हम्पी

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हम्पी स्मारक समूह*
युनेस्को विश्व धरोहर स्थल

हम्पी
राष्ट्र पार्टी Flag of India.svg भारत
प्रकार सांस्कृतिक
मानदंड (i)(iii)(iv)
सन्दर्भ २४१
क्षेत्र एशिया-प्रशांत
शिलालेखित इतिहास
शिलालेख १९८६  (१०वां, १५वां सत्र)
* नाम, जो कि विश्व धरोहर सूचि में अंकित है
UNESCO द्वारा वर्गीकृत क्षेत्र

हम्पी मध्यकालीन हिंदू राज्य विजयनगर साम्राज्य की राजधानी था। तुंगभद्रा नदी के तट पर स्थित यह नगर अब हम्पी (पम्पा से निकला हुआ) नाम से जाना जाता है और अब केवल खंडहरों के रूप में ही अवशेष है। इन्हें देखने से प्रतीत होता है कि किसी समय में यहाँ एक समृद्धशाली सभ्यता निवास करती होगी। भारत के कर्नाटक राज्य में स्थित यह नगर यूनेस्को द्वारा विश्व के विरासत स्थलों की संख्या में शामिल किया गया है।[१] हर साल यहाँ हज़ारों की संख्या में सैलानी और तीर्थ यात्री आते हैं। हम्पी का विशाल फैलाव गोल चट्टानों के टीलों में विस्तृत है। घाटियों और टीलों के बीच पाँच सौ से भी अधिक स्मारक चिह्न हैं। इनमें मंदिर, महल, तहख़ाने, जल-खंडहर, पुराने बाज़ार, शाही मंडप, गढ़, चबूतरे, राजकोष.... आदि असंख्य इमारतें हैं।

हम्पी में विठाला मंदिर परिसर नि:संदेह सबसे शानदार स्मारकों में से एक है। इसके मुख्य हॉल में लगे ५६ स्तंभों को थपथपाने पर उनमें से संगीत लहरियाँ निकलती हैं। हॉल के पूर्वी हिस्से में प्रसिद्ध शिला-रथ है जो वास्तव में पत्थर के पहियों से चलता था। हम्पी में ऐसे अनेक आश्चर्य हैं। जैसे यहाँ के राजाओं को अनाज, सोने और रुपयों से तौला जाता था और उसे गरीब लोगों में बाँट दिया जाता था। रानियों के लिए बने स्नानागार मेहराबदार गलियारों, झरोखेदार छज्जों और कमल के आकार के फव्वारों से सुसज्जित होते थे। इसके अलावा कमल महल और जनानखाना भी ऐसे आश्चयों में शामिल हैं। एक सुंदर दो-मंजिला स्थान जिसके रास्ते ज्यामितीय ढँग से बने हैं और धूप और हवा लेने के लिए किसी फूल की पत्तियों की तरह बने हैं। यहाँ हाथी-खाने के प्रवेश-द्वार और गुंबद मेहराबदार बने हुए हैं और शहर के शाही प्रवेश-द्वार पर हजारा राम मंदिर बना है।[२]

चित्र वीथि

संदर्भ

  1. ग्रुप ऑफ़ मॉन्यूमेंट्स हम्पी। यूनेस्को। अभिगमन तिथि: १ जनवरी, २००८
  2. हम्पी यात्रा मार्गदर्शिका (एचटीएमएल)। भारतीय रेल। अभिगमन तिथि: १ जनवरी, २००८

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