मॉरिशस

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मॉरीशस गणराज्य
Republic of Mauritius
République de Maurice
मॉरीशस का ध्वज मॉरीशस का कुल चिन्ह
ध्वज कुल चिन्ह
राष्ट्रवाक्य: "Stella Clavisque Maris Indici"  (लैटिन)
"हिन्द महासागर का सितारा और कुन्जी"
राष्ट्रगान: मदरलैंड (मातृभूमि)
मॉरीशस की स्थिति
राजधानी
(और सबसे बड़ा शहर)
पोर्ट लुई
20°10′ S 57°31′ E
राजभाषा(एँ) अंग्रेजी
सरकार गणराज्य
राष्ट्रपति
-प्रधानमंत्री
अनिरुद्ध जगन्नाथ
नवीन रामगुलाम
स्वतंत्रता संयुक्त राजशाही से 
 - तिथि 12 मार्च 1968 
 - गणराज्य 12 मार्च 1992 
क्षेत्रफल
 - कुल 2,040 वर्ग किमी (179 वाँ)
787 वर्ग मील
 - जल(%) 0.05
जनसंख्या
 - 2007 अनुमान 1,264,866 (151 वाँ)
 - जन घनत्व 616/वर्ग किमी (18 वाँ)
1564/वर्ग मील
सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) (पीपीपी) 2006 अनुमान
 - कुल $16.0 अरब (119 वाँ)
 - प्रति व्यक्ति $13,703 (51 वाँ)
मानव विकास सूचकांक  (2004) Green Arrow Up Darker.svg 0.804 % (उच्च) (65 वाँ)
मुद्रा मॉरिशियाई रुपया (MUR)
समय मंडल MUT (यूटीसी +4)
 - ग्रीष्म (DST) (यूटीसी +5[1])
इंटरनेट टीएलडी . mu
दूरभाष कोड +230
[2][3]

मॉरीशस गणराज्य( अंग्रेज़ी: Republic of Mauritius, फ़्रांसीसी : République de Maurice), अफ्रीकी महाद्वीप के तट के दक्षिणपूर्व में लगभग 900 किलोमीटर की दूरी पर हिंद महासागर मे और मेडागास्कर के पूर्व मे स्थित एक द्वीपीय देश है। मॉरीशस द्वीप के अतिरिक्त इस गणराज्य मे, सेंट ब्रेंडन, रॉड्रीगज़ और अगालेगा द्वीप भी शामिल हैं. दक्षिणपश्चिम मे 200 किलोमीटर पर स्थित फ्रांसीसी रीयूनियन द्वीप और 570 किलोमीटर उत्तर पूर्व मे स्थित रॉड्रीगज़ द्वीप के साथ मॉरीशस मस्कारेने द्वीप समूह का हिस्सा है। मारीशस की संस्कृति, मिश्रित संस्कृति है, जिसका कारण पहले इसका फ्रांस के आधीन होना तथा बाद मे ब्रिटिश स्वामित्व मे आना है। मॉरीशस द्वीप विलुप्त हो चुके डोडो पक्षी के अंतिम और एकमात्र घर के रूप में भी विख्यात है।

इतिहास[संपादित करें]

