पुणे

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पुणे
—  नगर  —
Pune Montage.JPG
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य महाराष्ट्र
ज़िला पुणे जिला
महापौर
सांसद सुरेश कलमाडी
जनसंख्या
घनत्व
4,485,000 (2005 के अनुसार )
• 6,407
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)
700.0 km² (270 sq mi)
• 560 मीटर (1,837 फी॰)

Erioll world.svgनिर्देशांक: 18°32′N 73°51′E / 18.53°N 73.85°E / 18.53; 73.85

पुणे भारत के महाराष्ट्र राज्य का एक महत्त्वपूर्ण शहर है। यह शहर महाराष्ट्र के पश्चिम भाग, मुलामूठा इन दो नदियों के किनारे बसा है और पुणे जिला का प्रशासकीय मुख्यालय है। पुणे भारत का छठवां सबसे बड़ा शहर व महाराष्ट्र का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। सार्वजनिक सुखसुविधा व विकास के हिसाब से पुणे महाराष्ट्र मे मुंबई के बाद अग्रसर है। अनेक नामांकित शिक्षणसंस्थायें होने के कारण इस शहर को 'पूरब का ऑक्सफोर्ड' भी कहा जाता है। पुणे में अनेक प्रौद्योगिकी और ऑटोमोबाईल उपक्रम हैं, इसलिए पुणे भारत का ”डेट्राइट” जैसा लगता है। काफी प्राचीन ज्ञात इतिहास से पुणे शहर महाराष्ट्र की 'सांस्कृतिक राजधानी' माना जाता है। मराठी भाषा इस शहर की मुख्य भाषा है।

पुणे शहर मे लगभग सभी विषयों के उच्च शिक्षण की सुविधा उपलब्ध है। पुणे विद्यापीठ, राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला, आयुका, आगरकर संशोधन संस्था, सी-डैक जैसी आंतरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थान यहाँ है। पुणे फिल्म इन्स्टिट्युट भी काफी प्रसिद्ध है।

पुणे महाराष्ट्र व भारत का एक महत्त्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र है। टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, भारत फोर्ज जैसे उत्पादनक्षेत्र के अनेक बड़े उद्योग यहाँ है। 1990 के दशक मे इन्फोसिस, टाटा कंसल्टंसी सर्विसे, विप्रो, सिमैंटेक, आइ.बी.एम जैसे प्रसिद्ध सॉफ्टवेअर कंपनियों ने पुणे मे अपने केंन्द्र खोले और यह शहर भारत का एक प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी उद्योगकेंद्र के रूप मे विकसित हुआ।

नाम[संपादित करें]

पुणे यह नाम 'पुण्यनगरी' नाम से आया समझा जाता है। यह शहर ई.स. 8 के शतक मे 'पुन्नक' (या 'पुण्यक') नाम से जाना जाता था, ऐसा संदर्भ मिलता है। ई.स. 11 के शतक मे 'कसबे पुणे' या 'पुनवडी' नाम से जाना जाने लगा। मराठा साम्राज्य के काल खंड मे शहर का नाम 'पुणे' मे रूप मे उपयोग मे लाया जाने लगा। ब्रिटिश ने उसे 'पूना' कह कर संबोधित करने की सुरुआत की। अब यह पुणे, इस आधिकारिक नाम से जाना जाता है।

इतिहास[संपादित करें]

आठवी शताब्दी मे पुणे को पुन्नक नाम से जाना जाता था। शहर का सबसे पुराना वर्णनइ.स. 758 का है, जब उस काल के राष्ट्रकूट राज मे इसका उल्लेख मिलता है। मध्ययुग काल का एक प्रमाण जंगली महाराज मार्ग पर पाई जाने वाली पातालेश्वर गुफा है, जो आठ्वी सदी की मानी जाती है।

