मेरठ

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मेरठ
میرٹھ
Meerut
भारत की खेल राजधानी
—  महानगर  —
शहीद स्मारक
शहीद स्मारक
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य उत्तर प्रदेश
मण्डल मेरठ
ज़िला मेरठ जिला
महापौर
जनसंख्या
घनत्व
1,365,086 (2009 के अनुसार )
• 419 /कि.मी. (1,085 /वर्ग मी.)
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• 219 मीटर (719 फी॰)
आधिकारिक जालस्थल: meerut.nic.in/

Erioll world.svgनिर्देशांक: 28°59′N 77°42′E / 28.99, 77.7 मेरठ (अंग्रेज़ी: Meerut, उर्दू: میرٹھ) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का एक महानगर है। यहाँ नगर निगम कार्यरत है। यह प्राचीन नगर दिल्ली से ७२ कि.मी. (४४ मील) उत्तर पूर्व में स्थित है। मेरठ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (ऍन.सी.आर) का हिस्सा है। यहाँ भारतीय सेना की एक छावनी भी है। यह उत्तर प्रदेश के सबसे तेजी से विकसित और शिक्षित होते जिलो में से है। यहां अपराध दर भी अब घटी है।

इतिहास[संपादित करें]

सन् १९५० में यहाँ से २३ मील उत्तर-पूर्व में स्थित एक स्थल विदुर का टीला की पुरातात्विक खुदाई से ज्ञात हुआ, कि यह शहर प्राचीन नगर हस्तिनापुर का अवशेष है, जो महाभारत काल मे कौरव राज्य की राजधानी थी। [1], यह बहुत पहले गंगा नदी की बाढ़ में बह गयी थी। [2] एक अन्य किवंदती के अनुसार रावण के श्वसुर मय दानव के नाम पर यहाँ का नाम मयराष्ट्र पड़ा, जैसा की रामायण में वर्णित है। [3].

छठी शताब्दी के बालुपत्थर से बने अशोक स्तंभ का एक अंश जिस पर अशोक ने ब्राह्मी लिपि मे राज्यादेश खुदवाये थे, मूलतः मेरठ मे मिला था और अब ब्रिटिश संग्राहलय मे रखा है।

मेरठ मौर्य सम्राट अशोक के काल में (273 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व) बौद्ध धर्म का केन्द्र रहा, जिसके निर्माणों के अवशेष जामा मस्जि़द के निकट वर्तमान में मिले हैं। [4] दिल्ली के बाड़ा हिन्दू राव अस्पताल, दिल्ली विश्वविद्यालय के निकट अशोक स्तंभ, फिरोज़ शाह तुगलक (13511388) द्वारा दिल्ली लाया गया था। [2][5], बाद में यह 1713 में, एक बम धमाके में ध्वंस हो गया, एवं 1867 में जीर्णोद्धार किया गया। [6][7].

बाद में मुगल सम्राट अकबर के काल में, (1556-1605), यहां तांबे के सिक्कों की टकसाल थी। [4].

ग्यारहवीं शताब्दी में, जिले का दक्षिण-पश्चिमी भाग, बुलंदशहर के दोर –राजा हर दत्त द्वारा शासित था, जिसने एक किला बनवाया, जिसका आइन-ए-अकबरी में उल्लेख भि है, व अपनी शक्ति हेतु प्रसिद्ध रहा।[8] बाद में वह महमूद गज़नवी द्वारा 1018 में पराजित हुआ। हालांकि शहर पर पहला बड़ा आक्रमण मोहम्मद ग़ौरी द्वारा 1192 में हुआ, [2] इससे बुरा शहर का भाग्य अभी आगे खड़ा था, जब तैमूर लंग ने 1398 में आक्रमण किया, जिसे राजपूतों ने कड़ी टक्कर दी। यह लोनी के किले पर हुआ, जहां उन्होंने दिल्ली के सुल्तान मुहम्मद बिन तुग़लक़ से भी युद्ध किया। परंतु अन्ततः वे सब हार गये, यह तैमूर लंग के अपने उल्लेख तुज़ुक-ए-तैमूरी में मिलता है।[9]. उसके बाद, वह दिल्ली पर आक्रमण करने आगे बढ़ गया, व वापस मेरठ पर हमला बोला, जहां तब एक अफगन मुख्य का शासन था। उसने नगर को दो दिनों में कब्ज़ा किया, जिसमें विस्तृत विनाश सम्मिलित था, और आगे उत्तर की ओर बढ़ गया।[2]

