फरीदाबाद
| फरीदाबाद | |||||
| — जिला — | |||||
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| समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०) | |||||
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| राज्य | हरियाणा | ||||
| ज़िला | फरीदाबाद जिला | ||||
| महापौर | श्रीमती ब्रम्हावती खताना | ||||
| जनसंख्या • घनत्व |
21,93,176 (2001 के अनुसार [update]) • 1,020 /कि.मी.२ (2,642 /वर्ग मी.) |
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| क्षेत्रफल | 2,151 km² (831 sq mi) | ||||
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विभिन्न कोड
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फ़रीदाबाद भारत के उतरी प्रांत हरियाणा प्रदेश का प्रमुख शहर है। यह फ़रीदाबाद जिले में आता है। इसे 1607 में शेख फरीद, जहांगीर के खजांची ने बनवाया था। उनका मकसद यहां से गुजरने वाले राजमार्ग की रक्षा करना था। यह दिल्ली से 25 किलोमीटर दक्षिण मे स्थित है।
15 अगस्त 1979 में यह हरियाणा का 12वां जिला बना। आज फ़रीदाबाद अपने उद्यॉगों के लिए प्रसिद्ध है। इसकी स्थापना 1607 ई. में सूफी संत शेख फरीद ने की थी। उन्होंने यहां किले और मस्जिद का निर्माण भी कराया था। समय के साथ यहां की आबादी बढ़ती गई और इसका औद्योगिकरण होता गया। अब यहां पर अनेक औद्योगिक इकाईयों की स्थापना हो चुकी है। हरियाणा की आय का 60 प्रतिशत हिस्सा फरीदाबाद से ही आता है।
यह दिल्ली से मात्र १० किमी. की दूरी पर स्थित है। सरकार ने इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र घोषित कर दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग 2 से पर्यटक आसानी से फरीदाबाद तक पहुंच सकते हैं। सड़क मार्ग के अलावा रेल मार्ग से भी आसानी से फरीदाबाद तक पहुंचा जा सकता है। दिल्ली-मथुरा रेल लाइन पर फरीदाबाद में रेलवे स्टेशन भी बनाया गया है। यहां आने वाले पर्यटक कहीं भी नीरसता या बोरियत महसूस नहीं करते। वह यहां पर शानदार छुट्टियां मना सकते हैं और अनेक पर्यटक स्थलों की यात्रा भी कर सकते हैं।
अनुक्रम |
प्रमु़ख स्थल [संपादित करें]
बड़खल झील [संपादित करें]
फरीदाबाद की बड़खल झील बहुत ही खूबसूरत है। यह मानव निर्मित झील है। इसके पास अरावली पर्वत श्रृंखला है। झील में पर्यटक वाटर स्पोर्टस का आनंद ले सकते हैं। यहां से थोड़ी दूरी पर बड़खल गांव है। इस गांव का नाम पर्शियन भाषा से लिया गया है। बड़खल का हिन्दी में अर्थ होता है बिना किसी रूकावट। झील में पानी की आपूर्ति बारिश के पानी और एक छोटी-सी जलधारा से होती है। पर्यटकों के ठहरने के लिए झील के पास रेस्ट हाऊस भी बने हुए हैं। इन रेस्ट हाऊसों में बिना किसी परेशानी के आराम से ठहरा जा सकता है।
बाबा फरीद गुम्बद [संपादित करें]
स्थानीय लोगों के अनुसार बाबा फरीद के नाम पर ही फरीदाबाद का नाम रखा गया है। यहां पर बाबा फरीद की मजार भी बनी हुई है। इसके प्रति स्थानीय लोगों में बड़ी श्रद्धा है। मजार में पूजा करने के लिए प्रतिदिन अनेक श्रद्धालु आते हैं।
सूरज कुण्ड़ पर्यटक परिसर और हस्तशिल्प मेला [संपादित करें]
दक्षिणी दिल्ली से 8 किमी. की दूरी पर स्थित यह परिसर बहुत ही खूबसूरत है। स्थानीय निवासियों और दिल्ली वालों के लिए यह जगह बेहतरीन पर्यटन स्थल है। फरवरी में यहां पर एक मेले का आयोजन भी किया जाता है। मेले में पर्यटक भारतीय शिल्प कला की शानदार कलाकृतियां देख और खरीद सकते हैं। इसके पास बड़खल झील और मोर झील है। मेला घूमने के बाद पर्यटक इन झीलों के शानदार दृश्य भी देख सकते हैं।
बल्लबगढ़ [संपादित करें]
बल्लबगढ़ फरीदाबाद का सबसे बड़ा शहर है यंहा १८५७ के शहीद राजा नाहर सिंह का महल है
बल्लबगढ़ की प्रमुख कालोनिया इस प्रकार हैं -- विजय नगर , आदर्श नगर , चावला कालोनी , भुदत कालोनी , भीकम कालोनी ,सुभाष कालोनी
बल्लबगढ़ के प्रमुख स्थान इस प्रकार हैं -- आंबेडकर चौक ,गुप्ता होटल चौक ,पंजाबी धर्मशाला ,पंचायत भवन आदि
बल्लबगढ़ से विधानसभा सदस्य कुमारी शारदा राठौर हैं
आवागमन [संपादित करें]
- वायु मार्ग
फरीदाबाद / बल्लबगढ़ में कोई हवाई अड्डा नहीं है आपको नयी दिल्ली इंदिरा गाँधी अंतर राष्ट्रीय हवाई अड्डे आना होगा , वंहा से बस अथवा रेल से आप यंहा पहुँच सकते हैं
- रेल मार्ग
रेल से फरीदाबाद आने की लिए आप नयी दिल्ली , पुरानी दिल्ली , हजरत निजामुद्दीन से लोकल EMU सटल पकड़ सकते हैं फरीदाबाद के प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं --- पुराना फरीदाबाद , नया फरीदाबाद , बल्लबगढ़ यंहा बहुत से प्रमुख सुपर फास्ट और शताब्दी ट्रेन बे रूकती हैं यहां का प्रमुख नजदीकी रेलवे स्टेशन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन है। इसके अलावा फरीदाबाद में भी रेलवे स्टेशन है।
- सड़क मार्ग
दिल्ली से फरीदाबाद / बल्लबगढ़ आने की लिए २४ घंटे बस सेवा उपलब्ध हैं आप दिल्ली के सराय काले खान ISBT बस अड्डे से किसी भी वक़्त बस पकड़ सकते हैं इसके अलावा आश्रम चौक से भी बस ले सकते हैं यह देश के अनेक शहरों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है।
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