विकिपीडिया:निर्वाचित विषय वस्तु

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विकिपीडिया में निर्वाचित विषय वस्तु

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निर्वाचित विषय वस्तु


निर्वाचित लेख

नालापत बालमणि अम्मा
नालापत बालमणि अम्मा भारत से मलयालम भाषा की प्रतिभावान कवयित्रियों में से एक थीं। वे हिन्दी साहित्य की लेखिका और कवयित्री महादेवी वर्मा की समकालीन थीं। उनके साहित्य और जीवन पर गांधी जी के विचारों और आदर्शों का स्पष्ट प्रभाव रहा। उन्होंने मलयालम कविता में उस कोमल शब्दावली का विकास किया जो अभी तक केवल संस्कृत में ही संभव मानी जाती थी। इसके लिए उन्होंने अपने समय के अनुकूल संस्कृत के कोमल शब्दों को चुनकर मलयालम का जामा पहनाया। उनकी कविताओं का नाद-सौंदर्य और पैनी उक्तियों की व्यंजना शैली अन्यत्र दुर्लभ है। वे प्रतिभावान कवयित्री के साथ-साथ बाल कथा लेखिका और सृजनात्मक अनुवादक भी थीं। अपने पति वी॰एम॰ नायर के साथ मिलकर उन्होने अपनी कई कृतियों का अन्य भाषाओं में अनुवाद किया। अंग्रेजी भाषा की भारतीय लेखिका कमला दास उनकी सुपुत्री थीं, जिनके लेखन पर उनका खासा असर पड़ा था। विस्तार से पढ़ें...

आज का आलेख

कैथी लिपि में भोजपुरी
बज्जिका मुख्यतः बिहार में तिरहुत प्रमंडल के चार जिले शिवहर, सीतामढी,मुजफ्फरपुर, वैशाली एवं दरभंगा प्रमंडल के समस्तीपुर एवं मधुबनी जिला के पश्चिमी भाग में बोली जाने वली एक भाषा है। भारत में २००१ की जनगणना के अनुसार इन जिलों के लगभग १ करोड़ १५ लाख लोग बज्जिका बोलते हैं। नेपाल के रौतहट एवं सरलाही जिला एवं उसके आस-पास के तराई क्षेत्रों में बसने वाले लोग भी बज्जिका बोलते हैं। वर्ष २००१ के सर्वेक्षण के अनुसार नेपाल में २,३८,००० लोग बज्जिका बोलते है। उत्तर बिहार में बोली जाने वाली दो अन्य भाषाएँ भोजपुरी एवं मैथिली के बीच के क्षेत्रों में बज्जिका सेतु रुप में बोली जाती है। बज्जिका की प्राचीनता एवं गरिमा वैशाली गणतंत्र के साथ जुड़ी हुई है। लगभग २५०० वर्ष पूर्व भारत में स्थापित वैशाली गणराज्य (महाजनपद) का राज्य-संचालन अष्टकुल के द्वारा होता है। ये अष्टकुल थे-लिच्छवी, वृज्जी (वज्जि), ज्ञात्रिक, विदेह, उगरा, भोग, इक्ष्वाकु और कौरव। इनमें बज्जिकुल एवं लिच्छवी कुल सबसे प्रधान था। बज्जियों द्वारा प्रयोग की जाने वाली बोली बज्जिका कहलाने लगी। विस्तार में...

निर्वाचित चित्र

Plasma globe 60th.jpg
आयनीकृत गैसों से बना प्लाज़्मा ग्लोब जिसमें तन्तु आन्तरिक्त गोले से बाहर तक फैले हुये हैं।