक कण हिग्स नहीं है। आप उन ब्लोगों पर इसकी गणितीय और भौतिकीय स्थितियाँ भी प्राप्त कर सकते हो और यदि सैद्धान्तिक और प्रायोगिक भौतिकी का अच्छे से ज्ञान नहीं रखते तो सब कुछ एक छलावा सा प्रतीत होगा। आपको भी यह लगने लगेगा कि विश्वभर के सबसे बड़े प्रयोग में गलत मापन होता है और आप उस ब्लॉग का सन्दर्भ वहाँ दोगे तो कैसा लगेगा? ब्लॉग लिखने वाला एक अच्छा लेखक हो सकता है जो अपनी बात को कुछ इस ढ़ंग से लिख सकता है कि वो विश्वसनीय लगे लेकिन उसमें सच्चाई हो यह आवश्यक नहीं।
इसके अलावा बाद उपलब्ध सन्दर्भों की है तो यह पहले से ही स्पष्ट है कि हिन्दी विकि पर हम अन्य भाषाओं के सन्दर्भ दे सकते हैं अतः हमारे पास अन्य (विशेषतः अंग्रेज़ी) विकि से अधिक स्रोत उपलब्ध हैं जो सन्दर्भ के रूप में दिये जा सकते हैं। अंग्रेज़ी विकिपीडिया पर सन्दर्भ अन्य भाषाओं में केवल उसी स्थिति में दिये जाते हैं जब उसका अंग्रेज़ी में सन्दर्भ मिलना लगभग नामुमकिन हो। अतः ब्लॉग को इस आधार पर सन्दर्भ कहना कि, हमारे पास हिन्दी माध्यम में स्रोतों की कमी है, बिलकुल गलत है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 06:12, 31 अक्टूबर 2014 (UTC)

Meta RfCs on two new global groups[संपादित करें]

Hello all,

There are currently requests for comment open on meta to create two new global groups. The first is a group for members of the OTRS permissions queue, which would not contain any additional user rights. That proposal can be found at m:Requests for comment/Creation of a global OTRS-permissions user group. The second is a group for Wikimedia Commons admins and OTRS agents to view deleted file pages through the 'viewdeletedfile' right on all wikis except those who opt-out. The second proposal can be found at m:Requests for comment/Global file deletion review.

We would like to hear what you think on both proposals. Both are in English; if you wanted to translate them into your native language that would also be appreciated.

It is possible for individual projects to opt-out, so that users in those groups do not have any additional rights on those projects. To do this please start a local discussion, and if there is consensus you can request to opt-out of either or both at m:Stewards' noticeboard.

Thanks and regards, Ajraddatz (talk) 18:04, 26 अक्टूबर 2014 (UTC)

शैल अथवा चट्टान[संपादित करें]

मित्रों ! हिंदी में Rock को शैल कहा जाय या चट्टान? इस सन्दर्भ में अपनी राय दें! अभी ज़्यादातर लेख और श्रेणियों में शैल शब्द का प्रयोग हुआ है। मैंने आग्नेय चट्टान को खाली करके आग्नेय शैल पर अनुप्रेषित किया था जिस पर संजीव जी ने मुझसे यह चर्चा शुरू करने का निर्देश दिया। मेरे (और संजीव जी के भी) विचार में चट्टान ज़्यादा आसन, बोधगम्य और आम प्रचलित शब्द है। कृपया अपनी राय व्यक्त करें!--सत्यम् मिश्र (वार्ता) 19:54, 27 अक्टूबर 2014 (UTC)

