जनसंख्या

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1994 में विश्व की जनसंख्या का वितरण.
विश्व की कुल जनसँख्या में एक अरब लोगों के जुड़ने में लगने वाला समय. (जिसमें भविष्य की गणना भी शामिल है) वैकल्पिक चार्ट भी देखें.

जीव विज्ञान में, विशेष प्रजाति के अंत: जीव प्रजनन के संग्रह को जनसंख्या कहते हैं; समाजशास्त्र में इसे मनुष्यों का संग्रह कहते हैं. जनसँख्या के अन्दर आने वाला प्रत्येक व्यक्ति कुछ पहलू एक दुसरे से बांटते हैं जो कि सांख्यिकीय रूप से अलग हो सकता है, लेकिन अगर आमतौर पर देखें तो ये अंतर इतने अस्पष्ट होते हैं कि इनके आधार पर कोई निर्धारण नहीं किया जा सकता.

जनसांख्यिकी का प्रयोग विपणन में व्यापक रूप से होता है, ये आर्थिक इकाइयों, जैसे कि खुदरा व्यापारियों, संभावित ग्राहकों से सम्बंधित हैं. उदाहरण के लिए, एक कॉफी की दुकान है जो कि युवाओं को अपना ग्राहक बनाना चाहता है, ऐसा करने के लिए वो क्षेत्रों की जनसांख्यिकी को देखता है ताकि वो युवा दर्शकों को आकर्षित करने में सक्षम हो पाए.

विश्व जनसंख्या[संपादित करें]

1 सितंबर 2014संयुक्त राज्य अमेरिका की जनगणना ब्यूरो द्वारा विश्व की जनसंख्या अनुमानित तौर पर 7.166अरबों में है.[1]

संयुक्त राज्य अमेरिका की जनगणना ब्यूरो द्वारा प्रकाशित पत्रों के अनुसार, विश्व की जनसंख्या २४ फरवरी २००६ को ६.५ अरब (६,५०,००,००,०००) के आंकड़े तक पहुँच गई थी. संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष ने अक्तूबर १२, १९९९ को सबसे क़रीबी दिन के तौर पर नामित किया है जिस दिन विश्व की जनसँख्या ६ अरब तक पहुँच गई थी. यह १९८७ में विश्व जनसंख्या के ५ अरब तक पहुँचने के लगभग १२ साल बाद, और १९९३ में विश्व जनसंख्या के ५.५ अरब तक पहुँने के ६ साल बाद हुआ. हालाँकि, नाइजीरिया और चीन जैसे कुछ देशों की जनसंख्या लगभग लाख[2] के पास भी ज्ञात नहीं है, इसलिए इस प्रकार के अनुमानों में बहुत ज़्यादा त्रुटियों के होने की गुंजाइश है.[3]

१७०० वीं शताब्दी के बाद जैसे जैसे औद्योगिक क्रांति तेज़ गति से बढ़ती गयी वैसे वैसे जनसंख्या वृद्धि में भी काफ़ी बढ़त देखने को मिली[4]. पिछले ५० वर्षों में जनसंख्या वृद्धि की दर और भी ज़्यादा तेज़ हुयी है[4] और इसकी मुख्य वजह है चिकित्सा जगत में हुयी तरक़्क़ी और कृषि उत्पादकता में होने वाली महत्वपूर्ण बढ़त, ख़ास तौर से वर्ष १९६० से १९९५[5] के बीच हरित क्रांति के कारण हुई प्रगति.[6] सन् २००७ में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या प्रभाग ने अनुमान लगाया कि वर्ष २०५५ में दुनिया की आबादी १० अरब के आँकड़े को पार कर जाएगी.[7] भविष्य में, उम्मीद है कि दुनिया की आबादी में वृद्धि शिखर तक पहुंचेगी और उसके बाद आर्थिक कारणों, स्वास्थ्य चिंताओं, भूमि के अंधाधुंध प्रयोग और उसकी कमी और पर्यावरणीय संकटों के कारण आबादी कम होने लगेगी. इस बात की भी ८५% संभावना है कि इस सदी के अंत से पहले दुनिया की आबादी बढ़नी बंद हो जायेगी. ६०% संभावना है कि दुनिया की जनसंख्या वर्ष २१०० से पहले १० अरब लोगों से अधिक नहीं होगी, और करीब १५% संभावना है कि सदी के अंत में विश्व की जनसंख्या आज की तिथि में विश्व की कुल जनसंख्या से कम हो जाएगी. विभिन्न क्षेत्रों के लिए, सर्वाधिक जनसंख्या के तारीख़ और आकार में काफ़ी भिन्नता होगी.[8]

