जोगिंदर नगर

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जोगिंदर नगर /जोगिन्द्र नगर
—  नगर  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य हिमाचल प्रदेश
ज़िला मंडी
विधायक ठाकुर गुलाब सिंह
जनसंख्या ५०४६ (२००१ के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• १२२०मी मीटर

Erioll world.svgनिर्देशांक: 31°59′N 76°46′E / 31.98°N 76.77°E / 31.98; 76.77

जोगिंदर नगर / जोगिन्द्र नगर (भूतपूर्व नाम "सकरहट्टी या सकरोटी") भारत गणराज्य के हिमाचल प्रदेश राज्य के मंडी जिला में स्थित है। इसका नाम जिला मंडी रियासत के राजा जोगिंदर सेन के नाम पर रखा गया है।

पठानकोट से जोगिंदर नगर नैरोगेज़ रेलमार्ग की कुल लम्बाई १६३ किलोमीटर है जिसका निर्माण वर्ष १९२५ में ब्रिटेन से विद्युत् मशीनों हेतु सामग्री लाने के लिए किया गया था। जोगिंदर नगर एशिया का इकलौता नगर है जिसमें एक साथ तीन जल विद्युत् निर्माण गृह स्थापित किये गये हैं (तीसरे विद्युत् गृह "चूल्हा प्रोजेक्ट" का निर्माण अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है)। इसी कारण जोगिंदर नगर को विद्युत् नगर के नाम से भी जाना जाता है।

प्रथम चरण का निर्माण कर्नल बी.सी. बैटी के अथक प्रयासों से शानन नामक स्थान पर किया गया था। उन्होंने राजा जोगिंदर सेन के साथ मिलकर तत्कालीन "सकरहट्टी" से पठानकोट तक रेलमार्ग कर निर्माण करवाया था। इसी रेलमार्ग से भारी मशीनें ब्रिटेन से मंगवाई गई। शानन से 'होलेज वे' का निर्माण बरोट तक किया गया जहाँ उहल नदी से पानी को एकत्र करके बड़े जलाशय का निर्माण करवाया गया था। इसके उपरांत विभिन्न सुरंगों का निर्माण करते हुए विपरीत परिस्थितियों में बड़ी पाइपों को जोड़ कर शानन की प्रस्तावित निर्माण स्थली तक पहुँचाया गया।

इस जलविद्युत परियोजना की कुल क्षमता ११० मेगावाट है।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

www.jogindernagar.com