दर्पण

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दर्पण या आइना एक प्रकाशीय युक्ति है जो प्रकाश के परावर्तन के सिद्धान्त पर काम करता है।

दर्पण के प्रकार[संपादित करें]

दर्पण मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं :

दर्पणों के उपयोग[संपादित करें]

  • अपनी छवि देखने के लिये (प्राय: समतल दर्पण)
  • गाडियों में - पीछे से आ रही दूसरी गाडियों के देखने के लिये (उत्तल दर्पण)
  • प्रकाशीय यंत्रों (दूरदर्शी, सूक्ष्मदर्शी आदि) में
  • प्रकाश को एक बिन्दु पर केन्द्रित करने के लिये

यह भी देखें[संपादित करें]


वाह्य सूत्र[संपादित करें]

To get complete knowlege of mirror silvering You may read a book on mirror silvering.How to make mirror by spray method.By Dr.Behzad khosropanah on the site:www.lulu.com Cntent of the Book: (i) silvering procedures and formulations (ii) Copper coating (iii)One way or x-Ray mirrors (iv) Blackish dark color mirror (v)Golden color mirror (vi) Old mirror repair(mirror re-silvering) (vii) Spray system mirror silvering for mass production (viii) Equipment required (ix) Process of manufacture (x) Copper Coating in mass production method (xi) Plastic silvering

(xii) Silver plating process for internal glass silvering (such as bottles flasks etc)

(xiii) Colored or tinted mirrors, typical colors are gold, pink, peach, bronze, gray, black, green and blue. (xiv)Addresses of international equipment suppliers