मॉरीशस के सबसे पुराने अभिलेख लगभग 10 वीं शताब्दी की शुरुआत के हैं जो द्रविड़ ( तमिल ) और औस्ट्रोनेशी नाविकों के संदंर्भ से आते है। पुर्तगाली नाविकों पहले पहल यहाँ 1507 में आये और उन्होने इस निर्जन द्वीप पर एक यात्रा अड्डा स्थापित किया और फिर इस द्वीप को छोड़ कर चले गये। सन् 1598 में हॉलैंड के तीन पोत जो मसाला द्वीप (स्पाइस आइलैंड) की यात्रा पर निकले थे एक चक्रवात के दौरान रास्ता भटक कर यहाँ पहुँच गये। उन्होने इस द्वीप का नाम अपने नासाओ के युवराज मॉरिस के सम्मान में मॉरिशस रख दिया। सन्1638 में, डच लोगों ने यहाँ पहली स्थायी बस्ती बसाई। चक्रवातों वाली कठोर जलवायु परिस्थितियों और बस्ती को होने वाले लगातार नुक्सान के कारण डचो ने कुछ दशकों बाद इस द्वीप को छोड़ दिया। फ्रांस, जिसका पहले से ही इसके पड़ोसी आइल बॉरबोन (अब रीयूनियन) द्वीप पर नियंत्रण था ने सन् 1715 में मॉरीशस पर कब्ज़ा कर लिया और इसका नाम बदलकर – आइल दे फ्रांस (फ्रांस का द्वीप) रख दिया। फ्रांस के शासन मे, यह द्वीप एक समृद्ध अर्थव्यवस्था के रूप मे विकसित हुआ जो चीनी उत्पादन पर आधारित थी। यह आर्थिक परिवर्तन गवर्नर (राज्यपाल) फ्रेंकॉएस माहे दे लेबॉर्डॉनाइस के द्वारा शुरू किया गया था।

ब्रिटेन के साथ अपने कई सैन्य संघर्षों के दौरान, फ्रांस ने गैरकानूनी घोषित जलदस्युओं "कोर्सेर्स" को शरण दी, जो अक्सर ब्रिटिश जहाजो, जिन पर मूल्यवान व्यापार का माल लदा होता था को उनकी भारत और ब्रिटेन के मध्य होने वाली यात्राओं के दौरान लूट लेते थे। सन् 1803-1815 के दौरान हुए नेपोलियन युद्धों मे ब्रिटिश इस द्वीप का नियंत्रण पाने मे सफल हो गये। ग्रांड पोर्ट की लड़ाई जीतने के बावजूद, जो कि नेपोलियन की ब्रिटिशों पर एकमात्र समुद्री विजय थी, फ्रांसीसी, तीन महीने बाद, केप मैलह्युरॉ (Malheureux) मे ब्रिटेन से हार गये। उन्होनें औपचारिक रूप से 3 दिसम्बर 1810 को कुछ शर्तों के साथ समर्पण कर दिया, ये शर्तें थीं, कि द्वीप पर फ्रांसीसी भाषा का प्रयोग जारी रहेगा और आपराधिक मामलों में नागरिकों पर फ्रांस का कानून लागू होगा। ब्रिटिश शासन के अंतर्गत, इस द्वीप का नाम बदलकर वापस मॉरीशस कर दिया गया।

सन् 1965 में, ब्रिटेन (यूनाइटेड किंगडम) ने छागोस द्वीपसमूह को मॉरीशस से अलग कर दिया। उन्होने ऎसा ब्रिटिश हिंद महासागर क्षेत्र स्थापित करने के लिये किया जिससे वे सामरिक महत्व के द्वीपों का प्रयोग संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग के विभिन्न प्रयोजनों के लिए कर सकें। हालाँकि मॉरीशस की तत्कालीन सरकार उनके इस कदम से सहमत थी पर बाद की सरकारों ने उनके इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध बताया है[तथ्य वांछित] और इन द्वीप समूहों पर अपना अधिकार जताया है. उनके इस दावे को, संयुक्त राष्ट्र द्वारा भी मान्यता दी गयी है[तथ्य वांछित]

मॉरीशस ने 1968 में स्वतंत्रता प्राप्त की और देश राष्ट्रमंडल के तहत, सन्1992 मे एक गणतंत्र बना। मॉरीशस एक स्थिर लोकतंत्र है जहाँ नियमित रूप से स्वतंत्र चुनाव होते हैं और मानवाधिकारों के मामले मे भी देश की छवि अच्छी है, इसके चलते यहाँ काफी विदेशी निवेश हुआ है और यह देश अफ्रीका मे सबसे अधिक प्रति व्यक्ति आय वाले देशों मे से एक है।