मेरे वार्ता पृष्ठ की चर्चा के अनुसार मेरा स्वतः ही समर्थन है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 17:21, 28 अक्टूबर 2014 (UTC)
धन्यवाद संजीव जी! अन्य लोगों की राय आ जाये तो इसे क्रियान्वित किया जाय। मैं मुन्तज़िर हूँ! --सत्यम् मिश्र (वार्ता) 17:52, 28 अक्टूबर 2014 (UTC)
भई, मैंने तो चट्टान ही सुना है बाकी भूगोल जानने वाले लोगों को जानकारी होगी।--पीयूषवार्ता 07:04, 29 अक्टूबर 2014 (UTC)
मैंने भी शैल और चट्टान दोनों ही सुने हैं। लेकिन जैसा कि सत्यम जी ने कहा कि चट्टान आम प्रचलित है और इस बात की पुष्टि पीयूष जी ने भी कर ही दी है तो मेरा मत भी चट्टान के ही पक्ष में है लेकिन शैल के नाम से अनुप्रेषण अवश्य किया जाना चाहिए।---मनोज खुराना 06:03, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
सबसे पहले सत्यम् जी से माफी माँग लेता हूँ। यदि मेरी कोई बात तीखी लगे तो क्षमा कीजियेगा। 'रॉक' के लिये केवल शैल इस अर्थ में प्रयुक्त होने की योग्यता रखता है। यद्यपि वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग ने इसके लिये 'शैल' और 'चट्टान' दोनों दिया है किन्तु पाठ्यपुस्तकों में पचासों वर्षों से 'शैल' ही प्रयुक्त हो रहा है। आज भी किसी शिक्षा बोर्ड या विश्वविद्यालय का भूगोल का हिन्दी पाठ्यक्रम देखिये तो 'शैल' ही मिलेगा। जहाँ तक 'चट्टान' के अधिक सरल, बोधगम्य और प्रचलित होने का आरोप है, इसमें दम नहीं है। 'शैल' अधिक सरल है। 'रॉक' और 'पत्थर' अधिक प्रचलित हैं। पारिभाषिक शब्द (तकनीकी शब्द) अपना अर्थ परिभाषा से पाते हैं न कि बोधगम्यता से। बोधगम्यता के आधार पर बल, शक्ति, दबाव लगभग समानार्थी हैं किन्तु भौतिकी में बिलकुल अलग अर्थ रखते हैं।---- अनुनाद सिंहवार्ता 07:27, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
इसके अलावा 'शैल' के पक्ष में सबसे बड़ा तर्क यह है कि 'रॉक' से सम्बन्धित लगभग सभी शब्दों में 'रॉक' के संगत 'शैल' ही सुझाया गया है, न कि 'चट्टान'। (जैसे शैल रोधिका, शैल भित्‍ति, शैल-बेसिन, शैल-संस्तर, शैल कगार, शैल बैंच, वेधन शल्य, शैलखंड क्षेत्र, शैल पिंड, शैल वेधक, शैल वेधन, शैल स्फोट, रॉक बटर, शैल छत्र, शैल शहर आदि)---- अनुनाद सिंहवार्ता 07:40, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)

@अनुनाद सिंह: जी! पहले से मुआफ़ी माँगने की कोई ज़रूरत ही नहीं, आपकी कोई बात मुझे तभी तीखी लगेगी जब वो वाक़ई तीखी होगी और ख़ास मेरे लिये होगी, वर्ना आपकी किसी बात के तीखा-मीठा लगने के कत्तई कोई इमकानात नहीं हैं।

@अन्य सभी से- अनुनाद जी द्वारा उठाये गये बिंदुओं पर मेरी टिप्पणी क्रमवार यूँ है:

  1. चूँकि वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग ने इसके लिये 'शैल' और 'चट्टान' दोनों दिया है, कहीं न कहीं वो भी इन्हें समानार्थी मानता है (हालाँकि मेरी इस शब्दकोश में कोई आस्था नहीं, और नीचे स्फटिक को लेकर इस कोश की कन्फ्यूजन एक ताज़ातरीन उदाहरण है इसकी अक्षमता या कम-क्षमता का।)
  2. मेरी राय यह थी कि "चट्टान" ज़्यादा आसान है, अनुनाद जी का कहना है "शैल" अधिक सरल है। साबित न मैं कर सकता हूँ न वो। बल्कि अनुनाद जी का यह वक्तव्य "जहाँ तक 'चट्टान' के अधिक सरल, बोधगम्य और प्रचलित होने का आरोप है, इसमें दम नहीं है। 'शैल' अधिक सरल है। 'रॉक' और 'पत्थर' अधिक प्रचलित हैं।" उनकी सर्वथा व्यक्तिगत राय है।
  3. पाठ्य पुस्तकें - संजीव जी ने शुरू ही यहीं से किया था कि उन्होंने तो 'चट्टान' पढ़ा था। अब वो पचास साल या कितने साल पहले ये पढ़े थे खुद ही बताएँ। बाकी मेरे पास हिंदी भाषी क्षेत्र में सर्वाधिक प्रचलित टेक्स्ट बुक इलाहाबाद विश्विद्यालय के प्रो सवीन्द्र सिंह की "भौतिक भूगोल" है जिसमें अध्याय के नाम और हेडिंग में उन्होंने चट्टान का प्रयोग किया है और अन्दर शैल और चट्टान दोनों का। NCERT की किताबों में भी प्रमुखता चट्टान की है। इसके अलावा आजकल सबसे प्रचलित पुस्तकें माज़िद हुसैन की या सामान्य ज्ञान जैसी पुस्तकें चट्टान ही दे रहीं हैं। इनके अलावा बिहार से लेकर इलाहाबाद लखनऊ और दिल्ली तक हिंदी भाषी प्रतियोगी छात्रों में सबसे ज़्यादा प्रचलित पुस्तक लूसेंट सामान्य ज्ञान (pp. १२३) में चट्टान दिया है। इलाहाबाद में कम्पटीशनार्थियों द्वारा धर्म-ग्रन्थ की तरह पढ़ी जाने वाली सीरीज "परीक्षा वाणी" चट्टान के पक्ष में हैं....(मैं ऐसी ग़ज़ब की चिरकुट किताबों के उद्धरण खास इसीलिए दे रहा हूँ कि ये सबसे अधिक नीचे तक छन के पहुँचे हुए पदार्थ हैं)।
  1. बल, शक्ति, दबाव का उदाहरण बे-मानी है क्योंकि यहाँ चट्टान और शैल समानार्थी हैं प्रचलन में या तकनीकी रूप से दोनों में उन उदाहरणों जैसी भिन्नता नहीं है।
  2. सबसे बड़ा वाला तर्क मेरी समझ में नहीं आया। कहाँ सुझाया गया है?? क्या है ये?

