भारतीय रिज़र्व बैंक

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मुंबई स्थित रिजर्व बैंक मुख्यालय

भारतीय रिजर्व बैंक (अंग्रेजी: Reserve Bank of India) भारत का केन्द्रीय बैंक है। यह भारत के सभी बैंको का संचालक है। रिजर्व बैक भारत की अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करता है।

इसकी स्थापना १ अप्रैल सन १९३५ को रिजर्व बैंक ऑफ् इण्डिया ऐक्ट, १९३४ के अनुसार हुई। आरम्भ में इसका केन्द्रीय कार्यालय कोलकाता में था जो सन १९३७ में मुम्बई आ गया। पहले यह एक निजी बैंक था किन्तु सन १९४९ से यह भारत सरकार का उपक्रम बन गया है। दुव्वरी सुब्बाराव भारतीय रिजर्व बैंक के वर्तमान गवर्नर हैं, जिन्होंने 2 सितम्बर 2008 को पदभार ग्रहण किया।

कार्यालय

22 क्षेत्रीय कार्यालय हैं जिनमें से अधिकांश राज्यों को राजधानियों में स्थित हैं।

अनुक्रम

[संपादित करें] प्रमुख कार्य

  • मौद्रिक नीति तैयार करना, उसका कार्यान्वयन और निगरानी करना
  • वित्तीय प्रणाली का विनियमन और पर्यवेक्षण करना
  • विदेशी मुद्रा का प्रबंधन करना
  • मुद्रा जारी करना, उसका विनिमय करना और परिचालन योग्य नहीं रहने पर उन्हे नष्ट करना
  • सरकार का बैंकर और बैंकों का बैंकर के रुप में काम करना
  • साख नियन्त्रन करना

[संपादित करें] निदेशक मंडल

रिज़र्व बैंक का कामकाज केंद्रीय निदेशक बोर्ड द्वारा शासित होता है। भारत सरकार द्वारा भारतीय रिज़र्व अधिनियम के अनुसार इस बोर्ड की नियुक्ति की जाती है। बोर्ड की नियुक्ति/नामन चार वर्षों के लिए होती है।

[संपादित करें] स्थापना

भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अनुसार 1 अप्रैल, 1935 को हुई।

रिज़र्व बैंक का केंद्रीय कार्यालय प्रारंभ में कोलकाता में स्थापित किया गया था जिसे 1937 में स्थायी रूप से मुंबई में स्थानांतरित किया गया। केंद्रीय कार्यालय वह कार्यालय है जहां गवर्नर बैठते हैं और जहां नीतियाँ निर्धारित की जाती हैं।

यद्यपि प्रारंभ में यह निजी स्वामित्व वाला था, 1949 में राष्ट्रीयकरण के बाद से इस पर भारत सरकार का पूर्ण स्वामित्व है।

[संपादित करें] प्रस्तावना

भारतीय रिज़र्व बैंक की प्रस्तावना में बैंक के मूल कार्य इस प्रकार वर्णित किए गए हैं :

" .......बैंक नोटों के निर्गम को नियंत्रित करना और भारत में मौद्रिक स्थायित्व प्राप्त करने की दृष्टि से प्रारक्षित निधि रखना और सामान्यत: देश के हित में मुद्रा और ऋण प्रणाली परिचालित करना।

[संपादित करें] केंद्रीय बोर्ड

रिज़र्व बैंक का कामकाज केंद्रीय निदेशक बोर्ड द्वारा शासित होता है। भारत सरकार भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम के अनुसार इस बोर्ड को नियुत्त करती है। नियुत्ति / नामन चार वर्ष के लिए होता है।

[संपादित करें] गठन

  • सरकारी निदेशक

पूर्ण-कालिक : गवर्नर और अधिकतम चार उप गवर्नर

  • गैर- सरकारी निदेशक

सरकार द्वारा नामित : विभिन्न क्षेत्रों से दस निदेशक और एक सरकारी अधिकारी

अन्य : चार निदेशक - चार स्थानीय बोर्डों से प्रत्येक से एक

[संपादित करें] कार्य

बैंक के क्रियाकलापों की देखरेख और निदेशन

[संपादित करें] स्थानीय बोर्ड

  • देश के चार क्षेत्रों - मुंबई, कोलकाता, चेन्नै और नई दिल्ली से एक-एक
  • सदस्यता :
  • प्रत्येक में पांच सदस्य
  • केंद्र सरकार द्वारा नियुत्त
  • चार वर्ष की अवधि के लिए

