लाहौर

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लाहौर
لہور
لاہور
—  शहर जिला  —

प्रतीक
लाहौर की पंजाब (पाकिस्तान) में स्थिति
निर्देशांक : 31°32′59″N 74°20′37″E / 31.54972°N 74.34361°E / 31.54972; 74.34361Erioll world.svgनिर्देशांक: 31°32′59″N 74°20′37″E / 31.54972°N 74.34361°E / 31.54972; 74.34361
देश Flag of Pakistan.svg पाकिस्तान
प्रान्त पंजाब
शहर जिला प्रशासन ११ सितंबर, २००८
नगर परिषद लाहौर
नगर 9
शासन
 • प्रणाली शहर जिला
 • शहर नाज़िम मियां आमेर महमूद
 • नायब नाज़िम इदरीस हनीफ़
 • जिला समन्यव अधिकारी मु. अनवर उल हक (D.M.G)
क्षेत्र[1]
 • कुल [
ऊँचाई 217
आबादी (2009)[2]
 • कुल 69,36,563
 • घनत्व <
  Combined population of Lahore City and Lahore Cantonment
दूरभाष कोड 042
जालस्थल http://www.lahore.gov.pk
लाहौर छावनी एक वैधानिक तौर पर अलग सैन्य-प्रशासित क्षेत्र है।

लाहौर (पंजाबी: لہور, उर्दू: لاہور ) पाकिस्तान के प्रांत पंजाब की राजधानी है एवं कराची के बाद पाकिस्तान में दूसरा सबसे बडा आबादी वाला शहर है। इसे पाकिस्तान का दिल नाम से भी संबोधित किया जाता है क्योंकि इस शहर का पाकिस्तानी इतिहास, संस्कृति एवं शिक्षा में अत्यंत विशिष्ट योगदान रहा है। इसे अक्सर पाकिस्तान बागों के शहर के रूप में भी जाना जाता है। लाहौर शहर रावी एवं वाघा नदी के तट पर भारत पाकिस्तान सीमा पर स्थित है।

लाहौर का ज्यादातर स्थापत्य मुगल कालीन एवं औपनिवेशिक ब्रिटिश काल का है जिसका अधिकांश आज भी सुरक्षित है। आज भी बादशाही मस्जिद, अली हुजविरी शालीमार बाग एवं नूरजहां तथा जहांगीर के मकबरे मुगलकालीन स्थापत्य की उपस्थिती एवं उसकी अहमियत का आभास करवाता है। महत्वपूर्ण ब्रिटिश कालीन भवनों में लाहौर उच्च न्यायलय जनरल पोस्ट ऑफिस, इत्यादि मुगल एवं ब्रिटिश स्थापत्य का मिलाजुला नमूना बनकर लाहौर में शान से उपस्थित है एवं ये सभी महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल के रूप में लोकप्रिय हैं।

मुख्य तौर पर लाहौर में पंजाबी को मातृ भाषा के तौर पर इस्तेमाल की जाती है हलाकि उर्दू एवं अंग्रेजी भाषा भी यहां काफी प्रचलन में है एवं नौजवानों में काफी लोकप्रिय है। लाहौर की पंजाबी शैली को लाहौरी पंजाबी के नाम से भी जाना जाता है जिसमे पंजाबी एवं उर्दू का काफी सुंदर मिश्रण होता है। १९९८ की जनगणना के अनुसार शहर की आबादी लगभग ७ लाख आंकी गयी थी जिसके जून २००६ में १० लाख होने की उम्मीद जतायी गयी थी।[3] इस अनुमान के मुताबिक लाहौर दक्षिण एशिया में पांचवी सबसे बडी आबादी वाला एवं दुनिया में २३वीं सबसे बडी आबादी वाला शहर है।.