बाकी आप सभी मित्रों की राय भी जानना चाहूँगा!--सत्यम् मिश्र (वार्ता) 09:54, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)

मैं शैल के पक्ष में हूँ। जितनी मेरी समझ है, शैल थोड़ा टैक्नीकल प्रकार का शब्द है, चट्टान एक आम शब्द है। भूगोल विषयक टैक्नीकल लेखों में मुझे शैल ही ज्यादा जँच रहा है। "सबसे बड़े तर्क" से भी मैं सहमत हूँ। सत्यम जी, अनुनाद जी कहना चाह रहे हैं कि जो शब्द रॉक शब्द से आरंभ होते हैं वहाँ चट्टान लिखा कम ही देखा जाता है। रॉक प्रत्यय में दोनों बहुतायत से हो सकते हैं। साहित्यिक लेखों में शैल लिखना गलत सा लगेगा इसी तरह टैक्निकल लेखों में चट्टान लिखने से मुझे लगता है कि टैक्निकल भाव की कमी लगेगी। ग्रैंड थेफ्ट आटो लेख में Revenue शब्द ने उलझा दिया था, हिंदी में अनुवाद राजस्व होता है लेकिन वहाँ यह शब्द टैक्निकल ज्यादा लग रहा था, अतः मुझे बिक्री शब्द लिखना पड़ा। और रही बात नियमों की, शब्दावलियों की - ये सब संवाद को स्पष्ट करने के लिए हैं, उद्देश्य ही सर्वोपरि है, हर जगह तकनीकी आयोग भी ठीक नहीं हो सकता और ना ही प्रचलन हर जगह ठीक हो सकता है। मौके के अनुसार निर्णय लेना चाहिए। --मनोज खुराना 10:15, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
सत्यम् जी, बल, शक्ति, दाब भी समानार्थी हैं। कोई कहता है - और बल लगाओ', कोई कहता है 'और शक्ति लगाओ', कोई कहता है 'और दबाव डालो'। लेकिन अधिकतर लोग कहते हैं- 'और ज़ोर लगाओ' । मेरी समझ में यह नहीं आया कि मेरा कथन 'व्यक्तिगत' और अन्य लोगों का 'अव्यक्तिगत' (या सार्वजनिक?) कैसे कह दिया गया है। ऐसा प्रयोग तो राजनीति में देखने को मिलता है। जब किसी प्रवक्ता की बात से असहमत होना होता है तो पार्टी का कोई नेता बोल देता है, 'यह उनकी निजी राय है'। एनसीईआरटी की बहुत सी पुस्तके आनलाइन हैं। गूगल से खोजने पर मुझे 'आग्नेय शैल' तो मिल रहा है किन्तु 'आग्नेय चट्टान' बिलकुल नहीं। आज ही मैने मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा भूविज्ञान के एक पाठ्यक्रम का विवरण देखा। इसमें केवल 'शैल' का प्रयोग हुआ है। मैने स्वयं १९७७ में सातवीं कक्षा में भूगोल में 'आग्नेय शैल', 'अवसादी शैल' आदि ही पढ़ा था। 'जनरल नॉलेज' की पुस्तकों को इस सन्दर्भ में उद्धृत करना कोई अर्थ नहीं रखता। कुछ पुस्तकों में 'चट्टान' प्रयुक्त हुआ होगा, वह समय के साथ 'शैल' बन जायेगा। शायद यह आपको ठीक न लगे किन्तु कहना चाहता हूँ कि 'मजीद हुसैन' केवल विषय के विशेषज्ञ हैं, आवश्यक नहीं कि उनके द्वारा प्रयुक्त शब्दावली को मानक मान लिया जाय। लेकिन यह स्थिति वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग के साथ नहीं है। 'शब्दावली निर्माण का क्षेत्र' उनका कर्तव्य भी है, अधिकार भी है, विशेषज्ञता भी है और 'रोजी-रोटी' भी। अब नयी बात पर। 'रॉक' के लिये इस आयोग ने 'शैल' और 'चट्टान' दो शब्द दिये हैं। इसका यह अर्थ नहीं है कि दोनों में से जो चाहो वह प्रयोग करो। जब किसी शब्द के दो हिन्दी शब्द दिये होते हैं तो प्रायः इसका अर्थ यह होता है कि कुछ सन्दर्भों/प्रयोगों (यूसेज) में एक शब्द प्रयुक्त होगा, कुछ में दूसरा और कुछ में अन्य। उदाहरण के लिये आयोग ने 'रॉक-क्लाइम्बिंग' के लिये 'पर्वतारोहण' दिया है (अर्थात 'रॉक=पर्वत) , न कि 'शैलारोहण' या 'चट्टानारोहण'। अन्त में, मेरे 'सबसे बड़े तर्क' के बारे में मनोज जी खुराना ने सही तरीके से व्याख्या कर दी है, अतः मैं उस पर कुछ नहीं कह रहा हूँ।---- अनुनाद सिंहवार्ता 11:01, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
