पाकिस्तान

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पाकिस्तान इस्लामिक गणतंत्र
اسلامی جمہوریۂ پاکستان
इस्लामी जम्हूरिया-ए-पाकिस्तान
पाकिस्तान का ध्वज पाकिस्तान का कुल चिन्ह
ध्वज कुल चिन्ह
राष्ट्रवाक्य: اتحاد، تنظيم، يقين محکم
इत्तेहाद, तन्ज़ीम, यक़ीन-ए-मुहकम  (उर्दू)
"एकता, अनुशासन एवं विश्वास"
राष्ट्रगान: क़ौमी तराना
पाकिस्तान की स्थिति
राजधानी इस्लामाबाद
33°40′ N 73°10′ E
सबसे बडा़ नगर कराची
राजभाषा(एँ) उर्दू (राष्ट्रीय), अंग्रेजी (आधिकारिक)
सरकार अर्द्ध-राष्ट्रपतीय संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य
 - राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी
 - प्रधानमंत्री रजा परवेज अशरफ
स्वतंत्रता संयुक्त राजशाही से 
 - तिथि 14 अगस्त, 1947 
 - इस्लामिक गणराज्य 23 मार्च 1956 
क्षेत्रफल
 - कुल 8,03,940 वर्ग किमी (36वाँ)
340,403 वर्ग मील
 - जल(%) 3.1
जनसंख्या
 - 2007 अनुमान 162,508,000 (6वां)
 - 1998 जनगणना 132,352,279
 - जन घनत्व 206/वर्ग किमी (53वां)
534/वर्ग मील
सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) (पीपीपी) 2008 अनुमान
 - कुल $504.3 करोड़ (26 वाँ)
 - प्रति व्यक्ति $3320.12 (128 वाँ)
मानव विकास सूचकांक  (2007) 0.551 (मध्यम) (136 वाँ)
मुद्रा पाकिस्तानी रुपया (PKR)
समय मंडल पीएसटी (PST) (यूटीसी +6)
 - ग्रीष्म (DST) - (यूटीसी +6)
इंटरनेट टीएलडी .pk
दूरभाष कोड +92

इस्लामी जम्हूरिया ए पाकिस्तान (اسلامی جمہوریۂ پاکستان) या पाकिस्तान इस्लामी गणतंत्र या सिर्फ़ पाकिस्तान भारत के पश्चिम में स्थित एक इस्लामी गणराज्य है। यहाँ की प्रमुख भाषाएँ उर्दू, पंजाबी, सिंधी, बलूची और पश्तो हैं। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और अन्य महत्वपूर्ण नगर कराचीलाहौर हैं। पाकिस्तान के चार सूबे हैं: पंजाब, सिंध, बलोचिस्तान और ख़ैबर​-पख़्तूनख़्वाक़बाइली इलाक़े और इस्लामाबाद भी पाकिस्तान में शामिल हैं। इन के अलावा पाक अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बल्तिस्तान भी पाकिस्तान द्वारा नियंत्रित हैं हालांकि भारत इन्हें अपना भाग मानता है।

पाकिस्तान का जन्म सन् 1947 में भारत के विभाजन के फलस्वरूप हुआ था । सर्वप्रथम सन् 1930 में कवि (शायर) मुहम्मद इक़बाल ने द्विराष्ट्र सिद्धान्त का ज़िक्र किया था । उन्होंने भारत के उत्तर-पश्चिम में मिन्ध, बलूचिस्तान, पंजाब तथा अफ़गान (सूबा-ए-सरहद) को मिलाकर एक नया राष्ट्र बनाने की बात की थी । सन् 1933 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के छात्र चौधरी रहमत अली ने पंजाब, सिन्ध, कश्मीर तथा बलोचिस्तान के लोगों के लिए पाक्स्तान (जो बाद में पाकिस्तान बना) शब्द का सृजन किया । सन् 1947 से 1972 तक पाकिस्तान दो भागों में बंटा रहा - पूर्वी पाकिस्तान और पश्चिमी पाकिस्तान । दिसम्बर, सन् 1971 में भारत के साथ हुई लड़ाई के फलस्वरूप पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश बना और पश्चिमी पाकिस्तान पाकिस्तान रह गया।[1][2][3][4][5]