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम[संपादित करें]

मेरठ का नाम ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के विरुद्ध 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के लिये भी प्रसिद्ध है। [10] प्रसिद्ध नारा दिल्ली चलो पहली बार यहीं से दिया गया था। मेरठ छावनी ही वह स्थान है, जहां हिन्दू और मुस्लिम सैनिकों को बन्दूकें दी गयीं, जिनमें जानवरों की खाल से बनी गोलियां डालनी पड़तीं थीं, जिन्हें मुंह से खोलना पड़ता था। इससे हिन्दुओं व मुसलमानों की धार्मिक भावना आहत हुई, क्योंकि वह जानवर की चर्बी गाय व सूअर की थी। गाय हिन्दुओं के लिये पवित्र है, और सूअर मुसलमानों के लिये अछूत पशु है।

मेरठ अन्तर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि में आया, जब 1857 का विद्रोह हुआ। २४ अप्रैल,१८५७ को; तृतीय अश्वारोही सेना की 90 में से 85 टुकड़ियों ने गोलियों को उने तक से मना कर दिया। उन्हें कोर्ट-मार्शल के बाद दस वर्ष का कारावस मिला। इसके विद्रोह में ही, ब्रिटिश जुए से मुक्ति पाने की पहली चिंगारी भड़क उठी, जिसमें शहरी जनता का पूरा समर्थन मिला।

मेरठ में ही मेरठ षड्यंत्र मामला, मार्च १९२९ में हुआ। इसमें कई व्यापार संघों को तीन अंग्रेज़ों समेत गिरफ्तार किया गया, जो भारतीय रेलवे की हड़ताल कराने वाले थे। इस पर इंग्लैंड का सीधा ध्यान गया, जिसे वहां के मैन्चेस्ट्र स्ट्रीट थियेट्स्र ग्रुप ने अपने “रड मैगाफोन” नाम के नाटक में दिखाया, जिसमें कोलोनाइज़ेशन व औद्योगिकरण के हानिकारक प्रभाव दिखाये गये थे।</ref>

पौराणिक महत्व[संपादित करें]

  • महाभारत में वर्णित लाक्षागृह, जो पांडवों को जीवित जलाने हेतु दुर्योधन ने तैयार करवाया था, यहीं पास में वार्णावत (वर्तमान बरनावा) में स्थित था। यह मेरठ-बड़ौत मार्ग पर पड़ता है।
  • रामायण में वर्णित श्रवण कुमार ने अपने बूढ़े माता पिता को तीर्थ यात्रा कराने ले जा रहा था। वे दोनों एक कांवड़ पर बैठे थे। यहीं आकर , श्रवण कुमार ने प्यास के मारे, उन्हें जमीन पर रखा, व बर्तन लेकर सरोवर से जल लेने गया। उसके बर्तन की पाने में आवाज को सुनकर, आखेट हेतु निकले महाराजा दशरथ ने उसे जानवर समझ कर तीर चला दिया, जिससे वह मृत्यु को प्राप्त हुआ। उसके दुःख में ही उसके माता पिता तड़प तड़प कर मर गये, व मरते हुए, उन्होंने दशरथ को शाप दिया, कि जिस प्रकार हम अपने पुत्र वियोग में मर रहे हैं, उसी प्रकार तुम भि अपने पुत्र के वियोग में मरोगे। और वैसा ही हुआ भी
  • मेरठ को दैत्यराज रावण की ससुराल भी माना जाता है।

भूगोल[संपादित करें]

मेरठ की भौगोलिक स्थिति 28.98° N 77.7° E[11] यहां की औसत ऊंचाई 219 मीटर (718 फीट) है|