राजनीति[संपादित करें]

मॉरीशस एक संसदीय लोकतंत्र है जिसकी संरचना ब्रिटेन की संसदीय प्रणाली पर आधारित है। राज्य का प्रमुख राष्ट्रपति होता है जिसका कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है और उसका चुनाव राष्ट्रीय सभा, मॉरीशस की एकसदनीय संसद करती है। राष्ट्रीय सभा (नेशनल असेंबली) के 62 सदस्य जनता द्वारा चुने जाते हैं जबकि चार से आठ सदस्यों की नियुक्ति चुनाव मे हारे "श्रेष्ट पराजित" उम्मीदवारों के बीच से जातीय अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व करने के लिये तब की जाती है जब इन समुदायों को चुनाव से उचित प्रतिनिधित्व ना मिला हो। प्रधानमंत्री और मंत्री परिषद सरकार का नेतृत्व करते हैं। सरकार पांच साल के आधार पर निर्वाचित होती है। सबसे हाल के आम चुनाव 3 जुलाई 2005 में मुख्य भूमि के सभी 20 निर्वाचन क्षेत्रों के साथ ही रॉड्रीगज़ द्वीप के निर्वाचन क्षेत्र मे भी कराये गये थे। अंतरराष्ट्रीय मामलों में, मॉरीशस हिंद महासागर आयोग, दक्षिणी अफ्रीकी विकास समुदाय, राष्ट्रमंडल और ला फ्रेंकोफोनी (फ़्रांसीसी बोलने वाले देशों) का हिस्सा है। सन् 2006 में, मॉरीशस को पुर्तगाली भाषाई देशों के समुदाय का एक प्रेक्षक सदस्य बनने को कहा गया जिससे यह उन देशों के और करीब हो सके। मॉरीशस की कोई सेना नहीं है, लेकिन इसके पास एक तटरक्षक बल तथा पुलिस और सुरक्षा बल हैं।

जिले और अधीन क्षेत्र[संपादित करें]

मॉरीशस के जिले

मॉरीशस द्वीप नौ जिलों मे विभाजित है:

  1. ब्लैक रिवर (राजधानी: बैम्बॉस)
  2. फ्लाक़ (राजधानी: सेन्टर दे फ्लाक़)
  3. ग्रांड पोर्ट (राजधानी: माहेबॉर्ग)
  4. मोका (राजधानी: क्वार्टियर मिलिटायरे)
  5. पैम्प्लेमूजे़स (राजधानी: ट्रिओलेट)
  6. प्लाईनेस् विल्हेम्स (राजधानी: रोज़ हिल/ क्यूरेपाईप)
  7. पोर्ट लुई ( मॉरीशस की राजधानी)
  8. रिवियेरे दु रेम्पार्त (राजधानी: मापाउ)
  9. सवान्ने (राजधानी: सूलेक )

अधीन क्षेत्र[संपादित करें]

  • रॉड्रीगज़, द्वीप जो मॉरीशस के उत्तर पूर्व मे 560 किलोमीटर पर स्थित है, जिसे अक्टूबर 2002 मे आंशिक स्वायत्ता प्रदान की गयी, स्वायत्ता मिलने से पहले यह मॉरीशस का 10 वाँ प्रशासनिक जिला था।
  • अगालेगा, मॉरीशस के उत्तर मे 933 किलोमीटर पर दो छोटे टापू हैं।
  • कार्गादोस काराजोस शोआल्स, जिसे सेंट ब्रेन्डन द्वीप के नाम से भी जाना जाता है मॉरीशस के उत्तर मे 402 किलोमीटर पर स्थित है।

मॉरीशस के अन्य क्षेत्र[संपादित करें]

मॉरीशस निम्न क्षेत्रों पर भी अधिकार जताता है:[4]

भूगोल[संपादित करें]