[संपादित करें] कार्य

स्थानीय मामलों पर केंद्रीय बोर्ड को सलाह देना और स्थानीय सहकारी तथा धरेलू बैंकों की प्रादेशिक और आर्थिक आवश्यकताओं का प्रतिनिधित्व करना; केंद्रीय बोर्ड द्वारा समय-समय सौंपे गए ऐसे अन्य कायर्यों का निष्पादन।

[संपादित करें] वित्तीय पर्यवेक्षण

रिज़र्व बैंक यह कार्य वित्तीय पर्यवेक्षण बोर्ड (बीएफएस) के दिशानिर्दोशों के अनुसार करता है। इस बोर्ड की स्थापना भारतीय रिज़र्व बैंक के केंद्रीय निदेशक बोर्ड की एक समिति के रूप में नवंबर 1994 में की गई थी।

[संपादित करें] उद्देश्य

वित्तीय पर्यवेक्षण बोर्ड (बीएफएस) का प्राथमिक उद्देश्य वाणिज्य बैंकों, वित्तीय संस्थाओं और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं सहित वित्तीय क्षेत्र का समेकित पर्यवेक्षण करना है।

[संपादित करें] गठन

इस बोर्ड का गठन केंद्रीय बोर्ड के चार निदेशकों को सहयोजित सदस्य के रूप में दो वर्ष की अवधि के लिए शामिल करके किया गया है तथा गवर्नर इसके अध्यक्ष हैं। रिज़र्व बैंक के उप गवर्नर इसके पदेन सदस्य हैं। एक उप गवर्नर, सामान्यत: बैंकिंग नियमन और पर्यवेक्षण के प्रभारी उप गवर्नर को बोर्ड के उपाध्यक्ष के रूप में नामित किया गया है।

[संपादित करें] बीएफएस की बैठकें

बोर्ड की बैठक सामान्यत: महीने में एक बार आयोजित किया जाना आवश्यक है। इस बैठक के दौरान पर्यवेक्षण विभाग द्वारा प्रस्तुत निरीक्षण रिपोर्ट और पर्यवेक्षण से संबंधित अन्य मामलों पर विचार किया जाता है।

लेखा-परीक्षा उप समिति के माध्यम से बैंकिंग पर्यवेक्षण बोर्ड बैंकों और वित्तीय संस्थाओं की सांविधिक लेखा-परीक्षा और आंतरिक लेखा-परीक्षा कायर्यों की गुणवत्ता बढ़ाने पर भी विचार करता है। इस उप लेखा- परीक्षा समिति के अध्यक्ष उप गवर्नर और केंद्रीय बोर्ड के दो निदेशक इसके सदस्य होते हैं।

[संपादित करें] बैंकिंग पर्यवेक्षण बोर्ड

बैंकिंग पर्यवेक्षण विभाग (डीबीएस), गैर बैंकिंग पर्यवेक्षण विभाग (डीएनबीएस) और वित्तीय संस्था प्रभाग (एफआईडी) के कार्य-कलापों का निरीक्षण करता है और नियमन तथा पर्यवेक्षण संबंधी मामलों पर निदेश जारी करता है।

[संपादित करें] कार्य

बैंकिंग पर्यवेक्षण बोर्ड द्वारा किये गए प्रयत्नों में निम्नलिखित शामिल हैं : i. बैंक निरीक्षण प्रणाली की पुनर्रचना ii. कार्यस्थल से दूर की निगरानी को लागू करना, iii. सांविधिक लेखा परीक्षकों की भूमिका को सुदृढ़ करना और iv. पर्यवटिक्षत संस्थाओं की आंतरिक प्रतिरक्षा प्रणाली का सुदृढ़ीकरण।

[संपादित करें] वर्तमान लक्ष्य

  • वित्तीय संस्थाओं का निरीक्षण
  • समेकित लेखाकार्य
  • बैंक धोखाधड़ी से संबंधित कानूनी मामले
  • अनर्जक आस्तियों के निर्धारण में विविधता
  • बैंकों के लिए पर्यवेक्षी रेटिंग मॉडल