17 वी शताब्दी मे यह शहर निजामशाही, आदिलशाही, मुगल ऐसे विभिन्न राजवंशो का अंग रहा। सतरहवी शताब्दी में शहाजीराजे भोसले को निजामशाहा ने पुणे की जमींदारी दी थी। इस जमींदारी मे उनकी पत्नी जिजाबाई ने ई.स. 1627 में शिवनेरी किले पर शिवाजीराजे भोसले को जन्म दिया। शिवाजी महाराज ने अपने साथियों के साथ पुणे परिसर में मराठा साम्राज्य की स्थापना की। इस काल मे पुणे में शिवाजी महाराज का वर्चस्व था। आगे पेशवा के काल मे ई.स. 1749 सातारा को छत्रपति की गद्दी और राजधानी बना कर पुणे को मराठा साम्राज्य की 'प्रशासकीय राजधानी' बना दी गई। पेशवा के काल मे पुणे की काफी तरक्की हुई। इ.स. 1818 तक पुणे मे मराठों का राज्य था।

मराठा साम्राज्य[संपादित करें]

पुणे शिवाजी महाराज के जीवन व मराठा साम्राज्य के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अंग है। ई.स. 1635-36 के दरमयान जब जिजाबाई व शिवाजी महाराज पुणे आवास के लिए आए, तबसे पुणे के इतिहासा में एक नए पर्व का जन्म हुआ। शिवाजी महाराज व जिजामाता पुणे में लाल महाल मे रहते थे। पुणे के ग्रामदेवता- कसबा गणपती की स्थापना जिजाबाईं ने की थी।

17वी शतब्दी के प्रारंभ में, छत्रपती शाहू के प्रधानमंत्री, बाजीराव पेशवे (थोरले) को पुणे को अपना स्थाई आवास बनाना था। छत्रपती शाह महाराज ने इसकी अनुमती दी व पेशवा ने मुठा नदी के किनारे शनिवारवाडा बनाया।

खरडा इस ऐतिहासिक किले पर मराठों एवं निजाम के बीच इ.स. 1795 के बीच युध्द हुआ। इ.स. 1817 को पुणे के पास खडकी ब्रिटिश व मराठों में युध्द हुआ। मराठो को इस युद्ध में पराजय का सामना करना पड़ा व ब्रिटिश ने पुणे को अपने कबजे मे कर लिया। ब्रिटिश ने पुणे के महत्व को समझते हुए शहर के पूर्व मे खडकी कँटोन्मेंट (लष्कर छावनी) की स्थापना की। इ.स. 1858 मे पुणे महानगरपालिका की स्थापना हुई। 19वी शताब्दी के उत्तरार्ध में पुणे मे अनेक नामांकित शिक्षण संस्थाओ की स्थापना हुई।

स्वातंत्रा संग्राम[संपादित करें]

भारतीय स्वातंत्रा संग्राम मे पुणे के नेताओं और समाज सुधारकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। लोकमान्य तिलक और सावरकर जैसे नेताओं के कारण पुणे राष्ट्र के नक्शे पर अपने महत्व को दर्शाता रहा। महादेव गोविंद रानडे, रा.ग. भांडारकर, विठ्ठल रामजी शिंदे, गोपाल कृष्ण गोखले, महात्मा फुले जैसे समाजसुधारक व राष्ट्रीय ख्याती के नेता पुणे से थे।

भूगोल[संपादित करें]

पुणे का स्थान 18°31'22.45" उत्तर अक्षांश, 73° 52' 32.69 पूर्व रेखांश है।

पुणे का मध्यबिंदु (Zero milestone) पुणे जी.पी.ओ पोस्ट ऑफिस के बाहर है। जी.पी.ओ. पुणे सह्याद्रि पर्वत के पूर्व और समुद्रतल से 560 मी (1,837 फूट) की ऊचाँई पर है। भीमा नदीकी उपनदियाँ मुला व मुठा के संगम पर यह शहर बसा है। पवनाइंद्रायणी ये नदियाँ पुणे शहर के उत्तर-पश्चिम दिशा मे बहती है। शहर का सर्वोच्च बिंदु वेताल टेकडी (समुद्रतल से 800 मी) है और शहर के पास का सिंहगड किले की ऊचाँई 1300 मी. है।