जनसंख्या नियंत्रण[संपादित करें]

जन्म दर को कम करके जनसंख्या वृद्धि में कटौती करने को ही आम तौर पर जनसँख्या नियंत्रण माना जाता है| प्राचीन ग्रीस दस्तावेजों में मिले उत्तरजीविता के रिकॉर्ड जनसँख्या नियंत्रण के अभ्यास एवं प्रयोग के सबसे पहले उदाहरण हैं| इसमें शामिल है उपनिवेशन आन्दोलन, जिसमे भूमध्य और काला सागर के इर्द-गिर्द यूनानी चौकियों का निर्माण किया गया ताकि अलग- अलग राज्यों की अधिक जनसँख्या को बसने के लिए पर्याप्त जगह मुहैया कराई जा सके| कुछ यूनानी नगर राज्यों में जनसँख्या कम करने के लिए शिशु हत्या और गर्भपात को प्रोत्साहन दिया गया|[9]

अनिवार्य जनसंख्या नियंत्रण का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना की एक ही बच्चे की नीति जिसमें एक से ज्यादा बच्चे होना बहुत बुरा माना जाता है| इस नीति के परिणाम स्वरुप जबरन गर्भपात, जबरन नसबंदी, और जबरन शिशु हत्या जैसे आरोपों को बढ़ावा मिला| देश के लिंग अनुपात में ११४ लड़कों की तुलना में सिर्फ १०० लड़कियों का जन्म ये प्रदर्शित करता है कि शिशु हत्या प्रायः लिंग के चुनाव के अनुसार की जाती है|

यह बात उपयोगी होगी अगर प्रजनन नियंत्रण करने को व्यक्ति के व्यक्तिगत निर्णय के रूप में और जनसंख्या नियंत्रण को सरकारी या राज्य स्तर की जनसंख्या वृद्धि की विनियमन नीति के रूप में देखा जाए| प्रजनन नियंत्रण की संभावना तब हो सकती है जब कोई व्यक्ति या दम्पति या परिवार अपने बच्चे पैदा करने के समय को घटाने या उसे नियंत्रित करने के लिए कोई कदम उठाये| अन्सले कोले द्वारा दिए गए संरूपण में, प्रजनन में लगातार कमी करने के लिए तीन पूर्वप्रतिबंध दिए गए हैं: (१) प्रजनन के मान्य तत्व के रूप में परिकलित चुनाव को स्वीकृति (भाग्य या अवसर या दैवीय इच्छा की तुलना में), (३) कम किये गए प्रजनन से ज्ञात लाभ, और (३) नियंत्रण के प्रभावी तरीकों का ज्ञान और उनका प्रयोग करने का कुशल अभ्यास.[10] प्राकृतिक प्रजनन पर विश्वास करने वाले समाज के विपरीत वो समाज जो कि प्रजनन को सीमित करने की इच्छा रखते हैं और ऐसा करने के लिए उनके पास संसाधन भी उपलब्ध हैं| वो इन संसाधनों का प्रयोग बच्चों के जन्म में विलम्ब, बच्चों के जन्म के बीच अंतर रखने, या उनके जन्म को रोकने के लिए कर सकते हैं| संभोग (या शादी) में देरी, या गर्भनिरोध करने के प्राकृतिक या कृत्रिम तरीके को अपनाना ज्यादा मामलों में व्यक्तिगत या पारिवारिक निर्णय होता है, इसका राज्य नीति या सामाजिक तौर पर होने वाले अनुमोदनों से कोई सरोकार नहीं होता है| दूसरी ओर, वो व्यक्ति, जो प्रजनन के मामले में खुद पर नियंत्रण रख सकते हैं, ऐसे लोग बच्चे पैदा करने की प्रक्रिया को ज्यादा योजनाबद्ध बनाने या उसे सफल बनाने की प्रक्रिया को और तेज़ कर सकते हैं|

