कैस्पियन सागर

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कैस्पियन सागर
कैस्पियन सागर - MODIS द्वारा परिक्रमा करते टेरा (उपग्रह) द्वारा लिया गया चित्र
MODIS द्वारा परिक्रमा करते टेरा (उपग्रह) द्वारा लिया गया चित्र
निर्देशांक 40°N 51°E / 40, 51Erioll world.svgनिर्देशांक: 40°N 51°E / 40, 51
झील का प्रकार एण्डोरिक, खारा, स्थायी, प्राकृतिक
प्राथमिक अंत:प्रवाह वोल्गा नदी
प्राथमिक बहिर्वाह वाष्पीकरण
स्त्रवण (कैचमेंट) क्षेत्र 36,26,000 कि.मी. (14,00,000 वर्ग मील)[1]
अपवहन बेसिन देश Flag of अज़रबैजान अज़रबैजान
Flag of ईरान ईरान
Flag of कज़ाख़िस्तान कज़ाख़िस्तान
Flag of रूस रूस
Flag of तुर्कमेनिस्तान तुर्कमेनिस्तान
सतह क्षेत्र 3,71,000 कि.मी. (1,43,000 वर्ग मील)
औसत गहरायी 184 मी. (600 फुट)
जल क्षमता 78,200 कि.मी (18,800 घन मील)
झील के जल का ठहराव समय २५० वर्ष
सतह की ऊंचाई -28 मी. (-92 फुट)
द्वीप बहुत से (देखेंलेख)
बसावत बाकु (अज़रबैजान), राश्त (ईरान), अक्टाउ (कज़ाख़स्तान), मखाचकला (रूस), तुर्केम्बसी (तुर्कमेनिस्तान) (देखें लेख)
संदर्भ [1]

कैस्पियन सागर (संस्कृत: कश्यप सागर, फ़ारसी - دریای مازندران दरया ए मजंदरान), एशिया की एक झील है, किन्तु इसके वृहत आकार के कारण इसे सागर कहा जाता है। मध्य एशिया में स्थित यह झील क्षेत्रफल के हिसाब से विश्व की सबसे बड़ी झील है। इसका क्षेत्रफल ४,३०,००० वर्ग किलोमीटर तथा आयतन ७८,२०० घन किलोमीटर है। इसका कोई बाह्यगमन नहीं है और पानी सिर्फ़ वाष्पीकरण के द्वारा बाहर जा सकता है। ऐतिहासिक रूप से यह काला सागर के द्वारा बोस्फ़ोरस, ईजियन सागर और इस तरह भूमध्य सागर से जुड़ा हुआ माना जाता है जिसके कारण इसे ज्यरचना के आधार पर झील कहना उचित नहीं है। इसका खारापन १.२ प्रतिशत है जो विश्व के सभी समुद्रों के कुल खारेपन का एक तिहाई है। इसके नाम के बारे में जो धारणाएं प्रचलित हैं उनमें ऋषि कश्यप का नाम प्रमुख है।[2]

कैस्पियन सागर विश्व में विश्व के सभी झीलों के कुल जल का ४०-४४ % जल है। तुर्कमेनिस्तान ,कज़ाख़स्तान, रूस, अजरबैजान, ईरान इसके तटवर्ती देश हैं। इसका उत्तरी भाग बहुत छिछला है जहाँ इसकी गहराई ५- ६ मीटर है, जबकि दक्षिणी भाग की औसत गहराई १००० मीटर के आसपास है। कैस्पियन सागर को प्राचीन मानचित्रों में क़ाज़्विन भी कहा गया है। इसके अलावा इसे ईरान में दरया-ए-मजंदरां भी कहते हैं। काले सागर की ही भांति यह भी ऐतिहासिक व विलुप्त पैरा टिथाइस सागर का अवशेष है जो लगभग ५५ लाख वर्षों पूर्व पृथ्वी की विवर्तनिक (टेक्टोनिक) पर्तों की गतिविधियों के कारण भूमि-बंध हो गया था। यूरोप से आती वोल्गा नदी जो यूरोप के २०% भूमि क्षेत्र को सींचती है, कैस्पियन सागर के ८०% जल का स्रोत है। इसके अलावा अन्य मुख्य स्रोत युराल नदी है। इस सागर में बहुत से द्वीप हैं, जिनमें ऑगुर्जा आडा सबसे बड़ा द्वीप है जिसकी लंबाई ४७ कि.मी है।

कैस्पियन सागर का मानचित्र, जब यह मानचित्र बना था तब से अराल सागर अपने मूल आकार से बहुत सिकुड़ गया है















संदर्भ

  1. 1.0 1.1 वान डर लीडेन, ट्रॉएज़, एवं टॉड, एड्स, द वॉटर विश्वकोष द्वितीय संस्करण. चेल्सिया, एम.आई: लुविस पब्लिशर्स, १९९०, पृष्ठ १९६
  2. भट्ट, श्याम सुंदर. "अपराजेय" (हिन्दी में) (पेपरबैक). भारतीय साहित्य संग्रह. pp. २८५. http://vrihad.com/bs/home.php?bookid=2582. अभिगमन तिथि: २००९. "मैं हूँ चंद्र। मेरा पुत्र पैल है और पुत्री का नाम शशि है। हम आदित्य जाति के हैं। कश्यप सागर से आदित्यपुर (वर्तमान के कैस्पियन सागर से अदन बंदरगाह) के बीच फैले क्षेत्र में हमारी जाति के लोग निवास करते हैं।’’ वृद्ध ने कहा।" 

बाहरी सूत्र

वैयक्तिक औज़ार
नामस्थान

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