नाम का उदभव[संपादित करें]

पाकिस्तान नाम का उद्भव 'पाक्स्तान' से हुआ जिसे प्रथम चौधरी रहमत अली ने प्रयोग में लाया। 'पाक्स्तान' शब्द का अर्थ हॅ पाक याने कि पवित्र लोगो का वतन।पहले पकिस्तन भारत का ही अंग था। जिसे धर्म के आधार पर भारत से अलग कर दिया गया।

इतिहास[संपादित करें]


आज के पाकिस्तानी भूभाग का मानवीय इतिहास कम से कम 5000 साल पुराना है, यद्यपि इतिहास पाकिस्तान शब्द का जन्म सन् 1933 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के छात्र चौधरी रहमत अली के द्वारा हुआ । आज का पाकिस्तानी भूभाग कई संस्कृतियों का गवाह रहा है ।

ईसापूर्व 3300-1800 के बीच यहाँ सिन्धुघाटी सभ्यता का विकास हुआ । यह विश्व की चार प्राचीन ताम्र-कांस्यकालीन सभ्यताओं में से एक थी । इसका क्षेत्र सिन्धु नदी के किनारे अवस्थित था पर गुजरात (भारत) और राजस्थान में भी इस सभ्यता के अवशेष पाए गए हैं । मोहेन्जो-दारो, हड़प्पा इत्यादि स्थल पाकिस्तान में इस सभ्यता के प्रमुख अवशेष-स्थल हैं । इस सभ्यता के लोग कौन थे इसके बारे में विद्वानों में मतैक्य नहीं है । कुछ इसे आर्यों की पूर्ववर्ती शाखा कहते हैं तो कुछ इसे द्रविड़ । कुछ इसे बलोची भी ठहराते हैं । इस मतभेद का एक कारण सिन्धु-घाटी सभ्यता की लिपि का नहीं पढ़ा जाना भी है ।

ऐसा माना जाता है कि 1500 ईसापूर्व के आसपास आर्यों का आगमन पाकिस्तान के उत्तरी क्षेत्रों के मार्फ़त भारत में हुआ । आर्यों का निवास स्थान कैस्पियन सागर के पूर्वी तथा उत्तरी हिस्सों में माना जाता है जहाँ से वे इसी समय के करीब ईरान, यूरोप और भारत की ओर चले गए थे । सन् 543 ईसापूर्व में पाकिस्तान का अधिकांश इलाका ईरान (फारस) के हख़ामनी साम्राज्य के अधीन आ गया । लेकिन उस समय इस्लाम का उदय नहीं हुआ था; ईरान के लोग ज़रदोश्त के अनुयायी थे और देवताओं की पूजा करते थे । सन् 330 ईसापूर्व में मकदूनिया (यूनान) के विजेता सिकन्दर ने दारा तृतीय को तीन बार हराकर हखामनी वंश का अन्त कर दिया । इसके कारण मिस्र से पाकिस्तान तक फैले हखामनी साम्राज्य का पतन हो गया और सिकन्दर पंजाब तक आ गया । ग्रीक स्रोतों के मुताबिक उसने सिन्धु नदी के तट पर भारतीय राजा पुरु (ग्रीक - पोरस) को हरा दिया । पर उसकी सेना ने आगे बढ़ने से इनकार कर दिया और वह भारत में प्रवेश किये बिना वापस लौट गया । इसके बाद उत्तरी पाकिस्तान और अफगानिस्तान में यूनानी-बैक्ट्रियन सभ्यता का विकास हुआ । सिकन्दर के साम्राज्य को उसके सेनापतियों ने आपस में बाँट लिया । सेल्युकस नेक्टर सिकन्दर के सबसे शक्तिशाली उत्तराधिकारियों में से एक था ।