@अनुनाद सिंह: जी!
  1. बल दाब शक्ति, ये आम भाषा में समानार्थी है, भौतिकी में नहीं। यह आपने स्वयं कहा। लेकिन शैल और चट्टान आम भाषा में भी समानार्थी है (जिसमें चट्टान अधिक प्रयुक्त होता है) और तकनीकी भाषा में भूगोल और भूविज्ञान वाले भी इन्हें समानार्थी मानते है।
  2. जहाँ मैंने आपकी एक विशेष बात को व्यक्तिगत करार दिया है वहीँ अपनी भी संगत राय को न साबित होने लायक लिखा है। आपको शैल आसन लगता होगा मुझे चट्टान। यह व्यक्तिगत ही है।
  3. माज़िद हुसैन और सविन्द्र सिंह विषय के विशेषग्य ही नहीं हैं बल्कि इन लोगों की पुस्तकें भूगोल में प्रतिमान हैं। सवीन्द्र सिंह की जिस पुस्तक की बात मैंने की है, वह 1971 से छापी जा रही है और शायद ही कोई हिंदी भाषी ग्रेजुएट होगा जिसने भूगोल विषय पढ़ा होगा और यह पुस्तक न पढ़ी होगी। ऐसे में ये पुस्तकें वर्तनी और तकनीकी शब्दावली को प्रचलन में स्थापित करने में काफी महत्वपूर्ण हैं।
  4. रिज़क कमाने के लिए कोई काम करना उसमें विशेषज्ञता ज़रूर ला सकता है पर यह कत्तई ज़रूरी नहीं की प्रोडक्ट जनसामान्य के क़ाबिल भी हो या मंज़ूर भी हो।
  5. सामान्य ज्ञान का मतलब होता है ऐसा ज्ञान जिसे सामान्य होने की प्रतिष्ठा हासिल हो गयी हो। अर्थात जो समय की एक लम्बी अवधि से परीक्षित और समर्थित ज्ञान है। यह साबित करता है कि समय के बीतने के साथ प्रचलन में क्या बना हुआ है और किसका किसी ने लोड नहीं लिया। आप जैसा फरमा रहे हैं की कुछ पुस्तकों में चट्टान प्रयुक्त हुआ होगा जो बाद में शैल बन जाएगा, उसी का खंडन कर रहा हूँ, समय के साथ जो कई बार छन कर 'सामान्य' बना है वही सामान्य ज्ञान में पढ़ा जाता है।
  6. अगर आपको लगता है की केवल शैल ही इस्तेमाल हो सकता है तो इसे गलत साबित करने के लिए मेरे दिए सन्दर्भ पर्याप्त होने चाहिएँ।
बाकी जैसा बहुमत होगा और आप सबकी राय होगी।--सत्यम् मिश्र (वार्ता) 12:01, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
सदस्य:सत्यम् मिश्र जी, मैं पहले ही कह चुका हूँ कि एनसीईआरटी 'शैल' का प्रयोग कर रहा है। इसके प्रमाण आनलाइन ही उपलब्ध हैं। लेकिन मजेदार बात यह है कि मजीद हुसैन द्वारा भी 'शैल' को ही प्रमुखता दी गयी है। शायद आप उनके किसी पुराने ग्रन्थ का हवाला दे रहे हैं। उनके 'भूगोल पारिभाषिक शब्द संग्रह' नामक ग्रन्थ के I-2 पृष्ठ पर 'आग्नेय शैल' नाम से ही प्रविष्टि है। इसी तरह उनके भूलोल वर्कबुक (हिन्दी) में 'आग्नेय शैल' आया हुआ है। इसी प्रकार उनके 'भारत का भूगोल' में भी 'आग्नेय शैल' आया हुआ है। प्रमाण चाहिये तो गूगल बुक्स में जाकर 'आग्नेय शैल' की खोज करके देख लीजिये।