[संपादित करें] विधिक ढांचा

सर्वोच्च अधिनियम
  • भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 : रिज़र्व बैंक के कायर्यों पर नियंत्रण करता है।
  • बैंककारी विनियम अधिनियम, 1949 : वित्तीय क्षेत्र पर नियंत्रण करता है।
विशिष्ट कायर्यों को नियंत्रित करने के लिए अधिनियम
  • लोक ऋण अधिनियम, 1944/सरकारी प्रतिभूति अधिनियम (प्रस्तावित): सरकारी ऋण बाज़ार पर नियंत्रण
  • प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956: सरकारी प्रतिभूति बाज़ार पर नियंत्रण
  • भारतीय सिक्का अधिनियम, 1906 : मुद्रा और सिक्कों पर नियंत्रण
  • विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973/विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 : व्यापार और विदेशी मुद्रा बाज़ार पर नियंत्रण
बैंकिंग परिचालन को नियंत्रित करने वाले अधिनियम
  • कंपनी अधिनियम, 1956 : कंपनी के रूप में बैंकों पर नियंत्रण
  • बैंकिंग कंपनी (उपक्रमों का अधिग्रहण और अंतरण) अधिनियम 1970/1080 : बैंकों के राष्ट्रीयकरण से संबंधित
  • बैंकर बही साक्ष्य अधिनियम, 1891
  • बैंकिंग गोपनीयता अधिनियम
  • परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881
अलग-अलग संस्थाओं को नियंत्रित करने वाले अधिनियम
  • भारतीय स्टेट बैंक अधिकनयम, 1954
  • औद्योगिक विकास बैंक (उपक्रम का अंतरण और निरसन) अधिनियम, 2003
  • औद्योगिक वित्त निगम (उपक्रम का अंतरण और निरसन) अधिनियम, 1993
  • राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक अधिनियम
  • राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम
  • निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम अधिनियम

[संपादित करें] प्रमुख कार्य

मौद्रिक प्राधिकारी
  • मौद्रिक नीति तैयार करता है, उसका कार्यान्वयन करता है और उसकी निगरानी करता है।
  • उद्देश्य : मूल्य स्थिरता बनाए रखना और उत्पादक क्षेत्रों को पर्याप्त ऋण उपलब्धता को सुनिश्चित करना।
वित्तीय प्रणाली का विनियामक और पर्यवेक्षक
  • बैंकिंग परिचालन के लिए विस्तृत मानदंड निर्धारित करता है जिसके अंतर्गत देश की बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली काम करती है।
  • उद्देश्य : प्रणाली में लोगों का विश्वास बनाए रखना, जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा करना और आम जनता को किफायती बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना।
विदेशी मुद्रा प्रबंधक
  • विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 का प्रबंध करता है।
  • उद्देश्य : विदेश व्यापार और भुगतान को सुविधाजनक बनाना और भारत में विदेशी मुद्रा बाजार का क्रमिक विकास करना और उसे बनाए रखना।
मुद्रा जारीकर्ता
  • करेंसी जारी करता है और उसका विनिमय करता है अथवा परिचालन के योग्य नहीं रहने पर करेंसी और सिक्कों को नष्ट करता है।
  • उद्देश्य : आम जनता को अच्छी गुणवत्ता वाले करेंसी नोटों और सिक्कों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध कराना।
विकासात्मक भूमिका

राष्ट्रीय उद्देश्यों की सहायता के लिए व्यापक स्तर पर प्रोत्साहनात्मक कार्य करना।

संबंधित कार्य
  • सरकार का बैंकर : केंद्र और राज्य सरकारों के लिए व्यापारी बैंक की भूमिका अदा करता है; उनके बैंकर का कार्य भी करता है।
  • बैंकों के लिए बैंकर : सभी अनुसूचित बैंकों के बैंक खाते रखता है।

[संपादित करें] भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नरों की सूची

भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नरों की सूची :-

1. सर ऑसबार्न स्मिथ (1935-1937)

2. सर जेम्स टेलर (1937-1943)

3. सर सी.डी.देशमुख (1943-1949)

4. सर बी. रामाराव (1949-1957)

5. के.जी.अंबेगांवकर (1957)

6. एच.वी.आर.अयंगर (1957-1962)

7. पी.सी.भट्टाचार्य (1962-1967)

8. एल.के.झा (1967-1970)

9. बी.एन.अदरकर (1970)

10. एस.जगन्नाथ (1970-1975)

11. एन.सी.सेनगुप्ता (1975)

12. के.आर.पुरी (1975-1977)

13. एम.नरसिंहम (1977)

14. डॉ. आई.जी.पटेल (1977-1982)

15. डॉ. मनमोहन सिंह (1982-1985)

16. ए.घोष (1985)

17. आर.एन.मल्होत्रा (1985-1990)

18. एस.वेंकिटरामन (1990-1992)

19. डॉ.सी.रंगराजन (1992- 10 नवम्बर 1997)

20. डॉ. विमल जालान (11 नवम्बर 1997 – 5 सितम्बर 2003)

21. डॉ. वाई.वी.रेड्डी (6 सितम्बर 2003 से 5 सितम्बर 2008)

22. डॉ. डी.सुब्बाराव (6 सितम्बर 2008 से --)

[संपादित करें] यह भी देखे

[संपादित करें] बाहरी कड़ियाँ

वैयक्तिक औज़ार
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