मॉरीशस का मानचित्र

मॉरीशस मास्कारेने द्वीप समूह का हिस्सा है। इस द्वीपसमूह की श्रृंखला उन अंत:समुद्री ज्वालामुखीय विस्फोटों के कारण बनी है जो अब सक्रिय नहीं हैं। यह ज्वालामुखीय विस्फोट अफ्रीकी प्लेट के रीयूनियन तप्तबिन्दु के ऊपर सरकने के कारण हुए थे। मॉरीशस द्वीप एक केंद्रीय पठार के चारों ओर बना है, जिसकी उच्चतम चोटी पितोन डे ला पेतित रिवियेरे नोएरे 828 मीटर (2717 फुट) उंची है और इसके दक्षिण मे स्थित है। पठार के आसपास, मूल गर्त फिर भी पहाड़ों से अलग दिखाई पड़ता है।

स्थानीय जलवायु उष्णकटिबंधीय है, जो दक्षिणपूर्व की हवाओं द्वारा संशोधित होती है। यहाँ मई से नवंबर तक शुष्क सर्दियों पड़तीं हैं और नवम्बर से मई का मौसम गर्म, आद्र, और गीली गर्मी का होता है। विरोधी-चक्रवात देश को मई से सितंबर के दौरान प्रभावित करते है। चक्रवातों का समय नवंबर-अप्रैल होता है। हॉलैंडा (1994) और दीना (2002) पिछले दो चक्रवात हैं जिन्होने द्वीप को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है।

उत्तरपश्चिम मे स्थित पोर्ट लुई इस द्वीप की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है। अन्य महत्वपूर्ण शहरों मे क्यूरेपाइप, वकोआस, फ़ीनिक्स, कुआर्ते बोर्नेस, रोज़ हिल और बीयू-बासिन शामिल है।

यह् द्वीप अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। उदाहरण के लिए, लेखक मार्क ट्वेन, ने अपने निजी यात्रा वृतांत ‘फॉलॉइंग द एक्वेटर’ मे लिखा है कि " मॉरिशस के देख कर आपको विचार आता है पहले मॉरिशस बना और फिर स्वर्ग और स्वर्ग, मॉरीशस की एक नकल मात्र है।”

अर्थव्यवस्था[संपादित करें]

मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुई का एक विहंगम दृश्य.

सन् 1968 में आजादी के बाद से, मारीशस एक निम्न आय वाली, कृषि उत्पाद आधारित अर्थव्यवस्था से विकसित होकर एक विविधतापूर्ण मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्था मे परिवर्तित हो गया है जिसमे तेजी से बढ़ता औद्योगिक, वित्तीय, और पर्यटन क्षेत्र शामिल है . अधिकांश अवधि मे वार्षिक वृद्धि दर, 5 % से 6 % के बीच दर्ज की गई है। यह दर बढ़ती जीवन प्रत्याशा, घटती शिशु मृत्यु दर और बुनियादी ढांचे में सुधार से परिलक्षित होती है।

सन् 2005 में, अनुमानित 10155 अमरीकी डालर, क्रयशक्ति समता ( पीपीपी ), के साथ मॉरीशस अफ्रीका मे प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद के हिसाब से सातवें स्थान पर है, इससे आगे हैं रीयूनियन (19233 अमरीकी डॉलर, वास्तविक विनिमय दरों पर), सेशल्स ( 13887 अमरीकी डालर, पीपीपी पर) , गैबॉन (12742 अमरीकी डालर, पीपीपी पर), बोत्सवाना ( 12057 अमरीकी डालर पीपीपी पर), भूमध्य रेखीय गिनी ( 11999 अमरीकी डालर, पीपीपी पर), और लीबिया ( 10727 अमरीकी डालर, पीपीपी पर)।