निकटवर्ती शहर है: राजधानी दिल्ली, रुड़की, देहरादून, अलीगढ़, नौयडा,गाज़ियाबाद हापुड़ इत्यादि|

जनसांख्यिकी[संपादित करें]

मेरठ शहर ही मेरठ जिले का मुख्यालय है, जिसमें 1,025 गाँव भी सम्मिलित हैं। 2011 की राष्ट्रीय जनगणना के अनुसार मेरठ शहरी क्षेत्र (जिसमें नगर निगम एवं छावनी परिषद के अंतर्गत आते क्षेत्र सम्मिलित हैं) की जनसंख्या लगभग 14 लाख है,[12] जिसमें से लगभग 13 लाख 10 हज़ार नगर निगम के क्षेत्र में है।[13] इस हिसाब से जनसंख्या अनुसार मेरठ शहरी क्षेत्र भारत के शहरी क्षेत्रों में 33वे स्थान पर है और मेरठ शहर भारत के शहरों में 26वे स्थान पर है। मेरठ में लिंग अनुपात 888 है, राज्य औसत 908 से कम; बाल लिंग अनुपात 847 है, राज्य औसत 899 से कम। 12.41% जनसंख्या 6 साल की उम्र से छोटी है। साक्षरता दर 78.29% है, राज्य औसत 69.72% से अधिक।[12][14]

2012 अनुसार मेरठ में अपराध दर (भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत कुल संज्ञेय अपराध प्रति लाख जनसंख्या) 309.1 है, राज्य औसत 96.4 और राष्ट्रीय औसत 196.7 से अधिक।

2001 की राष्ट्रीय जनगणना अनुसार शहर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में जनसंख्या अनुसार दूसरे स्थान पर है[15] और राष्ट्र में 25वे स्थान पर।[16]

ऐतिहासिक जनगणना आँकड़े[8][17][18][a]
वर्ष पुरुष स्त्री कुल वृद्धि
1847 -- -- 29,014
1853 -- -- 82,035 182.74%
1872 -- -- 81,386 -0.79%
1881 -- -- 99,565 22.34%
1891 -- -- 119,390 19.91%
1901 65,822 (55.53%) 52,717 (44.47%) 118,539 -0.71%
1911 66,542 (57.05%) 50,089 (42.95%) 116,631 -1.6%
1921 71,816 (58.57%) 50,793 (41.43%) 122,609 5.12%
1931 80,073 (58.57%) 56,636 (41.43%) 136,709 11.49%
1941 98,829 (58.38%) 70,461 (41.62%) 169,290 23.83%
1951 133,094 (57.08%) 100,089 (42.92%) 233,183 37.74%
1961 157,572 (55.48%) 126,425 (44.52%) 283,997 21.79%
  1. इसमें नगर निगम एवं छावनी की जनसंख्याएँ शामिल हैं
जनगणना आँकड़े[a]
वर्ष पुरुष स्त्री कुल वृद्धि दर लिंग अनुपात[b]
2001[19] 621,481 (53.50%) 540,235 (46.50%) 1,161,716 -- --
2011[12] 754,857 (52.98%) 670,051 (47.02%) 1,424,908 22.66% 888
  1. मेरठ शहरी क्षेत्र के लिए, जिसमें नगर निगम और छावनी की जन्संख्याएँ शामिल हैं
  2. 1000 पुरुषों के अनुपात में स्त्रियों की संख्या
साक्षरता दर (प्रतिशत)
वर्ष पुरुष स्त्री कुल
2001[20] 65.22 53.17 59.62
2011[12] 83.74 (+18.52) 72.19 (+19.02) 78.29 (+18.67)

मेरठ में भारत के मुख्य शहरों में, सर्वाधिक मुस्लिम जनसंख्या है, जो 45% के लगभग है। यहां की ईसाई संख्या भी ठीक ठाक है। मेरठ 1987 के सांप्रदायिक दंगों की स्थली भी रहा था।

आवागमन[संपादित करें]

वायु मार्ग

पंतनगर विमानक्षेत्र या इंदिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र मेरठ के निकटतम एयरपोर्ट है। पंतनगर का एयरपोर्ट मेरठ से 62 किमी. की दूरी पर स्थित है।

