मलयालम भाषा

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मलयालं
മലയാളം, मलयालं
एक द्विभाषी मलयालम और अंग्रेज़ी बोर्ड
एक द्विभाषी मलयालम और अंग्रेज़ी साइन बोर्ड
बोली जाती है भारत
क्षेत्र केरल, लक्षद्वीप, कर्णाटक, तमिल नाडु, माहे, अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह, फ़ारस की खाड़ी
कुल बोलने वाले ३,५८,९३,९९०।[1]
३,३०,१५,४२० भारत में (२००१),[2]
१८,४७,९०२ अन्य देशों में (२००७):[3]
• ७,७३,६२४ संयुक्त अरब अमीरात
• ४,४७,४४० साउदी अरब में
• १,३४,७२८ कुवैत में
• १,३४,०१९ ओमान में
• १,०५,६५५ अमेरिका में
•  ९४,३१० कतर में
•  ५८,१४६ बहरीन में
•  २६,२३७ ब्रिटेन में
•  १५,६०० शेष यूरोप में
•  ११,३४६ कनाडा में
•  १०,६३६ मलेशिया में
•   ७,८०० सिंगापुर में
•   १,४१८ ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैण्ड में
श्रेणी 29
भाषा परिवार
भाषा कूट
ISO 639-1 ml
ISO 639-2 mal
ISO 639-3 mal
Malayalamspeakers.png
भारत में मूल मलयालम भाषियों का वितरण
Indic script
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मलयालं (മലയാളം, मलयाळम्‌) या कैरली (കൈരളി, कैरळि) भारत के केरल प्रान्त में बोली जाने वाली प्रमुख भाषा है। ये द्रविड़ भाषा-परिवार में आती है। केरल के अलावा ये तमिलनाडु के कन्याकुमारी तथा उत्तर में कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिला, लक्षद्वीप तथा अन्य कई देशों में बसे मलयालियों द्वारा बोली जाती है।

मलयालं, भाषा और लिपि के विचार से तमिल भाषा के काफी निकट है। इस पर संस्कृत का प्रभाव ईसा के पूर्व पहली सदी से हुआ है। संस्कृत शब्दों को मलयालम शैली के अनुकूल बनाने के लिए संस्कृत से अवतरित शब्दों को संशोधित किया गया है। अरबों के साथ सदियों से व्यापार संबंध अंग्रेजी तथा पुर्तगाली उपनिवेशवाद का असर भी भाषा पर पड़ा है।

नाम[संपादित करें]

मलयालं का संधि-विच्छेद है - मलै (मूलशब्द : मलय - अर्थ : पर्वत) + अळम (मूलशब्द : आलयम - अर्थ : स्थान)। इस भाषा के भाषिक भारत के पश्चिमी घाट के गर्भ में निवास करते हैं और इसी कारण यह नाम पड़ा है। इसका सही उच्चारण ’मलयाळम्’ होता है।

उद्भव[संपादित करें]

मलयालम् भाषा अथवा उसके साहित्य की उत्पत्ति के संबंध में सही और विश्वसनीय प्रमाण प्राप्त नहीं हैं। फिर भी मलयालम् साहित्य की प्राचीनता लगभग एक हजार वर्ष तक की मानी गई हैं। भाषा के संबंध में हम केवल इस निष्कर्ष पर ही पहुँच सके हैं कि यह भाषा संस्कृतजन्य नहीं है - यह द्रविड़ परिवार की ही सदस्या है। परंतु यह अभी तक विवादास्पद है कि यह तमिल से अलग हुई उसकी एक शाखा है, अथवा मूल द्रविड़ भाषा से विकसित अन्य दक्षिणी भाषाओं की तरह अपना अस्तित्व अलग रखनेवाली कोई भाषा है। अर्थात् समस्या यही है कि तमिल और मलयालम् का रिश्ता माँ-बेटी का है या बहन-बहन का। अनुसंधान द्वारा इस पहेली का हल ढूँढने का कार्य भाषा-वैज्ञानिकों का है और वे ही इस गुत्थी को सुलझा सकते हैं। जो भी हो, इस बात में संदेह नहीं है कि मलयालम् का साहित्य केवल उसी समय पल्लवित होने लगा था जबकि तमिल का साहित्य फल फूल चुका था। संस्कृत साहित्य की ही भाँति तमिल साहित्य को भी हम मलयालम् की प्यास बुझानेवाली स्रोतस्विनी कह सकते हैं।

सन् 3100 ईसापूर्व से लेकर 100 ईसापूर्व तक यह प्रचीन तमिळ का एक स्थानीय रूप थी। ईसा पूर्व प्रथम सदी से इस पर संस्कृत का प्रभाव हुआ। तीसरी सदी से लेकर पन्द्रहवीं सदी के मध्य तक मलयालम का मध्यकाल माना जाता है। इस काल में जैनियों ने भी भाषा को प्रभावित किया। आधुनिक काल में सन् 1795 में परिवर्तन आया जब इस राज्य पर अंग्रेजी शासन पूर्णरूपेण स्थापित हो गया।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. "Malayalam". Ethnologue. http://www.ethnologue.com/show_language.asp?code=mal. अभिगमन तिथि: 2007-05-28. 
  2. "Census of India - Statement 1". Registrar General & Census Commissioner, India. http://www.censusindia.gov.in/Census_Data_2001/Census_Data_Online/Language/Statement1.htm. अभिगमन तिथि: 2009-12-21.  ३,३०,६६,३९२ यदि येरावा (रावुला) भाषियों और अन्य अल्पसंख्यक भाषाओं को जोड़ दिया जाए जो मलयाल के निकट सम्बन्धी है।
  3. Zachariah, K. C. & Rajan, S. Irudaya (2008), Kerala Migration Survey 2007 (PDF), Department of Non-resident Keralite Affairs, Government of Kerala, p. 48. This is the number of emigrants from Kerala, which is closely related to but different from the actual number of Malayalam speakers.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]