कृषि (हिमाचल प्रदेश)

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कृषि हिमाचल प्रदेश का प्रमुख व्‍यवसाय है। यह राज्‍य की अर्थव्‍यवस्‍था में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह 69 प्रतिशत कामकाजी आबादी को सीधा रोजगार मुहैया कराती है। कृषि और उससे संबंधित क्षेत्र से होने वाली आय प्रदेश के कुल घरेलू उत्‍पाद का 22.1 प्रतिशत है। कुल भौगोलिक क्षेत्र 55.673 लाख हेक्‍टेयर में से 9.79 लाख हेक्‍टेयर भूमि के स्‍वामी 9.14 लाख किसान हैं। मंझोले और छोटे किसानो के पास कुल भूमि का 86.4 प्रतिशत भाग है। राज्‍य में कृषि भूमि केवल 10.4 प्रतिशत है। लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र वर्षा-सिंचित है और किसान इंद्र देवता पर निर्भर रहते हैं।


[संपादित करें] कृषक प्रशिक्षण

राज्‍य कृषि विभाग शिमला जिले में मशोबरा तथा मंडी जिले में सुंदरनगर में दो प्रशिक्षण केंद्र चलाता है। इसके अलावा, गांव, खंड तथा जिला स्‍तर पर कृ‍षक प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए जाते है।[1]


[संपादित करें] कृषि विश्वविद्यालयों की सूची

  • 1. हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर, हिमाचल प्रदेश, पिन- 176062
  • 2. यशवंत सिंह परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री, सोलन, हिमाचल प्रदेश, पिन- 173230

[संपादित करें] संदर्भ

  1. http://bharat.gov.in/citizen/agriculture/farmers_training.php कृषि प्रशिक्षण केंद्रों की सूची
वैयक्तिक औज़ार
नामस्थान

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