निज़ामी गंजवी

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निज़ामी (1141-1209, इलियास यूसफ़ ओग्लु) एक फ़ारसी तथा अज़ेरी कवि थे जो लैली व मजनूं (लैला मजनू) तथा सात सुंदरियां जैसी किताबों के लिए प्रसिद्ध हैं। इनका जन्म 12 वीं सदी में वर्तमान आज़रबैजान के गंजा में हुआ था। इन्होंने बाद के कई फ़ारसी शायरों पर अपना प्रभाव डाला था जिनमें हफ़ीज़ शिराज़ी, रुमी तथा अमीर ख़ुसरो का नाम भी शामिल है।

रचनाएँ[संपादित करें]

लैली व मजनूं (लैला मजनू), इस्कंदरनामे, हफ़्त पैकर

एक ग़ज़ल:

म रा ब ग़मज़ा कुश्त व क़ज़ा रा बहाना साख़्त।
ख़ुद सू-ए-म न दीद ओ हया रा बहाना साख़्त।

ज़ाहिद न दाश्त, ताब-ए-जमाल-ए-परीरुख़ां
कुंजा गिरिफ़्त व ख़ुदा रा बहाना साख़्त।

रफ़्तम बमस्जिद के बबीनम जमाल-ए-दोस्त
दस्त बारुख़ कसीद व दुआ रा बहाना साख़्त।