रेल मार्ग

मेरठ जंकशन देश के प्रमुख शहरों से अनेक ट्रेनों के माध्यम से जुड़ा हुआ है। दिल्ली, जम्मू, अंबाला, सहारनपुर आदि स्थानों से आसानी से मेरठ पहुंचा जा सकता है।

सड़क मार्ग

उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के अनेक शहरों से मेरठ सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। राज्य परिवहन निगम की नियमित बसें अनेक शहरों से मेरठ के लिए चलती हैं।

उद्योग[संपादित करें]

मेरठ का सर्राफा एशिया का नंबर एक का व्यवसाय बाजार है... सोने के बारे में कहें तो। मेरठ शहर कई तरह के उद्योगों के लिये प्रसिद्ध है। मेरठ में निर्माण व्यवसाय में खूब तेजी आयी है, जैसा कि दिखता है- शहर में कई ऊंची इमारतेम, शॉपिंग परिसर एवं अपार्टमेन्ट्स हैं। मेरठ भारत के शेहेरों में क्रीड़ा सामग्री के सर्वोच्च निर्माताओं में से एक है। साथ ही वाद्य यंत्रों के निर्माण में यह अव्वल स्थान पर है। मेरठ में यू.पी.एस.आइ.डी.सी के दो औद्योगिक क्षेत्र हैं, एक परतापुर में एवं एक उद्योग पुरम में।[21][22] मेरठ में कुछ प्रसिद्ध फर्मसुतिकल कंपनियाँ भी हैं, जैसे पर्क फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड, मैनकाईंड फर्मा एवं बैस्टोकैम।

आयकर विभाग द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, मेरठ ने वर्ष २००७-०८ में ही १०,०८९ करोड़ रुपये, राष्ट्रीय कोष में दिये हैं, जो लखनऊ, जयपुर, भोपाल, कोच्चि एवं भुवनेश्वर से कहीं अधिक हैं। [23]

मीडिया[संपादित करें]

मेरठ एक महत्वपूर्ण मास मीडिया केन्द्र बनता जा रहा है। देश के विभिन्न क्षेत्रों से पत्रकार व जर्नलिस्ट यहां कार्यरत हैं। हाल ही में, कई समाचार चैनलों ने अपराध पर केन्द्रित कार्यक्रम दिखाने आरंभ किये हैं। क्योंकि मीडिया केन्द्र मेरठ में स्थित हैं, तो शहर को राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रचार मिल रहा है। नगर में हाल के वर्षों में कानून व्यवस्था की स्थिति काफी सुधरी है। इसमें मीडिया का बहुत बड़ा हाथ है।

मेरठ वेब मीडिया का भी मुख्य केंद्र बनता जा रहा है मेरठ मे एक्सएन व्यू न्यूज, आँखों देखी लाइव और कई अन्य वेब मीडिया चैनल मौजूद है ।

शिक्षा[संपादित करें]

नगर में कुल चार विश्वविद्यालय हैं, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, शोभित विश्वविद्यालय एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय। इसके अलावा नगर में कई अन्य महाविद्यालय एवं विद्यालय हैं।

नौचंदी मेला[संपादित करें]

यहां का ऐतिहासिक नौचंदी मेला हिन्दू – मुस्लिम एकता का प्रतीक है। हजरत बाले मियां की दरगाह एवं नवचण्डी देवी (नौचन्दी देवी) का मंदिर एक दूसरे के निकट ही स्थित हैं। मेले के दौरान मंदिर के घण्टों के साथ अज़ान की आवाज़ एक सांप्रदायिक अध्यात्म की प्रतिध्वनि देती है। यह मेला चैत्र मास के नवरात्रि त्यौहार से एक सप्ताह पहले से लग जाता है। लगभग होली के एक सप्ताह बाद। और एक माह तक चलता है।

पर्यटन स्थल[संपादित करें]