मौर्यों ने 300 ईसापूर्व के आसपास पाकिस्तान को अपने साम्राज्य के अधीन कर लिया । इसके बाद पुनः यह ग्रीको-बैक्ट्रियन शासन में चला गया । इन शासकों में सबसे प्रमुख मिनांदर ने बौद्ध धर्म को प्रोत्साहित किया । पार्थियनों के पतन के बाद यह फारसी प्रभाव से मुक्त हुआ । सिन्ध के राय राजवंश (सन् 489-632) ने इसपर शासन किया । इसके बाद यह उत्तर भारत के गुप्त और फारस के सासानी साम्राज्य के बीच बँटा रहा ।

सन् 712 में फारस के सेनापति मुहम्मद बिन क़ासिम ने सिन्ध के राजा को हरा दिया । यह फारसी विजय न होकर इस्लाम की विजय थी । बिन कासिम एक अरब था और पूर्वी ईरान में अरबों की आबादी और नियंत्रण बढ़ता जा रहा था । हालांकि इसी समय केन्द्रीय ईरान में अरबों के प्रति घृणा और द्वेष बढ़ता जा रहा था पर इस क्षेत्र में अरबों की प्रभुसत्ता स्थापित हो गई थी । इसके बाद पाकिस्तान का क्षेत्र इस्लाम से प्रभावित होता चला गया । पाकिस्तानी सरकार के अनुसार इसी समय 'पाकिस्तान की नींव' डाली गई थी । इसके 1192 में दिल्ली के सुल्तान पृथ्वीराज चौहान को हराने के बाद ही दिल्ली की सत्ता पर फारस से आए तुर्कों, अरबों और फारसियों का नियंत्रण हो गया । पाकिस्तान दिल्ली सल्तनत का अंग बन गया ।

सोलहवीं सदी में मध्य-एशिया से भाग कर आए हुए बाबर ने दिल्ली की सत्ता पर अधिकार किया और पाकिस्तान मुगल साम्राज्य का अंग बन गया । मुगलों ने काबुल तक के क्षेत्र को अपने साम्राज्य में मिला लिया था । अठारहवीं सदी के अन्त तक विदेशियों (खासकर अंग्रेजों) का प्रभुत्व भारतीय उपमहाद्वीप पर बढ़ता गया . सन् 1857 के गदर के बाद सम्पूर्ण भारत अंग्रेजों के शासन में आ गया।

अंग्रेज़ों के शासन काल में, ख़ासकर पंजाब में कई विरोध आंदोलन हुए । इस दौरान पंजाब और सिंध में अच्छी ख़ासी हिंदू आबादी थी । पर जनतंत्र की मांग को लेकर और मुस्लिमों के अल्पमत में होने के कारण अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग होने लगी । पहले सन् 1930 में शायर मुहम्मद इक़बाल ने भारत के उत्तर-पश्चिमी चार प्रान्तों -सिन्ध, बलूचिस्तान, पंजाब तथा अफ़गान (सूबा-ए-सरहद)- को मिलाकर एक अलग राष्ट्र की मांग की थी । 1947 अगस्त में भारत के विभाजन के फलस्वरूप पाकिस्तान का जन्म हुआ । उस समय पाकिस्तान में वर्तमान पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों सम्मिलित थे । सन् 1971 में भारत के साथ हुए युद्ध में पाकिस्तान का पूर्वी हिस्सा (जिसे उस समय तक पूर्वी पाकिस्तान कहा जाता था) बांग्लादेश के रूप में स्वतंत्र हो गया ।

पकिस्तान का इस्लामीकरण[संपादित करें]