सामाजिक स्तर पर, प्रजनन में गिरावट होना महिलाओं की बढती हुई धर्मनिरपेक्ष शिक्षा का एक अनिवार्य परिणाम है| हालाँकि, यह ज़रूरी नहीं है कि मध्यम से उच्च स्तर तक के प्रजनन नियंत्रण में प्रजनन दर को कम करना शामिल हो| यहां तक कि जब ऐसे अलग अलग समाज की तुलना हो जो प्रजनन नियंत्रण को अच्छी खासी तरह अपना चुके है, तो बराबर प्रजनन नियंत्रण योग्यता रखने वाले समाज भी काफी अलग अलग प्रजनन स्तर (जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या के सन्दर्भ में)दे सकते हैं, जो कि इस बात से जुड़ा होता है कि छोटे या बड़े परिवार के लिए या बच्चों की संख्या के लिए व्यक्तिगत और सांस्कृतिक पसंद क्या है|[11]

प्रजनन क्षमता पर नियंत्रण के विपरीत, जो मुख्य रूप से एक व्यक्तिगत स्तर का निर्णय है, सरकार जनसँख्या नियंत्रण करने के कई प्रयास कर सकती है जैसे गर्भनिरोधक साधनों तक लोगों की पहुँच बढाकर या अन्य जनसंख्या नीतियों और कार्यक्रमों के द्वारा.[12] जैसा की ऊपर परिभाषित है, सरकार या सामाजिक स्तर पर 'जनसंख्या नियंत्रण' को लागू करने में "प्रजनन नियंत्रण" शामिल नहीं है, क्योंकि एक राज्य समाज की जनसंख्या को तब भी नियंत्रित कर सकता है जबकि समाज में प्रजनन नियंत्रण का प्रयोग बहुत कम किया जाता हो| जनसंख्या नियंत्रण के एक पहलू के रूप में आबादी बढाने वाली नीतियों को अंगीकृत करना भी ज़रूरी है और ज़रूरी है कि ये समझा जाए की सरकार जनसँख्या नियंत्रण के रूप में सिर्फ जनसख्या वृद्धि को रोकना नहीं चाहती| जनसंख्या वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार न केवल अप्रवास का समर्थन कर सकती है बल्कि जन्म समर्थक नीतियों जैसे कि कर लाभ, वित्तीय पुरस्कार, छुट्टियों के दौरान वेतन देना जारी रखने और बच्चों कि देख रेख में मदद करने द्वारा भी लोगों को अतिरिक्त बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है|[13] उदाहरण के लिए हाल के सालों में इस तरह की नीतियों फ्रांस और स्वीडन में अपनाई गयीं| जनसंख्या वृद्धि बढ़ने के इसी लक्ष्य के साथ, कई बार सरकार ने गर्भपात और जन्म नियंत्रण के आधुनिक साधनों के प्रयोग को भी नियंत्रित करने की कोशिश की है| इसका एक उदाहरण है मांग किये जाने पर गर्भनिरोधक साधनों और गर्भपात के लिए वर्ष १९६६ में रोमानियामें लगा प्रतिबन्ध|

पारिस्थितिकी में, कई बार जनसंख्या नियंत्रण पूरी तरह सिर्फ परभक्षण, बीमारी, परजीवी और पर्यावरण संबंधी कारकों द्वारा किया जाता है| एक निरंतर वातावरण में, जनसंख्या नियंत्रण भोजन, पानी और सुरक्षा की उपलब्धता द्वारा ही नियंत्रित होता है| एक निश्चित क्षेत्र अधिकतम कुल कितनी प्रजातियों या कुल कितने जीवित सदस्यों को सहारा दे सकता है उसे उस जगह की धारण क्षमता कहते हैं| कई बार इसमें पौधों और पशुओं पर मानव प्रभाव भी इसमें शामिल होता है|[14] किसी विशेष ऋतू में भोजन और आश्रय की ज्यादा उपलब्धता वाले क्षेत्र की ओर पशुओं का पलायन जनसंख्या नियंत्रण के एक प्राकृतिक तरीके के रूप में देखा जा सकता है| जिस क्षेत्र से पलायन होता है वो अगली बार के लिए पशुओं के बड़े समूह हेतु भोजन आपूर्ति जुटाने या पैदा करने के लिए छोड़ दिया जाता है| आप्रवासभी देखें

