संगीत

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नेपाल नुक्कड़ संगीत-मण्डली द्वारा पारम्परिक संगीत

सुव्यवस्थित ध्वनि, जो रस की सृष्टि करे, संगीत कहलाती है। गायन, वादननृत्य ये तीनों ही संगीत हैं।

म्नोरन्ज्न् क एक प्रमुख उदहरन हे-सन्गीत्

अनुक्रम

[संपादित करें] भारतीय संगीत

भारतीय संगीत का जन्म वेद के उच्चारण मे देखा जा सकता है। ४००० ईसा पूर्व के आस पास ऋग्वेद कि रचना की गयी थीं । शुरू मे इसका उच्चारण एक ही स्वर मे किया जाता था, लेकिन बाद मे इसके उच्चारण मे तीन स्वरों का प्रयोग होने लगा । इनमे एक मुख्य स्वर और दो उपस्वर उदात्त एवं अनुदात्त का प्रयोग होने लगा ।

संगीत का सबसे प्राचीनतम ग्रन्थ भरत मुनि का नाट्‍यशास्त्र है । अन्य ग्रन्थ हैं: बृहद्‌देशी, दत्तिलम्‌, संगीतरत्नाकर

[संपादित करें] संगीत की शैलियाँ


[संपादित करें] प्रसिद्ध संगीतकार


[संपादित करें] वाह्य सूत्र

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