प्रति व्यक्ति आय

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प्रति व्यक्ति आय उस आय को कहा जाता है जब किसी देश के कुल सकल घरेलू उत्पाद को जब उस देश की उस वर्ष की मध्यावधि तिथि (१ जुलाई) की जनसंख्या से विभाजित किया जाता है। यह हमें उस देश के निवासियों को प्राप्त होने वाली औसत आय की मौद्रिक जानकारी देता है। अर्थात यह बताता है की उस देश में उत्पन्न होने वाली धनराशि को यदि बाँटा जाए तो सबके भाग में कितना पहुँचेगा। इसका उपयोग किसी देश के भीतर भी विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों, नगरों, या राज्यों इत्यादि के जीवन स्तर का अनुमान लगाने के लिए भी किया जाता है। उदाहरण के लिए २००९ में दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय सबसे अधिक है, २००९ की डालर विनिमय दर के अनुसार लगभग १,२०० $।

संपत्ति के मापन में प्रति व्यक्ति आय[संपादित करें]

प्रति व्यक्ति आय का उपयोग किसी एक देश के लोगों की संपत्ति का अनुमान लगाने के लिए किया जाता है, किसी अन्य देश की तुलना में। आमतौर पर यह किसी सर्वमान्य अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा जैसे यूरो या डॉलर में मापा जाता है।

लेकिन इस मापन प्रणाली में एक खोट भी है। वह यह की यह किसी देश की केवल मौद्रिक संपति को ही उस देश के लोगों में बाँटता है और अन्य आर्थिक गतिविधियों को माप में नहीं लेता। हो सकता है की किसी देश विशेष की प्रति व्यक्ति आय मौद्रिक संदर्भ में तो कम हो लेकिन उस देश में होने वाली आर्थिक गतिविधियों का मौद्रिक मुल्य कहीं अधिक हो। इसलिए इसे किसी देश के विकास का एकमात्र पैमाना नहीं माना जा सकता।

यह भी देखें[संपादित करें]