इतिहास[संपादित करें]

ऐसा माना जाता है कि लाहौर की स्थापना भगवान शिरी राम के पुत्र लव ने की थी ।आज भी कुछ सुराग मिलते हैं जिन से राम के दिनो की याद ताज़ा हो जाती हे इन सुराग में लव का मंदिर भी है।

पाकिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा शहर लाहौर यहां की सांस्कृतिक राजधानी के रूप विख्यात है। यह शहर पिछली कई शताब्दियों से बुद्धिजीवियों और सांस्कृतिक गतिविधियों का गढ़ रहा है। रावी नदी के किनारे स्थित यह शहर पंजाब प्रांत की वाणिज्यिक गतिविविधों का केन्द्र है। पर्यटकों के देखने के लिए यहां लोकप्रिय और चर्चित पर्यटन स्थलों की भरमार है। लाहौर फोर्ट, बादशाही मस्जिद, अकबरी गेट, कश्मीरी गेट, चिड़ियाघर, शालीमार गार्डन, वजीर खान मस्जिद आदि चर्चित स्थल हैं।

ग़ैर मुस्लिमों के मुक़द्दस मुक़ामात[संपादित करें]

मंदिर[संपादित करें]

कनहीअलाल लिखता है के पुरानी इमारात के मंदिर और हिंदूओं की इबादत गाहैं बहुत हैं जिन का शुमार नहीं हो सकता।छोटे छोटे शिवाले-ओ-ठाकुरद्वारे-ओ-देवी द्वारे बेशुमार हैस।इन में से-ओ-जदीद दोनों किस्म के हैं। मगर सखी अह्द में पुरानी इमारात के मंदिर भी अज सर-ए-नौ नबाए गए थे जिन की इमारात ताज़ा नज़र आती हैं।बाअज़ मंदिर जो उन से नामी गिरामी हैं और ख़ास-ओ-आम वहां जा कर पूजा करते हैं इस क़िस्म में लिखे जाते हैं।(1)मगर याद रए कि ये कनहीअलाल ने 1882ई. में अपनी किताब तारीख़ लाहौर में लिखा था ।और आज बहुत सहि मुक़ामात ख़त्म हो चौके हैं।

  • शिवाला बावा ठाकुर गिर
  • शिवाला राजा दीनानाथ राजा कलानौर
  • शिवाला बख़्शी भगत राम
  • मकान धर्म साला बाबा ख़ुदा सिंह
  • ठाकुर द्वारा राजा तेजा सिंह
  • शिवाले गुलाब राए जमादार

वो मंदिर जिस में अब भी इबादत होती है[संपादित करें]

सिखों के मुक़द्दस मुक़ामात[संपादित करें]

मुड़ी रनहीत सिंह

लाहौर के मंदर[संपादित करें]

प्रमुख आकर्षण[संपादित करें]

लाहौर की एक मस्जिद का दृश्य

वजीर खान मस्जिद[संपादित करें]

ओल्ड सिटी की यह मस्जिद अपनी टाइल की कारीगरी के लिए प्रसिद्ध है। बहुत बार इसे लाहौर के गाल के जासूस के नाम से भी संबोधित किया जाता है। यह मस्जिद 1634-35 ई. में मुगल सम्राट शाहजहां के काल में बननी शुरू हुई थी और इससे बनने में सात वर्ष का समय लगा था। मस्जिद को चिनिओट के शेख इलमुद्दीन अंसानी ने बनवाया था। बाद में उसे लाहौर का गवर्नर अर्थात वजीर बना दिया गया था। मस्जिद में फारसी भाषा में अनेक प्रकार के अभिलेख मुद्रित हैं।

चिड़ियाघर[संपादित करें]

1872 में स्थापित लाहौर का यह चिड़ियाघर विश्व के सबसे प्राचीन चिड़ियाघरों में एक है। इस चिड़ियाघर को विकसित करने का श्रेय श्री लाल महुन्द्रा राम को जाता है। इस चिड़ियाघर में 136 प्रजातियों के 1381 जीवों, 49 सरीसृपों, 336 स्तनपायी 996 प्रकार की चिड़ियों को देखा जा सकता है। 1872 से 1923 तक यह चिड़ियाघर लाहौर नगर निगम के अधीन रहा था। चिड़ियाघर वनस्पति उद्यान में पेड़-पौधों की विविध किस्मों को भी देखा जा सकता है।