शहीद स्मारक परिसर में स्थित मंगल पांडे की मूर्ति
  • पांडव किला - यह किला मेरठ के बरनावा में स्थित है। महाभारत से संबंध रखने वाले इस किले में अनेक प्राचीन मूर्तियां देखी जा सकती हैं। कहा जाता है कि यह किला पांडवों ने बनवाया था। दुर्योधन ने पांडवों को उनकी मां सहित यहां जिन्दा जलाने का षडयंत्र रचा था लेकिन वे एक भूतिगत रास्ते से बच निकले थे।
  • शहीद स्मारक - शहीद स्मारक उन बहादुरों को समर्पित है, जिन्होंने देश के लिए 1857 में "प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम" के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। संगमरमर से बना यह स्मारक लगभग 30 मीटर ऊंचा है। 1857 का भारतीय विद्रोह मेरठ छावनी स्थिति काली पलटन मंदिर, जिसे वर्तमान में औघडनाथ मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, से आरंभ हुआ था, जिसे प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, सिपाही विद्रोह और भारतीय विद्रोह के नाम से भी जाना जाता है ब्रितानी शासन के विरुद्ध एक सशस्त्र विद्रोह था। यह विद्रोह दो वर्षों तक भारत के विभिन्न क्षेत्रों में चला। इस विद्रोह का आरंभ छावनी क्षेत्रों में छोटी झड़पों तथा आगजनी से हुआ था परन्तु जनवरी मास तक इसने एक बड़ा रुप ले लिया। विद्रोह का अन्त भारत में ईस्ट इंडिया कम्पनी के शासन की समाप्ति के साथ हुआ, और पूरे भारतीय साम्राज्य पर ब्रितानी ताज का प्रत्यक्ष शासन आरंभ हो गया जो अगले ९० वर्षों तक चला।
  • शाहपीर मकबरा - यह मकबरा मुगलकालीन है। यह मेरठ के ओल्ड शाहपIर गेट के निकट स्थित है। शाहपीर मकबरे के निकट ही लोकप्रिय सूरज कुंड स्थित है।
  • हस्तिनापुर तीर्थ - हस्तिनापुर तीर्थ जैनियों के लिए एक पवित्र स्थान माना जाता है। यहां का मंदिर जैन तीर्थंकर शांतिनाथ को समर्पित है। ऐतिहासिक दृष्टि से जैनियों के लिए इस स्थान का विशेष महत्व है क्योंकि जैनियों के तीसरे तीर्थंकर आदिनाथ ने यहां 400 दिन का उपवास रखा था। इस मंदिर का संचालन श्री हस्तिनापुर जैन श्वेतांबर तीर्थ समिति द्वारा किया जाता है।
  • जैन श्वेतांबर मंदिर - मेरठ जिले के हस्तिनापुर में स्थित जैन श्वेतांबर मंदिर तीर्थंकर विमल नाथ को समर्पित है। एक ऊंचे चबूतरे पर उनकी आकर्षक प्रतिमा स्थापित है। मंदिर के चारों किनारे चार कल्याणक के प्रतीक हैं। हस्तिनापुर मेरठ से 30 किमी. उत्तर-पर्व में स्थित है।
सरधना में स्थित रोमन कैथलिक चर्च
सेन्ट जॉन चर्च
  • रोमन कैथोलिक चर्च - सरधाना स्थित रोमन कैथोलिक चर्च अपनी खूबसूरत कारीगरी के लिए चर्चित है। मैरी को समर्पित इस चर्च का डिजाइन इटालिक वास्तुकार एंथनी रघेलिनी ने तैयार किया था। 1822 में इस चर्च को बनवाने की लागत 0.5 मिलियन रूपये थी। भवन निर्माण साम्रगी जुटाने के लिए आसपास खुदाई की गई थी। खुदाई वाला हिस्सा आगे चलकर दो झीलों में तब्दील हो गया।
  • सेन्ट जॉन चर्च - 1819 में इस चर्च को ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से चेपलिन रेव हेनरी फिशर ने स्थापित किया था। इस चर्च की गणना उत्तर भारत के सबसे प्राचीन चर्चो में की जाती है। इस विशाल चर्च में दस हजार लोगों के बैठने की क्षमता है।
  • नंगली तीर्थ - पवित्र नंगली तीर्थ मेरठ के नंगली गांव में स्थित है। नंगली तीर्थ स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज की समाधि की वजह से लोकप्रिय है। मुख्य सड़क से तीर्थ तक 84 मोड़ हैं जो चौरासी लाख योनियों के मुक्ति के प्रतीक हैं। देश के विविध हिस्सों से श्रद्धालु यहां आते हैं।
  • सूरज कुंड - इस पवित्र कुंड का निर्माण एक धनी व्यापारी लावार जवाहर लाल ने 1714 ई. में करवाया था। प्रारंभ में अबु नाला से इस कुंड को जल प्राप्त होता था। वर्तमान में गंग नहर से इसे जल प्राप्त होता है। सूरज कुंड के आसपास अनेक मंदिर बने हुए हैं जिनमें मनसा देवी मंदिर और बाबा मनोहर नाथ मंदिर प्रमुख हैं। ये मंदिर शाहजहां के काल में बने थे।
  • जामा मस्जिद - कोतवाली के निकट स्थित इस मस्जिद का यह निर्माण 11वीं शताब्दी में करवाया गया था।
  • द्रोपदी की रसोई - द्रोपदी की रसोई हस्तिनापुर में बरगंगा नदी के तट पर स्थित है। माना जाता है कि महाभारत काल में इस स्थान पर द्रोपदी की रसोई थी।
  • हस्तिनापुर अभयारण्य - इस अभ्यारण्य की स्थापना 1986 में की गई थी। 2073 वर्ग किमी. के क्षेत्र में फैले इस अभ्यारण्य में मृग, सांभर, चीतल, नीलगाय, तेंदुआ, हैना, जंगली बिल्ली आदि पशुओं के अलावा पक्षियों की अनेक प्रजातियां देखी जा सकती हैं। नंवबर से जून का समय यहां आने के सबसे उपयुक्त माना जाता है। अभ्यारण्य का एक हिस्सा गाजियाबाद, बिजनौर और ज्योतिबा फुले नगर के अन्तर्गत आता है।