७११ इसा में पाकिस्तान के पाकिस्तान का पश्चिमी भाग हिंदू राजपूतों द्वारा शासित था ।१०७६ इस्वी में गजनी ने राजा जयपाल शाही से इस क्षेत्र को जीत लिया। इसी समय बहुत सी हिंदू जातिया इस्लाम में जाने लगी। इनको अरबो द्वारा शेख का पद दिया गया।
हिन्दुओं के धर्म परिवर्तन के कई कारन थे जिनमे घोर अत्याचार और आर्थिक दबाव प्रमुख थे |मुस्लिम शासको शासन में संरक्षण और सामाजिक गतिशीलाता के कारन यह परिवर्तन हो पाया। इसके अन्य कारन जिजिया कर जो धिम्मी (काफ़िर ) लोगो पर लगाया जाता था से भी बचा जा सकता था|तत्कालीन कठोर जाती व्यवस्था के कारन दलित जातीय, ऊँची हिंदू जातियों द्वारा सामाजिक अत्याछार अपमान से परेशां होकर सूफीयों द्वारा मुस्लिम बन गई। [6]
हिंदू जातियों का मुस्लिम परिवर्तन मुख्यत: १३ वी और १४ वी सदी में हुआ था | मुस्लिम आक्रांताओं की विजय का इसमे बहुत प्रभाव था।[7] उच्च हिंदू जातियों भी मुस्लिम धर्म में आर्थिक,राजनैतिक फायदे के कारन आ गए लेकिन फिर भी उनका सामाजिक ढांचा पूर्ववत ही बना रहा। ये परिवर्तन सामूहिक हुए थे जिसके द्वारा सम्पूर्ण जाती को बचाया जाने की धरना थी। [8]

भूगोल[संपादित करें]

पाकिस्तान का भू-उत्थान

पाकिस्तान का क्षेत्रफल कोई 8,03,940 वर्ग किलोमीटर है जो ब्रिटेन और फ्रांस के सम्मिलित क्षेत्रफल के करीब आता है । क्षेत्रफल के हिसाब से यह विश्व में चौंतीसवें स्थान पर है । अरब सागर से लगी इसकी सामुद्रिक सीमा रेखा कोई 1046 किलोमीटर लम्बी है । इसकी ज़मीनी सीमारेखा कुल 6,744 किलोमीटर लम्बी है - उत्तर-पश्चिम में 2430 कि.मी. अफ़ग़ानिस्तान के साथ, दक्षिण पूर्व में 909 किमी ईरान के साथ, उत्तर-पूर्व में 512 कि.मी. चीन के साथ (गुलाम कश्मीर से लगी सीमा) तथा पूर्व में 2912 कि.मी. भारत के साथ।

पाकिस्तान का उत्तरी इलाका पहाड़ी है। यहाँ हिमालय पर्वतों के कई उच्चतम शिखर पाए जाते हैं। इन्हीं के बीच से गुज़रता सकरा रास्ता 'खैबर पास' के नाम से प्रसिद्ध है। भारत से उद्भवित होने वाली पाँच नदियाँ झेलम, चिनाब, रावी, सतलज ऑर बियास यहाँ से बहकर जब समतल भूमि को छूती हॅं तो एक अत्यंत उपजाऊ जमीन बनाती हॅ जिसे 'पंजाब' के नाम से जाना जाता हॅ। दक्षिण की ओर इनके संगम से सिन्धु नदी बनती हॅ जिसकी घाटी और भी उपजाऊ है। दक्षिण में यह अरबी समुद्र से जाकर मिलती हैं।

दक्षिण में समुद्री घाटों (बीच, या दीघा) से लेकर उत्तर में हिमालय (काराकोरम) और हिन्दूकुश की बर्फ़ीली चोटियों तक पाकिस्तान में बहुत भौगोलिक विविधता है। पर औसतन रूप से यह क्षेत्र शुष्क है । औसतन 100 सेन्टीमीटर सालाना वर्षा होती है। पाकिस्तान की 5 चोटियाँ 8000 मीटर से भी ज़्यादा ऊँची हैं। उत्तरी क्षेत्रों में मौसमी विविधता अधिक है। वहाँ की गर्मियों में तापमान 45 डिग्री सेन्टीग्रेड से अधिक चला जाता है जबकि सर्दियों में तापमान हिमांक तक पहुँच जाता है । दक्षिण में यह विविधता अपेक्षाकृत कम होती है।