बादशाही मस्जिद[संपादित करें]

इस मस्जिद को 1673 ई. में मुगल सम्राट औरंगजेब ने बनवाया था। यह मस्जिद मुगल काल की सौंदर्य और भव्यता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। पाकिस्तान की इस दूसरी सबसे बड़ी मस्जिद में एक साथ 55000 हजार लोग नमाज अदा कर सकते हैं। बादशाही मस्जिद का डिजाइन दिल्ली की जामा मस्जिद से काफी मिलता-जुलता है, जिसे 1648 में औरंगजेब के पिता शाहजहां ने बनवाया था। मस्जिद लाहौर किले के नजदीक स्थित है। हाल में मस्जिद परिसर में एक छोटा संग्रहालय भी जोड़ा गया है।

किम्स गन[संपादित करें]

किम्स गन या भंगियावाला तोप लाहौर संग्रहालय में रखी एक विशाल तोप है। यह गन 14 फीट या 4.38 मीटर लंबी है। गन का औसत व्यास 9.5 इंच है। यह गन लाहौर में 1757 ई. में शाहवाली खान के निर्देश पर शाह नजीर द्वारा लाई गई थी। यह ऐतिहासिक गन एशिया महाद्वीप की सबसे विशाल गनों में एक है। माना जाता है कि इस गन को तांबे और पीतल से बनाया गया है। 1761 में पानीपत के युद्ध में अहमदशाह अब्दाली ने इस गन का इस्तेमाल किया था।

लाहौर किला[संपादित करें]

लाहौर के उत्तर-पश्चिम किनारे में स्थित यह किला यहां का प्रमुख दर्शनीय स्थल है। किले के भीतर शीश महल, आलमगीर गेट, नौलखा पेवेलियन और मोती मस्जिद देखी जा सकती है। यह किला 1400 फीट लंबा और 1115 फीट चौड़ा है। यूनेस्को ने 1981 में इसे विश्वदाय धरोहरों सूची में शामिल किया है। माना जाता है कि इस किले को 1560 ई. में अकबर ने बनवाया था। आलमगीर दरवाजे से किले में प्रवेश किया जाता है जिसे 1618 में जहांगीर ने बनवाया था। दीवाने आम और दीवाने खास किले के मुख्य आकर्षण हैं।

लाहौर म्युजियम[संपादित करें]

यह म्युजियम 1894 में स्थापित किया गया था। ओल्ड यूनिवर्सिटी हॉल के निकट स्थित इस म्युजियम को दक्षिण एशिया के सबसे विशाल म्युजियमों में एक माना जाता है। म्युजियम में मुगलों, सिक्खों और ब्रिटिश काल की अनेक बहुमूल्य और दुर्लभ कलाकृतियों को देखा जा सकता है। यहां वाद्ययंत्रों, प्राचीन आभूषणों, कपड़ों, मिट्टी के बर्तनों और हथियारों का विस्तृत संग्रह देखा जा सकता है। दौड़ते हुए बुद्ध की मूर्ति म्युजियम की एक अमूल्य एवं दुर्लभ निधि है।

शालीमार गार्डन[संपादित करें]

शालीमार उद्यान, लाहौर

इस गार्डन को मुगल सम्राट शाहजहां ने 1641 ई. में बनवाया था। चारों ओर से ऊंची दीवारों से घिरा यह गार्डन अपने जटिल फ्रेमवर्क के लिए प्रसिद्ध है। 1981 में यूनेस्को ने इसे लाहौर किले के साथ विश्वदाय धरोहरों में शामिल किया था। फराह बख्स, फैज बख्स और हयात बख्स नामक चबूतरे गार्डन की सुंदरता में वृद्धि करते हैं।

जहांगीर का मकबरा[संपादित करें]

शाहदरा नगर के निकट स्थित जहांगीर मकबरा मुगल सम्राट जहांगीर को समर्पित है। इसे जहांगीर की मृत्‍यु के 10 साल बाद उनके पुत्र शाहजहां ने बनवाया था। एक बगीचे के अंदर स्थित मकबरे की मीनारें 30 मीटर ऊंची हैं। मकबरे के भीतरी हिस्से में भित्तिचित्रों की सुंदर सजावट है।