अर्थव्यवस्था मुख्यतः गन्ना बागान, पर्यटन, कपड़ा, और सेवा क्षेत्र पर निर्भर है, लेकिन अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से विकास हो रहा हैं। मॉरीशस, लीबिया और सेशल्स केवल तीन ऎसे अफ्रीकी देश हैं जिनका दर्ज़ा " मानव विकास सूचकांक” के हिसाब से ‘उच्च’ है। (रीयूनियन, को फ्रांस का हिस्से मानते हुए, संयुक्त राष्ट्र ने मानव विकास सूचकांक की वरीयता श्रेणी में सूचीबद्ध नहीं किया है)

गन्ना 90% कृषि योग्य भूमि पर उगाया जाता है और जिससे कुल निर्यात आय का 25% प्राप्त होता है। लेकिन 1999 मे पड़े भयंकर सूखे से गन्ने की फसल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई थी। सरकार की विकास योजनायें विदेशी निवेश पर आधारित है। मारीशस ने 9000 से अधिक अपतटीय संस्थाओं को आकर्षित किया है जिनका उद्देश्य भारत और दक्षिण अफ्रीका से व्यापार करना है जबकि अकेले बैंकिंग क्षेत्र में निवेश 1 अरब डॉलर से अधिक पहुँच गया है। दिसम्बर 2004 मे बेरोजगारी की दर 7.6 % थी। फ्रांस देश का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है जिसका इस देश के साथ न सिर्फ निकट संबंध है, बल्कि वो इसे विभिन्न रूपों में तकनीकी सहायता प्रदान करता है।

स्थानीय निवासिओं को कम कीमतों पर आयात करने की सुविधा देने और अधिक पर्यटकों जो फिलहाल दुबई और सिंगापुर जाते हैं, को आकर्षित के लिए मॉरीशस अगले चार साल मे एक शुल्क मुक्त (ड्यूटी फ्री) द्वीप बनने की दिशा में प्रयासरत है। कई उत्पादों पर ड्यूटी (शुल्क) समाप्त कर दिया गया है और 1850 से अधिक उत्पादों पर जिनमें कपड़े, भोजन, गहने, छायांकन (फोटोग्राफिक) उपकरण, श्रव्य दृश्य उपकरण और प्रकाश व्यवस्था के उपकरण शामिल है पर शुल्क घटा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, नए व्यावसायिक अवसरों को आकर्षित करने के उद्देश्य से आर्थिक सुधारों को भी लागू किया गया है. हाल ही में, 2007-2008 के बजट में वित्त मंत्री राम सीतानन ने कंपनी (कार्पोरेट) कर को घटा कर 15 % कर दिया है[तथ्य वांछित]। ब्रिटिश अमेरिकी इंवेस्टमेंट कंपनी मॉरीशस में मर्सिडीज बेंज ,पीजो, मित्सुबिशी और साब कारों की बिक्री का प्रतिनिधित्व करती है।

ए डी बी नेटवर्क की योजना पूरे मॉरीशस मे लोगों को वायरलेस इंटरनेट पहुँचाने की है, अभी तक यह पहुँच द्वीप के 60% क्षेत्र और 70% जनसंख्या के पास है। भारत के कुल 10.98 अरब अमरीकी डालर के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मे मॉरीशस का स्थान पहला है। शीर्ष 2000 और जनवरी 2005 के बीच होने वाला मॉरीशस का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मुख्यत: बिजली के उपकरण, दूरसंचार, ईंधन, सीमेंट और जिप्सम उत्पाद तथा सेवा क्षेत्र (वित्तीय और गैर वित्तीय ) जैसे विभिन्न क्षेत्रों में आकर्षित है।

जनसाँख्यिकी[संपादित करें]

मॉरीशस का समाज विभिन्न जातीय समूहों के लोगों से मिल कर बना है। गणराज्य की अधिकांश जनता हैं भारत, अफ्रीका, फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया आदि के निवासियों के वंशज हैं। बहुत से लोग मिश्रित जातीय मूल के है

ऑस्ट्रेलिया समाज मिश्रित ब्रिटेन जनता आधार वंशज हैं।

भाषा[संपादित करें]