सिन्धु यहाँ की प्रमुख नदी है। इसके अलावा सिन्धु की सहायक नदियाँ पंजाब के आसपास होकर बहती है जिसके कारण पंजाब में कृषियोग्य जलवायु होती है । सिन्धु नदी के पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम में बलोचिस्तान का इलाका मरुस्थल है। सिन्ध के पूर्वी भाग में थार मरुस्थल का विस्तृत भाग है पर सिन्ध में ही थारपारकार विश्व का एकमात्र उर्वर मरुस्थल है। देश की कुल 27% भूमि कृषियोग्य है।

अर्थव्यवस्था[संपादित करें]

पाकिस्तान एक विकासशील देश है । सन् 2007 तक पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था 7 प्रतिशत की वार्षिक दर से घट रही थी । यहाँ की मुद्रा पाकिस्तानी रुपया है, जो पैसे में बाँटा जा सकता है। एक अमरीकी डालर की कीमत लगभग 160 पाकिस्तानी रुपये (सन् २००६) हैं। सन् 2005 तक पाकिस्तान पर 240 अरब अमेरिकी डॉलर का विदेशी कर्ज था जो अमेरिका द्वारा दिए गए ऋणमाफ़ी और अन्य संस्थाओं द्वारा दिए गए वित्तीय मदद के कारण कम होता जा रहा है पर अब अमेरिका पाकिस्तान की कोई सहायता नहीँ करेगा।

यहाँ की अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान कम होता जा रहा है । आज कृषि सकल घरेलू उत्पाद का मात्र 2 फ़ीसदी हिस्सा है जबकि 3 फ़ीसदी सेवा क्षेत्र से आता है । लेकिन राजनीतिक उथल-पुथल के कारण आज यह दिवालिया होने के कगार पर आ गया है

पाकिस्तानी राजनैतिक दल[संपादित करें]

  1. पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) - बेनजीर भुट्टो इसी पार्टी से थी। इस पार्टी की स्थापना इनके पिता जुल्फिकार अली भुट्टो ने की थी।
  2. पाकिस्तान मुस्लिम लीग
  3. मुत्तहिदा मज्लिस-ए-अमल
  4. तहरीक-ए-इन्साफ पार्टी- यह पार्टी मशहूर पाकिस्तानी क्रिकेटर इमरान ख़ान द्वारा स्थपित की गई है ।
  5. मुत्तहिदा क़ौमी मूवमेन्ट (एम क्यू एम) इस पार्टी की स्थापना अलताफ हुसैन ने की थी ।

अपने प्रथम चरण में यह पार्टी कराची तक सीमित थी । आज इस पार्टी के अंकुर देश के कोने कोने में दिखाई देते है,अब यह पार्टी एक शहर की नही देश के चारो प्रान्त की है (द्वारा एम क्यु एम प्रान्तीय कमिटी पेशावर)

उपविभाग[संपादित करें]

पाकिस्तान में चार प्रान्त हैं:-

क्षेत्र:

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पाकिस्तान के प्रमुख जातीय समूह

जुलाई 2007 के आँकड़ों के अनुसार पाकिस्तान की कुल जनसंख्या 16,93,00,000 (लगभग १७ करोड़) पाकिस्तान का स्थान विश्व में छठा है, यानि इसकी जनसँख्या ब्राजील से कम और रूस से अधिक है। यहाँ की जनसंख्या वृद्धि दर अधिक होने के कारण भविष्य में इसके तेजी से बढ़ने की संभावना है।

प्रमुख जातियों का प्रतिशत है: -

हाल में अफगानिस्तान में चल रहे युद्धों के कारण कई अफगान शरणार्थी भी इस देश में रहने लगे हैं। यहाँ का प्रमुख धर्म इस्लाम है और लगभग 96 प्रतिशत लोग मुस्लिम हैं (77 प्रतिशत सुन्नी और 20 प्रतिशत शिया)। इसके अलावा 1.85 प्रतिशत हिन्दू और 1.6 प्रतिशत ईसाई यहाँ के प्रमुख अल्पसंख्यक हैं ।

पाकिस्तान की संवैधानिक भाषा अंग्रेज़ी और राष्ट्रीय भाषा उर्दू है। पंजाबी यहाँ सबसे अधिक बोली जाने वाली स्थानीय भाषा है पर इसको कोई संवैधानिक दर्जा प्राप्त नहीं है।