पुणे शहर कोयना भूकंप क्षेत्र मे आता है जो पुणे शहर से 100 कि.मी. दक्षिण दिशा मे है। पुणे में मध्यम व छोटे भूकंप आए है। कात्रज, में 17 मई, 2004 को 3.2 रि. स्केल का भूकंप आया था।

पेठ[संपादित करें]

पुणे शहर के पूर्व में नदी किनारे पेठ के अनुसार बढता गया, जो नए उपनगर है और जुडते हुए शहर का विस्तार करते चले गए है। पेठ के नाम सप्ताह के दिनो के नाम और ऐतिहासिक व्यक्तियों के नाम पर रखे गए। पुणे के पेठ के नाम इस प्रकार हैं:
कसबा पेठ, रविवार पेठ, सोमवार पेठ, मंगलवार पेठ, बुधवार पेठ, गुरुवार पेठ, शुक्रवार पेठ, शनिवार पेठ, गंज पेठ (महात्मा फुले पेठ), सदाशिव पेठ, नवी (सदाशिव) पेठ, नारायण पेठ, भवानी पेठ, नाना पेठ, रास्ता पेठ, गणेश पेठ

वातावरण[संपादित करें]

पुणे शहर मे गर्मी, (मौनसून) वर्षा व शीत ऋतु होती है। मार्च से मई (तापमान 25°- 29° से.) सबसे गर्म महिने हैं। मई महिने में बारिश शुरु होती है। जून महीने मे अरब सागर से मौनसून की हवाएँ शुरू होती है। पुणे में वार्षिक 722 मि.मी. बारिश होती है। जुलाई महिने में सबसे ज्यादा बारिश होती है। बारिश मे तापमान 20°- 28° से. होता है।

मौनसून के बाद अक्तूबर महिने मे दिन मे तापमान बढ़्ता है मगर रात को ठंढ़ होती है। शर्दी नवंबर से फरवरी महिनो मे रह्ती है। इस समय पुणे भेट करने के लिए सर्वोत्तम समय है। इस समय दिन का तापमान 29°से तो रात्रि का तापमान 10°से नीचे होता है। दिसंबरजनवरी महीनों में तापमान 5-6°से तक नीचे जाता है। पुणे का अधिकतम तापमान 43.3°से, 20 अप्रैल, 1987/7 मई, 1889 को और (1781-1940 के बीच के वर्षो मे) न्यूनतम तापमान 1.7°से 17 जनवरी 1935 को दर्ज किया गया। जनवरी 1991 मे पुणे का तापमान 2.8°से था।

जैवविविधता[संपादित करें]

पुणे शहर के डाक कार्यालय से 25 कि.मी.दूर त्रिज्या के परिसर मे साधारणतः 1,000 पुष्प-वनस्पति की प्रजातियाँ, १०४ फुलपाखर की प्रजातियाँ, 350 पक्षियो की प्रजातियाँ और 64 स्तनधारी प्राणियों की प्रजातियाँ पाई गई है।

अर्थव्यवस्था[संपादित करें]

पुणे एक महत्वपुर्ण औद्योगिक केंद्र है। महाराष्ट्र राज्य मे मुंबई महानगर के बाद पुणे ही सर्वाधिक औद्योगिक शहर है। विश्व मे सर्वाधिक दुपहिए बनाने वाली कंपनी बजाज ऑटो पुणे मे है। भारत मे सर्वाधिक प्रवासी वाहन और औद्योगिक वाहन बनाने वाली कंपनी टाटा मोटर्स, कायनेटिक, डाइमलर-क्रायस्लर (मर्सिडिस-बेंज), फोर्स मोटर्स (बजाज टेंपो) जैसे उद्योग पुणे मे स्थित है।

