सूचना प्रौद्योगिकी

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सूचना प्रौद्योगिकी (en:information technology) आंकडों की प्राप्ति, सूचना (इन्फौर्मेशन) संग्रह, सुरक्षा, परिवर्तन, आदान-प्रदान, अध्ययन, डिजाइन आदि कार्यों तथा इन कार्यों के निष्पादन के लिये आवश्यक कम्प्यूटर हार्डवेयर एवं साफ्टवेयर अनुप्रयोगों से सम्बन्धित है। सूचना प्रौद्योगिकी कम्प्यूटर पर आधारित सूचना-प्रणाली का आधार है। सूचना प्रौद्योगिकी, वर्तमान समय में वाणिज्य और व्यापार का अभिन्न अंग बन गयी है। संचार क्रान्ति के फलस्वरूप अब इलेक्ट्रानिक संचार को भी सूचना प्रौद्योगिकी का एक प्रमुख घटक माना जाने लगा है और इसे सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (Information and Communication Technology, ICT) भी कहा जाता है। एक उद्योग के तौर पर यह एक उभरता हुआ क्षेत्र है।


अनुक्रम

[संपादित करें] सूचना प्रौद्योगिकी के उदय के कारक

  • अर्धचालक प्रौद्योगिकी : इन्टीग्रेट परिपथों का लघुकरण, कम्प्यूटिंग शक्ति में वृद्धि, उन्नत क्षमता युक्तएकीकृत परिपथों का विकास
  • सूचना भण्डारण : आंकडा भंडारण के लिये प्रयुक्त अर्धचालक प्रौद्योगिकी के विकास से सस्त, लघुआकार और अति क्षमतायुक्त युक्तियाँ सुलभ हो गयीं हैं।
  • नेटवर्किंग : प्रकाशीय तंतु (आप्टिकल फाइबर) की तकनीकी में अत्यधिक विकास के कारण नेटवर्किंग सस्ती, तेज और आसान हो गयी है।
  • साफ्टवेयर तकनीकी : नित नये-नये और उपयोगी साफ्टवेयरों के आने से सूचना प्रौद्योगिकी और अधिक उपयोगी बन गयी है।

[संपादित करें] सूचना प्रौद्योगिकी का महत्व

  • सूचना प्रौद्योगिकी, सेवा अर्थतंत्र की आधार है।
  • पिछडे देशों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिये सूचना प्रौद्योगिकी एक सम्यक तकनीकी (appropriate technology) है।
  • गरीब जनता को सूचना-सम्पन्न बनाकर ही निर्धनता का उन्मूलन किया जा सकता है।
  • सूचना-सम्पन्नता से सशक्तिकरण (empowerment) होता है।
  • सूचना तकनीकी का प्रयोग योजना बनाने, नीति निर्धारण तथा निर्णय लेने में होता है।
  • यह नये रोजगारों का सृजन करती है।

[संपादित करें] सूचना प्रौद्योगिकी के विभिन्न घटक

[संपादित करें] कम्प्यूटर हार्डवेयर प्रौद्योगिकी

इसके अन्तर्गत माइक्रोकम्प्यूटर, सर्वर, बडे मेनफ्रेम कम्प्यूटर के साथ-साथ इनपुट, आउटपुट एवं संग्रह (storage) करने वाली युक्तियाँ (devices) आतीं हैं।

[संपादित करें] कम्प्यूटर साफ्टवेयर प्रौद्योगिकी

इसके अन्तर्गत संचालन प्रणाली (Operating System), वेब ब्राउजर तथा व्यापारिक/वाणिज्यिक साफ्टवेयर आते हैं।

[संपादित करें] दूरसंचार व नेटवर्क प्रौद्योगिकी

इसके अन्तर्गत दूरसंचार के माध्यम, प्रोसेसर तथा अन्तरजाल से जुडने के लिये तार या बेतार पर आधारित साफ्टवेयर

[संपादित करें] मानव संसाधन

सिस्टम ऐडमिनिस्ट्रेटर, नेटवर्क ऐडमिनिस्ट्रेटर आदि

[संपादित करें] सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभाव

सूचना प्रौद्योगिकी ने पूरी धरती को एक गाँव बना दिया है। इसने विश्व की विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं को जोडकर एक वैश्विक अर्थव्यवस्था को जन्म दिया है। यह नवीन अर्थव्यवस्था अधिकाधिक रूप से सूचना के रचनात्मक ब्यवस्था व वितरण पर निर्भर है। इसके कारण व्यापार और वाणिज्य में सूचना का महत्व अत्यधिक बढ गया है। इसी लिये इस अर्थव्यवस्था को सूचना अर्थव्यवस्था (Information Economy) या ज्ञान अर्थव्यवस्था (Knowledge Economy) भी कहने लगे हैं। सामान के उत्पादान (manufacturing) पर आधारित परम्परागत अर्थव्यवस्था कमजोर पडती जा रही है और सूचना पर आधारित सेवा अर्थव्यवस्था (service economy) निरन्तर आगे बढती जा रही है।

सूचना क्रान्ति से समाज के सम्पूर्ण कार्यकलाप प्रभावित हुए हैं - धर्म, शिक्षा (e-learning), स्वास्थ्य (e-health), व्यापार (e-commerce), प्रशासन, सरकार (e-govermance), उद्योग, अनुसंधान व विकास, संगठन, प्रचार आदि सब के सब क्षेत्रों में कायापलट हो गयी है।आज का समाज सूचना समाज कहलाता है।

[संपादित करें] सूचना प्रौद्योगिकी का भविष्य

सूचना के महत्व के साथ सूचना की सुरक्षा का महत्व भी बढेगा। सूचना प्रौद्योगिकी से जुडे कार्यों में रोजजार के अवसर बढेंगे, विशेष रूप से सूचना सुरक्षा एवं सर्वर के विशेषज्ञों की मांग बढेगी।


[संपादित करें] भारत मे सूचना प्रौद्योगिकी

(मुख्य लेख: भारत मे सूचना प्रौद्योगिकी) भारत मे सूचना प्रौद्योगिकी का विकास पिछ्ले वर्षो मे बडी तेज़ी से हुआ है। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र मे भारत मे कई बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ है । उनमे से प्रमुख है -

SAP AG है जो कि जर्मनी मे स्थित है।

इस क्षेत्र की प्रमुख भारतीय कम्पनियोँ के नाम है -


[संपादित करें] वाह्य सूत्र