सिंध

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सिंध
Flag of Sindh.svg
Coat of arms of Sindh Province.svg
चनडा
निस़ान
राजकार: कराची
रकबा: 140,914 km²
लोक गिणती: 49,978,000
Sindh in Pakistan (claims hatched).svg Mohenjodaro Sindh.jpeg
सिंध

सिंध पाकिस्तान के चार प्रान्तों में से एक है। यह देश के दक्षिण-पूर्व में बसा हुआ है जिसके दक्षिण में अरब की खाड़ी है। सिन्ध का सबसे बड़ा शहर कराँची है और यहाँ देश की 15 प्रतिशत जनता वास करती है। यह सिन्धियों का मूल स्थान है साथ ही यहाँ विभाजन के दौरान आकर बसे मोहाज़िरों की भी बहुतायात है।

Provincial symbols of Sindh (unofficial)
Provincial animal Capra ibex ibex – 03.jpg
Provincial bird Sind Sparrow (Passer pyrrhonotus)- Male at Sultanpur I Picture 178.jpg
Provincial flower Nerium oleander flowers leaves.jpg
Provincial tree Acacia nilotica subsp. cupressiformis.jpg

नाम[संपादित करें]

सिंध संस्कृत के शब्द सिंधु से बना है जिसका अर्थ है समुद्र। सिंधु नाम से एक नदी भी है जो इस प्रदेश के लगभग बीचोंबीच बहती है। फ़ारसी स को ह की तरह उच्चारण करते थे। उदाहरणार्थ दस को दहा या सप्ताह को हफ़्ता (यहाँ कहने का अर्थ ये नहीं कि ये संस्कृत शब्दों के फ़ारसी रूप थे पर उनका मूल एक ही हुआ होगा)। अतः वे इसे हिंद कहते थे। असीरियाई स्रोतों में सातवीं सदी ईसा पूर्व में इसे सिंदा नाम से द्योतित किया गया है। यहा

इतिहास[संपादित करें]

Raja dahir

ईसा के 3300 साल पहसे से ईसापूर्व 1900 तक यहाँ सिंधु घाटी सभ्यता फली-फूली। सिंधु घाटी सभ्यता अपने समकालीन मिस्र था मेसोपोटामिया के साथ व्यापार करती थी। मिस्र में कपास के लिए सिंध शब्द का प्रयोग होता था जिससे अनुमान लगता है कि वहाँ कपास यहीं से आयात किया जाता था। ईसा के 1900 साल पहसे सिंधु घाटी सभ्यता अनिर्णीत कारणों से समाप्त हो गई। इसकी लिपि को भी अब तक पढ़ा नहीं जा सका जिससे इसके मूल निवासियों के बारे में अधिक पता नहीं चल पाया है।

ईसा के 1500 साल पहले भारतीय (तथा ईरानी) क्षेत्रों में आर्यों का अगमन आरंभ हुआ। आर्य भारत के कई हिस्सों में बस गए। ईरान में भी आर्यों की बस्तियाँ फैलने लगीं। भारतीय स्रोतों में सिन्ध का नाम सिंध, सिंधु, सिंधुदेश तथा सिंधुस्थान जैसे शब्दों के रूप में हुआ है। ईसा के 500 साल पहले यहाँ ईरान के हख़ामनी शासकों का अधिकार हो गया। यह घटना इस्लाम के आगमन से कोई 1000 साल पहले की है। फ़ारस, यानि आज का ईरान, पर यूनान के सिकंदर का अधिकार हो जान के बाद सन् 328 ईसापूर्व में यह यवनों के शासन में आया। ईसापूर्व 305 में मौर्य साम्राज्य के अंग बनने के बाद यह ईसापूर्व 185 से करीब सौ सालों तक ग्रेको-बैक्टि्रयन शासन में रहा। इसके बाद गुप्त और फिर अरबों के शासन में आ गया। मुगलों का अधिकार सोलहवीं सदी में हुआ। यह ब्रिटिश भारत का भी अंग था।

सिंध के जिले[संपादित करें]