पुणे के अभियांत्रिकी उद्योग - भारत फोर्ज (विश्व की दुसरी सबसे बडी फोर्जिंग कंपनी), कमिन्स इंजिन्स, अल्फा लव्हाल, सँडविक एशिया, थायसन ग्रुप (बकाऊ वूल्फ), केएसबी पंप, फिनोलेक्स, ग्रीव्हज् इंडिया, फोर्ब्स मार्शल, थर्मेक्स इत्यादी।

विद्युत व गृहपयोगी वस्तू निर्माता व्हर्लपूल और एल.जी. के उत्पादन कारखाने, फ्रिटो-लेज, कोका-कोला के अन्न प्रक्रिया उद्योग पुणे मे स्थित है। अनेक मध्यम व छोटे उद्योग पुणे मे है। अन्तरराष्ट्रीय हवाईमार्ग से पुणे को जोडने के बाद से जिले मे अनेक उद्योग निर्यात करने लगे है।

पुणे मे सूचना प्रौद्योगिकी के प्रतिष्ठान भी काफी है। हिंजवडी स्थित राजीव गांधी आय.टी पार्क, मगरपट्टा सायबरसिटी, तलवडे एम.आय.डी.सी. सॉफ्टवेर पार्क, मॅरिसॉफ्ट आय.टी. पार्क (कल्याणीनगर), आय.सी.सी. इत्यादी आय.टी पार्क्स मे आय.टी उद्योग भरपूर चालू है।

महत्वपूर्ण भारतीय सॉफ्टवेर कंपनियाँ - इन्फोसिस, टाटा, फ्ल्युएंट, क्सांसा, टी.सी.एस., टेक महिंद्रा, विप्रो, पटनी, सत्यम, सायबेज, के.पी.आय.टी. कमिन्स, दिशा, पर्सिस्टंट सिस्टम्स, जियोमेट्रिक सॉफ्टवेयर, नीलसॉफ्ट व कॅनबे पुणे मे है।

महत्वपूर्ण बहुराष्ट्रीय सॉफ्टवेर कंपनियाँ - बी.एम.सी. सॉफ्टवेयर, एनव्हिडिया ग्राफिक्स, एच.एस.बी.सी. ग्लोबल टेक्नोलॉजिस, आय.बी.एम., रेड हॆट, सिमेन्स, ई.डी.एस., युजीएस, आयफ्लेक्स, कॉग्नीझंट, सिमांटेक, सनगार्ड, वर्संट, झेन्सार टेक्नालॉजीस, टी-सिस्टम और एसएएस, आयपीड्रम।

डॉ प्रवीण भागवत ने सेवा आधरित प्रतिष्ठानों से हटकर सन् २००२ ई. में अपने सॉफ्टवेअर उत्पाद आधारित प्रतिष्ठान एअरटाइट नेटवर्क्स के लिये पुणे का चयन किया। आज यह कंपनी अपने पाँच उत्पादों के साथ संपूर्ण विश्व के बेतार संगणक संजालों (wireless computer networks) की वाई-फाई आक्रमणों से सुरक्षा के लिये प्रतिबद्ध है।

पुणे कॉल सेंटर या बी.पी.ओ. उद्योग मे भी अग्रसर है। अंग्रेजी बोलने वाले कर्मचारी वर्ग पुणे मे उपलब्ध होने के कारण कन्व्हरजिस, डब्ल्यु.एन.एस., इन्फोसिस, विप्रो, इएक्सएल, एमफेसिस जैसी महत्वपूर्ण आऊटसोर्सिंग कंपनियाँ पुणे मे है।

पुणे मे महत्वपूर्ण कंपनियो के मुख्यालय -

प्रशासन[संपादित करें]

नागरिक प्रशासन[संपादित करें]