लेकिन इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि शब्दावली निर्माण का कार्य सभी महत्वपूर्ण देशों में किसी आयोग या समिति को दिया हुआ है (श्री लंका में भी!) । यह काम लेखकों, व्याख्याताओं, और 'आम जनता' पर छोडने से भारी अराजकता फैल जायेगी। इसलिये तकनीकी शब्दावली आयोग को हल्के में लेने की भूल न कीजिये। उनके यहाँ भी शब्दावली निर्माण की एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया अपनायी गयी है। इसके लिये भाषावैज्ञानिक, सैकड़ों विषयों के विशेषज्ञ, अनेक भाषाओं के ज्ञाता आदि रहते हैं। उनको विश्वव्यापी शब्दावली निर्माण प्रक्रिया के विविध पक्षों और आयामों की जानकारी रहती है। सामान्य ज्ञान की पुस्तकों में भी आपको अधिकांशतः 'शैल' ही मिलेगा। शायद आप 'चट्टान' खोजकर 'इतिश्री' कर ले रहे हैं और बहुत कम आंकड़ों के आधार पर राय बना रहे हैं। ---- अनुनाद सिंहवार्ता 13:11, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
@अनुनाद सिंह: जी पूरी चर्चा में मैंने यह कहीं नहीं कहा कि चट्टान इसलिए सही है क्योंकि यह ज्यादा जगह इस्तेमाल हुआ है। मैंने आपके बिंदुओं पर टिप्पणी करते हुए उदाहरण दिए है जिनमें चट्टान के उपयोग को दिखाया है और यह कहने की कोशिश की है कि rock के लिये चट्टान भी इस्तेमाल होता है। क्योकि आप ने बड़ी आसानी से यह घोषित कर दिया कि, "केवल शैल इस अर्थ में प्रयुक्त होने की योग्यता रखता है।" या "पाठ्यपुस्तकों में पचासों वर्षों से 'शैल' ही प्रयुक्त हो रहा है।"! जबकि इसी टिप्पणी के नीचे जहाँ मैंने मनोज जी को ज़वाब दिया है वहाँ साफ़ लिखा है कि मेरे लिये दोनों समानार्थी हैं। मैं बस चट्टान को आसान मान रहा था (आप चाहें तो इसे गलत साबित करें!) और इस आसान शब्द के प्रयोग से कोई तकनीकी संकट नहीं आने वाला जैसा बल, दाब या ज़ोर के प्रयोग से हो सकता है (अगर कोई ऐसा अंदेशा हो तो बताएँ)!
जहाँ तक NCERT की बात है, NCERT की कक्षा ६ की पुस्तक (पन्ना ३ - प्राकृतिक पर्यावण हेडिंग में स्थलमंडल) में भी चट्टानों का प्रयोग दिख रहा है (मैं यहाँ भी एक खोज के खुश हूँ! बाकी और आप ढूँढ सकते हैं)! हो सकता है आपने कक्षा ११ वाली देखि हो! क्या करियेगा ऐसे में?
@सत्यम् मिश्र: जी, चलिये यह बात तो आपने मान लिया कि एनसीईआरटी, माजिद हुसैन आदि सभी 'शैल' का प्रयोग कर रहे हैं और यत्र-तत्र 'चट्टान' का भी। ज्यादा किसका प्रयोग हो रहा है, इसको यहाँ अपनाने का आधार बनाने के पक्ष में मैं भी नहीं हूँ। अब आइये 'उचित शब्द चयन के आधार' पर बात कर लें। आपका 'सरलता' (या 'आसान') का आधार दो कारणों से त्रुटिपूर्ण है। पहला यह कि दो शब्दों में कौन आसान है और कौन कठिन, यह अत्यन्त विवादास्पद हो सकता है। दूसरा कोई शब्द 'सरल' या 'आसान' होने मात्र से ही पारिभाषिक शब्द के रूप में प्रयुक्त नहीं किया जा सकता। इसी बात के लिये मैने पहले उदाहरण दिया है कि आयोग द्वारा सुझाये शब्दों में अधिकांशतः 'शैल' ही लिया गया है ('आग्नेय शैल' सहित)। यहाँ ध्यान दीजिये कि आप 'शैल' और 'चट्टान' को समानार्थक मान ले रहे हैं किन्तु आयोग की ऐसी मनसा नहीं दिखती। आयोग ने तो 'आग्नेय चट्टान' जैसा कोई विकल्प ही नहीं दिया है और आप उसे 'आग्नेय शैल' से भी अधिक प्रमुखता देने के पक्ष में खड़े हैं। और अन्त में, आपका यह कहना कि मैं गलत साबित करूँ कि 'चट्टान' आसान है। 