तिब्बती बौद्ध धर्म

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तिब्बत के द्रेपुंग बौद्धमठ में धार्मिक विवाद करते दो भिक्षु

तिब्बती बौद्ध धर्म बौद्ध धर्म की महायान शाखा की एक उपशाखा है जो तिब्बत, मंगोलिया, भूटान, उत्तर नेपाल, उत्तर भारत के लद्दाख़, अरुणाचल प्रदेश, लाहौल व स्पीति ज़िले और सिक्किम क्षेत्रों, रूस के कालमिकिया, तूवा और बुर्यातिया क्षेत्रों और पूर्वोत्तरी चीन में प्रचलित है।[1] तिब्बती इस समप्रदाय की धार्मिक भाषा है और इसके अधिकतर धर्मग्रन्थ तिब्बती व संस्कृत में ही लिखे हुए हैं। वर्तमानकाल में १४वें दलाई लामा इसके सबसे बड़े धार्मिक नेता हैं।[2]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. An alternative term, "lamaism", and was used to distinguish Tibetan Buddhism from other buddhism. The term was taken up by western scholars including Hegel, as early as 1822 (Lopez, Donald S. Jr. (1999). Prisoners of Shangri-La: Tibetan Buddhism and the West. Chicago: University of Chicago Press. pp. 6, 19f. ISBN 0-226-49311-3.). Insofar as it implies a discontinuity between Indian and Tibetan Buddhism, the term has been discredited (Conze, 1993).
  2. Statistics on Religion in America Report -- The 2007 Pew Forum on Religion & Public Life Survey estimates that although Tibetan Buddhism adherents are less than 0.3 percent of the population, Buddhism has had a 0.5 net increase in reported adherents.