| भीमाशंकर मंदिर |
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| नाम: |
भीमाशंकर शिव मंदिर |
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| निर्माण काल : |
अति प्राचीन |
| देवता: |
शिव |
| वास्तुकला: |
नागरा शैली |
| स्थान: |
भीमाशंकर, निकट पुणे, महाराष्ट्र |
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भीमाशंकर मंदिर भोरगिरि गांव खेड़ से 50 कि.मि. उत्तर-पश्चिम पुणे से 110 कि.मि में स्थित है। यह पश्चिमी घाट के सह्याद्रि पर्वत में स्थित है। यहीं से भीमा नदी भी निकलती है। यह दक्षिण पश्चिम दिशा में बहती हुई रायचूर जिले में कृष्णा नदी]] से जा मिलती है। यहां भगवान शिव का प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग है। [1]
भीमशंकर महादेव काशीपुर में भगवान शिव का प्रसिद्ध मंदिर और तीर्थ स्थान है। यहां का शिवलिंग काफी मोटा है जिसके कारण इन्हे मोटेश्वर महादेव भी कहा जाता है। पुराणो में भी इसका वर्णन मिलता है। आसाम में शिव के द्वाद्श ज्योर्तिलिगों में एक भीमशंकर महादेव का मंदिर है। काशीपुर के मंदिर का उन्हीं का रुप बताया जाता है।
श्री भीमशंकर (मोटेश्वर ) महादेव मंदिर, काशीपिर,
उत्तराखंड
Bhimashankar
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Kashipur
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शिव के बारह ज्योतिर्लिंग |
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सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्। उज्जयिन्यां महाकालमोङ्कारममलेश्वरम्॥परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशङ्करम्। सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥
वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे। हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः। सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति॥
एतेशां दर्शनादेव पातकं नैव तिष्ठति। कर्मक्षयो भवेत्तस्य यस्य तुष्टो महेश्वराः॥: द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम् |
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- Shivank, GitaPress Gorakhpur Publication
- Shivopasnank, GitaPress Gorakhpur Publication