पुणे शहर की व्यवस्था पुणे महानगरपालिका करती है। महानगरपालिका का कार्य नागरिक प्रशासन व मूलभूत सेवा-सुविधा प्रदान करना है। प्रशासकीय प्रमुख के कार्यकारी अधिकार महाराष्ट्र सरकार द्वारा नांमांकित आय. ए. एस्‌. अधिकारी दर्जा के महापालिका आयुक्त के पास होता है। महानगरपालिका मतदान द्वारा चुनी गए नगरसेवक बनाते है। नगरसेवकों का नेतृत्व महापौर के पास होता है। महापौर केवल एक नाममात्र का पद है, इस पद का अधिकार कम ही रहता है। पुणे में 48 महापालिका प्रभाग के विभाग है, प्रत्येक विभाग के कामकाज सहायक आयुक्त देखते है। राज्य के सभी छोटे-बडे राजकीय पक्ष अपने उम्मीदवारो को निर्वाचित पद के लिए नामांकित करते है।

जिला प्रशासन[संपादित करें]

पुणे शहर पुणे जिले का मुख्यालय भी है। जिले का प्रमुख जिलाधिकारी होता है व उसका काम सातबारा, जमीन जायदाद के नामकरण का रखरखाव, राज्य सरकार के लिए सारावसूली, करवसुली व चुनावो की व्यवस्था करना होता है।

महानगर पुलिस तंत्र[संपादित करें]

पुणे पुलिस का प्रमुख पोलिस आयुक्त होता है; जो राज्य के गृह मंत्रालय द्वारा नियुक्त किया गया एक आय. पी. एस्‌. अधिकारी होता है। पुणे पुलिस व्यवस्था महाराष्ट्र राज्य के गृहमंत्रालय के अंतर्गत आती है।

यातायात व्यवस्था[संपादित करें]

पुणे का एक मार्ग

पुणे शहर भारत के अन्य महत्वपूर्ण शहरो से सड़्क, रेल्वे व हवाईमार्ग से जुडा हुआ है। पुणे का विमानतल से पहले केवल देश के अन्य शहरो के लिए उडाने थी, मगर सिंगापूरदुबई के लिए उडाने आने के बाद इसे अन्तरराष्ट्रीय दर्जा प्राप्त हुआ है।

नया ग्रीनफिल्ड पुणे अन्तरराष्ट्रीय विमानतल प्रकल्प महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू करने पर यह चाकणराजगुरुनगर गाँवो के बीच चांदूस व शिरोली के पास (पुणे से ४० कि.मी.) होने की संभावना है। इस परियोजना की जिम्मेदारी महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल को सौपी गई है।

चित्र:Punelocal.jpg
पुणे की उपनगरीय रेल

शहर मे पुणे व शिवाजीनगर यह दो महत्वपूर्ण रेल्वे स्थानक है। पुणे व लोणावला के बीच उपनगरी रेल है जिससे पिंपरी, खडकीचिंचवड यह उपनगर शहर से जुड़्ते है। पुणे की उपनगरी रेल लोणावला तक और मुंबई कीकर्जत तक चलती है। रेल्वे प्रशासन लोणावला व कर्जत/खोपोली शहर को जोडने की योजना बना रहा है। जिससे पुणे-मुंबई के दरम्यान आने वाले सभी स्थानो को एक्साथ जोडा जाएगा। कर्जत-पनवेल रेलवे बनने के बाद पुणे-मुंबई शहरो के बीच का अंतर 29 कि.मी. से कम हो जाएगा।

पुणे व मुंबई के बीच मुंबई-पुणे द्रुतगती महामार्ग बनाया गया है। जिससे दोनो शहरो के दरमयान केवल तीन घंटे का अंतर रह गया है। शासकीय व निजी बससेवा पुणे को मुंबई, हैदराबाद, नागपुरबंगलूरू शहरो से जोड़्ती है। महाराष्ट्र राज्य परिवहन मंडल (एस.टी) की बससेवा पुणे को महाराष्ट्र के ग्रामीण भागो से जोडती है।