भारत एक और ऐसा उदाहरण है जहाँ सरकार ने देश की आबादी कम करने के लिए कई उपाय किये हैं| तेज़ी से बढती जनसँख्या आर्थिक वृद्धि और जीवन स्तर पर दुष्प्रभाव डालेगी, इस बात की चिंता के चलते १९५० के दशक के आखिर और १९६० के दशक के शुरू में भारत ने एक आधिकारिक परिवार नियोजन कार्यक्रम लागू किया; विश्व में ऐसा करने वाले ये पहला देश था|

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

नोट्स[संपादित करें]

  1. अमेरिकी जनगणना ब्यूरो - विश्व पोप क्लोक प्रोजेक्शन
  2. "Cities in Nigeria: 2005 Population Estimates — MongaBay.com". http://www.mongabay.com/igapo/2005_world_city_populations/Nigeria.html. अभिगमन तिथि: 2008-07-01. 
  3. "Country Profile: Nigeria". http://news.bbc.co.uk/2/hi/africa/country_profiles/1064557.stm. अभिगमन तिथि: 2008-07-01. 
  4. १०,००० ई.पू. के बाद की आबादी और १००० ई.प. के बाद की आबादी को रेखांकन के रूप में वर्णित किया गया है
  5. बीबीसी न्यूज़ | भारत की हरित क्रांति का अंत?
  6. पहले खाद्य / खाद्य और विकास नीति संस्थान
  7. United Nations Population Division (March 13, 2007). World population will increase by 2.5 billion by 2050; people over 60 to increase by more than 1 billion. प्रेस रिलीज़. http://www.un.org/News/Press/docs/2007/pop952.doc.htm. अभिगमन तिथि: 2007-03-14. "The world population continues its path towards population ageing and is on track to surpass 9 billion persons by 2050." 
  8. "The End of World Population Growth". http://www.nature.com/nature/journal/v412/n6846/full/412543a0.html. अभिगमन तिथि: 2008-11-04. 
  9. Wikisource-logo.svg  "Theories of Population". Catholic Encyclopedia। (1913)। New York: Robert Appleton Company।
  10. अन्स्ले जे काल, "जनसांख्यिकीय संक्रमण," अंतर्राष्ट्रीय जनसंख्या सम्मेलन की कार्यवाही, लीग, १९७३, खंड १, पीपी. ५३-७२.
  11. प्रजनन नियंत्रण और प्रजनन क्षमता के स्तर के बीच अंतर के उदहारण के लिए, बारबरा ए एंडरसन और ब्रायन डी सिल्वर देखें, "प्रजनन क्षमता पर नियंत्रण का एक सरल उपाय," जनसांख्यिकी 29, नंबर 3 (1992): 343-356, और बी.ए. एंडरसन और बी.डी. सिल्वर, "जन्म के समय गैर प्रजनन क्षमता और लिंग अनुपात में अंतर: झिंजियांग से साक्ष्य, "जनसंख्या अध्ययन 49 (1995): 211-226| प्रजनन पर नियंत्रण के मॉडल पर कोल और उनके सहयोगियों द्वारा किया गया मौलिक कार्य| उदहारण के लिए देखें, अन्स्ले जे काल और जेम्स टी ट्रासल, "मॉडल उर्वरापन अनुसूचिया: मानव जनसंख्या में प्रसव की आयु के ढांचे में बदलाव|" जनसंख्या सूचकांक 40 (1974): 185-258.
  12. "जनसंख्या नीति" पर एक चर्चा के लिए सरकारों के उपलब्ध विकल्प पॉल देमेनी देखें, "जनसंख्या नीति: एक संक्षिप्त सारांश, 'जनसंख्या परिषद, नीति अनुसंधान प्रभाग, कार्य पेपर नंबर 173 (२००३) [1].
  13. चारलोट होन, "आधुनिक समाज में जनसंख्या नीतिया: प्रोनातालिस्ट और पलायन की रणनीतिया," यूरोपीय जनसंख्या के जर्नल / रिव्यू युरोपीने डे डेमोग्राफी 3, नंबर 3-4 (जुलाई, 1988): 459-481.
  14. http://en.wikipedia.org/विकी/हंटिंग#वाईल्डलाइफ_मैनेजमेंट देखें|

बाहरी लिंक[संपादित करें]