संविधान

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संविधान (constitution) , किसी संस्था को प्रचालित करने के लिये बनाया हुआ संहिता (दस्तावेज) है। यह प्रायः लिखित रूप में होता है। यह वह विधि है जो किसी राष्ट्र के शासन का आधार है; उसके चरित्र , संगठन , को निर्धारित करती है तथा उसके प्रयोग विधि को बताती है , यह राष्ट्र की परम विधि है तथा विशेष वैधानिक स्तिथि का उपभोग करती है
विशेष वैधानिक स्तिथि का लाभ - यह क़ानून सीधे जनता से अपनी सत्ता प्राप्त करता है
जेसे संविधान की उद्देशिका इस प्रकार शुरू होती है 'हम भारत के लोग ' दूसरी सभी रूधिया, विधि ,कानूनी मान्यता तो रखती है परन्तु संविधान की तुलना मे गौण होती है
सभी प्रचलित कानूनों को अनिवार्य रूप से संविधान की भावना के अनुरूप होना चाहिए यदि वे इसका उल्लंघन करेंगे तो वे अस्वेधानिक घोषित कर दिए जाते है

[संपादित करें] संविधान के प्रकार

गेर लिखित जेसे ब्रिटेन का है
लिखित जेसे भारत का है
१ गैर लिखित संविधान कभी भी सहिन्ताबध नही किया जाता है उसमे कोई अनुच्छेद या अनुसूची नही होती है यदपि जनता को उसकी जानकारी होती है
वह्नी लिखित संविधान एक वैधानिक पत्र के रूप मे सहिन्ताबध होता है
२ अलिखित संविधान निर्मित ना होकर विकसित होता है जेसे ब्रिटेन का संविधान मैग्नाकार्टा से शुरू होता है तथा आज भी जारी है
वाही लिखित संविधान मात्र संविधान सभा की देन होते है ,उनके शुरू होने तथा बन जाने के बाद समाप्त होने की तिथि जरूर होती है
३ अलिखित संविधान मे संसद सर्वोच्च सत्ता होती है वे संविधान से परे होती है उस पर प्रभुता रखती है संसद के सभी कानून अपने आप संविधान का हिस्सा बन जाते है
किंतु लिखित सविधान मे संविधान सर्वोपरि होता है न कि संसद
४ अलिखित संविधान हमेशा लचीला होगा उसमे इच्छा अनुसार बदलाव लाये जा सकते है
किंतु लिखित संविधान सुनम्य ,कठोर तथा मिश्रित प्रकार का हो सकता है
अन्य प्रकार से वर्गीकरण
१ एकात्मक संविधान
२ संघात्मक संविधान

[संपादित करें] इन्हें भी देखें

[संपादित करें] वाह्य सूत्र