पुणे शहर 2010 तक महत्वपूर्ण आई.टी केंद्र बनने के मार्ग पर है। पुणे की चक्रमाती बढत के साथ यहाँ वाहनो की संख्या मे भी काफी बढत हुई है। 2005 मे पुणे मे 146 वर्ग कि.मी क्षेत्रफल मे 2,00,000 कार (मोटारगाडिया) व 10,00,000 दुपहिए वाहन थे, ऐसा एक अभ्यास से पता किया गया। पुणे के उपनगर कल्याणीनगर, विमाननगर, मगरपट्टा, पिंपरी, चिंववड, बाणेर, वाकड, औंध, हिंजेवाडी, बिबवेवाडी, वानवडी, निगडी-प्राधीकरण काफी तेजी से बढ रहे है पर अंदरूनी रास्ते उतने तेजी से नही बढ रहे है।

सार्वजनिक यातायात व्यवस्था के लिए पुणे व पिंपरी-चिंचवड महापालिका द्वारा नियंत्रित पी.एम.टी.पी.सी.एम.टी. उपकरण है। रिक्शा शहर मे यातायात का प्रमुख साधन है।

जनजीवन[संपादित करें]

पुणे शहर भारत का सबसे तेज विकसित होने वाला शहर है। पुणे कि जनसंख्या बडी तेजी से बढ रही है। सन १९९१ कि जनगणना के अनुसार पुणे कि जनसंख्या ११ लाख थी। सन २००१ के अनुसार २५ लाख हुई। अब २०११ के अनुसार जनसंख्या ५० लाख के उपर जाने कि संभावना है। पुणे शहर मे सॉफ्टवेयर व वाहननिर्मिती के व्यवसायो के निरंतर विकास से नोकरी की तलाश मे भारत के अन्य प्रांत के लोगो यहाँ बसते आए है। 2003 से यहाँ निर्माण-क्षेत्र के काफी तेजी आई है।

पुणे भारत का छठवां सबसे बडा शहर है। भारत में पुणे से बढे शहर मुंबई, कोलकत्ता, दिल्ली, चेनई, बेंगलोर है। पुणे के बाद हैदराबाद, अहमदाबाद, सूरत यह शहर आते है।

पुणे मे रहने वालो को पुणेकर कहकर भी संबोधित किया जाता है। शहर की मुख्य भाषा मराठी है और अंग्रेजी व हिंदी भाषा बोलते हुए अकसर लोग मिलते है।

पुणे के भगिनी शहर[संपादित करें]

यह शहर पुणे के भगिनी शहर है -

पर्यटन[संपादित करें]

यहां कई पर्यटक आकर्षण हैं। जिनमें से कुछ हैं:-

  1. शनिवार वाड़ा
  2. आगाखान महल
  3. पार्वती हिल मंदिर
  4. कटराज सर्प उद्यान
  5. कोणार्क
  6. osho ashram
  7. Sant Shri Asaramji Bapu Ashram in Alandi Devachi, Pune

संस्कृति[संपादित करें]

पुणे को महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी कहकर भी संबोधित किया जाता है। पुणे की मराठी को मराठी भाषा का मानक-रुप (standard) माना जाता है। पुणे मे वर्ष भर सांस्कृतिक कार्यक्रम के रेलचेल होते रहते है। पुणे मे संगीत, कला, साहित्य की भरमार है।

गणेशोत्सव[संपादित करें]

1894 मे लोकमान्य तिलक ने सार्वजनिक गणेशोत्सव शुरु किया। भाद्रपद (अगस्त नही तो सितंबर) महीने मे आने वाले इन दस दिनो की अवधि मे पुणे शहर चैतन्यमय होता है। देश-परदेश से लोग इस उत्सव मे भाग लेने पुणे आते है। जगह-जगह छोटे-बडे गणेश मंडल के मंडपो को सजाया जाता है। इस उत्सव के दरमयान महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल पुणे उत्सव नामक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराता है, जिसमे संगीत, नृत्य, मैफिली, नाटक और खेल समाविष्ट होते है। दस दिवस चलने वाला यह उत्सव गणेश विसर्जन के साथ समाप्त होता है। अनंत चतुर्दशी के सुबह शुरु होने वाला विसर्जन अगले दिन तक चलता रहता है। प्रमुख पाँच मंडल है -