मॉरीशस की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है, इसलिए सरकार का सारा प्रशासनिक कामकाज अंग्रेजी में होता है। शिक्षा प्रणाली मे अंग्रेजी के साथ फ़्रांसीसी का भी इस्तेमाल किया जाता है। फ्रांसीसी भाषा हालाँकि, मीडिया की मुख्य भाषा है चाहें प्रसारण हो या मुद्रण इसके अलावा व्यापार और उद्योग जगत के मामलों में भी मुख्यत: फ्रांसीसी ही प्रयोग मे आती है। सबसे व्यापक रूप से देश मे मॉरीशियन क्रेयोल भाषा बोली जाती है। हिन्दी भी एक बड़े वर्ग द्वारा बोली व समझी जाती है।

धर्म[संपादित करें]

मॉरीशस में विभिन्न धर्मों के लोग रहते है जिनमे प्रमुख हैं हिंदू धर्म (52 %), ईसाई धर्म (27 %) और इस्लाम (14,4 %)। एक बडी़ संख्या नास्तिक लोगों की भी है।

संस्कृति[संपादित करें]

मॉरीशस

मॉरीशस को इसके स्वादिष्ट खाने से भी जाना जाता है, जो भारतीय, चीनी, क्रेयोल और यूरोपियन खानो का मिश्रण है। इस द्वीप पर रम का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है। 1638 मे डच लोगों ने मॉरीशस को सबसे पहले गन्ना से परिचित कराया। डच गन्ने की खेती मुख्यतः अरक ( रम का एक पूर्व प्रकार) के उत्पादन के लिए करते थे। लेकिन फ्रांस और ब्रिटेन के शासन के दौरान यहाँ गन्ने की खेती को बड़े पैमाने पर किया गया जिसने इस द्वीप के आर्थिक विकास मे काफी योगदान दिया।[तथ्य वांछित] पियरे चार्ल्स फ्रेंकोएज़ हरेल पहला व्यक्ति था जिसने 1850 में मॉरीशस में रम के स्थानीय आसवन का प्रस्ताव किया।

सेगा स्थानीय लोक संगीत है। सेगा मूलत: अफ्रीकी संगीत है जिसमे परंपरागत वाद्यो का उपयोग होता है जैसे रवाने जिसे बकरी की त्वचा से बनाया जाता है। आमतौर पर सेगा मे गुलामी के दिनों की यातनाओं का वर्णन होता है साथ ही इन गीतों मे आजकल के दौर मे अश्वेतों की सामाजिक समस्याओं को भी उठाया जाता है। आमतौर पर पुरुषों वाद्य बजाते हैं और महिलायें साथ मे नृत्य करती हैं। तटीय क्षेत्र के होटलों में ये शो नियमित रूप से आयोजित किये जाते है।

1847 मे मॉरीशस डाक टिकट जारी करने वाला पाँचवां देश बना। यहाँ से दो प्रकार के डाक टिकट जारी किए गये जिन्हें तब मॉरीशस "डाकघर" टिकट के नाम से जाना जाता था। एक टिकट एक "लाल पेनी" और दूसरी " दो नीले पेंस" मूल्य वर्ग की थी, और आज यह टिकट शायद दुनिया की सबसे प्रसिद्ध और मूल्यवान टिकटें है।

मॉरीशस की जब इसकी खोज हुई थी, तब यह द्वीप एक अज्ञात पक्षी प्रजाति का घर था जिसे, पुर्तगालियों ने डोडो (मूर्ख ) कह कर पुकारा क्योकि यह बहुत अक्लमंद नहीं लगते थे। लेकिन, 1681 तक सभी डोडो पक्षियों को बसने वालों और उनके पालतू जानवरों ने मार दिया। एक वैकल्पिक सिद्धांत बताता है कि बसने वालों के साथ आये जंगली सूअरों ने धीमी गति से प्रजनन करने वाले डोडो के घोंसले उजाड़ दिये। फिर भी, डोडो आज मॉरीशस का राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह बन गया है।

संदर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]