अन्य तथ्य[संपादित करें]

  • 21 दिसंबर, 2005, को मेरठ राष्ट्रीय समाचार की झलकियों में था, जब पुलिस ने सार्वजनिक रूप से हाथ पकड़े जोड़ों को मारा पीटा, जो कि देश के कई भागों में सांस्कृतिक रूप से अस्वीकृत तथा अभद्र है। यह आप्रेशन मजनूं के तहत था। इसके अन्तर्गत युवा जोड़े निशाना थे। हालांकि इसके बाद स्थानीय पुलिस को अप्रसिद्धि मिली।
  • मेरठ की माल रोड, मूलतः ब्रिटिश छावनी का भाग थी, जहां रघुवीर सारंग नामक एक आदमी, जो घोड़े और बघ्घियां चलाता था; को एक अंग्रेज़ अफसर के साथ रेस में हराने के बाद अभद्र व्यवहार का आरोप लगाकर कोड़े लगाये गये थे।
  • 1940 के दशक में, मेरठ के सिनेमाघरों में ब्रिटिश राष्त्रगान के बजने के समय हिलना निषेध था।
  • 2006 में एक अग्नि कांड में 225 (आधिकारिक घोषित) कोग मारे गये, जब विक्टोरिया पार्क में लगे एक इलेक्ट्रॉनिक मेले के मण्डप में अग लग गयी। अन्य सूत्रों के अनुसार तब यहां 1000 लोग मारे गये थे। इसके कुछ समय बाद ही, यहाँ के एक मल्टीप्लैक्स सिनेमाघर पी वी एस मॉल में भी आग लगी थी।
  • मेरठ के प्रसिद्ध क्रीड़ा सामान (खासकर क्रिकेत का बल्ला) विश्व भर में प्रयोग होता है।
  • मेरठ को भारत की क्रीड़ा राजधानी कहा जाता है।
  • यहां का ऐतिहासिक नौचंदी मेला हिन्दू – मुस्लिम एकता का प्रतीक है। हजरत बाले मियां की दरगाह एवं नवचण्डी देवी (नौचन्दी देवी) का मंदिर एक दूसरे के निकट ही स्थित हैं। मेले के दौरान मंदिर के घण्टों के साथ अज़ान की आवाज़ एक सांप्रदायिक अध्यात्म की प्रतिध्वनि देती है।
  • मेरठ की कैंचियां पुराने जमाने से ही अति प्रसिद्ध रहीं हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