'सिद्धिभार' (ओनस) का जो नियम है उसके अनुसार तो यह सिद्ध करने का दायित्व आपका है (मेरा नहीं) कि 'शैल' कठिन है। मैं जानता हूँ कि इसे सिद्ध नहीं किया जा सकता। किन्तु जैसा कि ऊपर लिख चुका हूँ, यह सिद्ध भी हो जाय तो 'आसान' वाला आधार मान्य नहीं हो सकता। आपको याद दिला दूँ कि आम जनता 'चट्टान' से यह समझती है- 'कोई ऐसी चीज जो अति कठोर है, हिलाये न हिले।' इसी लिये कहते हैं कि 'हमारे विधायक चट्टान की तरह खड़े हैं।' लेकिन सही अर्थ में शैल में संगमरमर आदि के साथ चाक और बालू भी शामिल है। ---- अनुनाद सिंहवार्ता 15:11, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
@अनुनाद सिंह: जी! मैंने अभी कुछ नहीं मान लिया सर जी, मैं शुरू से ही यह मान रहा हूँ कि दोनों प्रयोग में हैं।(ये आप नहीं मान रहे थे कि शैल के अलावा भी कुछ इस्तेमाल होता है)। आधार पर बात करनी है तो 'आसान/कठिन' के निर्णय का कोई पैमाना नहीं, यही मैंने कहा था कि यह सबकी व्यक्तिगत राय होती है तो आप उखड़ गये थे! सांख्यिकीय तरीके से मापन द्वारा नहीं तय हो सकता न सही आनुभविक सर्वेक्षण कर लीजीये! बाकियों से पूछ कर आम सहमति बना लीजिए कि किसे आसान माना जाय! यह तो किया जा सकता है! (सिद्ध करने का मौका दिया था आपको, इस सिद्धी पर ही सबकुछ नहीं टिका)! और आप यह भी तो बताओ कि कौन से आधार पर शब्द पारिभाषिक बन सकता है? चलिये मान लिया केवल आसान होना नामक गुण ही पर्याप्त नहीं, पर यह अवगुण भी तो नहीं है। या आधार के बारे में बात कर रहे हैं तो यही बता दें कि "शैल" में ऐसे कौन से गुण हैं जो वह पारिभाषिक शब्द बन सकता है और "चट्टान" में वे गुण नहीं हैं?? अंत में, आपके "विधायक चट्टान की तरह खड़े रहते है" पर यही कहूँगा कि वो "शैलेश" (हिमालय) की तरह खड़े रहें तो ज्यादा मज़ा आये! संस्कृत का (या हिंदी वाला भी) आम आदमी "शैल" माने पहाड़ ही समझता है, rock नहीं। ये तो तकनीकी विद्वत्ता वाले जानते हैं, कि संगमरमर और खड़िया भी शैल है! शैलजा कि पूजा भी करते हैं आम लोग और हमारे हनुमान जी हेम-शैलाभ-देह भी हैं! संस्कृत साहित्य या हिंदी में कहीं शैल का पारिभाषिक शब्दावली वाले अर्थ (rock) में इस्तेमाल हुआ हो तो बताएँ (मेरे ज्ञान में भी कुछ वृद्धि होगी!)!--सत्यम् मिश्र (वार्ता) 17:18, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
अगर कोई आसान शब्द बिना तकनीकी क्षति पहुँचाए इस्तेमाल किया जासकता है (जा रहा है) तो उसे अपनाने में क्या परेशानी है! ख़ाली टेक्नीकल बनाने के लिये "शैल" रखा जाय? मैं इसके लिये भी तैयार हूँ !(नीचे देखें) लेकिन केवल शैल वेधन टाइप लेखों में जहाँ कोई तभी ढूँढने जाएगा जब कुछ बहुत टेक्नीकल खोज रहा होगा!--सत्यम् मिश्र (वार्ता) 13:58, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