  1. कसबा गणपती (यह पुणे के ग्राम देबता है)
  2. तांबडी जोगेश्वरी
  3. गुरूजी तालीम
  4. तुलशीबाग
  5. केसरी वाडा (यह मंडल तिलक पंचांग के अनुसार गणेशोत्सव को सजाता है)

पुणे मे गणेशोत्सव मंडल प्राणप्रतिष्ठा की गई मूर्ति विसर्जीत कर के उत्सव मर्ति वापस ले जाते है। विसर्जन के दरमयान ढोल, लेझीम जैसे अनेक पथके होते है। अनेक विद्यालय अपने पथके सिखाते है।

सवाई गंधर्व संगीत महोत्सव[संपादित करें]

दिसंबर महिने मे अभिजात संगीत मैफली का कार्यक्रम पुणे मे होता है जिसे सवाई गंधर्व संगीत महोत्सव कह कर संबोधित किया जाता है। तीन रातो तक चलने वाला इस उत्सव मे सुप्रसिध्द हिंदुस्तानीकर्नाटक संगीतज्ञ भाग लेते है। शास्त्रीय संगीत प्रेमियो के लिए उत्सव एक पर्व के समान होता है।

रंगभूमि[संपादित करें]

मराठी रंगभूमि मराठी संस्कृति का अविभाज्य भाग है। मराठी नाटक प्रायोगिक व व्यावसायिक दोनो होते है। पुणे मे मराठी नाटक काफी लोकप्रिय है। टिलक स्मारक मंदिर, बालगंधर्व रंगमंदिर, भरत नाट्य मंदिर, यशवंतराव चव्हाण नाट्यगृह, सुदर्शन रंगमंचपिंपरी चिंचवड नाट्यगृह पुणे व आसपास के महत्वपूर्ण नाट्यगृह है।

फिल्म[संपादित करें]

पुणे मे अनेक मल्टिप्लेक्स है जिसमे मराठी, हिंदी व हॉलीवूड फिल्मे दिखाई जाती है। पुणे रेलवे स्थानक के पास आयनॉक्स, विद्यापीठ रास्ते पर ई-स्क्वेअर, सातारा रस्ता व कोथरूड के पास सीटीप्राईड, कल्याणीनगर के पास गोल्ड ऍडलॅब्स और आकुर्डी के पास फेम गणेश विजन है। मराठी फिल्मे मुख्यतः प्रभात और सीटीप्राईड चित्रपटगृह मे प्रदर्शित होती है।

धर्म-अध्यात्म[संपादित करें]

चतु:श्रृंगी मंदीर शहर के उत्तर-पश्चिम डोंगर-उतार पर है। मंदीर 90 फुट ऊँचा 125 फुट लम्बा है व इसका व्यवस्थापन चतु:श्रृंगी देवस्थान करता है। नवरात्री के दरमयान मंदीर मे विशेष भीड़ होती है। शहर मे पर्वती देवस्थान भी काफी प्रसिध्द है। पुणे के पास आलंदीदेहू देवस्थान काफी प्रसिध्द है। आलंदी मे संत ज्ञानेश्वर की समाधी और देहू पर संत तुकाराम का वास्तव्य है। हर वर्ष वारकरी संप्रदाय के लोग इन संतो की पालखी लेकर पंढरपुर जाते है। आषाढी एकादशी के मुहूर्त पर पंढरपूर पहुँचते है। पुणे मे भारतीय ज्यु लोगो की बडी बसती है। ओहेल डेविड इस्त्राएल के बाहर एशिया का सबसे बडा सिनेगॉग (ज्यु का प्रार्थनास्थल) है। पुणे मेहेरबाबा का जन्मस्थान और रजनीश के रहने का स्थान था। रजनीश के आश्रम मे देश-परदेश के पर्यटक आते है। आश्रम मे ओशो झेन बाग व बडा ध्यानगृह है। पुणे मे पाषाण नामक गाव है। जहा सोमेशवर का प्राचीन मंदीर है जिसका निर्माण जिजामाता ने किया था।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]