टीका[संपादित करें]

  1. पर्यटन स्थल - विदुर-का-टीला मेरठ आधिकारिक वेबसाइट
  2. मेरठ जिला - इतिहास द इम्पेरियल गैज़ेटियर ऑफ इण्डिया, 1909, v. 17, p. 254-255.
  3. Homepage मेरठ आधिकारिक वेबसाइट.
  4. मेरठ के निकट समतल इलाकों में स्थित हिन्दू मंदिर ब्रिटिश पुस्तकालय.
  5. अशोक स्तंभ
  6. अशोक स्तंभ जीर्णोद्धार
  7. अशोक स्तंभ की स्थिति विकिमैपिया.
  8. द इम्पीरियल गज़ैटियर 1909, पृ॰ 264
  9. दिल्ली की फतह की तैयारी … माल्फुज़त-ए-तैमूरी, या तुज़ुक- ए-तैमूरी (तैमूर की आत्मकथा), द्वारा: तैमूर लंग, "en:The History of India, as Told by Its Own Historians. The Muhammadan Period", by Sir H. M. Elliot, Edited by John Dowson; London, Trubner Company; 1867–1877.
  10. The Sepoy War of १८५७: Mutiny or First Indian War of Independence?.
  11. फॉलिंग रेन जीनोमिक्स, इन्क - मेरठ है|
  12. "Urban Agglomerations/Cities having population 1 lakh and above, Provisional Population Totals, Census of India 2011 [1 लाख और अधिक जनसंख्या वाले शहरी क्षेत्र/शहर, अनंतिम जनसंख्या आँकड़े, भारत की जनगणना 2011]" (अंग्रेज़ी में) (pdf). भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त का कार्यालय, गृह मंत्रालय, भारत सरकार. http://censusindia.gov.in/2011-prov-results/paper2/data_files/India2/Table_3_PR_UA_Citiees_1Lakh_and_Above.pdf. अभिगमन तिथि: 25 अगस्त 2013. 
  13. "Cities having population 1 lakh and above, Provisional Population Totals, Census of India 2011 [1 लाख और उससे अधिक जनसंख्या वाले शहर, अनंतिम जनसंख्या आँकड़े, भारत की जनगणना 2011]" (अंग्रेज़ी में) (pdf). भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त का कार्यालय, गृह मंत्रालय, भारत सरकार. http://www.censusindia.gov.in/2011-prov-results/paper2/data_files/India2/Table_2_PR_Cities_1Lakh_and_Above.pdf. अभिगमन तिथि: 25 अगस्त 2013. 
  14. "Census of India 2011 – Provisional Population Totals – Uttar Pradesh – Data Sheet [भारत की जनगणना 2011 - अनंतिम जनसंख्या आँकड़े - उत्तर प्रदेश - डाटा शीट]" (अंग्रेज़ी में) (pdf). भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त का कार्यालय, गृह मंत्रालय, भारत सरकार. http://censusindia.gov.in/2011-prov-results/data_files/up/Census2011Data%20Sheet-UP.pdf. अभिगमन तिथि: 15 मार्च 2012. 
  15. "Area, Population and Density of Cities and Towns of India - 2001, Chapter II - Area and Density – All Cities and Towns [भारत के शहरों और कस्बों के क्षेत्रफल, जनसंख्या और जनसंख्या घनत्व - 2001, अध्याय 2 - क्षेत्रफल और जनसंख्या घनत्व - सभी शहर और कस्बे]" (अंग्रेज़ी में). Socio-economic and Monitoring Division, Town and Country Planning Organisation, Ministry of Urban Development, Government of India. दिसंबर 2007. http://urbanindia.nic.in/moud/theministry/subordinateoff/tcpo/DMA_Report/CHAPTER_2.pdf. 
  16. "India's largest cities / urban areas" (अंग्रेज़ी में). http://www.citymayors.com/gratis/indian_cities.html. अभिगमन तिथि: अगस्त 2013. 
  17. Sylvia Vatuk (1972) (अंग्रेज़ी में). Kinship and Urbanization: White Collar Migrants in North India. University of California Press. pp. 2–3. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780520020641. http://books.google.com/books?id=cQf7hqm-iXcC. 
  18. द इम्पीरियल गज़ैटियर 1909, पृ॰ 263
  19. "Census of India 2001: View Population Details: Meerut UA [भारत की जनगणना 2001: जनसंख्या आँकड़े देखें: मेरठ शहरी क्षेत्र]" (अंग्रेज़ी में). भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त का कार्यालय, गृह मंत्रालय, भारत सरकार. http://www.censusindia.gov.in/PopulationFinder/View_Village_Population.aspx?pcaid=5576&category=U.A.. अभिगमन तिथि: 25 अगस्त 2013. 
  20. "Table - 3 : Population, population in the age group 0-6 and literates by sex - Cities/Towns (in alphabetic order): 2001 [सारणी - 3 : जनसंख्या, 0-6 वर्ष वर्ग में जनसंख्या और लिंग अनुसार साक्षर लोग - शहर/कस्बे (वर्णानुक्रम में): 2001]" (अंग्रेज़ी में). भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त का कार्यालय, गृह मंत्रालय, भारत सरकार. Archived from the original on 14 अगस्त 2004. http://web.archive.org/web/20040814033526/http://www.censusindia.net/results/town.php?stad=A&state5=999. अभिगमन तिथि: 25 अगस्त 2013. 
  21. "औद्योगिक क्षेत्र विवरण - यू.पी.एस.आइ.डी.सी". यू.पी.एस.आइ.डी.सी. http://upsidc.com/search_action3.php?name=Meerut&ind_area=Udyog+Puram&Submit2=Submit. अभिगमन तिथि: 9 अप्रैल 2011. 
  22. "औद्योगिक क्षेत्र विवरण - यू.पी.एस.आइ.डी.सी". यू.पी.एस.आइ.डी.सी. http://upsidc.com/search_action3.php?name=Meerut&ind_area=Partapur&Submit2=Submit. अभिगमन तिथि: 9 अप्रैल 2011. 
  23. मेरठ कर देय शहरों की गिनती में नौंवें स्थान