मनोज खुराना जी! आपकी राय अच्छी है! मौके के अनुसार निर्णय लिया जाय तो सामान्य लेखों जैसे "चट्टान", "आग्नेय चट्टान", "अवसादी चट्टान" इत्यादि में इसे "चट्टान" रखा जा सकता है और शैल वाले शीर्षकों से अनुप्रेषण किया जा सकता है। वहीं दूसरी ओर "शैल संस्तर" "शैल वेधन" "शैल स्फोट" इत्यादि में शब्द "शैल रखा जा सकता है। पूर्ण एकरूपता इन दोनों के प्रयोग में बहुत मुश्किल है। क्योंकि दोनों के प्रचलन के पक्ष में बराबर उदाहरण दिए जा सकते हैं। मेरे लिये तो ये दोनों समानार्थी ही हैं। परन्तु यह शैल संस्तर (टेक्नीकल लेख) में शैल इस्तेमाल हुआ है इसलिए rock के संगत सामान्य लेख में भी शैल इस्तेमाल हो यह कुछ ठीक नहीं, यहाँ आम शब्द चट्टान रखा जाय तो अधिक उपयोगी होगा।--सत्यम् मिश्र (वार्ता) 10:45, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
-सत्यम् मिश्र जी, आप आगे बढ़िए और लेख बनाइये। जो अच्छा लगे वह प्रयोग कीजिए, दूसरे से अनुप्रेषण कर दीजिए, बस। यदि बाद में कभी ठीक करने की जरूरत महसूस हुई तो AWB या संजीव जी के बॉट से कर लिया जाएगा। इस चर्चा को यहीं विराम देते हैं। --मनोज खुराना 11:18, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
जी ! मनोज जी! वैसे यह निर्णय संजीव जी को करना है। सवाल उन्हीं का था,हम सबकी बातो और ज़वाबों को मद्देनज़र रखते हुए उन्हें क्या सही लगता है वही बताएँगे। --सत्यम् मिश्र (वार्ता) 12:05, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
मैंने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से वर्ष २००० में कक्षा ७ में अध्ययन के दौरान चट्टान ही पढ़ा था। उसके बाद स्कूली पाठ्यक्रम में मैंने ये बातें नहीं पढ़ी। मेरे पास वो पुस्तकें अभी उपलब्ध नहीं हैं यदि आवश्यकता हुई तो घर से कभी वो पुस्तकें लाकर उनकी स्कैन कॉपी यहाँ डाल सकता हूँ लेकिन यह अभी मुमकिन नहीं है। वैसे देखा प्रचलन के आधार पर देखा जाये तो चट्टान शब्द अधिक प्रचलित है जिसे गूगल बुक्स अथवा गूगल खोज में देखा जा सकता है। इसके अलावा सरलता में देखा जाये तो मुझे दोनों ही शब्द समान रूप से सरल प्रतीत होते हैं। तकनीकी आधार पर देखा जाये तो तकनीकी शब्दावली आयोग की अनुनाद जी द्वारा बताई हुई बात ठीक है और मैं उसे नकार नहीं सकता लेकिन तकनीकी रूप से चट्टान को भी गलत नहीं माना जा सकता क्योंकि तकनीकी शब्द होने का अर्थ क्या है? इसके उदाहरण के रूप में चाल और वेग को देखा जाये तो वेग तकनीकी शब्द लगता है लेकिन सच्चाई तो यह है कि दोनों ही तकनीकी शब्द हैं और दोनों के अर्थ में भी भिन्नता है। तकनीकी शब्दावली आयोग के अनुसार भी यह कड़ी देखी जा सकती है जो चट्टान को तकनीकी शब्द मानती है। तकनीकी शब्दावली आयोग द्वारा दोनों अर्थ दिये गये हैं अतः यहाँ यह चर्चा आरम्भ की गई है अन्यथा यहाँ चर्चा का कोई अर्थ ही नहीं था। तकनीकी शब्दावली आयोग द्वारा दी गई शब्दावली बहुत सटीक और उपयुक्त है लेकिन उसमें भी त्रुटि होने की पूर्ण सम्भावना है जिसका एक उदाहरण मैं लिख रहा हूँ: पिछले वर्ष तक अंग्रेज़ी शब्द Universe का cstt पर हिन्दी अनुवाद ब्रह्याण्ड (ब् र ह् या ण्ड) था बल्कि अब वहाँ यह नहीं है! चूँकि उसमें ब्रह्माण्ड के स्थान पर ब्रह्याण्ड (मा के स्थान पर या) होना ही कुछ गलत प्रतीत होता है लेकिन अब इसे पूर्णतः हटा देना किस तरह की तकनीक है? फिर भी मैं यह ही कहना चाहूँगा कि तकनीकी शब्दावली आयोग को मानक माना जाये।☆★संजीव कुमार (✉✉) 05:58, 31 अक्टूबर 2014 (UTC)