संस्कृति[संपादित करें]

पाकिस्तान एक इस्लामिक देश है, अतः यहाँ की संस्कृति पर इस्लाम का प्रभाव रहा है। नृत्य और संगीत पर इस्लाम की पाबंदी की वजह से सार्वजनिक जीवन में इनका प्रचलन उच्च वर्ग तथा निम्न तबके के बीच रह गया है । सूफ़ी मज़ारों पर मेले और अन्य आतंकी परंपराएँ सदियों से चली आ रही है । इन कार्यक्रमों में इस्लामिक पाबंदी से मुक्त होकर मारकाट नशापान भी प्रचलित है । हाल के वर्षों में मज़ारों पर हुए फ़िदाईं हमलों की वजह से इन में जनभागीदारी पर प्रभाव पड़ा है ।

मातम के गीतोँ और आतंकी गीतों की परंपरा पुरानी रही है। शायर इक़बाल, फ़ैज़ अहमद फैज़, अहमद फ़राज़ के अलावे ग़ालिब, मीर, दाग़, जिगर इत्यादि उर्दू शायरों की आतंक फैलाने वाली गज़ले आज भी पसंद की जातीं हैं । ग़ुलाम अली, मेहदी हसन, नुसरत फतह अली खान और उनके भतीजे राहत फ़तेह अली खान प्रमुख गायक हैं । इसके अलावे फ़ारसी शायरी गाई जाती है - इक़बाल, हाफ़िज़, रूमी, निज़ामी गंजवी, अमीर ख़ुसरो, और सादी का कलाम कई जगह गाया और मदरसों में भी पढ़ाया जाता है ।

उत्तर-पश्चिम के सूबा सरहद में ट्रकों पर की गई चित्रकारी प्रसिद्ध है।[कृपया उद्धरण जोड़ें]

खेल[संपादित करें]

हॉकी यहाँ का राष्ट्रीय खेल है । ट्वेन्टी-ट्वेन्टी विश्व कप 2012 मेँ जीता था इसी कारण क्रिकेट की लोकप्रियता बहुत है। देश की क्रिकेट टीम ने एक बार विश्व कप (सन् १९९२ में) जीता है

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. Parth R. Chauhan. "An Overview of the Siwalik Acheulian & Reconsidering Its Chronological Relationship with the Soanian – A Theoretical Perspective". Sheffield Graduate Journal of Archaeology. University of Sheffield. http://www.assemblage.group.shef.ac.uk/issue7/chauhan.html#distribution. अभिगमन तिथि: 27 मार्च 2014. 
  2. Joseph Needham (1994). A selection from the writings of Joseph Needham. McFarland & Co. प॰ 24. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-89950-903-7. "When the men of Alexander the Great came to Taxila in India in the fourth century BC they found a university there the like of which had not been seen in Greece, a university which taught the three Vedas and the eighteen accomplishments and was still existing when the Chinese pilgrim Fa-Hsien went there about AD 400." 
  3. Hermann Kulke; Dietmar Rothermund (2004). A History of India. Routledge. प॰ 157. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-415-32919-1. "In the early centuries the centre of Buddhist scholarship was the University of Taxila." 
  4. Balakrishnan Muniapan; Junaid M. Shaikh (2007). "Lessons in corporate governance from Kautilya's Arthashastra in ancient India". World Review of Entrepreneurship, Management and Sustainable Development 2007 3 (1): 50–61. doi:10.1504/WREMSD.2007.012130. 
  5. Radha Kumud Mookerji (1951) [reprint 1989]. Ancient Indian Education: Brahmanical and Buddhist (2nd ed.). Motilal Banarsidass. pp. 478–479. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 81-208-0423-6. 
  6. http://publishing.cdlib.org/ucpressebooks/view?docId=ft067n99v9&brand=ucpress
  7. Punjabi Musalmans by J.M.Wikeley, Manohar 1991, p4
  8. The Discovery of India by Jawaharlal Nehru, Oxford Uni. Press 1985, p266

सरकारी कड़ियाँ[संपादित करें]