ग्रन्थसूची[संपादित करें]

  • द इम्पीरियल गज़ैटियर ऑफ़ इण्डिया,. 17. ऑक्सफ़ोर्ड, संयुक्त राजशाही: क्लैरेंडन प्रेस. 1909. 

विस्तृत पठन[संपादित करें]

  • सर्विस एण्ड एड्वेंचर विद खाकी रेसालाह; या मेरठ वॉलंटियर हॉर्स, ड्यूरिंग म्यूटिनी ऑफ 1857-58, द्वारा रॉबर्ट हैनरी वॉल्लेस डनलप, प्रका. आर. बैंटले, 1858.
  • द चैप्लेन्स नैरेटिव ऑफ द सेइज ऑफ देह्ली: फ्रॉम द आउटब्रेह ऍट मेरठ टू द कैपचर ऑफ देल्ही, द्वारा: जॉन एड्वर्ड व्हार्टन रॉट्टन. प्रका. स्मिथ एल्डर, 1858.
  • द म्यूटिनी आउटब्रेक ऐट मेरठ इन 1857, द्वारा: जूलियन आर्थर ब्यूफोर्ट पाल्मर. कैम्ब्रिज युनिवर्सिटी प्रेस, 1966. ISBN 0-521-05901-1.
  • म्यूटिनी इन मेरठ, द्वारा: विवियन स्टुअर्ट. ऐडन एल्लिस प्रकाशन, 1991. ISBN 0-85628-210-3.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]