जबलपुर
| जबलपुर | |||||||
| — नगर — | |||||||
|
|
|||||||
| समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०) | |||||||
| देश | |||||||
| राज्य | मध्य प्रदेश | ||||||
| जिला | जबलपुर जिला | ||||||
| महापौर | श्री prabhat sahu ji | ||||||
| नगर पालिका अध्यक्ष | shre rajesh mishra | ||||||
| जनसंख्या • घनत्व |
11,17,200 • 110 /कि.मी.२ (285 /वर्ग मी.) |
||||||
| क्षेत्रफल | 10,160 कि.मी² | ||||||
|
विभिन्न कोड
|
|||||||
| आधिकारिक जालस्थल: http://www.jabalpur.nic.in/ | |||||||
जबलपुर भारत के मध्यप्रदेश प्रांत का एक जिला है।
इस शहर को जबालिपुरम भी कहते हैं क्योंकि इसका सम्बन्ध महर्षि जाबालि से जोड़ा जाता है। इसे राज्य की संस्कारधानी भी कहा जाता है। यहाँ पर मध्य प्रदेश का उच्च न्यायालयतथा राज्य विज्ञान संस्थान है। थलसेना की छावनी के अलावा यहाँ भारतीय आयुध निर्माणियों के कारखाने तथा पश्चिम-मध्य रेलवे का मुख्यालय भी है। यहाँ पश्चिम मध्य रेल्वे का मुख्य कार्यालय भी है| यह शहर भारत के प्रमुख शहरों दिल्ली और मुंबई से हवाई मार्ग से जुड़ा हुआ है।
अनुक्रम |
[संपादित करें] इतिहास
पुराणों और किंवदंतियों के अनुसार जबलपुर का संबंध जाबालि ऋषि से है। जिनके बारे में कहा जाता है कि वह यहीं निवास करते थे। 1781 के बाद ही मराठों के मुख्यालय के रूप में चुने जाने पर इस नगर की सत्ता बढ़ी, बाद में यह सागर और नर्मदा क्षेत्रों के ब्रिटिश कमीशन का मुख्यालय बन गया। यहाँ 1864 में नगरपालिका का गठन हुआ था। एक पहाड़ी पर मदन महल स्थित है, जो लगभग 1100 ई. में राजा मदन सिंह द्वारा बनवाया गया एक पुराना गोंड महल है। इसके ठीक पश्चिम में गढ़ है, जो 14वीं शताब्दी के चार स्वतंत्र गोंड राज्यों का प्रमुख नगर था। भेड़ाघाट, ग्वारीघाट और जबलपुर से प्राप्त जीवाश्मों से संकेत मिलता है कि यह प्रागैतिहासिक काल के पुरापाषाण युग के मनुष्य का निवास स्थान था। मदन महल, नगर में स्थित कई ताल और गोंड राजाओं द्वारा बनवाए गए कई मंदिर इस स्थान की प्राचीन महिमा की जानकारी देते हैं। इस क्षेत्र में कई बौद्ध, हिन्दू और जैन भग्नावशेष भी हैं।
[संपादित करें] भौगोलिक स्थिति
विंध्य पर्वत श्रृंखला में स्थित यह नगर पवित्र नर्मदा नदी के तट पर स्थित है।
[संपादित करें] उद्योग और व्यापार
यह नगर सामरिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है, यहाँ तोपगाड़ी बनाने का केंद्रीय कारख़ाना शस्त्र निर्माण कारख़ाना और एक शस्त्रागार स्थित है। यहाँ के प्रमुख उद्योगों में खाद्य प्रसंस्करण, आरा मिल और विभिन्न निर्माण शामिल हैं।
[संपादित करें] कृषि और खनिज
इसके आसपास के क्षेत्रों में नर्मदा नदी घाटी के पश्चिमी छोर पर स्थित एक अत्यधिक उपजाऊ, गेहूँ की खेती वाला इलाक़ा हवेली शामिल है। चावल, ज्वार चना और तिलहन आसपास के क्षेत्रों की अन्य महत्त्वपूर्ण फ़सलें हैं। यहाँ लौह अयस्क, चूना-पत्थर बॉक्साइट, चिकनी मिट्टी, अग्निसह मिट्टी, शैलखड़ी, फ़ेल्सपार, मैंगनीज और गेरू का व्यापक पैमाने पर खनन होता है।
[संपादित करें] शिक्षा
इस शहर में चार विश्वविद्यालय हैं:
- रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय
- जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय
- पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय
- महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय
[संपादित करें] चिकित्सा महाविद्यालय
- नेताजी सुभाष चन्द्र बोस चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज)
[संपादित करें] आभियांत्रिकी महाविद्यालय
- शासकीय आभियांत्रिकी महाविद्यालय
- हितकारिणी प्रौद्योगिकी व अभियांत्रिकी महाविद्यालय
[संपादित करें] पशु चिकित्सा महाविद्यालय
[संपादित करें] कृषि महाविद्यालय
[संपादित करें] प्रसिद्ध स्थल
- रानी दुर्गावती का मदन महल - मदन महल का किला सन् १११६ मे राजा मदन शाह द्वारा बनवाया गया था। जबलपुर को आचार्य विनोबा भावे ने संस्कारधानी का नाम दिया था।
- भेड़ाघाट- भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित चौंसठ योगिनी मंदिर इसके समीप ही स्थित है - धुआंधार जलप्रपात, भेड़ाघाट एक आकर्षक पर्यटन स्थल है।
[संपादित करें] मन्दिर
- चौंसठ योगिनी मन्दिर
- इस्कान मंदिर भेडाघाट
- त्रिपुर सुन्दरी मन्दिर
- बाजना मठ
- गुप्तेश्वर मन्दिर
- रामलला मन्दिर
- शारदा मन्दिर
- अन्नपूर्णे मन्दिर
- सांई दरबार
- पाटबाबा मन्दिर
- मानस भवन मन्दिर
- बड़ी खेरमाई
- शीतलामाई मन्दिर
- गौतम जी की मढ़िया
- एम पी एस इ बी गणेश मन्दिर
- सूपाताल रामायण मंदिर
- ओशो आश्रम, देवताल
- श्रीकृष्ण मन्दिर, गोरखपुर
- काल बजरन्ग मन्दिर , समर्थ हिल्स ,नागपुर रोड्
- ((anjani dham tevar ))
[संपादित करें] घाट
- भेड़ाघाट
- तिलवारा घाट
- जिलहरी घाट
- ग्वारीघाट
- खारी घाट
- लम्हेट घाट
[संपादित करें] प्रसिद्ध व्यक्ति
- परम पुज्य समर्थ श्री भैय्या जी सरकार - श्री समर्थ भैय्या जी सरकार समर्थ नर्मदा मिशन के संस्थापक है समर्थ नर्मदा मिशन के उद्देश्य मात्र उद्देश्य नहीं है एक संत की परिकल्पना है एक नज़र है एक विचार है जिसके माध्यम से वह मानव को प्रकृति के , मानव को मानव के और मानव को देव बनने के करीब लाना चाहता है | यह मिशन मानव से समूह, समूह से श्रृंखला और श्रृंखला से क्रांति के सूत्रपात की तयारी है जो मध्यभारत से प्रारंभ होकर सम्पूर्ण विश्व में फैलेगी |
- व्यौहार राममनोहर सिह्ना, भारतीय सम्विधान की मूल प्रति के अलन्करन्कर्ता
- पं भवानी प्रसाद तिवारी
- हरिशंकर परसाई
- महर्षि महेश योगी
- सुभद्रा कुमारी चौहान
- पं. द्वारका प्रसाद मिश्र, पूर्व मुख्य मंत्री, मध्य प्रदेश
- आचार्य रजनीश ( ओशो)
- व्यौहार राजेन्द्र सिह्ना
- प्रोफेसर महावीर सरन जैन
- मणिशंकर विश्वकर्मा
- बृजेश मिश्र
- भूपेंद्र नाथ कौशिक "फ़िक्र"
- प्रेमनाथ
- राजिंदर नाथ
- ज्ञानरंजन
- संजय गोस्वामी (पत्रकार)
- व्ही एम इग्नेशियस
- देवेन्द्र सिग निश्चल
- डा अशोक माणके
[संपादित करें] जनसंख्या
2001 की जनगणना के अनुसार जबलपुर नगर निगम क्षेत्र की जनसंख्या 9,51,469 है, जबलपुर छावनी क्षेत्र की जनसंख्या 66,482 और जबलपुर ज़िले की कुल जनसंख्या 21,67,469 है।
[संपादित करें] बाहरी कड़ियाँ
- भारत का प्रमुख ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण नगर जबलपुर
- जबलपुर शहर और मदनमहल
- जबलपुर के बारे में विस्तृत जानकारी से सम्पन्न जालस्थल
- नगर पालिक निगम, जबलपुर (अंकीय पुस्तकालय)
|
|||||
|
||||||||||||||||||||||||||||||||