विप्रो

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भारत में १९८० में स्थापीत वीपरो टेक () एक सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी है. वास्तव में इसकी जड़ें, एक puranI mil में अजीम प्रेमजी के पिता द्वारा स्थापीत एक छोटी सी वनस्पति तेल कंपनी के रूप में १९४७ से फैलना प्रारंभ हुए.उनके आकस्मीक निधन के बाद १९६६ में, स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय , संयुक्त राज्य अमरीका से इलेक्ट्रिकल इंजीनीय्रींग की उपाधि प्राप्त अजीम ने २१ वर्ष की आयु मे नेतृत्व का बीडा उठाया उन्होंने इसे पुनर्व्यवस्थित किया और १९६६ में (वेस्टर्न इंडिया वेजिटेबल प्रोडक्ट्स लिमिटेड) विप्रो लि को एक फास्ट मूविंग कंस्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) कंपनी के रूप में स्थापित किया जो उस समय २ करोड़ डॉलर की एक हय्द्रोजिओनेतेद रसोई तेल/वसा, धुलाई के साबुन, मोम और टीन कंटेनर की कंपनी थी और बाद में १९७५ में हाय्द्रौलीक तथा नुमेटीक सिलेंडरों के निर्माण के लिए विप्रो फ्लुईड पॉवर की स्थापना की. जिस समय विप्रो अच्छा पैसा बना रही थी, उस समय भी प्रेमजी निरंतर नए अवसरों की तलाश में थे.

१९७७ में, भारत की समाजवादी सरकार ने आई बी एम को देश छोड़ने के लिए कहा. प्रेमजी ने कंप्यूटर हार्डवेयर की र।ह अपन।।ने का फैसला किया है .१९७९ में, उन्होंने अपने स्वयम के कंप्यूटर का विकास शुरू किया और १९८१ में, तैयार मशीन की बिक्री --उत्पादों की श्रेणी का पहला उत्पाद जिसने दो दशकों के लिए विप्रो को भारत का सबसे बड़ा कंप्यूटर निर्माता बना दिया. कंपनी ने संयुक्त राज्य अमेरिका में सेंटीनेल कंप्यूटर से प्रोद्योगिकी अनुज्ञप्ति प्राप्त की और भारत के पहले मिनी कंप्यूटर का उत्पादन प्रारम्भ कर दिया. प्रेमजी ने ऐसे प्रबंधकों को नियोजित किया जो कंप्यूटर साक्षर और व्यावसायिक अनुभवों से लेस थे. उन्होंने तकनीक को तेजी से सीखा और हार्डवेयर को एक अत्यधिक मुनाफे का उद्यम बना दिया. कुछ ही समय में विप्रो के इंजीनियरो ने सॉफ्टवेयर पैकेज विकसित करना प्रारम्भ कर दिया जो उस समय हार्डवेयर ग्राहकों को आसानी से उपलब्ध नहीं थे. १९८० में इसने आईटी कारोबार को विविधतापूर्ण बना दिया और इसके बाद भारत की पहली ८०८६ चीप को आविष्कृत किया. १९९२ में एक प्रकाश व्यापार स्थापित हुआ और २००० तक विप्रो लिमिटेड एडीआर न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (New York Stock Exchange) में सूचीबद्ध हो गई.

आज यह एक बहु व्यवसाय तथा बहु स्थान कंपनी के रूप में उभरी है. इसका व्यसाय उपभोक्ता उत्पादों, अधोसरंचना यांत्रिकी से विशिष्ट सूचना प्रौद्योगिकी उत्पादों और सेवाओं तक विस्तारीत है. हाल ही में , विप्रो ने अपने उद्यम अनुप्रयोगों के व्यवसाय की स्थापना पर जोर दिया है. विप्रो ने स्वीकार किया कि दुनिया भर के वैश्विक दिग्गज, जिन्होंने ओरेकल और एसऐपी जैसे मंहगे पैकेज इंस्टाल किए थे, अपने निवेश से और अधिक प्राप्त करना चाहते थे. आम तौर पर अमेरिकी परामर्शी फर्म्स इसके लिए १२५ -१३० डॉलर प्रति घंटा लेती थी जबकि भारतीय कंपनियां ऐसा ७५ -१०० डॉलर प्रति घंटा में कर देती थी. यह विप्रो लिमिटेड की वैश्विक आईटी सेवा भुजा है (१९४५ से प्रचलित, १९४६ में स्थापित) इसका मुख्यालय बंगलूर में है और यह भारत में तीसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी है.इसके द्वारा २००२ [1] में अधिग्रहित इसकी बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (business process outsourcing) (बीपीओ) भुजा को मिला कर ३० जून , २००८ को इसमे ९५,६७५ से अधिक कर्मचारी थे.

