मलयालम भाषा
विकिपीडिया, एक मुक्त ज्ञानकोष से
मलयालम भारत के केरल प्रान्त में बोली जाने वाली प्रमुख भाषा है । ये द्रविड़ भाषा-परिवार में आती है । केरल के अलावा ये तमिळनाडु के कन्याकुमारी तथा उत्तर में कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिला, लक्षद्वीप तथा अन्य कई देशों में बसे मलयालियों द्वारा बोली जाती है ।
मलयालम, भाषा और लिपि के विचार से तमिल भाषा के काफी निकट है । इस पर संस्कृत का प्रभाव ईसा के पूर्व पहली सदी से हुआ है । संस्कृत शब्दों को मलयालम शैली के अनुकूल बनाने के लिए संस्कृत से अवतरित शब्दों को संशोधित किया गया है । अरबों के साथ सदियों से व्यापार संबंध अंग्रेजी तथा पुर्तगाली उपनिवेशवाद का असर भी भाषा पर पड़ा है ।
अनुक्रम |
[संपादित करें] नाम
मलयालम का संधि-विच्छेद है - मलै (मूलशब्द : मलय - अर्थ : पर्वत) + आळम (मूलशब्द : आलयम - अर्थ : स्थान)। इस भाषा के भाषिक भारत के पश्चिमी घाट के गर्भ में निवास करते हैं, और इसी कारण यह नाम पड़ा है। इसका सही उच्चारण ’मलयाळम’ होता है।
[संपादित करें] उद्भव
मलयालम् भाषा अथवा उसके साहित्य की उत्पत्ति के संबंध में सही और विश्वसनीय प्रमाण प्राप्त नहीं हैं। फिर भी मलयालम् साहित्य की प्राचीनता लगभग एक हजार वर्ष तक की मानी गई हैं। भाषा के संबंध में हम केवल इस निष्कर्ष पर ही पहुँच सके हैं कि यह भाषा संस्कृतजन्य नहीं है - यह द्रविड़ परिवार की ही सदस्या है। परंतु यह अभी तक विवादास्पद है कि यह तमिल से अलग हुई उसकी एक शाखा है, अथवा मूल द्रविड़ भाषा से विकसित अन्य दक्षिणी भाषाओं की तरह अपना अस्तित्व अलग रखनेवाली कोई भाषा है। अर्थात् समस्या यही है कि तमिल और मलयालम् का रिश्ता माँ-बेटी का है या बहन-बहन का। अनुसंधान द्वारा इस पहेली का हल ढूँढने का कार्य भाषा-वैज्ञानिकों का है और वे ही इस गुत्थी को सुलझा सकते हैं। जो भी हो, इस बात में संदेह नहीं है कि मलयालम् का साहित्य केवल उसी समय पल्लवित होने लगा था जबकि तमिल का साहित्य फल फूल चुका था। संस्कृत साहित्य की ही भाँति तमिल साहित्य को भी हम मलयालम् की प्यास बुझानेवाली स्त्रोतस्विनी कह सकते हैं।
सन् 3100 ईसापूर्व से लेकर 100 ईसापूर्व तक यह प्रचीन तमिळ का एक स्थानीय रूप थी । ईसा पूर्व प्रथम सदी से इसपर संस्कृत का प्रभाव हुआ । तीसरी सदी से लेकर पन्द्रहवीं सदी के मध्य तक मलयालम का मध्यकाल माना जाता है । इस काल में जैनियों ने भी भाषा को प्रभावित किया । आधुनिक काल में सन् 1795 में परिवर्तन आया जब इस राज्य पर अंग्रेजी शासन पूर्णरूपेण स्थापित हो गया ।
[संपादित करें] इन्हें भी देखें
[संपादित करें] बाहरी कड़ियाँ
- मलयालम भाषा (केरल पर्यटन)
- भारतीय शिखर कथा कोश : मलयालम कहानियाँ (गूगल पुस्तक; संकलनकर्ता - कमलेश्वर)