हजूरी बाग[संपादित करें]

लाहौर के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में यह खूबसूरत बाग शामिल है। इसके पूर्व में लाहौर किला, उत्तर में रणजीत सिंह की समाधि, पश्चिम में बादशाही मस्जिद और दक्षिण में रोशनई दरवाजा स्थित है। इस बाग का निमार्ण 1813 ई. में पंजाब के महान शासक महाराजा रणजीत सिंह ने बनवाया था। इस बाग को कोहिनूर हीर को अफगान के शासक शाह शुजा से पुन: भारत लाए जाने के उपलक्ष्य में बनवाया गया था।

आवागमन[संपादित करें]

वायु मार्ग

लाहौर का अल्लामा इकबाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली के इंटरनेशनल एयरपोर्ट से वायुमार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। दिल्ली और लाहौर के बीच नियमित फ्लाइटें हैं।

सड़क मार्ग

दिल्ली और लाहौर के बीच चलने वाली बस के माध्यम से सड़क मार्ग द्वारा लाहौर पहुंचा जा सकता है।

चित्र दीर्घा[संपादित करें]

भगिनी शहर[संपादित करें]

लाहौर के सात भगिनी शहर है:


शैक्षिक संस्थानों[संपादित करें]

साहित्य[संपादित करें]

देखें[संपादित करें]

साँचा:LahoreTopics

संदर्भ[संपादित करें]

  1. "Punjab Portal". Government of Punjab. http://pportal.punjab.gov.pk/portal/portal/media-type/html/group/300/page/default.psml/js_panename/ContentViewAdmin/portal/411/nav/right/punjabcms/servlet/PunjabCMSServlet?CMDCMS=V_T_DOCS_BROWSER_VIEW&txtDocID=80&txtVersionID=1&CMDDOCTYPE=1&txtUserID=303. अभिगमन तिथि: 2007-12-11. 
  2. "World Gazetteer Lahore". World Gazetteer. http://world-gazetteer.com/wg.php?x=&men=gpro&lng=en&des=wg&srt=pnan&col=adhoq&msz=1500&geo=437641435. अभिगमन तिथि: 2009-1-1. 
  3. आधिकारिक प्रोफाईल: लाहौर का भूगोल, लाहौर प्रशासन. Retrieved on १९ सितंबर, २००७.
  4. "Council okays peace committees: Lahore and Chicago to be declared twin cities.". The Post. 2007-01-28. http://thepost.com.pk/Arc_CityNews.aspx?dtlid=79932&catid=3&date=01/28/2007&fcatid=14. अभिगमन तिथि: 2007-05-16. 
  5. "No committee to develop ties with Lahore’s twins". Daily Times of Pakistan. 2007-03-02. Archived from the original on 2012-05-26. https://archive.is/5T2h. अभिगमन तिथि: 2008-02-08. 
  6. "Lahore Sister Cities". Chicago Sister Cities International Program. http://www.chicagosistercities.com/explore.php?pagename=Lahore%20-%20Lahore%20Sister%20Cities&section=Lahore. अभिगमन तिथि: 2008-02-08. 
  7. "Musharraf holds talks with Cordoba's leaders". Associated Press of Pakistan. 2007-04-26. http://www.app.com.pk/en/index.php?option=com_content&task=view&id=8314&Itemid=2. अभिगमन तिथि: 2008-02-08. 
  8. "Lahore & Chicago". Chicago Sister Cities International Program. http://www.chicagosistercities.com/explore.php?pagename=Lahore. अभिगमन तिथि: 2008-02-08. 
  9. "Lahore and Chicago declared sister cities". City District Government of Lahore. http://www.lahore.gov.pk/news/english/english-news.aspx?id=168. अभिगमन तिथि: 2008-02-08. 

बाहरी कडियाँ[संपादित करें]

लाहौर के बारे में, विकिपीडिया के बन्धुप्रकल्पों पर और जाने:
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