फॉर्च्यून ५०० (Fortune 500) ५० कंपनियों सहित विप्रो टेक्नोलॉजीज के अमेरिका, यूरोप और जापान में ३०० से अधिक ग्राहक हैं. इसके कुछ ग्राहक हैं नोर्टेल (Nortel), बोईंग (Boeing), बीपी (BP), सिस्को (Cisco), इरिक्सन (Ericsson), आईबीएम् (IBM), माइक्रोसॉफ्ट, प्रूडेंशियल (Prudential), सीगेट (Seagate), सोनी (Sony), एचपी (HP), विंडड्राईवर (Windriver), एयरबस (Airbus), तोशिबा (Toshiba), विंडस्ट्रीम कम्युनिकेशन (Windstream Communications), और वाल-मार्ट. मध्य पूर्व में इसके कुछ ग्राहकों में स्टेट कम्पनी शरजाह इलेक्ट्रिसिटी और वाटर अथॉरिटी, मेटल, दुबई ई-गवर्नमेंट (Dubai eGovernment), क़तर पेट्रोलियम (Qatar Petroleum), बहरीनी साउदी बैंक, फ्यूचर कम्युनिकेशन कंपनी, कुवैत, दोहा बैंक, पेट्रो रबिहा, SASREF और साउदी पोलियोलेफिंस कंपनी भी शामिल है. यह न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (New York Stock Exchange) में सूचीबद्ध है और टीएमटी (टेक्नोलॉजी मीडिया टेलिकॉम) का एक भाग है .

५ अरब डॉलर से अधिक के राजस्व के साथ विप्रो भारत की प्रमुख आईटी कंपनियों में से एक है. सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग संस्थान कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी सर्टिफिकेशन प्रोसेस के अंतर्गत विप्रो टेक्नोलॉजीज का पीपल केपेबिलिटी मेचुरिटी मॉडल (PCMM) के 5 वें स्तर पर आंकलित किया गया है और यह प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाली यह विश्व की पहली कंपनी है. विप्रो वैश्विक बाजार में कार्यरत एस ई आई सी एम् एम् की 5 वें स्तर की पहली प्रमाणित आईटी सेवा कंपनी है. विप्रो कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना (WESOP) कर्मचारियों को कंपनी की सफलता में हिस्सा लेने की अनुमति देती है. भारत भर में इसके समर्पित विकास केन्द्र और कार्यालय हैं, ( बंगलोर में मुख्यालय है तथा कंपनी मुंबई, पुणे, चेन्नई, हैदराबाद तथा गुडगाँव में कार्य कर रही है.)यूरोप , ( रोमानिया ) , मिस्र , उत्तर अमेरिका , लैटिन अमेरिका और एशिया पेसिफिक .वर्तमान अध्यक्ष (Chairman), प्रबंध निदेशक (Managing Director) तथा अधिकांश अंशधारिता स्वामी अजीम प्रेमजी (Azim Premji) हैं, जो विप्रो की स्थापना के समय से ही सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर प्रभागों के प्रमुख हैं.

विप्रो के उत्पाद डिजाइन विकास कार्य के उदाहरण में शामिल हैं १९९८ में जापान की एक दूरसंचार कंपनी के लिए इंटरनेट ब्राउज़िंग फ़ोन, चिप निर्माता टेक्सास इंस्ट्रूमेंट को डिजिटल सिग्नल प्रोसेसिंग सॉफ़्टवेयर के उत्पादन में सहायता, तथा इटली के एक निर्माता मग्नेट मरेल्ली को एक ऑटो मोटिव डिसप्ले यूनिट के निर्माण में सहायता जिसमे सेल फोन की क्षमता, वैश्विक प्रणाली स्तर की सिस्टम प्रौद्योगिकी, एक नेविगेशन प्रणाली तथा एक सीडी प्लेयर के सयुंक्त कार्य सम्मिलित है.

संदर्भ[संपादित करें]

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विदेश लिंक्स[संपादित करें]


सन्दर्भ[संपादित करें]