स्फटिक[संपादित करें]

मित्रों!

हिंदी विकी पर स्फटिक लेख अंग्रेजी (और अन्य) के crystal से जुड़ा है! मेरी राय में यह quartz से जुड़ा होना चाहिये। हर क्रिस्टल स्फटिक/क्वार्ट्ज़ नहीं होता। हिंदी में एक लेख क्वार्ट्ज भी है जो अंग्रेजी के quartz से जुड़ा है। इसे स्फटिक नाम से यहाँ होना चाहिये, जबकि अंग्रेजी के crystal लेख के साथ कोई लेख (क्रिस्टल (या अन्य किसी हिंदी नाम) से होना चाहिये। कृपया अपनी राय दें! धन्यवाद !--सत्यम् मिश्र (वार्ता) 19:59, 27 अक्टूबर 2014 (UTC)

मेरे ख्याल से वैज्ञानिक तकनीकी शब्दावली आयोग या जो भी है उसका यहाँ क्या कहना है जानना ठीक रहेगा।--पीयूषवार्ता 08:18, 29 अक्टूबर 2014 (UTC)
पीयूष जी, वो चर्चा पहले ही मैंने और सत्यम् जी कर चुके हैं। वहाँ दोनों अर्थ मिश्रित रूप में दे रखे हैं अतः हम इसे चौपाल पर ले आये।☆★संजीव कुमार (✉✉) 16:01, 29 अक्टूबर 2014 (UTC)
मैंने पढ़ी और मैं आपके और सत्यम् जी से सहमत हूँ कि crystal के लिए क्रिस्टल और quartz के लिए स्फटिक सही रहेगा।--पीयूषवार्ता 16:17, 29 अक्टूबर 2014 (UTC)
मैं भी पीयूष जी से सहमत हूँ।--मनोज खुराना 05:55, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
'Crystal' के संगत 'क्रिस्टल' तथा 'Quartz' के संगत 'स्फटिक' मुझे भी उपयुक्त लग रहा है।---- अनुनाद सिंहवार्ता 07:35, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
  • यहाँ तो लगभग सर्वसम्मति ही बनी हुई है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 11:28, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
@संजीव कुमार: जी! उपरोक्त सहमति को देखते हुए मैंने पुराने स्फटिक नाम के लेख को क्रिस्टल पर स्थानांतरित और इसको को en:crystal से जोड़ दिया है। लेकिन ये क्वार्ट्ज का स्थानातरण स्फटिक पर नहीं हो रहा, सहायता करें।--सत्यम् मिश्र (वार्ता) 13:28, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
@अनुनाद सिंह: जी! आप इस समय सक्रिय हैं, आप ही देख लें! अग्रिम धन्यवाद!--सत्यम् मिश्र (वार्ता) 13:31, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
@संजीव कुमार: जी! इतिहास देख लीजियेगा कैसे विलय होगा मुझे नहीं पता!--सत्यम् मिश्र (वार्ता) 14:01, 30 अक्टूबर 2014 (UTC)
YesY पूर्ण हुआ☆★संजीव कुमार (✉✉) 06:13, 31 अक्टूबर 2014 (UTC)

Languages in censuses[संपादित करें]

Hello, Dear wikipedians. I invite you to edit and improve this article and to add information about your and other country.--Kaiyr (वार्ता) 11:43, 31 अक्टूबर 2014 (UTC)

CIS-A2K PO Selection[संपादित करें]

Dear Wikipedians,
CIS-A2K is seeking applications for the post of Programme Officer (Institutional Partnerships). The position will be based in its Bangalore office. Programme Officer will collaboratively work with the A2K Team and would report to the Programme Director, Interested applicants are encouraged to deeply engage with the CIS-A2K Work Plan before making the application. The last date of submitting applications is November 14, 2014. You can also find the job posting on our website (http://cis-india.org/jobs/programme-officer-institutional-partnership).
Thank you
रहमानुद्दीन शेख (वार्ता)
Program officer, CIS-A2K